NSG कमांडो कैसे बनें? जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

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नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानी NSG कमांडो या ‘ब्लैक कैट’ भारत का एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल (एंटी टेररिज्म फोर्स) है, जिसे हाई-रिस्क ऑपरेशंस को सँभालने और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से बनाया गया था।

NSG कमांडो बनने के लिए वैसे तो कोई डायरेक्ट प्रक्रिया नहीं होती है इसके लिए आपको भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में प्रवेश पाना होता है। NSG कमांडो बनने के लिए आपको अपनी फ़ोर्स में अपना अच्छा रिकॉर्ड मेंटेन करना होता है, जिसके बाद आप मल्टी-लेवल ट्रेनिंग प्रोसेस को पूरा करके NSG कमांडो के तौर पर अपने करियर को शुरू कर सकते हैं।

यदि आप NSG कमांडो बनने पर विचार कर रहे हैं तो ये लेख आपके लिए है। इस लेख में आप जानेंगे कि NSG कमांडो कैसे बनें और इसके लिए आवश्यक योग्यता और स्किल्स क्या हैं।

NSG कमांडो की प्रमुख जिम्मेदारियां

NSG कमांडो को मुख्य रूप से निम्नलिखित जिम्मेदारियों का पालन करना पड़ता है –

  • NSG कमांडो का मुख्य कार्य हाई-रिस्क आतंकवादी घटनाओं को नियंत्रित करना होता है। इसमें बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाना, आतंकियों को निष्क्रिय करना और संवेदनशील क्षेत्रों में सटीक कार्रवाई करना शामिल है।
  • NSG कमांडो अपने बम डिस्पोजल यूनिट्स के माध्यम से संदिग्ध विस्फोटक, IED और खतरनाक उपकरणों को सुरक्षित ढंग से निष्क्रिय करना होता है।
  • NSG कमांडो ही हाई-रिस्क VIPs की सुरक्षा भी करते हैं, जहाँ उनका काम 24×7 निगरानी, खतरे का आकलन लगाना और सुरक्षित आवाजाही (जहाँ VIPs की सुरक्षा में चूक न हो) को सुनिश्चित करना है।
  • देश के किसी भी हिस्से में आपातकालीन स्थिति के दौरान NSG कमांडो को तुरंत एयरलिफ्ट कर ऑपरेशन के लिए भेजा जाता है, जिसमें NSG कमांडो को अपने क्विक रिएक्शन से स्थिति पर नियंत्रण पाना होता है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए NSG कमांडो को सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर काम करना होता है।

NSG कमांडो बनने के लिए आवश्यक योग्यता

NSG कमांडो बनने के लिए आपको निम्नलिखित आवश्यक योग्यता को पूरा करना होता है –

  • आयु सीमा: चयन के समय आपकी आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • राष्ट्रीयता: आपकी राष्ट्रीयता भारतीय होनी अनिवार्य है।
  • सेवा अनुभव: आपके पास अपने संबंधित फ़ोर्स में कम से कम 3-5 साल का अनुभव होना चाहिए। इसमें आवेदन करने से पहले आप अपनी संबंधित फ़ोर्स से मांगे जाने वाले अनुभव की जानकारी को जरूर देख लें।
  • चयन प्रक्रिया का माध्यम: कोई विशेष प्रक्रिया नहीं होती है, इसके लिए आप केवल इंडियन आर्मी, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (जैसे CRPF, BSF, ITBP) और अन्य सुरक्षा बालों से डिपुटेशन के आधार पर ही NSG कमांडो बन सकते हैं।
  • मेडिकल फिटनेस: उम्मीदवार को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होना चाहिए। NSG कमांडो बनने के लिए कोई गंभीर बीमारी या कमजोर दृष्टि नहीं होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें – एसपीजी कमांडो कैसे बनें? जानें योग्यता, चयन प्रक्रिया और ट्रेनिंग की जानकारी

NSG कमांडो बनने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

यहाँ आपके लिए NSG कमांडो बनने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड की जानकारी दी गई है –

स्टेप 1 – पहले किसी केंद्रीय सशस्त्र बल या सेना को जॉइन करें

NSG कमांडो बनने के लिए आपको सबसे पहले भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF, BSF, ITBP आदि) या अन्य सुरक्षा बलों को जॉइन करना होता है। इसमें प्रवेश के लिए आप UPSC, SSC GD या संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं का हिस्सा बन सकते हैं। हर फ़ोर्स की भर्ती प्रक्रिया और योग्यता पद के अनुसार भिन्न हो सकती है, इसलिए आप किसी भी फोर्स का हिस्सा बनने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

स्टेप 2 – केंद्रीय सशस्त्र बल या सेना को जॉइन करने के बाद अनुभव प्राप्त करें

भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF, BSF, ITBP आदि) को जॉइन करने के बाद आप अपनी संबंधित फोर्स में सर्विस रिकॉर्ड को मेंटन करके चलें। NSG कमांडो के लिए आपको अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और अनुभव की समयावधि को पूरा करना होता है। इसके लिए आपकी शारीरिक क्षमता, अनुशासन, मानसिक संतुलन और ऑपरेशन अनुभव को प्राप्त करना होता है।

स्टेप 3 – NSG के लिए नामांकन और स्क्रीनिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनें

केंद्रीय सशस्त्र बल या सेना को जॉइन करने के बाद अनुभव प्राप्त करने के बाद अगला स्टेप NSG के लिए नामांकन और स्क्रीनिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनना होता है। इसके लिए आपके विभाग/बल द्वारा NSG के लिए योग्य उम्मीदवारों के नाम भेजे जाते हैं। इसके बाद NSG द्वारा स्क्रीनिंग प्रक्रिया की जाती है, जिसमें आपके मेडिकल फिटनेस, फिजिकल स्टैंडर्ड और साइक्लोजिकल अस्सेस्मेंट शामिल हैं। यह स्क्रीनिंग प्रक्रिया NSG कमांडो बनने में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

स्टेप 4 – फिजिकल और मेन्टल टेस्ट पास करें

नामांकन और स्क्रीनिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनने के बाद अब आपको फिजिकल और मेन्टल टेस्ट पास करना होता है। इसमें मुख्य रूप से लंबी दौड़, बाधा दौड़ (Obstacle Course), हथियारों की समझ और हाई-प्रेशर सिचुएशन में आपकी निर्णय लेने की क्षमता को परखा जाता है। 

स्टेप 5 – NSG ट्रेनिंग सेंटर में स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग लें

फिजिकल और मेन्टल टेस्ट पास करने के बाद ही आपको NSG ट्रेनिंग सेंटर में स्पेशल कमांडो प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाता है। यहाँ आप में काउंटर-टेररिज्म, क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB), बम निष्क्रिय करना, और VIP सुरक्षा जैसी स्किल्स डेवलप की जाती है। NSG ट्रेनिंग सेंटर में स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग लेने के बाद ही आपको NSG कमांडो या “ब्लैक कैट” का दर्जा मिलता है।

NSG कमांडो को मिलने वाला वेतन

NSG कमांडो को ट्रेनिंग के दौरान 18,000 रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड मिलता है, जबकि NSG कमांडो के तौर पर करियर की शुरुआत करने के बाद आपकी सैलरी सीधे तौर पर आपकी मूल फोर्स (भारतीय सेना या CAPF) के पे-स्केल के आधार पर तय होती है। हालाँकि NSG कमांडो को शुरुआती स्तर पर कुल मासिक वेतन लगभग INR 40,000 से INR 85,000 के बीच मिल सकता है। रैंक के अनुसार इस सैलरी में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा आपको बेसिक सैलरी के साथ-साथ कई सरकारी भत्ते (जैसे – स्पेशल फोर्स अलाउंस, रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस और डिपुटेशन अलाउंस) भी मिलते हैं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है, जिसमें बदलाव संभव है।

FAQs

एनएसजी ट्रेनिंग कहाँ होती है?

NSG कमांडो की ट्रेनिंग हरियाणा के मानेसर स्थित नेशनल सिक्योरिटी गार्ड ट्रेनिंग सेंटर में होती है। यहाँ अत्याधुनिक सुविधाएँ और सिमुलेशन बेस्ड ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे कमांडो रियल-लाइफ सिचुएशन के लिए तैयार होते हैं।

क्या NSG कमांडो के लिए अलग से परीक्षा होती है?

नहीं, NSG कमांडो के लिए अलग से किसी परीक्षा का आयोजन नहीं होता है, क्योंकि इसकी चयन प्रक्रिया आंतरिक होती है।

NSG कमांडो का क्या काम होता है?

NSG कमांडो मुख्य रूप से आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, हाई-रिस्क स्थितियों जैसे बंधक बचाव, विमान अपहरण और बड़े हमलों को नियंत्रित करने का होता है।

NSG कमांडो किन परिस्थितियों में तैनात किए जाते हैं?

NSG कमांडो की तैनाती केवल उन्हीं परिस्थितियों में की जाती है, जब कहीं आतंकी हमला, बंधक संकट या संवेदनशील स्थान पर खतरा बढ़ने की संभवना हो।

NSG कमांडो को “ब्लैक कैट” क्यों कहा जाता है?

ब्लैक कलर की यूनिफॉर्म पहनते हैं, इसके अलावा उनकी तेज, फुर्ती और ऑपरेशन्स की गतिविधियों के कारण ही NSG कमांडो को “ब्लैक कैट” कहा जाता है।

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हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको NSG कमांडो बनने की प्रक्रिया समझ आ गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर गाइड्स से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu पर उपलब्ध लेख देख सकते हैं।

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