मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) दो वर्षीय पोस्टग्रेजुएट डिग्री कोर्स है, जिसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी संचालित करते हैं। यह कोर्स सामाजिक समस्याओं की समझ, सामुदायिक विकास, शोध पद्धति, फील्ड वर्क और सामाजिक नीतियों के व्यावहारिक अध्ययन पर आधारित होता है। भारत में CSR प्रावधान (कंपनीज एक्ट, 2013) लागू होने के बाद प्रशिक्षित सोशल वर्क प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ी है। इस ब्लॉग में आपके लिए MSW की आवश्यक योग्यता, प्रवेश प्रक्रिया, सिलेबस, स्पेशलाइजेशन, प्रमुख कॉलेज, फीस संरचना और करियर विकल्पों की जानकारी दी गई है।
| पहलू | विवरण |
| कोर्स का नाम | मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) |
| कोर्स स्तर | पोस्टग्रेजुएट (PG) |
| अवधि | सामान्यतः 2 वर्ष (4 सेमेस्टर), कुछ ओपन यूनिवर्सिटी में लचीली अवधि |
| रेगुलेटरी बॉडी | UGC से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित |
| प्रवेश प्रक्रिया | मेरिट आधारित या प्रवेश परीक्षा आधारित (जैसे CUET-PG, विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षा) |
| अध्ययन का स्वरूप | थ्योरी, अनिवार्य फील्ड वर्क और रिसर्च प्रोजेक्ट/डिसर्टेशन |
| प्रमुख विषय | सोशल वर्क थ्योरी, कम्युनिटी आर्गेनाइजेशन, सोशल रिसर्च मेथड्स, ह्यूमन बिहेवियर |
| स्पेशलाइजेशन | मेडिकल एंड साइकियाट्रिक, सोशल वर्क, HR एंड इंडस्ट्रियल रिलेशन्स, कम्युनिटी डेवलपमेंट (संस्थान अनुसार) |
| करियर क्षेत्र | NGO, CSR (कंपनीज़ एक्ट 2013 के तहत), हॉस्पिटल सोशल वर्क, सरकारी सामाजिक कल्याण विभाग |
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MSW कोर्स क्यों करें?
अगर आप समाज सेवा के क्षेत्र में प्रोफेशनल करियर बनाना चाहते हैं और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं, तो MSW (Master of Social Work) कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है। नीचे आसान भाषा में इसके प्रमुख कारण समझाए गए हैं –
- CSR सेक्टर में बढ़ते अवसर: कंपनीज एक्ट 2013 के अनुसार, कुछ बड़ी कंपनियों को अपने औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों पर खर्च करना होता है। इसी वजह से कंपनियों को सामाजिक परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने वाले प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है।
- विभिन्न जॉब रोल्स के अवसर: MSW करने के बाद CSR मैनेजर, सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जैसे पदों पर काम करने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि नौकरी की उपलब्धता और सैलरी कंपनी, शहर और अनुभव पर निर्भर करती है।
- काउंसलिंग और हेल्थ सेक्टर में मांग: बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण अस्पतालों, स्कूलों और निजी क्लीनिकों में प्रशिक्षित काउंसलर्स और क्लिनिकल सोशल वर्कर्स की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
- प्रैक्टिकल लर्निंग और फील्डवर्क: MSW कोर्स में केस स्टडी, काउंसलिंग स्किल्स और फील्डवर्क के जरिए वास्तविक सामाजिक समस्याओं को समझने और उन पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। कुछ विशेष भूमिकाओं के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण या लाइसेंस की आवश्यकता भी हो सकती है।
- इंटरनेशनल अवसर: UNICEF, UNESCO और WHO जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ सामाजिक नीति, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों को नियुक्त करती हैं, जिससे इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर काम करने के अवसर भी मिल सकते हैं।
- NGO और सामाजिक संगठन प्रबंधन: यदि आप अपना NGO शुरू करना चाहते हैं या किसी सामाजिक संस्था को प्रोफेशनल तरीके से मैनेज करना चाहते हैं, तो MSW आपको प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फंडिंग प्रक्रिया, कानूनी पहलुओं और कम्युनिटी वर्क की समझ देता है।
- सरकारी सेक्टर में अवसर: महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े सरकारी विभागों में सोशल वेलफेयर ऑफिसर, प्रोजेक्ट ऑफिसर और अन्य सामाजिक पदों के लिए MSW उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
MSW कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
MSW कोर्स में एडमिशन लेने से पहले छात्रों को संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी की एलिजिबिलिटी जरूर जांच लेनी चाहिए, क्योंकि प्रवेश नियम संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर आवश्यक योग्यता इस प्रकार होती है –
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होना जरूरी है। यह डिग्री आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस या सोशल साइंस किसी भी स्ट्रीम से हो सकती है। हालांकि, कुछ यूनिवर्सिटी BSW (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं।
- न्यूनतम अंक: अधिकांश संस्थानों में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए लगभग 45%–50% अंक आवश्यक होते हैं। आरक्षित श्रेणियों को यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार अंकों में छूट दी जा सकती है।
- प्रवेश प्रक्रिया: कुछ कॉलेज ग्रेजुएशन के अंकों (मेरिट) के आधार पर एडमिशन देते हैं, जबकि कई यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा जैसे CUET-PG या अपनी विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षा के माध्यम से चयन करती हैं।
एडमिशन से पहले हमेशा चुनी गई यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लेटेस्ट एलिजिबिलिटी और प्रवेश प्रक्रिया जरूर जांच लें।
यह भी पढ़ें : BSW कोर्स डिटेल्स
MSW कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षाएँ
MSW कोर्स में एडमिशन के लिए अधिकतर यूनिवर्सिटी मेरिट या एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर चयन करती हैं। कुछ राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएँ होती हैं, जबकि कुछ यूनिवर्सिटी या राज्य स्तर पर अपनी प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करती हैं। नीचे प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की जानकारी दी गई है –
| प्रवेश परीक्षा का नाम | परीक्षा स्तर | संभावित परीक्षा तिथि / शेड्यूल |
| CUET-PG | राष्ट्रीय स्तर | मार्च – अप्रैल 2026 (अनुमानित) |
| CPGET 2026 | राज्य स्तर | 5 अगस्त – 10 अगस्त 2026 (अनुमानित) |
| URATPG | यूनिवर्सिटी / राज्य स्तर | मई – जून 2026 (अनुमानित) |
| BHU MSW एडमिशन | यूनिवर्सिटी स्तर | मार्च 2026 (CUET-PG स्कोर के आधार पर) |
नोट: परीक्षा तिथियाँ हर वर्ष बदल सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित परीक्षा या यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लेटेस्ट जानकारी जरूर जांच लें।
MSW कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
MSW कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर यह मेरिट या एंट्रेंस एग्जाम से शुरू होकर काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट तक पूरी होती है। नीचे पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में स्टेप-बाय-स्टेप समझाया गया है –
- कॉलेज या यूनिवर्सिटी का चयन करें: सबसे पहले उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी को चुनें जहाँ से आप MSW करना चाहते हैं। इसके बाद उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एडमिशन प्रक्रिया देखें कि प्रवेश मेरिट बेस्ड है या एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर।
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें: चुने हुए संस्थान की वेबसाइट पर जाकर आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन करें और एप्लीकेशन फॉर्म भरना शुरू करें।
- आवेदन फॉर्म भरें: फॉर्म भरते समय अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी ध्यानपूर्वक दर्ज करें। कुछ कॉलेज ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी देते हैं, जहाँ फॉर्म जमा करने के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
- एंट्रेंस एग्जाम (यदि लागू हो): जिन यूनिवर्सिटी में प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन होता है, वहाँ आपको एंट्रेंस एग्जाम देना होता है। परीक्षा के बाद रिजल्ट और मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
- मेरिट लिस्ट और कॉलेज प्रेफरेंस भरना: मेरिट लिस्ट में नाम आने पर कई यूनिवर्सिटी में Samarth जैसे इंटीग्रेटेड पोर्टल के माध्यम से कॉलेज या कोर्स की प्राथमिकताएँ भरनी होती हैं। सीट आवंटन आपकी रैंक और आरक्षण नियमों के आधार पर होता है।
- काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: सीट मिलने के बाद 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, पहचान पत्र और श्रेणी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) का सत्यापन कराया जाता है। अब कई संस्थान DigiLocker के डिजिटल दस्तावेज भी स्वीकार करते हैं।
- एडमिशन कन्फर्म करें: सभी दस्तावेज सत्यापित होने के बाद निर्धारित फीस जमा करके आप अपना एडमिशन कन्फर्म कर सकते हैं।
MSW कोर्स का सिलेबस
MSW कोर्स का सिलेबस यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन अधिकांश संस्थानों में पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषय और यूनिट लगभग समान होते हैं। नीचे दी गई टेबल में MSW कोर्स का सामान्य (कॉमन) सिलेबस इग्नू की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यूनिट-वाइज बताया गया है –
| वर्ष -1 | |
| विषय | सिलेबस विवरण |
| समाज कार्य की उत्पत्ति और विकास | सामाजिक कार्य का इतिहास, पेशे के जन्म से विकास तक, भारत और विश्व में सामाजिक कार्य के मूल सिद्धांतों की समझ |
| व्यावसायिक समाज कार्य: भारतीय परिप्रेक्ष्य | भारतीय संदर्भ में प्रोफेशनल सोशल वर्क, सामाजिक सिद्धांतों का उपयोग, सामाजिक न्याय, संस्कृति और नीतियाँ |
| समाज कार्य अभ्यास एवं सुपरविजन | फील्ड प्रैक्टिकल वर्क का परिचय, सुपरविजन प्रक्रिया, रिपोर्ट निर्माण और व्यावसायिक उत्तरदायित्व |
| बुनियादी सामाजिक विज्ञान अवधारणाएँ | समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अर्थशास्त्र के मूल कॉन्सेप्ट, सामाजिक ढांचा और मानव व्यवहार |
| समाज कार्य और सामाजिक विकास | सामाजिक कार्य एवं विकास के सिद्धांत, विकास योजनाएँ और सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाएँ |
| सामाजिक कार्य अनुसंधान | शोध का आधार, शोध पद्धति, सर्वेक्षण, डेटा संग्रह, शोध नैतिकता और रिपोर्ट लेखन |
| अफ्रीकी संदर्भ में समाज कार्य | अफ्रीका के सामाजिक कार्य संदर्भ, वैश्विक सामाजिक कार्य की चुनौतियाँ और विविधता |
| समाज कार्य और आपराधिक न्याय | आपराधिक न्याय तंत्र में सामाजिक कार्य की भूमिका, सुधारात्मक सेवाएँ और पुनर्वास |
| समाज कार्य अभ्यास-I | प्रथम वर्ष का मुख्य फील्डवर्क, समुदाय स्तर पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव |
| ब्लॉक प्लेसमेंट (प्रथम वर्ष) | ब्लॉक स्तर पर फील्ड ट्रेनिंग और वास्तविक सामाजिक कार्य संस्थानों में व्यावहारिक अनुभव |
| वर्ष -2 | |
| विषय | सिलेबस विवरण |
| केस वर्क और काउंसलिंग | केस वर्क और काउंसलिंग के सिद्धांत, व्यक्तियों की समस्याओं को समझना और समाधान के तरीके |
| सामाजिक समूह कार्य | समूह वर्क के सिद्धांत, समूह गतिशीलता और समूहों के साथ प्रभावी तरीके से कार्य करने की तकनीकें |
| सामुदायिक संगठन एवं प्रबंधन | समुदाय संगठन, प्रबंधन प्रक्रिया और सामुदायिक विकास से जुड़ी कार्य प्रणाली |
| समाज कार्य की समकालीन पद्धतियाँ और मूल्य | आधुनिक सामाजिक कार्य के तरीके, पेशेवर मूल्यों की समझ और उनका व्यावहारिक उपयोग |
| एचआईवी/एड्स: कलंक, भेदभाव और रोकथाम | HIV/AIDS से जुड़े सामाजिक और नैतिक पहलू, जागरूकता और रोकथाम के उपाय |
| महिला एवं बाल विकास | महिला और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दे, नीतियाँ, संरक्षण और सशक्तिकरण कार्यक्रम |
| अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक कार्य | वैश्विक स्तर पर सामाजिक कार्य की अवधारणाएँ, अंतरराष्ट्रीय चुनौतियाँ और प्रैक्टिस |
| आपदा प्रबंधन | आपदा प्रबंधन, राहत कार्य, पुनर्वास और सामुदायिक प्रतिक्रिया की रणनीतियाँ |
| डिसर्टेशन (प्रोजेक्ट वर्क) | शोध आधारित प्रोजेक्ट, थीसिस लेखन और प्रस्तुति |
| सोशल वर्क प्रेक्टिकम-II | द्वितीय वर्ष का फील्डवर्क प्रैक्टिकल, थ्योरी को व्यवहार में लागू करना |
| इंटर्नशिप | सामाजिक संस्थानों या NGOs में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना |
नोट: सिलेबस में विषयों के नाम या क्रम यूनिवर्सिटी के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए एडमिशन से पहले अपने चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर लेटेस्ट सिलेबस जरूर जांच लें।
MSW कोर्स के लिए कॉलेज और उनकी फीस
भारत में कई सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी MSW (Master of Social Work) कोर्स ऑफर करती हैं। अलग-अलग कॉलेजों में फीस संरचना, सुविधाओं और संस्थान की प्रतिष्ठा के अनुसार बदलाव हो सकता है। नीचे कुछ प्रमुख कॉलेजों और उनकी अनुमानित फीस की जानकारी दी गई है –
MSW कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम | स्थान | अनुमानित कुल फीस (INR) |
| टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) | मुंबई | INR 1.2 लाख – INR 1.8 लाख |
| दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क (DU) | नई दिल्ली | INR 20,000 – INR 30,000 |
| जामिया मिलिया इस्लामिया | नई दिल्ली | INR 25,000 – INR 35,000 |
| बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) | वाराणसी | INR 15,000 – INR 22,000 |
| मद्रास स्कूल ऑफ सोशल वर्क | चेन्नई | INR 60,000 – INR 80,000 |
| अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) | अलीगढ़ | INR 18,000 – INR 25,000 |
| लोयोला कॉलेज (स्वायत्त) | चेन्नई | INR 40,000 – INR 60,000 |
| उस्मानिया यूनिवर्सिटी | हैदराबाद | INR 12,000 – INR 20,000 |
| पंजाब यूनिवर्सिटी | चंडीगढ़ | INR 30,000 – INR 45,000 |
| राजस्थान यूनिवर्सिटी | जयपुर | INR 10,000 – INR 15,000 |
MSW कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम | स्थान | अनुमानित कुल फीस (INR) |
| क्राइस्ट यूनिवर्सिटी | बैंगलोर | INR 1.8 लाख – INR 2.5 लाख |
| एममिटी यूनिवर्सिटी | नोएडा | INR 2.2 लाख – INR 3.0 लाख |
| सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट (SSLA) | पुणे | INR 3.5 लाख – INR 4.5 लाख |
| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) | फगवाड़ा | INR 1.6 लाख – INR 2.2 लाख |
| मणिपाल एकेडमी (MAHE) | मनिपाल | INR 2.0 लाख – INR 2.8 लाख |
| चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) | चंडीगढ़ | INR 1.4 लाख – INR 1.9 लाख |
| एसआरएम यूनिवर्सिटी (SRM) | चेन्नई | INR 1.2 लाख – INR 1.8 लाख |
| बनस्थली विद्यापीठ (केवल महिलाएं) | वनस्थली | INR 1.5 लाख – INR 2.1 लाख |
| जेवियर इंस्टीट्यूट (XISS) | रांची | INR 4.0 लाख – INR 5.5 लाख |
| शारदा यूनिवर्सिटी | ग्रेटर नोएडा | INR 1.6 लाख – INR 2.3 लाख |
नोट: ऊपर दी गई फीस केवल अनुमानित है। एडमिशन लेने से पहले हमेशा अपने चुने हुए कॉलेज या यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लेटेस्ट फीस स्ट्रक्चर और एडमिशन डिटेल्स जरूर जांच लें, क्योंकि समय-समय पर इनमें बदलाव हो सकता है।
MSW कोर्स के बाद करियर स्कोप और सैलरी
MSW कोर्स पूरा करने के बाद आप NGO, हेल्थकेयर संस्थानों, सामाजिक संगठनों, CSR प्रोजेक्ट्स और काउंसलिंग सेक्टर में विभिन्न जॉब प्रोफाइल पर काम कर सकते हैं। गूंज, हेल्पएज इंडिया, आसरा फाउंडेशन जैसे सामाजिक संगठनों के साथ-साथ सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में भी अवसर मिलते हैं। नीचे कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है –
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| सोशल वर्कर्स | INR 2.7 लाख – INR 2.9 लाख |
| प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर्स | INR 5 लाख – INR 5.5 लाख |
| प्रोफेसर्स | INR 15.9 लाख – INR 17.6 लाख |
| मेन्टल हेल्थ कॉउंसलर्स | INR 3.2 लाख – INR 3.5 लाख |
| हेल्थ एजुकेटर्स | INR 2.4 लाख – INR 2.7 लाख |
नोट – ऊपर दी गई सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर दी गई है। यह संस्थान, शहर, अनुभव तथा स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
MSW कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प
MSW कोर्स पूरा करने के बाद आप अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार आगे की पढ़ाई कर सकते हैं। उच्च शिक्षा करने से अकादमिक, रिसर्च, काउंसलिंग और पॉलिसी-मेकिंग जैसे क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिलते हैं। नीचे MSW के बाद उपलब्ध प्रमुख कोर्स विकल्पों की जानकारी दी गई है –
| कोर्स / विकल्प | पात्रता | अवधि | करियर स्कोप |
| UGC-NET / JRF | MSW में न्यूनतम 55% (आरक्षित वर्ग हेतु 50%) | परीक्षा आधारित | असिस्टेंट प्रोफेसर या रिसर्च करियर |
| PhD in सोशल वर्क | NET/JRF या यूनिवर्सिटी बेस्ट एंट्रेंस एग्जाम | 3–5 वर्ष | अकादमिक, नीति शोध |
| PG डिप्लोमा इन काउंसलिंग / क्लीनिकल प्रैक्टिस | MSW और संस्थान शर्तें | 1 वर्ष | मेंटल हेल्थ फील्ड |
| MA इन पब्लिक पॉलिसी / डेवलपमेंट स्टडीज़ | MSW या समकक्ष PG | 2 वर्ष | नीति विश्लेषण, सरकारी प्रोजेक्ट |
| LLB | पोस्टग्रेजुएट के बाद 3 वर्षीय | 3 वर्ष | सामाजिक न्याय व कानूनी हस्तक्षेप |
MSW बनाम MBA कोर्स में अंतर
MSW और MBA दोनों ही पोस्टग्रेजुएट कोर्स हैं, लेकिन इनके उद्देश्य, पढ़ाई का फोकस और करियर विकल्प पूरी तरह अलग होते हैं। नीचे दी गई टेबल में दोनों कोर्स के बीच मुख्य अंतर आसान भाषा में समझाया गया है –
| तुलना का आधार | MSW | MBA |
| कोर्स का पूरा नाम | मास्टर ऑफ सोशल वर्क | मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन |
| कोर्स का उद्देश्य | सामाजिक समस्याओं का समाधान, सामुदायिक विकास और सामाजिक नीतियों पर कार्य | व्यवसाय प्रबंधन, संगठन संचालन और बिजनेस ग्रोथ |
| मान्यता / रेगुलेटरी बॉडी | UGC मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित | UGC/AICTE मान्यता; AICTE मुख्य रूप से मैनेजमेंट संस्थानों को नियंत्रित करता है |
| कोर्स अवधि | 2 वर्ष (4 सेमेस्टर) | 2 वर्ष (4 सेमेस्टर) |
| प्रवेश परीक्षा | CUET-PG, TISSNET (कुछ संस्थानों में) | CAT, XAT, MAT, CMAT आदि |
| मुख्य विषय | सोशल वर्क थ्योरी, कम्युनिटी ऑर्गेनाइजेशन, रिसर्च मेथड्स, फील्डवर्क | मार्केटिंग, फाइनेंस, HRM, ऑपरेशंस, बिजनेस एनालिटिक्स |
| प्रैक्टिकल ट्रेनिंग | प्रत्येक सेमेस्टर में फील्डवर्क/इंटर्नशिप अनिवार्य | इंडस्ट्री इंटर्नशिप होती है, लेकिन सामाजिक फील्डवर्क नहीं |
| करियर क्षेत्र | NGO, CSR, हेल्थकेयर, सामाजिक संगठन, सरकारी योजनाएँ | कॉर्पोरेट सेक्टर, बैंकिंग, कंसल्टिंग, स्टार्टअप और मैनेजमेंट रोल्स |
FAQs
हाँ, BA या किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने के बाद MSW में एडमिशन लिया जा सकता है। इसके लिए मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से स्नातक डिग्री होना जरूरी है। हालांकि सामाजिक विषयों की पृष्ठभूमि होने पर पढ़ाई समझने में आसानी होती है।
MSW कोर्स में सामाजिक कार्य की विधियाँ, सामुदायिक विकास, मानव व्यवहार, सामाजिक न्याय, ग्रामीण और शहरी विकास, महिला एवं बाल कल्याण जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। साथ ही फील्डवर्क और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी कराई जाती है।
MSW के बाद NGO, सरकारी विभागों, अस्पतालों, स्कूलों, CSR प्रोजेक्ट्स और सामुदायिक विकास संगठनों में सोशल वर्कर, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, काउंसलर और रिसर्च असिस्टेंट जैसी नौकरियाँ मिल सकती हैं।
हाँ, अनुभव और अतिरिक्त योग्यता के आधार पर विदेशों में भी सोशल वर्क से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। कुछ देशों में काम करने के लिए स्थानीय लाइसेंस या भाषा योग्यता की आवश्यकता हो सकती है।
MSW कोर्स आपको समाज सेवा, काउंसलिंग, सामुदायिक विकास और सामाजिक नीतियों की व्यावहारिक समझ देता है। इससे सरकारी योजनाओं, NGOs, हेल्थकेयर और सामाजिक संस्थानों में काम करने के अवसर बढ़ जाते हैं।
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको MSW कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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