भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर कैसे बनें? योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और सैलरी

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अगर आप भारतीय सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं, तो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के अलावा भी कई अन्य मार्ग हैं, जिनके माध्यम से आप भारतीय सेना में अधिकारी बन सकते हैं। वहीं, आज बहुत से युवाओं को यह स्पष्ट जानकारी नहीं होती कि सेना में अधिकारी बनने के लिए कौन सी परीक्षाएं देनी होती हैं। इस लेख में आप भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बनने की प्रक्रिया के बारे में जानेंगे। 

This Blog Includes:
  1. भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बनने के पात्रता मानदंड
  2. 12वीं के बाद आर्मी ऑफिसर कैसे बनें? 
    1. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के द्वारा भर्ती  
    2. कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के द्वारा भर्ती  
    3. आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) के द्वारा ऑफिसर भर्ती 
    4. टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) के द्वारा भर्ती 
  3. ग्रेजुएशन के बाद आर्मी ऑफिसर कैसे बनें? 
    1. कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के द्वारा भर्ती 
    2. शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (SSC) के द्वारा भर्ती  
    3. टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC) के द्वारा भर्ती  
    4. यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम (UES) के द्वारा भर्ती
    5. जज एडवोकेट जनरल (JAG) के द्वारा भर्ती
  4. भारतीय सेना में पदानुक्रम सैलरी 
  5. भारतीय सेना में मिलने वाली सुविधाएं
  6. FAQs 

भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बनने के पात्रता मानदंड

भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बनने के लिए कुछ निर्धारित पात्रता मानदंड होते हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है, जैसे:

प्रवेश राष्ट्रीय रक्षा अकादमीकंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS)टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES)शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (SSC)जज एडवोकेट जनरल (JAG)
प्रवेश भर्ती प्रबंधनसंघ लोक सेवा आयोग (UPSC)संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)भारतीय सेनाशॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (SSC)भारतीय सेना के भर्ती महानिदेशालय
जेंडरपुरुष व महिला पुरुष व महिला पुरुषपुरुष और महिलापुरुष और महिला
कमीशन का प्रकारस्थायी स्थायी स्थायीस्थायी (अधिकतम 14 वर्ष)शॉर्ट सर्विस कमीशन
नागरिकता भारतीय भारतीय भारतीयभारतीयभारतीय
वैवाहिक स्थितिअविवाहितअविवाहितअविवाहितअविवाहितअविवाहित
शैक्षणिक योग्यता12वीं साइंस (PCM)स्नातक 12वीं साइंस (PCM) व JEE Mains स्कोर बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) या बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech)न्यूनतम 55% अंकों के साथ LLB डिग्री 
आयु सीमा 16.5 से 19.5 वर्ष16.5 से 19.5 वर्ष16.5 से 19.5 वर्ष20 से 27 वर्ष21 से 27 वर्ष
प्रशिक्षण निर्धारितराष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA)भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) या ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नईकॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (CME), पुणे

मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (MCEME), सिकंदराबाद

मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (MCTE), महू
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नईऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नई
भर्ती विज्ञापन जारी करने वालासंघ लोक सेवा आयोग (UPSC)संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES)शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (SSC)भारतीय सेना के भर्ती महानिदेशालय 

12वीं के बाद आर्मी ऑफिसर कैसे बनें? 

आप 12वीं के बाद आप इन प्रमुख माध्यमों से भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बन सकते है:

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के द्वारा भर्ती  

अगर आपने भारत के मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय के साथ पास कर ली है, तो आप राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से भारतीय सेना में शामिल हो सकते हैं।

बशर्ते आपकी आयु  16.5 से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए। NDA में प्रवेश के लिए ‘संघ लोक सेवा आयोग’ (UPSC) द्वारा वर्ष में दो बार प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। इसके जरिए आप भारतीय सेना के अलावा वायु सेना और नौसेना में भी भर्ती हो सकते हैं।

NDA चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और ‘सर्विस सिलेक्शन बोर्ड इंटरव्यू’ शामिल होता है। इसमें लिखित परीक्षा 900 अंकों की होती है। इसके बाद आपको 3 वर्ष तक पुणे स्थित NDA में पढ़ाई और सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। फिर 1 वर्ष के लिए ‘भारतीय सैन्य अकादमी’ (IMA) या ‘ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी’ (OTA), चेन्नई में प्रशिक्षण होता है। प्रशिक्षण पूरा होने पर आपको लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया जाता है।

कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के द्वारा भर्ती  

अगर आपने ग्रेजुएशन पूरी कर ली हैं, तो आप कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के माध्यम से भारतीय सेना में ऑफिसर बन सकते हैं। इसमें भी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के द्वारा वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित की जाती है।

CDS में लिखित परीक्षा, SSB इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के माध्यम से अधिकारियों का चयन किया जाता है। वहीं, चयन होने के बाद ‘भारतीय सैन्य अकादमी’ (IMA) या ‘ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी’ (OTA), चेन्नई में अनिवार्य प्रशिक्षण के बाद ऑफिसर के रूप में आपकी नियुक्ति होती है। सीडीएस के माध्यम से आपको भारतीय सेना में स्थायी कमीशन या शॉर्ट सर्विस कमीशन दोनों मिल सकते हैं। 

आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) के द्वारा ऑफिसर भर्ती 

यदि आप पहले से ही भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो आप लिखित परीक्षा, SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के माध्यम से ऑफिसर बन सकते हैं। आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) भारतीय सेना की एक प्रमुख प्रशिक्षण अकादमी है, जो सेवारत सैनिकों (सेना, नौसेना, वायु सेना) को अधिकारी बनने का अवसर देती है।

फाइनल चयन होने के बाद आपको आर्मी कैडेट कॉलेज में 3 वर्ष की ट्रेनिंग और 1 वर्ष भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद आपकी भारतीय सेना में ऑफिसर के रूप में नियुक्ति होती है। 

टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) के द्वारा भर्ती 

TES एक विशेष योजना है, जिसके माध्यम से आपको बिना किसी परीक्षा के सीधे भारतीय सेना में ऑफिसर बनने का अवसर मिलता है। यह योजना विशेष रूप से उन कैंडिडेट्स के लिए है जिन्होंने कक्षा 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स (PCM) विषयों में न्यूनतम 60% अंकों के साथ पास की है। इसके अलावा आपके पास JEE Mains का वैलिड स्कोर होना चाहिए। वहीं आपकी आयु 16.5 वर्ष से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

इसमें आपको 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाता है। फिर शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को सेवा चयन बोर्ड (SSB) के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यह इंटरव्यू की प्रक्रिया 5 दिनों तक चलती है। इसमें आपकी मानसिक और शारीरिक क्षमताओं का गहन मूल्यांकन किया जाता है। SSB इंटरव्यू के इन चरणों में स्क्रीनिंग टेस्ट, साइकोलॉजिकल टेस्ट, ग्रुप टेस्ट, व्यक्तिगत इंटरव्यू, कांफ्रेंस और मेडिकल एग्जामिनेशन के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।

फिर आपको भारतीय सेना की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), गयाजी में भेजा जाता है। यहां एक वर्ष की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद उन्हें भारतीय सेना के तकनीकी संस्थानों में इंजीनियरिंग की तीन वर्ष की ट्रेनिंग दी जाती है। ये संस्थान हैं, कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (CME), पुणे, मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (MCEME), सिकंदराबाद, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (MCTE), महू। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको इंजीनियरिंग की डिग्री दी जाती है और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया जाता है। 

ग्रेजुएशन के बाद आर्मी ऑफिसर कैसे बनें? 

ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद आप भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में इन माध्यमों से शामिल हो सकते हैं:

कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के द्वारा भर्ती 

कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) एक स्नातक स्तर की परीक्षा है, जिसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) वर्ष में दो बार आयोजित करता है। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आपके पास संबंधित क्षेत्र में स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। CDS चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, SSB इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षण शामिल होते हैं।

वहीं, फाइनल सिलेक्शन होने के बाद आपको भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून तथा ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके बाद आपकी ऑफिसर के रूप में नियुक्ति होती है। आपको बता दें कि CDS के माध्यम से स्थायी कमीशन और शॉर्ट सर्विस कमीशन दोनों प्राप्त किए जा सकते हैं।

शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (SSC) के द्वारा भर्ती  

यदि आप भारतीय सेना में कुछ वर्षों तक सेवा देना चाहते हैं, तो शॉर्ट-सर्विस कमीशन (SSC) आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके तहत एक अधिकारी 10 से 14 वर्षों की सीमित अवधि के लिए अपनी सेवाएं देते हैं। यह सेवा पुरुष और महिला दोनों के लिए है, जिसमें 10 वर्ष की प्रारंभिक अवधि के बाद 4 वर्ष तक का एक्सटेंशन मिल सकता है। इसमें बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) या बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) के कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं। 


हालांकि इस सर्विस के लिए आपकी आयु 20 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं चयन प्रक्रिया SSB परीक्षा, मेडिकल राउंड और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के माध्यम से होता है। इसमें चयनित कैंडिडेट्स डायरेक्ट ऑफिसर बनते हैं। 

टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC) के द्वारा भर्ती  

इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद आप भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बनने के लिए ‘टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स’ (TGC) का ऑप्शन चुन सकते हैं। बता दें कि TGC भारतीय सेना द्वारा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए आयोजित एक विशेष एंट्री है, जिसके माध्यम से अविवाहित पुरुष उम्मीदवार बिना लिखित परीक्षा के सीधे SSB इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षण के जरिए परमानेंट कमीशन ऑफिसर बन सकते हैं।

यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम (UES) के द्वारा भर्ती

यदि आप इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में हैं और भारतीय सेना में ऑफिसर बनने की चाह रखते हैं, तो ‘यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम’ (UES) के तहत शामिल हो सकते हैं। इसमें बिना लिखित परीक्षा के सीधे SSB इंटरव्यू के माध्यम से स्थायी या शॉर्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर बनने का अवसर मिलता है।

जज एडवोकेट जनरल (JAG) के द्वारा भर्ती

जज एडवोकेट जनरल (JAG) एंट्री भारतीय सेना की एक विशेष भर्ती प्रक्रिया है। इसके माध्यम से लॉ ग्रेजुएट्स बिना लिखित परीक्षा के सीधे SSB इंटरव्यू के जरिए शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत लेफ्टिनेंट पद पर अधिकारी बन सकते हैं। JAG एंट्री में आवेदन करने के लिए आपकी आयु 21 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) या स्टेट बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।

भारतीय सेना में पदानुक्रम सैलरी 

7वें वेतन आयोग के अनुसार, भारतीय सेना के अधिकारियों की सैलरी उनकी रैंक के आधार पर निर्धारित होती है, जिसमें प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग सैलरी रेंज तय की गई हैं, जैसे:

रैंक पे लेवल अनुमानित मासिक सैलरी सभी अलाउंस के साथ 
लेफ्टिनेंटलेवल 10 INR 1,00,000 – INR 1,25,000
कैप्टन लेवल 10B INR 1,10,000 – INR 1,40,000
मेजर लेवल 11  INR 1,25,000 – INR 1,50,000
लेफ्टिनेंट कर्नल लेवल 12 A INR 1,50,000 – INR 1,75,000
कर्नल लेवल 13 INR 1,60,000 – INR 2,00,000
ब्रिगेडियर लेवल 13 A INR 1,80,000 – INR 2,20,000
मेजर जनरल लेवल 14 INR 1,90,000 – INR 2,30,000
लेफ्टिनेंट जनरल HAG स्केल INR 2,50,000 – INR 2,75,000
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (जनरल)अपेक्स स्केल INR 3,00,000+

नोट: यह जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। 

भारतीय सेना में मिलने वाली सुविधाएं

भारतीय सेना में आपको स्थायी सैलरी के साथ ही महंगाई भत्ता (DA), ट्रेवल अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) या सरकारी आवास, इंश्योरेंस कवरेज, पेंशन (NPS), प्रोविडेंट फंड, बच्चों के लिए रियायती शिक्षा तथा मेडिकल इंश्योरेंस जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।

FAQs 

आर्मी ऑफिसर बनने के लिए क्या करना चाहिए?

आर्मी ऑफिसर बनने के लिए साइंस स्ट्रीम में 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद NDA परीक्षा या CDS एग्जामिनेशन पास करके ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी या भारतीय सैन्य अकादमी में ट्रेनिंग लेनी होती है। इसे सफलतापूर्वक कंप्लीट करने के बाद आपकी नियुक्ति भारतीय सेना में ऑफिसर के रूप में होती है। 

आर्मी ऑफिसर की नौकरी कितने साल की होती है?

भारत में आर्मी ऑफिसर की सेवा स्थायी कमीशन पर प्रमोशन के अनुसार अधिकतम 54-60 वर्ष की उम्र तक होती है, जबकि शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी आमतौर पर लगभग 10-14 वर्ष सेवा करते हैं।

आर्मी में सबसे बड़ी पोस्ट कौनसी होती है?

भारतीय सेना में सबसे उच्च रैंक फील्ड मार्शल है। 

12वीं के बाद आर्मी ऑफिसर कैसे बनें?

12वीं के बाद भारतीय सेना में ऑफिसर बनने के लिए UPSC द्वारा आयोजित NDA परीक्षा पास कर SSB इंटरव्यू और मेडिकल क्लियर करके राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लेना होता है। इसके बाद 3 वर्ष की अनिवार्य ट्रेनिंग के बाद आप कमीशन अधिकारी बनते हैं।

आर्मी ऑफिसर बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना पड़ता है?

आर्मी ऑफिसर बनने के लिए 12वीं के बाद NDA परीक्षा और ग्रेजुएशन के बाद CDS परीक्षा देनी होती है, जिनका आयोजन UPSC द्वारा वर्ष में दो बार किया जाता है। 

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हमें आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको भारतीय सेना में आर्मी ऑफिसर बनने की प्रक्रिया की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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