भारत में सरकारी शिक्षक बनना एक प्रतिष्ठित और सुरक्षित करियर माना जाता है। यदि आपका भी सपना आगे चलकर सरकारी शिक्षक बनने का है, तो यह लेख आपके लिए है। आमतौर पर माना जाता है कि शिक्षक बनने के लिए ‘बैचलर ऑफ़ एजुकेशन’ (B.Ed.) की डिग्री की जरूरत होती है। मगर ऐसा नहीं है, इसके अलावा कई ऐसे कोर्स हैं जिसके माध्यम से आप शिक्षक बनकर अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं। इस लेख में आप सरकारी शिक्षक बनने की प्रक्रिया के बारे में जानेंगे।
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भारतीय शिक्षा प्रणाली में शिक्षकों के प्रकार
भारत में शिक्षक बनने की प्रक्रिया आपके पढ़ाने के स्तर पर निर्भर करती है, जैसे:
- प्राइमरी स्कूल टीचर (PRT): जो कक्षा एक से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाते हैं।
- ट्रेंड ग्रैजुएट टीचर (TGT): ये सेकेंडरी कक्षा यानी छठी से दसवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाते हैं।
- पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT): ये मुख्यतः कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के बच्चों को पढ़ाते हैं।
सरकारी शिक्षक बनने के लिए योग्यता
शिक्षक बनने के लिए आपको पढ़ाने के स्तर के अनुसार निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, जैसे:
- प्राइमरी टीचर की योग्यता: 12वीं पास करने के बाद D.El.Ed, ‘जूनियर बेसिक ट्रेनिंग’ (JBT) या चार वर्षीय ‘बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन’ (B.El.Ed) डिग्री होना आवश्यक है। यदि आप केवल नर्सरी और प्री-स्कूल स्तर पर शिक्षक बनना चाहते हैं, तो आप ‘नर्सरी टीचर ट्रेनिंग’ (NTT) कोर्स कर सकते हैं।
- टीजीटी टीचर की योग्यता: आपको मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त करने के बाद 2 वर्षीय ‘बैचलर ऑफ एजुकेशन’ (B.Ed) करना अनिवार्य होता है।
- पीजीटी टीचर की योग्यता: आपको संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद B.Ed करना होता है।
- शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET): ध्यान रखें कि संबंधित भर्ती परीक्षा के लिए आपको केंद्रीय या राज्य स्तर की ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) यानी ‘केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (CTET) या ‘राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (STET) को भी पास करना अनिवार्य होता है।
- आयु सीमा: यदि आप प्राथमिक स्तर के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपकी उम्र 18 से 35 वर्ष होनी चाहिए। जबकि TGT और PGT स्तर के लिए समान आयु सीमा 21 से 40 साल के बीच होनी आवश्यक है। हालांकि OBC,SC/ST और विकलांग आवेदकों को आयु सीमा में कुछ वर्षों की छुट दी जाती है।
सरकारी शिक्षक बनने के लिए प्रमुख कोर्स
12वीं पास करने के बाद आप टीचिंग से जुड़े अलग-अलग कोर्स चुन सकते हैं, जैसे ग्रेजुएशन, डिप्लोमा या इंटीग्रेटेड डिग्री। ये सभी कोर्सेज सरकारी और प्राइवेट स्कूल में शिक्षक बनने के लिए जरूरी होते हैं:
- B.ED: यह कोर्स ग्रेजुएशन के बाद दो साल का होता है। कुछ कॉलेजों में चार साल का इंटीग्रेटेड B.Ed प्रोग्राम भी होता है, जिसमें ग्रेजुएशन और B.Ed एक साथ किया जा सकता है।
- B.EL.ED: ‘बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन’ (B.El.Ed) एक चार साल का अंडरग्रेजुएट टीचर ट्रेनिंग कोर्स है।
- ITEP: ‘नेशनल एजुकेशन पॉलिसी’ (NEP) के तहत ‘इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम’ (ITEP) शुरू किया गया है। इसमें आप ग्रेजुएशन और B.Ed एक साथ कर सकते हैं, जिससे कोर्स 5 वर्ष की जगह 4 साल में पूरा हो जाता है।
- D.EL.ED: ‘डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन’ (D.El.Ed) दो वर्ष का कोर्स है, जो प्राइमरी और अपर-प्राइमरी स्तर के शिक्षकों के लिए डिजाइन किया गया है।
- D.Ed: डिप्लोमा इन एजुकेशन (D.Ed) 2 वर्ष का टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसमें पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी विषयों को पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है।
- NTT: नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) दो वर्ष का कोर्स है, जो नर्सरी और प्री-स्कूल के बच्चों को पढ़ाने के लिए किया जाता है।
सरकारी शिक्षक कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
भारत में सरकारी शिक्षक बनने की प्रक्रिया के कुछ प्रमुख चरण इस प्रकार हैं:
स्टेप 1: औपचारिक शिक्षा पूरी करें
आप मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में 12वीं कक्षा न्यूनतम 55% से पास करने के बाद ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करें।
स्टेप 2: B.Ed या टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम में एडमिशन लें
आप चाहे तो 12वीं के बाद कुछ प्रमुख शिक्षण कोर्स जैसे D.Ed, ITEP, D.El.Ed और NTT कर सकते हैं। हालांकि B.ED के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन करना अनिवार्य है। B.Ed में एडमिशन के लिए भारत में राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविद्यालय स्तर पर कई प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। प्रमुख परीक्षाओं में CUET PG, NCET (4 साल का कोर्स), IGNOU B.Ed, UP B.Ed JEE और MAH B.Ed CET शामिल हैं। आप कोर्स करते समय ध्यान रखें कि यह ‘नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन’ (NCTE) से मान्यता प्राप्त हो।
स्टेप 3: ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ पास करें
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसे पास किए बिना सरकारी स्कूल में नौकरी नहीं मिलती। यह परीक्षा केंद्रीय (CTET) या राज्य स्तरीय (STET) हो सकती है। आपको बता दें कि ‘केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा’ यानी CTET राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे ‘केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड’ (CBSE) द्वारा आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा आपको केंद्र सरकार के स्कूलों जैसे केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, रेलवे स्कूल, केंद्रीय तिब्बत स्कूल प्रशासन या केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों में टीचर बनने की पात्रता देती है।
वहीं CTET की तरह ही भारत के कई राज्य भी शिक्षकों की पात्रता के लिए परीक्षाएं आयोजित करते हैं, जैसे WBTET, UPTET, APTET, REET, KARTET व Assam TET आदि। इन परीक्षाओं को पास करने के बाद आप सरकारी शिक्षक की भर्ती के लिए पात्र हो जाते हैं।
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स्टेप 4: शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करें
भारत में केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, राज्य शिक्षक भर्ती बोर्ड (TRB) पूरे भारत में अपने टीचिंग स्टाफ की भर्ती के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करते हैं। इसके अलावा ‘दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड’ (DSSSB) भी दिल्ली सरकार के तहत आने वाले स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए समय-समय पर भर्ती परीक्षा का आयोजन करता है। आप अपनी योग्यता और विद्यालय अनुसार संबंधित भर्ती परीक्षा पास करें।
स्टेप 5: सरकारी स्कूल में नियुक्ति पाएं
संबंधित भर्ती परीक्षा पास करने के बाद बोर्ड द्वारा चयनित कैंडिडेट्स की एक मेरिट लिस्ट जारी की जाती है। फिर भर्ती बोर्ड आपके सभी दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट की जांच करता है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद बोर्ड द्वारा आपको एक अपॉइंटमेंट लेटर दिया जाता हैं। इसके बाद आपकी नियुक्ति सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के रूप में की जाती है।
सरकारी शिक्षक की सैलरी
यहां 7वें वेतन आयोग के अनुसार सरकारी विद्यालयों में पद के अनुसार शिक्षकों की सैलरी रेंज की जानकारी दी गई है:
| पद का नाम | प्रतिमाह ग्रॉस सैलरी (INR) |
| प्राइमरी स्कूल टीचर (PRT) | INR 64,500 – INR 65,500 |
| ट्रेंड ग्रैजुएट टीचर (TGT) | INR 75,000 – INR 80,000 |
| पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) | INR 80,000 – INR 85,000 |
नोट: यह जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है।
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सरकारी शिक्षक के रूप में मिलने वाली सुविधाएं
एक सरकारी शिक्षक के रूप में आपको केंद्र या राज्य सरकार से स्थायी नियुक्ति, उच्च वेतन और नियमित भत्ते मिलते हैं। इसके साथ ही उन्हें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA), चिकित्सा सुविधा, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।
FAQs
सरकारी शिक्षक बनने के लिए NCTE के अनुसार D.El.Ed, B.El.Ed, या B.Ed जैसे शिक्षण कोर्स करने के साथ CTET या STET परीक्षा पास करना आवश्यक है।
सरकारी शिक्षक बनने के लिए आपकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु सामान्य वर्ग के लिए 40 वर्ष होनी चाहिए।
कक्षा 1 से 5 तक के सरकारी शिक्षक बनने के लिए आपको 12वीं पास के बाद D.El.Ed या B.El.Ed कोर्स पूरा करना और CTET या STET परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है।
सरकारी शिक्षक बनने के लिए D.El.Ed (दो वर्ष), B.El.Ed (चार वर्ष) और B.Ed आमतौर पर दो साल का कोर्स होता है।
TGT टीचर बनने के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री और B.Ed कोर्स पूरा करना होता है। फिर संबंधित राज्य या केंद्रीय CTET या STET परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। इसके बाद आप संबंधित भर्ती बोर्ड की परीक्षा पास करके टीजीटी टीचर बन सकते हैं।
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हमें आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको भारत में सरकारी शिक्षक बनने की प्रक्रिया की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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