मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई कोर्स डिटेल्स

1 minute read
Mechanic Motor Vehicle ITI Course Details

ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से बढ़ते रोजगार के अवसरों के कारण मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई (MMV ITI) देश के सबसे ज्यादा मांग वाले ट्रेड कोर्स में से एक है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT) द्वारा मान्यता प्राप्त इस 2 साल के कोर्स में आपको अलग-अलग विषयों जैसे – काम से जुड़ी स्किल्स, जरूरी ज्ञान और नौकरी में काम आने वाले कौशल। की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके साथ ही, आपका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट वर्क और एक्स्ट्रा एक्टिविटीज भी करवाई जाती हैं। इस कोर्स में आपको चीज़ें धीरे-धीरे सिखाई जाती हैं – पहले आसान और फिर कठिन, ताकि आप पढ़ाई (थ्योरी) को काम (प्रैक्टिकल) में आसानी से लागू कर सकें।

इस लेख में इस कोर्स की डिटेल्स बताई गई हैं।

कोर्समैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई (MMV ITI)
कोर्स अवधि2 साल (2400 घंटे + 300 घंटे प्रोजेक्ट/प्रैक्टिकल)
न्यूनतम योग्यता10वीं पास (विज्ञान और गणित के साथ)
न्यूनतम उम्रकम से कम 14 वर्ष (शैक्षणिक सत्र के पहले दिन)
दिव्यांग उम्मीदवारPwD उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं
उपकरण और टूल्सएनसीवीटी (NCVT) के नियमों/अनुबंध के अनुसार उपलब्ध कराए जाते हैं

मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई कोर्स क्या है?

मैकेनिक मोटर व्हीकल (MMV) एक 2 साल का ITI कोर्स है, जिसे कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा चलाया जाता है। यह कोर्स शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के अंतर्गत पूरे देश के आईटीआई संस्थानों में कराया जाता है और NSQF Level 4 पर आता है। कोर्स पूरा करने के बाद आपको DGT की तरफ से राष्ट्रीय व्यापार प्रमाणपत्र (NTC) दिया जाता है, जो दुनियाभर में मान्य होता है।

अगर आप इस कोर्स को चुनते हैं तो इसमें आपको गाड़ियों की मरम्मत, मेंटेनेंस और उनके अलग-अलग पार्ट्स के काम करने का पूरा ज्ञान दिया जाता है। इस कोर्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि पहले कोर्स की शुरुआत बेसिक से फिर एडवांस लेवल की पढ़ाई होती है और थ्योरी को प्रैक्टिकल में भी कराया जाता है। 

इस कोर्स में आपको दो हिस्सों में सीखने का मौका मिलता है – पहला डोमेन एरिया, जिसमें आप ट्रेड से जुड़ी थ्योरी और प्रैक्टिकल सीखते हैं जिसमें आप गाड़ियों पर काम करने की असली स्किल्स सकते हैं। दूसरा कोर एरिया, जिसमें आपको रोजगार से जूड़े स्किल सिखाये जाते हैं जिसमें बेसिक ज्ञान और लाइफ स्किल्स शामिल हैं। 

इस तरह, यह कोर्स आपको तकनीकी ज्ञान, प्रैक्टिकल स्किल्स और नौकरी के लिए जरूरी सभी कौशल सिखाकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम करने के लिए तैयार करता है। 

MMV ITI कोर्स करने के दौरान आप कौनसी स्किल्स सीखते हैं?

MMV ITI कोर्स करने के दौरान आप कुछ जरूरी स्किल्स सीखते हैं जो आपको नौकरी और प्रैक्टिकल काम दोनों में मदद करती हैं और आप इन सभी स्किल्स की मदद से आप ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक कुशल मैकेनिक के रूप में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

  • तकनीकी मानकों और दस्तावेज़ों को पढ़ना, समझना और उनके अनुसार काम की योजना बनाकर उसे सही तरीके से पूरा करना, साथ ही जरूरी टूल्स और सामग्री की पहचान करना।
  • सुरक्षा नियमों, दुर्घटना से बचाव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से काम करना।
  • मशीन या वाहन पर काम करते समय अपने तकनीकी ज्ञान, बेसिक स्किल और रोजगार कौशल का सही उपयोग करना।
  • किसी भी वाहन या उसके पार्ट्स में खराबी (Fault) को पहचानना और दिए गए निर्देशों के अनुसार उसकी जांच और सुधार करना।
  • किए गए काम से जुड़े तकनीकी मानकों के अनुसार सही तरीके से रिकॉर्ड और डॉक्यूमेंटेशन तैयार करना।

ट्रेनिंग घंटों का ब्रेकडाउन

इस कोर्स में कुल 2400 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसे 2 साल में पूरा कराया जाता है। इसके साथ ही हर साल 150 घंटे की OJT (On-the-Job Training) भी अनिवार्य होती है, जिससे आपको इंडस्ट्री में काम करने का असली अनुभव मिलता है।

अगर आपके पास आसपास OJT के लिए कोई इंडस्ट्री उपलब्ध नहीं है, तो उसकी जगह ग्रुप प्रोजेक्ट करना जरूरी होता है। इसके अलावा, अगर आपने 10वीं या 12वीं पूरी नहीं की है, तो आप 240 घंटे तक के अतिरिक्त (वैकल्पिक) विषय पढ़कर अपना 10वीं/12वीं सर्टिफिकेट भी पूरा कर सकते हैं।

इसकी जानकारी नीचे बताई गई है:

क्र.सं.पाठ्यक्रम विषयपहला वर्ष (घंटे)दूसरा वर्ष (घंटे)
1व्यावसायिक कौशल (Trade Practical)840840
2व्यावसायिक ज्ञान (Trade Theory)240300
3रोजगार कौशल12060
कुल प्रति वर्ष12001200
4OJT / ग्रुप प्रोजेक्ट (प्रति वर्ष)150 घंटे

मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई कोर्स सिलेबस

पहले साल में आप सुरक्षा नियम, औजारों की पहचान, मापने के तरीके, फिटिंग, बेसिक इलेक्ट्रिकल काम, बैटरी मेंटेनेंस, वेल्डिंग और इंजन के पार्ट्स की जानकारी सीखते हैं। साथ ही, इंजन को खोलना, जांच करना और दोबारा सही तरीके से जोड़ना भी सीखते हैं।

दूसरे साल में आप एडवांस चीज़ें सीखते हैं, जैसे ट्रांसमिशन सिस्टम, गियर बॉक्स, क्लच, डिफरेंशियल, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, ब्रेक सिस्टम और वाहन के इलेक्ट्रिकल व एसी सिस्टम की सर्विसिंग और मरम्मत। साथ ही, आपको यह भी सिखाया जाता है कि वाहन में खराबी कैसे ढूंढें और उसे सही तरीके से ठीक करें।

नीचे संक्षिप्त सिलेबस बताया गया है: 

पहला वर्ष
टॉपिकक्या सिखाया जाता है
सेफ्टी और टूल्ससुरक्षा नियम, औजारों और उपकरणों की पहचान और उपयोग
माप और मार्किंगविभिन्न माप और अंकन उपकरणों से माप लेना और मार्किंग करना
फिटिंग और वर्कशॉप प्रैक्टिसबेसिक वर्कशॉप कार्य और फिटिंग ऑपरेशन
इलेक्ट्रिकल बेसिक्सबिजली के मूल सिद्धांत और इलेक्ट्रिकल पैरामीटर की जांच
बैटरी मेंटेनेंसबैटरी की जांच, चार्जिंग और रखरखाव
वेल्डिंग स्किलआर्क और गैस वेल्डिंग द्वारा जोड़ बनाना
हाइड्रोलिक्स और न्यूमेटिक्सविभिन्न हाइड्रोलिक और न्यूमेटिक पार्ट्स की पहचान
ब्रेक सिस्टमएयर और हाइड्रोलिक ब्रेक सिस्टम के पार्ट्स की पहचान
इंजन बेसिक्सडीजल इंजन के पार्ट्स जैसे सिलेंडर हेड, पिस्टन, क्रैंकशाफ्ट आदि
इंजन ओवरहॉलिंगइंजन खोलना, जांच करना और दोबारा असेंबल करना
इंजन सिस्टमकूलिंग, लुब्रिकेशन और एग्जॉस्ट सिस्टम का कार्य
फ्यूल सिस्टमडीजल फ्यूल सिस्टम, FIP और गवर्नर की जानकारी
इंजन रिपेयरइंजन की मरम्मत, रखरखाव और परीक्षण
स्टार्टर/अल्टरनेटरस्टार्टर और अल्टरनेटर की जांच और मरम्मत
फॉल्ट डायग्नोसिसइंजन से जुड़ी समस्याओं की पहचान और समाधान
दूसरा वर्ष
टॉपिकक्या सिखाया जाता है
ट्रांसमिशन सिस्टमगियर बॉक्स, क्लच (single plate/diaphragm), synchromesh
ड्राइव लाइनप्रोपेलर शाफ्ट, यूनिवर्सल जॉइंट, रियर एक्सल, डिफरेंशियल
चेसिस सिस्टमवाहन चेसिस और उसके पार्ट्स की ओवरहॉलिंग
सस्पेंशन सिस्टमलीफ स्प्रिंग, फ्रंट/रियर सस्पेंशन
स्टीयरिंग सिस्टमस्टीयरिंग गियर बॉक्स, रैक-पिनियन, पावर स्टीयरिंग
ब्रेक सिस्टम (एडवांस)मास्टर सिलेंडर, व्हील सिलेंडर, ब्रेक सर्विसिंग
व्हील और टायरव्हील बैलेंसिंग और व्हील अलाइनमेंट
इंजन डायग्नोसिसइंजन की खराबी पहचानना और सुधार करना
इलेक्ट्रॉनिक सिस्टमइलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और जांच
चार्जिंग सिस्टमचार्जिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग
स्टार्टिंग सिस्टमस्टार्टिंग सिस्टम की ओवरहॉलिंग
ऑटो इलेक्ट्रिकलवाहन के इलेक्ट्रिकल पार्ट्स की जांच और मरम्मत
ऑटो एसी सिस्टमएयर कंडीशनिंग सिस्टम की सर्विस और जांच
वाहन सर्विसिंगवाहन की पूरी सर्विस, मेंटेनेंस और टेस्टिंग
रोड सेफ्टी और ड्राइविंगट्रैफिक नियम और सुरक्षित ड्राइविंग

DGT के इस कोर्स का पूरा सिलेबस आप यहां से देख सकते हैं और PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई कोर्स के लिए योग्यता

मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई कोर्स के लिए कुछ बेसिक योग्यता पूरी करना जरूरी है। जो इस प्रकार है:

  • आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान और गणित विषय के साथ कम से कम 33%–40% अंकों के साथ 10वीं पास होना चाहिए।
  • इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपकी न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा आमतौर पर तय नहीं होती, लेकिन यह अलग-अलग राज्य या संस्थान के अनुसार बदल सकती है।
  • इसमें एडमिशन के लिए आपको पहले से किसी तरह का अनुभव या तकनीकी ज्ञान होना जरूरी नहीं होता। ज्यादातर ITI संस्थानों में प्रवेश 10वीं के अंकों (मेरिट) के आधार पर होता है, हालांकि कुछ जगहों पर एंट्रेंस या इंटरव्यू भी लिया जा सकता है।

मैकेनिक मोटर व्हीकल ITI का पासिंग क्राइटेरिया और असेसमेंट प्रोसेस

इस कोर्स में पास होने के लिए कुछ तय नियम होते हैं, जिन्हें आपको ध्यान में रखना जरूरी है। जो हैं:

पास होने के नियम:

  • 2 साल के इस कोर्स में हर परीक्षा में कम से कम 50% अंक लाना जरूरी होता है।
  • प्रैक्टिकल और फॉर्मेटिव असेसमेंट में पास होने के लिए न्यूनतम 60% अंक जरूरी होते हैं।
  • बाकी थ्योरी विषयों में कम से कम 33% अंक लाने होते हैं।

असेसमेंट प्रोसेस (मूल्यांकन कैसे होता है)

इस कोर्स में आपका मूल्यांकन सिर्फ एक एग्जाम से नहीं होता, बल्कि पूरे साल आपकी परफॉर्मेंस देखी जाती है। इसमें ये चीजें शामिल होती हैं:

  • वर्कशॉप/प्रयोगशाला में किया गया प्रैक्टिकल काम
  • रिकॉर्ड बुक और दैनिक कार्य (डायरी)
  • लिखित परीक्षा (Answer Sheet)
  • मौखिक परीक्षा (Viva)
  • प्रगति रिपोर्ट (Progress Chart)
  • आपकी उपस्थिति और समय की पाबंदी
  • दिए गए असाइनमेंट और कार्यभार
  • प्रोजेक्ट वर्क
  • कंप्यूटर आधारित MCQ परीक्षा
  • फाइनल प्रैक्टिकल परीक्षा

मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई के बाद करियर स्कोप

मैकेनिक मोटर व्हीकल (MMV) आईटीआई कोर्स पूरा करने के बाद आपके सामने करियर के कई अच्छे विकल्प खुलते हैं। इस कोर्स के जरिए आप न सिर्फ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में नौकरी पा सकते हैं, बल्कि आगे की पढ़ाई और स्किल अपग्रेड करके अपने करियर को और बेहतर बना सकते हैं।

  • सबसे पहले, आप किसी भी ऑटोमोबाइल कंपनी या वर्कशॉप में टेक्नीशियन के रूप में काम शुरू कर सकते हैं। समय और अनुभव के साथ आप सीनियर टेक्नीशियन, सुपरवाइजर और आगे चलकर मैनेजर के पद तक भी पहुंच सकते हैं।
  • अगर आप खुद का काम करना चाहते हैं, तो आपके पास स्वरोजगार का भी अच्छा विकल्प होता है। आप अपनी खुद की ऑटो वर्कशॉप या गैराज खोलकर एक सफल बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, आप पढ़ाई जारी रखते हुए लेटरल एंट्री के जरिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश ले सकते हैं। इससे आपके लिए टेक्निकल फील्ड में और बेहतर करियर के रास्ते खुलते हैं।
  • अगर आपने 12वीं पूरी नहीं की है, तो आप NIOS के माध्यम से 10+2 (उच्च माध्यमिक) पूरा कर सकते हैं और आगे की सामान्य या तकनीकी शिक्षा जारी रख सकते हैं।
  • आप चाहें तो विभिन्न उद्योगों में अप्रेंटिसशिप करके नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC) भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आपकी स्किल और अनुभव दोनों मजबूत होते हैं।
  • अगर आपकी रुचि टीचिंग में है, तो आप CITS (Craft Instructor Training Scheme) के तहत ट्रेनिंग लेकर आईटीआई में इंस्ट्रक्टर भी बन सकते हैं।
  • इसके साथ ही, आप चाहें तो DGT के तहत एडवांस डिप्लोमा (वोकेशनल कोर्सेज) में भी शामिल होकर अपनी स्किल्स को और आगे बढ़ा सकते हैं या इंडस्ट्री में एक इंटरप्रेन्योर के रूप में भी काम कर सकते हैं।

कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स जिस रोल पर आप काम कर सकते हैं:

  • मैकेनिक ऑटोमोबाइल
  • मेंटेनेंस टेक्निशन (सर्विस वर्कशॉप)
  • ऑटो सर्विस टेक्निशन
  • फिटर, ऑटोमोबाइल
  • मोटर व्हीकल मैकेनिक (अन्य)

FAQs

मैकेनिक मोटर वाहन का कोर्स कितने साल का होता है?

मैकेनिक मोटर वाहन का कोर्स लगभग 2 साल का होता है। इसमें कुल 2400 घंटे का प्रशिक्षण होता है और हर साल 150 घंटे की On-the-Job Training (OJT) अनिवार्य है।

मैकेनिक मोटर व्हीकल का क्या काम होता है?

मैकेनिक मोटर व्हीकल (MMV) का काम गाड़ियों की जांच, मरम्मत (Repair) और मेंटेनेंस करना होता है। इसमें इंजन, ब्रेक, क्लच, गियर बॉक्स, बैटरी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अन्य पार्ट्स की समस्या पहचानकर उन्हें ठीक करना शामिल होता है।

मोटर मैकेनिक की सैलरी कितनी होती है?

AmbitionBox के डाटा के अनुसार मोटर मैकेनिक की टिपिकल सैलरी रेंज INR 2 लाख – INR 2.3 लाख प्रति वर्ष होती है। अनुभव के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है। 

भारत में मोटर मैकेनिक कोर्स के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

भारत में मोटर मैकेनिक कोर्स के लिए आपके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान और गणित विषय के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। आपकी न्यूनतम उम्र 14 वर्ष होनी चाहिए।

NTC Certificate क्या होता है और क्या यह विदेश में मान्य है?

National Trade Certificate (NTC) DGT द्वारा ITI कोर्स पूरा करने पर दिया जाता है। यह एक सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र है जो भारत के साथ-साथ विश्वभर में मान्यता प्राप्त है।

MMV ITI के बाद क्या डिप्लोमा में एडमिशन मिलता है?

हाँ, MMV ITI पास करने के बाद आप लेटरल एंट्री के माध्यम से इंजीनियरिंग की अधिसूचित शाखाओं में डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।

Related Reads:

ITI फिटर कोर्स डिटेल्सITI वेल्डर कोर्स डिटेल्स
कोपा आईटीआई कोर्स डिटेल्स10वीं के बाद कौनसा कोर्स करें?

उम्मीद है, मैकेनिक मोटर व्हीकल आईटीआई कोर्स से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी इस ब्लॉग में मिल गई होंगी। अन्य कोर्स डिटेल्स के ब्लॉग पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बनें रहें।

Leave a Reply

Required fields are marked *

*

*