अगर आप क्रिएटिव और वर्चुअल कम्युनिकेशन में माहिर हैं, तो ग्राफिक डिजाइनिंग आपके लिए परफेक्ट करियर है। ग्राफिक डिजाइनिंग का मतलब होता है कि आप रंग, टेक्सट, टाइपोग्राफी, लेआउट और फोटो को एक साथ मिलाकर कुछ ऐसा बनाएं जिससे आपका दिया हुआ मैसेज लोगों तक ज्यादा इफेक्टिव तरह से पहुंचे।
आपको बता दें कि ग्राफिक डिजाइनिंग एक प्रोफेशनल ट्रेनिंग कोर्स है, जिसमें कला और टेक्नोलॉजी को मिलाकर विज्ञापन, वेब पेज और अन्य प्रिंट व डिजिटल माध्यमों के जरिए विचारों और संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के बारे में सिखाया जाता है।
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद आप स्टार्टअप्स, ई कॉमर्स, ऐडवर्टाइजिंग एंड मार्केटिंग एजेंसी, पब्लिक रिलेशन (PR), इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यूज पेपर व वेब पेज मैगजीन जैसे सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। इन सेक्टर्स में आप ग्राफिक डिजाइनर, ब्रांडिंग स्पेशलिस्ट, मोशन ग्राफिक डिजाइनर, इलस्ट्रेटर और पैकेजिंग डिजाइनर जैसी जॉब प्रोफाइल में करियर बना सकते हैं। यदि आप ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।
| विवरण | जानकारी |
| ग्राफिक डिजाइन कोर्स लेवल | UG, PG, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट |
| ग्राफिक डिजाइन कोर्स अवधि | UG: 3 – 4 वर्ष PG: 2 वर्ष डिप्लोमा: 1 – 2 वर्ष सर्टिफिकेट: 3 से 6 माह |
| ग्राफिक डिजाइन कोर्स के लिए योग्यता | UG: मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं कक्षा PG: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री सर्टिफिकेट/डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं या 12वीं कक्षा |
| ग्राफिक डिजाइन कोर्स का एडमिशन क्राइटेरिया | मेरिट बेस्ड व एंट्रेंस बेस्ड |
| प्रमुख प्रवेश परीक्षा | UCEED, CUET UG, NIFT प्रवेश परीक्षा, NID प्रवेश परीक्षा, पर्ल एकेडमी प्रवेश परीक्षा आदि। |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | ग्राफिक डिजाइनर, इलस्ट्रेटर, UI/UX डिजाइनर, वेब डिजाइनर, लेआउट डिजाइनर व प्रोडक्ट डिजाइनर आदि। |
| रोजगार के क्षेत्र | पब्लिशिंग हाउस, डिजिटल मार्केटिंग एजेंसियां, ई-कॉमर्स कंपनियां, गेमिंग इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स व एजुकेशन और ई-लर्निंग कंपनियां आदि। |
This Blog Includes:
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स क्या होता है?
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स क्यों करें?
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के प्रकार
- ऑनलाइन ग्राफिक डिजाइनिंग सर्टिफिकेट कोर्स
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की योग्यता
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की फीस
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का सिलेबस
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
- ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- ग्राफिक डिजाइन के टॉप रिक्रूटर्स
- FAQs
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स क्या होता है?
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स एक स्किल बेस्ड लर्निंग एजुकेशनल प्रोग्राम है। इसमें आपको विज़ुअल माध्यम से संदेश प्रस्तुत करना सिखाया जाता है। इस कोर्स में कलर थ्योरी, टाइपोग्राफी, लेआउट डिजाइन, इमेज एडिटिंग और ब्रांडिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय पढ़ाए जाते हैं। इसके साथ ही Canva, Adobe Photoshop, Adobe Illustrator व Midjourney जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग भी सिखाया जाता है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य कला और तकनीक को मिलाकर प्रभावी विज़ुअल कंटेंट बनाना है, जो विज्ञापन, वेबसाइट और सोशल मीडिया में उपयोग होता है।
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स क्यों करें?
नीचे दिए गए बिंदुओं में आपको ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- क्रिएटिव विज़ुअल कम्युनिकेशन स्किल: ग्राफिक डिजाइन सीखने से आप किसी जानकारी को इंटरैक्टिव रूप से दृश्य रूप में पेश करना सीखते हैं। यह आज की डिजिटल और मार्केटिंग दुनिया में एक आवश्यक स्किल है।
- इंडस्ट्री में अधिक मांग: ग्राफिक डिजाइन इंडस्ट्री विज्ञापन, पब्लिक रिलेशन, वेबसाइट, सोशल मीडिया और ई कॉमर्स जैसे विभिन्न सेक्टरों में आवश्यक है।
- डिजिटल और प्रिंट दोनों में उपयोगी: इस कोर्स में सिखाए जाने वाले टूल्स और सिद्धांत जैसे डिजिटल ग्राफिक्स और प्रिंट लेआउट दोनों ही जगह काम आते हैं।
- पोर्टफोलियो आधारित जॉब अपॉर्चुनिटीज: इस कोर्स के माध्यम से तैयार पोर्टफोलियो आपकी रिक्रूटमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
- विभिन्न करियर पाथ: यह कोर्स पूरा करने के बाद आप ग्राफिक डिजाइनर के अलावा UI/UX, ब्रांड डिज़ाइन, वेब ग्राफिक्स और मीडिया कंटेंट क्रिएटर जैसे विकल्प भी चुन सकते हैं।
- इम्पैक्टफुल विजुअल ब्रांडिंग कैपेबिलिटी: इस कोर्स से आप ब्रांड के विज़ुअल आइडेंटिटी (जैसे लोगो, पैकेजिंग, एडवरटाइजिंग) को प्रभावी रूप से डिज़ाइन करना सीखते हैं, जिससे मार्केट में ब्रांड वैल्यू बढ़ती है।
- फ्रीलांसिंग का विकल्प: ग्राफिक डिजाइन स्किल्स के साथ आप फ्रीलांस प्रोजेक्ट ले सकते हैं और स्वतंत्र रूप से काम करने की आजादी पा सकते हैं।
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड
भारत में ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट लेवल पर मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों द्वारा ऑफर किए जाते हैं। हालांकि इन सभी प्रोफेशनल कोर्सेज की अवधि अलग-अलग होती है। सामान्यतः कोर्स की अवधि इस प्रकार होती है:
| कोर्स का प्रकार | अवधि |
| सर्टिफिकेट | 3 माह – 6 माह |
| डिप्लोमा | 1 – 2 वर्ष |
| UG प्रोग्राम | 3 – 4 वर्ष |
| PG | 2 वर्ष |
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स आमतौर पर सेमेस्टर या मॉड्यूल आधारित होता है। इसमें आपको शुरुआत में डिजाइन फाउंडेशन जैसे टाइपोग्राफी, कलर थ्योरी, लेआउट, विज़ुअल हायरार्की के बारे में सिखाया जाता है। वहीं बाद के चरणों में सॉफ्टवेयर बेस्ड ट्रेनिंग दी जाती है, जैसे एडोबी फोटोशॉप, एडोबी इलस्ट्रेटर और एडोबी इन डिजाइन, जहां प्रोजेक्ट बेस्ड असाइनमेंट होते हैं।
इसमें एडवांस्ड लेवल पर ब्रांडिंग, पैकेजिंग, एडवरटाइजिंग डिजाइन और UI/UX के प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट शामिल होते हैं। वहीं फाइनल मॉड्यूल में आपको पोर्टफोलियो डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट करने अनिवार्य होते हैं। यह कोर्स स्टूडियो बेस्ड ऑफलाइन, मेंटर्ड सेशंस के साथ लाइव ऑनलाइन या हाइब्रिड फॉर्मेट में संचालित होता है, जिसमें नियमित प्रैक्टिकल वर्क और असेसमेंट शामिल होते हैं।
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के प्रकार
आप अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार इन प्रमुख ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्सेज में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:
अंडरग्रेजुएट कोर्सेज
- बीडेस इन ग्राफिक डिजाइन
- बीएससी गेमिंग डिजाइन
- बीएससी ग्राफिक्स डिजाइन
- बीएससी एनीमेशन एंड VFX डिजाइन
- बी डिजाइन ग्राफिक्स
- बी डिजाइन गेमिंग
- बैचलर ऑफ डिजाइन इंटीरियर डिजाइन
- बी वॉक इन ग्राफिक डिजाइन
- बीएफए इन ग्राफिक डिजाइन
पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज
- एमडेस इन ग्राफिक डिजाइन
- एमएफए इन ग्राफिक डिजाइन
- एम वॉक इन ग्राफिक डिजाइन
- एमबीए इन डिजाइन मैनेजमेंट
- मास्टर्स इन डिजाइन इंटीरियर डिजाइन
- मास्टर्स इन डिजाइन फैशन डिजाइन
- एमएससी एनीमेशन एंड VFX डिजाइन
- एम डिजाइन एनीमेशन एंड VFX
पीएचडी कोर्स
- पीएचडी इन डिजाइन
- पीएचडी एनीमेशन एंड विजुअल डिजाइन
डिप्लोमा कोर्स
- डिप्लोमा इन ग्राफ़िक डिजाइन एंड विजुअल कम्युनिकेशन
सर्टिफिकेट कोर्स
- सर्टिफिकेट इन ग्राफिक डिजाइनिंग
ऑनलाइन ग्राफिक डिजाइनिंग सर्टिफिकेट कोर्स
यदि आप ग्राफिक डिजाइनिंग को ऑनलाइन माध्यम से सीखना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित प्रमुख सर्टिफिकेट कोर्सेज में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:
| कोर्स का नाम | संस्थान का नाम | कोर्स की ड्यूरेशन |
| ग्राफिक डिजाइन | कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ द आर्ट्स | 3 – 6 माह |
| ग्राफिक डिजाइन | एडोबी | 1 – 4 सप्ताह |
| ग्राफिक डिजाइन | कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय | 1 – 4 सप्ताह |
| एडोबी ग्राफिक डिजाइनर | एडोबी | 1 – 4 सप्ताह |
| क्रिएट प्रोफेशनल सोशल मीडिया डिजाइंस विथ कैनवा | एडुकबा | 1 – 4 सप्ताह |
| फंडामेंटल ऑफ ग्राफिक डिजाइन | कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ द आर्ट्स | 1 – 3 माह |
| डिजाइन फंडामेंटल्स विथ AI | एडोबी | 1 – 4 सप्ताह |
| बिल्ड योर बिज़नेस ब्रांड यूजिंग कैनवा | कोर्सेरा | 2 घंटे |
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की योग्यता
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:
| पाठ्यक्रम स्तर | योग्यता और पात्रता मानदंड |
| अंडरग्रेजुएट | आपने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा किसी भी स्ट्रीम के साथ पास की हो। UG कोर्स में आवदेन के लिए न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य होते हैं। हालांकि आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है। |
| पोस्ट ग्रेजुएट | पीजी कोर्स में एडमिशन के लिए ग्राफिक डिजाइनिंग में यूजी डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना अनिवार्य है। |
| डिप्लोमा और सर्टिफिकेट | इन प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आमतौर पर 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर एडमिशन दिया जाता है। |
| आयु सीमा | इन सभी कोर्सेज में एडमिशन के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। |
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं
ग्राफिक डिजाइनिंग में UG और PG प्रोग्राम के लिए आमतौर पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती है। हालांकि डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के लिए किसी मुख्य प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती। इसमें आपको 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट द्वारा एडमिशन मिलता है। ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:
| अंडरग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा | |
| प्रवेश परीक्षा का नाम | प्रवेश परीक्षा की तिथि |
| UCEED 2027 | जनवरी, 2027 (टेंटेटिव) |
| NIFT प्रवेश परीक्षा 2027 | फरवरी 2027 (टेंटेटिव) |
| CUET UG 2026 | 11 – 31 मई, 2026 |
| पर्ल एकेडमी प्रवेश परीक्षा 2026 | 25-26 अप्रैल 2026 |
| WUD एप्टीट्यूड टेस्ट 2027 | जनवरी, 2027 (टेंटेटिव) |
| पोस्ट ग्रेजुएशन प्रवेश परीक्षा | |
| CEED 2027 | जनवरी, 2027 (टेंटेटिव) |
| NID डिजाइन एप्टीट्यूड टेस्ट | सूचित किया जाएगा। |
| NIFT एंट्रेंस परीक्षा | फरवरी 2027 (टेंटेटिव) |
| SEED 2027 | सूचित किया जाएगा। |
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया
चयनित ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। वहीं, अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:
- आप चयनित ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद संबंधित ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का चयन करें।
- अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें।
- इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें।
- यदि एडमिशन प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले संबंधित प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।
- अब अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद एडमिशन कंफर्म करें।
- एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, चयनित ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होता है।
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
- ग्रेजुएशन डिग्री, मार्कशीट और संबंधित प्रवेश परीक्षा स्कोर कार्ड (मास्टर्स प्रोग्राम में एडमिशन के लिए)
- पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री, मार्कशीट और संबंधित प्रवेश परीक्षा स्कोर कार्ड (पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए)
- फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास व डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
- अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
यहां भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों और विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है, जहां से आप अपनी योग्यता और रुचि अनुसार ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स कर सकते हैं:
| कोर्स लेवल | प्रमुख कॉलेज व संस्थान | संस्थान का प्रकार |
ग्रेजुएशन कोर्सेज | राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) | सरकारी |
| डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन, IIT, गुवाहाटी | सरकारी | |
| शारदा विश्वविद्यालय | प्राइवेट | |
| लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (LPU) | प्राइवेट | |
| एमिटी विश्वविद्यालय | प्राइवेट | |
| पर्ल अकादमी | प्राइवेट | |
| UPES स्कूल ऑफ डिजाइन | प्राइवेट | |
| एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन | प्राइवेट | |
पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज | राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) | सरकारी |
| डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन, IIT, गुवाहाटी | सरकारी | |
| लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (LPU) | प्राइवेट | |
| पर्ल अकादमी | प्राइवेट | |
| एमिटी विश्वविद्यालय | प्राइवेट | |
डिप्लोमा कोर्सेज | ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव आर्ट (ZICA) | प्राइवेट |
| एंड अकादमी | प्राइवेट | |
| जेडी स्कूल ऑफ डिजाइन | प्राइवेट | |
| माया अकैडमी ऑफ अडवांस सिनेमेटिक्स (MAAC) मुंबई | प्राइवेट | |
| एरीना ऐनिमेशन, मुंबई | प्राइवेट | |
| एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन | प्राइवेट | |
सर्टिफिकेट कोर्सेज | भारतीय कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान | सरकारी |
| TGC ऐनिमेशन ऐंड मल्टीमीडिया, नई दिल्ली | प्राइवेट | |
| पर्ल अकादमी | प्राइवेट | |
| कन्या महा विद्यालय | सरकारी |
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की फीस
भारत में मान्यता प्राप्त संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स ऑफर किए जाते हैं। लेकिन इसकी फीस सरकारी और प्राइवेट कॉलेज, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की औसत फीस रेंज एक रेफरेंस के तौर पर गई है:
| अंडरग्रेजुएट कोर्स की फीस रेंज | ||
| संस्थान का प्रकार | न्यूनतम कुल फीस (INR) | अधिकतम कुल फीस (INR) |
| सरकारी संस्थान | INR 50,000 | INR 4 लाख |
| प्राइवेट संस्थान | INR 3 लाख | INR 15 लाख |
| पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की फीस रेंज | ||
| सरकारी संस्थान | INR 1 लाख | INR 8 लाख |
| प्राइवेट संस्थान | INR 2.5 लाख | INR 13.5 लाख |
| डिप्लोमा कोर्स की फीस रेंज | ||
| सरकारी संस्थान | INR 5,000 | INR 1,00,000 |
| प्राइवेट संस्थान | INR 50,000 | INR 2 लाख |
| सर्टिफिकेट कोर्स की फीस रेंज | ||
| सरकारी संस्थान | INR 3,000 | INR 25,000 |
| प्राइवेट संस्थान | INR 22,000 | INR 1.5 लाख |
नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का सिलेबस
भारत के विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में कोर्स के स्तर के अनुसार ग्राफिक डिजाइनिंग का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य चेक कर लें।
अंडरग्रेजुएट सिलेबस
यहां ‘बीडेस इन ग्राफिक डिजाइन’ का सिलेबस द असम रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (RGU), गुवाहाटी की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
| प्रथम सेमेस्टर | |
| इंट्रोडक्शन टू डिजाइन | एलिमेंट्स एंड प्रिंसिपल्स ऑफ डिजाइन |
| इंडियन नॉलेज सिस्टम | कम्युनिकेटिव इंग्लिश – 1 |
| इलस्ट्रेशन टेक्नीक | |
| द्वितीय सेमेस्टर | |
| एलिमेंट्स, फॉर्म एंड स्ट्रक्चर | डिजाइन थिंकिंग |
| इंडियन नॉलेज सिस्टम – 2 | कम्युनिकेटिव इंग्लिश – 2 |
| विज़ुअलाइज़ेशन टेक्निक्स | |
| तृतीय सेमेस्टर | |
| सेमियोटिक्स | आर्ट हिस्ट्री |
| कम्युनिकेटिव इंग्लिश – 3 | प्रिंट टेक्नोलॉजी |
| वेब डिजाइनिंग एंड मल्टीमीडिया टेक्नोलॉजी | |
| चतुर्थ सेमेस्टर | |
| ब्रांड आइडेंटिटी डिजाइन | टाइपफेस डिजाइन |
| पैकेजिंग डिजाइन | टाइपोग्राफी |
| कम्युनिकेटिव इंग्लिश – 4 | ऑगमेंटिंग डिजाइन थिंकिंग विथ ह्यूमन कंप्यूटर इंटरैक्शन |
| पांचवां सेमेस्टर | |
| यूजर इंटरफेस ग्राफिक्स | यूजर एक्सपीरियंस |
| पब्लिकेशन डिजाइन | इंटर्नशिप |
| छठा सेमेस्टर | |
| न्यू मीडिया डिजाइन | कॉपीराइटिंग |
| कॉपीराइटिंग | सोशियो-कल्चरल डिजाइन |
| सातवां सेमेस्टर | |
| सिस्टम डिजाइन | एडवर्टाइजिंग एंड मार्केटिंग |
| डिजाइन फॉर सस्टेनेबिलिटी | रिसर्च मेथडोलॉजी |
| आठवां सेमेस्टर | |
| पोर्टफोलियो डिजाइन | रिटेल एंड एग्जीबिशन डिजाइन |
| डिसर्टेशन/रिसर्च प्रोजेक्ट | |
| या | |
| डिजाइन मैनेजमेंट | इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस |
| डिजाइन एंटरप्रेन्योरशिप | |
पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस
यहां एमएफए एप्लाइड आर्ट्स का सिलेबस एमिटी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:
| प्रथम सेमेस्टर | |
| टाइपोग्राफी आर्ट | कॉन्सेप्ट्स ऑफ मार्केटिंग फॉर आर्ट एंड डिजाइन |
| ग्राफिक डिजाइनिंग – 1 | इलस्ट्रेशन – 1 |
| विज़ुअलाइजेशन – 1 | |
| द्वितीय सेमेस्टर | |
| ग्राफिक डिजाइनिंग – 2 | इलस्ट्रेशन – 2 |
| पैकेजिंग डिजाइन | विज़ुअलाइजेशन – 2 |
| तृतीय सेमेस्टर | |
| समर इंटर्नशिप | ग्राफिक डिजाइनिंग – 3 |
| इलस्ट्रेशन – 3 | विज़ुअलाइजेशन – 3 |
| चतुर्थ सेमेस्टर | |
| डिसर्टेशन | ग्राफिक डिजाइनिंग – 4 |
| इलस्ट्रेशन – 4 | विज़ुअलाइजेशन – 4 |
डिप्लोमा सिलेबस
यहां एक वर्षीय ‘डिप्लोमा इन ग्राफ़िक डिजाइन एंड विजुअल कम्युनिकेशन’ कोर्स का सिलेबस मुंबई विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:
| प्रथम वर्ष | |
| एडवर्टाइजिंग, आर्ट एंड आइडियाज़ | हिस्ट्री ऑफ विज़ुअल कम्युनिकेशन |
| ग्राफिक एंड इंफॉर्मेशन डिजाइन | पैकेज डिजाइन |
| ड्रॉइंग | कम्युनिकेशन डिजाइन – 1 |
| कम्युनिकेशन डिजाइन – 2 – आउटडोर एंड पॉइंट ऑफ पर्चेज | टाइपोग्राफी एंड फोटोग्राफी |
| कंप्यूटर एप्लिकेशंस | |
सर्टिफिकेट सिलेबस
यहां तीन माह का सर्टिफिकेट इन ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का सिलेबस ‘भारतीय कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान’ की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:
| सर्टिफिकेट इन ग्राफिक डिजाइनिंग | |
| इंट्रोडक्शन टू ग्राफिक डिजाइन | एडोबी फोटोशॉप – इमेज एडिटिंग एंड मैनिपुलेशन |
| एडोबी इलस्ट्रेटर – वेक्टर ग्राफिक्स एंड लोगो डिजाइन | एडोबी इनडिज़ाइन – लेआउट एंड प्रिंट डिजाइन |
| ब्रांडिंग एंड आइडेंटिटी डिजाइन | वेब एंड UI/UX डिजाइन बेसिक्स |
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र
आप संबंधित ग्राफिक डिजाइन कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:
- सरकारी और NGO सेक्टर
- डिजिटल मार्केटिंग एजेंसियां
- ई-कॉमर्स कंपनियां
- स्टार्टअप्स
- मीडिया और न्यूज़ इंडस्ट्री
- प्रिंटिंग और पैकेजिंग इंडस्ट्री
- गेमिंग इंडस्ट्री
- आईटी कंपनियां
- ब्रांडिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर
- एजुकेशन और ई-लर्निंग कंपनियां
- पब्लिशिंग हाउस
- एडवरटाइजिंग एजेंसियां
- एनीमेशन और मोशन ग्राफिक्स स्टूडियो
- फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री
- सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
चयनित ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स कंप्लीट करने के बाद सैलरी आपके पद, एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| ग्राफिक डिजाइनर | 4.1 लाख – 4.5 लाख |
| वेब डिजाइनर | 2.5 लाख – 2.8 लाख |
| UI/UX डिजाइनर | 7.7 लाख – 8.5 लाख |
| एनिमेटर | 3.1 लाख – 4 लाख |
| इलस्ट्रेटर | 3.9 लाख – 4.6 लाख |
| मोशन ग्राफिक डिजाइनर | 4.9 लाख – 5.4 लाख |
| यूजर इंटरफ़ेस डिजाइनर | 5.8 लाख – 6.4 लाख |
| मल्टीमीडिया आर्टिस्ट | 4.6 लाख – 5.1 लाख |
| लेआउट डिजाइनर | 10.8 लाख – 13.1 लाख |
| प्रोडक्ट डिजाइनर | 15 लाख – 16.6 लाख |
ग्राफिक डिजाइन के टॉप रिक्रूटर्स
यहां उन प्रमुख कंपनियों की सूची दी गई है जो ग्राफिक डिजाइनर्स की भर्ती करती हैं:
- गूगल
- कैनवा
- एडोबी
- द टाइम्स ग्रुप
- अमेजन
- नेटफ्लिक्स
- फ्लिपकार्ट
- मीशो
- अमेजन
- मिंत्रा
FAQs
ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स की अवधि 3 महीने के सर्टिफिकेट से लेकर 3-4 वर्ष की बैचलर डिग्री तक होती है। वहीं, मास्टर्स कोर्स 2 वर्ष का होता है।
आप 3 महीने के शॉर्ट-टर्म कोर्स में एडोब फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, टाइपोग्राफी और कलर थ्योरी जैसे बेसिक ग्राफिक डिजाइनिंग स्किल्स सीख सकते हैं।
12वीं के बाद ग्राफिक डिजाइनर बनने के लिए आपको मान्यता प्राप्त संस्थान से 6 महीने से 3-4 वर्ष के ग्राफिक डिजाइनिंग सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या बैचलर कोर्स करना आवश्यक है। इसमें आपको एडोबी क्रिएटिव सूट, टाइपोग्राफी, कलर थ्योरी और UI/UX डिजाइन जैसे प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाए जाते हैं।
वर्ष 2026 में ग्राफिक डिजाइन डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, मीडिया और ब्रांडिंग की बढ़ती मांग के कारण एक स्थिर और उच्च अवसर वाला करियर है।
सामान्यतः 12वीं के बाद ग्राफिक डिजाइन कोर्स में एडमिशन के लिए गणित अनिवार्य नहीं होती है।
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आशा है कि इस लेख में आपको ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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