बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या होता है?: अवधि, सिलेबस, पात्रता मानदंड, प्रवेश परीक्षाएं, कॉलेज और करियर स्कोप

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biomedical engineering kya hota hai

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की एक ऐसी ब्रांच है, जिसमें मेडिकल एप्लीकेशंस (जैसे MRI मशीन, X-Ray मशीन, ECG मशीन, वेंटिलेटर), विभिन्न डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी के विकास और रिसर्च के लिए इंजीनियरिंग सिद्धांतों और तकनीकों की मदद ली जाती है। यदि आप मेडिकल एवं हेल्थकेयर सेक्टर में रुचि रखते हैं, तो 12वीं के बाद बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं।

आपको बता दें कि भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स अलग-अलग लेवल पर उपलब्ध हैं, जैसे UG, PG, PhD और डिप्लोमा। इस कोर्स के बाद आप मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), फार्मास्यूटिकल्स एंड बायोटेक्नोलॉजी व हेल्थकेयर IT तथा मेडिकल इन्फॉर्मेटिक्स जैसे सेक्टर्स में काम कर सकते हैं।

इन सेक्टर्स में आप बायोमेडिकल इंजीनियर, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर, इंस्टॉलेशन इंजीनियर, मेंटेनेंस इंजीनियर और मेडिकल रिसर्चर जैसी जॉब प्रोफाइल में करियर बना सकते हैं। यदि आप बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।

विवरण जानकारी 
BME फुल फॉर्म बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स लेवल UG, PG, PhD और डिप्लोमा 
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए योग्यता UG: साइंस स्ट्रीम में 12वीं और संबंधित प्रवेश परीक्षा PG: बीटेक या बीई और प्रवेश परीक्षा
डिप्लोमा: 10वीं कक्षा (अंग्रेजी, मैथ्स व साइंस विषय के साथ)
PhD: एमटेक एवं संबंधित प्रवेश परीक्षा  
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स की ड्यूरेशन UG: 4 वर्ष
PG: 2 वर्ष
डिप्लोमा: 3 वर्ष
PhD: 3- 5 वर्ष 
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का एडमिशन क्राइटेरिया मेरिट बेस्ड व एंट्रेंस बेस्ड 
प्रमुख प्रवेश परीक्षाJEE मेंस, JEE एडवांस्ड, CUET, GATE, SRMJEEE, LPU NEST, TNEA काउंसलिंग आदि। 
प्रमुख जॉब प्रोफाइल बायोमेडिकल इंजीनियर, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर, इंस्टॉलेशन इंजीनियर, मेंटेनेंस इंजीनियर और मेडिकल रिसर्चर आदि। 
रोजगार के क्षेत्र बायोमटेरियल्स व इंप्लांट्स, मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), फार्मास्यूटिकल्स एंड बायोटेक्नोलॉजी व हेल्थकेयर IT तथा मेडिकल इन्फॉर्मेटिक्स आदि। 
This Blog Includes:
  1. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या होता है?
  2. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्यों करें?
  3. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड
  4. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के प्रकार
    1. अंडरग्रेजुएट कोर्सेज 
    2. पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज
    3. पीएचडी कोर्स
    4. डिप्लोमा कोर्स
  5. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स की योग्यता
  6. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 
  7. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया 
  8. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
  9. भारत में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
  10. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस
    1. अंडरग्रेजुएट सिलेबस 
    2. पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस 
    3. डिप्लोमा सिलेबस
  11. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 
  12. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
  13. बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के टॉप रिक्रूटर्स 
  14. FAQs 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या होता है?

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स एक ऐसा इंजीनियरिंग प्रोग्राम है जिसमें बायोलॉजी और मेडिकल साइंस को इंजीनियरिंग सिद्धांतों के साथ जोड़ा जाता है। इसमें इंजीनियरिंग तकनीकों की मदद से स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जाता है और लोगों की हेल्थ सुधारने पर ध्यान दिया जाता है।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग फील्ड मेडिकल उपकरणों (जैसे X-Ray मशीन, MRI मशीन, ECG मशीन, पेसमेकर, वेंटिलेटर, कृत्रिम अंग व सुनने वाली मशीनें), डायग्नोस्टिक तकनीकों और हेल्थकेयर सिस्टम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस कोर्स में आपको बायोमैटेरियल्स, मेडिकल इमेजिंग, बायोमैकेनिक्स और उपकरण डिजाइन जैसे सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते हैं। इसका उद्देश्य बेहतर इलाज, सटीक जांच और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का विकास करना है।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्यों करें?

नीचे दिए गए बिंदुओं में आपको बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:

  • डॉक्टरों और इंजीनियरों के बीच तकनीकी सहयोगी बनकर आप इलाज की प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं।  
  • आपको MRI, ECG, वेंटिलेटर और इमेजिंग सिस्टम जैसे उपकरणों के डिजाइन और सुधार में सीधा काम करने का अवसर मिलता है।
  • अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और अपग्रेडिंग का तकनीकी कार्य किया जाता है।
  • कृत्रिम अंग (जैसे रोबोटिक हाथ-पैर, कृत्रिम हड्डी) और शरीर में उपयोग होने वाली बायोमटेरियल तकनीकों (जैसे सुनने वाली मशीनों) के विकास में आपकी अहम भूमिका होती है। 
  • हेल्थटेक और मेडटेक स्टार्टअप्स में इनोवेशन, प्रोडक्ट डिजाइन और रिसर्च के लिए तेजी से मांग बढ़ रही है। इसलिए इस क्षेत्र में बायोमेडिकल प्रोफेशनल्स की मांग हमेशा बनी रहती है। 
  • आप मेडिकल डिवाइसेस की सुरक्षा, परीक्षण और मानकों के अनुपालन से जुड़े शोध कार्यों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड

भारत में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, पीएचडी और डिप्लोमा लेवल पर मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों द्वारा ऑफर किए जाते हैं। यह कोर्स सामान्यतः ऑफलाइन मोड में संचालित होता है, जिसमें नियमित थ्योरी क्लासेज, प्रैक्टिकल और असेसमेंट वर्क शामिल होता है। हालांकि इन सभी प्रोफेशनल कोर्सेज की अवधि अलग-अलग होती है। सामान्यतः कोर्स की अवधि इस प्रकार होती है:

कोर्स का प्रकारअवधि
डिप्लोमा3 वर्ष 
UG प्रोग्राम4 वर्ष
PG2 वर्ष
PhD 3 से 5 वर्ष 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के प्रकार

आप अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार इन प्रमुख बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्सेज में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज 

  • बीटेक इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • बीई इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन
  • बीटेक इन बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

  • एमटेक इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • बीई इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग
  • एम.टेक इन बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन
  • एमटेक इन क्लिनिकल इंजीनियरिंग

पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन बायोइंजीनियरिंग

डिप्लोमा कोर्स

  • डिप्लोमा इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • डिप्लोमा इन बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स की योग्यता

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:

पाठ्यक्रम स्तरयोग्यता और पात्रता मानदंड
अंडरग्रेजुएट आपने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/ मैथ्स) विषय के साथ पास की हो।

UG कोर्स में आवदेन के लिए न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य होते हैं। हालांकि आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
पोस्ट ग्रेजुएट पीजी कोर्स में एडमिशन के लिए बीटेक या बीई डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना अनिवार्य है।
पीएचडी पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन के आपका एमटेक न्यूनतम 55% अंकों के साथ पूरा होना चाहिए। 
डिप्लोमा 10वीं कक्षा (अंग्रेजी, मैथ्स व साइंस विषय के साथ) पास होनी चाहिए। 
आयु सीमा इन सभी कोर्सेज में एडमिशन के लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में UG और PG प्रोग्राम के लिए आमतौर पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती है। हालांकि डिप्लोमा कोर्स के लिए किसी मुख्य प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती। इसमें आपको 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट द्वारा एडमिशन मिलता है। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:

अंडरग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा 
प्रवेश परीक्षा का नाम प्रवेश परीक्षा की तिथि 
KCET 202623 – 24 अप्रैल, 2026 
CUET UG 202611 – 31 मई, 2026 
WBJEE 202624 मई, 2026 
VITEEE 202628 अप्रैल – 3 मई, 2026 
BITSAT 2026सेशन 1: 15 – 17 अप्रैल, 2026
सेशन 2: 24 – 26 मई, 2026 
LPUNEST 20264 – 30 अप्रैल, 2026 
SRMJEEE 2026फेज 1: 23 – 28 अप्रैल, 2026 
फेज 2: 10 – 15 जून, 2026
फेज 3: 4 – 5 जुलाई, 2026 
TNEA काउंसलिंग 2026 अगस्त 2026 
JEE मेंस 2027जनवरी 2027: सूचित किया जाएगा।
अप्रैल 2027: सूचित किया जाएगा। 
JEE एडवांस्ड 2027 सूचित किया जाएगा। 
पोस्ट ग्रेजुएशन प्रवेश परीक्षा 
GATE 2027सूचित किया जाएगा। 
CUET PG 2027मार्च 2027 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया 

चयनित बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। वहीं, अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  • आप चयनित बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद संबंधित बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का चयन करें। 
  • अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें। 
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें। 
  • यदि एडमिशन प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले संबंधित प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।
  • अब अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद एडमिशन कंफर्म करें। 
  • एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, चयनित बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होता है। 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
  • ग्रेजुएशन डिग्री, मार्कशीट और संबंधित प्रवेश परीक्षा स्कोर कार्ड (मास्टर्स प्रोग्राम में एडमिशन के लिए)
  • पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री, मार्कशीट और संबंधित प्रवेश परीक्षा स्कोर कार्ड (पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए)
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास व डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

भारत में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस

भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स ऑफर किया जाता है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। सामान्यतः सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में यह अधिक रहती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कॉलेजों के आधार पर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स की अनुमानित फीस केवल एक सामान्य जानकारी के रूप में दी गई है:

कोर्स लेवल कॉलेज और संस्थानअनुमानित फीस (INR)




ग्रेजुएशन कोर्सेज 
लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (LPU) 1,40,000 (प्रति सेमेस्टर)
संदीप विश्वविद्यालय, मधुबनी1,20,000 (प्रति वर्ष)
गलगोटिया विश्वविद्यालय1,10,000 (प्रति वर्ष)
शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी1,10,000 (प्रति वर्ष)
मोदी विश्वविद्यालय, सीकर905,000 (कुल फीस)
एसआरएम विश्वविद्यालय, सोनीपत1,75,000 (कुल फीस)
जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU), जयपुर1,14,700 (प्रति वर्ष)






पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज
एसआरएम विश्वविद्यालय, सोनीपत60,000 (प्रति वर्ष)
ग्राफिक एरा (डीम्ड यूनिवर्सिटी), देहरादून77,000 (प्रति वर्ष)
गलगोटिया विश्वविद्यालय77,000 (प्रति वर्ष)
अजींक्या डी वाई पाटिल विश्वविद्यालय (ADYPU), पुणे– 
पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदरा1,25,000 (प्रति वर्ष)
मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE)1,802,000 (प्रति वर्ष)
IIT इंदौर 
अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर– 




डिप्लोमा कोर्सेज
पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदराINR 83,000 (प्रति वर्ष)
KMCT इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, कुट्टिप्पुरम
गणपत विश्वविद्यालय (GUNI), गुजरात65,000 (प्रति वर्ष)
सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज पुणेINR 32,500 (कुल फीस)
जैन (डीम्ड-टू-बी) यूनिवर्सिटी, बैंगलोर

नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस

भारत के विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में कोर्स के स्तर के अनुसार बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य चेक कर लें। 

अंडरग्रेजुएट सिलेबस 

यहां बीटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का सिलेबस संदीप विश्वविद्यालय, मधुबनी की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

प्रथम सेमेस्टर  
इंग्लिश कम्युनिकेशन स्किल्सअप्लाइड फिजिक्स
अलजेब्रा एंड डिफरेंशियल कैलकुलसइंजीनियरिंग ग्राफिक्स एंड CAD
एनवायरनमेंट एंड इकोलॉजीसिंथेसिस एंड प्रोसेसिंग ऑफ मटेरियल्स
द्वितीय सेमेस्टर
इंजीनियरिंग केमिस्ट्रीटेक्निकल कम्युनिकेशन
फंडामेंटल्स ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंगइंजीनियरिंग मैकेनिक्स
इंट्रोडक्शन टू कंप्यूटिंग एंड सी-प्रोग्रामिंग लैंग्वेजफार्मास्यूटिकल माइक्रोबायोलॉजी
तृतीय सेमेस्टर
HSS (फॉरेन लैंग्वेज)ट्रांसफॉर्म वेक्टर कैल्कुलस एंड कॉम्प्लेक्स वेरिएबल
डेटा स्ट्रक्चरमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन
सर्किट थ्योरी एंड नेटवर्क्सइलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेस एंड सर्किट्स
इंटर्नशिप Iडेटा स्ट्रक्चर लैब
इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेस एंड सर्किट्स लैब
चतुर्थ सेमेस्टर
माइक्रोकंट्रोलर एंड एप्लिकेशंसह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी
सिग्नल एंड सिस्टमइंजीनियरिंग एंड मैनेजेरियल इकोनॉमिक्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंगडिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
माइक्रोकंट्रोलर एंड एप्लिकेशंस लैबडिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स लैब
पांचवां सेमेस्टर
कंट्रोल सिस्टम इंजीनियरिंगडेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम
बायोइंस्ट्रूमेंटेशनमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन
लीनियर सिस्टम एंड सिग्नल प्रोसेसिंगडेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम लैब
कंट्रोल सिस्टम लैबइंटर्नशिप II
छठा सेमेस्टर
डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंगप्रिंसिपल्स ऑफ डायग्नोस्टिक एंड थेराप्यूटिक इक्विपमेंट्स
एम्बेडेड सिस्टम्स इन मेडिसिनडिजिटल इमेज प्रोसेसिंग
मेडिकल इंफॉर्मेटिक्स एंड एक्सपर्ट सिस्टम्सओपन इलेक्टिव I
डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग लैबमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स एंड एक्सपर्ट सिस्टम्स लैब
सातवां सेमेस्टर
क्लाउड कंप्यूटिंगप्रिंसिपल्स ऑफ रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंट
प्रोग्राम इलेक्टिव – Iओपन इलेक्टिव – II
बायोमटेरियल्सप्रोजेक्ट मैनेजमेंट
इंटर्नशिप – IIIक्लाउड कंप्यूटिंग लैब
आठवां सेमेस्टर
प्रोग्राम इलेक्टिव – II
बायो-मेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंगमॉडलिंग ऑफ फिजियोलॉजिकल सिस्टम्स
प्रोग्राम इलेक्टिव थ्री
प्रोग्राम इलेक्टिव
बायोमेडिकल हैजर्ड्स एंड सेफ्टीरोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन

पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस 

यहां एमटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का सिलेबस SRM विश्वविद्यालय, सोनीपत की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:

प्रथम सेमेस्टर  
एडवांस्ड मैथमेटिक्स फॉर बायोमेडिकल इंजीनियर्सह्यूमन एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजी
बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंगओपन इलेक्टिव वन
डिपार्टमेंटल इलेक्टिव वनबायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग लैब
द्वितीय सेमेस्टर
बायोमेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सर्किट्सरिसर्च मेथडोलॉजी एंड बायोस्टैटिस्टिक्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयरडिपार्टमेंट इलेक्टिव -II
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर लैब
तृतीय सेमेस्टर
डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग इन मेडिसिनडिपार्टमेंट इलेक्टिव-III
डिसर्टेशन फेज -Iसेमिनार
चतुर्थ सेमेस्टर
रिसर्च रिव्यू पेपरडिसर्टेशन फेज -II

डिप्लोमा सिलेबस

यहां तीन वर्षीय डिप्लोमा इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस जैन (डीम्ड-टू-बी) यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:

प्रथम सेमेस्टर  
इंजीनियरिंग मैकेनिक्समैथमेटिक्स – I
इंजीनियरिंग ग्राफिक्सबेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स
द्वितीय सेमेस्टर
अप्लाइड केमिस्ट्रीमैथमेटिक्स – II
बेसिक बायोलॉजीडिजिटल लॉजिक डिजाइन
तृतीय सेमेस्टर
एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्सलाइफ साइंसेज
बेसिक्स ऑफ बायो ट्रांसड्यूसर्सएनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स लैब
चतुर्थ सेमेस्टर
बायोमैकेनिक्सडायग्नोस्टिक इंस्ट्रूमेंटेशन
माइक्रोप्रोसेसर एंड असेंबली लैंग्वेजमाइनर प्रोजेक्ट
पांचवां सेमेस्टर
मेडिकल इमेजिंग टेक्नीक्समाइक्रोकंट्रोलर एंड इंटरफेसिंग
थेराप्यूटिक इंस्ट्रूमेंटेशनसमर इंटर्नशिप – I 
छठा सेमेस्टर
बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंगप्रोग्राम इलेक्टिव – I 
रिहैबिलिटेशन इंजीनियरिंगट्रेनिंग एंड प्रोजेक्ट वर्क

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप संबंधित बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री
  • फार्मास्यूटिकल और बायोटेक सेक्टर
  • हेल्थकेयर IT और मेडिकल इंफॉर्मेटिक्स
  • अस्पताल एवं क्लिनिकल इंजीनियरिंग सेक्टर
  • रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D)
  • बायोमटेरियल्स और इम्प्लांट इंडस्ट्री
  • मेडिकल टेक स्टार्टअप और डिजिटल हेल्थ सेक्टर

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

चयनित बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स पूरा करने के बाद सैलरी आपके पद, एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित वार्षिक सैलरी (INR)
बायोमेडिकल इंजीनियर3.5 लाख – 3.9 लाख
इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर6.2 लाख – 6.8 लाख
इंस्टॉलेशन इंजीनियर4.3 लाख – 4.7 लाख
मेंटेनेंस इंजीनियर4.1 लाख – 4.5 लाख
मेडिकल रिसर्चर7.2 लाख – 7.9 लाख
क्लिनिकल इंजीनियर3.6 लाख – 3.9 लाख
मेडिकल टेक्नोलॉजीज आरएंडडी इंजीनियर6 लाख – 7.5 लाख
फील्ड सर्विस इंजीनियर4.8 लाख – 5.3 लाख

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के टॉप रिक्रूटर्स 

यहां उन प्रमुख कंपनियों की सूची दी गई है जो बायोमेडिकल डिजाइनर्स की रिक्रूटमेंट करती हैं:

  • मेडट्रॉनिक
  • ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर
  • BPL मेडिकल टेक्नोलॉजीज
  • सीमेंस हेल्थिनियर्स
  • जॉनसन एंड जॉनसन
  • जीई हेल्थकेयर
  • स्कैनरे टेक्नोलॉजीज
  • एलेंजर्स मेडिकल सिस्टम्स लिमिटेड
  • सन फार्मा
  • ल्यूपिन लिमिटेड
  • सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया

FAQs 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कितने साल की होती है?

भारत में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की स्नातक डिग्री (बीटेक/बीई) आमतौर पर 4 वर्ष की होती है। वहीं, एमटेक 2 वर्ष और डिप्लोमा इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग 3 वर्ष का कोर्स होता है। 

बायोमेडिकल इंजीनियर का काम क्या होता है?

बायोमेडिकल इंजीनियर का कार्य चिकित्सा उपकरणों (जैसे MRI, ECG, वेंटिलेटर) के डिजाइन, विकास, परीक्षण और रखरखाव के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित और प्रभावी बनाना होता है। 

क्या हम 12वीं के बाद बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कर सकते हैं?

12वीं साइंस स्ट्रीम में अनिवार्य विषयों (PCB/M) के साथ पास होने के बाद आप बी.टेक/बी.ई. इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। हालांकि, एडमिशन के लिए आपको राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा पास करना आवश्यक होता है।

क्या भविष्य में बायोमेडिकल इंजीनियरों की जरूरत पड़ेगी?

मेडिकल हेल्थकेयर में बढ़ती तकनीकी निर्भरता और बुजुर्ग आबादी की जटिल चिकित्सा आवश्यकताओं के कारण वर्ष 2033 तक बायोमेडिकल इंजीनियरों की मांग में 5% की वृद्धि होने का अनुमान है। 

भारत में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का क्षेत्र क्या है?

भारत में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का क्षेत्र मेडिकल डिवाइस निर्माण, अस्पतालों में क्लिनिकल इंजीनियरिंग, डायग्नोस्टिक उपकरणों का विकास और R&D तक विस्तृत है। 

एक अस्पताल में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग की जिम्मेदारी क्या है?

एक अस्पताल में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग की जिम्मेदारी मेडिकल उपकरणों की इंस्टॉलेशन, रखरखाव, कैलिब्रेशन, सुरक्षा अनुपालन और पूरे इक्विपमेंट लाइफ साइकिल के मैनेजमेंट की होती है।

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आशा है कि इस लेख में आपको बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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