आज के समय में एयर होस्टेस या केबिन क्रू का करियर युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और तेज़ी से बढ़ते हुए करियर विकल्पों में से एक बन चुका है। हवाई यात्रा बढ़ने के साथ-साथ एयरलाइंस को लगातार प्रशिक्षित, आत्मविश्वासी और प्रोफेशनल केबिन क्रू की आवश्यकता रहती है। एयर होस्टेस सिर्फ यात्रियों की सेवा नहीं करती बल्कि उनकी सुरक्षा, इमरजेंसी मैनेजमेंट, फ़र्स्ट-एड, कम्युनिकेशन और इन-फ़्लाइट अनुभव को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर आप ऐसा करियर चाहते हैं जिसमें ग्लैमर हो, ट्रैवल का मौका हो, अलग-अलग देशों और लोगों से मिलने का अवसर मिले और हर दिन कुछ नया सीखने को मिले तो एयर होस्टेस बनना आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। इस लेख में हम आपको 12वीं के बाद एयर होस्टेस कोर्सेज की लिस्ट, एलिजिबिलिटी, फीस, ट्रेनिंग, सैलरी और करियर से जुड़ी आवश्यक जानकारी देंगे।
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एयर होस्टेस / केबिन क्रू कौन होते हैं?
एयर होस्टेस या केबिन क्रू वे लोग होते हैं जो किसी भी हवाई जहाज़ में यात्रियों की देखभाल करते हैं। प्लेन में चढ़ने से लेकर उतरने तक वे यात्रियों के साथ रहते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर यात्री सुरक्षित, आरामदायक और बिना किसी परेशानी के यात्रा कर सके। इन्हें आप फ्लाइट के ‘केयरटेकर’, ‘गाइड’ या ‘हेल्पर’ भी कह सकते हैं। इनकी मुख्य जिम्मेदारियां निम्नलिखित हैं:
- यात्रियों का स्वागत करना और उनकी सीटों तक मार्गदर्शन करना।
- यात्रियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी देना।
- उड़ान के दौरान यात्रियों की जरूरतों का ध्यान रखना।
- खाना-पीना सर्व करना और विशेष आवश्यकताओं वाले यात्रियों की मदद करना।
- किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- मेडिकल इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट ऐड) प्रदान करना।
- विमान के अंदर अनुशासन और शांति बनाए रखना।
- उड़ान से पहले और बाद में केबिन की जाँच करना।
- यात्रियों के सामान और ओवरहेड बिन की सुरक्षा देखना।
- टेकऑफ़ और लैंडिंग के समय सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना।
क्या यह करियर आपके लिए सही है?
एयर होस्टेस का करियर आकर्षक और ग्लैमरस जरूर है, लेकिन इसमें सफल होने के लिए कुछ विशेष गुणों की आवश्यकता होती है। यदि आपको लोगों से बात करना पसंद है, आप हर परिस्थिति में शांत, विनम्र और मुस्कुराते हुए व्यवहार कर सकते हैं, और लंबी ड्यूटी या लगातार यात्रा को सहजता से संभाल सकते हैं, तो यह करियर आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है। इस प्रोफेशन में अनुशासन, अच्छी ग्रूमिंग, धैर्य और तनाव में शांत रहने जैसी क्वालिटीज़ बहुत महत्वपूर्ण हैं। जो लोग असुरक्षित महसूस करते हैं, जिन्हें फ्लाइट में डर लगता है या जिन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, वे इस करियर में असुविधा महसूस कर सकते हैं। इसलिए यह करियर चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भरी प्रोफेशनल भूमिका है।
एयर होस्टेस कोर्स के विकल्प
12वीं के बाद एयर होस्टेस बनने के लिए अलग–अलग तरह के कोर्स होते हैं। कुछ कोर्स छोटे समय के होते हैं, कुछ एक–दो साल के, और कुछ 3 साल वाले डिग्री कोर्स। हर कोर्स की ट्रेनिंग, सिखाई जाने वाली बातें और भविष्य के अवसर अलग होते हैं। नीचे इन सभी कोर्सेज का विस्तार से विवरण दिया गया है, ताकि आप अपनी रुचि और लक्ष्य के अनुसार सही कोर्स चुन सकें।
1. सर्टिफिकेट कोर्स: सर्टिफिकेट कोर्स एयर होस्टेस ट्रेनिंग की सबसे छोटी अवधि वाले कोर्स होते हैं। इनकी अवधि आमतौर पर 6 महीने से लेकर 1 साल के बीच होती है। इन कोर्सेज में आपको एयर होस्टेस बनने की बुनियादी शिक्षा दी जाती है जैसे कैसे बात करनी है, कैसे मुस्कुराकर यात्रियों से व्यवहार करना है और फ्लाइट में कौन-कौन से नियम फॉलो करने होते हैं। अगर आप कम समय में जल्दी ट्रेनिंग लेकर नौकरी की तैयारी शुरू करना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए बिल्कुल ठीक है।
- फ्लाइट पर्सर / एयर होस्टेस में सर्टिफिकेट कोर्स
- एविएशन सुरक्षा और सेफ्टी में सर्टिफिकेट कोर्स
- केबिन क्रू ट्रेनिंग में सर्टिफिकेट कोर्स
- ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और कस्टमर केयर में सर्टिफिकेट कोर्स
2. डिप्लोमा कोर्स: डिप्लोमा कोर्स सर्टिफिकेट कोर्स से थोड़ा ज्यादा विस्तार से पढ़ाए जाते हैं। इनकी अवधि आमतौर पर 1 से 2 साल के बीच होती है। इन कोर्सेज में आपको पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, एडवांस्ड कम्युनिकेशन स्किल्स, ग्रूमिंग यानी प्रोफेशनल दिखना, इंटरव्यू की तैयारी, एयरक्राफ्ट की जानकारी और फ्लाइट सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।
- एयर होस्टेस ट्रेनिंग में डिप्लोमा
- केबिन क्रू डिप्लोमा
- फ्लाइट अटेंडेंट ट्रेनिंग में डिप्लोमा
- एविएशन मैनेजमेंट में डिप्लोमा
- एविएशन कस्टमर सर्विस में डिप्लोमा
- हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल मैनेजमेंट में डिप्लोमा
- ट्रैवल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी में डिप्लोमा
- एयरलाइंस मैनेजमेंट में डिप्लोमा
3. ग्रेजुएशन कोर्स: ग्रेजुएशन कोर्स एयर होस्टेस ट्रेनिंग के सबसे विस्तृत कोर्स होते हैं। इनकी अवधि आमतौर पर 3 साल की होती है। इस कोर्स में न केवल एयर होस्टेस बनने की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है, बल्कि इसमें मैनेजमेंट, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज़्म से जुड़े विषय भी पढ़ाए जाते हैं। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो एयर होस्टेस के तौर पर काम करने के साथ भविष्य में एयरलाइन मैनेजमेंट या अन्य उच्च पदों पर करियर बनाना चाहते हैं। इसके अलावा, यह कोर्स आपको अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में नौकरी और बेहतर करियर ग्रोथ के लिए तैयार करता है।
- बीएससी इन एविएशन
- बीबीए इन एविएशन
- बीएमएस इन एविएशन
- बीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट
- बीएससी इन एयरलाइंस, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी
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विदेश में कोर्स के विकल्प
अगर आप भारत के बाहर एयर होस्टेस या केबिन क्रू बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको विशेष अंतरराष्ट्रीय कोर्सेज के विकल्प मिलते हैं। ये कोर्स आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन स्टैंडर्ड्स के अनुसार डिजाइन किए जाते हैं और आपको उच्च स्तर की ट्रेनिंग प्रदान करते हैं। कुछ प्रमुख कोर्सेज की सूची इस प्रकार है:
- कैबिन क्रू लेवल 2, बर्मिंघम, यूनाइटेड किंगडम
- स्टुअर्डेस / ग्राउंड स्टुअर्डेस, स्किपहोल, नीदरलैंड्स
- लेवल 2 डिप्लोमा फॉर कैबिन क्रू, ब्रॉमले, यूनाइटेड किंगडम
- एयरलाइन कैबिन क्रू, चेल्टेनहम, यूनाइटेड किंगडम
एयर होस्टेस कोर्स के लिए प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर
एयर होस्टेस बनने के लिए सही ट्रेनिंग सेंटर चुनना बहुत जरूरी है। भारत में कुछ प्रतिष्ठित ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं जहाँ से पढ़ाई करने के बाद आपको एयरलाइन जॉब पाने में आसानी होती है:
- डीफ्लाई इंटरनेशनल (Dfly International)
- ऐरो इंस्टीट्यूट ऑफ एविएशन (Aero Institute of Aviation)
- एपटेक एविएशन अकादमी (Aptech Aviation Academy)
- फ्रैंकफिन इंस्टिट्यूट ऑफ एयर होस्टेस ट्रेनिंग (Frankfinn Institute of Air Hostess Training)
- इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स (Indira Gandhi Institute of Aeronautics – IGIA)
- स्काई9 एविएशन अकादमी (Sky9 Aviation Academy)
एयर होस्टेस कोर्स करने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
एयर होस्टेस कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स को निम्नलिखित एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करना होता है, हालाँकि इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी के अनुसार इन योग्यता के अलावा कुछ शर्तों को पूरा करना पड़ सकता है, इसलिए इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी चयन के बाद उसकी वेबसाइट पर योग्यता को जरूर देखें।
- इन कोर्स को करने के लिए किसी भी स्ट्रीम से, कम से कम 50% अंकों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। इंटरमीडिएट कर रहे स्टूडेंट भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
- सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कुछ संस्थान 10वीं के बाद भी छात्रों को पात्र मानते हैं, जबकि अधिकांश पाठ्यक्रमों में 12वीं पास होना अनिवार्य होता है।
- यदि आप एयर होस्टेस बनने के लिए डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं, तो इसकी अवधि आमतौर पर 6 से 12 महीने होती है। इसके लिए 12वीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
- एयर होस्टेस बनने के लिए ग्रेजुएशन डिग्री के कोर्स को करने के लिए भी 12वीं करना अनिवार्य होता है, कुछ संस्थान शैक्षिक योग्यता और शारीरिक मानकों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करते हैं। जबकि कुछ संस्थान इसके लिए प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार भी आयोजित कर सकते हैं।
- अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य है, क्योंकि यह एविएशन इंडस्ट्री की मुख्य भाषा है।
- आमतौर पर उम्मीदवार की आयु 17 से 27 साल के बीच होनी चाहिए। कुछ संस्थानों में यह सीमा 26–27 साल तक हो सकती है।
- इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए लड़कियों की न्यूनतम ऊंचाई लगभग 155–157 से.मी. होनी चाहिए, और लड़कों के लिए न्यूनतम ऊँचाई 170 से.मी. होती है, जबकि वजन ऊंचाई के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
- इसके लिए आंखों का दृष्टि स्तर 6/6 होना चाहिए या इसे सुधारा जा सके, साथ ही कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होनी चाहिए।
- इसके लिए आपको अंग्रेजी भाषा में फ़्लूएंट बोलने में सक्षम होना चाहिए, साथ ही हिंदी और अन्य भाषाओं का ज्ञान इस क्षेत्र में आपके लिए अतिरिक्त लाभ साबित हो सकता है।
- एयर होस्टेस बनने के लिए चयनित कोर्स में आप अच्छा संवाद, आत्मविश्वास, सौम्यता और टीम वर्क कौशल पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
नोट: यह जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है जिसमें बदलाव संभव है।
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एयर होस्टेस कोर्स करने के लिए सही कोर्स कैसे चुनें?
एयर होस्टेस कोर्स का सही चयन बहुत महत्वपूर्ण है; इसके लिए निम्नलिखित बिंदु आपकी सहायता कर सकते हैं:
- एयर होस्टेस कोर्स के लिए योग्यता और आयु की सभी आवश्यकताओं की जांच करें।
- सभी प्रकार के शारीरिक मानकों को देखने के बाद अपनी रूचि को ध्यान में रखते हुए कोर्स का चयन करें।
- अपने चुने गए कोर्स की मान्यता और संस्थान की प्रतिष्ठा को प्रवेश लेने से पहले ही जांच लें।
- जिस संस्थान से आप कोर्स करना चाहते हैं, वहां से कोर्स की अवधि, फीस, प्लेसमेंट सपोर्ट और ट्रेनिंग सुविधाओं की जानकारी अच्छे से लें।
- संस्थान की प्रतिष्ठा और प्लेसमेंट सपोर्ट को ध्यान में रखते हुए ही अपने कोर्स का चयन करें।
- एयर होस्टेस कोर्स करने के लिए शारीरिक मानक जैसे- ऊँचाई, फिटनेस, दृष्टि आदि की आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक समझें।
- एयर होस्टेस कोर्स करने के लिए आप इंग्लिश व अन्य भाषाओं में संवाद कौशल पर भी विशेष ध्यान दें।
- एयरलाइन कंपनियों की मांग और करियर ग्रोथ के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद ही अपने लिए कोर्स का चयन करें।
- कोर्स का चुनाव करते समय करियर काउंसलिंग लें, ताकि आप अपने व्यक्तित्व और रुचियों के अनुसार सही कोर्स चुन सकें।
- प्रतिष्ठित ट्रेनिंग संस्थान बेहतर कोर्स, सर्टिफिकेशन, इंडस्ट्री कनेक्शंस और जॉब असिस्टेंस देते हैं, जिससे स्टूडेंट्स के लिए एयरलाइंस में प्रवेश आसान हो जाता है।
- कोर्स का चयन करते समय ध्यान रखें कि कोर्स में कम्युनिकेशन स्किल्स, कस्टमर सर्विस, इमरजेंसी मैनेजमेंट, ग्रूमिंग और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसे मॉड्यूल जरूर होने चाहिए।
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एयर होस्टेस कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
एयर होस्टेस कोर्स करने के बाद सैलरी आपके अनुभव, एयरलाइन और देश या विदेश के आधार पर भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox 2025-2026 के अनुसार नीचे दी गई है:
| एयरलाइन का नाम | एयर होस्टेस को मिलने वाली अनुमानित सालाना सैलरी |
| IndiGo | INR 4 – 6 लाख |
| Air India | INR 3.5 – 9 लाख |
| Emirates | INR 2 – 3 लाख |
| Qatar Airways | INR 2 – 3 लाख |
| SpiceJet | INR 4 – 7.1 लाख |
| AirAsia | INR 1.2 – 4 लाख |
| Saudi Arabian Airlines | INR 4.6 – 11.6 लाख |
FAQs
हाँ, एयर होस्टेस या केबिन क्रू बनने के लिए पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। पुरुषों को आमतौर पर फ्लाइट स्टीवर्ड या मेल केबिन क्रू कहा जाता है। दोनों के लिए योग्यता, ऊँचाई, फिटनेस, अंग्रेज़ी भाषा और कम्युनिकेशन स्किल्स जैसी आवश्यकताएँ लगभग समान होती हैं। अंतर सिर्फ कुछ एयरलाइंस में ड्रेस कोड और काम के रोल में हो सकता है।
कुछ अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में काम करने के लिए अंग्रेजी भाषा में प्रवाहपूर्ण बोलने और समझने की क्षमता दिखाना आवश्यक होता है, खासकर यूरोप या अमेरिका की एयरलाइंस में। ऐसे में कभी-कभी IELTS या TOEFL जैसे टेस्ट देना पड़ सकता है। हालांकि यह प्रत्येक एयरलाइन में अनिवार्य नहीं होता है, लेकिन अच्छी अंग्रेजी आने पर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन में नौकरी पाने में काफी मदद मिलती है।
कुछ एयरलाइंस सीधे भर्ती प्रक्रिया में 12वीं पास छात्रों से आवेदन स्वीकार करती हैं और उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाती हैं। लेकिन कोर्स करने से आपके स्किल्स, आत्मविश्वास और प्लेसमेंट के मौके बहुत बढ़ जाते हैं। कोर्स में ट्रेनिंग मिलने से आप फ्लाइट से जुड़ी सभी जरूरी चीज़ें सीख जाते हैं, जैसे पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन, सुरक्षा नियम और इमरजेंसी हैंडलिंग। इसलिए ज़्यादातर छात्र पहले कोर्स करते हैं और फिर एयरलाइन में इंटरव्यू देते हैं।
अधिकतर संस्थान 12वीं पास उम्मीदवारों को यह कोर्स करने की अनुमति देते हैं। कुछ जगहों पर न्यूनतम अंक की शर्त और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान भी जरूरी होता है।
एयर होस्टेस कोर्स की अवधि संस्थान और कोर्स टाइप के अनुसार बदलती है। आमतौर पर यह 6 महीने से 1 साल तक का होता है, जबकि कुछ डिप्लोमा या एडवांस कोर्स 18 महीने तक चल सकते हैं।
इसके लिए उम्मीदवार का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए, लंबाई और वजन एयरलाइन के मानकों के अनुसार होना चाहिए। इसके अलावा फिटनेस, पर्सनालिटी और प्रेजेंटेशन स्किल्स पर भी ध्यान दिया जाता है।
एयर होस्टेस बनने के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस्ड ट्रेनिंग कोर्स होते हैं जो फ्लाइट सर्विस, सुरक्षा और एयरलाइन संचालन में प्रशिक्षण देते हैं।
आशा है कि इस लेख में आपको एयर होस्टेस कोर्सेज की सूची और सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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