ग्रामीण क्षेत्रों को भारत की आत्मा कहा जाता है, ऐसे में शहर के आधुनिकरण के साथ-साथ आवश्यक होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने में ग्राम विकास अधिकारी की मुख्य भूमिका होती है। यह एक जिम्मेदारी वाला पद है, जिस पर आसीन व्यक्ति सही मायनों में भारत की विकास यात्रा को गति देने का काम करता है। VDO की नौकरी न सिर्फ सरकारी क्षेत्र में एक सुरक्षित करियर देती है, बल्कि समाज सेवा का भी अवसर प्रदान करती है। इस लेख में ग्राम विकास अधिकारी बनने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
This Blog Includes:
- ग्राम विकास अधिकारी कौन होता है?
- Step 1: ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए आवश्यक योग्यता
- Step 2: क्या कोई विशेष कोर्स करना ज़रूरी है?
- Step 3: ग्राम विकास अधिकारी बनने की चयन प्रक्रिया
- Step 4: ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा का पैटर्न देखें
- Step 5: ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा का सिलेबस समझें
- Step 6: ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए ज़रूरी स्किल्स जानें
- Step 7: ग्राम विकास अधिकारी बनने की तैयारी करें
- ग्राम विकास अधिकारी की सैलरी और भत्ते
- FAQs
ग्राम विकास अधिकारी कौन होता है?
ग्राम विकास अधिकारी (VDO) राज्य सरकार का प्रतिनिधि होता है जो ग्राम पंचायत स्तर पर काम करता है। इसका मुख्य कार्य सरकारी योजनाओं (जैसे मनरेगा, आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान) को ज़मीनी स्तर पर लागू करना, गांवों के बजट का प्रबंधन करना और विकास कार्यों की रिपोर्ट तैयार करना होता है।
ग्राम विकास अधिकारी की भूमिकाएं
- ग्राम स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन और निगरानी करना।
- ग्रामीणों के बीच सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाना।
- विकास से जुड़े डेटा और रिपोर्ट तैयार करना।
- पंचायत और जिला अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखना।
Step 1: ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए आवश्यक योग्यता
ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए मुख्य योग्यता इस प्रकार है:
- शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री (किसी भी विषय में)
- आयु सीमा: सामान्य वर्ग के लिए 21-35 वर्ष, आरक्षित वर्ग के लिए सरकारी नियम अनुसार छूट
- भाषा दक्षता: स्थानीय भाषा और हिंदी/अंग्रेज़ी का ज्ञान जरूरी
- अनुभव (वैकल्पिक): किसी सरकारी या सामाजिक संगठन में काम करने का अनुभव अतिरिक्त लाभ दे सकता है
Step 2: क्या कोई विशेष कोर्स करना ज़रूरी है?
ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए कोई विशेष कोर्स अनिवार्य नहीं है। आम तौर पर उम्मीदवार ग्रामीण विकास, कृषि या सामाजिक कार्य जैसे क्षेत्रों में स्नातक (ग्रेजुएशन) कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी VDO भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
नीचे कुछ प्रमुख अंडरग्रेजुएट कोर्स दिए गए हैं, जिन्हें छात्र अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार चुन सकते हैं:
- बी.आर.एस.– ग्रामीण अध्ययन और विकास पर केंद्रित पाठ्यक्रम।
- बैचलर ऑफ सोशल वर्क – सामाजिक कार्य और ग्रामीण समाज सेवा में कौशल।
- बी.ए. इन रूरल डेवलपमेंट – ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं की जानकारी।
- बी.एससी इन एग्रीकल्चर– कृषि और फसलों के अध्ययन पर केंद्रित।
- बी.ए. इन डेवलपमेंट स्टडीज– विकास नीतियों, योजनाओं और समाज सुधार का अध्ययन।
Step 3: ग्राम विकास अधिकारी बनने की चयन प्रक्रिया
ग्राम विकास अधिकारी (VDO) बनने की चयन प्रक्रिया राज्य के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को हमेशा अपने राज्य के आधिकारिक नोटिफिकेशन और सिलेबस की जांच करनी चाहिए।
ग्राम विकास अधिकारी बनने की प्रक्रिया राज्य के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को हमेशा अपने राज्य के आधिकारिक नोटिफिकेशन की जांच करनी चाहिए। नीचे अधिकांश राज्यों में लागू सामान्य प्रक्रिया दी जा रही है:
चरण 1: आवेदन करें
राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जैसे RSMSSB, UPSSSC आदि) द्वारा जारी VDO भर्ती फॉर्म ऑनलाइन भरें।
चरण 2: लिखित परीक्षा
आवेदन के बाद उम्मीदवार को राज्य द्वारा निर्धारित सिलेबस के अनुसार लिखित परीक्षा पास करनी होती है। परीक्षा में आम तौर पर शामिल हैं: सामान्य ज्ञान, गणित एवं तार्किक क्षमता, हिंदी और स्थानीय भाषा का ज्ञान, तथा ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं की जानकारी।
चरण 3: शारीरिक क्षमता परीक्षण (यदि लागू हो)
कुछ राज्यों में उम्मीदवारों की शारीरिक क्षमता जाँच की जाती है। इसमें दौड़, ऊँचाई-भार माप और सामान्य फिटनेस टेस्ट शामिल हो सकते हैं।
चरण 4: दस्तावेज़ सत्यापन
फिजिकल टेस्ट पास होने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच की जाती है, जैसे: शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं, 12वीं, स्नातक), कंप्यूटर सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाण पत्र, फोटो आईडी और अन्य सरकारी प्रमाण पत्र।
चरण 5: मेडिकल टेस्ट
सभी दस्तावेज़ सत्यापित होने के बाद उम्मीदवार का मेडिकल टेस्ट होता है, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता इस पद के लिए योग्य है या नहीं, यह सुनिश्चित किया जाता है।
चरण 6: अंतिम मेरिट और नियुक्ति
सभी चरण पूरे होने के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है। चयनित उम्मीदवारों को ग्राम विकास अधिकारी के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ किया जाता है।
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Step 4: ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा का पैटर्न देखें
परीक्षा पूरी तरह से वस्तुनिष्ठ होती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेगेटिव मार्किंग काफी सख्त (1/2) होती है, यानी दो गलत जवाब पर एक सही जवाब का अंक काट लिया जाता है।
| विषय | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक | समय |
| हिंदी परिज्ञान एवं लेखन योग्यता | 50 | 100 | 2 घंटे (120 मिनट) |
| सामान्य बुद्धि परीक्षण | 50 | 100 | – |
| सामान्य जानकारी (GK) | 50 | 100 | – |
| कुल | 150 | 300 | – |
Step 5: ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा का सिलेबस समझें
इस परीक्षा का सिलेबस लगभग कॉमन होता है, हालांकि राज्य के आधार पर इतिहास और भूगोल के विषय में भिन्नता देखी जा सकती है। इसलिए कैंडिडेट्स को यह सलाह दी जाती है कि वे संबंधित राज्य में अप्लाई करने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट जरूर चेक कर लें।
| खंड का नाम | विषय / टॉपिक्स |
| हिंदी ज्ञान और लेखन | समास, सन्धि, विलोम/पर्यायवाची, अलंकार, तत्सम/तद्भव, वाक्य संशोधन–लिंग/वचन, वर्तनी, मुहावरे-लोकोक्तियाँ |
| सामान्य बुद्धि | कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा-परीक्षण, पजल, कथन-निष्कर्ष, वेन आरेख, संख्या-क्रम, समय-क्रम |
| सामान्य ज्ञान | करंट अफेयर्स (राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय), विज्ञान (आविष्कार/खोज), इतिहास, भूगोल, संविधान, पुरस्कार-सम्मान, राज्य और मुद्रा, पुस्तकें-लेखक आदि |
| भूगोल और प्राकृतिक संसाधन | भारत और उत्तर प्रदेश का भूगोल, संसाधन |
| इतिहास और संस्कृति | भारत और उत्तर प्रदेश का इतिहास, जनजातियाँ |
| गणित | प्रतिशत, अनुपात, औसत |
नोट – यह सिलेबस उत्तर प्रदेश सबऑर्डिनेट सर्विस सलेक्शन कमीशन की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा लिया गया है।
Step 6: ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए ज़रूरी स्किल्स जानें
ग्राम विकास अधिकारी बनने हेतु निम्नलिखित क्षमताएं और स्किल्स होना अनिवार्य हैं:-
- ग्रामीण विकास नीतियों का ज्ञान
- वित्तीय प्रबंधन और बजट प्लानिंग
- पर्यावरणीय स्थिरता की समझ
- कृषि और आजीविका विकास की जानकारी
- संचार और पारस्परिक कौशल
- सहानुभूति और सांस्कृतिक समझ
- नेतृत्व और टीम प्रबंधन
- समस्या समाधान क्षमता
- नेटवर्किंग और सामुदायिक जुड़ाव
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Step 7: ग्राम विकास अधिकारी बनने की तैयारी करें
VDO बनने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:-
- सबसे पहले अपने राज्य के VDO एग्जाम का पूरा सिलेबस और परीक्षा पैटर्न समझें। इसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, मैथ्स, कंप्यूटर और ग्रामीण विकास से जुड़े सब्जेक्ट आते हैं।
- दैनिक रूप से मैथ्स, रीजनिंग और सामान्य अध्ययन (GS) की प्रैक्टिस करें। साथ ही ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सरकारी योजनाओं और लोक प्रशासन जैसे सब्जेक्ट्स पर विशेष ध्यान दें।
- पिछले वर्षों के क्वेश्चन पेपर सॉल्व करें और हफ्ते में कम से कम 1–2 मॉक टेस्ट जरूर दें। इससे स्पीड, एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है।
- समाचार, सरकारी पोर्टल और मासिक करंट अफेयर्स पढ़ें। विशेष रूप से ग्रामीण विकास, कृषि, रोजगार और पंचायत से जुड़ी योजनाएं जरूर पढ़ें।
- VDO रिक्रूटमेंट में कंप्यूटर योग्यता आवश्यक होती है, इसलिए बेसिक कंप्यूटर, MS Office और इंटरनेट से जुड़े टॉपिक अच्छे से पढ़ें।
- लिखित परीक्षा के साथ फिजिकल टेस्ट भी होता है। इसलिए कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाएं और नियमित व्यायाम कर फिटनेस बनाए रखें।
ग्राम विकास अधिकारी की सैलरी और भत्ते
| विवरण | राशि / विवरण |
| पे मैट्रिक्स लेवल | 6 |
| बेसिक सैलरी | ₹20,000 – ₹25,000 प्रति माह |
| महंगाई भत्ता (DA) | राज्य के अनुसार लागू |
| हाउस रेंट अलाउंस (HRA) | लागू (स्थान और शहर के अनुसार भिन्न) |
| हार्ड ड्यूटी अलाउंस | लागू होने पर अतिरिक्त |
| इन-हैंड सैलरी (कटौतियों के बाद) | लगभग ₹24,000 – ₹28,000 प्रति माह |
| सैलरी में वृद्धि | अनुभव और पदोन्नति के अनुसार बढ़ सकती है |
| भविष्य के अवसर | ब्लॉक विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी जैसे उच्च पद |
नोट: ग्राम विकास अधिकारी की सैलरी की जानकारी अन्य स्रोतों से ली गई है और भिन्न हो सकती है।
FAQs
अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी को उच्च पदों जैसे ब्लॉक विकास अधिकारी तक प्रमोशन मिलता है।
ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा में सामान्य ज्ञान, हिंदी, गणित, तार्किक क्षमता और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
सामान्यतः VDO की भर्ती प्रक्रिया में रिटेन एग्जाम, इंटरव्यू और फिजिकल टेस्ट जैसे चरण शामिल होते हैं।
VDO वह सरकारी अधिकारी होता है जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है।
VDO बनने के लिए राज्य स्तर की राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा देनी होती है।
आशा है कि इस लेख में आपको ग्राम विकास अधिकारी बनने की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही करियर से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।
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