सर्जन चिकित्सा क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे विभिन्न डायग्नोस्टिक, प्रिवेंटिव और रिस्टोरेटिव प्रक्रियाओं के माध्यम से गंभीर बीमारियों, चोटों और शारीरिक विकृतियों का उपचार करते हैं। सर्जन बनने के लिए MBBS डिग्री, MD डिग्री और सर्जिकल रेजीडेंसी अनिवार्य होती है। इस प्रोफेशन में सफलता के लिए शारीरिक सहनशक्ति, सूक्ष्म विवरणों पर ध्यान, समस्या-समाधान क्षमता, धैर्य, एकाग्रता, जिम्मेदारी और तकनीकी दक्षता आवश्यक हैं। भारत सहित विश्वभर में सर्जनों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे इस क्षेत्र में व्यापक करियर अवसर उपलब्ध हैं। इस लेख में आपके लिए सर्जन बनने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
This Blog Includes:
- सर्जन कौन होता है?
- सर्जन के प्रकार
- भारत में सर्जन बनने के लिए योग्यता
- सर्जन बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
- सर्जन कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
- स्टेप 1: साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करें
- स्टेप 2: NEET UG एंट्रेंस परीक्षा दें
- स्टेप 3: MBBS कोर्स की पढ़ाई करें
- स्टेप 4: NEET PG पास करके MS सर्जरी की पढ़ाई करें
- स्टेप 5: सर्जरी में स्पेशलाइजेशन विकल्प को देखें
- स्टेप 6: राज्य या NMC के साथ रजिस्टर करें
- स्टेप 7: CV या रिज़्यूमे तैयार करें
- स्टेप 8: नौकरी के अवसर देखें
- सर्जन को मिलने वाली अनुमानित सैलरी
- सर्जन के रूप में करियर स्कोप
- सरकारी क्षेत्र में सर्जन बनने के अवसर
- FAQs
सर्जन कौन होता है?
सर्जन एक उच्च प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञ होता है, जो शरीर में उत्पन्न रोग, चोट या जन्मजात विकृतियों का उपचार सर्जरी के माध्यम से करता है। सर्जन के कार्य में केवल ऑपरेशन करना ही शामिल नहीं होता, बल्कि रोग की सटीक पहचान, सर्जरी की योजना बनाना, एनेस्थीसिया टीम के साथ समन्वय करना और ऑपरेशन के बाद मरीज की देखभाल सुनिश्चित करना भी शामिल है।
सर्जन विभिन्न क्षेत्रों जैसे जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी में विशेषज्ञता रखते हैं। वे तकनीकी दक्षता के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता, मरीज प्रबंधन और मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के साथ प्रभावी सहयोग में भी कुशल होते हैं।
एक सर्जन की मुख्य जिम्मेदारियाँ निम्नलिखित होती हैं:
- मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, रिपोर्ट और लक्षणों का विश्लेषण कर सर्जरी की आवश्यकता का सही निर्धारण करना।
- ऑपरेशन से पहले मरीज की फिटनेस, जोखिम और एनेस्थीसिया से जुड़ी सुरक्षा का मूल्यांकन करना।
- सर्जरी के दौरान सटीक, सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रक्रिया का पालन करना ताकि जटिलताएं कम हों।
- ऑपरेशन के समय टीम (एनेस्थेटिस्ट, नर्स, टेक्नीशियन) के साथ कोआर्डिनेशन बनाकर काम करना।
- सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी, इंफेक्शन कंट्रोल और दवाओं की सही निगरानी करना।
- जटिल या आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लेकर मरीज की जान बचाने की जिम्मेदारी निभाना।
- मरीज और परिवार को बीमारी, सर्जरी के जोखिम और रिकवरी प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी देना।
- मेडिकल रिकॉर्ड, सर्जिकल नोट्स और कानूनी दस्तावेज सही तरीके से बनाए रखना।
- नई सर्जिकल तकनीकों, गाइडलाइंस और मेडिकल रिसर्च से लगातार अपडेट रहना।
सर्जन के प्रकार
सर्जरी क्षेत्र व्यापक है, इसलिए आपको अपनी रुचि, कौशल और करियर लक्ष्य के अनुसार सही स्पेशलाइजेशन का चयन करना चाहिए:
| सर्जन का प्रकार | कार्य |
| जनरल सर्जन | पेट, अपेंडिक्स, हर्निया, गॉल ब्लैडर जैसे सामान्य ऑपरेशन करते हैं |
| ऑर्थोपेडिक सर्जन | हड्डी, जोड़, फ्रैक्चर और स्पाइन की सर्जरी |
| न्यूरोसर्जन | दिमाग और नर्वस सिस्टम की जटिल सर्जरी |
| कार्डियक सर्जन | दिल और हार्ट वेसल्स की सर्जरी |
| प्लास्टिक सर्जन | शरीर की बनावट सुधार और रिकंस्ट्रक्शन |
| पीडियाट्रिक सर्जन | बच्चों की जन्मजात और मेडिकल सर्जरी |
| यूरो सर्जन | किडनी, ब्लैडर और यूरिन सिस्टम ऑपरेशन |
यह भी पढ़ें – पीडियाट्रिशियन कैसे बनें: योग्यता, कोर्स, सैलरी और करियर गाइड
भारत में सर्जन बनने के लिए योग्यता
भारत में सर्जन बनने के लिए केवल रुचि नहीं, बल्कि निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, प्रवेश परीक्षा और मेडिकल प्रशिक्षण आवश्यक है:
- शैक्षणिक योग्यता: सर्जन बनने के लिए आपका 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ पास होना अनिवार्य है।
- न्यूनतम अंक: सामान्य वर्ग के लिए 12वीं में न्यूनतम 50% अंक, जबकि SC/ST/OBC वर्ग के लिए 40% अंक मान्य होते हैं। यह मानक NTA गाइडलाइंस पर आधारित है।
- NEET-UG परीक्षा: भारत में MBBS कोर्स में एडमिशन के लिए NEET-UG क्वालिफाई करना अनिवार्य है। NEET परीक्षा क्वालीफाई किए बिना किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलता।
- आयु सीमा: NEET UG परीक्षा के लिए आपकी न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा NTA की गाइडलाइन्स के अनुसार तय होती है।
- MBBS डिग्री हासिल करना: सर्जन बनने के लिए सबसे पहली औपचारिक डिग्री MBBS है, जो लगभग 5.5 वर्ष की चिकित्सा शिक्षा और इंटर्नशिप होती है।
- राज्य या भारतीय चिकित्सा रजिस्टर: MBBS पूरा करने के बाद आपको राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) या राज्य चिकित्सा परिषद में पंजीकरण करना होता है ताकि आप भारत में कानूनी रूप से प्रैक्टिस कर सकें।
- पोस्ट-ग्रेजुएट परीक्षा (NEET-PG): सर्जरी में विशेषज्ञता के लिए MBBS के बाद NEET-PG के माध्यम से ‘मास्टर ऑफ सर्जरी’ (MS) या ‘डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड’ (DNB) में प्रवेश लेना होता है।
- सर्जिकल ट्रेनिंग (MS/DNB): MS या DNB सर्जरी कोर्स 3 वर्ष का पोस्ट-ग्रेजुएट प्रशिक्षण है, जो आपको सर्जिकल कौशल और अनुभव देता है।
- सुपर स्पेशलिटी (ऑप्शनल): मास्टर ऑफ चिरुर्गिया (MCh) जैसे सुपर-स्पेशलिटी कोर्स के माध्यम से कार्डियोथोरेसिक, न्यूरोसर्जरी आदि में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए योग्य डॉक्टर MS/DNB के बाद NEET-SS के माध्यम से प्रवेश लेना होता है।
- क्लिनिकल अनुभव और रेजीडेंसी: सर्जरी के प्रशिक्षण में इंटर्नशिप और रेजीडेंसी का अनुभव शामिल होता है, जो आपको वास्तविक ऑपरेशनल और अस्पताल आधारित परिस्थितियों में कौशल सिखाता है।
सर्जन बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
सर्जन बनने के लिए डिग्री के साथ जरूरी स्किल्स भी अहम होती हैं, जो पढ़ाई और करियर में आपकी ग्रोथ को प्रभावित करती हैं:
- कठिन और दबाव वाली स्थितियों में त्वरित व सुरक्षित निर्णय लेने की योग्यता।
- ऑपरेशन थिएटर में एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, नर्स और अन्य कर्मचारियों के साथ कुशल समन्वय।
- मरीज, परिवार और स्वास्थ्य टीम के साथ स्पष्ट व सहानुभूतिपूर्ण संवाद।
- ऑपरेशन में बारीक विवरणों पर ध्यान देना।
- अनएक्सपेक्टेड कॉम्प्लिकेशन का एनालिसिस और सॉल्यूशन खोजने की दक्षता।
- सर्जिकल प्रोसीजर की प्रैक्टिकल नॉलेज, ह्यूमन एनाटॉमी और विशिष्ट सर्जिकल तकनीकों की प्रैक्टिस होना।
- मरीजों की भावनात्मक स्थिति और चिंता को समझकर सहयोगी देखभाल देना।
यह भी पढ़ें – पैथोलॉजिस्ट कैसे बनें: योग्यता, प्रोसेस, स्किल्स, जरूरी कोर्स
सर्जन कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
भारत में सर्जन बनने के लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
स्टेप 1: साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करें
सर्जन बनने के लिए सबसे पहला कदम 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ पास होना है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50% और आरक्षित वर्ग के लिए 40% अंक आवश्यक हैं। वहीं न्यूनतम आयु 17 साल होनी चाहिए। 12वीं की तैयारी के साथ ही NEET UG की तैयारी भी शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि बिना NEET के MBBS और आगे MS संभव नहीं है।
स्टेप 2: NEET UG एंट्रेंस परीक्षा दें
NEET UG भारत में MBBS में एडमिशन का अनिवार्य एग्जाम है। परीक्षा में फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न आते हैं। इसमें ऑल इंडिया रैंक के आधार पर सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में सीट मिलती है। यह देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक हैं इसलिए आपको एक साल पहले से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
स्टेप 3: MBBS कोर्स की पढ़ाई करें
MBBS सर्जरी की बेसिक ट्रेनिंग है, जो लगभग 5.5 साल की होती है। इसमें 4.5 साल की क्लासरूम और हॉस्पिटल ट्रेनिंग के साथ 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है। इस दौरान एनाटोमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी जैसे बेसिक विषयों के साथ सर्जिकल रोटेशन भी होता है। मेडिकल कॉलेज में अनुभव, ऑपरेशन थिएटर एक्सपीरियंस और क्लिनिकल स्टडीज पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। MBBS के दौरान अच्छे अकादमिक और प्रैक्टिकल प्रदर्शन से PG की तैयारी आसान होती है।
स्टेप 4: NEET PG पास करके MS सर्जरी की पढ़ाई करें
MBBS पूरा करने के बाद NEET PG परीक्षा पास करना अनिवार्य है। यह परीक्षा ‘मास्टर ऑफ सर्जरी’ (MS) या ‘डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड’ (DNB) सर्जरी में प्रवेश के लिए होती है। MS जनरल सर्जरी की अवधि लगभग 3 साल होती है। इस दौरान मरीज का डायग्नोसिस, ऑपरेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर सिखाया जाता है।
स्टेप 5: सर्जरी में स्पेशलाइजेशन विकल्प को देखें
MS करने के बाद आप अपनी रुचि के अनुसार स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं। कुछ मुख्य क्षेत्र हैं: न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक, कार्डियक, प्लास्टिक और पैडियाट्रिक सर्जरी। स्पेशलाइजेशन अवधि 2-3 साल की होती है और इसमें मरीजों की जटिल समस्याओं का इलाज सिखाया जाता है। इसलिए आपको अपनी क्षमता, रुचि और भविष्य की मांग देखकर सही विकल्प चुनना चाहिए। सर्जन बनने के लिए आप सर्जरी में निम्नलिखित स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं –
- जनरल सर्जरी
- ऑर्थोपेडिक सर्जरी
- न्यूरोसर्जन
- कार्डियक सर्जन
- प्लास्टिक सर्जन
- पीडियाट्रिक सर्जन
- यूरो सर्जन
स्टेप 6: राज्य या NMC के साथ रजिस्टर करें
जब आप अपनी पढ़ाई और रोटेटिंग इंटर्नशिप पूरी कर लें, तो आपको ‘राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग’ (NMC) में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ताकि आप भारत में सर्जन के रूप में कानूनी रूप से प्रैक्टिस कर सकें।
स्टेप 7: CV या रिज़्यूमे तैयार करें
ट्रेनिंग और लाइसेंस के बाद अपना प्रोफेशनल CV बनाएं जिसमें पढ़ाई, एक्सपीरियंस, सर्टिफ़िकेट और रिसर्च/पब्लिकेशन शामिल हों। इसे आप सर्जिकल या सबस्पेशलिटी पोस्ट के अनुसार तैयार करें।
स्टेप 8: नौकरी के अवसर देखें
आखिर में हॉस्पिटल, प्राइवेट प्रैक्टिस या अकादमिक इंस्टीट्यूशन में नौकरी के अवसर देखें। रेज़िडेंसी प्रोग्राम के जरिए नेटवर्किंग और सर्जिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने से आपको पोटेंशियल एम्प्लॉयर से जुड़ने में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़ें: न्यूरोलॉजिस्ट कैसे बनें?
सर्जन को मिलने वाली अनुमानित सैलरी
भारत में सर्जन की सैलरी किसी तय पैमाने पर निर्धारित नहीं होती। बल्कि यह तकनीकी स्किल, एक्सपीरियंस और जॉब लोकेशन पर निर्भर करता है। इसमें शुरुआती स्तर पर सैलरी सामान्य रहती है, लेकिन जैसे-जैसे एक्सपीरियंस और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स बढ़ती हैं, सैलरी में भी इजाफा होता है। नीचे AmbitionBox के अनुसार एक्सपीरियंस बेस्ड अनुमानित वार्षिक सैलरी रेंज दी गई है:
| अनुभव | औसतन अनुमानित वार्षिक वेतन (INR) |
| 0 – 1 साल | INR 7 लाख – INR 9 लाख |
| 1 साल – 3 साल | INR 15 लाख – INR 17 लाख |
| 3 साल – 6 साल | INR 16 लाख – INR 18 लाख |
| 6 साल – 9 साल | INR 16.1 लाख – INR 19 लाख |
| 9 साल – 12 साल | INR 34 लाख – INR 36 लाख |
नोट: यह ध्यान रखना जरूरी है कि सैलरी केवल डिग्री पर आधारित नहीं होती, बल्कि आपकी स्किल्स और एक्सपीरियंस इसमें अहम भूमिका निभाता है। सही स्किल्स और निरंतर सीखने के साथ सर्जन की सैलरी ग्रोथ की संभावनाएं काफी अच्छी मानी जाती हैं।
यह भी पढ़ें – लैब टेक्नीशियन कैसे बनें?
सर्जन के रूप में करियर स्कोप
सर्जन बनने के बाद करियर केवल ऑपरेशन तक सीमित नहीं है। इसमें सरकारी, प्राइवेट, अंतरराष्ट्रीय अस्पताल, शिक्षण और शोध जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं:
| करियर विकल्प | योग्यता |
| सरकारी अस्पताल सर्जन | MS/DNB सर्जरी के साथ-साथ इंटर्नशिप |
| प्राइवेट अस्पताल कंसल्टेंट | MS/DNB सर्जरी + 2-5 साल अनुभव |
| सुपर-स्पेशलिस्ट सर्जन | सुपर-स्पेशलाइजेशन + रेजीडेंसी |
| मेडिकल एजुकेटर / प्रोफेसर | MS/DNB + टीचिंग लाइसेंस |
| निजी क्लिनिक / सर्जिकल चेंबर | MS/DNB + लाइसेंस |
| मेडिकल रिसर्च और फेलोशिप | MS/DNB + रिसर्च एक्सपीरियंस |
| NGO / हेल्थ कैम्प्स | MBBS + सर्जरी स्किल |
सरकारी क्षेत्र में सर्जन बनने के अवसर
सर्जन बनने के बाद सरकारी अस्पताल, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (CHS) में भर्ती के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार के अस्पतालों में सर्जनों की मांग हमेशा रहती है, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में। इसके अलावा रेलवे, रक्षा और केंद्रीय अस्पताल परमानेंट नौकरी और हाई सैलरी पैकेज ऑफर करते हैं।
सरकारी क्षेत्र में सर्जन को नियमित सैलरी, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और ट्रेनिंग के अवसर मिलते हैं। वहीं वरिष्ठता के अनुसार सर्जरी विभाग के हेड या प्रोफेसर पद तक करियर ग्रोथ संभव है।
FAQs
भारत में मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से MBBS करने के लिए NEET अनिवार्य है। बिना NEET आप भारत में डॉक्टर या सर्जन नहीं बन सकते।
हर सर्जन डॉक्टर होता है, लेकिन हर डॉक्टर सर्जन नहीं होता। MBBS के बाद जो डॉक्टर सर्जरी में MS या MCh करते हैं, वे सर्जन कहलाते हैं। सर्जन ऑपरेशन करते हैं, जबकि फिजिशियन या जनरल डॉक्टर दवाओं और नॉन-सर्जिकल ट्रीटमेंट से इलाज करते हैं। सर्जरी स्किल-बेस्ड और प्रोसीजर-फोकस्ड मेडिकल फील्ड है।
सर्जन बनने के लिए 12वीं में बायोलॉजी अनिवार्य है। MBBS और सर्जरी दोनों में ह्यूमन एनाटोमी, फिजियोलॉजी और पैथोलॉजी की गहरी समझ चाहिए, जो बायोलॉजी के बिना संभव नहीं। PCM स्टूडेंट सीधे MBBS नहीं कर सकते। इसलिए बायोलॉजी इस करियर की बुनियादी रिक्वारमेंट है।
आप 12वीं के बाद सीधे सर्जन नहीं बन सकते। पहले MBBS करना जरूरी है। MBBS पूरा करने के बाद ही आप NEET-PG देकर MS सर्जरी कर सकते हैं। सर्जन बनने की प्रक्रिया MBBS – इंटर्नशिप – PG सर्जरी – एक्सपीरियंस आदि चरणों में पूरी होती है। इसके लिए डायरेक्ट एंट्री का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।
सर्जन बनने में आमतौर पर 10 से 15 साल लगते हैं। इसमें 12वीं के बाद MBBS के 5.5 वर्ष, फिर MS सर्जरी के 3 वर्ष, और कई मामलों में सुपर-स्पेशलाइजेशन (2–3 वर्ष) शामिल होता है। इसके बाद भी प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और ट्रेनिंग से स्किल विकसित होती है। इसलिए यह लंबी और डिमांडिंग करियर जर्नी मानी जाती है।
हमें उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपको सर्जन बनने से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

One app for all your study abroad needs



60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!