आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा (DAMS) कोर्स विवरण: योग्यता, सिलेबस, जॉब ऑप्शन

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DAMS कोर्स डिटेल्स

DAMS (Diploma in Ayurveda Medical Science) एक डिप्लोमा कोर्स है जिसकी अवधि आमतौर पर 2 वर्ष (24 महीने) होती है। यह कोर्स किसी केंद्रीय सरकारी संस्था द्वारा विनियमित नहीं किया जाता, इसलिए अलग-अलग प्राइवेट इंस्टिट्यूट अपने सिलेबस और ट्रेनिंग स्ट्रक्चर के अनुसार इसकी अवधि 1 से 3 वर्ष तक रख सकते हैं।

यह डिप्लोमा कोर्स आयुर्वेद के मूल सिद्धांत, इलाज के तरीकों और उपचार पद्धतियों के बारे में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों नॉलेज देता है। इसमें आपको आयुर्वेद का बेसिक ज्ञान दिया जाता है जिसमें हर्बल दवाओं, पंचकर्म उपचार, सही आहार-पोषण और शरीर की बनावट (एनाटॉमी), आम बीमारियों की पहचान, आयुर्वेदिक उपचार के तरीके, दवा बनाने की मूल प्रक्रिया, शरीर की प्रकृति (वात-पित्त-कफ) और रोगों की रोकथाम के बारे में पढ़ाया जाता है।

इस लेख में DAMS कोर्स डिटेल्स बताई गई हैं जिसमें योग्यता, सिलेबस, आगे पढ़ाई के लिए कोर्स, जॉब ऑप्शन और रोजगार क्षेत्र शामिल हैं।

कोर्स का नामआयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा (DAMS)
कोर्स अवधि1-3 वर्ष
एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया10वीं – 12वीं साइंस स्ट्रीम (बायोलॉजी के साथ) 
प्रवेश प्रक्रियायोग्यता आधारित
प्रमुख जॉब प्रोफाइलआयुर्वेदिक हेल्थ असिस्टेंट, आयुर्वेदिक क्लिनिक असिस्टेंट, पंचकर्म थेरेपी असिस्टेंट, हर्बल मेडिसिन असिस्टेंट, आयुर्वेदिक फार्मेसी असिस्टेंट
प्रमुख रोजगार क्षेत्रआयुर्वेदिक अस्पताल, आयुर्वेदिक क्लिनिक, पंचकर्म केंद्र, हर्बल दवा कंपनियाँ, आयुर्वेदिक फार्मेसी और वेलनेस सेंटर
आगे पढ़ाई करने के लिए कोर्स के विकल्पबैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS), B.Sc नर्सिंग, बैचलर ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेस (BNYS), पंचकर्म में डिप्लोमा, योग और नेचुरोपैथी में डिप्लोमा

DAMS कोर्स करने के फायदे

DAMS कोर्स करने के कुछ फायदे नीचे बताए गए हैं:

  • आजकल लोग प्राकृतिक और जड़ी-बूटी से होने वाले इलाज को ज्यादा पसंद करने लगे हैं, इसलिए आयुर्वेद के क्षेत्र में काम करने वालों की मांग भी बढ़ रही है। अगर आप हेल्थ और आयुर्वेद के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो DAMS कोर्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
  • DAMS कोर्स करने के बाद आप आयुर्वेदिक क्लिनिक, पंचकर्म सेंटर, आयुर्वेदिक हॉस्पिटल या हेल्थकेयर इंस्टिट्यूट में काम कर सकते हैं।
  • DAMS कोर्स में जो भी पढ़ाया जाता है वह आपको अच्छी नॉलेज देता है जिसे समझकर आप लोगों को नेचुरल तरीके से स्वस्थ रहने के बारे में सही सलाह दे सकते हैं।

DAMS कोर्स करने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए कुछ एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करना होता है। हालांकि कुछ सटीक शर्तें कॉलेज या यूनिवर्सिटी के अनुसार भिन्न हो सकती है। लेकिन यह सामान्य एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया है जिसे आपको पूरा करना ही होता है:

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम योग्यता 10वीं पास है, लेकिन कई इंस्टिट्यूट 12वीं साइंस स्ट्रीम (बायोलॉजी विषय के साथ) के छात्रों को मौका देते हैं। 
  • न्यूनतम अंक 50% या इससे अधिक हो सकता है। यह क्राइटेरिया कॉलेज के आधार पर भिन्न हो सकता है। चूँकि कॉलेज 10+12 के अंकों के आधार पर सीधे एडमिशन देते है तो लोकप्रिय कॉलेज में एडमिशन के लिए अधिक अंक होना उपयोगी होगा।

DAMS कोर्स का सिलेबस

DAMS कोर्स का सिलेबस कॉलेज या यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन कुछ टॉपिक्स सभी में समान होते हैं। नीचे दिया गया सेमेस्टर वाइज सिलेबस राष्ट्रीय पैरामेडिकल और व्यवसायिक शिक्षा परिषद (नई दिल्ली) पर उपलब्ध है।

सेमेस्टर 1
आयुर्वेद का परिचय (Introduction to Ayurveda)शरीर की संरचना और शरीर कैसे काम करता है (Anatomy & Physiology)
रोगों की पहचान और समझ (Roga Vinischaya)आयुर्वेदिक इलाज के तरीके (Treatment of Ayurveda)
आयुर्वेदिक देखभाल और मरीज की सेवा (Ayurvedic Nursing)
सेमेस्टर 2
संस्कृत की बुनियादी जानकारी (Introduction to Sanskrit)आयुर्वेद का इतिहास (Ayurvedic Itihaasa)
रोग की पहचान के मूल सिद्धांत (Basics of Roganidana)आयुर्वेदिक दवाएं बनाने की मूल जानकारी (Basics of Bhaisajya Kalpana)
प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की जानकारी (Basic of First Aid)
सेमेस्टर 3
आयुर्वेद के मुख्य सिद्धांत (Principles of Ayurveda)औषधीय जड़ी-बूटियों के गुण और उपयोग (Basics of Dravya Guna)
आयुर्वेदिक दवाओं की थ्योरी (Ayurveda Medicines Theory)आयुर्वेद में डायबिटीज की देखभाल (Diabetic Care in Ayurveda)
सेमेस्टर 4
आयुर्वेद की बुनियादी जानकारी (Basics of Ayurveda)आयुर्वेदिक दवाएं और उनका उपयोग (Ayurvedic Drugs)
जड़ी-बूटियों के गुण और आयुर्वेदिक रसायन शास्त्र (Dravya Guna and Rasa Shastram)आयुर्वेदिक उपचार का सामान्य परिचय (Chikitsa ka Samanya Parichaya)

DAMS कोर्स के लिए कॉलेज और फीस

DAMS (डिप्लोमा इन आयुर्वेद मेडिकल साइंस) कई संस्थानों द्वारा ऑफर किया जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह कोर्स CCIM (सेंट्रल कॉउन्सिल ऑफ़ इंडियन मेडिसिन) से मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए इसे BAMS के समकक्ष नहीं माना जाता।

DAMS कोर्स दो अलग-अलग नामों से ऑफर किया जाता है जिन्हें छात्र अक्सर एक ही समझ लेते हैं – डिप्लोमा इन आयुर्वेद मेडिकल साइंस और डिप्लोमा इन आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी।

रिसर्च के अनुसार राष्ट्रीय पैरामेडिकल और व्यवसायिक शिक्षा परिषद, नई दिल्ली 2 वर्ष की अवधि के लिए डिप्लोमा इन आयुर्वेद मेडिकल साइंस कोर्स ऑफर करता है, जिसकी कोर्स फीस INR 44,000 और कुल फीस INR 51,750 है।

इसके अलावा कुछ संस्थान डिप्लोमा इन आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (DAMS) ऑफर करते हैं:

कॉलेज/इंस्टिट्यूटअवधिफीस
संध्या रमन आधार फाउंडेशन, दिल्ली2 वर्षINR 45,000
भारत पैरामेडिकल कॉउन्सिल ऑफ़ हेल्थ क्योर, छत्तीसगढ़3 वर्ष (10वीं पास के बाद)INR 31,000

ध्यान दें: किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता जरूर वेरीफाई करें।

DAMS कोर्स के लिए एडमिशन प्रोसेस और डाक्यूमेंट्स

चूँकि ज्यादातर कॉलेज में एडमिशन बिना प्रवेश परीक्षा के होता है इसलिए इसका एडमिशन प्रोसेस आसान है। ज्यादातर इंस्टिट्यूटों में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर या सीधे आवेदन के माध्यम से दिया जाता है। इस कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया अलग-अलग इंस्टिट्यूटों में थोड़ी भिन्न हो सकती है। आमतौर पर आप इस कोर्स में ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से एडमिशन ले सकते हैं। 

आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य प्रोसेस और एडमिशन में आवश्यक डाक्यूमेंट्स नीचे बताए गए हैं:

  • आवेदन फॉर्म भरें (ऑनलाइन या ऑफलाइन): सबसे पहले आपको उस कॉलेज या इंस्टिट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होता है। अगर कॉलेज ऑफलाइन एडमिशन की सुविधा देता है, तो आप सीधे कॉलेज जाकर भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
  • चयन प्रक्रिया पूरी करें: आवेदन करने के बाद कई कॉलेज 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी करते हैं। कुछ प्रतिष्ठित इंस्टिट्यूट एडमिशन से पहले इंटरव्यू या स्क्रीनिंग टेस्ट भी ले सकते हैं।
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करवाएं: जब आपका चयन हो जाता है, तो आपको अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स कॉलेज में जमा करने होते हैं। इसके बाद इंस्टिट्यूट द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाता है।
  • फीस जमा करके सीट कन्फर्म करें: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आपको निर्धारित समय के भीतर एडमिशन फीस जमा करनी होती है। फीस जमा करते ही आपकी सीट कन्फर्म हो जाती है और आप कोर्स शुरू कर सकते हैं।

DAMS कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स

  • 10वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
  • माइग्रेशन सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)
  • कैटेगरी सर्टिफिकेट (SC/ST/OBC), यदि लागू हो

ध्यान रखें कि अलग-अलग कॉलेजों में डॉक्यूमेंट्स की सूची थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए एडमिशन से पहले संबंधित इंस्टिट्यूट की ऑफिशियल जानकारी जरूर जांच लें।

DAMS कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और रोजगार क्षेत्र

DAMS कोर्स करने के बाद आपको आयुर्वेदिक क्लिनिक, पंचकर्म सेंटर, आयुर्वेदिक फार्मेसी, हेल्थकेयर सेंटर और आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनियों में काम करने के अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा आप आयुर्वेद से जुड़े वेलनेस सेंटर या छोटे क्लिनिक के साथ भी काम करना शुरू कर सकते हैं।

जॉब प्रोफाइल

DAMS कोर्स पूरा करने के बाद आप निम्नलिखित जॉब प्रोफाइल में काम कर सकते हैं:

  • आयुर्वेदिक असिस्टेंट
  • आयुर्वेदिक क्लिनिक असिस्टेंट
  • पंचकर्म असिस्टेंट
  • आयुर्वेदिक फार्मेसी असिस्टेंट
  • हेल्थकेयर असिस्टेंट
  • आयुर्वेदिक प्रोडक्ट सेल्स एग्जीक्यूटिव

यह भी पढ़ें : आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें?

DAMS कोर्स के बाद कौनसा कोर्स करना चाहिए?

DAMS (Diploma in Ayurveda Medical Science) कोर्स के बाद आयुर्वेद और हेल्थकेयर क्षेत्र में कुछ ऐसे कोर्स हैं जिन्हें आप कर सकते हैं और यह आपके करियर के अवसर भी बढ़ा सकते हैं। 

  • बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS)
  • बीएससी नर्सिंग
  • आयुर्वेद या हर्बल साइंस में बीएससी
  • पंचकर्म थेरपी में डिप्लोमा
  • आयुर्वेदिक फार्मेसी में डिप्लोमा
  • बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS)
  • योग में डिप्लोमा

FAQs

आयुर्वेदिक डिप्लोमा कितने साल का होता है?

आमतौर पर आयुर्वेदिक डिप्लोमा 1 वर्ष – 3 वर्ष का होता है। कोर्स की अवधि सिलेबस, मोड और कॉलेज पर निर्भर करती है।

आयुर्वेद में डिप्लोमा कैसे करें?

आयुर्वेद में डिप्लोमा करने के लिए सबसे पहले आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास करनी होती है। इसके बाद आप ऐसे कॉलेज या संस्थान की तलाश कर सकते हैं जहाँ आयुर्वेद से जुड़े डिप्लोमा कोर्स, जैसे आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा या पंचकर्म से संबंधित डिप्लोमा उपलब्ध हों।

कॉलेज चुनने के बाद आपको संबंधित संस्थान की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है या सीधे कॉलेज जाकर ऑफलाइन फॉर्म भर सकते हैं। कई संस्थानों में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर दिया जाता है, जबकि कुछ कॉलेज इंटरव्यू या अपनी चयन प्रक्रिया भी रख सकते हैं।

क्या DAMS कोर्स के बाद खुद का क्लिनिक खोल सकते हैं?

नहीं, सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा करके आप खुद का क्लिनिक नहीं खोल सकते हैं। इसके लिए मेडिकल प्रैक्टिस से जुड़े नियमों और संबंधित राज्य के कानूनों को समझना और फॉलो करना जरूरी होता है। वैलिड लाइसेंस की जरूरत पड़ती है और BAMS जैसी मान्यता प्राप्त डिग्री जरूरी मानी जाती है।

क्या DAMS कोर्स करने के लिए NEET जरूरी है?

नहीं, DAMS (आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा) कोर्स करने के लिए नीट जरूरी नहीं है, इसमें एडमिशन आमतौर पर 12वीं के अंकों के आधार पर होता है।

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उम्मीद है, आप यहां DAMS (आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में डिप्लोमा) कोर्स के बारे में आवश्यक जानकारी जान पाएं होंगे। ऐसे ही अन्य कोर्स डिटेल्स वाले ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बनें रहें।

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