वर्तमान समय में पैरामेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए बहुत से कोर्स युवाओं द्वारा किए जाते हैं। उन्हीं में से एक प्रमुख कोर्स का नाम है ‘बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता’ (MPHW) जो एक प्रकार का नर्सिंग कोर्स है। यह कोर्स ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति होने पर स्वास्थ्य संबंधित देखभाल करने के लिए बनाया गया है। क्योंकि भारत में आज भी बहुत से ऐसे स्थान है जहां पर्याप्त चिकित्सा और डॉक्टर की फैसेलिटी आम लोगों को नहीं मिल पाती। MPHW कोर्स का उन क्षेत्रों में विशेष महत्व है, जहां आज भी अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
MPHW कोर्स का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक ज्ञान और प्रैक्टिकल स्किल प्रदान करना है। इस लेख में आपके लिए MPHW कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी दी गई है।
| मापदंड | कोर्स विवरण |
| कोर्स का नाम | बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPHW) |
| कोर्स का लेवल | अंडरग्रेजुएट |
| कोर्स अवधि | 2 वर्ष |
| योग्यता | 12वीं पास |
| एडमिशन प्रक्रिया | मेरिट बेस्ड |
| टॉप भारतीय इंस्टिट्यूट | दिल्ली पैरामेडिकल मैनेजमेंट इन्स्टिट्यूट, आर्यभट्ट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, द इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन और आदेश पारा मेडिकल इंस्टिट्यूट |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | मेडिकल एंड हेल्थ सर्विस मैनेजर, कम्युनिटी एंड सोशल वर्कर, हेल्थ एजुकेटर और मेंटल हेल्थ कॉउंसलर |
This Blog Includes:
- MPHW कोर्स क्यों करें?
- MPHW कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
- MPHW कोर्स के लिए आवश्यक स्किल्स
- MPHW कोर्स के लिए योग्यता
- MPHW कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
- भारत में MPHW कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
- MPHW कोर्स का सिलेबस
- MPHW के बाद रोजगार के क्षेत्र
- MPHW करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- MPHW करने के बाद हायर स्टडी के विकल्प
- FAQs
MPHW कोर्स क्यों करें?
नीचे दिए गए बिंदुओं में MPHW कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- भारत की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में ही निवास करती है, परन्तु आज भी वहां पर्याप्त मात्रा में मेडिकल फैसेलिटी उपलब्ध नहीं है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेसिक मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए MPHW कोर्स बहुत जरुरी हो जाता है।
- इस कोर्स के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के हेल्थ सेंटर्स में युवाओं को आसानी से नौकरी मिल जाती है। वहीं यह कोर्स समाज के लिए अच्छा काम करने का अवसर देता है, क्योंकि MPHW वर्कर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान करते हैं।
- MPHW पैरामेडिकल सेक्टर का एक शॉर्ट टर्म कोर्स है, जिसके लिए उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य नहीं होता।
- यह पैरामेडिकल क्षेत्र के उन प्रमुख कोर्सेज में से एक है, जिसमें युवाओं को अनुभवी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ मिलकर कार्य करने का अवसर मिलता है।
- MPHW कोर्स करने के बाद युवा सरकारी स्वास्थ्य विभागों में नौकरी पा सकते हैं। इस कोर्स के बाद सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में भी काम करने के अवसर होते हैं।
MPHW कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
MPHW की फुल फॉर्म ‘बहुउद्देशीय स्वास्थ्य’ कार्यकर्ता’ होती है। यह दो वर्ष का पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स है जिसमें स्टूडेंट्स को बेसिक मेडिकल ट्रीटमेंट मेथाडोलॉजी के बारे में पढ़ाया जाता हैं। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और ऐसे क्षेत्र जहां पर्याप्त मेडिकल और डॉक्टर व नर्सिंग फैसेलिटी नहीं है वहां इंमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट उपलब्ध कराना है।
MPHW कोर्स के लिए आवश्यक स्किल्स
MPHW कोर्स करने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित स्किल्स का होना आवश्यक है:
- कम्युनिकेशन स्किल्स – MPHW का कार्य सीधे समुदाय और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ जुड़ा होता है। इसलिए उम्मीदवार को लोगों से स्पष्ट और सरल भाषा में बातचीत करना आना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं, टीकाकरण और स्वच्छता से जुड़ी जानकारी सही तरीके से समझाई जा सके।
- समुदाय के साथ काम करने की क्षमता – इस क्षेत्र में कार्य करते समय घर-घर जाकर सर्वे करना, स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना और लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना होता है। इसलिए सामाजिक व्यवहार और लोगों के साथ तालमेल बनाने की क्षमता जरूरी होती है।
- बेसिक हेल्थकेयर और प्राथमिक उपचार की समझ – MPHW को सामान्य स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण सहयोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता और प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर सही मार्गदर्शन दिया जा सके।
- रिकॉर्ड-कीपिंग और रिपोर्टिंग स्किल्स – स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित डेटा, सर्वे रिपोर्ट, टीकाकरण रिकॉर्ड और सरकारी रिपोर्ट तैयार करना इस नौकरी का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसलिए उम्मीदवार को बेसिक डॉक्यूमेंटेशन और रिकॉर्ड मैनेजमेंट की समझ होनी चाहिए।
- टीमवर्क स्किल्स – MPHW को डॉक्टर, ANM, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करना होता है। इसलिए टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की क्षमता आवश्यक होती है।
- समस्या समाधान और जिम्मेदारी की भावना – ग्रामीण या फील्ड स्तर पर काम करते समय कई व्यावहारिक समस्याएं आती हैं। ऐसे में धैर्य, जिम्मेदारी और परिस्थिति के अनुसार सही निर्णय लेने की क्षमता होना जरूरी है।
MPHW कोर्स के लिए योग्यता
MPHW कोर्स में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड कॉलेज और संस्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए अप्लाई करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक प्रवेश शर्तें जरूर देखनी चाहिए। सामान्य तौर पर पात्रता इस प्रकार होती है:
- यह कोर्स 12वीं कक्षा के बाद किया जा सकता है, जिसमें सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 55-60% अंक आवश्यक होते हैं। वहीं आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 5% अंकों की छूट प्रदान की जाती है।
- MPHW कोर्स करने के लिए कैंडिडेट्स की न्यूनतम आयु 17 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष तक होनी चाहिए।
- यह कोर्स किसी भी स्ट्रीम का स्टूडेंट कर सकता है। साथ ही इस कोर्स को करने के लिए शारीरिक रूप से फिट होना बहुत जरुरी है।
MPHW कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
MPHW कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:
- MPHW कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद ‘MPHW कोर्स’ का चयन करें।
- अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
- इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें।
- यदि एडमिशन, एंट्रेंस एग्जाम पर आधारित है तो पहले एंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। एंट्रेंस एग्जाम के मार्क्स के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
MPHW कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज/संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तथा पासिंग सर्टिफिकेट
- फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)
- माइग्रेशन सर्टिफिकेट (दूसरे बोर्ड/विश्वविद्यालय से आने पर)
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) – कई कॉलेजों में अनिवार्य होता है
- अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)
भारत में MPHW कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में MPHW कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सामान्यतः सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में यह अधिक रहती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कॉलेजों के आधार पर MPHW कोर्स की अनुमानित फीस केवल एक सामान्य जानकारी के रूप में दी गई है:
सरकारी और प्राइवेट संस्थान
| कॉलेज और संस्थान | अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR) |
| दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (DPMI) | 50,000 – 90,000 (कुल फीस की रेंज) |
| आर्यभट्ट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हरियाणा | 15,000 (कुल फीस) |
| एआरसी एजुकेशन पारा मेडिकल इंस्टिट्यूट, कुरुक्षेत्र | – |
| द गांधीग्राम इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल हेल्थ एंड फैमली वेलफेयर ट्रस्ट, डिंडीगुल | – |
| जोधपुर स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, राजस्थान | 35,000 प्रति सेमेस्टर |
| राजीव गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग (RGCN), जम्मू | 50,525 (वार्षिक फीस) |
| मानसरोवर नर्सिंग कॉलेज, भोपाल | 60,000 (कुल फीस) |
नोट: तालिका में दी गई फीस केवल अनुमानित है और समय-समय पर बदल सकती है। सटीक और नवीनतम फीस की जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।
MPHW कोर्स का सिलेबस
भारत के अलग-अलग संस्थानों और कॉलेजों में MPHW का सिलेबस थोड़ा भिन्न हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक संस्थान अपना करिकुलम और परीक्षा स्ट्रक्चर स्वयं निर्धारित करता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज/संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस जरूर चेक कर लें।
नीचे दिया गया सिलेबस ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय’ (IGNOU) की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
| प्रथम वर्ष | |
| एनाटॉमी एंड फिज़ियोलॉजी | फिजियोलॉजी |
| माइक्रोबायोलॉजी | हेल्थ एंड हाइजीन |
| कंप्यूटर स्किल | |
| द्वितीय वर्ष | |
| पब्लिक हेल्थ | फर्स्ट एड एंड इमरजेंसी केयर |
| हेल्थ इंफॉर्मेशन एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन | कम्युनिकेशन स्किल |
MPHW के बाद रोजगार के क्षेत्र
आप MPHW कोर्स पूरा करने के बाद निम्नलिखित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं:
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर के रूप में कार्य – यहां समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण कार्यक्रम और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दिया जाता है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कम्युनिटी हेल्थ वर्कर के रूप में कार्य – रोग जागरूकता अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है।
- सरकारी स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्य – विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य परियोजनाओं में फील्ड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और सर्वे कार्यों में अवसर मिलते हैं।
- निजी स्वास्थ्य संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) में रोजगार – क्लिनिक, अस्पताल, हेल्थ सेंटर और सामाजिक स्वास्थ्य परियोजनाओं में हेल्थ वर्कर के रूप में कार्य किया जा सकता है।
- अनुभव और अतिरिक्त योग्यता के बाद करियर ग्रोथ – कार्य अनुभव प्राप्त करने के बाद हेल्थ सुपरवाइजर, फील्ड सुपरवाइजर या स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े प्रशासनिक पदों पर पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।
MPHW करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
MPHW कोर्स के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के हिसाब से भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| हेल्थ असिस्टेंट | 2.3 लाख – 2.5 लाख |
| कम्युनिटी हेल्थ वर्कर | 1.9 लाख – 2.1 लाख |
| हेल्थ सैनिटरी इंस्पेक्टर | 1.7 लाख – 1.8 लाख |
| हेल्थ एजुकेटर | 2.4 लाख – 2.7 लाख |
| आउटरीच कोऑर्डिनेटर | 4 लाख – 4.5 लाख |
MPHW करने के बाद हायर स्टडी के विकल्प
आप MPHW करने के बाद अपनी रूचि और करियर फील्ड के अनुसार इन विकल्पों को चुन सकते हैं:
| कोर्स / परीक्षा | जानकारी |
| अंडरग्रेजुएट | MPHW डिप्लोमा के बाद आप बी.एससी या समकक्ष अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स कर सकते हैं, जो हेल्थकेयर और सार्वजनिक स्वास्थ्य में उन्नत अध्ययन और बेहतर अवसर देती है। |
| MPH या PG डिप्लोमा | यदि आपका डिप्लोमा बैचलर डिग्री के समकक्ष है, तो आप ‘मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ’ (MPH) या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा में एडमिशन ले सकते हैं, जो महामारी, स्वास्थ्य नीति, प्रबंधन और सामुदायिक स्वास्थ्य में विशेषज्ञता देता है। |
| सर्टिफिकेट कोर्स | MPHW डिप्लोमा के बाद आप सामुदायिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य प्रबंधन, रोग रोकथाम, पोषण या आपातकालीन स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र में स्पेशलाइज्ड सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं। |
FAQs
MPHW का फुल फॉर्म ‘Multipurpose Health Worker’ होता है जिसे हिंदी में ‘बहुउद्देशीय स्वास्थ्य’ कार्यकर्ता’ के नाम से जाना जाता है।
MPHW कोर्स एक सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जो युवाओं को ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने के लिए आवश्यक ज्ञान और प्रैक्टिकल स्किल्स प्रदान करता है।
MPHW दो वर्ष का डिप्लोमा कोर्स है जिसे 12th क्लास के बाद किया जा सकता है।
‘बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता’ (MPHW) डिप्लोमा करने के बाद आप सोशल वर्क में डिग्री कोर्स कर सकते हैं। यदि आपका डिप्लोमा बैचलर डिग्री के समकक्ष है, तो आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प सोशल वर्क में मास्टर्स करना है।
MPHW को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, HIV/एड्स की रोकथाम और उपचार और जल स्वच्छता और स्वच्छता सहित विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित किया जाता है।
MPHW कोर्स के बाद आप हेल्थ वर्कर या हेल्थ असिस्टेंट के रूप में राज्य स्वास्थ्य विभाग या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्य कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें : 12वीं के बाद NEET के बिना किए जाने वाले मेडिकल कोर्सेज की लिस्ट
आशा है कि इस लेख में आपको MPHW कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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