ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध : एक सुनहरे कल की शुरुआत

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शिक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षा एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है सीखना या सिखाना होता है। शिक्षा हम किसी भी माध्यम के द्वारा ग्रहण कर सकते है। शिक्षा मनुष्य को बौद्धिक रूप से तैयार करती है। वैसे ही आज के आधुनिक युग में शिक्षा प्राप्त करने का एक सरल तरीका है ऑनलाइन शिक्षा। आधुनिक समय में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली एक वरदान की तरह है। जिसने किसी कारण वश शिक्षा ग्रहण नहीं की वो ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली से नए आयाम हसिल कर सकता है। यह निबंध लिखने का महत्वपूर्ण विषय है। आइए देखते हैं ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध क्या है।

ऑनलाइन शिक्षा क्या है?

जैसे कि हम पारंपरिक रूप से गुरुकुल या कक्षा में जाते हैं और उनके शिक्षक के सामने बैठकर उनका ज्ञान प्राप्त करते हैं। लेकिन ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली में इसे शिक्षा का नवीनतम रूप माना जाता है, हम अपने शिक्षक से इंटरनेट से मिलते हैं और लैपटॉप या सेलफोन के माध्यम से उनसे मिलते हैं और अपना ज्ञान प्राप्त करते हैं।

वर्ष 1993 से ऑनलाइन शिक्षा को वैध शिक्षा माध्यम के रूप में भी स्वीकार किया गया है। जिन्हें प्रयुक्त भाषा में दूरस्थ शिक्षा कहा जाता है। इसमें निर्धारित पाठ्यक्रम को VS/डीवीडी और इन्टरनेट के माध्यम से शिक्षा दी जाती हैं|बड़ी बड़ी सेवाओं जैसे सिविल सर्विस, इंजीनियरिंग और मेडिकल, कानून आदि की शिक्षा भी आज कई संस्थान ऑनलाइन उपलब्ध करवा रहे हैं।

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध 200 शब्दों में निबंध 

संकेत-बिंदु:

  • टेक्नोलॉजी से बदलाव
  •  समय और पैसे दोनों की बचत
  • नोट्स बनाने का डर नहीं

बदलते परिवेश में टेक्नोलॉजी में भी कई बदलाब हुए है और इसके उपयोग भी बड़े है। टेक्नोलॉजी के वजह से शिक्षा लेने की पद्दति में भी बहुत से परिवर्तन देखने को मिले हैं । आज ऑनलाइन शिक्षा में उपयोग होने वाली शिक्षण सम्बंधित सामग्री, टेक्नोलॉजी के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजी जा सकती है।ऑनलाइन शिक्षा से समय बचता है।साथ ही, छात्र शिक्षा को अपने घर में आराम से ले सकते हैं। बच्चे लगातार अपने शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षा से पढ़ने के नए तरीकों को सिखाते हैं और पढ़ने में भी रूचि रखते हैं यही नहीं ऑनलाइन शिक्षा में ट्यूशन या बड़े -बड़े कोचिंग सेंटर का खर्च भी बचता है । उदाहरण के लिए राजस्थान सरकार ने स्माइल प्रोजेक्ट के तहत स्कूली बच्चों को व्हाट्सएप्प के जरिये रोजाना स्टडी मेटेरियल विडियो ऑडियो आदि पहुचाएं जाते हैं. इस नई पहल से शिक्षा व्यवस्था बाधित होने की बजाय अधिक आसान हुई हैं. बदलते अध्ययन वातावरण ने मनोरंजन को ओर भी  रोमांचित बनाता  है।थकान और अच्छी दैनिक लागत बचत ऑनलाइन शिक्षा के समय से बचाया जाता है।ऑनलाइन शिक्षा में, आप कक्षाओं से डरते नहीं हैं कि और आप सावधानी से  शिक्षक के साथ नोट्स लेते हैं। ऑनलाइन शिक्षा में आप अपने वीडियो को फिर से देख सकते हैं  इस प्रकार आप याद नोट्स बनाने का डर नहीं है।

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध 400 शब्दों में निबंध

संकेत-बिंदु:

  • Pm eVIDYA
  • DIKSHA PORTAL
  • वन नेशन-वन प्लेटफॉ
  • स्वंय प्रभा डीटीएच
  • ‘डिजिटली ऐक्सेसिबल इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (DAISY) 
  • पढ़े भारत ऑनलाइन

ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन शिक्षा हमारी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने PM eVIDYA नामक प्रोग्राम की शुरआत की  | कोरोना महामारी संकट ने शिक्षा जगत के सामने जो चुनौती खड़ी कर दी है।  PM eVIDYA के अंतर्गत 100 विश्वविद्यालयों द्वारा ऑनलाइन कोर्सेज की शुरुआत जाएगी | इसमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा  DIKSHA PORTAL के माध्यम से स्कूली शिक्षा पर जोर दिया गया है | 1 से 12  कक्षा के  छात्रों को  “वन नेशन-वन प्लेटफॉर्म” के तहत ई-कंटेंट और QR कोड आधारित किताबें मुहैया कराई जाएगी |  अंतर्गत राज्यों के द्वारा भी महत्वपूर्ण सयोग प्रदान कारण की योजना है  | “वन नेशन-वन प्लेटफॉर्म” में  पढ़ाई के लिए रेडियो, कम्युनिटी रेडियो और पॉडकास्ट्स के जरिए शिक्षा ग्रहण करने पर ज़ोर दिया जायेगा | 

भारत सरकार द्वारा छात्रों , शिक्षकों और अभिभावकों के मनोवैज्ञानिक सपोर्ट ,मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहायता के लिए मनोदर्पण योजना की शुरुआत की जाएगी | साथ ही स्वंय प्रभा डीटीएच के जरिए बच्चों को पहले से शिक्षा दी जा रही थी। इसमें 12 और चैनल जोड़े जाएंगे जिसमे लाइव सेशन का  टेलिकास्ट  स्काईप के जरिए किया जाएगा, प्रतिदिन 6 घंटे की पाठ्यक्रम सामग्री होगी और तीन रिपीट टेलीकास्ट के साथ सप्ताह के सभी दिनों में 24 x7 करने की व्यव्य्स्था है ।इसके अंतर्गत ग्रामीण इलाकों भी छात्रों के द्वारा लाभ उठाने की व्यव्य्स्था है । टाटा स्काई और एयरटेल टीवी से भी समझौता किया गया है ।  दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल  ‘डिजिटली ऐक्सेसिबल इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (DAISY) के तहत इ कंटेंट प्रोग्राम लाया जाएगा, जिसके अंतर्गत दिव्यांग छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोर्सों की शुरूआत की जाएगी। मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को पहले से ही ऑनलाइन की ओर ले जाने की सरकार की मुहिम चल रही थी, जिसने कोरोना संकट ने अब और तेज गति दी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय  इसे लेकर पढ़े भारत ऑनलाइन जैसी  मुहिम शुरु की है। जिसमें कई कोर्स को भविष्य में भी ऑनलाइन पढ़ाने की तैयारी है। यूजीसी ने इसके लिए पूरा प्लान जारी कर दिया है, जिसके तहत विश्वविद्यालयों को अब कोर्स का 25 फीसद हिस्सा ऑनलाइन ही पढ़ाना अनिवार्य होगा | 

ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार का ध्यान इस पर भी है की  शिक्षकों को इसके लिए तैयार करा जाए । यही वजह है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की तैयारी है। फिलहाल इसके लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और एनसीईआरटी को पूरा प्लान तैयार करने का कार्यभार  सौंपा गया है।

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध 500 शब्दों में निबंध

संकेत-बिंदु:

  • प्रस्तावना 
  • ऑनलाइ शिक्षा प्रणाली में कठिनाइयां और सम्भावनाएं
  • ऑनलाइन शिक्षा के फायदे व नुकसान 
  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को सुधारने के उपाय
  • उपसंहार 

प्रस्तावना

इंटरनेट उपकरणों का उपयोग करके विद्यार्थी और शिक्षक संवाद स्थापित करते है। ऑनलाइन शिक्षा को सरल भाषा  में इंटरनेट आधारित शिक्षा व्यवस्था कहते है। आज एक क्लिक पर आप सारी सूचना मिल जाती जाती है। वैसे तो ऑनलाइन शिक्षा काफी समय हमारे बीच मौजूद है। पिछले कई सालों से अलग-अलग प्लेटफॉर्म के माध्यम की उपलब्ध्ता के कारण शिक्षा के छेत्र में इतनी गम्भीरता से नहीं लिया जाता था।  मगर लॉकडाउन के कारण तेजी से इसका उपयोग बढ़ा, जिसके कारण विद्यार्थी वर्चुअल रूप से अपनी शिक्षा को अनवरत रूप से जारी रख सके ।

ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली कठिनाइयां और सम्भावनाएं

अभी ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली पर अमल इतनी  नहीं हुआ है | ये अपनी आंरभिक चरण में है |  महामारी के चलते शिक्षण संस्थानों और छात्रों को इसके अनुरूप ढालना एक चुनौती के समान है | इंटरनेट प्रणाली अभी तक कुछ छात्रों तक सीमित है इसका सब छात्र इसका लाभ नहीं उठा पाते है | इंटरनेट स्पीड भी एक  बड़ी समस्या  है |शैक्षिक दूसरा कारण आज भी कई माध्यम वर्गी परिवारों में स्मार्टफोन जैसी मूल सुविधा उपलब्ध नहीं | हर शिक्षा संस्थान का अपना शैक्षिक बोर्ड, विश्वविद्यालय है जिसमे अलग अलग पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा ग्रहण की जाती है | पाठ्यक्रम की असमानता सबसे बड़ी चुनौती है | कई विषयो में व्यहवारिक शिक्षा की जरुरत होती है |   तकनीकी समझ भी सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि ये शिक्षा प्राप्त करने का नया माध्यम है |ऑनलाइन शिक्षा में सम्भावनाओ की बात करे तो आधुनिक युग में इसका उपयोग बड़ी तेज़ी से बढ़ रहा है | आज कल कम्प्टीशन की तैयारी करा रहे संस्थान इस पदत्ती का उपयोग कर के पड़ा रहे है| अन्य शिक्षा संस्थानो में भी इसका इस्तेमाल हो रहा है | आने वाले समय में भारत मे इस शिक्षा प्रणाली में अपार अवसर है| 

उपसंहार

ऑनलाइन शिक्षा उन लोगों के लिए सुविधा जनक है जो काम करते हुए या घर की देखभाल करने के साथ अपनी पढ़ाई रखें चाहते है । वह सुविधा ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकते है। यह एक नयी शिक्षा प्रणाली है जो हर देश अपना रहा है। छात्रों को ज़रूरत है कि वह मन और ध्यान केंद्रित करके |  जो छात्र ऑनलाइन शिक्षा को ग्रहण करने में असमर्थ है उनके लिए निशुल्क ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था करने की ज़रूरत है ताकि शिक्षा से कोई वंचित ना रहे।ऑनलाइन शिक्षा एक उम्दा  माध्यम है जहाँ छात्रों को  शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।

ऑनलाइन शिक्षा के फायदे

ऑनलाइन शिक्षा के लाभ: यहाँ कुछ बिन्दुओं के जरिये इस नवीन प्रणाली के फायदों को समझने का प्रयास करते हैं|

  • ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली से छात्र  घर में बैठे घर या विदेश में शिक्षा ग्रहण कर सकते है और अपनी डिग्री प्राप्त कर सकते है |    
  • ऑनलाइन शिक्षा से आप किसी भी विषय मे या टॉपिक को समझ सकते है और उसके बारे मे जान सकते है जिससे की आप अपने ज्ञान में बढ़ोतरी कर सकते है। 
  • कई छात्र ऐसे भी है जो कोचिंग ससेंटर जाना चाहते है लेकिन दूर की वजह वे नहीं जा पाते है तो इसका लाभ उठा कर शिक्षा गृह कर सकते है |
  • छात्र कोई भी समस्या आने बार शिक्षकों से समाधान ले सकते है साथी ही किसी भी वीडियो को बार बार देखर या रिकॉर्ड  कर के अध्ययन कर सकते है |  

ऑनलाइन शिक्षा के हानियाँ

नीचे दिए गये बिन्दुओं की मदद से इस शिक्षण प्रणाली की हानियों के बारें में भी जानते सकते हैं-

  • अगर देखा जाये तो शिक्ष और छात्र अधिकतर आठ घंटे ऑनलाइन टाइम बिताते ही जो की मानसिक और शारीरिक स्तिथि के नुकसानदेह है| 
  • ऑनलाइन से सबसे बड़ा नुकसान यही है कि माता -पिता चाहे उनके आर्थिक स्थिति के उलट जाकर बच्चों को मोबाइल, लेपटॉप, कम्प्यूटर जैसी सुविधा उपलब्ध करा दे लेकिन क्या बच्चे उससे सही शिक्षा ले रहे है इन बातों से वो अनजान रहते है।  
  • ऑनलाइन शिक्षा , शिक्षक और छात्रों के सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते | लेकिन अगर शिक्षा पारपरिक हो तो बच्चा उसकी वक़्त विषय के बारे में बात कर सकता है | 
  • जब कोई छात्र स्कूल में पढाई में ध्यान नहीं लगा पाता तोऑनलाइन में कैसे ध्यान केन्द्रत कर पायेगा | 

ऑनलाइन शिक्षा का प्रभाव

कोरोना महामारी ने पिछले 2 वर्षों में दुनिया भर में शिक्षा और शैक्षिक प्रणालियों को अत्यधिक प्रभावित किया है। कोरोना के प्रभाव को कम करने की कोशिशो में दुनिया भर की शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। पूरी दुनिया में 100 करोड़ के आसपास शिक्षार्थी स्कूल बंद होने के कारण प्रभावित हुए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि विद्यार्थी शिक्षा कैसे ग्रहण करें। इसके लिए कई बड़ी संस्थओं ने इसका एक ही हल निकाला वो है ऑनलाइन शिक्षा। जिसका असर हर जगह देखा जा सकता है।

ऑनलाइन शिक्षा एक प्रकार से कंप्यूटर के माध्यम से इंटरनेट की सुविधा से प्राप्त की जा रही है। ऑनलाइन शिक्षा के लिए कम्प्यूटर और कई तरह के गैजेट्स का सहारा लिया जाता है। पर इसके लिए इंटरनेट की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए, इस बात पर हमें ध्यान देना होगा।

ऑनलाइन शिक्षा के प्रकार

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध में जानते हैं कि ऑनलाइन शिक्षा के प्रकार क्या-क्या हैं-

  • सिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था: यह रियल टाइम लर्निंग या लाइव टेलीकास्ट लर्निंग है। इस शैक्षिक व्यवस्था में एक ही समय में शिक्षक और छात्रों के मध्य संवाद स्थापित होता है तथा अध्ययन की गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ऑडियो और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, लाइव चैट तथा वर्चुअल क्लासरूम आदि इसके उदाहरण हैं।
  • असिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था: इस शैक्षिक प्रणाली में छात्र अपनी स्वेच्छा से जब चाहे दी गई अध्ययन सामग्री को पढ़ या देख व सुन सकता हैं। इसमें रिकोर्डड क्लास विडियो, ऑडियो ई बुक्स, वेब लिंक्स, प्रेक्टिस सेट आदि सम्मिलित हैं। भारत में अधिकतर लोग इस शैक्षिक पद्धति के जरिये पढना पसंद करते हैं।

ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध में जानते हैं कि ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता क्या है-

  • ऑनलाइन  शिक्षा के माध्यम से छात्र एक्टिव रहकर व्यक्तिगत रूप से अपने नॉलेज और दक्षताओं का स्वयं निर्माण करता है। परिणाम स्वरूप वह स्वयं ही सीखता है।
  • ऑनलाइन शिक्षा में विद्यार्थी घर के अतिरिक्त किसी भी जगह से पढ़ाई कर सकते हैं। जैसे हॉस्टल से, महाविद्यालय से, सायबर कैफे से आदि। इससे आर्थिक दृष्टि से अक्षम विद्यार्थी भी उपयोगी विषयवस्तु का अध्ययन तथा शिक्षक प्रशिक्षकों से सम्पर्क कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन शिक्षा द्वारा 24 घंटे एवं सप्ताह के सातों दिन अध्ययन किया जा सकता है। अत: इसमें विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकता है। 
  • ऑनलाइन शिक्षा में विद्यार्थी वेब कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा विषयवस्तु एवं प्रकरण पर किसी विषय विशेषज्ञ अथवा परस्पर अंत:क्रिया करते हुए अधिगम कर सकते हैं। जिसके कारण उनके पूर्व ज्ञान में वृद्धि होती है।
  • ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी दूर-दूर बैठे हुए भी एक साथ एक समूह में अध्ययन कर सकते हैं। जिससे उनका समाजीकरण भी होता है।

FAQs

ऑनलाइन शिक्षा का क्या महत्व?

ऑनलाइन शिक्षा के कारण बच्चों को अब उतना समय पढ़ाई में नहीं लगाना पड़ता जितना स्कूल में खर्च करना पड़ता था। उनके समय की बचत होती है। इसके अलावा, बच्चे अब स्कूल जाने से ऊब नहीं रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण लाभ है। ऑनलाइन शिक्षा से स्कूली बच्चों का समय बचेगा और उन्हें अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका मिलेगा।

ऑनलाइन शिक्षा का अर्थ क्या है?

ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली (ई-लर्निंग) को सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक समर्थित शिक्षा और अध्ययन के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो स्वाभाविक तौर पर क्रियात्मक होते हैं और जिनका उद्देश्य शिक्षार्थी के व्यक्तिगत अनुभव, अभ्यास और ज्ञान के सन्दर्भ में ज्ञान के निर्माण को प्रभावित करना है।

आनलाइन शिक्षा कितना उपयोगी?

ऑनलाइन शिक्षा से समय बचता है। साथ ही, छात्र शिक्षा को अपने घर में आराम से ले सकते हैं। बच्चे लगातार अपने शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षा से पढ़ने के नए तरीकों को सिखाते हैं और पढ़ने में भी रूचि रखते हैं यही नहीं ऑनलाइन शिक्षा में ट्यूशन या बड़े -बड़े कोचिंग सेंटर का खर्च भी बचता है।

मोबाइल का शिक्षा में क्या महत्व है?

स्मार्टफोन के जरिये अब वे सारे काम कहीं भी और कभी भी आसानी से निपटाये जा सकते हैं, जिसके लिए घर में डेस्कटॉप के सामने बैठ कर घंटों काम करना होता था। तकनीकी साक्षरता और विकास के साथ कदमताल करने में मोबाइल तकनीक अहम भूमिका अदा कर रही है।

आशा करते हैं कि आपको ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी। यदि आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो आज ही हमारे Leverage Edu एक्सपर्ट्स को 1800572000 पर कॉल करें और 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें।

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