Anushasan ka Mahatva (अनुशासन का महत्व)

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Anushasan ka Mahatva

हर एक मनुष्य के जीवन में अनुशासन होना सबसे ज्यादा महत्व होता है।  खुशहाल जीवन जीने के लिए अनुशासन होना बहुत ही आवश्यक है , इसके बिना हम जीवन नहीं जी सकते। अनुशासन का अर्थ है कि नियमों के अनुसार जीवन यापन करना , यह मानव की प्रगति का मूल मंत्र है। चलिए जानते हैं Anushasan ka Mahatva (अनुशासन का महत्व) विस्तार से –

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अनुशासन करने से मनुष्य की सारी शक्तियां केंद्रित हो जाती है और समय भी बचता है। अगर हमारे अंदर Anushasan ka Mahatva (अनुशासन का महत्व) नहीं है तो हमारा बहुत सारा समय इधर-उधर के सोच विचार में ही नष्ट हो जाता है।

अनुशासन का अर्थ और महत्व

अनुशासन दो शब्दों से मिलकर बना है- अनु और शासन। अनु उपसर्ग है जो शासन से जुड़ा है और जिससे अनुशासन शब्द बना है। जिसका अर्थ है- किसी नियम के अधीन रहना या नियमों के शासन में रहना। हमारे जीवन के हर एक काम के लिए बेहतर अनुशासन की आवश्यकता होती है। पारिवारिक और सामाजिक जीवन में तो कहीं ज्यादा अनुशासन की आवश्यकता होती है। यदि अनुशासन का पालन नहीं किया जाए, तो जीवन पूरी तरह खत्म हो जाएंगा। वही अगर हम बात करे अपने इतिहास की तो आपको कई ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जिसमें अनुशासन की बदौलत ही किसी लक्ष्य को पाया होगा। यह एक कटु सच्चाई है कि अनुशासन के बिना सफलता नहीं हासिल की जा सकती। जिस देश के लोग अनुशासित हैं, जहां की सेना अनुशासित है, वह देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता रहेगा, वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ता रहेगा।

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विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व (Anushasan ka Mahatva in a Student’s Life)

अच्छे विद्यार्थी को हमेशा अनुशासन में रहना चाहिए। अच्छे विद्यार्थी के गुणों में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। अनुशासन का पालन करके ही एक अच्छा विद्यार्थी बना जा सकता है। अच्छे विद्यार्थी को हमेशा माता पिता , शिक्षकों , बड़ों की आज्ञाओं को हमेशा पालन करना चाहिए। जीवन को आनंदपूर्वक जीने के लिए विद्या और अनुशासन दोनों आवश्यक हैं। विद्या का अंतिम लक्ष्य है-इस जीवन को मधुर तथा सुविधापूर्ण बनाना। अनुशासन का भी यही लक्ष्य है। अनुशासन भी एक प्रकार की विद्या अपनी दिनचर्या, भजन चाल, रहन-सहन, सोच-विचार और अपने समस्त व्यवहार को व्यवस्थित करना ही अनुशासन है। विद्यार्थी के लिए अनुशासित होना परम आवश्यक है।अनुशासन का गुण बचपन में ही ग्रहण किया जाना चाहिए।विद्यालय की सारी व्यवस्था में अनुशासन और नियमों को लागू करने के पीछे यही बात है। यही कारण है कि अच्छे अनुशासित विद्यालयों के छात्र जीवन में अच्छी सफलता प्राप्त करते हैं। अतः अनुशासन जीवन के लिए परमावश्यक है तथा उसकी प्रथम पाठशाला है। 

अनुशासन विपत्ति की पाठशाला मैं सिखा जाता है …महात्मा गांधी

शिक्षा में Anushasan ka Mahatva (अनुशासन का महत्व)

अनुशासन शिक्षा में भागीदारी निभाता है। शिक्षा के किसी भी क्षेत्र में या समाज में अनुशासन का महत्व बहुत अधिक है। विद्यालय का पूरा जीवन, सामाजिक जीवन तथा हर जगह हमें अनुशासन के नियमों का पालन करना चाहिए। इससे ही हमारा जीवन सुखद बनता है और हम अपना व्यक्तित्व निखार कर सबके सामने पेश कर पाते हैं। शिक्षा में यदि हम अनुशासन का पालन करते हैं तो हमें शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास की भी प्राप्ति होती है। यदि हम पढ़ाई करते समय अनुशासन का पालन करते हैं तो हम अच्छे नंबर से उत्तीर्ण हो सकते हैं। विद्यालय में अनुशासन का पालन करने पर हम अध्यापक द्वारा पढ़ाए जाने वाला हर अध्याय अच्छे से समझ सकते हैं। 

Anushasan ka Mahatva 100 शब्द

अनुशासन का महत्व
Source: HindiHunt

हर एक मनुष्य के जीवन में अनुशासन होना बहुत ही जरूरी है, जिस व्यक्ति में अनुशासन नहीं होता वह अनुशासनहीन कहलाता है। जीवन में सफल व्यक्ति बनने के लिए अनुशासन का महत्व होना बहुत ही आवश्यक है।जो भी कार्य हम सही समय पर करते हैं और जिस ढंग से करते हैं उस पर से हमारा अनुशासन का पता चलता है। बचपन से ही बच्चों में अनुशासन होना बहुत ही जरूरी है, विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का बड़ा महत्व होता है। जीवन का मूल मंत्र अनुशासन का महत्व है। गांधीजी के जीवन में अनुशासन का महत्व बहुत ही था, वह जीवन में अपना  हर कार्य समय के साथ और दिनचर्या का कठोरता के साथ पालन करते थे।

“हम सभी को दो चीजें बर्दाश्त करनी पड़ती हैं: अनुशासन का कष्ट या पछतावे और मायूसी की पीड़ा।” – Jim Rohn

अनुशासन पर निबंध: 250 शब्द

अनुशासन होना हर मनुष्य के जीवन में बहुत ही आवश्यक है, अनुशासित व्यक्ति  के अंदर आज्ञाकारी का गुण होता है। अनुशासन पूरे जीवन में बहुत ही महत्व का होता है और साथ ही सभी  कार्य में इसकी जरूरत होना बहुत ही आवश्यक है। किसी भी प्रोजेक्ट पर गंभीरता से कार्य करने के लिए अनुशासन होना बहुत ही आवश्यक है अगर हम अपने वरिष्ठ की आज्ञा का पालन नहीं करते तो, हमें आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है और हमें असफलता प्राप्त होती है। यही वजह है कि Anushasan ka Mahatva हर मनुष्य की जिंदगी में होना जरूरी है।

जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें हमेशा अनुशासन में रहना चाहिए , अपने माता-पिता एवं शिक्षकों के आदेशों का पालन करना चाहिए। अनुशासन हमारे रोज की दिनचर्या में होना जरूरी है, सुबह जल्दी उठ कर ,पानी पीकर ,शौचालय जाना चाहिए फिर दांतों को साफ करके, नहाना चाहिए और नाश्ता करने के बाद स्कूल जाना चाहिए। साथ ही हमारे आसपास स्वच्छता और सफाई रखना बहुत ही आवश्यक है। 

अपने माता पिता को हमेशा खुश रखना चाहिए,  उन्हें कभी भी  दुखी नहीं करना चाहिए। हमें स्कूल में समय पर पहुंच जाना चाहिए और अच्छे से यूनिफॉर्म और तैयार होकर जाना चाहिए।नियम के अनुसार प्रार्थना करना चाहिए और शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना बहुत ही आवश्यक है। अपना कार्य खुद ही करना चाहिए और पाठ को अच्छे से याद रखना और लिखावट साफ सुथरी होना बहुत ही अनिवार्य है।

हमें हमेशा चौकीदार ,शिक्षक या हमसे बड़े लोगों के साथ अच्छे से बर्ताव करना चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। हमेशा सफल इंसान बनने के लिए अनुशासन होना बहुत ही जरूरी है । जिस व्यक्ति में अनुशासन है वह जीवन में कहीं सारी उपलब्धियां प्राप्त कर सकता है।

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अनुशासन का महत्व – 500 शब्द

अनुशासन दो शब्दों का मिश्रण करके बना है: अनुशासन।अनुशासन का यह अर्थ है कि अपने विकास के लिए कुछ नियम निर्धारित करना और उस नियम का रोजाना पालन करना चाहे वह नियम हमें पसंद हो या ना हो इसी को हम अनुशासन का महत्व कहते हैं। अगर हम अपने जीवन में नियम के साथ नहीं जीते या चलते तो हमारा जीवन व्यर्थ है।अनुशासन का महत्व सीखने के लिए सबसे बड़ा उदाहरण प्रकृति का है। सूरज हमेशा अपने नियमित समय पर उगता है और नियमित समय पर ही ढल जाता है , नदियां हमेशा बहती ही रहती है, गर्मी ,ठंड या बारिश का मौसम अपने नियमित समय पर आते हैं और चले जाते हैं। अगर किसी भी रूप से प्रकृति अपने काम नियमित ना करें तो मानव जाति का विनाश हो जाएगा ,  ठीक उसी तरह हमें भी अपने काम नियमित रूप से ना करे तो हमारा जीवन भी पतन हो जाएगा।मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है , जो समाज में रहता है और समाज में रहने के लिए अनुशासन का होना बहुत ही आवश्यक है। अनुशासन हमारे जीवन में सफलता की सीढ़ी है जिस पर चढ़कर या उसके सहारे हम कोई भी मंजिल को अपने जीवन में हासिल कर सकते हैं। विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का बहुत ही महत्व है क्योंकि यह वह पड़ाव है जहां वह जीवन में सब कुछ सीखते हैं, छोटू से प्यार, बड़ों का आदर, समय का पक्का ,नियम का पालन करना आदि। अनुशासन सबसे ज्यादा खेलों में अपनी भूमिका अदा करता है। अनुशासन कई लोगों के जीवन में जन्म से ही मौजूद होता है और कुछ लोगों को अपने जीवन में उत्पन्न करना पड़ता है। अनुशासन दो प्रकार का होता है : पहला जो किसी के जीवन में जबरदस्ती से  लाया जाए और लोगों पर धक्के से थोपा जाए यह बाहरी अनुशासन कहलाता है। दूसरा अनुशासन वह है जो लोगों में पहले से ही विद्यमान होता है वह आंतरिक अनुशासन कहलाता है।जब भी कोई भी मनुष्य अपना हर काम समय से करेगा और व्यवस्थित तरीके से करेगा तो सफलता अवश्य उसके कदम चूमेगी और वह अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। अनुशासन में रहने के तरीके: अपना किसी भी प्रकार के कार्य को आज ही पूरा करने का प्रयास करें कल करने के लिए ना छोड़े, रोज सही और अच्छी दिनचर्या का पालन करने का प्रयास करें, जीवन का हर एक कार्य पूरी लगन और मेहनत के साथ करें, बुरे कामों और बुरी आदतों से दूर रहे। अनुशासन के बिना मनुष्य का जीवन आधा अधूरा है, जीवन में सफलता की कुंजी अनुशासन है। अनुशासन के आधार पर हमारे जीवन का भविष्य तय होता है।अनुशासन की राह पर चलना थोड़ा मुश्किल होता है ,परंतु इस राह पर चलने के बाद मिलने वाला फल बहुत ही स्वादिष्ट और मीठा होता है।अनुशासन बहुत डोर  है जो हमें आकाश की बुलंदियों को छूने के लिए मदद करती है , जैसे डोर के बिना पतंग आसमान में उड़ नहीं सकती ठीक उसी प्रकार बिना अनुशासन के हम कभी भी जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर सकते।

कुछ प्रतिनिधि रचनाएँ

अनुशासन का महत्व रूपरेखा सहित

संकेत बिंदु-

  • प्रस्तावना 
  • विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व
  • अनुशासन का खत्म होना
  • अनुशासनहीनता के कारण एवं निवारण के उपाय
  • उपसंहार

प्रस्तावना- अनुशासन शब्द दो शब्दों के मेल से बना है, जो है ‘अनु’ तथा ‘शासन’ । अनु का अर्थ-“अनुगमन करना” तथा शासन का अर्थ- “अर्थव्यवस्था या नियम” होता है। इस प्रकार से कहा जा सकता है कि अनुशासन का अर्थ है नियम व्यवस्था का अनुसरण करना। अर्थात प्रशासनिक एवं राज सामाजिक व्यवस्था के विपरीत काम ना करना जिससे समाज में रहने वाले लोगों को कष्ट की प्राप्ति हो। पूरे ब्रह्मांड और प्रकृति का कण-कण अनुशासन से बाधित है तो मनुष्य अनुशासन बद्य क्यों नहीं रह सकता है।

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व- विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का बहुत अधिक महत्व है। विद्यार्थियों से समाज बहुत अधिक अपेक्षा रखता है क्योंकि वे देश का भविष्य है। यह न केवल स्वयं का बल्कि अपने परिवार समाज तथा राष्ट्रीय का गौरव होते हैं। विद्यार्थी जीवन में मनमाना काम करने की इच्छा सफलता प्राप्ति में रुकावट होती है। इस समय में विद्यार्जन के साथ-साथ अच्छे संस्कार अपने तथा विकसित होने पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बिना अनुशासन के विद्यार्थी जीवन सफल नहीं हो सकता है।

अनुशासन का खत्म होना- प्राचीन काल में गुरुकुल में विद्या प्राप्ति की परंपरा थी ‌‌। वहां विद्यार्थी गुरुकुल के नियम का दृढ़ता से पालन करते थे। उनकी शिक्षा और दीक्षा का प्रमुख आधार अनुशासन ही था, परंतु आज के समय में विद्यार्थी उन शिष्यों की तरह नहीं है। आज के विद्यार्थी में सहनशीलता, आज्ञाकारिता, श्रद्धा और अनुशासन की बहुत अधिक कमी है। छात्रों में अहंकार तथा निरंकुशता का भाव उत्पन्न होता जा रहा है। उनकी बातों में शिष्टता और विनम्रता दोनों भाव विलुप्त होते जा रहे हैं ‌। इसलिए आज के विद्यार्थी को अनुशासन का पालन करने की अधिक आवश्यकता है।

अनुशासनहीनता के कारण एवं निवारण के उपाय- अनुशासनहीनता का मुख्य कारण यह है कि अरुचिकर पाठ्यक्रम, पुरानी घिसी पिटी शिक्षा प्रणाली, भविष्य के प्रति अनिश्चितता, अध्यापक तथा अभिभावक का विद्यार्थी के प्रति व्यवहार। यदि हमें इस समस्या से निपटना है तो हमें इन कारणों को गहनता से समझने की आवश्यकता है। ताकि विद्यार्थियों या बच्चों में अध्यापक और अभिभावक के प्रति आदर भाव उत्पन्न हो सके। इसके अतिरिक्त शिक्षा प्रणाली को रुचिकर बनाने की आवश्यकता है। विद्यार्थी के साथ-साथ अध्यापक तथा उनके माता-पिता को भी अनुशासन को अपनाने की आवश्यकता है।

उपसंहार- आज का विद्यार्थी या बच्चे अपने भविष्य के प्रति जागरूक हैं। बस यह आवश्यक है कि वहां अपने मनमानी इच्छा को नियंत्रण में रखें यदि वह ऐसा करता है तो वह समाज में, परिवार में तथा और लोगों के बीच एक अच्छी छवि छोड़ता है।

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अनुशासन के लाभ

अनुशासन के कई लाभ हैं। कुछ  मुख्य अनुशासन के लाभ निम्नलिखित हैं-

  • अनुशासन हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है।
  • इससे हम तनाव मुक्त रहते हैं।
  • इससे हमें समय के महत्व का पता चलता है जिससे हम अपने समय को सही तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • अनुशासन में रहने पर हम अपने साथ-साथ अपने समाज का भी विकास करते हैं।
  • अनुशासन में रहने पर हमें खुशहाली की प्राप्ति होती है।
  • यदि हम अनुशासन में रहते हैं तो हमें देखने वाले लोगों में भी अनुशासन अपनाने की इच्छा होती है।
  • अनुशासन में रहने पर हमें शिक्षा की सही प्राप्ति होती है।
  • अनुशासन से हमें उज्जवल भविष्य की प्राप्ति होती है।

आशा करते हैं कि आपको Anushasan ka Mahatva ब्लॉग अच्छा लगा हो जितना हो सके अपने दोस्तों और बाकी सब को शेयर करें ,ताकि उन सभी के जीवन में Anushasan ka Mahatva समझे और अपने जीवन में आगे प्रगति कर सकें ।हमारे  Leverage Edu में आपको इसी प्रकार के ब्लॉग मिलेंगे और आपको किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए होगी तो हमारे विशेषज्ञों आपकी सहायता भी करेंगे।

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