IELTS एक अंतरराष्ट्रीय अंग्रेज़ी भाषा परीक्षा है, जिसे दुनिया के कई देश और यूनिवर्सिटी यह समझने के लिए इस्तेमाल करते हैं कि कोई छात्र या प्रोफेशनल अंग्रेज़ी में कितनी आसानी से पढ़, लिख, सुन और बोल सकता है। विदेश में पढ़ाई, नौकरी या स्थायी निवास के लिए आवेदन करते समय IELTS स्कोर अक्सर एक जरूरी शर्त होता है।
यह परीक्षा सामान्य स्कूल या कॉलेज की अंग्रेज़ी परीक्षा से अलग होती है। इसमें रटने से ज़्यादा रोज़मर्रा और अकादमिक हालात में अंग्रेज़ी के वास्तविक इस्तेमाल को परखा जाता है। इसी वजह से बिना सही समझ के तैयारी करने पर छात्र अक्सर स्कोर या मॉड्यूल से जुड़ी गलतियाँ कर बैठते हैं।
यहाँ IELTS से जुड़ी सभी ज़रूरी जानकारियाँ एक जगह दी गई हैं परीक्षा का पैटर्न, सिलेबस, स्कोरिंग सिस्टम, फीस और रजिस्ट्रेशन ताकि पढ़ाई, करियर या माइग्रेशन से जुड़ा फैसला सोच-समझकर लिया जा सके और आगे चलकर किसी तरह की परेशानी न हो।
This Blog Includes:
- IELTS परीक्षा का ओवरव्यू
- IELTS क्या है?
- IELTS क्यों दिया जाता है?
- IELTS के प्रकार
- IELTS Academic और IELTS General में अंतर
- IELTS परीक्षा का फॉर्मेट और पैटर्न
- IELTS सिलेबस
- IELTS स्कोरिंग सिस्टम कैसे काम करता है?
- IELTS स्कोर कितने समय तक वैलिड रहता है?
- IELTS परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
- IELTS परीक्षा तिथि 2026
- भारत में IELTS परीक्षा शुल्क
- IELTS के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
- भारत में IELTS परीक्षा केंद्र
- IELTS कंप्यूटर-बेस्ड और पेपर-बेस्ड में अंतर
- IELTS परीक्षा किन देशों और कोर्स के लिए स्वीकार्य है?
- अलग-अलग यूनिवर्सिटी में IELTS स्कोर की शर्तें अलग क्यों होती हैं?
- IELTS की तैयारी कैसे करें?
- IELTS परीक्षा से जुड़ी जरूरी बातें
- IELTS और TOEFL में अंतर
- IELTS और PTE में अंतर
- IELTS vs Duolingo English Test
- IELTS One Skill Retake क्या है?
- IELTS से जुड़ी आम गलतफहमियाँ
- FAQs
IELTS परीक्षा का ओवरव्यू
यहाँ IELTS परीक्षा का ओवरव्यू दिया गया है ताकि आप इस परीक्षा के बारे में संक्षिप्त में जान सकें –
| बिंदु | विवरण |
| परीक्षा का नाम | IELTS (इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम) |
| परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था | IDP (ऑस्ट्रेलिया), ब्रिटिश काउंसिल और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी इंग्लिश असेसमेंट |
| परीक्षा के प्रकार | IELTS Academic (विदेश में पढ़ाई के लिए)IELTS General Training (काम और माइग्रेशन के लिए)IELTS UKVI (यूके वीज़ा से जुड़ी जरूरतों के लिए) |
| परीक्षा का मोड | उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार कंप्यूटर आधारित या पेपर आधारित परीक्षा चुन सकते हैं। दोनों ही तरह की परीक्षा का पैटर्न और स्कोरिंग सिस्टम समान होता है। |
| स्कोर रेंज | IELTS में स्कोर 0 से 9 बैंड तक होता है (हर सेक्शन का स्कोर 0–9) |
| स्कोर की वैधता | 2 साल |
| स्वीकृत देश | IELTS स्कोर को यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, आयरलैंड, और कई यूरोपीय देशों के अलावा दुनिया की 11,000 से अधिक संस्थाएं मान्यता देती हैं। |
IELTS क्या है?
IELTS एक अंतरराष्ट्रीय अंग्रेज़ी भाषा परीक्षा है, जिसमें यह देखा जाता है कि कोई व्यक्ति पढ़ाई, काम या अकादमिक माहौल में अंग्रेज़ी को कितनी आसानी और सही तरीके से इस्तेमाल कर पाता है।
यह कोई स्कूल या कॉलेज की सामान्य अंग्रेज़ी परीक्षा नहीं है, बल्कि एक स्टैंडर्ड इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट है, जिसे दुनिया भर में मान्यता मिली हुई है। IELTS परीक्षा का संचालन तीन संस्थाएँ मिलकर करती हैं – आईडीपी एजुकेशन (ऑस्ट्रेलिया), ब्रिटिश काउंसिल (यूके) और कैम्ब्रिज असेसमेंट इंग्लिश। इनका काम परीक्षा का लेवल तय करना, प्रश्न पत्र तैयार करना और फेयर इवैल्यूएशन सुनिश्चित करना होता है, ताकि सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन एक जैसे नियमों पर किया जा सके।
IELTS क्यों दिया जाता है?
IELTS मुख्य रूप से यह जांचने के लिए दिया जाता है कि कोई व्यक्ति अंग्रेज़ी भाषा को पढ़ने, लिखने, समझने और बोलने में कितना सक्षम है। विदेश में पढ़ाई, काम या स्थायी निवास के दौरान भाषा से जुड़ी कोई परेशानी न हो, इसलिए यह परीक्षा ज़रूरी मानी जाती है। IELTS परीक्षा आमतौर पर निम्नलिखित कारणों से दी जाती है –
- हायर एजुकेशन: विदेशी विश्वविद्यालय यह जानना चाहते हैं कि छात्र अंग्रेज़ी में पढ़ाई सही तरह से समझ पाएगा या नहीं। इसी वजह से IELTS स्कोर मांगा जाता है। यह स्कोर दिखाता है कि छात्र लेक्चर समझ सकता है, असाइनमेंट लिख सकता है और क्लास में बातचीत कर सकता है। ज़्यादातर देशों में यूनिवर्सिटी 6.0 से 7.0 बैंड के बीच स्कोर स्वीकार करती हैं, हालांकि यह कोर्स और संस्थान पर निर्भर करता है। कुछ यूनिवर्सिटी अलग-अलग सेक्शन, जैसे राइटिंग या स्पीकिंग में भी न्यूनतम स्कोर की शर्त रखती हैं।
- वर्क वीज़ा: कई देशों में काम करने के लिए अंग्रेज़ी की न्यूनतम योग्यता ज़रूरी होती है। IELTS के ज़रिए यह जांचा जाता है कि आवेदक ऑफिस, ग्राहक या टीम के साथ सही तरीके से बातचीत कर सकता है या नहीं। खासकर यूके, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में यह एक आम शर्त है।
- PR / माइग्रेशन: स्थायी निवास के लिए IELTS स्कोर अक्सर पॉइंट सिस्टम का हिस्सा होता है। बेहतर स्कोर मिलने पर ज़्यादा अंक मिलते हैं, जिससे चयन की संभावना बढ़ जाती है।
- प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन: नर्स, डॉक्टर और कुछ तकनीकी पेशों में काम करने से पहले संबंधित काउंसिल अंग्रेज़ी भाषा में दक्षता का प्रमाण मांगती है, जिसमें IELTS स्कोर को मान्यता दी जाती है।
IELTS के प्रकार
IELTS परीक्षा अलग-अलग उद्देश्यों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, इसलिए इसके प्रकार भी अलग हैं। बहुत से छात्र बिना सही जानकारी के गलत IELTS चुन लेते हैं, जिससे बाद में यूनिवर्सिटी या वीज़ा के समय दिक्कत आती है। नीचे तीनों प्रमुख प्रकारों को आसान भाषा में विस्तार से समझाया गया है।
IELTS Academic
IELTS Academic उन छात्रों के लिए होता है जो विदेश में ग्रेजुएशन, मास्टर्स या रिसर्च से जुड़े कोर्स करना चाहते हैं। इस टेस्ट में पढ़ने और लिखने वाले हिस्से में अकादमिक स्तर की भाषा पूछी जाती है, जैसे ग्राफ, चार्ट, रिपोर्ट या यूनिवर्सिटी से जुड़े विषय। अधिकतर विदेशी यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए इसी IELTS को स्वीकार करते हैं। अगर लक्ष्य विदेश में पढ़ाई है, तो ज्यादातर मामलों में यही सही विकल्प माना जाता है।
IELTS General Training
IELTS General Training उन लोगों के लिए होता है जो विदेश में नौकरी, ट्रेनिंग या स्थायी निवास के लिए आवेदन करना चाहते हैं। इसमें भाषा का स्तर रोज़मर्रा की जिंदगी और कामकाज से जुड़ा होता है, जैसे ई-मेल, नोटिस या सामान्य लेख। पढ़ने और लिखने वाले हिस्से अपेक्षाकृत सरल होते हैं। यह IELTS यूनिवर्सिटी डिग्री कोर्स के लिए आमतौर पर मान्य नहीं होता, इसलिए स्टडी के लिए इसे चुनना एक आम लेकिन बड़ी गलती होती है।
IELTS UKVI
IELTS UKVI खास तौर पर यूनाइटेड किंगडम के वीज़ा नियमों के अनुसार लिया जाता है। यह परीक्षा उन्हीं केंद्रों पर होती है जिन्हें UK सरकार ने मंजूरी दी होती है। इसका पैटर्न IELTS Academic या General Training जैसा ही होता है, फर्क सिर्फ वीज़ा उपयोग का होता है। अगर कोई छात्र या प्रोफेशनल यूके के लिए स्टडी या वर्क वीज़ा आवेदन कर रहा है और वीज़ा में UKVI लिखा है, तो यही IELTS देना जरूरी होता है।
IELTS Academic और IELTS General में अंतर
यहाँ IELTS Academic और IELTS General में अंतर को नीचे दी गई टेबल में समझाया गया है –
| पैरामीटर | IELTS Academic | IELTS General |
| उद्देश्य | विदेश में उच्च शिक्षा (डिग्री, मास्टर्स, पीएचडी) | नौकरी, वर्क परमिट और पीआर |
| किसके लिए जरूरी | यूनिवर्सिटी और कॉलेज | इमिग्रेशन और जॉब आवेदन |
| रीडिंग सेक्शन | रिसर्च और अध्ययन आधारित लेख | रोज़मर्रा की भाषा वाले लेख |
| राइटिंग टास्क | ग्राफ, चार्ट और औपचारिक निबंध | पत्र और सामान्य विषय |
| कठिनाई स्तर | थोड़ा ज्यादा अकादमिक | अपेक्षाकृत आसान |
| स्वीकार्यता | विश्व की अधिकतर यूनिवर्सिटीज | इमिग्रेशन विभाग और नियोक्ता |
| गलत चयन का नुकसान | अगर स्टडी के लिए गलत मॉड्यूल चुना गया, तो यूनिवर्सिटी आवेदन स्वीकार नहीं कर सकती। | यह स्टडी कोर्स के लिए मान्य नहीं होता, इसलिए पढ़ाई के लिए देने पर नुकसान हो सकता है। |
IELTS परीक्षा का फॉर्मेट और पैटर्न
IELTS परीक्षा चार मुख्य सेक्शन में होती है, जिनमें लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग शामिल हैं। हर सेक्शन में ऑडियो सुनकर जवाब देना, लिखित सामग्री समझना, सही ढंग से लिखना और आमने-सामने बातचीत करना जैसी अलग-अलग भाषा क्षमताएँ परखी जाती हैं, इसलिए हर भाग का समय, प्रश्नों का प्रकार और जांचने का तरीका अलग होता है।
नीचे दी गई टेबल में IELTS के चारों सेक्शन का समय, प्रश्नों की संख्या और किस तरह की क्षमता जांची जाती है यह बताया गया है:
| सेक्शन | समय | प्रश्न / कार्य | क्या परखा जाता है |
| लिसनिंग | लगभग 30 मिनट | 40 प्रश्न | रोज़मर्रा की बातचीत, शैक्षणिक चर्चा और मोनोलॉग सुनकर सही जानकारी समझने की क्षमता |
| रीडिंग | 60 मिनट | 40 प्रश्न | लिखित अंग्रेज़ी समझना और ज़रूरी जानकारी जल्दी पहचानना |
| राइटिंग | 60 मिनट | 2 टास्क | सही ढंग से लिखना, विचारों को साफ़ और क्रम में रखना |
| स्पीकिंग | 11–14 मिनट | 3 पार्ट | आत्मविश्वास के साथ बोलना और अपने विचार स्पष्ट रूप से रखना |
IELTS सिलेबस
IELTS परीक्षा चार भागों में होती है। हर भाग अलग भाषा कौशल को परखता है। नीचे हर सेक्शन का सिलेबस टेबल में दिया गया है:
| सेक्शन | समय | प्रश्नों की संख्या | मुख्य सामग्री |
| लिसनिंग (सुनने की परीक्षा) | 30 मिनट | 40 प्रश्न | 4 अलग-अलग रिकॉर्डिंग (सामान्य बातचीत, शैक्षणिक व्याख्यान) |
| रीडिंग (पढ़ने की परीक्षा) | 60 मिनट | 40 प्रश्न | Academic रीडिंग: 3 पैसेज (ज्यादातर फैक्चुअल और एनालिटिकल) General रीडिंग: 3-4 पैसेज (सामान्य जीवन, पत्र, विज्ञापन) |
| राइटिंग (लेखन परीक्षा) | 60 मिनट | 2 टास्क | Academic: टास्क 1 – ग्राफ, चार्ट या डायग्राम की जानकारी लिखना। टास्क 2 – निबंध लिखना। General: टास्क 1 – पत्र लिखना (formal/informal) टास्क 2 – निबंध। |
| स्पीकिंग (बोलने की परीक्षा) | 11–14 मिनट | 3 पार्ट | पार्ट 1 – सामान्य परिचय, व्यक्तिगत सवाल पार्ट 2 – कार्ड पर दिए गए विषय पर 2 मिनट तक बात करना पार्ट 3 – विषय से संबंधित विस्तृत सवाल |
IELTS स्कोरिंग सिस्टम कैसे काम करता है?
IELTS में पास या फेल नहीं होता। इसमें हर उम्मीदवार को 0 से 9 के बीच बैंड स्कोर दिया जाता है। लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग चारों सेक्शन का स्कोर अलग-अलग आता है और इन्हीं का औसत निकालकर ओवरऑल बैंड स्कोर तय किया जाता है। यही स्कोर यूनिवर्सिटी और वीज़ा आवेदन में आपकी अंग्रेज़ी क्षमता को दिखाता है।
नीचे दी गई टेबल में हर बैंड स्कोर का आधिकारिक मतलब आसान भाषा में बताया गया है।
| बैंड स्कोर | बैंड का मतलब (आसान भाषा में) |
| 9 | एक्सपर्ट यूज़र – अंग्रेज़ी पर पूरी पकड़, लगभग नेटिव लेवल |
| 8 | बहुत अच्छी अंग्रेज़ी – कभी-कभी छोटी गलती |
| 7 | अच्छी अंग्रेज़ी – पढ़ाई और प्रोफेशनल काम के लिए उपयुक्त |
| 6 | काबिल अंग्रेज़ी – ज़्यादातर यूनिवर्सिटी के लिए स्वीकार्य |
| 5 | सीमित अंग्रेज़ी – रोज़मर्रा की बातचीत में थोड़ी परेशानी |
| 4 | बुनियादी अंग्रेज़ी – जटिल बातें समझने में दिक्कत |
| 3 | बहुत सीमित अंग्रेज़ी – केवल साधारण बातचीत |
| 2 | बहुत कम समझ – मुश्किल से कुछ शब्द |
| 1 | लगभग कोई भाषा क्षमता नहीं |
| 0 | परीक्षा में उपस्थित नहीं हुआ |
IELTS स्कोर कितने समय तक वैलिड रहता है?
IELTS का स्कोर प्राप्त करने के बाद इसकी वैधता दो वर्ष की होती है। इसका मतलब है कि परीक्षा के दिन से दो साल तक ही यह स्कोर विश्वविद्यालय, रोजगार या वीज़ा प्रक्रियाओं में मान्य माना जाता है। दो साल के बाद स्कोर की वैधता समाप्त हो जाती है और इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता। यदि किसी विद्यार्थी का स्कोर एक्सपायर हो चुका है, तो उसे नए स्कोर के लिए पुनः परीक्षा देनी होगी। इस कारण, योजना बनाते समय परीक्षा की वैधता और आवेदन समय का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
IELTS परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
IELTS परीक्षा के लिए कोई बहुत सख्त एलिजिबिलिटी नियम तय नहीं किए गए हैं, लेकिन कुछ जरूरी प्रैक्टिकल बातें हैं जिन्हें हर छात्र को समझना चाहिए।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: IELTS देने के लिए किसी खास डिग्री या कक्षा की अनिवार्यता नहीं है। 10वीं या 12वीं पास छात्र भी IELTS परीक्षा दे सकते हैं। यह परीक्षा आपकी अंग्रेज़ी समझने और बोलने की क्षमता को जांचती है, न कि आपकी पढ़ाई के स्तर को।
- यदि आप विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, तो आमतौर पर IELTS Academic जरूरी होता है।
- यदि आप जॉब, लाइसेंस या माइग्रेशन के लिए ट्राई कर रहे हैं तो इसके लिए IELTS General Training या UKVI जरुरी हो सकता है।
- IELTS देने के लिए किसी खास डिग्री या बोर्ड की अनिवार्यता नहीं है। 12वीं पास छात्र, ग्रेजुएट या पोस्ट-ग्रेजुएट, किसी भी लेवल के स्टूडेंट्स इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि विदेश की यूनिवर्सिटी IELTS के साथ-साथ स्टूडेंट्स की शैक्षणिक योग्यता भी देखती हैं।
- आयु सीमा: IELTS की कोई आधिकारिक न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा नहीं है। हालांकि, सामान्यतः 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को यह परीक्षा देने की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि प्रश्नों का स्तर अकादमिक होता है।
- राष्ट्रीयता से जुड़ी शर्त: IELTS किसी एक देश के छात्रों तक सीमित नहीं है। इसमें भारतीय छात्र, अंतरराष्ट्रीय छात्र या कामकाजी लोग सभी आवेदन कर सकते हैं।
- पहले से अंग्रेज़ी ज्ञान जरूरी: IELTS बिगिनर स्तर की परीक्षा नहीं है। अगर छात्रों को बेसिक अंग्रेज़ी पढ़ने, लिखने और समझने में दिक्कत है, तो उन्हें पहले इसकी तैयारी करनी चाहिए।
IELTS परीक्षा तिथि 2026
IELTS परीक्षा किसी तय कैलेंडर या साल-भर की फिक्स डेट्स पर नहीं होती। यह परीक्षा पूरे साल कई बार (multiple dates) आयोजित की जाती है और उपलब्ध तिथियाँ शहर, टेस्ट मोड (कंप्यूटर-बेस्ड या पेपर-बेस्ड) और परीक्षा केंद्र के अनुसार बदलती रहती हैं। कंप्यूटर-बेस्ड IELTS के लिए ज़्यादातर शहरों में हर हफ्ते कई तिथियाँ उपलब्ध होती हैं, जबकि पेपर-बेस्ड IELTS आमतौर पर महीने में कुछ तय दिनों पर आयोजित किया जाता है। बड़े शहरों में परीक्षा विकल्प अपेक्षाकृत ज़्यादा होते हैं।
IELTS परीक्षा की सटीक तिथि, समय और उपलब्धता रजिस्ट्रेशन के समय आधिकारिक IELTS बुकिंग पोर्टल पर ही दिखाई जाती है। उल्लिखित सोर्स के अनुसार हर महीने होने वाली IELTS परीक्षा तिथि 2026, परीक्षा प्रकार और फीस की जानकारी को नीचे टेबल के माध्यम से समझाया गया है –
जनवरी 2026 – IELTS परीक्षा तिथियाँ
| महीना | परीक्षा तिथि | परीक्षा प्रकार | परीक्षा शुल्क (INR) |
| जनवरी 2026 | शनिवार, 10 जनवरी | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
| जनवरी 2026 | शनिवार, 24 जनवरी | अकादमिक | 18,000 |
| जनवरी 2026 | शनिवार, 31 जनवरी | अकादमिक | 18,000 |
फरवरी 2026 – IELTS परीक्षा तिथियाँ
| महीना | परीक्षा तिथि | परीक्षा प्रकार | परीक्षा शुल्क (INR) |
| फरवरी 2026 | शनिवार, 07 फरवरी | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
| फरवरी 2026 | शनिवार, 14 फरवरी | अकादमिक | 18,000 |
| फरवरी 2026 | शनिवार, 21 फरवरी | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
| फरवरी 2026 | शनिवार, 28 फरवरी | अकादमिक | 18,000 |
मार्च 2026 – IELTS परीक्षा तिथियाँ
| महीना | परीक्षा तिथि | परीक्षा प्रकार | परीक्षा शुल्क (INR) |
| मार्च 2026 | शनिवार, 07 मार्च | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
| मार्च 2026 | शनिवार, 14 मार्च | अकादमिक | 18,000 |
| मार्च 2026 | शनिवार, 21 मार्च | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
अप्रैल 2026 – IELTS परीक्षा तिथियाँ
| महीना | परीक्षा तिथि | परीक्षा प्रकार | परीक्षा शुल्क (INR) |
| अप्रैल 2026 | शनिवार, 04 अप्रैल | अकादमिक | 18,000 |
| अप्रैल 2026 | शनिवार, 11 अप्रैल | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
| अप्रैल 2026 | शनिवार, 25 अप्रैल | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
मई 2026 – IELTS परीक्षा तिथियाँ
| महीना | परीक्षा तिथि | परीक्षा प्रकार | परीक्षा शुल्क (INR) |
| मई 2026 | शनिवार, 02 मई | अकादमिक | 18,000 |
| मई 2026 | गुरुवार, 07 मई | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
| मई 2026 | शनिवार, 16 मई | अकादमिक | 18,000 |
| मई 2026 | शनिवार, 23 मई | अकादमिक + जनरल ट्रेनिंग | 18,000 |
जून 2026 – IELTS परीक्षा तिथियाँ
| महीना | परीक्षा तिथि | परीक्षा प्रकार | परीक्षा शुल्क (INR) |
| जून 2026 | शनिवार, 06 जून | अकादमिक + सामान्य प्रशिक्षण | 18,000 |
| जून 2026 | शनिवार, 13 जून | अकादमिक | 18,000 |
| जून 2026 | शनिवार, 20 जून | अकादमिक + सामान्य प्रशिक्षण | 18,000 |
| जून 2026 | शनिवार, 27 जून | अकादमिक | 18,000 |
सोर्स – https://ieltsidpindia.com/ielts/exam-dates-in-2026
भारत में IELTS परीक्षा शुल्क
भारत में IELTS कंप्यूटर-बेस्ड और पेपर-बेस्ड परीक्षा का शुल्क आमतौर पर समान रहता है; अंतर केवल UKVI या लाइफ स्किल्स जैसे विशेष टेस्ट में होता है। IELTS परीक्षा शुल्क समय-समय पर बदला जा सकता है। नीचे भारत में IELTS परीक्षा शुल्क की वर्तमान जानकारी टेबल के रूप में दी गई है:
| परीक्षा प्रकार | शुल्क (INR) |
| IELTS कंप्यूटर बेस्ड (UKVI) | 18,250 |
| IELTS कंप्यूटर बेस्ड | 18,000 |
| IELTS लाइफ स्किल्स (A1 और B1) | 17,000 |
| IELTS यूके वीज़ा और इमीग्रेशन | 18,250 |
| IELTS पेपर बेस्ड | 18,000 |
IELTS के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
IELTS का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होता है और प्रक्रिया सीधी है, लेकिन छोटी-सी गलती भी बाद में परेशानी बन सकती है। नीचे पूरा प्रोसेस आसान भाषा में समझाया गया है:
- स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: भारत में IELTS मुख्य रूप से IDP द्वारा आयोजित किया जाता है। सबसे पहले IDP IELTS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “IELTS बुक करें” विकल्प चुनें। किसी एजेंट या थर्ड-पार्टी साइट से रजिस्ट्रेशन करने से बचें।
- स्टेप 2: IELTS का प्रकार चुनें: यहाँ आपको तय करना होगा कि आपको Academic या General Training IELTS देना है। गलत प्रकार चुनने पर स्कोर मान्य नहीं माना जा सकता।
- स्टेप 3: टेस्ट मोड और शहर चुनें: अब कंप्यूटर आधारित या पेपर बेस्ड टेस्ट में से एक चुनें। इसके बाद अपना शहर और उपलब्ध परीक्षा तिथि देखें। बड़े शहरों में विकल्प ज्यादा होते हैं।
- स्टेप 4: व्यक्तिगत जानकारी भरें: अब उम्मीदवार नाम, जन्म-तिथि और पहचान विवरण बिल्कुल वैसे ही भरें जैसे आपके पासपोर्ट में हैं। इसके बाद में इसमें बदलाव संभव नहीं होता।
- स्टेप 5: पहचान दस्तावेज अपलोड करें: भारतीय छात्रों के लिए वैध पासपोर्ट जरूरी होता है। पासपोर्ट नंबर और स्कैन कॉपी सही ढंग से अपलोड करें।
- स्टेप 6: परीक्षा शुल्क का भुगतान करें: अंत में ऑनलाइन भुगतान करें। भुगतान पूरा होते ही आपको ई-मेल पर कन्फर्मेशन मिल जाता है।
भारत में IELTS परीक्षा केंद्र
भारत में IELTS परीक्षा कई राज्यों और शहरों में आयोजित की जाती है। परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता शहर और टेस्ट मोड (कंप्यूटर / पेपर) के अनुसार बदल सकती है। सटीक परीक्षा केंद्र का नाम और पता बुकिंग के समय आधिकारिक IELTS पोर्टल पर दिखाया जाता है।
| राज्य / क्षेत्र | प्रमुख शहर | टेस्ट उपलब्धता |
| दिल्ली / NCR | नई दिल्ली | कंप्यूटर आधारित, कुछ तिथियों पर पेपर |
| उत्तर प्रदेश | लखनऊ, कानपुर, नोएडा | अधिकतर कंप्यूटर आधारित |
| महाराष्ट्र | मुंबई, पुणे, नागपुर | कंप्यूटर और पेपर |
| कर्नाटक | बेंगलुरु, मैंगलोर | कंप्यूटर और पेपर |
| तमिलनाडु | चेन्नई, कोयम्बटूर | कंप्यूटर और पेपर |
| पश्चिम बंगाल | कोलकाता, सिलीगुड़ी | कंप्यूटर और पेपर |
| गुजरात | अहमदाबाद, सूरत, राजकोट | अधिकतर कंप्यूटर आधारित |
| हरियाणा / पंजाब | अम्बाला, लुधियाना, जालंधर | अधिकतर कंप्यूटर आधारित |
| आंध्र प्रदेश | विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम | कंप्यूटर आधारित |
| केरल | कोच्चि, त्रिवेंद्रम, कोझिकोड | कंप्यूटर आधारित |
IELTS कंप्यूटर-बेस्ड और पेपर-बेस्ड में अंतर
यहाँ IELTS कंप्यूटर-बेस्ड और पेपर-बेस्ड में अंतर को नीचे टेबल में समझाया गया है –
| पैरामीटर | कंप्यूटर-बेस्ड IELTS | पेपर-बेस्ड IELTS |
| उत्तर देने का तरीका | कंप्यूटर स्क्रीन पर टाइप करते हैं | कागज़ पर पेन/पेंसिल से लिखते हैं। |
| राइटिंग/टाइपिंग | कीबोर्ड पर टाइप किया जाता है | हाथ से लिखा जाता है। |
| लिसनिंग | व्यक्तिगत हेडफोन से सुनते हैं | स्पीकर से ऑडियो चलता है। |
| आंसर ट्रांसफर टाइम | नहीं लगता, जवाब सीधे भरते हैं | अंत में 10 मिनट ट्रांसफर समय मिलता है। |
| परिचालन माहौल | छोटे कंप्यूटर लैब, शांत | बड़ी हॉल में कई अभ्यर्थी |
| परीक्षा तिथि की उपलब्धता | ज़्यादातर शहरों में हर हफ्ते कई तिथियाँ उपलब्ध होती हैं। | आमतौर पर महीने में कुछ तय तिथियों पर ही परीक्षा होती है। |
| परिणाम का समय | लगभग 3-5 दिन जल्दी | लगभग 13 दिन बाद |
| प्रश्न/समय/स्कोर | वही कंटेंट और स्कोरिंग (9-बैंड) | वही कंटेंट और स्कोरिंग (9-बैंड) |
| उपकरण सुविधा | हाइलाइट टूल के साथ स्क्रीन पे सवाल व उत्तर साथ दिखते हैं। | केवल कागज़ व राइटिंग पे आधारित |
IELTS परीक्षा किन देशों और कोर्स के लिए स्वीकार्य है?
IELTS स्कोर केवल यूनिवर्सिटी एडमिशन तक सीमित नहीं है। यह कई देशों में उच्च शिक्षा (अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट), नौकरी (वर्क वीज़ा) और स्थायी निवास/इमीग्रेशन (PR) के लिए एक मान्य भाषा प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। लंबे समय से चल रही यह परीक्षा प्रमुख देशों और कोर्सेज़ में व्यापक रूप से स्वीकार की जाती है।
यूनाइटेड किंगडम (UK) में लगभग सभी ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स के लिए IELTS स्कोर जरूरी माना जाता है। इसके अलावा UK Visa and Immigration (UKVI) के तहत आने वाली वीज़ा श्रेणियों, जैसे स्किल्ड वर्कर वीज़ा, में भी IELTS को मान्यता दी जाती है। ऑस्ट्रेलिया में IELTS शिक्षा, अस्थायी कार्य वीज़ा और स्थायी प्रवासन (PR) — तीनों के लिए एक मुख्य भाषा मानदंड है, जहाँ अलग-अलग वीज़ा कैटेगरी के अनुसार न्यूनतम स्कोर तय किया जाता है।
कनाडा में IELTS स्कोर यूनिवर्सिटी एडमिशन के साथ-साथ Express Entry और अन्य PR कार्यक्रमों में भी उपयोग किया जाता है। कई यूनिवर्सिटी आमतौर पर 6.0 से 6.5 के बीच बैंड स्कोर मांगती हैं, हालांकि यह कोर्स पर निर्भर करता है। यूनाइटेड स्टेट्स (USA) में भी हज़ारों कॉलेज और यूनिवर्सिटी, खासकर मास्टर्स और अन्य उच्च स्तरीय कोर्सेज़ के लिए IELTS स्वीकार करती हैं।
न्यूज़ीलैंड (NZ) में IELTS स्कोर शिक्षा, नौकरी और स्थायी निवास से जुड़ी प्रक्रियाओं में भाषा प्रमाण के रूप में लिया जाता है। इसी तरह यूरोप के कई देश भी IELTS को मान्यता देते हैं, हालांकि कुछ संस्थानों में वैकल्पिक परीक्षाएँ, जैसे TOEFL, भी स्वीकार की जाती हैं। इसलिए आवेदन से पहले चुने हुए देश और कोर्स की आधिकारिक भाषा शर्तें देखना ज़रूरी होता है।
अलग-अलग यूनिवर्सिटी में IELTS स्कोर की शर्तें अलग क्यों होती हैं?
हर यूनिवर्सिटी का पढ़ाने का तरीका और कोर्स की प्रकृति अलग होती है, इसलिए सभी जगह एक जैसा IELTS स्कोर लागू नहीं किया जा सकता। जहाँ क्लासरूम डिस्कशन, असाइनमेंट और रिसर्च का दबाव ज़्यादा होता है, वहाँ यूनिवर्सिटी अंग्रेज़ी भाषा में बेहतर पकड़ चाहती है और उसी हिसाब से स्कोर तय करती है।
कई मामलों में सिर्फ कुल बैंड स्कोर ही नहीं, बल्कि राइटिंग या स्पीकिंग जैसे सेक्शन में न्यूनतम स्कोर भी मांगा जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र किसी एक भाषा कौशल में बहुत पीछे न रहे। इसके अलावा कोर्स का लेवल, यूनिवर्सिटी की अकादमिक सख़्ती और देश की शिक्षा व्यवस्था भी स्कोर की मांग को प्रभावित करती है।
इसी वजह से “एक तय IELTS स्कोर” पर भरोसा करने के बजाय, जिस यूनिवर्सिटी और कोर्स के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसकी आधिकारिक स्कोर शर्तें देखना ज़्यादा सुरक्षित और समझदारी भरा होता है।
IELTS की तैयारी कैसे करें?
IELTS की तैयारी सही दिशा और नियमित अभ्यास पर निर्भर करती है। अगर शुरुआत से ही पैटर्न और स्किल्स को ध्यान में रखकर तैयारी की जाए, तो अच्छा बैंड स्कोर लाना आसान हो जाता है।
- IELTS का पूरा परीक्षा पैटर्न और हर सेक्शन का काम पहले समझें, ताकि तैयारी गलत दिशा में न जाए।
- यह तय करें कि आपको Academic या General कौन-सा मॉड्यूल चाहिए, उसी के अनुसार तैयारी करें।
- शुरुआत में एक diagnostic mock test देकर अपनी सबसे कमजोर स्किल पहचानें।
- रोज़ाना अभ्यास करें, लेकिन चारों सेक्शन को संतुलन में रखें।
- लिसनिंग के लिए अलग-अलग अंग्रेज़ी एक्सेंट (ब्रिटिश, ऑस्ट्रेलियन) सुनने की आदत डालें।
- रीडिंग में पूरे पैसेज पढ़ने के बजाय कीवर्ड्स और जानकारी जल्दी ढूँढने का अभ्यास करें।
- राइटिंग में पहले स्ट्रक्चर सीखें, फिर कंटेंट पर ध्यान दें।
- स्पीकिंग में सही जवाब से ज़्यादा स्पष्ट और आत्मविश्वास से बोलना ज़रूरी है।
- हर हफ्ते कम से कम 1–2 फुल-लेंथ मॉक टेस्ट दें।
- मॉक टेस्ट के बाद सिर्फ स्कोर नहीं, गलतियों का कारण समझें।
- बहुत ज़्यादा किताबें या सामग्री इकट्ठा करने से बचें, सीमित और भरोसेमंद स्रोत रखें।
- अगर राइटिंग या स्पीकिंग में बार-बार एक जैसी गलती हो रही है, तो एक्सपर्ट फीडबैक लें।
- परीक्षा से ठीक पहले नई रणनीति या नया फॉर्मेट ट्राय न करें।
IELTS परीक्षा से जुड़ी जरूरी बातें
यहाँ IELTS परीक्षा से जुड़ी जरूरी बातें दी गई हैं, जिन्हें फॉलो करके आप इस परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं –
- IELTS कितनी बार दे सकते हैं: IELTS परीक्षा पर कोई एटेम्पट लिमिट नहीं है। छात्र अपनी आवश्यकता और स्कोर के अनुसार कई बार परीक्षा दे सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक एटेम्पट के लिए अलग शुल्क देना होता है। अधिकतर छात्र अपने स्कोर को इम्प्रूव करने के लिए दो-तीन बार परीक्षा देते हैं।
- री-एटेम्पट नियम: यदि किसी ने IELTS परीक्षा दी और उनका स्कोर कम आया, तो वे अगले उपलब्ध एग्जाम डेट पर दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। पिछले स्कोर ऑटोमेटिकली नहीं होता, यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूशन अक्सर लेटेस्ट स्कोर को ही कंसीडर करती हैं।
- रिवैल्यूएशन / रीचेकिंग: यदि किसी छात्र को लगता है कि उनके राइटिंग या लिसनिंग/रीडिंग सेक्शन का मूल्यांकन सही नहीं हुआ, तो वह इंक्वारी ऑन रिजल्ट्स (EOR) के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह ऑफिसियल प्रोसेस है जिसमें कैंब्रिज असेसमेंट इंग्लिश एग्जामिनर द्वारा आंसर स्क्रिप्ट्स दुबारा जांची जाती हैं।
- रिजल्ट आने का समय: पेपर-बेस्ड IELTS का परिणाम आमतौर पर 13 दिन में मिलता है। कंप्यूटर-बेस्ड IELTS के लिए स्कोर 3-5 दिनों में उपलब्ध हो जाता है। स्पीकिंग स्कोर भी उसी समय फाइनल रिजल्ट में शामिल होता है।
IELTS और TOEFL में अंतर
विदेश में पढ़ाई या काम की योजना बनाने वाले छात्रों के लिए IELTS और TOEFL दोनों ही अंग्रेज़ी भाषा की योग्यता जांचने वाली परीक्षाएँ हैं, लेकिन इनका पैटर्न, स्वीकार्यता और अनुभव अलग-अलग होता है। सही परीक्षा चुनना आपके लक्ष्य और सुविधा पर निर्भर करता है।
| पैरामीटर | IELTS | TOEFL |
| परीक्षा का संचालन | ब्रिटिश काउंसिल, IDP, कैम्ब्रिज | ETS (एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस – अमेरिका आधारित संस्था) |
| परीक्षा का माध्यम | कंप्यूटर और पेपर बेस्ड दोनों उपलब्ध | पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (iBT) |
| बोलने की परीक्षा | आमने-सामने परीक्षक से | कंप्यूटर में रिकॉर्डिंग |
| प्रश्नों की भाषा | रोज़मर्रा और शैक्षणिक मिश्रण | ज़्यादा अकादमिक और तकनीकी |
| प्रश्नों के प्रकार | खाली स्थान भरें, मैचिंग, शॉर्ट उत्तर आदि | मुख्य रूप से बहुविकल्पीय (मल्टीपल चॉइस) प्रश्न |
| स्कोर प्रणाली | 0 से 9 बैंड | 0 से 120 अंक |
| स्वीकार्यता | यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोप | अमेरिका और कुछ अन्य देश |
| परीक्षा अवधि | लगभग 2 घंटे 45 मिनट | लगभग 3 घंटे |
| स्कोर वैधता | 2 वर्ष | 2 वर्ष |
| समय अवधि | लगभग 2 घंटे 45 मिनट | 2 घंटे से भी कम (लगभग 67-85 मिनट) |
| स्पीकिंग टेस्ट | एक परीक्षक के साथ आमने-सामने (Face-to-face) बातचीत | कंप्यूटर पर रिकॉर्ड की गई प्रतिक्रियाएं (AI द्वारा मूल्यांकित) |
विस्तार से जानने के लिए यह पढ़ें: IELTS और TOEFL के बीच अंतर
IELTS और PTE में अंतर
यहाँ IELTS और PTE में अंतर को समझाया गया है, जिससे आप यह निर्णय ले सकें कि कौन सी परीक्षा आपके लिए सही हो सकती है –
| पैरामीटर | IELTS | PTE |
| परीक्षा का उद्देश्य | विदेश में पढ़ाई, नौकरी और स्थायी निवास (PR) | मुख्य रूप से विदेश में पढ़ाई और नौकरी |
| परीक्षा संचालक | ब्रिटिश काउंसिल, IDP, कैम्ब्रिज | पियरसन |
| परीक्षा माध्यम | पेपर-बेस्ड और कंप्यूटर-बेस्ड दोनों | पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित |
| परीक्षा अवधि | लगभग 2 घंटे 45 मिनट | लगभग 2 घंटे (संक्षिप्त फॉर्मेट) |
| स्पीकिंग टेस्ट | परीक्षक के साथ आमने-सामने बातचीत | कंप्यूटर के सामने बोलकर जवाब रिकॉर्ड किए जाते हैं |
| मूल्यांकन का तरीका | प्रशिक्षित मानव परीक्षक, कुछ जगह तकनीकी सहायता | पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित ऑटोमैटिक स्कोरिंग |
| परिणाम का समय | कंप्यूटर-बेस्ड: 3–5 दिन, पेपर-बेस्ड: लगभग 13 दिन | आमतौर पर 1–5 दिन |
| स्वीकार्यता | लगभग सभी देशों और यूनिवर्सिटीज़ में | कई देशों में, लेकिन हर जगह स्वीकार्य नहीं |
| स्कोरिंग सिस्टम | 0 से 9 बैंड | 10 से 90 अंक |
| परीक्षा की प्रकृति | संतुलित, भाषा समझ और अभिव्यक्ति पर आधारित | तेज़ गति, तकनीकी और टाइम-मैनेजमेंट पर आधारित |
IELTS vs Duolingo English Test
IELTS और Duolingo English Test दोनों ही अंग्रेज़ी भाषा की परीक्षाएँ हैं, लेकिन इनकी स्वीकार्यता और उपयोग अलग-अलग होता है। नीचे दी गई टेबल से साफ़ समझा जा सकता है कि किस उद्देश्य के लिए कौन-सी परीक्षा ज़्यादा उपयुक्त रहती है।
| पैरामीटर | IELTS | Duolingo English Test |
| परीक्षा का उद्देश्य | विदेश में पढ़ाई, नौकरी, वीज़ा और पीआर | मुख्य रूप से यूनिवर्सिटी एडमिशन |
| परीक्षा संचालक | ब्रिटिश काउंसिल, IDP, कैम्ब्रिज | Duolingo |
| परीक्षा माध्यम | पेपर-बेस्ड और कंप्यूटर-बेस्ड | पूरी तरह ऑनलाइन |
| परीक्षा देने का स्थान | अधिकृत परीक्षा केंद्र | घर से (ऑनलाइन) |
| परीक्षा अवधि | लगभग 2 घंटे 45 मिनट | लगभग 1 घंटा |
| स्पीकिंग टेस्ट | परीक्षक के साथ आमने-सामने बातचीत | कंप्यूटर के सामने बोलकर जवाब रिकॉर्ड |
| स्किल्स की जांच | लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग, स्पीकिंग | रीडिंग, लिसनिंग, राइटिंग, स्पीकिंग (संयुक्त टास्क) |
| परिणाम का समय | 3–13 दिन (मोड पर निर्भर) | आमतौर पर 2–3 दिन |
| स्वीकार्यता | लगभग सभी देशों और यूनिवर्सिटीज़ में | कुछ चुनिंदा यूनिवर्सिटीज़ में |
| वीज़ा / पीआर में मान्यता | व्यापक रूप से मान्य | आमतौर पर मान्य नहीं |
| किसके लिए बेहतर | लॉन्ग-टर्म स्टडी, वर्क और इमीग्रेशन | सीमित यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए |
IELTS One Skill Retake क्या है?
IELTS One Skill Retake एक सुविधा है, जिसके तहत उम्मीदवार अपनी पूरी IELTS परीक्षा दोबारा देने के बजाय केवल एक भाषा कौशल लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग या स्पीकिंग को फिर से दे सकता है। यह विकल्प उन छात्रों के लिए उपयोगी होता है जिनका कुल स्कोर ठीक रहता है, लेकिन किसी एक सेक्शन में अपेक्षित बैंड स्कोर से थोड़ा कम आ जाता है।
यह सुविधा केवल कंप्यूटर-बेस्ड IELTS में उपलब्ध होती है और हर देश, यूनिवर्सिटी या संस्था द्वारा स्वीकार की जाए, ऐसा ज़रूरी नहीं है। इसलिए One Skill Retake का उपयोग करने से पहले यह जांचना जरूरी होता है कि आपकी चुनी हुई यूनिवर्सिटी या वीज़ा अथॉरिटी OSR स्कोर को मान्यता देती है या नहीं।
संक्षेप में, One Skill Retake समय और खर्च बचाने का एक विकल्प है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब यह आपके आवेदन की शर्तों के अनुरूप हो।
IELTS से जुड़ी आम गलतफहमियाँ
IELTS को लेकर छात्रों के बीच कई तरह की गलत धारणाएँ होती हैं, जिनकी वजह से वे तैयारी या परीक्षा को लेकर बेवजह घबरा जाते हैं। नीचे ऐसी ही कुछ आम गलतफहमियों को आसान भाषा में स्पष्ट किया गया है।
- मिथक 1: IELTS बहुत ज़्यादा कठिन परीक्षा होती है
IELTS तब कठिन लगती है जब तैयारी बिना दिशा के की जाए। असल में यह अंग्रेज़ी की समझ और रोज़मर्रा के इस्तेमाल को परखती है, न कि कठिन ग्रामर नियमों को। सही अभ्यास के साथ औसत छात्र भी अच्छा स्कोर ला सकते हैं। - मिथक 2: IELTS में पास या फेल होता है
IELTS में पास-फेल जैसा कोई सिस्टम नहीं होता। इसमें बैंड स्कोर दिया जाता है, जिसे यूनिवर्सिटी और वीज़ा अथॉरिटी अपनी शर्तों के अनुसार देखती हैं। - मिथक 3: ज़्यादा ग्रामर याद करने से अच्छा स्कोर आता है
IELTS में ग्रामर ज़रूरी है, लेकिन रटने से स्कोर नहीं बढ़ता। साफ़ भाषा, सही समझ और बात को ठीक से व्यक्त करना ज़्यादा अहम होता है। - मिथक 4: स्पीकिंग में तेज़ बोलना ज़रूरी होता है
स्पीकिंग टेस्ट में तेज़ बोलने से ज़्यादा ज़रूरी है साफ़, समझने लायक और आत्मविश्वास के साथ बोलना। धीरे लेकिन सही बोलना बेहतर माना जाता है। - मिथक 5: एक बार कम स्कोर आ गया तो दोबारा फायदा नहीं होता
IELTS कई बार दिया जा सकता है और बेहतर तैयारी के साथ स्कोर में सुधार भी किया जा सकता है। ज़रूरत पड़ने पर One Skill Retake जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। - मिथक 6: सिर्फ कोचिंग लेने से अच्छा स्कोर मिल जाता है
कोचिंग मदद कर सकती है, लेकिन स्कोर पूरी तरह अभ्यास और समझ पर निर्भर करता है। बिना नियमित प्रैक्टिस के केवल कोचिंग से मनचाहा स्कोर नहीं आता।
FAQs
IELTS का रिज़ल्ट परीक्षा के मोड पर निर्भर करता है। कंप्यूटर-बेस्ड IELTS का रिज़ल्ट आमतौर पर 3 से 5 दिन में आ जाता है, जबकि पेपर-बेस्ड IELTS का रिज़ल्ट लगभग 13 दिन बाद जारी किया जाता है। रिज़ल्ट ऑनलाइन उपलब्ध होता है और उसी के आधार पर यूनिवर्सिटी या वीज़ा आवेदन आगे बढ़ाया जाता है।
One Skill Retake (OSR) एक सुविधा है, जिसमें उम्मीदवार IELTS परीक्षा देने के बाद केवल एक स्किल (लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग या स्पीकिंग) को दोबारा दे सकता है। यह विकल्प तभी उपलब्ध होता है जब परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड दी गई हो और संबंधित यूनिवर्सिटी या संस्था OSR स्कोर स्वीकार करती हो। सभी देशों और संस्थानों में यह सुविधा मान्य हो, ऐसा ज़रूरी नहीं है।
IELTS का पूरा नाम International English Language Testing System है। यह एक अंग्रेज़ी भाषा कौशल परीक्षा है, जो विद्यार्थियों और पेशेवरों की सुनने, पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता को मापती है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेश में पढ़ाई, काम या स्थायी आवास (immigration) के लिए अंग्रेज़ी की दक्षता साबित करना है।
IELTS कठिन तब लगती है जब तैयारी बिना योजना के की जाए। यह परीक्षा तकनीकी रूप से मुश्किल नहीं है, लेकिन समय प्रबंधन, समझदारी और अभ्यास की आवश्यकता होती है। परीक्षा में सुनने, पढ़ने और लिखने के कौशल के अलावा, बोलने की आत्मविश्वास भी महत्वपूर्ण है।
कुछ देशों और विश्वविद्यालयों में IELTS अनिवार्य नहीं होता, लेकिन अधिकतर उच्च शिक्षा संस्थानों और स्कॉलरशिप के लिए यह जरूरी होता है। कई संस्थान अंग्रेज़ी में पहले से शिक्षा दे रहे छात्रों के लिए विकल्प प्रदान करते हैं, लेकिन विकल्प सीमित और स्थिति विशेष पर निर्भर होते हैं।
अधिकांश विश्वविद्यालयों और संस्थानों में 6.0 से 7.5 के बीच बैंड स्कोर मांगा जाता है। पेशेवर या इमिग्रेशन के लिए अलग बैंड सीमा हो सकती है। इसलिए लक्ष्य निर्धारित करने से पहले हमेशा संबंधित संस्था की आधिकारिक निर्देशिका देखें।
उम्मीद है कि इस लेख से आपको IELTS से जुड़ी ज़रूरी जानकारी समझ में आई होगी। स्टडी अब्रॉड से जुड़े ऐसे ही दूसरे विषयों पर जानकारी के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।
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