12वीं के बाद किए जाने वाले प्रमुख बैंकिंग कोर्सेस की लिस्ट

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12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स

आज के दौर में बैंकिंग न केवल पैसों के लेन-देन तक सीमित है, बल्कि यह एक ऐसा क्षेत्र बन चुका है, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ युवाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर भी प्रदान करता है। देखा जाए तो बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसर मौजूद हैं, लेकिन इसमें चयन प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल और अनुभव पर निर्भर करता है। ऐसे में 12वीं के बाद बैंकिंग क्षेत्र एक संभावित विकल्प हो सकता है, खासकर उन छात्रों के लिए जिनकी रुचि फाइनेंस, अकाउंटिंग या सरकारी नौकरियों में है।

यदि आप बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने पर विचार कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए उपयोगी हो सकता है। इस लेख के माध्यम से आप 12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स चुनकर आप इस क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर समझ सकते हैं, जो आपकी रणनीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

This Blog Includes:
  1. 12वीं के बाद टॉप बैंकिंग कोर्सेस के विकल्प
    1. स्ट्रीम के अनुसार टॉप बैंकिंग कोर्सेस
    2. कॉमर्स के स्टूडेंट्स के लिए कोर्स
    3. गणित के बिना कॉमर्स की स्ट्रीम के लिए कोर्स
    4. साइंस स्ट्रीम स्टूडेंट्स के लिए कोर्स
    5. आर्ट्स स्ट्रीम स्टूडेंट्स के लिए कोर्स
  2. 12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स
    1. सर्टिफिकेट के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस
    2. डिप्लोमा के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस 
    3. डिग्री के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस
    4. ऑनलाइन बैंकिंग कोर्सेस
  3. बैंकिंग कोर्स की अवधि और फीस
  4. बैंकिंग कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
  5. 12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स चुनने में होने वाली आम परेशानियां
  6. सही बैंकिंग कोर्स चुनने के लिए सुझाव
  7. बैंकिंग कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शंस और सैलरी
  8. FAQs

12वीं के बाद टॉप बैंकिंग कोर्सेस के विकल्प

RBI और उद्योग रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर में डिजिटल सेवाओं के बढ़ने के कारण रोजगार के अवसर बढ़े हैं। 12वीं के बाद बैंकिंग क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए छात्रों के पास डिप्लोमा कोर्सेस, सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स और अंडरग्रेजुएट डिग्री विकल्प मौजूद होते हैं। अधिकांश अंडरग्रेजुएट कोर्स में किसी भी स्ट्रीम के छात्र आवेदन कर सकते हैं, लेकिन B.Com, BBA Finance जैसे कोर्स में कॉमर्स या मैथ्स बैकग्राउंड को प्राथमिकता दी जाती है।

इन कोर्सेस में प्रवेश के लिए किसी विशेष विषय की बाध्यता या अनिवार्यता नहीं होती, लेकिन यदि छात्र ने 12वीं वाणिज्य संकाय से की है, तो उसे अकाउंटिंग, बिजनेस स्टडीज और इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में पहले से समझ होने के कारण लाभ मिलता है। 12वीं के बाद टॉप बैंकिंग कोर्सेस के विकल्प इस प्रकार हैं –

  • स्ट्रीम के अनुसार टॉप बैंकिंग कोर्सेस
  • डिग्री के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस
  • ऑनलाइन बैंकिंग कोर्सेस

स्ट्रीम के अनुसार टॉप बैंकिंग कोर्सेस

स्टूडेंट्स अपनी स्ट्रीम के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस करके भी इस क्षेत्र में अपने बेहतर भविष्य की आधारशिला रख सकते हैं। कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स तीनों स्ट्रीम के स्टूडेंट्स बैंकिंग कोर्स को कर सकते हैं, जिसकी जानकारी निम्नलिखित है –

कॉमर्स के स्टूडेंट्स के लिए कोर्स

कॉमर्स के छात्र अकाउंटिंग, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स से पहले ही परिचित होते हैं, इसलिए उनके लिए निम्नलिखित कोर्सेस बेहद लोकप्रिय हैं –

  • बीकॉम (बैंकिंग एंड फाइनेंस)
  • बीबीए इन बैंकिंग एंड फाइनेंस
  • बैचलर ऑफ बिज़नेस एंड कॉमर्स
  • बैचलर ऑफ बैंकिंग (बीबीए)
  • बैचलर ऑफ बैंकिंग और फाइनेंस (बीबीए)
  • बैचलर ऑफ बैंकिंग और इंस्युरेन्स (बीकॉम)
  • बैचलर ऑफ बैंकिंग और इंस्युरेन्स (बीकॉम ऑनर्स)
  • बैचलर ऑफ बैंकिंग और फाइनेंस (बीएससी)

यह भी पढ़ें: बीएलआईएस कोर्स: योग्यता, सिलेबस, फीस, कॉलेज और करियर स्कोप

गणित के बिना कॉमर्स की स्ट्रीम के लिए कोर्स

यदि स्टूडेंट्स गणित के बिना कॉमर्स की स्ट्रीम में हैं तो उनके लिए निम्नलिखित कोर्सेस का चयन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है-

  • बैंकिंग और वित्त में विशेष डिप्लोमा
  • बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
  • कंपनी सचिव (सीएस)
  • प्रबंधन अध्ययन में स्नातक (बीएमएस)

साइंस स्ट्रीम स्टूडेंट्स के लिए कोर्स

साइंस के छात्र यदि गणित या कंप्यूटर साइंस की पृष्ठभूमि से हैं, तो वे:

  • बैंकिंग/अकाउंटिंग में बीबीए
  • बैंकिंग और वित्त में बीए
  • बैंकिंग और वित्त में बीएससी
  • अर्थशास्त्र में स्नातक
  • वाणिज्य में स्नातक (बीकॉम)
  • फिनटेक आधारित कोर्स

आर्ट्स स्ट्रीम स्टूडेंट्स के लिए कोर्स

आर्ट्स के छात्रों के लिए भी बैंकिंग क्षेत्र में उज्जवल अवसर मौजूद हैं। 12वीं में आर्ट्स स्ट्रीम से पढ़ने वाले स्टूडेंट्स निम्नलिखित कोर्स कर सकते हैं –

  • बैंकिंग और वित्त में बीए
  • बैंकिंग में बीबीए
  • बैंकिंग में बीकॉम
  • अर्थशास्त्र में स्नातक

12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स

बैंकिंग सेक्टर में सक्सेस पाने के लिए स्टूडेंट्स को डिग्री के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस के बारे में पता होना चाहिए, जिससे वे अपने लिए सही कोर्स का चयन कर सकें। बता दें कि स्टूडेंट्स डिग्री के अनुसार बैंकिंग के लिए सर्टिफिकेट कोर्सेस, डिप्लोमा कोर्सेस और अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में से किसी का भी चयन कर सकते हैं, जो इस क्षेत्र में उनकी पहचान बनाने के लिए आवश्यक होते हैं –

सर्टिफिकेट के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस

सर्टिफिकेट कोर्सेस, स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद कम समय में बैंकिंग सेक्टर की जानकारी प्रदान करते हैं। साथ ही इसके माध्यम से स्टूडेंट्स शॉर्ट टाइम में इस फील्ड को समझने में सक्षम हो सकते हैं, इन कोर्सेस की अवधि आमतौर पर 3 से 12 महीने के बीच होती है, जो संस्थान और पाठ्यक्रम पर निर्भर करती है।

कोर्स का नामसमय अवधि
बैंकिंग और सेल्स मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट6 माह
जनरल इंश्योरेंस में सर्टिफिकेट6 माह
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में सर्टिफिकेट6 माह
एडवांस्ड सर्टिफिकेट इन बैंकिंग6 माह

डिप्लोमा के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस 

इसके लिए 12वीं के बाद कई ऐसे डिप्लोमा कोर्सेस भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनके माध्यम से स्टूडेंट्स इस फील्ड का ज्ञान अर्जित कर पाते हैं। डिप्लोमा कोर्सेस स्टूडेंट्स को बैंकिंग और फाइनेंस की बुनियादी और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करते हैं। ये आमतौर पर 6 महीने से 1 साल की अवधि के होते हैं और इन्हें किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किया जाता है।

कोर्स का नामसमय अवधि
बैंकिंग सेवाओं में डिप्लोमा1-2 साल
बैंकिंग और बीमा में डिप्लोमा1-2 साल
बैंकिंग कानून में डिप्लोमा1-2 साल
बैंकिंग और वित्त में डिप्लोमा1-2 साल
एडवांस्ड बैंकिंग और वित्त में डिप्लोमा1-2 साल

डिग्री के अनुसार बैंकिंग कोर्सेस

12वीं के बाद बैंकिंग में प्रवेश पाने के लिए कई अंडरग्रेजुएट कोर्स उपलब्ध हैं जो छात्रों की रुचि और भविष्य के लक्ष्य के अनुसार चुने जा सकते हैं। इन कोर्सों में छात्रों को बैंकिंग के मूल सिद्धांतों, अकाउंटिंग, इन्वेस्टमेंट, फाइनेंशियल प्लानिंग, इंश्योरेंस सेक्टर और आर्थिक नीतियों की गहरी जानकारी दी जाती है। कई संस्थान इन कोर्सों में इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को वास्तविक बैंकिंग माहौल का अनुभव मिलता है।

कोर्स का नामसमय अवधि
बैंकिंग और वित्त में बी.कॉम (B.Com)3 साल
अंतरराष्ट्रीय वित्त और बैंकिंग में बी.ए. (BA)3 साल
बैंकिंग में बैचलर ऑफ बिज़नेस3 साल
बैंकिंग और वित्त में बी.ए. (BA)3 साल
बैंकिंग में बीबीए (BBA)3 साल
फाइनेंस और बैंकिंग में बीबीए ऑनर्स3 साल
बैंकिंग मैनेजमेंट में बी.कॉम (B.Com)3 साल
बैंकिंग और वित्त में बैचलर ऑफ बिज़नेस3 साल

यह भी पढ़ें: MLT कोर्सेस: एडमिशन, सिलेबस, फीस, करियर स्कोप

ऑनलाइन बैंकिंग कोर्सेस

ऑनलाइन बैंकिंग कोर्सेस उन छात्रों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जो बेसिक स्किल्स या शॉर्ट-टर्म लर्निंग चाहते हैं। यह कोर्स न केवल उन्हें बैंकिंग इंडस्ट्री की बुनियादी और व्यावसायिक समझ देते हैं, बल्कि इनके माध्यम से स्टूडेंट्स डिजिटल फाइनेंस, ग्राहक सेवा, लोन प्रोसेसिंग, इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट जैसे आधुनिक विषयों में भी प्रशिक्षित हो सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग कोर्सेस इस प्रकार हैं –

  • बेसिक फाइनेंशियल अकाउंटिंग कोर्स
  • फाइनेंशियल अकाउंटिंग क्या होता है – शुरुआती कोर्स
  • फॉरेंसिक अकाउंटिंग और फ्रॉड जांच कोर्स
  • डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक का शुरुआती मास्टरक्लास
  • इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और फाइनेंशियल रेशियो समझने का पूरा कोर्स
  • बिज़नेस बैंकिंग कोर्स
  • अकाउंटिंग और फाइनेंस कोर्स
  • बिज़नेस अकाउंटिंग बेसिक्स
  • फाइनेंशियल अकाउंटिंग की बुनियाद
  • आज के समय में अकाउंटिंग कैसे होती है – अपडेटेड कोर्स

बैंकिंग कोर्स की अवधि और फीस

बैंकिंग कोर्स की अवधि और फीस की जानकारी नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं, जिससे सही कोर्स चुनने में आसानी होगी। यह फीस अनुमानित है और सरकारी/प्राइवेट संस्थानों के अनुसार बदल सकती है।

कोर्स का नामकोर्स की अवधिकोर्स की फीस (अनुमानित)
बी.कॉम इन बैंकिंग और फाइनेंस3 सालINR 50,000 – 1.5 लाख
बैचलर ऑफ बिज़नेस इन बैंकिंग3 सालINR 1 लाख – 2 लाख
फाइनेंस और बैंकिंग इन बीबीए ऑनर्स (BBA Hons)3 सालINR 1.5 लाख – 4 लाख
अंतरराष्ट्रीय वित्त और बैंकिंग इन बी.ए. (BA)3 सालINR 1 लाख – 3 लाख
बैंकिंग और फाइनेंस इन बी.ए. (BA)3 सालINR 1 लाख – 1.5 लाख
बैंकिंग मैनेजमेंट इन बी.कॉम (B.Com)3 सालINR 50 हजार – 2 लाख
सर्टिफिकेट प्रोग्राम 6 माहINR 10 हजार – 20 हजार
डिप्लोमा प्रोग्राम1 – 2 सालINR 10 हजार – 50 हजार प्रति वर्ष

बैंकिंग कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

बैंकिंग कोर्स के लिए कुछ अनिवार्य एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया नीचे दिए गए हैं, लेकिन कुछ यूनिवर्सिटी अतिरिक्त योग्यता या शर्तें भी रख सकती हैं:

  • न्यूनतम योग्यता 12वीं कक्षा (किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से) पास होनी चाहिए।
  • कुछ डिप्लोमा या अंडरग्रेजुएट बैंकिंग कोर्स के लिए कुछ संस्थानों में न्यूनतम 45-60% अंक की शर्त हो सकती है।
  • बैंकिंग के प्रोफेशनल कोर्स जैसे B.Com (Banking & Finance), BBA in Banking, या BA Economics आदि में प्रवेश के लिए 12वीं में Commerce स्ट्रीम होना लाभकारी होता है।
  • अधिकतर संस्थानों में मेरिट बेसिस पर प्रवेश होता है। हालाँकि कुछ नामी विश्वविद्यालयों में एंट्रेंस टेस्ट (जैसे IPU CET आदि) भी होते हैं।

12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स चुनने में होने वाली आम परेशानियां

12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स चुनते समय स्टूडेंट्स को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ मुख्य समस्याएं इस प्रकार हैं –

  • सही समय पर सही कोर्स की जानकारी न मिलना सबसे बड़ी चुनौती है।
  • स्कूलों और ग्रामीण इलाकों के कॉलेजों में करियर काउंसलिंग और मार्गदर्शन की कमी रहती है।
  • इंटरनेट पर कई ऑनलाइन और ऑफलाइन कोर्स उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी मान्यता और वैधता को लेकर भ्रम रहता है।
  • महंगी फीस और आर्थिक समस्याएं स्टूडेंट्स के लिए बड़ा अवरोध बनती हैं।
  • इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की पर्याप्त सुविधा न मिलना भी एक बड़ी परेशानी है।
  • प्रवेश प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़ समझने में कठिनाई आती है।
  • सीमित सीटों के कारण प्रतियोगिता का दबाव बढ़ जाता है।
  • कोर्स के बाद नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस बना रहता है।
  • कई बार परिवार का सहयोग न मिलने से सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है।
  • ऑनलाइन जानकारी में भ्रम और आत्मविश्वास की कमी से स्टूडेंट्स परेशान रहते हैं।

सही बैंकिंग कोर्स चुनने के लिए सुझाव

12वीं के बाद बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करने के लिए सही कोर्स चुनना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप निम्नलिखित सुझावों पर ध्यान दें, जो आपको कोर्स की जानकारी के साथ-साथ इस क्षेत्र के लिए आवश्यक कौशल भी बताएंगे –

  • बैंकिंग क्षेत्र में आर्थिक समझ, गणितीय क्षमता, संचार कौशल और डिजिटल साक्षरता की अहम भूमिका होती है। इसलिए अपनी रुचि और योग्यता को ध्यान में रखते हुए कोर्स का चयन करें।
  • बैंकिंग में करियर बनाने के लिए डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट डिग्री या प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स जैसे विकल्पों पर विचार करें।
  • 12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स करने का उद्देश्य स्पष्ट करें — क्या आप सरकारी बैंक में नौकरी करना चाहते हैं या प्राइवेट बैंक में करियर बनाना चाहते हैं।
  • ऐसे कोर्स को प्राथमिकता दें जो इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट जैसी सुविधाओं के साथ आते हों, ताकि आपको व्यवहारिक अनुभव और बेहतर अवसर मिल सकें।
  • डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते ट्रेंड को समझें और फिनटेक से जुड़ी स्किल्स से खुद को अपडेट करें, जिससे आप भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रह सकें।

बैंकिंग कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शंस और सैलरी

12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स करने के बाद आपके सामने कई करियर विकल्प आते हैं, जहाँ अच्छी सैलरी मिलने की संभावना रहती है। सरकारी बैंक PO की शुरुआती सैलरी INR 35,000-INR 55,000 (CTC सहित) हो सकती है, जिसमें भत्ते शामिल होते हैं। नीचे दी गई अनुमानित सैलरी (स्रोत – Payscale) की जानकारी इस क्षेत्र के विकल्पों को समझने में आपकी मदद करेगी –

संभावित करियर ऑप्शंसआरंभिक औसत सैलरी (INR)
क्लर्क, कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिवINR 15,000 – INR 25,000 प्रति माह
अकाउंटेंट, बैंक ऑफिस असिस्टेंटINR 18,000 – INR 30,000 प्रति माह
टेलर, सेल्स ऑफिसरINR 12,000 – INR 20,000 प्रति माह
रिलेशनशिप मैनेजर, क्रेडिट एनालिस्टINR 25,000 – INR 40,000 प्रति माह
सरकारी बैंक क्लर्क/पीओINR 30,000 – INR 45,000 प्रति माह

FAQs

12वीं के बाद बैंक जॉब के लिए कौन सा कोर्स बेस्ट है?

12वीं के बाद बैंक जॉब के लिए आप अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार कोर्स का चयन कर सकते हैं। सर्टिफिकेट कोर्स शुरुआती समझ के लिए उपयोगी होते हैं, लेकिन बैंकिंग में करियर के लिए आमतौर पर ग्रेजुएशन आवश्यक होता है। इसके अलावा डिप्लोमा और ऑनलाइन कोर्स भी कर सकते हैं, जो बैंकिंग क्षेत्र की बेसिक जानकारी और स्किल्स विकसित करने में मदद करते हैं।

बैंकिंग कोर्स की फीस कितनी है?

बैंकिंग कोर्स की फीस आपके द्वारा चुने गए कोर्स पर निर्भर करती है, इसमें सर्टिफिकेट से लेकर ग्रेजुएट डिग्री तक के कोर्स की फीस ₹15,000 से ₹2,00,000 के बीच ही होती है। यह फीस आपके द्वारा चुने गए इंस्टीट्यूट पर भी निर्भर करती है।

बैंकिंग कोर्स कितने साल का होता है?

बैंकिंग से जुड़े कोर्स की समय अवधि अलग‑अलग स्तर पर भिन्न-भिन्न होती है। बैंकिंग के लिए शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स 6 माह से 1 साल तक की अवधि में पूरे होते हैं। साथ ही डिप्लोमा कोर्स को 1 से 2 साल तक की अवधि में पूरा किया जा सकता है, जबकि अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स 3 से 4 साल और पोस्टग्रेजुएट डिग्री कोर्स की अवधि 1 से 2 साल की होती है।

12वीं के बाद बैंकिंग के लिए कौन सा कोर्स बेस्ट है?

12वीं के बाद बैंकिंग के लिए आप बीकॉम (बैंकिंग), बीबीए (फाइनेंस), और बैचलर इन बैंकिंग एंड इंस्युरेंस (BBI) सबसे अच्छे कोर्स माने जाते हैं। ये कोर्स बैंकिंग फंडामेंटल्स, अकॉउंटिंग और फाइनेंस कॉन्सेप्ट्स सिखाते हैं, जो आगे बैंकिंग एग्जाम और जॉब्स दोनों में मदद करते हैं।

बैंकिंग में सरकारी नौकरी कैसे मिलती है?

सरकारी बैंक में नौकरी पाने के लिए आपको कॉम्पटेटिव एग्जाम जैसे IBPS, SBI PO या Clerk परीक्षा पास करनी होती है। ये परीक्षाएं लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर चयन करती हैं और इसके लिए ग्रेजुएशन जरूरी होता है।

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हमें आशा है कि इस ब्लॉग में दी गई 12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स से जुड़ी जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अन्य कोर्स-सम्बंधित जानकारियों के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

8 comments
    1. आपका धन्यवाद, ऐसे ही हमारी वेबसाइट पर बने रहिए।

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