आज के इस आधुनिक युग में जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी डेवलप हो रही है, वैसे-वैसे उसका प्रभाव लगभग हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। पॉलिटेक्निक कोर्स इसका बड़ा उदाहरण है, जिसमें आप मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रिकल और ऑटोमोबाइल जैसी इंडस्ट्री से जुड़ी टेक्नीकल नॉलेज प्राप्त कर पाते हैं। भारत में लगातार इन इंडस्ट्रीज में बढ़ती इंजीनियरों की डिमांड के कारण यह कोर्स लोकप्रिय भी है।
इस कोर्स को करने के बाद आप कई सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की जॉब्स से अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं या अंडरग्रेजुएट या स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी कर सकते हैं। यहाँ इस लेख में आप जानेंगे कि पॉलिटेक्निक के बाद क्या करें और इसे करने के बाद आपके पास किन-किन क्षेत्रों में करियर के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
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पॉलिटेक्निक के बाद क्या करें?
पॉलिटेक्निक के बाद आप मुख्य रूप से आगे की पढ़ाई के लिए बैचलर डिग्री प्रोग्राम या प्रोफेशनल कोर्स तो कर ही सकते हैं। साथ ही इसके अलावा यदि आप नौकरी करना चाहते हैं तो ऐसे में आपके पास सरकारी और प्राइवेट नौकरियों के माध्यम से अपने करियर की शुरुआत करने का अवसर होता है। पॉलिटेक्निक के बाद किस विकल्प को चुनकर आगे की रणनीति बनाना आपके लिए उचित होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी रूचि और करियर गोल्स क्या हैं और कैसे आप उन्हें अचीव कर सकते हैं।
पॉलिटेक्निक के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प
पॉलिटेक्निक के बाद आपके पास ट्रेडिशनल डिग्री प्रोग्राम से लेकर स्पेशलाइज्ड और स्किल डेवलपमेंट कोर्स तक के विकल्प उपलब्ध रहते हैं। इन प्रोग्राम्स में से किसी एक प्रोग्राम का चुनाव आप अपने गोल्स और इंट्रेस्ट के आधार पर कर सकते हैं।
पॉलिटेक्निक के बाद प्रमुख कोर्स
पॉलिटेक्निक के बाद आप उच्च शिक्षा के तौर पर बी.टेक (लैटरल एंट्री), बीसीए, बीएससी, AMIE जैसे कई अंडरग्रेजुएट और प्रोफेशनल कोर्स कर सकते हैं। या आप B Tech न करके अन्य स्ट्रीम में ग्रेजुएशन करना चाहते हैं तो 12वीं चुने स्ट्रीम के अकॉर्डिंग भी कर सकते हैं। इनमें से किस कोर्स का चुनाव करना है यह पूरी तरह आपकी फील्ड और करियर गोल पर निर्भर करता है। नीचे दी गई टेबल में इन कोर्सेज की अवधि और जरूरी योग्यता की पूरी जानकारी दी गई है –
| कोर्स का नाम | कोर्स की अवधि | आवश्यक न्यूनतम योग्यता |
| बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech – लेटरल एंट्री) | 3 वर्ष (सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश) | संबंधित शाखा में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा |
| बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) | 3 वर्ष | किसी भी स्ट्रीम से डिप्लोमा / 12वीं पास |
| बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E – लेटरल एंट्री) | 3 वर्ष | इंजीनियरिंग डिप्लोमा |
| एएमआईई (AMIE – इंजीनियरिंग समकक्ष डिग्री) | लगभग 4 वर्ष (पार्ट-टाइम) | इंजीनियरिंग डिप्लोमा |
| डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग | 1-2 वर्ष | पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या 12वीं पास |
| बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc – टेक्नोलॉजी / IT आदि) | 3 वर्ष | पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या 12वीं (साइंस) पास |
| बैचलर ऑफ वोकेशनल स्टडीज (B.Voc) | 3 वर्ष | पॉलिटेक्निक डिप्लोमा / 12वीं पास |
नोट – यहाँ दिए गए कोर्सेज में आवेदन करने से पहले आप संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर कोर्स से संबंधित योग्यता या अन्य जानकारी को एक बार जरूर चेक कर लें।
यह भी पढ़ें – BCA कोर्स विवरण
पॉलिटेक्निक के बाद प्रमुख स्पेशलाइज्ड और स्किल डेवलपमेंट कोर्स
पॉलिटेक्निक के बाद आपके पास केवल डिग्री के विकल्प ही नहीं रहते हैं, बल्कि आपको इसके अलावा आपके पास कई प्रमुख स्पेशलाइज्ड और स्किल डेवलपमेंट कोर्स जैसे – AutoCAD, CATIA, CCNA, AWS, पाइथन और डेटा साइंस के अवसर भी उपलब्ध रहते हैं। यहाँ दिए गए निम्नलिखित स्किल डेवलपमेंट कोर्स किनके लिए उपयोगी हो सकते हैं, इसकी जानकारी भी निम्नलिखित टेबल में दी गई है –
| कोर्स का नाम | कोर्स के लिए उपयोगी ट्रेड | कोर्स की अवधि |
| ऑटोकैड (AutoCAD) डिजाइन कोर्स | मैकेनिकल, सिविल, आर्किटेक्चर ट्रेड | 3-6 महीने |
| क्लाउड कंप्यूटिंग / AWS सर्टिफिकेशन | कंप्यूटर साइंस, आईटी | 6-12 महीने |
| कैटिया (CATIA) डिजाइन सॉफ्टवेयर कोर्स | मैकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग | 3-6 महीने |
| सिक्स सिग्मा क्वालिटी मैनेजमेंट | मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल, मैकेनिकल ट्रेड | 3-6 महीने |
| सीसीएनए (CCNA – नेटवर्किंग सर्टिफिकेशन) | कंप्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स | 6-12 महीने |
| प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (PMP) सर्टिफिकेशन | सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | 6-12 महीने |
| पाइथन प्रोग्रामिंग कोर्स | कंप्यूटर इंजीनियरिंग, आईटी | 3-6 महीने |
| सीएनसी प्रोग्रामिंग और मशीनिंग कोर्स | मैकेनिकल, प्रोडक्शन, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग | 6-12 महीने |
पॉलिटेक्निक के बाद करियर स्कोप
पॉलिटेक्निक के बाद आपके पास सरकारी विभागों (जैसे – रेलवे और CPWD) में नौकरी करने के अलावा, कुछ प्रमुख प्राइवेट कंपनियों (जैसे – टाटा मोटर्स लिमिटेड, इंफोसिस लिमिटेड और हैवेल्स इंडिया लिमिटेड) आदि में जूनियर इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर और मैकेनिकल इंजीनियर जैसे पदों पर अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
पॉलिटेक्निक के बाद सरकारी नौकरी
पॉलिटेक्निक के बाद आप कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय सरकारी नौकरी में आवेदन करने के लिए योग्य हो जाते हैं। आमतौर पर पॉलिटेक्निक के बाद आप रेलवे, कर्मचारी चयन आयोग, रक्षा अनुसंधान संगठन और राज्य लोक सेवा आयोग में निम्नलिखित तकनीकी पदों पर जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इन सरकारी नौकरियों की भर्ती के लिए जारी होने वाली नोटिफिकेशन के माध्यम से नौकरी के लिए योग्यता और अन्य संबंधित जानकारी को विस्तारपूर्वक प्राप्त कर सकते हैं।
| जॉब प्रोफाइल | विभाग का नाम | भर्ती प्रक्रिया | आधिकारिक वेबसाइट |
| जूनियर इंजीनियर (JE) | कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से CPWD, MES, CWC जैसे केंद्रीय विभाग | SSC JE परीक्षा – पेपर-1 (CBT), पेपर-2, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन | ssc.gov.in |
| असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) | भारतीय रेलवे | कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट-1, कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट-2, कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट और मेडिकल | rrbcdg.gov.in |
| जूनियर इंजीनियर (RRB JE) | भारतीय रेलवे | कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट-1कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट-2दस्तावेज सत्यापनमेडिकल टेस्ट | indianrailways.gov.in |
| टेक्नीशियन / टेक्नीकल स्टाफ | डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइज़ेशन | कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा, ट्रेड टेस्ट, इंटरव्यू | drdo.gov.in |
| टेक्नीशियन / इंजीनियर ट्रेनी | भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड | लिखित परीक्षा या GATE स्कोर, इंटरव्यू | bhel.com |
| टेक्नीशियन / जूनियर इंजीनियर | ऑइल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन | लिखित परीक्षा / CBT, स्किल टेस्ट, इंटरव्यू | ongcindia.com |
| टेक्नीशियन / टेक्नीकल असिस्टेंट | भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर | ऑनलाइन टेस्ट, स्किल टेस्ट और इंटरव्यू | barc.gov.in |
| टेक्नीकल अप्प्रेन्टिस | इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइज़ेशन | मेरिट आधारित चयन या इंटरव्यू | isro.gov.in |
| टेक्नीशियन / जूनियर इंजीनियर | GAIL (भारत) लिमिटेड | लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन | gailonline.com |
पॉलिटेक्निक के बाद प्राइवेट नौकरी और सैलरी
भारत में पॉलिटेक्निक के बाद आप सरकारी नौकरी के अलावा प्राइवेट नौकरी के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। प्राइवेट जॉब्स में आप अपनी स्किल्स और एक्सपीरियंस के आधार पर ग्रो कर सकते हैं। पॉलिटेक्निक के बाद आप मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन, आईटी और टेलीकॉम सेक्टर में काम कर सकते हैं। कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनके रिक्रूटर्स नीचे दिए गए हैं –
| जॉब प्रोफाइल | प्रमुख रिक्रूटर्स |
| जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल / इलेक्ट्रिकल / सिविल) | टाटा मोटर्स लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड |
| क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर | टाटा स्टील लिमिटेड, बॉश इंडिया लिमिटेड |
| प्रोडक्शन इंजीनियर | मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड |
| साइट सुपरवाइजर (सिविल इंजीनियरिंग) | लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T), शापूरजी पालोनजी ग्रुप |
| मेंटेनेंस टेक्नीशियन | बजाज ऑटो लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड |
| CAD डिज़ाइनर / ड्राफ्ट्समैन | डीएलएफ लिमिटेड, यूनिटेक लिमिटेड |
| आईटी सपोर्ट इंजीनियर | टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS), विप्रो लिमिटेड |
| फील्ड सर्विस इंजीनियर | रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड |
| नेटवर्क / हार्डवेयर टेक्नीशियन | इंफोसिस लिमिटेड, सिस्को सिस्टम्स इंडिया |
| इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन | हैवेल्स इंडिया लिमिटेड, सीमेंस इंडिया लिमिटेड |
पॉलिटेक्निक के बाद मिलने वाली सैलरी आपकी जॉब प्रोफाइल, करियर ग्रोथ और ट्रेड के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। नीचे ambitionbox के आंकड़ों के आधार पर शुरुआती अनुमानित सैलरी दी गई है –
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक वेतन (INR) |
| डिप्लोमा ट्रेनी इंजीनियर (DTE) | INR 2.9 लाख – INR 3.2 लाख |
| प्रोडक्शन इंजीनियर | INR 3.9 लाख – INR 4.3 लाख |
| जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) | INR 3.5 लाख – INR 3.9 लाख |
| जूनियर इंजीनियर (सिविल) | INR 3.2 लाख – INR 3.5 लाख |
| जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रॉनिक्स) | INR 3.4 लाख – INR 3.7 लाख |
| मैकेनिकल इंजीनियर | INR 4.7 लाख – INR 5.2 लाख |
| क्वालिटी इंजीनियर | INR 3.7 लाख – INR 4.1 लाख |
FAQs
पॉलिटेक्निक के बाद आप अपनी स्किल्स, करियर गोल्स और स्कोप के जरिए आगे की पढ़ाई के लिए कोर्स का चुनाव कर सकते हैं। हालाँकि आप पॉलिटेक्निक के बाद मुख्य रूप से बीटेक या बीई, बीएससी, बीसीए और AMIE कोर्स का भी चुनाव कर सकते हैं।
पॉलिटेक्निक के बाद B.Tech को करने के लिए आप लैटरल एंट्री स्कीम के माध्यम से आप डायरेक्ट दूसरे वर्ष में प्रवेश पा सकते हैं। हालाँकि इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया राज्य स्तरीय एंट्रेंस एग्जाम या काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर पूरी की जाती है।
B Tech डिग्री के लिए वैसे तो चार साल का समय लगता है। हालाँकि पॉलिटेक्निक करने के बाद यदि आप लैटरल एंट्री स्कीम के तहत B Tech करते हैं तो इसमें आपका 3 साल का समय लग सकता है।
पॉलिटेक्निक के बाद आप मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर या साइट सुपरवाइजर जैसे पदों से अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा आप एसएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से सरकारी नौकरी की तैयारी कर सकते हैं।
पॉलिटेक्निक के बाद आप सरकारी नौकरी के लिए SSC JE, RRB JE, और राज्य स्तरीय JE परीक्षाओं में बैठ सकते हैं। इसके अलावा आप बिजली विभाग, PWD और नगर निगम की भर्ती प्रक्रिया को पूरा करके भी सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।
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