भारत में MBBS की सीटें बहुत कम हैं और कंपटीशन काफी ज़्यादा है। इसके अलावा प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस भी बहुत महंगी होती है। इसी वजह से कई भारतीय छात्र यह जानना चाहते हैं कि रूस से MBBS कैसे करें और क्या यह उनके लिए एक सही ऑप्शन हो सकता है। रूस में सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटीज, कम फीस और इंग्लिश-मीडियम MBBS कोर्स उपलब्ध हैं, इसलिए यह देश भारतीय छात्रों के बीच धीरे-धीरे एक पॉपुलर स्टडी डेस्टिनेशन बन रहा है।
हालांकि रूस से MBBS करने से पहले छात्रों और पैरेंट्स के मन में कई सवाल होते हैं, जैसे – FMGE या NExT एग्ज़ाम, डिग्री की वैलिडिटी, इंटर्नशिप और आगे जॉब के ऑप्शन। इस लेख में रूस से MBBS कैसे करें, इससे जुड़ी योग्यता, एडमिशन प्रोसेस, फीस, कोर्स की अवधि और भारत में मेडिकल प्रैक्टिस से जुड़ी ज़रूरी बातें आसान भाषा में बताई गई हैं, ताकि आप सही फैसला ले सकें।
This Blog Includes:
- रूस में MBBS कोर्स का ओवरव्यू
- रूस से MBBS क्यों करें?
- रूस से MBBS करने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
- रूस से MBBS करने के लिए एडमिशन प्रोसेस
- रूस में MBBS एडमिशन के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स
- रूस में MBBS कोर्स अवधि और पैटर्न
- रूस में MBBS के लिए महत्वपूर्ण टाइमलाइन
- रूस में MBBS कोर्स का फीस स्ट्रक्चर
- रूस में रहने का अनुमानित खर्च
- भारतीय छात्रों के लिए रूस में मेडिकल कॉलेजों की सूची
- रूस से MBBS करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
- रूस और भारत में MBBS की पढ़ाई में अंतर और समानताएं
- FAQs
रूस में MBBS कोर्स का ओवरव्यू
| विवरण | डिटेल्स |
| डिग्री | बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) |
| रूस में MBBS के लिए इंटेक | सितंबर |
| MBBS कोर्स ड्यूरेशन | 6 वर्ष (1 साल की इंटर्नशिप सहित) |
| रूस में एमबीबीएस के लिए एलिजिबिलिटी | 10+2 में इंग्लिश सब्जेक्ट सहित PCB सब्जेक्ट्स में न्यूनतम 50% कुल स्कोर + NEET क्वालिफाइड |
| टीचिंग का माध्यम | अंग्रेजी |
रूस से MBBS क्यों करें?
हर साल बड़ी संख्या में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय छात्र यह जानने की कोशिश करते हैं कि रूस में MBBS करना उनके लिए सही रहेगा या नहीं। नीचे रूस से MBBS करने के कुछ मुख्य और प्रैक्टिकल कारण दिए गए हैं:
- सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटीज: रूस में ज़्यादातर MBBS कोर्स सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटीज द्वारा ऑफर किए जाते हैं। इन यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई का स्ट्रक्चर तय होता है और फीस भी कई दूसरे देशों की तुलना में कम रहती है, जिससे छात्रों पर फाइनेंशियल प्रेशर कम पड़ता है।
- NMC गाइडलाइंस और अंतरराष्ट्रीय मान्यता: रूस की अधिकांश प्रमुख मेडिकल यूनिवर्सिटीज भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मौजूदा गाइडलाइंस को पूरा करती हैं। इसके अलावा ये यूनिवर्सिटीज WDOMS में लिस्टेड होती हैं, जिससे छात्र आगे चलकर अलग-अलग देशों में लाइसेंसिंग एग्ज़ाम देने के योग्य बनते हैं। हालांकि, भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए सभी शर्तों को पूरा करना ज़रूरी होता है।
- इंग्लिश-मीडियम MBBS कोर्स: रूस की कई मेडिकल यूनिवर्सिटीज में MBBS की पढ़ाई इंग्लिश-मीडियम में कराई जाती है। इससे भारतीय छात्रों को पढ़ाई समझने में आसानी होती है। साथ ही, क्लिनिकल ट्रेनिंग के दौरान बेसिक रुसी लैंग्वेज भी सिखाई जाती है, जिससे हॉस्पिटल में काम करना आसान हो जाता है।
- आगे पढ़ाई और करियर के ऑप्शन: रूस से MBBS पूरा करने के बाद छात्र भारत में NExT एग्ज़ाम, अमेरिका के लिए USMLE या यूके के लिए PLAB जैसे लाइसेंसिंग एग्ज़ाम दे सकते हैं। इससे छात्रों को भारत और विदेश, दोनों जगह करियर के रास्ते खुलते हैं, बशर्ते वे संबंधित देश की शर्तें पूरी करें।
- कम फीस में MBBS पढ़ाई: अमेरिका, यूके और कनाडा जैसे देशों की तुलना में रूस में MBBS की कुल फीस काफी कम होती है। इसी वजह से मिडिल-क्लास फैमिली के छात्रों के लिए भी यह एक रियलिस्टिक ऑप्शन बन जाता है।
- कोर्स स्ट्रक्चर और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में MBBS का कोर्स स्ट्रक्चर तय गाइडलाइंस के अनुसार होता है। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को लैब वर्क, क्लिनिकल एक्सपोज़र और हॉस्पिटल ट्रेनिंग का मौका मिलता है, जिससे बेसिक मेडिकल स्किल्स मजबूत होती हैं।
- एडमिशन प्रोसेस अपेक्षाकृत सरल: रूस में MBBS एडमिशन के लिए कोई अलग मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम या लैंग्वेज टेस्ट नहीं होता। हालांकि, भारतीय छात्रों के लिए NEET UG क्वालिफाई करना अनिवार्य है, खासकर अगर वे आगे चलकर भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करना चाहते हैं।
- मल्टी-कल्चर माहौल और स्टूडेंट सेफ्टी: रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में अलग-अलग देशों से छात्र पढ़ने आते हैं, जिससे एक मल्टी-कल्चर लर्निंग एनवायरमेंट बनता है। ज़्यादातर यूनिवर्सिटीज में हॉस्टल, 24×7 सिक्योरिटी और इंटरनेशनल स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम भी मौजूद होता है।
रूस से MBBS करने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
छात्रों को सलाह दी जाती है कि रूस में MBBS की पढ़ाई के लिए सही एलिजिबिलिटी जानने हेतु चुनी हुई यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल कोर्स पेज को जरूर देखें। वहीं, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अनुसार, भारतीय छात्रों के लिए रूस में MBBS की एलिजिबिलिटी इस प्रकार है:
- आयु सीमा: एडमिशन के वर्ष 31 दिसंबर तक उम्मीदवार की उम्र कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवारों ने 10+2 या इसके समकक्ष शिक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और इंग्लिश मुख्य विषयों के साथ पूरी की हो। सामान्य वर्ग के स्टूडेंट के लिए न्यूनतम अंक 50% से अधिक होने चाहिए जबकि SC/ST/OBC वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए यह 40% से अधिक होने चाहिए।
- NEET परीक्षा: जो भारतीय छात्र रूस से MBBS पूरा करने के बाद भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करना चाहते हैं, उनके लिए NEET UG क्वालिफाई करना अनिवार्य है। ‘नेशनल मेडिकल कमीशन’ (NMC) की गाइडलाइंस के अनुसार, विदेश में एडमिशन लेने से पहले NEET पास होना जरूरी है। NEET स्कोर विदेश में MBBS एडमिशन के लिए 3 वर्षों तक वैध होता है। वहीं अगर छात्र विदेश में ही रहकर काम करना चाहता है, तो वहां के नियमों के अनुसार NEET की आवश्यकता नहीं हो सकती। विदेशी मेडिकल एजुकेशन के लिए एडमिशन किसी सरकारी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में होना चाहिए और छात्र को उस देश का संबंधित लाइसेंसिंग एग्जाम भी पास करना होगा।
रूस से MBBS करने के लिए एडमिशन प्रोसेस
भारतीय छात्रों के लिए रूस में MBBS के लिए अप्लाई करना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है, क्योंकि ज़्यादातर यूनिवर्सिटीज क्लास 12 के मार्क्स और NEET के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन देती हैं। यहां IELTS या किसी अन्य एंट्रेंस एग्ज़ाम की जरूरत नहीं होती। रूस में MBBS प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने के स्टेप्स इस प्रकार हैं:
- योग्यता और NEET स्कोर चेक करें: सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की एलिजिबिलिटी शर्तें देखें। आमतौर पर क्लास 12 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) में पास होना और भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए वैलिड NEET UG स्कोर होना ज़रूरी होता है।
- सही यूनिवर्सिटी चुनें: ऐसी मेडिकल यूनिवर्सिटी चुनें जो NMC की मौजूदा गाइडलाइंस को पूरा करती हो और 6 साल का पूरा MBBS कोर्स इंग्लिश-मीडियम में ऑफर करती हो।
- डॉक्यूमेंट सबमिशन और वेरिफिकेशन: यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट या भरोसेमंद कंसल्टेंट के ज़रिए 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, NEET रिजल्ट और पासपोर्ट की स्कैन कॉपी सबमिट करें। डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रोविजनल एडमिशन लेटर जारी करती है।
- ऑफर एक्सेप्ट और वीज़ा इनविटेशन: एडमिशन ऑफर एक्सेप्ट करने के लिए तय डिपॉजिट या ट्यूशन फीस जमा करनी होती है। इसके बाद यूनिवर्सिटी रूस मिनिस्ट्री ऑफ इंटरनल अफेयर्स (MVD) से वीज़ा इनविटेशन लेटर के लिए अप्लाई करती है, जो आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों में जारी हो जाता है।
- स्टूडेंट वीज़ा के लिए अप्लाई करें: वीज़ा इनविटेशन लेटर, ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और HIV-नेगेटिव मेडिकल रिपोर्ट के साथ रूस एम्बेसी या VFS ग्लोबल में स्टूडेंट वीज़ा के लिए आवेदन करें।
- प्री-डिपार्चर तैयारी और यूनिवर्सिटी रिपोर्टिंग: वीज़ा मिलने के बाद यात्रा से पहले कुछ ज़रूरी तैयारियाँ करना जरूरी होता है, जैसे मेडिकल इंश्योरेंस लेना, फॉरेक्स या इंटरनेशनल डेबिट कार्ड की व्यवस्था करना और यूनिवर्सिटी की रिपोर्टिंग तारीख कन्फर्म करना। रूस पहुंचने के बाद यूनिवर्सिटी में रिपोर्टिंग, लोकल रजिस्ट्रेशन और हॉस्टल अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
रूस में MBBS एडमिशन के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स
रूस में MBBS कोर्स के लिए अप्लाई करते समय छात्रों को अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई डॉक्यूमेंट्स लिस्ट जरूर चेक करनी चाहिए। सामान्य रूप से, नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है:
- एकेडमिक डॉक्यूमेंट्स
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
- एक वैलिड NEET स्कोरकार्ड
- मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म
- मेडिकल कॉलेज का एक्सेप्टेंस या एडमिशन लेटर
- वीज़ा और ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स
- स्टूडेंट वीज़ा के लिए एक वैलिड पासपोर्ट
- पासपोर्ट साइज फ़ोटो
- वीज़ा इनविटेशन और अन्य वीज़ा डॉक्यूमेंट्स
- ट्यूशन फीस और वीज़ा फीस की रसीदें
नोट: अगर आवेदन के समय पासपोर्ट तैयार नहीं है, तो पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे ID प्रूफ दिए जा सकते हैं।
- मेडिकल डॉक्यूमेंट्स
- HIV-नेगेटिव मेडिकल रिपोर्ट (वीज़ा स्टैम्पिंग के समय)
- अन्य बेसिक मेडिकल रिपोर्ट्स (यूनिवर्सिटी या एम्बेसी की मांग के अनुसार)
रूस में MBBS कोर्स अवधि और पैटर्न
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मौजूदा गाइडलाइंस के अनुसार, किसी विदेशी मेडिकल यूनिवर्सिटी में MBBS की अवधि भारत में MBBS कोर्स की अवधि के बराबर होनी चाहिए। रूस में MBBS का कोर्स आमतौर पर 6 साल का होता है, जिसमें 5 साल की अकादमिक पढ़ाई और 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है।
रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में कराई जाने वाली इंटर्नशिप आमतौर पर उसी यूनिवर्सिटी या उससे जुड़े मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल में होती है। भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए छात्रों को NMC की गाइडलाइंस के अनुसार सभी शर्तें पूरी करनी होती हैं, जिसमें आगे चलकर NExT एग्ज़ाम पास करना भी शामिल है।
यदि कोई स्टूडेंट किसी सेमेस्टर में फेल हो जाता है या कोर्स समय पर पूरा नहीं कर पाता, तो MBBS कोर्स की कुल अवधि बढ़ाई जा सकती है, जिससे ग्रेजुएशन और आगे की प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
रूस में MBBS के लिए महत्वपूर्ण टाइमलाइन
रूस में MBBS के लिए एडमिशन नियम हर यूनिवर्सिटी में अलग-अलग हो सकते हैं। यहां एक सामान्य ओवरव्यू दिया गया है, जिससे छात्रों को प्लानिंग करने में आसानी हो सके:
- अकादमिक वर्ष और सेमेस्टर: रूस की टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटीज में हर अकादमिक वर्ष दो सेमेस्टर में बंटा होता है। पहला सेमेस्टर आमतौर पर सितंबर से जनवरी तक और दूसरा सेमेस्टर आमतौर पर फरवरी से जून तक चलता है।
- प्रमुख इंटेक टाइमलाइन: रूस में MBBS के लिए मुख्य इंटेक आमतौर पर सितंबर में होता है। यह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सबसे ज्यादा चुना जाने वाला इंटेक है।
- अन्य इंटेक: कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटीज जनवरी या फरवरी में भी MBBS इंटेक ऑफर करती हैं। हालांकि, इन इंटेक में सीटों की संख्या सीमित होती है और सभी कॉलेज यह ऑप्शन नहीं देते।
- एप्लीकेशन प्रक्रिया और डेडलाइन: MBBS के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस आमतौर पर अप्रैल में शुरू होती है और अगस्त तक चलती है। ध्यान रखें कि हर यूनिवर्सिटी की एप्लीकेशन डेडलाइन अलग हो सकती है।
महत्वपूर्ण नोट: यदि एडमिशन के लिए आवेदन देर से किया जाता है, तो वीज़ा प्रोसेस में देरी हो सकती है, जिससे क्लास जॉइन करने में समस्या आती है और कभी-कभी पूरा अकादमिक सेशन भी प्रभावित हो सकता है।
रूस में MBBS कोर्स का फीस स्ट्रक्चर
रूस में MBBS की फीस हर यूनिवर्सिटी के अनुसार अलग होती है। नीचे टेबल में कुल अनुमानित ट्यूशन फीस की जानकारी रुपये (INR) में दी गई है:
| यूनिवर्सिटी | अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR) |
| प्सकोव स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 18 लाख – INR 19 लाख |
| कुबान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (KSMU), क्रास्नोदार | INR 18 लाख – INR 19 लाख |
| रियाज़ान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (RSMU) | INR 19 लाख – INR 20 लाख |
| बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (BSMU) | INR 18 लाख – INR 19 लाख |
| कज़ान फेडरल यूनिवर्सिटी | INR 27 लाख – INR 28 लाख |
| पिरोगोव रूस नेशनल रिसर्च मेडिकल यूनिवर्सिटी (RNRMU), मॉस्को | INR 37 लाख – INR 38 लाख |
| वोलगोग्राड स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी | INR 28 लाख – INR 29 लाख |
| मारी स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 26 लाख – INR 27 लाख |
| पर्म स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (PSMU) | INR 28 लाख – INR 29 लाख |
नोट: यह जानकारी विभिन्न सोर्स से ली गई है जिसमें बदलाव संभव है। स्टूडेंट्स को ध्यान रखना चाहिए कि रूस में MBBS की फीस समय-समय पर बदल सकती है। इसलिए एडमिशन के लिए अप्लाई करने से पहले सभी फीस डिटेल्स और अपडेट्स को जरूर चेक करें। कभी-कभी फीस तो नहीं बदलती, लेकिन एक्सचेंज रेट के कारण खर्च अलग हो सकता है।
रूस में रहने का अनुमानित खर्च
रूस में MBBS के दौरान हॉस्टल-रूम रेंट, फ़ूड और ट्रैवल जैसी लिविंग कॉस्ट अन्य देशों की तुलना में काफी किफायती होती है। रूस में रहने का अनुमानित खर्च एक आईडिया देने के लिए नीचे समझाया गया है। यह सभी आंकड़ें विभिन्न स्त्रोतों से लिए गए है और यह सभी खर्च शहर, कॉलेज और स्टूडेंट के लाइफस्टाइल के अनुसार बदल सकते हैं:
| खर्च का प्रकार | मासिक खर्च (INR) | वार्षिक खर्च (INR) |
| हॉस्टल व रूम रेंट | INR 5,000 – INR 15,000 | INR 60,000 – INR 1,80,000 |
| फूड (खाना+ ग्रोसरी) | INR 6,000 – INR 12,000 | INR 72,000 – INR 1,44,000 |
| लोकल ट्रांसपोर्ट | INR 1,000 – INR 2,000 | INR 12,000 – INR 24,000 |
| इंटरनेट एवं मोबाइल कनेक्टिविटी | INR 500 – INR 1,200 | INR 6,000 – INR 14,400 |
| पर्सनल खर्च | INR 2,000 – INR 5,000 | INR 24,000 – INR 60,000 |
| कुल अनुमानित खर्च | INR 14,500 – INR 35,200 | INR 1,74,000 – INR 3,22,400 |
भारतीय छात्रों के लिए रूस में मेडिकल कॉलेजों की सूची
कुछ प्रमुख राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की मौजूदा गाइडलाइंस को पूरा करने वाली और WDOMS में सूचीबद्ध रुसी यूनिवर्सिटीज नीचे दी गई है:
- अस्त्रखान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (ASMU)
- ट्वेर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (TSMU)
- ओरेनबर्ग स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (OSMU)
- उल्यानोवस्क स्टेट यूनिवर्सिटी
- वोलगोग्राड स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
- रोस्तोव स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (RostSMU)
- अल्ताई स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (ASMU)
- नेशनल रिसर्च न्यूक्लियर यूनिवर्सिटी
- कज़ान फ़ेडरल (वोल्गा) यूनिवर्सिटी
- स्टावरोपोल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (SSMU)
- पैसिफिक स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (PSMU)
- उत्तर ओसेशियाई स्टेट मेडिकल अकादमी (NOSMA)
रूस से MBBS करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
अंतरराष्ट्रीय छात्रों को रूस में MBBS प्रोग्राम में एडमिशन लेने से पहले इन बिंदुओं का ध्यान रखना चाहिए:
- रिकॉग्निशन की जांच करें: पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस मेडिकल यूनिवर्सिटी में आप एडमिशन लेना चाहते हैं वह रुसी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हो और साथ ही उसकी डिग्री WHO, FAIMER, ECFMG और NMC (भारत) जैसी संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त हो। इससे बाद में डिग्री की वैधता और प्रैक्टिस की क्षमताएं सुरक्षित रहती हैं।
- ऑफिशियल डाक्यूमेंट्स तैयार रखें: एडमिशन के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स जैसे पासपोर्ट (कम से कम 18 महीने वैधता), 10वीं तथा 12वीं मार्कशीट्स, NEET स्कोरकार्ड (भारतीय छात्रों के लिए), HIV नेगेटिव रिपोर्ट, फ़ोटोग्राफ़ और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र ठीक तरह से तैयार और स्कैन की हुई कॉपी रखें। गलत या अधूरा दस्तावेज़ एडमिशन और वीज़ा प्रक्रिया में देरी कर सकता है।
- भाषा और प्रवेश प्रक्रियाएँ: रुसी यूनिवर्सिटीज़ में अंग्रेज़ी माध्यम में MBBS प्रोग्राम उपलब्ध हैं और आमतौर पर IELTS/TOEFL जैसे भाषा परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती, परंतु कुछ मामलों में रुसी भाषा की बेसिक समझ से क्लिनिकल रोटेशन में मदद मिल सकती है। एडमिशन प्रोसेस और डॉक्यूमेंटेशन की तारीखें हर यूनिवर्सिटी के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए अपडेटेड जानकारी चेक करना जरूरी है।
- एडमिशन और वीजा प्रक्रियाओं को समय दें: एडमिशन शुरू होने से पहले आरंभिक योजना बनाएं, डॉक्यूमेंट्स सही ढंग से सबमिट करें और वीजा इनविटेशन लेटर और छात्र वीजा के लिए सही समय पर अप्लाई करें। वीजा प्रोसेसिंग और इनविटेशन में समय लग सकता है, इसलिए देरी न करें।
- मौसम और लाइफस्टाइल: रूस में सर्दी बहुत ज्यादा होती हैं, इसलिए छात्रों को अच्छी क्वालिटी के गर्म कपड़े रखने चाहिए और हॉस्टल व क्लासरूम के हीटिंग सिस्टम की जानकारी लेनी चाहिए।
रूस और भारत में MBBS की पढ़ाई में अंतर और समानताएं
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए रूस और भारत में MBBS की पढ़ाई से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तुलनात्मक बिंदु नीचे दिए गए हैं:
| रूस में MBBS | भारत में MBBS |
| रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में 6 साल के MBBS कोर्स के दौरान प्रैक्टिकल और क्लिनिकल एक्सपोज़र अपेक्षाकृत जल्दी शुरू हो जाता है, जिससे छात्रों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग का अनुभव मिलता है। | भारत में 5.5 साल के MBBS कोर्स में शुरुआती वर्षों में थ्योरी पर ज़्यादा फोकस रहता है, जबकि क्लिनिकल और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बाद के चरणों में बढ़ती है। |
| रूस में MBBS का माध्यम मुख्य रूप से अंग्रेज़ी होता है, हालांकि लोकल मरीजों से बातचीत के लिए बेसिक रूसी भाषा सिखाई जाती है। | भारत में MBBS की पढ़ाई का माध्यम अंग्रेज़ी होता है। |
| रूस से MBBS करने वाले छात्र रूस या अन्य देशों में PG कर सकते हैं, जबकि भारत में PG के लिए NEET-PG/NExT जैसी परीक्षाएं पास करना जरूरी होता है। | भारत से MBBS करने के बाद पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए NEET-PG/NExT एंट्रेंस परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। |
| रूस की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सीटों की उपलब्धता अपेक्षाकृत अधिक होती है। | भारत की मेडिकल यूनिवर्सिटीज में सीमित सीटों के कारण प्रतिस्पर्धा काफी अधिक होती है। |
| रूस की कई टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटीज में USMLE, PLAB, FMGE/NExT जैसी लाइसेंसिंग परीक्षाओं की तैयारी के लिए सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध होता है। | भारत के मेडिकल कॉलेज आमतौर पर अन्य देशों की लाइसेंसिंग परीक्षाओं के लिए अलग से कोचिंग प्रदान नहीं करते। |
| रूस में MBBS की कुल फीस भारत और कुछ अन्य देशों की तुलना में आमतौर पर कम होती है। | भारत में सरकारी कॉलेजों की फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस काफी अधिक हो सकती है। |
FAQs
हाँ, हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र रूस में MBBS की पढ़ाई के लिए जाते हैं। इसका कारण यह है कि रूस की कई मेडिकल यूनिवर्सिटीज NMC की मौजूदा गाइडलाइंस को पूरा करती हैं, जहाँ अफोर्डेबल फीस में अंग्रेज़ी-माध्यम MBBS प्रोग्राम उपलब्ध होते हैं।
रूस में MBBS कोर्स की अवधि आमतौर पर 6 साल होती है, जिसमें 5 साल की अकादमिक पढ़ाई और 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है।
भारत में रूस से प्राप्त MBBS डिग्री तभी मान्य मानी जाती है, जब छात्र NMC की सभी शर्तें पूरी करें, जैसे NEET क्वालिफिकेशन, निर्धारित अवधि की पढ़ाई, मान्य इंटर्नशिप और NExT (या लागू लाइसेंसिंग परीक्षा) पास करना। केवल डिग्री होना अपने-आप में प्रैक्टिस के लिए पर्याप्त नहीं होता।
रूस से MBBS करने के बाद छात्र भारत में NMC की सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने और लाइसेंसिंग परीक्षा (NExT/NEET-PG, जैसा लागू हो) पास करने के बाद मेडिकल प्रैक्टिस या नौकरी कर सकते हैं।
सामान्य रूप से अंतरराष्ट्रीय छात्रों, खासकर भारतीय छात्रों के लिए रूस में MBBS करना सुरक्षित माना जाता है। प्रतिष्ठित मेडिकल यूनिवर्सिटीज में 24×7 कैंपस सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छात्र सहायता प्रणाली मौजूद होती है। हालांकि, छात्रों को एडमिशन से पहले लेटेस्ट ट्रैवल एडवाइजरी और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
रूस से MBBS करने वाले भारतीय छात्रों के लिए FMGE पासिंग रेट आमतौर पर 10% से 30% के बीच देखी गई है। हालांकि, यह हर साल और यूनिवर्सिटी के अनुसार बदलती रहती है, इसलिए इसे एक स्थायी आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
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उम्मीद है कि इस लेख से आपको रूस से MBBS से जुड़ी प्रक्रिया, योग्यता और जरूरी बातों की स्पष्ट समझ मिली होगी। अगर आप ऐसे ही स्टडी अब्रॉड से जुड़े विषयों पर और जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो Leverage Edu पर उपलब्ध अन्य लेख भी देख सकते हैं।
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