मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाने वाली महत्वपूर्ण पात्रता परीक्षा है। इस परीक्षा का आयोजन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा किया जाता है और यह उम्मीदवारों की शिक्षण क्षमता व विषय ज्ञान का मूल्यांकन करती है। MP TET परीक्षा राज्य में शिक्षक भर्ती के अलग-अलग स्तरों वर्ग 1 (उच्च माध्यमिक), वर्ग 2 (माध्यमिक) और वर्ग 3 (प्राथमिक) के अनुसार आयोजित की जाती है, इसलिए प्रत्येक वर्ग का सिलेबस भी अलग होता है।
परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए सिलेबस की सही और स्पष्ट समझ बेहद जरूरी होती है, क्योंकि सभी प्रश्न निर्धारित विषयों और टॉपिक्स से ही पूछे जाते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को तैयारी शुरू करने से पहले नवीनतम MP TET सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को अच्छे से समझ लेना चाहिए। इस लेख में MP TET सिलेबस, विषयवार प्रमुख टॉपिक्स, परीक्षा पैटर्न, और तैयारी के लिए किताबों के नाम बताए गए हैं।
This Blog Includes:
MP TET परीक्षा का ओवरव्यू
| पैरामीटर | डिटेल्स |
| परीक्षा का नाम | मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) |
| संचालन संस्था | म.प्र. कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) |
| परीक्षा का स्तर | राज्य स्तरीय (स्टेट लेवल) |
| कैटेगेरी | वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक), वर्ग-2 (माध्यमिक), वर्ग-3 (प्राथमिक) |
| एग्जाम मोड | ऑनलाइन (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट – CBT) |
| प्रश्नों के प्रकार | बहुविकल्पीय (MCQs) |
| कुल अंक | 150 अंक |
| सर्टिफिकेट की वैलिडिटी | आजीवन (लाइफटाइम) |
| आधिकारिक वेबसाइट | esb.mp.gov.in |
MP TET क्या है?
मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) राज्य में सरकारी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा है। यह परीक्षा उम्मीदवार की विषय समझ, शिक्षण क्षमता और बाल मनोविज्ञान की बुनियादी योग्यता को जांचती है।
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अलग-अलग स्तरों में बांटा गया है, जिन्हें वर्ग (Varg) कहा जाता है। इसी आधार पर परीक्षा तीन स्तरों पर आयोजित होती है। वर्ग 3 प्राथमिक शिक्षक पद के लिए होता है, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले उम्मीदवार शामिल होते हैं। वर्ग 2 माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिए आयोजित किया जाता है, जो कक्षा 6 से 8 (या संबंधित माध्यमिक स्तर) को पढ़ाते हैं। वहीं वर्ग 1 उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिए होता है, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले उम्मीदवार शामिल होते हैं।
यह परीक्षा पूरी तरह वस्तुनिष्ठ (Objective/MCQ) प्रकार की होती है, जिसमें निर्धारित सिलेबस के आधार पर प्रश्न पूछे जाते हैं। उम्मीदवार अपनी योग्यता और जिस स्तर पर शिक्षक बनना चाहते हैं, उसके अनुसार संबंधित वर्ग की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
MP TET पास करने से सीधे नौकरी नहीं मिलती। यह केवल आपको शिक्षक बनने के लिए पात्र (एलिजिबल) बनाती है। इसके बाद संबंधित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करना पड़ता है। इस परीक्षा का सिलेबस बहुत बेसिक और टीचिंग-फोकस्ड होता है। इसमें बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, भाषा, गणित और पर्यावरण जैसे विषय शामिल होते हैं। इसका सिलेबस ज्यादातर NCERT और राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया जाता है।
MP TET का परीक्षा पैटर्न
MP TET (मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा) के तीनों वर्ग का परीक्षा पैटर्न संरचना में समान दिखता है, लेकिन विषय स्तर, प्रश्नों की कठिनाई और योग्यता अलग होती है। सभी परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव टाइप होती हैं। नीचे तीनों वर्गों का परीक्षा पैटर्न टेबल के रूप में दिया गया है।
MP TET का परीक्षा पैटर्न वर्ग-3: प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 – 5)
यहाँ MP TET का परीक्षा पैटर्न वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) के लिए परीक्षा पैटर्न दिया गया है –
| विषय | प्रश्न संख्या | अंक |
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा 1 (हिंदी) | 30 | 30 |
| भाषा 2 | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
| पर्यावरण अध्ययन | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
MP TET का परीक्षा पैटर्न वर्ग-2: माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 6 – 8)
यहाँ MP TET का परीक्षा पैटर्न वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) के लिए परीक्षा पैटर्न दिया गया है –
| विषय | प्रश्न संख्या | अंक |
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा 1 | 30 | 30 |
| भाषा 2 | 30 | 30 |
| विषय आधारित (मैथ्स/साइंस/एसएसटी) | 60 | 60 |
| कुल | 150 | 150 |
MP TET का परीक्षा पैटर्न वर्ग-1: उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 – 12)
यहाँ MP TET का परीक्षा पैटर्न वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक शिक्षक) के लिए परीक्षा पैटर्न दिया गया है –
| विषय | प्रश्न संख्या | अंक |
| सामान्य ज्ञान एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा | 20 | 20 |
| विषय विशेष (PG level) | 100 | 100 |
| कुल | 150 | 150 |
नोट – छात्रों को प्रत्येक पेपर के लिए कुल 150 मिनट (2.5 घंटे) का समय दिया जाता है।
MP TET का सम्पूर्ण सिलेबस
MP TET का सम्पूर्ण सिलेबस नीचे बताया गया है इसे समझकर आप अपनी तैयारी को शुरू कर सकते हैं:
MP TET वर्ग-1 परीक्षा का सिलेबस
| हिंदी | |
| विराम चिह्न | वाक्य के प्रकार |
| संज्ञा | अपठित गद्यांश |
| सर्वनाम | प्रमुख हिंदी लेखक व जीवनी |
| काल | प्रमुख हिंदी कवि व जीवनी |
| क्रिया | |
| English – Grammar (Part A) | |
| Articles | Clauses |
| Prepositions | Number |
| Conjunctions | Gender |
| Modals | Pronoun |
| Adverbs | Figures of Speech |
| Tenses | Poetry forms |
| English – Literature (Part B) | |
| Fiction | Poetry |
| Drama | Prose |
| Short Stories (प्रमुख अंग्रेजी साहित्यिक रचनाएँ) | |
| संस्कृत | |
| समास | संस्कृत इतिहास |
| शब्द रूप | अलंकार |
| संधि | रस |
| प्रत्यय | कारक |
| धातुरूप | अनुवाद |
| वेद-पुराण | निबंध |
| रामायण-महाभारत | संख्या |
| उर्दू | |
| व्याकरण | लेखन कौशल |
| उर्दू भाषा का इतिहास | अपठित गद्य |
| मैथमेटिक्स | |
| अंकगणित | गणितीय तर्क |
| बीजगणित | अनुक्रम-श्रृंखला |
| रैखिक असमानताएँ | अवकलन-समाकलन |
| मैट्रिक्स-निर्धारक | संख्या सिद्धांत |
| ज्यामिति | रैखिक प्रोग्रामिंग |
| निर्देशांक ज्यामिति | वेक्टर |
| त्रिकोणमिति | गतिकी |
| सांख्यिकी | वास्तविक एवं जटिल विश्लेषण |
| फिजिक्स | |
| भौतिक संसार व मापन | दोलन-तरंगें |
| गतिकी | इलेक्ट्रोस्टैटिक्स |
| गति के नियम | करंट, चुंबकत्व |
| कार्य-ऊर्जा-शक्ति | EM इंडक्शन |
| गुरुत्वाकर्षण | प्रकाशिकी |
| ऊष्मागतिकी | आधुनिक भौतिकी |
| बायोलॉजी | |
| जीव विविधता | मानव मनोविज्ञान |
| संरचनात्मक संगठन | प्रजनन |
| कोशिका | आनुवंशिकी |
| पादप शरीरक्रिया | जैव-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण |
| केमिस्ट्री | |
| मूल अवधारणाएँ | आवर्त सारणी |
| पदार्थ की अवस्था | रासायनिक बंधन |
| परमाणु संरचना | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री |
| संतुलन | पॉलिमर |
| ऊष्मागतिकी | बायोमोलेक्यूल्स |
| इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री | पर्यावरण रसायन |
| होम साइंस | |
| गृह प्रबंधन | शरीर रचना |
| पोषण | |
| कॉमर्स | |
| बिज़नेस स्टडीज़ | कंज्यूमर प्रोटेक्शन |
| मैनेजमेंट | एकाउंटिंग |
| फाइनेंसियल मार्केट्स | फाइनेंसियल एनालिसिस |
| HRM | कॉस्ट एकाउंटिंग |
| मार्केटिंग | |
| इतिहास | |
| ऐतिहासिक काल | ब्रिटिश शासन |
| हड़प्पा सभ्यता | सामाजिक-सांस्कृतिक विकास |
| मध्यकालीन भारत | यूरोप का इतिहास |
| मुगल काल | |
| भूगोल | |
| भौतिक भूगोल | भारत का भूगोल |
| मानव भूगोल | प्रायोगिक भूगोल |
| आर्थिक भूगोल | |
| पॉलिटिकल साइंस | |
| शक्तियां और अधिकार | चुनाव आयोग |
| नागरिकता | राष्ट्रीय आंदोलन |
| लोकतंत्र | राजनीतिक विचार |
| संविधान | अंतरराष्ट्रीय संबंध |
| केंद्र-राज्य सरकार | |
| इकोनॉमिक्स | |
| डिमांड-सप्लाई | पब्लिक फाइनेंस |
| प्रोडक्शन | बैंकिंग |
| मार्केट | भारतीय अर्थव्यवस्था |
| राष्ट्रीय आय | |
| एग्रीकल्चर | |
| कृषि का महत्व | कृषि अर्थशास्त्र |
| सिंचाई | कृषि विस्तार |
| पशुपालन | कृषि में विज्ञान व तकनीक |
| मृदा प्रबंधन | |
| सोशियोलॉजी | |
| सामाजिक परिवर्तन | समाजशास्त्रीय विचारक |
| भारतीय समाज | सामाजिक अनुसंधान |
| ग्रामीण-शहरी समाज | मीडिया व संस्कृति |
| आदिवासी समाज | |
MP TET वर्ग-2 परीक्षा का सिलेबस
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | |
| बाल विकास की अवधारणा | विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समझ |
| समावेशी शिक्षा | सीखना और सिखाना (पेडागोजी) |
| हिन्दी भाषा (Language I) | |
| भाषा की समझ | |
| English Language (Language II) | |
| Reading Comprehension | Functional Grammar |
| Vocabulary | Writing |
| गणित | |
| संख्या प्रणाली | गणित के शैक्षणिक मुद्दे |
| बीजगणित | गणित से तर्क शक्ति का विकास |
| ज्यामिति | पाठ्यक्रम में गणित का स्थान |
| रचना | गणित की भाषा |
| क्षेत्रमिति | प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षण-सहायक सामग्री का उपयोग |
| आँकड़े | |
| विज्ञान | |
| शैक्षणिक मुद्दे (पेडागोजिकल इश्यूज) | |
| सामाजिक विज्ञान | |
| इतिहास | पंचवर्षीय योजनाएँ |
| नागरिक शास्त्र | कृषि विकास |
| भूगोल | ग्रामीण अर्थव्यवस्था |
| स्थलमंडल-वायुमंडल | खाद्य सुरक्षा |
| जलमंडल | उपभोक्ता संरक्षण |
| अर्थव्यवस्था | शैक्षणिक मुद्दे |
| हिन्दी | |
| वाक्य बोध | पत्र लेखन |
| काव्य बोध | हिन्दी साहित्य |
| अपठित बोध | हिन्दी गद्य का विकास |
| निबंध लेखन | |
| संस्कृत | |
| व्याकरण | कारक-विभक्ति |
| निबंध लेखन | हिन्दी से संस्कृत अनुवाद |
| पत्र लेखन | अपठित गद्य/पद्य |
| वेद-वेदांग-पुराण-उपनिषद परिचय | पाठ्यांश आधारित प्रश्न |
| संस्कृत काव्य | |
| उर्दू | |
| भाषाई समझ | पत्र लेखन |
| गद्य विधाएँ | अपठित गद्य |
| पद्य (ग़ज़ल, मसनवी आदि) | उर्दू साहित्य का इतिहास |
| व्याकरण | भाषा शिक्षण विधियाँ |
| निबंध लेखन | |
| शारीरिक शिक्षा | |
| शारीरिक शिक्षा का इतिहास | योग |
| शरीर रचना एवं शरीर विज्ञान | खेल कोचिंग |
| फिजियोलॉजी | शारीरिक शिक्षा का संगठन एवं प्रशासन |
| ओलंपिक आंदोलन | |
MP TET वर्ग-3 परीक्षा का सिलेबस
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | |
| बाल विकास की अवधारणा व सीखने से संबंध | विशेष आवश्यकता वाले बच्चे |
| वृद्धि एवं विकास के कारक | बाल अपराध व कारण |
| बाल विकास के सिद्धांत | विकलांग बच्चों की जरूरतें |
| बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य व व्यवहार समस्याएँ | प्रतिभाशाली व कमजोर शिक्षार्थी |
| बाल-केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा | प्रेरणा व सीखना |
| भाषा व विचार | स्मृति-विस्मृति |
| व्यक्तित्व व उसका मापन | मार्गदर्शन व परामर्श |
| लिंग भेद, सामाजिक विविधता, व्यक्तिगत अंतर | समस्या समाधानकर्ता के रूप में बच्चा |
| कक्षा आधारित आकलन व मूल्यांकन | शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया |
| समावेशी शिक्षा की अवधारणा | |
| भाषा-1 (हिंदी) | |
| अपठित गद्यांश (रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन) | बोलने-सुनने की भूमिका |
| व्याकरण व भाषायी समझ | भाषा का प्रयोग व कार्य |
| मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति | व्याकरण की भूमिका |
| भाषा विकास का शिक्षण | भाषा शिक्षण की विधियाँ |
| भाषा सीखने के सिद्धांत | विविध स्तर के बच्चों को भाषा सिखाना |
| भाषा-2 (English / संस्कृत / उर्दू – कोई एक) | |
| Reading Comprehension | Language learning & teaching principles |
| Grammar | Pedagogy of language |
| Vocabulary | Error correction |
| Sentence structure | Communication ability |
| Language skills (Listening, Speaking, Reading, Writing) | |
| गणित | |
| संख्या पद्धति | क्षेत्रमिति |
| जोड़, घटाव, गुणा, भाग | ज्यामिति |
| भिन्न व दशमलव | डेटा हैंडलिंग |
| प्रतिशत, अनुपात, समानुपात | गणितीय तर्क |
| औसत | गणित का शिक्षण |
| लाभ-हानि | गणित सीखने की समस्याएँ |
| समय, दूरी, कार्य | बच्चों में तार्किक क्षमता का विकास |
| पर्यावरण अध्ययन (EVS) | |
| परिवार व मित्र | प्राकृतिक संसाधन |
| भोजन, जल, आवास | स्वास्थ्य व स्वच्छता |
| यात्रा व परिवहन | सामाजिक मुद्दे |
| वस्तुएं व सामग्री | EVS का शिक्षण |
| पौधे व जानवर | गतिविधि आधारित सीखना |
| पर्यावरण संरक्षण | पर्यावरण अध्ययन का मूल्यांकन |
नोट – सिलेबस की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से करने की सलाह दी जाती है।
MP TET परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स
MP TET की तैयारी करते समय सबसे जरूरी बात यह समझना है कि यह परीक्षा कठिन से ज्यादा सही रणनीति और नियमित अभ्यास पर आधारित होती है। अगर शुरुआत से सही तरीका अपनाया जाए तो पहली कोशिश में भी परीक्षा क्वालिफाई की जा सकती है। नीचे दिए गए टिप्स तैयारी को प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं:
- पहले सिलेबस और एग्जाम पैटर्न अच्छी तरह समझें: तैयारी शुरू करने से पहले यह अच्छे से जान लें कि परीक्षा में किन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं और उनका स्तर क्या होता है। सिलेबस समझने से पढ़ाई फोकस्ड रहती है और गैर-जरूरी टॉपिक्स पर समय खराब नहीं होता।
- सही स्टडी प्लान बनाकर पढ़ाई करें: बिना योजना के पढ़ाई करने से अक्सर कुछ विषय छूट जाते हैं। रोज का टाइम टेबल बनाएं, सभी विषयों को समय दें और जिस विषय में कमजोरी हो उसे थोड़ा ज्यादा समय दें। एक व्यवस्थित स्टडी शेड्यूल तैयारी को आसान बना देता है।
- सीमित लेकिन सही स्टडी मटेरियल चुनें: हर विषय के लिए कम से कम एक भरोसेमंद किताब जरूर रखें। बार-बार नई किताबें बदलने की बजाय उसी सामग्री को समझकर पढ़ें, इससे कॉन्सेप्ट मजबूत होते हैं और कन्फ्यूजन कम होता है।
- पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें: पिछले साल के एग्जाम पेपर हल करने से यह समझ आता है कि प्रश्न किस प्रकार पूछे जाते हैं और परीक्षा का वास्तविक स्तर क्या है। इससे महत्वपूर्ण टॉपिक्स पहचानने में भी मदद मिलती है।
- नियमित मॉक टेस्ट देना शुरू करें: मॉक टेस्ट तैयारी का सबसे जरूरी हिस्सा है। इससे आपको अपनी तैयारी का स्तर, कमजोर सेक्शन और टाइम मैनेजमेंट समझ आता है। लगातार टेस्ट देने से परीक्षा का डर भी कम हो जाता है।
- छोटे नोट्स बनाते चलें: तैयारी के दौरान महत्वपूर्ण पॉइंट्स, फॉर्मूले और कांसेप्ट नोट करते रहें। परीक्षा से पहले इन्हीं शॉर्ट नोट्स से जल्दी और प्रभावी रिवीजन किया जा सकता है।
- चाइल्ड डेवलपमेंट और पेडागॉजी पर खास ध्यान दें: यह MP TET का महत्वपूर्ण और स्कोरिंग सेक्शन माना जाता है। बाल मनोविज्ञान, सीखने के सिद्धांत और शिक्षण विधियों को समझकर पढ़ें, क्योंकि प्रश्न अक्सर कॉन्सेप्ट आधारित होते हैं।
- भाषा विषय के लिए रोज पढ़ने की आदत डालें: व्याकरण मजबूत करने के लिए रोज अभ्यास करें। अखबार, किताब या मैगज़ीन पढ़ने से शब्दावली और भाषा समझ दोनों बेहतर होती हैं।
- गणित और EVS में कॉन्सेप्ट क्लियर रखें: गणित में फॉर्मूले याद करने के साथ-साथ उनका उपयोग समझना जरूरी है। वहीं EVS में सभी टॉपिक्स को अच्छे से पढ़ें और नियमित क्विज या प्रैक्टिस करते रहें।
- नियमित रिवीजन और सकारात्मक सोच बनाए रखें: तैयारी के साथ-साथ रिवीजन जरूरी है, क्योंकि बार-बार दोहराने से ही जानकारी लंबे समय तक याद रहती है। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच भी परीक्षा प्रदर्शन को बेहतर बनाती है।
MP TET परीक्षा की तैयारी के लिए प्रमुख किताबें
नीचे हमने कुछ किताबों के बारे में बताया है जिनसे आप अपनी परीक्षा की तैयारी को और भी आसान बना सकते हैं इसमें आपको पुराने पेपर्स, मॉक टेस्ट मिल जाएंगें –
| किताब का नाम | लेखक/पब्लिकेशन का नाम | यहाँ से देखें |
| अरिहंत एमपी टीईटी मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा वर्ग 2 विषय हिंदी गाइड | अरिहंत टीम | यहाँ से देखें |
| संस्कृत गंगा एमपी वर्ग-2 टीजीटी संस्कृत गाइड बुक, एसजी-050, विंध्य संस्कृतम् पेपरबैक | सर्वज्ञभूषण | यहाँ से देखें |
| एग्जामकार्ट मध्य प्रदेश एमपी टीईटी वर्ग 2 गणित (गणित) मॉक पेपर्स | एग्जामकार्ट एक्सपर्ट्स | यहाँ से देखें |
| मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा पत्रता परीक्षा विज्ञान (एमपीटीईटी विज्ञान गाइड बुक) | टीम प्रभात | यहाँ से देखें |
| एमपी अंग्रेजी भाषा | वर्ग 2 भाग बी | एमपी शिक्षक परीक्षा पुस्तक 2026 | रविशंकर तिवारी, प्रदीप शर्मा, हार्ड्येंद्र गौतम सर | यहाँ से देखें |
FAQs
MP TET का सिलेबस स्कूल स्तर की पढ़ाई पर आधारित होता है। प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1–5) के लिए सिलेबस उसी स्तर के विषयों से जुड़ा होता है, जबकि उच्च प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 6–8) के लिए सिलेबस थोड़ा एडवांस स्तर का होता है। यानी परीक्षा में वही विषय और टॉपिक्स पूछे जाते हैं, जिन्हें स्कूल में पढ़ाया जाता है।
हाँ, MP TET सिलेबस में पर्यावरण अध्ययन एक जरूरी विषय है, खासकर प्राथमिक स्तर (कक्षा 1‑5) में। इस विषय में पर्यावरण से जुड़े मौलिक ज्ञान जैसे प्रकृति, जीव, पारिस्थितिकी और सामाजिक वातावरण के प्रश्न आते हैं।
MP TET परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं और हर प्रश्न एक अंक का होता है। परीक्षा का कुल समय 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) होता है।
नहीं, MP TET का सिलेबस वर्ग 1, 2 और 3 के अनुसार अलग-अलग होता है। जिस स्तर के शिक्षक पद के लिए परीक्षा होती है, उसी के अनुसार विषय और टॉपिक्स तय किए जाते हैं।
सिलेबस में मुख्य रूप से बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा (हिंदी/अंग्रेजी/अन्य), गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय शामिल होते हैं। विषय परीक्षा के स्तर के अनुसार बदल सकते हैं।
हमें उम्मीद है कि आपको MP TET परीक्षा का सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और टिप्स से जुड़ी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही इंडियन एग्जाम से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

One app for all your study abroad needs



60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!