संधि, हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। इसका शाब्दिक अर्थ है- मेल। यानी दो वर्णों के परस्पर मेल से जो परिवर्तन होता है, उसे संधि कहा जाता है और दो शब्दों के मेल से बने शब्द को पुनः अलग अलग करना संधि विच्छेद कहलाता है।
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Nirgun ka Sandhi Viched क्या है?
इस लेख में हम जानेंगे कि निर्गुण का संधि विच्छेद क्या होगा। तो आईये आपको बताते हैं कि निर्गुण का संधि विच्छेद होगा “निः + गुण”। निर्गुण शब्द का अर्थ है जिसमें कोई गुण न हो। निर्गुण शब्द विसर्ग संधि का उदाहरण है।
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विसर्ग संधि क्या है?
जब विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन आ जाए तब जो परिवर्तन होता है ,वह विसर्ग संधि कहलाता है।
उदाहरण
- मन: + अनुकूल = मनोनुकूल
- नि: + पाप =निष्पाप
निर्गुण से बनने वाले शब्दों का वाक्य में प्रयोग
निर्गुण से बनने वाले शब्दों का वाक्य में प्रयोग निम्नलिखित है:
- वह एक निर्गुण व्यक्ति है।
- रमेश ने संतो को निर्गुण कहकर सम्बोधित किया है।
- मैंने आजतक पूर्णतः निर्गुण व्यक्ति से कभी नहीं मिला।
- निर्गुण का अर्थ निराकार भी होता है।
- आज के दौर में बहुत से लोग परमात्मा को निर्गुण रूप में भी पूजते है।
आशा करते हैं कि इस ब्लॉग से आपको Nirgun ka Sandhi Viched पता चल गया होगा। संधि से जुड़े हुए अन्य महत्वपूर्ण और रोचक ब्लॉग पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहिए।