समय के साथ-साथ हेल्थकेयर सेक्टर के तेजी से विस्तार और बढ़ती जनसंख्या के कारण अस्पतालों में सपोर्ट स्टाफ की मांग लगातार बढ़ रही है। इस डिमांड की पूर्ति के लिए जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) कोर्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह कोर्स हेल्थकेयर सेक्टर का एक स्किल-बेस्ड प्रशिक्षण प्रोग्राम है, जिसमें आपको अस्पतालों, नर्सिंग होम और होम केयर सेटअप में मरीजों की बेसिक देखभाल और सपोर्ट सेवाओं के लिए तैयार किया जाता है।
भारत में यह कोर्स स्किल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क जैसे NSDC और हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल के दिशा-निर्देशों पर आधारित होता है। यदि आप हेल्थकेयर सिस्टम में अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है। इस लेख में आपके लिए जीडीए कोर्स से जुड़ी जानकारी दी गई है।
| मापदंड | विवरण |
| कोर्स की फुल फॉर्म | जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) |
| कोर्स का प्रकार | स्किल-बेस्ड सर्टिफिकेट / डिप्लोमा कोर्स |
| मुख्य उद्देश्य | अस्पताल या हेल्थकेयर सेटअप में मरीजों की बेसिक देखभाल और नर्स/डॉक्टर की सहायता करना |
| संचालित संस्थान | स्किल डेवलपमेंट सेंटर, NSDC से मान्यता प्राप्त संस्थान, PMKVY प्रशिक्षण केंद्र |
| कोर्स अवधि | लगभग 3 से 6 महीने / कुछ डिप्लोमा 1 वर्ष तक |
| न्यूनतम योग्यता | 10वीं या 12वीं पास (संस्थान अनुसार) |
| करिकुलम स्ट्रक्चर | पेशेंट केयर, हॉस्पिटल हाइजीन, फर्स्ट एड, बेसिक मेडिकल सपोर्ट |
| ट्रेनिंग टाइप | थ्योरी, प्रैक्टिकल और हॉस्पिटल/केयर सेंटर में ऑन-जॉब ट्रेनिंग |
| रोजगार के क्षेत्र | अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम, होम केयर, ओल्ड एज होम |
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GDA कोर्स क्यों करें?
हेल्थकेयर सेक्टर में करियर की बेसिक शुरुआत के लिए जीडीए कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस कोर्स को आप निम्नलिखित कारणों के चलते भी चुन सकते हैं –
- यह एक स्किल-बेस्ड हेल्थकेयर कोर्स है जिसमें आप मरीजों की दैनिक देखभाल, हॉस्पिटल हाइजीन, इंफेक्शन कंट्रोल और बेसिक फर्स्ट एड की जानकारी पा सकते हैं। यदि आप हेल्थकेयर सिस्टम का हिस्सा बनकर अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह कोर्स आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
- इस कोर्स को आप 10वीं के बाद भी कर सकते हैं, जिससे आपको ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मेडिकल फील्ड में करियर शुरू करने का अवसर मिलता है।
- इस कोर्स को 3 से 6 माह की समयावधि में आसानी से किया जा सकता है। कम समय में पूरा होने के कारण आप हॉस्पिटल्स और नर्सिंग होम जैसी जगह पर अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
- इस कोर्स को करने और जीडीए के रूप में अनुभव के बाद आप ‘पेशेंट केयर कोऑर्डिनेटर’ भी बन सकते हैं। इसके अलावा आप आगे चलकर ANM/GNM नर्सिंग कोर्स जैसे प्रोफेशनल नर्सिंग कोर्स को भी कर सकते हैं।
- इस कोर्स को चुनने का एक बड़ा कारण यह भी हो सकता है कि पीएमकेवीवाई (PMKVY) जैसे कई सरकारी केंद्रों पर यह कोर्स बहुत कम फीस या निशुल्क भी हो सकता है। इस कोर्स को करने के बाद आपको रोजगार के साथ-साथ समाजसेवा के भी अवसर मिलते हैं।
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GDA कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
जीडीए कोर्स जैसे स्किल प्रोग्राम में आवेदन करने के लिए आप में निम्नलिखित आवश्यक योग्यता होनी चाहिए, जिससे आप इस कोर्स में आसानी से प्रवेश पा सकते हैं –
- NSDC और PMKVY जैसे अधिकांश स्किल्स प्रोग्राम के अनुसार जीडीए कोर्स के लिए आपका 10वीं पास करना अनिवार्य होता है। हालाँकि कुछ निजी संस्थान इस कोर्स में प्रवेश के लिए 12वीं पास के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे सकते हैं।
- इस कोर्स को करने के लिए आमतौर पर आपकी आयुसीमा 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए, हालाँकि यह आयुसीमा संस्थान के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है।
- इस कोर्स को करने के लिए आपको स्थानीय भाषा के साथ-साथ हिंदी और बेसिक अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य है, ताकि आप पेशेंट डीलिंग के साथ-साथ और मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन को आसानी से पढ़ व समझ सकें।
जीडीए कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
जीडीए कोर्स में एडमिशन के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों ही तरीकों को अपना सकते हैं। अधिकांश संस्थानों में जीडीए कोर्स में एडमिशन वैसे तो मेरिट बेस्ड होता है, हालाँकि कुछ राज्य स्तरीय कौशल विकास मिशन इसके लिए छोटे स्तर पर स्क्रीनिंग टेस्ट का आयोजन करते हैं। इसलिए इस कोर्स में प्रवेश से पहले आप एडमिशन प्रोसेस को आधिकारिक वेबसाइट पर ध्यानपूर्वक पढ़ सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आप अपने नजदीकी NSDC (स्किल इंडिया) केंद्र या पैरामेडिकल कॉलेज का पता लगाएं, जहाँ से आप इस कोर्स को कर सकें।
- अब सेंटर पर जाकर आप जीडीए कोर्स के बारे में जानकारी प्राप्त करें और एडमिशन फॉर्म को प्राप्त करें।
- एडमिशन फॉर्म में मांगी गई शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी को सही तरीके से भरें।
- अब एडमिशन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी को अटैच करें।
- फॉर्म सबमिट करते समय सेंटर मैनेजर या काउंसलर आपकी कॉउंसलिंग या इंटरव्यू ले सकते हैं, आप इसके लिए तैयार रहें।
- अंत में आपके चुने जाने पर आपके लिए बैच अलॉटमेंट कर दी जाती है, जिसमें आप अपने बैच का टाइम और अपना रॉल नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आप स्किल इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट skillindia.gov.in या किसी मान्यता प्राप्त इंस्टिट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट को विजिट करें।
- वेबसाइट पर जाकर अब आप अपना रजिस्ट्रेशन करें, रजिस्ट्रेशन करते समय अपनी डिटेल जैसे – मोबाइल नंबर और ईमेल आदि को ध्यानपूर्वक भरें।
- अब जीडीए कोर्स में प्रवेश के लिए आप अपने पसंदीदा शहर और नजदीकी ट्रेनिंग सेंटर का चयन करें।
- अब आप अपने आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद अब आपको एक एप्लिकेशन आईडी या रजिस्ट्रेशन स्लिप मिलेगी, इसे अपने पास संभालकर रखें।
- अब आपके पास अंत में सेंटर से काउंसलिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए कॉल या ईमेल आएगा, इसके बाद ही आप अपनी एडमिशन प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे।
GDA कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए प्रशिक्षण केंद्रों/संस्थानों द्वारा मांगे जाते हैं। जीडीए कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी को आप NSDC की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
- आधार कार्ड
- 10वीं की मार्कशीट
- 12वीं की मार्कशीट (यदि प्रवेश के लिए किसी संस्थान ने मांगी हो तो)
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
GDA कोर्स का सिलेबस
जीडीए कोर्स का सिलेबस आमतौर पर एक जैसा ही रहता है, हालाँकि कुछ निजी संस्थानों में इसमें थोड़ी भिन्नता देखी जा सकती है। हालाँकि यहाँ दिया गया सिलेबस स्किल इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट skillindiadigital.gov.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
- हेल्थकेयर का परिचय
- मानव शरीर की बुनियादी जानकारी (बेसिक एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी)
- पेशेंट केयर और डेली असिस्टेंस
- नर्सिंग सपोर्ट और क्लिनिकल असिस्टेंस
- संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता (इंफेक्शन कंट्रोल)
- इमरजेंसी और फर्स्ट एड
- कम्युनिकेशन और सॉफ्ट स्किल्स
- हॉस्पिटल सपोर्ट सर्विस
- प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग)
जनरल ड्यूटी असिस्टेंट कोर्स के बाद करियर स्कोप और सैलरी
जीडीए कोर्स पूरा करने के बाद आप अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम, होम केयर, ओल्ड एज होम में विभिन्न जॉब प्रोफाइल पर काम करने के अवसर मिलते हैं। नीचे कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है –
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| नर्सिंग असिस्टेंट | INR 2.6 लाख – INR 2.9 लाख |
| होम हेल्थ ऐड | INR 3.9 लाख – INR 4.3 लाख |
| पेशेंट केयर असिस्टेंट | INR 2.4 लाख – INR 2.7 लाख |
| नर्सिंग ऐड | INR 2.3 लाख – INR 2.5 लाख |
नोट – यहां अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com के डेटा के आधार पर दी गई है, यह संस्थान, शहर, अनुभव और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
यह भी पढ़ें: GNM कोर्स क्या है? जानें योग्यता, फीस, सिलेबस और करियर स्कोप
FAQs
जीडीए कोर्स एक ऐसा हेल्थकेयर स्किल बेस्ड कोर्स है जिसमें आपको मरीजों की बेसिक देखभाल करनी सिखाई जाती है। यह कोर्स आपको अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और केयर सेंटर में काम करने के लिए तैयार करता है।
अस्पताल में जीडीए स्टाफ ऐसे प्रोफेशनल्स होते हैं जो मरीजों की देखभाल में नर्स और डॉक्टर्स की मदद करते हैं। मरीजों को उठाना-बैठना, साफ़-सफाई का ध्यान देना, उपकरण तैयार करना और वार्ड मैनेज करना इनका मुख्य काम होता है।
GDA कोर्स करने के बाद आपको हॉस्पिटल अटेंडेंट, नर्सिंग असिस्टेंट, वार्ड बॉय, होम केयर असिस्टेंट जैसे पदों पर करियर की शुरुआत करने का अवसर मिलता है।
हाँ, GDA कोर्स करने के बाद आप अपनी स्किल और गोल्स के आधार पर ANM, GNM या नर्सिंग से जुड़े अन्य कोर्स कर सकते हैं। इन कोर्स को करने के बाद आपको करियर की ग्रोथ के लिए अनेक अवसर मिलते हैं।
नहीं, GDA स्टाफ नर्स की तरह पेशेंट को मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं देता है। GDA स्टाफ केवल सपोर्टिव रोल्स में नर्स और डॉक्टर्स की मदद करता है।
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हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको जीडीए कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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