पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाने का सही तरीका क्या है?

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पढ़ाई के लिए समय सारणी

पढ़ने के लिए एक अच्छा टाइम टेबल हर विद्यार्थी को बनाना चाहिए। क्योंकि यह एक आसान और सबसे सस्ता उपकरण है, जो आपके पढ़ाई के समय पर नियंत्रण पाने में आपकी सहायता करता है। और आपके मूल्यवान समय को बचाता है। समय सारणी की मदद से आप सारे दिन की पढ़ाई की जगह हर रोज़ सिर्फ़ दो या तीन घंटे योजनाबद्ध तरीके से की गई पढ़ाई से ही सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल कर सकते हैं। आपको किताबी कीड़ा बनने की आवश्यकता नहीं होती है। आज हम आपको पढ़ाई के लिए समय सारिणी कैसे बनाएं इससे अवगत कराएंगे।

समय सारणी क्या होती है?

विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई से लेकर अन्य कई कार्य जैसे खेलना कूदना, मस्ती करना के लिए समय निकालना होता है। ऐसे में वें अगर समय सारणी की सहायता लेते हैं तो उनका हर कार्य सुचारू ढंग से होता है और उनकी पढ़ाई भी होती है। उन्हें पढ़ाई के लिए सारे दिन किताब लेकर बैठने की आवश्यकता नहीं होती। समय सारणी का यही अर्थ है कि वे हर कार्य के लिए एक समय तैय करता है जिसके अनुसार छात्र अपना कार्य करते हैं। पढ़ाई के लिए समय सारणी पढ़ाई के वक्त को दर्शाता है, जिस वक्त पर छात्र अधिक एकता के भाव से पढ़ाई कर सकते हैं और कम वक्त में ज्यादा याद करते हैं। 

समय सारणी कैसे बनाएं?

पढ़ाई का टाइम टेबल एक सुविधाजनक, आसान सा रास्ता है जो कि आपको अपने पढ़ने के समय पर नियंत्रण रखने में सहायता प्रदान करता है। यह आपको एक परिप्रेक्ष्य देगा कि आप जो करना चाहते हैं और आपके पास कितना समय है उसे आप एक नज़र में देख सकें। यदि आप आर्गनाइज्ड होना, तथा मोटिवेटेड महसूस करना चाहते हैं, तब अपने कार्य को अपनी पूर्ण क्षमता से करने के लिए, एक पढ़ाई की टाइम टेबल बनाने का तरीका नीचे दिया गया है-

  • अपनी जिम्मेदारियों की लिस्ट बनाइये: आपको सोच कर अपनी सारी ज़िम्मेदारियों को एक जगह लिख लेना चाहिए, ताकि उन्हें सूची में उचित स्थान मिल सके। इस बारे में टाइम टेबल भरने से पहले सोच लेने से आपको वास्तविक टाइम टेबल बनाने में बहुत सुविधा हो जाएग आपको अपनी क्लासेज, अपने काम, अपनी दिनचर्या, खेल तथा व्यायाम, और जो कुछ भी आप नियमित रूप से पढ़ने के समय में करते हैं, का ध्यान रखना होगा। लोगों के जन्मदिन और प्रमुख छुट्टियों को मत भूलिएगा। आप शायद सब कुछ एक ही समय पर नहीं सोच पाएंगे – आप उसे बाद में भी जोड़ सकते हैं।
  • क्लास/असाइनमेंट संबंधी सभी इन्फॉर्मेशन इकट्ठी कर लें: इसका शायद अर्थ यह होगा कि आप अपना पूरा पाठ्यक्रम और लेखों तथा प्रोजेक्ट्स के लिए असाइनमेंट शीट्स और शायद ऑनलाइन देख कर, कि क्या आपके क्लास के लिए वहाँ जगह है (जैसे, ब्लैकबोर्ड, या अन्य कोई पाठ्यक्रम प्रबंधन प्रणाली) सब कुछ एकत्र कर लें।
  • पढ़ने के लिए दिन के सबसे अच्छे समय चुनिये: कुछ समय यह सोचने में लगाइये कि आप अपनी सर्वश्रेष्ठ पढ़ाई कब करते हैं या कर सकते हैं। आप सुबह उठने वाले व्यक्ति हैं, या देर रात तक जागने वाले? इस विषय में अभी विचार करने से आप अपने शीर्ष पढ़ाई के घंटों में सबसे महत्त्वपूर्ण पढ़ाई का समय चुन पाएंगे।
  • ब्रेक के लिए समय निकालिए: सफलता के लिए ब्रेक अनिवार्य होते हैं। आप रोबॉट नहीं हैं इसलिए घंटों तक पढ़ाई नहीं कर सकते। अगर आप पढ़ाई से नियमित ब्रेक लेते रहेंगे, तब आप कहीं बेहतर काम कर पाएंगे। 

पढ़ाई के लिए समय सारणी में क्या हो?

पढ़ाई के लिए छात्रों के समय सारणी में क्या क्या होना चाहिए इसके बारे में नीचे बताया गया है-

  • पढ़ाई की समय सारणी में पढ़ने के लिए सर्वोत्तम समय की कॉलम तैयार करें।
  • सारणी में सभी विषय को शामिल करें जो आपके ज्ञान को बढ़ाता है।
  • अपना उद्देश्य तिथि के साथ सारणी में लिखें ताकि आप दिए गए उद्देश्य को दी गई तिथि पर पूरा करें।
  • समय के और तिथि के अनुकूल पढ़ने वाले विषय के टॉपिक को लिखें।

परीक्षा की पढ़ाई के लिए सर्वोत्तम समय सारणी

आने वाले महीने लगभग सभी स्कूल और विद्यार्थियों के लिए परीक्षा कि तैयारी व् इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों से व्यस्त रहने वाले हैं। ऐसे में बहुत से विद्यार्थी ऐसे भी होंगे जो इम्तिहान आते ही पढ़ाई को लेकर दुविधा में होंगे कि क्या पढ़ें, कहाँ से शुरू करें या कितना पढ़ें? अगर आप भी ऐसी परेशानी में है तो नीचे दिए गये टिप्स आपको एक ऐसा टाइम टेबल बनाने में मदद करेंगा जिससे आपके पढ़ाई करने का तरीका और ज़्यादा असरदार हो पाएगा:

  • सभी विषयों की उनकी प्राथमिकता के अनुसार लिस्ट बनाएं – एक असरदार समय सारणी बनाते समय आपका सबसे पहला काम होगा पढ़े जाने वाले सभी विषयों की प्राथमिकता के अनुसार उनकी एक लिस्ट तैयार करना।
  • प्रत्येक विषय में आपको क्या पढ़ना है यह जान लें – विषयों की उनकी प्राथमिकता के अनुसार सूचि तैयार करने के बाद अगला काम होगा उन विषयों के अन्दर मौजूद महत्वपूर्ण टॉपिक्स के बारे में जानना।
  • अपने स्टडी टाइम टेबल को खण्डों में विभाजित कर लें – किसी एक ही विषय को लम्बे समय तक पढ़ते रहने से ना तो सिर्फ़ बोरियत अति है बल्कि आपका मन भी पढ़ाई से हटने लगता है। इसलिए अपने टाइम टेबल को सभी महत्वपूर्ण विषयों के अनुसार खण्डों में बाँट लें ताकि सभी विषयों को पर्याप्त समय दिया जा सके।
  • हर रोज़ एक ही समय पढ़ने के लिए बैठने की कोशिश करें – टाइम टेबल बनाते समय इस बात पे ज़रूर गौर फरमायें कि टाइम टेबल की रचना कुछ इस प्रकार करें कि स्कूल से आने के बाद डेली रुटीन के अन्य कार्य ध्यान में रखते हुए आप पढ़ाई करने के लिए एक ख़ास समय निश्चित कर पाएं।
  • गैर-अकादमिक गतिविधियों को अपने टाइम टेबल में करें शामिल – लंबे समय तक पढ़ते रहने की वजह से आपका मस्तिष्क तनावग्रस्त हो सकता है. इससे आपका शारिरिक व मस्तिष्क विकास दोनों गलत तरीके से प्रभावित होते हैं। इसलिए हर स्टडी सेशन में एक ब्रेक ज़रूर लें जिसमे आप पढ़ाई के अलावा कोई ऐसे कार्य करें जिनसे शारिरिक या मानसिक थकान दूर हो सके और आपको रिफ्रेशमेंट मिल सके।
  • टाइम टेबल के अनुसार किये गये हर कार्य को मार्क जरुर करें – इसका मतलब यह है कि हर स्तर के दौरान आपने कितना पढ़ा है उसका एक छोटा सा ब्यौरा टाइम टेबल के उस स्तर के सामने ज़रूर लिखें।
  • मज़बूत व दृढ़ इरादे से अपने टाइम टेबल को फॉलो करें – जितना आसान है टाइम टेबल बनाना, उतना ही आसान है उससे पीछे हटना जो कि ज़्यादातर छात्र करते हैं. कुछ दिन अपने बनाये टाइम टेबल के अनुसार काम करने के बाद विद्यार्थी फिर से पुरानी दिनचर्या पे वापिस आ जाते हैं। लेकिन किसी भी कार्य को नियमबद्ध तरीके से किये बिना उसमें सफ़लता प्राप्त करना लगभग नामुमकिन है। इसलिए अपने अकादमिक सफ़र में विजयी होने के लिए भी विद्यार्थी को एक सही टाइम टेबल की रचना करते हुए दृढ़ इरादे से उसके अनुसार चलना होगा तभी उसकी मेहनत को सफ़लता के फ़ल लग पाएंगे।

यूपीएससी की पढ़ाई के लिए समय सारणी

समय प्रबंधन एक प्रक्रिया है सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं। IAS की तैयारी कर रहे छात्रों को बहुत कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता होती है। उन्हें बहुत व्यवस्थित तरीके से अपनी पढ़ाई और अपने जीवन को जीना होता है, जिससे उन्हें उनका लक्ष्य प्राप्त हो सके। IAS की तैयारी कर रहे प्रत्येक छात्र के पढ़ाई का अपना पैटर्न एवं संबंधित लक्ष्य होता है और उन्हें पूरा करने एवं आवश्यकता के अनुसार इस समय– सारिणी में संशोधन किया जा सकता है। हमने यह समय सारणी आपके सहायता के लिए बनाई है। आप इस समय सारणी की सहायता से अपने लिए, आपने आवश्यकता के अनुसार कुछ और सामग्रियां भी जोड़ सकते हैं। हमने आपको यह बताया है कि आप की समय सारणी लगभग ऐसी होनी चाहिए।

समय कार्य प्रासंगिकता एवं उपाय
5:00 बजे, सुबह से 6:15 बजे सुबह व्यायायाम / ध्यान/ योग व्यायायाम या तेज कदमों से टलहने जैसी हल्की– फुल्की शारीरिक गतिविधि सतर्कता और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को तेज कर सकती है। ध्यान और योग से आपके दिमाग को आराम मिलेगा, तनाव दूर होगा और यह आपके मन को आने वाले कठिन समय के लिए तैयार करेगा।
6:30 बजे सुबह से 7:30 बजे सुबह पिछले दिन पढ़े गए विषयों की पुनरावृत्ति यह पिछले दिन पढ़े गए विषयों के मूल्यांकन में मदद करेगा और साथ ही आज पढ़े जाने वाले विषयों के लिए निरंतरता बनाएगा।
7:30 बजे सुबह से 8:00 बजे सुबह अखबार पढ़ना अखबार पढ़ने से आपको राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के बारे में अपडेट होने में मदद मिलेगी। इस समय के दौरान करेंट  अफेयर्स के नोट्स बनाने की कोशिश करें।
8:00 बजे सुबह से 10:30 बजे सुबह अध्ययन सत्र  आप कोचिंग या खुद पढ़ाई कर सकते हैं लेकिन इस समय सबसे कठिन विषय की पढ़ाई करें क्योंकि सुबह के समय दिमाग अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करता है।
रात्रि 10:00 बजे से 10:30 बजे समाचार पढ़ना और नोट्स तैयार करना इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से इस समय को दिन के प्रमुख समाचार को पढ़ने में लगाएं। समाचार पर तथ्यात्मक या सूचनापरक नोट्स बनाने की कोशिश करें।
रात्रि 10:30 से 12:00 बजे तक सोने का समय

10वीं के लिए समय सारणी

दसवीं के छात्र पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाने से पहले इस बात को नोट करें कि उनके पास पूरे 24 घंटे में स्कूल, ट्यूशन, अपने पर्सनल काम और सोने में लगने वाले समय के अतिरिक्त कितना समय बचता है। अब इस समय के अनुकूल है उन्हें अपने लिए पढ़ाई का समय सारणी बनाना चाहिए। छात्रों को अब यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें कितने विषयों की पढ़ाई करनी है, कितने एक्टिविटीज करने हैं और पढ़ाई से जुड़े उनके कितने कार्य हैं। ये टाइम टेबल का जरुरी हिस्सा है। इसमें आपको जो आपके पास बचा हुआ समय है उसको इस्तेमाल करके आपको हर एक सब्जेक्ट को कितना घंटा देना है वो डिसाइड करना है। किस समय आपको होमवर्क करना है।

कितना बजे कोनसा सब्जेक्ट पढना है। ये  टाइम एलोकेशन बोहत सोच समझ के बनाना है। इसके लिए निचे कुछ टिप्स हैं। नीचे दिए गए हैं वह टिप्स-

  • कुछ सब्जेक्ट में आप ज़्यादा कमजोर भी हो सकते हैं। जिनको आपको जादा समय देना होगा।
  • अब सिलेबस को देखें, तो कुछ सब्जेक्ट का सिलेबस जादा होते हैं। उनको जादा समय दें।
  • किस विषय में आप स्ट्रॉन्ग हैं और किसमे आप वीक हैं ये भी ध्यान दें।
  • आप जिस सब्जेक्ट में कमजोर हैं उसको आप वो समय दीजिये जब आप शांत दिमाग और शांति से पढ़ाई कर सकें ।
  • आसान सब्जेक्ट को सोने से पहले या आखिर समय देने से भी चलेगा. क्यूंकि अगर आप उन सब्जेक्ट को जो आपको कठिन लगते हैं उनको रात में पढ़ेंगे तो इंटरेस्ट की कमी से आप सो भी सकते है।
  • आपको खेल कूद या योगा के लिए समय को टाइम टेबल में लिखें। खेल कूद से आपका दिमाग ताजा और तंदुरुस्त होता है।
  • समय सारणी में अपना उद्देश्य जरूर लिखे और उसे हाइलाइट करें ताकि वह आपको मोटिवेट करें।
  • हर एक सब्जेक्ट को लगातार पढने की कोसिस ना करे। 

12वीं के लिए समय सारणी

यह मुमकिन नहीं है कि सालभर किसी ने कुछ भी पढ़ाई नहीं की और 2 महीने पढ़कर 98% मार्क्स पा ले। अगर आप स्कूल में साल भर 60% मार्क्स लाते रहे हैं तो 2 महीने की रात-दिन पढ़ाई से 80 या 90% तक पहुंच सकते हैं, लेकिन 98% पाने के लिए आपको साल भर हर दिन पढ़ना पड़ेगा। सोमवार की पढ़ाई को मंगलवार पर नहीं डाल सकते क्योंकि मंगलवार की पढ़ाई भी उसमें अलग से जुड़ जाएगी और इसी तरह होम वर्क के पहाड़ बनते चले जाएंगे। इसलिए लगातार पढ़ना ही सबसे अच्छा और सरल रास्ता है। लगातार पढ़ने के लिए जरूरी है कि आप पढ़ाई की एक समय सारणी तैयार करें। टाइम टेबल बनाने के दौरान अपने समय को अच्छी तरह  से उपयोग करें। पढ़ाई से लेकर आराम करने तक और साथ ही खाने पीने का टाइम टेबल और सोने तक का टाइम टेबल  बनाएं। सबसे अहम बात यह है कि टाइम टेबल को फॉलो भी करें। आपकी सुविधा के लिए हमने एक नमुना समय सारणी बनाई है-

समय दिन कार्य
सुबह के समय में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार विद्यालय जाने से पहले छात्र अपने कुछ विषयों जैसे साइंस, इंग्लिश, सोशल साइंस की पढ़ाई करें हाथ में से किसी एक विषय को नहीं और फिर उसे पढ़े
सुबह के समय में मंगलवार, गुरुवार और शनिवार इन दिनों मैं छात्र उन विषयों को पढ़े जिसे वह ऊपर दिए गए दिन में नहीं पढ़ रहे हो
रात के समय में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार छात्र प्रैक्टिकल क्वेश्चन बना सकते हैं जैसे की मैथ के क्वेश्चन सॉल्व कर सकते हैं, फिजिक्स के क्वेश्चन सॉल्व कर सकते हैं और ऐसे ही कुछ एक्टिविटी कर सकते हैं
रात के समय में मंगलवार, गुरुवार और शनिवार जो कार्य छात्र सोमवार बुधवार और शुक्रवार को करना उसके अतिरिक्त कार्य वह इन दिनों कर सकते हैं।

FAQs

पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाना क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर – समय सारणी के होने से पढ़ाई सरल और छात्रों के लिए मनोरंजक हो जाती है। उन्हें समझ आ जाता है कि उनकी क्षमता के अनुसार उन्हें कितना और कब पढ़ना है। यही कारण है कि पढ़ाई के लिए समय सारणी का होना आवश्यक है।

पढ़ने के लिए उचित समय कौन सा है?

उत्तर – सुबह 5:00 बजे से 7:00 बजे का समय पढ़ाई करने के लिए बहुत ही अच्छा समय है क्योंकि इस समय को याद करने के लिए बहुत सही माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सुबह का समय शांति से भरा होता है और छात्र का दिमाग भी शांत और एकाग्र होता है, तो उस वक्त याद किया गया चीज लंबे समय तक याद रहता है। 

पढ़ाई की समय सारणी होने के लाभ बताइए? 

उत्तर – पढ़ाई की समय सारणी के बहुत से लाभ है, पहला तो छात्र के समय की बचत होती है। छात्र प्रभावित ढंग से अपनी पढ़ाई कर पाते हैं और कम समय में अच्छे अंक प्राप्त कर पाते हैं।

12वीं की पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाने में किन बातों का ध्यान रखें?

उत्तर – सभी सब्जेक्ट को समय देना बहुत ही जरूरी है। टाइम टेबल बनाते समय पुराने प्रश्न पत्र को सॉल्व करना ना भूले। टाइम टेबल का अच्छी तरीके से पालन करें। 

10वीं की पढ़ाई कैसे करें?

उत्तर – शुरूआत से सतर्क रहें
टाइम मैनेजमेंट
सिलेबस के हिसाब से करें तैयारी
समझें रिवीज़न का महत्व
लिखकर करें परीक्षा की तैयारी
दैनिक आहार एवं योग
भरपूर नींद लें
अनसॉल्व्ड पेपर करें सॉल्व

उम्मीद करते हैं कि आज हमने आपको पढ़ाई के लिए जो समय सारणी के महत्व को बताया है आप इससे संतुष्ट होंगे और अब आप पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाने को प्राथमिकता देंगे। विदेश में पढ़ाई करने के लिए और विश्वविद्यालयों में आवेदन करने के लिए आप Leverage Edu के विशेषज्ञों से 1800 57 2000 पर संपर्क कर 30 मिनट का वक्त सेशन बुक कर सकते हैं।

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