बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से नियुक्त BPSC APO राज्य सरकार का एक लॉ ऑफिसर होता है। वह बिहार की संबंधित जिला अदालत में आपराधिक मामलों में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट की कानूनी समीक्षा करता है, साक्ष्यों का परीक्षण करता है, गवाहों से जिरह की रणनीति तैयार करता है तथा न्यायालय में राज्य की ओर से प्रभावी पैरवी करता है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार दंड दिलाया जा सके।
यदि आप LLB करने के बाद सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) बनना चाहते हैं, तो बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, अगर आप जानना चाहते हैं कि बीपीएससी एपीओ कैसे बनें, तो यह लेख पूरा पढ़ें।
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बीपीएससी एपीओ रिक्रूटमेंट ओवरव्यू 2026
| विवरण | जानकारी |
| आयोजक संस्था | बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) |
| पद का नाम | सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) |
| योग्यता | मान्यता प्राप्त संस्थान से LLB डिग्री |
| नागरिकता | भारतीय |
| रिक्तियां 2026 | 300 |
| परीक्षा की तिथि | 15 जुलाई, 2026 |
| पे लेवल | लेवल 9 (7वां केंद्रीय वेतन आयोग) |
| चयन प्रक्रिया | प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू |
| परीक्षा का मोड | ऑफलाइन (पेन पेपर मोड) |
| न्यूनतम आयु | 21 वर्ष |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन |
| जॉब लोकेशन | बिहार |
| आधिकारिक वेबसाइट | bpsc.bihar.gov.in |
एपीओ क्या होता है?
एक सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) एक लॉ प्रोफेशनल होता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की ओर से आपराधिक मामलों में मुकदमा चलाने में सहायता करना होता है। APO की मुख्य भूमिका सरकारी वकीलों को सहयोग प्रदान करना है; इसके अंतर्गत वे कानूनी दस्तावेज तैयार करते हैं, न्यायिक मिसालों पर रिसर्च करते हैं, प्रासंगिक साक्ष्य एकत्र करते हैं तथा अदालत में मामलों को प्रस्तुत करते हैं।
इस पद पर रहते हुए उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों, लॉ प्रोफेशनल्स और न्यायपालिका के साथ समन्वय स्थापित करना पड़ता है। आपराधिक न्याय प्रणाली में APOs की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे मामलों के प्रभावी अभियोजन और न्याय सुनिश्चित करने में योगदान देते हैं।
बिहार एपीओ की प्रमुख जिम्मेदारियां
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) की प्रमुख जिम्मेदारियों में निम्नलिखित कार्य शामिल होते हैं:
- पुलिस विभाग द्वारा दायर चार्जशीट और केस डायरी की कानूनी जांच कर प्रॉसीक्यूशन की व्यवहार्यता तय करना।
- आपराधिक मामलों में राज्य की ओर से न्यायालय में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व करना बीपीएससी एपीओ की प्रमुख जिम्मेदारी होती है।
- दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर उन्हें न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना।
- विभिन्न जांच एजेंसियों (जैसे पुलिस, CID व CBI) के साथ समन्वय कर अतिरिक्त साक्ष्य या स्पष्टीकरण प्राप्त करना।
- मामलों की प्रगति की निगरानी करते हुए अभियोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखना।
बिहार एपीओ बनने के लिए योग्यता
बिहार में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) बनने के लिए आपको बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा निर्धारित कुछ आवश्यक योग्यताओं को पूरा करना होता है, जैसे:
- नागरिकता: आपको भारत का नागरिक होना चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: आपके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से LLB में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
- बार काउंसिल में नामांकन: आपका बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) या बिहार राज्य बार काउंसिल, पटना में एक अधिवक्ता के रूप में नामांकन होना चाहिए।
- आयु सीमा: बिहार में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) पद के लिए सामान्यतः आपकी न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि विभिन्न श्रेणियों, जैसे अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट प्रदान की जाती है, जो सरकारी नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
बिहार एपीओ कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
यहां बीपीएससी एपीओ पद के लिए आयोजित परीक्षा के कुछ प्रमुख स्टेप्स दिए गए हैं:
स्टेप 1: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास करें
सबसे पहले आपको भारत के किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में 12वीं कक्षा पास करनी होती है। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) या बिहार राज्य बार काउंसिल, पटना से मान्यता प्राप्त संस्थानों में 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड LLB कोर्स में एडमिशन के लिए CLAT, AILET, MH CET Law, TS LAWCET जैसी राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं को पास करना आवश्यक होता है। ध्यान रखें कि चयनित संस्थान के अनुसार एडमिशन परीक्षा अलग-अलग हो सकती है।
स्टेप 2: LLB की डिग्री प्राप्त करें
यदि आप ग्रेजुएशन के बाद LLB करना चाहते हैं, तो आप 3 वर्षीय ‘बैचलर ऑफ लेजिसलेटिव लॉ’ (LLB) प्रोग्राम में एडमिशन ले सकते हैं। इस कोर्स में अधिकांश संस्थानों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा पास करना आवश्यक होता है। हालांकि कुछ लॉ कॉलेजों में आपको मेरिट बेस्ड एडमिशन भी मिल सकता है। एलएलबी पूरा करने के बाद आपको ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ (BCI) या संबंधित ‘राज्य बार काउंसिल’ में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराना होता है।
यह भी पढ़ें: LLB कोर्स कैसे करें?
स्टेप 3: बीपीएससी एपीओ परीक्षा पास करें
बिहार में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) रिक्रूटमेंट के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) समय-समय पर रिक्तियों के अनुसार आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर परीक्षा आयोजित करता है। आमतौर पर यह परीक्षा प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार चरणों के माध्यम से होती है।
प्रारंभिक परीक्षा एक ऑब्जेक्टिव टाइप स्क्रीनिंग परीक्षा होती है, जिसके माध्यम से आपको मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाता है। मुख्य परीक्षा के सिलेबस में लॉ सब्जेक्ट्स के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (CrPC), भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), नागरिक प्रक्रिया संहिता, भारतीय संविदा अधिनियम, आर्म्स एक्ट, 1959, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908, सामान्य अध्ययन, सामान्य हिंदी, अंग्रेजी भाषा आदि शामिल होते हैं।
मुख्य परीक्षा में पास होने के बाद इंटरव्यू तथा पर्सनालिटी टेस्ट इस चयन प्रक्रिया का फाइनल स्टेप है, जिसे मौखिक परीक्षा भी कहा जाता है। इस चरण में आपके व्यक्तित्व, तर्कशक्ति और विषय ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है। इंटरव्यू पैनल में सामान्यतः वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
स्टेप 4: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं
मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में पास होने के बाद आपको प्राप्त अंक, रिजर्वेशन नियम, कट-ऑफ और वैकेंसी के अनुरूप मेरिट लिस्ट जारी की जाती है। इसमें नाम आने पर आपको बीपीएससी द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है। ध्यान रखें कि वेरिफिकेशन के दौरान अगर आपके किसी डाक्यूमेंट्स या मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट में कमी पाई गई तो आपकी नियुक्ति रद्द भी हो सकती है।
स्टेप 5: बीपीएससी एपीओ पद पर नियुक्ति पाएं
सभी स्टेप्स सफलतापूर्वक पास करने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आपको अपॉइंटमेंट लेटर प्रदान किया जाता है। इसके बाद सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) के पद पर नियुक्ति बिहार के विभिन्न जिलों में उपलब्ध रिक्तियों तथा संबंधित प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर की जाती है।
बिहार एपीओ की सैलरी
बिहार में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) की मासिक सैलरी सामान्यतः 7वें वेतन आयोग के पे लेवल-9 के अंतर्गत निर्धारित की जाती है। यहां आप बिहार APO की अनुमानित मासिक सैलरी स्ट्रक्चर देख सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
| पे लेवल | लेवल 9 |
| बेसिक पे | INR 53,100 |
| ग्रेड पे | INR 4,600 |
| DA | वर्तमान DA दरों के अनुसार |
| HRA | शहर के आधार पर 8% से 24% |
| ग्रॉस सैलरी (अनुमानित) | INR 70,000 – INR 95,000 |
नोट: यह जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है।
बिहार एपीओ को मिलने वाली सुविधाएं
नियमित सैलरी के अलावा एक सहायक अभियोजन अधिकारी को चिकित्सा सुविधा, सिटी कॉम्पेनसेटरी अलाउंस (CCA), लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC), प्रोविडेंट फंड (PF), पेंशन (NPS) और सेवानिवृत्ति लाभ जैसी अन्य सुविधाएं भी नियमानुसार प्रदान की जाती हैं।
बिहार एपीओ करियर ग्रोथ और प्रमोशन
एक सहायक अभियोजन अधिकारी अपने करियर की शुरुआत न्यायिक व्यवस्था में एक प्रारंभिक लेकिन महत्वपूर्ण पद से करता है। इसके बाद उन्हें एक्सपीरियंस, परफॉर्मेंस और विभागीय परीक्षाओं के माध्यम से प्रमोशन मिलता है, जैसे:
- सहायक अभियोजन अधिकारी (APO)
- अपर लोक अभियोजक
- लोक अभियोजक
- उप निदेशक (अभियोजन)
- निदेशक (अभियोजन)
FAQs
बीपीएससी में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) का कार्य राज्य सरकार की ओर से आपराधिक मामलों में न्यायालय में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व करना, मुकदमों की पैरवी करना तथा कानूनी कार्यवाही को संचालित करना होता है।
बिहार में BPSC के तहत सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) की शुरुआती मासिक सैलरी लगभग INR 53,100 से INR 1,67,800 (पे लेवल-9) के अनुसार होती है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के तहत सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) भर्ती 2026 में कुल लगभग 300 पद निर्धारित किए गए हैं।
बिहार में सहायक अभियोजन अधिकारी का प्रमोशन एक्सपीरियंस, वर्क परफॉर्मेंस और विभागीय परीक्षा के आधार पर होता है।
सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) बनने के लिए आपके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री होना अनिवार्य है।
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आशा है कि इस लेख के माध्यम से आप जान पाएं होंगे कि बिहार में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) कैसे बनें। ऐसे ही अन्य करियर से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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