डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी (DMLT) एक दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स है, जिसमें स्टूडेंट्स को ब्लड, यूरिन, स्टूल और अन्य शारीरिक सैंपल्स की जांच करना सिखाया जाता है। यह कोर्स मेडिकल लैब में उपयोग होने वाली तकनीकों, विभिन्न प्रकार के पैथोलॉजिकल टेस्ट, रोगों की पहचान, निदान और उपचार से संबंधित प्रक्रियाओं पर गहन प्रशिक्षण प्रदान करता है। DMLT कोर्स का उद्देश्य स्टूडेंट्स को ऐसे स्किल्स से ट्रेन करना है, जिससे वे अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और रिसर्च लैब में तुरंत कार्य करने के लिए तैयार हो सकें।
आज हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती आबादी, नई बीमारियों और उन्नत जांच तकनीकों के कारण मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि डीएमएलटी स्टूडेंट्स के लिए एक बेहतर करियर ऑप्शन बन गया है। यह लेख खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो 12वीं के बाद मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं। इस लेख में DMLT कोर्स की योग्यता, एडमिशन प्रोसेस, सिलेबस, फीस, करियर विकल्प और संभावित सैलरी सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई है।
| कोर्स का नाम | डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी (DMLT) |
| कोर्स लेवल | डिप्लोमा |
| कोर्स की अवधि | 2 वर्ष |
| कोर्स का प्रकार | सेमेस्टर वाइज/ वार्षिक |
| कोर्स के लिए योग्यता | कक्षा 12वीं साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी) |
| एडमिशन क्राइटेरिया | मेरिट बेस्ड |
| जॉब प्रोफाइल | लैब असिस्टेंट, माइक्रोबायोलॉजी टेक्नीशियन, मेडिकल लैब टेक्नीशियन, ब्लड बैंक टेक्नीशियन व क्वालिटी कंट्रोल टेक्नीशियन आदि |
| रोजगार के क्षेत्र | सरकारी और प्राइवेट अस्पताल, डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी लैब, पब्लिक हेल्थ लैब, बायोटेक्नोलॉजी लैब आदि। |
This Blog Includes:
- DMLT कोर्स क्या है?
- DMLT कोर्स किसके लिए सही है?
- DMLT कोर्स क्यों करें?
- DMLT कोर्स की अवधि और स्ट्रक्चर
- DMLT कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
- DMLT कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
- DMLT कोर्स का सिलेबस
- DMLT कोर्स में इंटर्नशिप और क्लिनिकल ट्रेनिंग
- DMLT कोर्स की स्पेशलाइजेशन
- DMLT कोर्स की फीस
- DMLT बनाम BMLT: क्या अंतर है?
- DMLT कोर्स के बाद करियर ऑप्शन्स
- DMLT के बाद सैलरी कितनी होती है?
- DMLT के बाद हायर एजुकेशन के विकल्प
- सही DMLT कॉलेज कैसे चुनें?
- FAQs
DMLT कोर्स क्या है?
DMLT का फुल फॉर्म ‘डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी’ होता है। यह हेल्थ‑केयर सेक्टर में प्रयोगशाला आधारित डायग्नोस्टिक तकनीकों पर केंद्रित एक दो वर्षीय पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स है। इसमें छात्रों को बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, हेमेटोलॉजी जैसे विषयों के साथ उन्नत लैब उपकरणों का संचालन और सैंपल परीक्षण सिखाया जाता है, ताकि वे रोगों के निदान, उपचार और रोकथाम में प्रयोगशाला डेटा प्रदान कर सकें।
DMLT टेक्नीशियन अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब, ब्लड बैंक और अनुसंधान सेटिंग्स में चिकित्सीय निर्णयों के लिए वैध टेस्ट रिपोर्ट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे यह कोर्स मेडिकल और एलाइड हेल्थ फील्ड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनता है।
DMLT कोर्स किसके लिए सही है?
DMLT कोर्स उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जो 12वीं में साइंस (PCB) में दक्ष हैं और जो सीधे रोग निदान से जुड़े लैबोरेटरी तकनीकी कार्यों में रुचि रखते हैं। यह कोर्स थ्योरी के साथ‑साथ लैब इंस्ट्रूमेंटेशन, सैंपल प्रॉसेसिंग, हेमेटोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी परीक्षणों का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस देता है जो मेडिकल लैब में तकनीशियन रोल निभाने के लिए जरूरी है।
इसलिए यदि आप डीटेल‑ओरिएंटेड, वैज्ञानिक सोच वाले और स्ट्रिक्ट प्रोटोकॉल के साथ काम करना पसंद करते हैं, तो DMLT आपके लिए उपयुक्त करियर विकल्प है। वहीं, यदि किसी छात्र को लैब वर्क में रुचि नहीं है या वह क्लिनिकल प्रैक्टिस के क्षेत्र जैसे नर्सिंग व डॉक्टर के प्रोफेशन में काम करना चाहता है, तो DMLT उसकी प्राथमिक पसंद नहीं होनी चाहिए। इसलिए DMLT कोर्स उन छात्रों के लिए बेहतर है जो जल्दी जॉब-ओरिएंटेड मेडिकल करियर चाहते हैं।
DMLT कोर्स क्यों करें?
डीएमएलटी टेक्नीशियन अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब, ब्लड बैंक और अनुसंधान संस्थानों में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सीधे योगदान देते हैं, जिससे उनका रोल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में अहम माना जाता है। जिस की वजह से यह कोर्स स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता और जॉब‑ओरिएंटेड करियर दोनों प्रदान करता है।
इसके अलावा बढ़ती हेल्थकेयर डिमांड और प्रैक्टिकल‑ओरिएंटेड स्किल के चलते नौकरी में स्थिरता और एक्सपीरियंस के अनुसार ग्रोथ के अवसर भी मिलते हैं।
DMLT कोर्स की अवधि और स्ट्रक्चर
DMLT एक 2 साल का कोर्स है, जिसे चार सेमेस्टर में बांटा गया है। यह कोर्स थ्योरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल एक्सपोजर का संयोजन होता है।
| वर्ष | स्ट्रक्चर |
| प्रथम वर्ष | बेसिक लैब तकनीकों, मानव शारीरिक संरचना और पैथोलॉजी से जुड़ी जानकारी |
| दूसरा वर्ष | एडवांस्ड टेस्टिंग, मल्टीपल डिजीज पैटर्न और क्लिनिकल प्रैक्टिस पर अध्ययन |
इस कोर्स में आमतौर पर 3-6 महीने की क्लिनिकल इंटर्नशिप भी शामिल होती है, जिसमें छात्र अस्पतालों और लैब्स में एक्सपीरियंस प्राप्त करते हैं। इंटर्नशिप कई संस्थानों में कोर्स का अनिवार्य भाग होती है।
DMLT कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
डीएमएलटी कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस प्रकार है:
- 10+2 या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) जैसे आवश्यक सब्जेक्ट्स शामिल हों।
- आमतौर पर कोर्स के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं होती है, लेकिन कुछ कॉलेजों में आपकी आयु 17 या 18 वर्ष होनी आवश्यक हो सकती है।
- अधिकांश संस्थान 12वीं कक्षा के अंक के आधार पर मेरिट बेस्ड एडमिशन देते हैं, जबकि कुछ कॉलेजों में एंट्रेंस परीक्षा भी आयोजित की जाती है। इसलिए स्टूडेंट्स को यह सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट जरूर चेक कर लें।
- कुछ राज्यों और संस्थानों में पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से एडमिशन दिया जाता है। इस लिए इन परीक्षाओ में क्वालीफाइंग अंक भी कॉलेजेस निर्धारित करते हैं।
DMLT कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
डीएमएलटी कोर्स में एडमिशन पाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- अप्लाई करने से पहले कैंडिडेट कोर्स के लिए अपनी योग्यता और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को सुनिश्चित करें।
- अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड से यूनिवर्सिटी या संस्थान का एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें।
- अप्लाई करने के साथ आवश्यक डाक्यूमेंट्स (10वीं-12वीं की मार्कशीट, वोटर आईडी, बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड व पासपोर्ट साइज फोटो) और एप्लीकेशन फीस सबमिट करें।
- DMLT कोर्स में अधिकांश संस्थान 12वीं कक्षा के अंक के आधार पर मेरिट बेस्ड एडमिशन देते हैं। इसमें सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
- इसके बाद कैंडिडेट को सीट अलॉट होने के बाद निर्धारित समय में एडमिशन की औपचारिकताएं पूरी करनी और कॉलेज में एनरोलमेंट सुनिश्चित करना होता है।
DMLT कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
यहां उन डाक्यूमेंट्स की लिस्ट दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए मांगे जाते हैं:
- कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आधार कार्ड, पासपोर्ट या अन्य वैध ID प्रूफ
- बर्थ सर्टिफिकेट
- कैरेक्टर सर्टिफिकेट
- एंट्रेंस एग्जाम एडमिट कार्ड और स्कोरकार्ड
- कैटेगरी सर्टिफिकेट (SC/ST/OBC/EWS आदि के लिए, यदि लागू हो)
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
- माइग्रेशन सर्टिफिकेट
- डोमिसाइल सर्टिफिकेट
यह भी पढ़ें – CMLT कोर्स की पूरी जानकारी
DMLT कोर्स का सिलेबस
डीएमएलटी कोर्स का सिलेबस संस्थान और यूनिवर्सिटी अनुसार अलग हो सकता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले चयनित संस्थान का सिलेबस ऑफिशियल वेबसाइट से जरूर चेक कर लें। यहां उदाहरण के लिए ‘दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी’ (DPSRU), नई दिल्ली की ऑफिशियल वेबसाइट dpsru.edu.in से 2 वर्षीय DMLT कोर्स का सिलेबस दिया गया है:
सेमेस्टर 1
| एनाटोमी एंड फिजियोलॉजी -1 थ्योरी | जनरल बायोकेमिस्ट्री थ्योरी |
| जनरल माइक्रोबायोलॉजी थ्योरी | फंडामेंटल्स ऑफ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी |
| कंप्यूटर एप्लीकेशंस थ्योरी | कम्युनिकेशन स्किल्स |
| एनाटोमी एंड फिजियोलॉजी -1 प्रैक्टिकल | जनरल बायोकेमिस्ट्री प्रैक्टिकल |
| जनरल माइक्रोबायोलॉजी प्रैक्टिकल | कंप्यूटर एप्लीकेशंस प्रैक्टिकल |
सेमेस्टर 2
| एनाटोमी एंड फिजियोलॉजी – II थ्योरी | हेमेटोलॉजी – I थ्योरी |
| पैथोलॉजी थ्योरी | क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री थ्योरी |
| क्लिनिकल बैक्टीरियोलॉजी थ्योरी | एनाटोमी एंड फिजियोलॉजी -II प्रैक्टिकल |
| हेमेटोलॉजी -I प्रैक्टिकल | पैथोलॉजी प्रैक्टिकल |
| क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री प्रैक्टिकल | क्लिनिकल बैक्टीरियोलॉजी प्रैक्टिकल |
सेमेस्टर 3
| हेमेटोलॉजी – II थ्योरी | इम्यूनोलॉजी, पैरासिटोलॉजी एंड सीरोलॉजी थ्योरी |
| हिस्टोपैथोलॉजी एंड साइटोलॉजी थ्योरी | ब्लड बैंकिंग थ्योरी |
| हेमेटोलॉजी – II प्रैक्टिकल | इम्यूनोलॉजी, पैरासिटोलॉजी एंड सीरोलॉजी प्रैक्टिकल |
| हिस्टोपैथोलॉजी एंड साइटोलॉजी प्रैक्टिकल | ब्लड बैंकिंग प्रैक्टिकल |
सेमेस्टर 4
| डायग्नोस्टिक बायोकेमिस्ट्री थ्योरी | क्लिनिकल वायरोलॉजी एंड माइकोलॉजी थ्योरी |
| डायग्नोस्टिक बायोकेमिस्ट्री प्रैक्टिकल | क्लिनिकल वायरोलॉजी एंड माइकोलॉजी प्रैक्टिकल |
| प्रोजेक्ट/इंटर्नशिप |
DMLT कोर्स में इंटर्नशिप और क्लिनिकल ट्रेनिंग
DMLT कोर्स में इंटर्नशिप और क्लिनिकल ट्रेनिंग का बहुत महत्व है। इससे छात्र थ्योरी को वास्तविक लैब टेस्टों और स्वास्थ्य केंद्रों में लागू करना सीखते हैं, जिससे प्रैक्टिकल स्किल का विकास होता है। वास्तविक सैंपल्स के साथ काम करना, उन्नत उपकरणों का संचालन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया का अभ्यास करने से उनकी तकनीकी दक्षता और निर्णय‑क्षमता दोनों बढ़ती हैं, जो सटीक डायग्नोस्टिक परिणाम के लिए अनिवार्य है।
यह एक्सपीरियंस छात्रों को अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब जैसे प्रोफेशनल वातावरण में काम करने के लिये तैयार करता है और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। इंटर्नशिप से थ्योरी और प्रैक्टिकल का बैलेंस बनता है, जिससे वे चिकित्सा परिदृश्यों में प्रभावी योगदान दे पाते हैं।
DMLT कोर्स की स्पेशलाइजेशन
भारत में DMLT के कई प्रकार के स्पेशलाइजेशन कोर्स उपलब्ध हैं, जिन्हें कैंडिडेट अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार चुन सकते हैं:
- माइक्रोबायोलॉजी
- क्लिनिकल केमिस्ट्री
- क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री
- क्लिनिकल पैथोलॉजी
- इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी
- पैरासिटोलॉजी
- मोलेकुलर बायोलॉजी और एप्लाइड जेनेटिक्स
- बैक्टीरियोलॉजी
- हेमेटोलॉजी
DMLT कोर्स की फीस
यहां भारत के कुछ प्रमुख DMLT कॉलेजों और संस्थानों की अनुमानित वार्षिक फीस की जानकारी दी गई है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की पुष्टि अवश्य करें।
सरकारी संस्थान में फीस
| DMLT कोर्स ऑफर करने वाले सरकारी संस्थान | DMLT कोर्स फीस (INR) |
| दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी | INR 1.80 लाख |
| बांकुरा सम्मिलानी मेडिकल कॉलेज (BSMC), पश्चिम बंगाल | INR 45,000 |
| श्रीराम चंद्र भंजा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल | INR 1 लाख |
प्राइवेट संस्थान में फीस
| DMLT कोर्स ऑफर करने वाले प्राइवेट संस्थान | DMLT कोर्स फीस (INR) |
| एपेक्स यूनिवर्सिटी | INR 1.10 लाख |
| अमलतास यूनिवर्सिटी, देवास | INR 80,000 |
| महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी (MGU), मेघालय | INR 1,48,000 |
| श्री वैष्णव विद्यापीठ यूनिवर्सिटी (SVVV), इंदौर | INR 74,000 |
| श्री साई कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस (SSCONP), पटना | INR 80,000 |
| उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी (UMU), रांची | INR 1,60,000 |
नोट: फीस कॉलेज, राज्य और कोटा (गवर्नमेंट/प्राइवेट) के अनुसार काफी भिन्न हो सकती है। फीस में परीक्षा, लैब और अन्य एडमिनिस्ट्रेशन शुल्क अलग से शामिल हो सकते हैं, इसलिए सटीक जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट देखना जरूरी होता है।
यह भी पढ़ें – MLT कोर्स कैसे करें?
DMLT बनाम BMLT: क्या अंतर है?
नीचे DMLT और BMLT कोर्स के बीच मुख्य अंतर बताए गए हैं:
| विशेषता | DMLT | BMLT |
| कोर्स का नाम | डिप्लोमा इन मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी | बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी |
| कोर्स लेवल | डिप्लोमा | अंडरग्रेजुएट डिग्री |
| अवधि | 2 वर्ष | 3 वर्ष |
| शैक्षणिक स्तर | बेसिक और प्रैक्टिकल‑ओरिएंटेड | विस्तृत और एडवांस्ड लेवल |
| योग्यता | 10+2 साइंस स्ट्रीम के साथ | 10+2 (PCB); कुछ में न्यूनतम अंक भी आवश्यक |
| उच्च शिक्षा | BMLT में लेटरल एंट्री संभव | MSc/MMLT/उच्च डिग्री विकल्प |
DMLT कोर्स के बाद करियर ऑप्शन्स
DMLT कोर्स पूरा करने के बाद छात्र इन मुख्य क्षेत्रों में अपना करियर शुरू कर सकते हैं:
- सरकारी और प्राइवेट अस्पताल
- डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी लैब
- ब्लड बैंक
- बायोटेक्नोलॉजी लैब
- मेडिकल रिसर्च सेंटर
- मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय
- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर
- पब्लिक हेल्थ लैब
- फार्मास्यूटिकल कंपनियां
- NGOs और हेल्थकेयर संस्थाएं
सरकारी नौकरी के लिए चयन आमतौर पर राज्य-स्तरीय परीक्षाओं के माध्यम से होता है।
DMLT के बाद सैलरी कितनी होती है?
DMLT के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के हिसाब से भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox 2026 के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सैलरी (सालाना INR) |
| लैब तकनीशियन | 2.6 लाख – 2.9 लाख |
| फ्लेबोटोमिस्ट | 2.4 लाख – 2.7 लाख |
| पैथोलॉजी लैब तकनीशियन | 2.3 लाख – 2.5 लाख |
| ब्लड बैंक तकनीशियन | 2.9 लाख – 3.2 लाख |
| क्वॉलिटी कंट्रोल तकनीशियन | 4.6 लाख – 5.1 लाख |
| हेल्थ केयर असिस्टेंट | 1.9 लाख – 2.6 लाख |
सोर्स: https://www.ambitionbox.com/profile/lab-technician-salary/new-delhi-location
https://www.ambitionbox.com/profile/phlebotomist-salary/new-delhi-location
https://www.ambitionbox.com/profile/pathology-technician-salary/new-delhi-location
https://www.ambitionbox.com/profile/blood-bank-technician-salary/new-delhi-location
https://www.ambitionbox.com/profile/quality-control-technician-salary
https://www.ambitionbox.com/profile/health-care-assistant-salary/new-delhi-location
DMLT के बाद हायर एजुकेशन के विकल्प
DMLT कोर्स पूरा करने के बाद छात्र निम्नलिखित हायर स्टडी के विकल्प चुन सकते हैं। कुछ संस्थानों में BMLT में लेटरल एंट्री का विकल्प भी मिल सकता है।
- BSc. in Medical Laboratory Technology (MLT)
- BVoc in Medical Lab Technology
- B.Sc. in Clinical Laboratory Technology
- M.Sc. in Medical Laboratory Science
यह भी पढ़ें – BEMS कोर्स क्या है?
सही DMLT कॉलेज कैसे चुनें?
DMLT कॉलेज का चयन करते समय छात्र को कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखना चाहिए:
- मान्यता और एक्रिडिटेशन: सुनिश्चित करें कि कॉलेज राज्य, केंद्रीय पैरामेडिकल कॉउंसिल, AICTE/UGC अथवा हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा मान्यता प्राप्त हो।
- प्रायोगिक लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर: आधुनिक हेमेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री लैब उपलब्ध हों और वास्तविक उपकरणों पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिले।
- एक्सपर्ट फैकल्टी: अनुभवी और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पढ़ाई हो। इससे थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी बढ़ती है।
- इंटर्नशिप व इंडस्ट्री कनेक्शन: कॉलेज के पास हॉस्पिटल/डायग्नोस्टिक सेंटर से इंटर्नशिप टाई‑अप होना चाहिए ताकि छात्रों रियल वर्क एक्सपीरियंस मिले।
- प्लेसमेंट रिकॉर्ड और फीडबैक: पिछले सालों में प्लेसमेंट डेटा, औसत सैलरी और पूर्व छात्रों की रेटिंग/फीडबैक जांचें।
FAQs
DMLT पूरा करने के बाद आप भारत में सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य विभागों में लैब तकनीशियन जैसी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि चयन प्रक्रिया में परीक्षा अनिवार्य होती है।
DMLT एक 2 वर्ष का डिप्लोमा कोर्स है जबकि CMLT एक 1 वर्ष का सर्टिफिकेट लेवल कोर्स होता है, जिसमें DMLT की तुलना में प्रशिक्षण की अवधि और स्तर कम होता है।
सिर्फ़ DMLT करने के बाद स्वतंत्र रूप से डायग्नोस्टिक लैब खोलना आम तौर पर संभव नहीं होता। ज़्यादातर राज्यों में लैब खोलने के लिए पैथोलॉजिस्ट (MD Pathology) या मान्यता प्राप्त मेडिकल प्रोफेशनल की ज़रूरत होती है।
हालांकि, DMLT पास उम्मीदवार किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर या पैथोलॉजिस्ट की देखरेख में लैब चला सकते हैं या पार्टनरशिप मॉडल में काम कर सकते हैं। इसके अलावा, वे सैंपल कलेक्शन सेंटर या लैब टेक्नीशियन के रूप में भी काम कर सकते हैं।
इस लेख का उद्देश्य DMLT कोर्स से जुड़ी जानकारी को एक जगह स्पष्ट रूप में समझाना था। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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