नर्सरी प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग (NPTT) कोर्स एक प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसे खासतौर पर उनके लिए डिजाइन किया गया है जो नर्सरी और प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इस कोर्स में बाल मनोविज्ञान, शिक्षण विधियों, आर्ट-क्राफ्ट और कक्षा प्रबंधन जैसे जरूरी स्किल्स सिखाए जाते हैं। एनपीटीटी का सिलेबस एजुकेशन एक्सपर्ट्स द्वारा समय-समय पर अपडेट किया जाता है, जिससे यह वर्तमान एजुकेशन सिस्टम के अनुरूप बना रहता है।
इस कोर्स के बाद आप सरकारी, निजी और कॉन्वेंट स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। यहां तक कि खुद का प्ले स्कूल खोलकर भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप भी NPTT कोर्स के बारे में जानना चाहते हैं तो यह लेख पढ़ें।
| कोर्स का नाम | नर्सरी प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग (NPTT) |
| कोर्स लेवल | डिप्लोमा |
| कोर्स का मोड | ऑफलाइन, ऑनलाइन और डिस्टेंस मोड |
| कोर्स अवधि | 1 से 2 वर्ष |
| कोर्स का मीडियम | अंग्रेजी और हिंदी |
| एग्जामिनेशन | सेमेस्टर सिस्टम |
| योग्यता | किसी भी विषय में 10वीं और 12वीं |
| कोर्स में प्रवेश | मेरिट बेस्ड |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | नर्सरी टीचर, प्री प्राइमरी टीचर, एलीमेंट्री टीचर, मोंटेसरी टीचर, एकेडमिक काउंसलर व प्ले स्कूल कोऑर्डिनेटर। |
| रोजगार के क्षेत्र | नर्सरी और प्राइमरी स्कूल, आर्ट एंड क्राफ्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स, वेलनेस और चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर्स तथा डे केयर सेंटर्स आदि। |
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NPTT कोर्स क्यों करें?
अगर आप छोटे बच्चों को पढ़ाने में रुचि रखते हैं और टीचिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो NPTT कोर्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। नीचे आसान भाषा में इसके प्रमुख कारण समझाए गए हैं:
- नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार 3 से 8 वर्ष की उम्र को फाउंडेशनल स्टेज माना गया है। यानी प्री-प्राइमरी और कक्षा 1–2 के बच्चों को पढ़ाने के लिए अब केवल सामान्य ग्रेजुएशन पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि प्रशिक्षित और बाल-मनोविज्ञान समझने वाले शिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। NPTT या ECCEd जैसे कोर्स इसी तैयारी में मदद करते हैं।
- भारत में प्री-स्कूल और डे-केयर सेक्टर, खासकर शहरों में, लगातार विस्तार कर रहा है। यही वजह है कि प्राइवेट, इंटरनेशनल और कॉन्वेंट स्कूल प्रशिक्षित NPTT/ECCEd शिक्षकों को प्राथमिकता देते हैं।
- यह कोर्स करने के बाद आप शुरुआती स्तर पर ही अच्छी सैलरी के साथ अपने टीचिंग करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
- NPTT कोर्स के दौरान आपको मोंटेसरी और प्ले-वे जैसी एक्टिविटी-आधारित शिक्षण पद्धतियाँ, बच्चों के व्यवहार और सीखने की प्रक्रिया की बुनियादी समझ, साथ ही स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल टीचिंग टूल्स का उपयोग सीखने का अवसर मिलता है।
- NPTT पूरा करने के बाद आपके पास केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि अपना प्ले-स्कूल या क्रेच शुरू करने का विकल्प भी होता है। हालांकि, इसके लिए स्थानीय नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना और जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि बिना अनुमति स्कूल या क्रेच शुरू करना सही नहीं माना जाता।
यह कोर्स उन छात्रों के लिए खास तौर पर उपयोगी है जो बच्चों के साथ काम करना पसंद करते हैं और शुरुआती शिक्षा (Early Childhood Education) के क्षेत्र में स्थिर करियर बनाना चाहते हैं।
NPTT कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
NPTT कोर्स में एडमिशन लेने से पहले छात्रों को संबंधित कॉलेज या संस्थान की एलिजिबिलिटी जरूर जांच लेनी चाहिए, क्योंकि नियम संस्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर आवश्यक योग्यता इस प्रकार होती है:
- शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं और 12वीं पास होना चाहिए।
- न्यूनतम अंक: अधिकतर संस्थानों में कम से कम 50% अंक मांगे जाते हैं, हालांकि यह प्रतिशत कॉलेज के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
- आयु सीमा: कुछ कॉलेज एडमिशन के लिए न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा तय करते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक एलिजिबिलिटी जरूर देख लें।
NPTT कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
NPTT कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया आमतौर पर काफी सरल होती है। अधिकतर संस्थानों में मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाता है, जबकि कुछ जगहों पर एंट्रेंस टेस्ट भी लिया जा सकता है। पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में नीचे समझाया गया है:
- कोर्स और संस्थान चुनें: सबसे पहले मान्यता प्राप्त कॉलेज या संस्थान खोजें और उनकी एलिजिबिलिटी व एडमिशन नियमों की जानकारी लें।
- जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: 10वीं-12वीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
- एप्लीकेशन फॉर्म भरें: संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या कैंपस से ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भरें और रजिस्ट्रेशन फीस जमा करें।
- एंट्रेंस परीक्षा (यदि लागू हो): कुछ संस्थान एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करते हैं, इसलिए जरूरत होने पर परीक्षा दें।
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: आवेदन के बाद संस्थान द्वारा आपके दस्तावेजों की जांच की जाती है।
- मेरिट/रिजल्ट जारी होना: चयन होने पर आपको एडमिशन की सूचना या ऑफर लेटर दिया जाता है।
- एनरोलमेंट और कक्षाएं शुरू करें: एडमिशन कन्फर्म करने के लिए फीस जमा करें और तय समय पर अपनी कक्षाएं शुरू करें।
NPTT कोर्स का सिलेबस
NPTT कोर्स का सिलेबस अलग-अलग संस्थानों और यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, लेकिन ज्यादातर जगह पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषय लगभग समान होते हैं। इस कोर्स में बच्चों की शुरुआती शिक्षा से जुड़े थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। यह सिलेबस प्री-प्राइमरी स्तर पर बच्चों को प्रभावी और रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए तैयार करता है। प्रमुख विषय इस प्रकार हैं:
| विषय | विवरण |
| बाल मनोविज्ञान एवं बाल विकास | बच्चों के व्यवहार, सीखने की क्षमता और मानसिक विकास को समझना। |
| स्वास्थ्य शिक्षा | बच्चों की स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी जानकारी। |
| शिक्षा के सिद्धांत | पढ़ाने के विभिन्न तरीकों और शिक्षण के मूल सिद्धांतों की समझ। |
| नर्सरी शिक्षा की विधियां और सामग्री | छोटे बच्चों को सिखाने की तकनीकें और टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल का उपयोग। |
| भाषा और संचार कौशल | बच्चों के साथ प्रभावी संवाद और भाषा विकास से जुड़ी गतिविधियाँ। |
| कला और शिल्प कार्य | ड्रॉइंग, क्राफ्ट और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया। |
| पाठ्यक्रम विकास | छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम और गतिविधियों की योजना बनाना। |
| खेल-आधारित शिक्षा | प्ले-वे और एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग के जरिए पढ़ाने के तरीके। |
| कंप्यूटर साक्षरता और शैक्षिक अनुप्रयोग | डिजिटल टूल्स और बेसिक कंप्यूटर का शिक्षण में उपयोग। |
NPTT कोर्स के लिए कॉलेज और उनकी फीस
भारत में कई सरकारी, प्राइवेट और ट्रेनिंग संस्थान NPTT (Nursery Primary Teacher Training) कोर्स करवाते हैं। अलग-अलग संस्थानों में कोर्स की अवधि, सुविधाओं और मोड (रेगुलर/ऑनलाइन/डिस्टेंस) के अनुसार फीस में अंतर हो सकता है। नीचे कुछ प्रमुख संस्थानों और उनकी अनुमानित फीस की जानकारी दी गई है –
NPTT कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| संस्थान का नाम | स्थान | अनुमानित वार्षिक फीस |
| डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (DIET) | नई दिल्ली (विभिन्न केंद्र) | INR 6,000 – INR 10,000 |
| जामिया मिलिया इस्लामिया (प्राइमरी ट्रेनिंग) | नई दिल्ली | INR 8,000 – INR 12,000 |
| अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) | अलीगढ़ | INR 5,000 – INR 9,000 |
| लेडी इरविन कॉलेज (DU) | नई दिल्ली | INR 25,000 – INR 35,000 |
| इग्नू (IGNOU) – डिस्टेंस एजुकेशन | अखिल भारतीय | INR 3,000 – INR 5,000 |
| स्टेट कॉउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च (SCERT) | लखनऊ, UP | INR 10,000 – INR 15,000 |
| एम.एस. यूनिवर्सिटी (MSU) | बड़ौदा, गुजरात | INR 15,000 – INR 20,000 |
| मुंबई यूनिवर्सिटी | मुंबई | INR 12,000 – INR 18,000 |
| कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी | कुरुक्षेत्र, हरियाणा | INR 18,000 – INR 22,000 |
| कलकत्ता यूनिवर्सिटी | कोलकाता | INR 4,000 – INR 7,000 |
NPTT कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| संस्थान का नाम | स्थान | अनुमानित वार्षिक फीस |
| एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन | नोएडा/दिल्ली | INR 80,000 – INR 1,10,000 |
| टॉकटिव्स NPTT संस्थान | नई दिल्ली | INR 35,000 – INR 45,000 |
| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) | फगवाड़ा | INR 60,000 – INR 90,000 |
| जेडी बिड़ला संस्थान | कोलकाता | INR 50,000 – INR 70,000 |
| के.आर. मंगलम यूनिवर्सिटी | गुरुग्राम | INR 1,00,000 – INR 1,30,000 |
| पोद्दार इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन | मुंबई | INR 40,000 – INR 55,000 |
| भारती विद्यापीठ | पुणे | INR 30,000 – INR 45,000 |
| एस.आर.एम. यूनिवर्सिटी (SRM) | चेन्नई | INR 55,000 – INR 75,000 |
| सफदरजंग एनपीटीटी सेंटर | नई दिल्ली | INR 25,000 – INR 35,000 |
| मानव रचना यूनिवर्सिटी | फरीदाबाद | INR 1,20,000 – INR 1,50,000 |
नोट: यह फीस केवल अनुमानित है। एडमिशन लेने से पहले हमेशा अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लेटेस्ट फीस, मान्यता और कोर्स डिटेल्स जरूर जांच लें, क्योंकि समय-समय पर इनमें बदलाव हो सकता है।
NPTT कोर्स के बाद करियर स्कोप और सैलरी
NPTT कोर्स पूरा करने के बाद आप प्री-प्राइमरी और शुरुआती शिक्षा से जुड़े कई क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। नर्सरी स्कूल, प्री-स्कूल, डे-केयर सेंटर, किंडरगार्टन, पब्लिक स्कूल, ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म, आर्ट एंड क्राफ्ट ट्रेनिंग सेंटर तथा चाइल्ड डेवलपमेंट संस्थानों में विभिन्न जॉब प्रोफाइल पर काम करने के अवसर मिलते हैं। नीचे कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| नर्सरी टीचर | INR 1.7 लाख – INR 1.9 लाख |
| प्री-प्राइमरी टीचर | INR 2.4 लाख – INR 2.7 लाख |
| क्रिएटिव टीचर | INR 4.3 लाख – INR 4.8 लाख |
| प्राइमरी टीचर | INR 2.8 लाख – INR 3.1 लाख |
| होम ट्यूटर | INR 2 लाख – INR 2.2 लाख |
| ऑनलाइन एजुकेटर | INR 5.4 लाख – INR 7.1 लाख |
नोट – यहां अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com. के आधार पर दी गई है, यह संस्थान, शहर, अनुभव और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
NPTT कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प
NPTT कोर्स पूरा करने के बाद आप अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार आगे की पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं। इससे आपकी योग्यता बढ़ती है और भविष्य में बेहतर जॉब अवसर मिल सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख कोर्स विकल्प, उनकी न्यूनतम योग्यता और अवधि की जानकारी दी गई है:
| आगे का कोर्स विकल्प | न्यूनतम योग्यता | अवधि |
| डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) | 12वीं पास | 2 वर्ष |
| बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed) | ग्रेजुएशन अनिवार्य | 2 वर्ष |
| बीए / बीएससी / बीकॉम (ग्रेजुएशन) | 12वीं पास | 3 वर्ष |
| अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) | 12वीं पास | 1 वर्ष |
| BA इन एजुकेशन | 12वीं पास | 3 वर्ष |
| नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) एडवांस्ड लेवल | 12वीं पास | 1–2 वर्ष |
| BSW (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) | 12वीं पास | 3 वर्ष |
| मोंटेसरी टीचर ट्रेनिंग | 12वीं पास | 6-12 माह |
| M.Ed | B.Ed आवश्यक | 2 वर्ष |
D.El.Ed बनाम NPTT कोर्स में अंतर
D.El.Ed और NPTT दोनों ही टीचिंग से जुड़े कोर्स हैं, लेकिन इनका उद्देश्य, मान्यता और करियर स्कोप अलग-अलग होता है। नीचे दी गई टेबल में दोनों कोर्स के बीच मुख्य अंतर आसान भाषा में समझाया गया है:
| तुलना का आधार | D.El.Ed | NPTT |
| कोर्स का पूरा नाम | डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन | नर्सरी प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग |
| मान्यता | NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स | आमतौर पर NCTE मान्यता नहीं; अधिकतर निजी संस्थानों द्वारा संचालित |
| कानूनी स्थिति | प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए मान्य और आवश्यक प्रशिक्षण | सरकारी शिक्षक भर्ती में सामान्यतः मान्य नहीं |
| न्यूनतम योग्यता | 12वीं पास | 12वीं पास (अंक मानदंड संस्थान अनुसार) |
| कोर्स अवधि | 2 वर्ष (फुल-टाइम) | 1–2 वर्ष (संस्थान के अनुसार) |
| पाठ्यक्रम फोकस | बाल विकास, शिक्षण विधियाँ, विषय शिक्षण और अनिवार्य स्कूल इंटर्नशिप | बाल मनोविज्ञान, प्री-प्राइमरी शिक्षण और एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग |
| प्रवेश प्रक्रिया | राज्य स्तरीय मेरिट/प्रवेश परीक्षा के आधार पर | अधिकतर डायरेक्ट एडमिशन |
| सरकारी नौकरी योग्यता | TET/CTET के बाद प्राथमिक शिक्षक पद के लिए योग्य | सामान्यतः सरकारी शिक्षक भर्ती के लिए योग्य नहीं |
| करियर क्षेत्र | सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल | मुख्यतः प्री-स्कूल, प्ले-स्कूल और डे-केयर सेंटर |
अगर आपका लक्ष्य सरकारी स्कूल में शिक्षक बनना है, तो D.El.Ed बेहतर विकल्प माना जाता है। वहीं छोटे बच्चों (प्री-प्राइमरी स्तर) को पढ़ाने और जल्दी करियर शुरू करने के लिए NPTT उपयोगी कोर्स है।
यह भी पढ़ें: D.Ed कोर्स क्या है?: योग्यता, फीस, चयन प्रक्रिया और करियर ऑप्शंस
FAQs
NPTT कोर्स मुख्य रूप से प्राइवेट और प्री-स्कूल सेक्टर में नौकरी के लिए उपयोगी होता है। सरकारी प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए आमतौर पर D.El.Ed या B.Ed के साथ TET/CTET जैसी पात्रता परीक्षाएं जरूरी होती हैं।
कुछ संस्थान NPTT कोर्स ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड में कराते हैं, लेकिन छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होती है। इसलिए ऐसे संस्थान चुनना बेहतर रहता है जहां प्रैक्टिकल एक्सपोजर भी मिले।
अधिकांश संस्थानों में ट्रेनिंग के दौरान प्री-स्कूल या प्ले-स्कूल में इंटर्नशिप कराई जाती है। हालांकि इसकी अवधि और नियम संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
इंटर्नशिप में बच्चों को एक्टिविटी-बेस्ड तरीके से पढ़ाना, क्लास मैनेजमेंट सीखना, लेसन प्लान बनाना और अनुभवी शिक्षकों के साथ मिलकर टीचिंग का प्रैक्टिकल अनुभव लेना शामिल होता है।
अधिकतर प्राइवेट और ऑटोनॉमस संस्थानों में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर सीधे मिल जाता है। कुछ संस्थान इंटरव्यू या काउंसलिंग प्रक्रिया भी आयोजित कर सकते हैं।
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको NPTT कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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