स्टेशन मास्टर कैसे बनें: योग्यता, प्रोसेस, स्किल्स और सिलेबस

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स्टेशन मास्टर कैसे बनें

भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर एक परिचालन (ऑपरेशनल) पद होता है, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की सुरक्षित और समयबद्ध आवाजाही सुनिश्चित करने से जुड़ी होती है। यह पद रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित NTPC (नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज – ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा के माध्यम से भरा जाता है।

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि स्टेशन मास्टर बनने के लिए कौन-सी योग्यता चाहिए, भर्ती प्रक्रिया कैसी होती है, परीक्षा में क्या पूछा जाता है और यह नौकरी वास्तव में किन लोगों के लिए उपयुक्त है तो यह लेख उसी उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस लेख में आपके लिए स्टेशन मास्टर कैसे बनें, के बारे में बताया गया है।

स्टेशन मास्टर कौन होता है?

स्टेशन मास्टर भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण परिचालन (ऑपरेशनल) अधिकारी होता है, जो किसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाता है। उसका मुख्य कार्य स्टेशन पर आने-जाने वाली ट्रेनों के संचालन पर नियंत्रण रखना, सिग्नलिंग स्टाफ और अन्य रेलवे कर्मचारियों के साथ समन्वय करना तथा यह देखना होता है कि सभी रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन हो रहा है।

स्टेशन मास्टर का कार्य टिकट जारी करना या व्यावसायिक लेन-देन नहीं होता, बल्कि उसका फोकस ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा और समय प्रबंधन पर होता है। किसी भी आपात स्थिति जैसे तकनीकी खराबी, दुर्घटना की आशंका या ट्रेन में देरी के समय स्टेशन मास्टर को तुरंत निर्णय लेना पड़ता है, जिससे यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा बनी रहे। इसमें भर्ती की प्रक्रिया को रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के माध्यम से पूरा किया जाता है।

आज के समय में स्टेशन मास्टर को मैनुअल सिस्टम के साथ-साथ कंप्यूटर आधारित कंट्रोल सिस्टम और आधुनिक तकनीक का भी उपयोग करना होता है। यह पद शिफ्ट ड्यूटी वाला होता है, जिसमें दिन-रात या छुट्टियों में भी कार्य करना पड़ सकता है। इसलिए यह नौकरी उन उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त मानी जाती है, जो जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हों, दबाव में सही निर्णय ले सकें और रेलवे संचालन में रुचि रखते हों।

स्टेशन मास्टर की भर्ती प्रक्रिया

स्टेशन मास्टर की भर्ती भारतीय रेलवे द्वारा रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के माध्यम से की जाती है। यह भर्ती सीधे “स्टेशन मास्टर” नाम से नहीं निकलती, बल्कि RRB NTPC परीक्षा के अंतर्गत होती है। जब भी RRB NTPC का नोटिफिकेशन जारी होता है, उसमें स्टेशन मास्टर सहित कई पदों के लिए आवेदन मांगे जाते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय पोस्ट रेफरेंस भरनी होती है।

RRB NTPC आवेदन प्रक्रिया (ऑनलाइन फॉर्म)

स्टेशन मास्टर भर्ती के लिए उम्मीदवारों को संबंधित RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होता है। आवेदन के दौरान शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत जानकारी और पद वरीयता सही-सही भरना बहुत जरूरी होता है। गलत जानकारी देने पर आगे चलकर उम्मीदवारी रद्द हो सकती है। आवेदन शुल्क सामान्य और आरक्षित वर्ग के अनुसार अलग-अलग होता है, जिसकी जानकारी नोटिफिकेशन में दी जाती है।

CBT-1: प्रारंभिक कंप्यूटर आधारित परीक्षा

भर्ती प्रक्रिया का पहला चरण CBT-1 (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट-1) होता है। इसमें गणित, रीजनिंग और सामान्य जागरूकता से कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके लिए 90 मिनट का समय दिया जाता है। प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है। CBT-1 का उद्देश्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करना होता है, जिससे योग्य अभ्यर्थी अगले चरण में जा सकें।

CBT-2: मुख्य परीक्षा और पद आधारित मेरिट

CBT-1 पास करने वाले उम्मीदवारों को CBT-2 के लिए बुलाया जाता है। यह परीक्षा अपेक्षाकृत कठिन होती है और इसमें विषयों की गहराई से जांच की जाती है। CBT-2 में प्राप्त अंकों के आधार पर ही यह तय होता है कि उम्मीदवार स्टेशन मास्टर जैसे ऑपरेटिंग पोजीशन के लिए योग्य है या नहीं। इसी चरण से आगे केवल सीमित संख्या में अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है।

CBAT: स्टेशन मास्टर के लिए योग्यता परीक्षा

स्टेशन मास्टर पद के लिए CBAT (कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट) अनिवार्य होता है। यह परीक्षा उम्मीदवार की मानसिक सतर्कता, निर्णय क्षमता और परिचालन योग्यता को परखने के लिए होती है। इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, लेकिन न्यूनतम निर्धारित टी-स्कोर हासिल करना जरूरी होता है। CBAT क्वालिफाइंग होने के साथ-साथ अंतिम मेरिट में भी इसकी भूमिका होती है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल परीक्षण

CBT-2 और CBAT पास करने के बाद उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन के लिए बुलाया जाता है, जिसमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण और श्रेणी प्रमाण पत्र की जांच होती है। इसके बाद मेडिकल टेस्ट होता है, जिसमें रेलवे द्वारा तय शारीरिक और दृष्टि मानकों को पूरा करना आवश्यक होता है। सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे करने के बाद ही उम्मीदवार की अंतिम नियुक्ति की जाती है।

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स्टेशन मास्टर बनने के लिए आवश्यक योग्यता

स्टेशन मास्टर बनने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित आवश्यक योग्यता होनी चाहिए –

  • इस पद की भर्ती प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों का मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करना आवश्यक है।
  • भर्ती प्रक्रिया के लिए उम्मीदवार की आयु सामान्य वर्ग में 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालाँकि, इसके लिए आरक्षित वर्ग को सरकार द्वारा निर्धारित छूट मिलती है।
  • इस पद के लिए उम्मीदवारों को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) पास करना होता है, जिसमें जनरल अवेयरनेस, रीजनिंग, मैथ्स और इंग्लिश से प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • इसके लिए सबसे प्रमुख परीक्षा RRB NTPC (Non-Technical Popular Categories) है, जिसमें ग्रेजुएट स्तर के उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं। इस परीक्षा में उम्मीदवारों की सामान्य जानकारी, गणितीय क्षमता, रीजनिंग और करंट अफेयर्स की समझ की जांच की जाती है।
  • स्टेशन मास्टर बनने के लिए परीक्षा के बाद साइकोलॉजिकल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट भी अनिवार्य होते हैं।
  • इसके साथ ही स्टेशन मास्टर बनने के लिए उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना आवश्यक होता है।

आवश्यक दस्तावेज

स्टेशन मास्टर बनने के लिए आपके पास निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए –

  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की सभी मार्कशीट और डिग्री प्रमाण पत्र अनिवार्य होते हैं।
  • जन्म प्रमाण पत्र / 10वीं की मार्कशीट: आयु सत्यापन के लिए 10वीं की मार्कशीट या अधिकृत जन्म प्रमाण पत्र मांगा जाता है।
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो): आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/EWS) के उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के निर्धारित प्रारूप में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है।
  • आधार कार्ड या वैध पहचान पत्र: पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट आवश्यक होता है।
  • मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र: RRB द्वारा निर्धारित A-2 मेडिकल स्टैंडर्ड के अनुसार अधिकृत रेलवे अस्पताल से फिटनेस प्रमाण पत्र जरूरी होता है।

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स्टेशन मास्टर बनने के लिए आवश्यक स्किल्स

स्टेशन मास्टर बनने के लिए उम्मीदवार में निम्नलिखित आवश्यक स्किल्स होनी चाहिए, जो उन्हें इस पद के योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी –

  • रेलवे ऑपरेशन नॉलेज
  • सेफ्टी प्रोटोकॉल्स एंड रेगुलेशंस
  • टाईमटेबल मैनेजमेंट
  • कम्युनिकेशन स्किल्स 
  • टीमवर्क स्किल्स
  • लीडरशिप स्किल्स
  • आपदा प्रबंधन 
  • कॉन्फ्लिक्ट रिज़ॉल्यूशन स्किल्स
  • कंप्यूटर लिटरेसी स्किल्स

RRB NTPC का परीक्षा पैटर्न

यहाँ स्टेशन मास्टर बनने के लिए RRB NTPC परीक्षा पैटर्न दिया गया है –

परीक्षा का चरणपरीक्षा पैटर्न का विवरण और सिलेबस
CBT-1परीक्षा के इस चरण में 100 अंक के लिए 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका समय 90 मिनट निर्धारित किया जाता है।
इसमें प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती होती है।
CBT-2परीक्षा के इस चरण में 120 अंक के लिए 120 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके लिए 90 मिनट का समय निर्धारित किया जाता है। इसमें प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती होती है।
CBAT (योग्यता परीक्षण)CBT-2 में अच्छी परफॉर्मेंस वाले कैंडिडेट्स का ही चयन होता है।
प्रत्येक टेस्ट बैटरी में न्यूनतम 42 अंक का टी-स्कोर करना होता हैं। इसमें कोई नेगटिव मार्किंग नहीं होता।
इसमें प्रश्न और उत्तर हिंदी/अंग्रेज़ी भाषाओं में होते हैं।
दस्तावेज़ वेरिफिकेशन / मेडिकल टेस्टचयन के अंतिम चरण में डॉक्यूमेंट्स (जन्म प्रमाणपत्र, मार्कशीट आदि) की जांच और मेडिकल टेस्ट होता है। सभी क्लियर करने पर ही अंतिम मेरिट लिस्ट में नाम आता है।

RRB NTPC का विषय-वार सिलेबस

यहाँ RRB NTPC CBT-1 और CBT-2 का विषय-वार सिलेबस दिया गया है, जिसे आप नीचे दी गई टेबल के माध्यम से आसानी से जान सकते हैं –

RRB NTPC CBT-1 का सिलेबस

CBT-1 एक स्क्रीनिंग परीक्षा होती है, जिसका उद्देश्य उम्मीदवार की बुनियादी योग्यता और सामान्य समझ का मूल्यांकन करना होता है।

विषयविस्तृत सिलेबस
सामान्य जागरूकताभारत का इतिहास
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन
भारतीय संविधान की मूल जानकारी
भारत और विश्व का भूगोल
सामान्य विज्ञान (भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान की बुनियादी अवधारणाएँ)
खेल, पुरस्कार, महत्वपूर्ण दिवस, पुस्तकें और लेखक
समसामयिक घटनाएँ (राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय)
सरकारी योजनाएँ
गणितसंख्या पद्धति
दशमलव और भिन्न
प्रतिशत
लाभ-हानि
साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज
अनुपात और समानुपात
औसत, समय और कार्य
समय और दूरी
सरल बीजगणितीय समीकरण
आंकड़ों की व्याख्या
तार्किक क्षमता (रीजनिंग)वर्णमाला और संख्या श्रेणी
कोडिंग-डिकोडिंग
दिशा ज्ञान
रक्त संबंध
वेन आरेख
सादृश्य
वर्गीकरण
बैठने की व्यवस्था
तर्क आधारित कथन और निष्कर्ष

RRB NTPC CBT-2 का सिलेबस

CBT-2 मुख्य परीक्षा होती है और अंतिम मेरिट में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसमें वही विषय होते हैं, लेकिन प्रश्न अधिक विश्लेषणात्मक और गहराई वाले होते हैं।

विषयविस्तृत सिलेबस
सामान्य जागरूकताभारतीय इतिहास और संस्कृति का विस्तृत अध्ययन
संविधान की प्रमुख धाराएँ
संसद और न्यायपालिका की भूमिका
भारत की अर्थव्यवस्था
पंचवर्षीय योजनाएँ
बजट की मूल अवधारणा
विज्ञान और तकनीक में हालिया प्रगति
पर्यावरण और पारिस्थितिकी
पिछले 1–2 वर्षों की समसामयिक घटनाएँ
गणितउन्नत प्रतिशत आधारित प्रश्न
मिश्रण और मिश्रण के अनुप्रयोग
कार्य-दक्षता आधारित प्रश्न
गति और सापेक्ष गति
क्षेत्रमिति (क्षेत्रफल और परिमाप)
त्रिकोण और चतुर्भुज की मूल अवधारणाएँ
डेटा इंटरप्रिटेशन के जटिल प्रश्न
तार्किक क्षमता (रीजनिंग)जटिल कोडिंग-डिकोडिंग
बहु-स्तरीय बैठने की व्यवस्था
पजल आधारित प्रश्न
इनपुट-आउटपुट
कथन-धारणाएँ
तार्किक निर्णय क्षमता
कारण-कार्य संबंध

स्टेशन मास्टर बनने के लिए करियर स्कोप

स्टेशन मास्टर बनने के बाद उम्मीदवार भारतीय रेलवे के निम्नलिखित विभिन्न पदों पर अपना करियर बना सकते हैं। यह सरकारी नौकरी आपको पद के साथ-साथ प्रतिष्ठा भी मिलती है।

  • असिस्टेंट ऑपरेशनल मैनेजर
  • स्टेशन मास्टर
  • सीनियर स्टेशन मास्टर
  • स्टेशन सुपरिंटेंडेंट
  • डिवीजनल ऑपरेशंस मैनेजर

स्टेशन मास्टर को मिलने वाला वेतन

Ambitionbox.com पर उपस्थित डेटा के अनुसार स्टेशन मास्टर को मिलने वाला अनुमानित सालाना वेतन 6.6 लाख – 14.8 लाख के बीच हो सकता है। वास्तव में सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) द्वारा ही स्टेशन मास्टर को वेतन मिलता है, जिसमें मूल वेतन आमतौर पर INR 35,400 प्रति माह या इससे थोड़ा अधिक हो सकता है। साथ ही इसमें बेसिक सैलरी के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के भत्ते (जैसे – महंगाई, मकान और यात्रा आदि) भी शामिल होते हैं। इस आधार पर सभी भत्तों को मिलाकर, एक स्टेशन मास्टर का कुल मासिक वेतन लगभग INR 50,000 से INR 65,000 तक हो सकता है। यहाँ दिए गए वेतन को निश्चित आय की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।

FAQs 

स्टेशन मास्टर के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?

स्टेशन मास्टर बनने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होना आवश्यक है। इसके लिए किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।

स्टेशन मास्टर की उम्र कितनी होती है?

सामान्यत: स्टेशन मास्टर पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम 33 वर्ष होती है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु में छूट भी दी जाती है।

स्टेशन मास्टर कौन से ग्रुप में आते हैं?

भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर ग्रुप सी के कर्मचारी होते हैं।

स्टेशन मास्टर में कितने पेपर होते हैं?

स्टेशन मास्टर में तीन पेपर “कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT-1), कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT-2), और कंप्यूटर आधारित योग्यता परीक्षा (CBAT)” होते हैं।

स्टेशन मास्टर की भर्ती किस परीक्षा के माध्यम से होती है?

स्टेशन मास्टर की भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड यानी RRB द्वारा आयोजित NTPC परीक्षा के माध्यम से होती है।

हमें आशा है कि आप इस लेख में जान पाए होंगे कि स्टेशन मास्टर कैसे बने, साथ ही ये जानकारी आपके लिए सहायक साबित होगी। ऐसे ही करियर से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

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