MLT कोर्स: एडमिशन, सिलेबस, फीस, टॉप यूनिवर्सिटीज़ और करियर स्कोप

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MLT कोर्स

एमएलटी (मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) कोर्स हेल्थकेयर सेक्टर का एक महत्वपूर्ण पैरामेडिकल प्रोग्राम है, जिसमें लैब टेस्टिंग के माध्यम से बीमारियों के निदान में तकनीकी सहायता देना सिखाया जाता है। इस कोर्स को करने के बाद आप अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स, ब्लड बैंक्स और रिसर्च संस्थानों में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं, जहाँ प्रशिक्षित लैब प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होती है। इस कोर्स में छात्र ब्लड, यूरिन, टिश्यू और अन्य सैंपल्स की जांच, लैब उपकरण संचालन, क्वालिटी कंट्रोल और रिपोर्टिंग से जुड़ी ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि एमएलटी कोर्स क्या है, इसमें एडमिशन कैसे होता है, योग्यता, सिलेबस, फीस, कॉलेज, करियर अवसर, सैलरी और आगे की पढ़ाई के विकल्प क्या हैं, ताकि आप सही जानकारी के आधार पर सोच-समझकर करियर निर्णय ले सकें।

एमएलटी कोर्स क्यों करें?

एमएलटी कोर्स क्यों आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, इसकी जानकारी को यहाँ दिए गए बिंदुओं में आसान भाषा में समझाया गया है –

  • अन्य कोर्सेज की तुलना में MLT ग्रेजुएट बहुत जल्दी सरकारी और निजी अस्पतालों, ब्लड बैंकों और रिसर्च लैब्स में नौकरी पाने में सक्षम होते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आपके सामने रोजगार के अनेक अवसर खुल जाते हैं।
  • यह कोर्स केवल क्लिनिकल लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि इस कोर्स में आप मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, जेनेटिक्स और फार्मास्युटिकल कंपनियों में रिसर्च असिस्टेंट के रूप में भी करियर बना सकते हैं।
  • BMLT के बाद छात्र M.Sc. MLT या MBA इन हैल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में जाकर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा विदेशों में भी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट की अच्छी मांग है, इसलिए यह कोर्स एक सुरक्षित, स्थिर और विकास देने वाला करियर विकल्प माना जाता है।

DMLT बनाम BMLT कोर्स में अंतर

मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी फील्ड में करियर शुरू करने से पहले छात्रों को MLT और BMLT के बीच अंतर समझना जरूरी है। दोनों कोर्स लैब डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल टेस्टिंग से जुड़े हैं, लेकिन इनके स्तर, गहराई, करियर अवसर और योग्यता में स्पष्ट अंतर होता है। नीचे दी गई टेबल इन दोनों कोर्स के बीच वास्तविक और व्यावहारिक अंतर स्पष्ट करती है।

आधारDMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी)BMLT (बैचलर इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी)
कोर्स स्तरडिप्लोमा लेवलग्रेजुएशन लेवल की पूर्ण डिग्री
अवधि1 से 2 वर्ष3 से 4 वर्ष
योग्यता12वीं (PCB)12वीं (PCB)
पढ़ाई की गहराईबेसिक लैब तकनीक और सैंपल टेस्टिंगएडवांस्ड डायग्नोस्टिक, क्लिनिकल ट्रेनिंग
स्किल फोकससैंपल कलेक्शन, बेसिक टेस्टबायोकैमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, हेमेटोलॉजी
करियर स्तरलैब टेक्नीशियन (एंट्री-लेवल)सीनियर टेक्नोलॉजिस्ट, सुपरवाइजर, रिसर्च
उच्च शिक्षासीमित विकल्पM.Sc, रिसर्च, स्पेशलाइजेशन संभव
अनुमानित सैलरीINR 2 लाख – INR 3 लाखINR 3 लाख – INR 6 लाख

MLT कोर्स के प्रकार

भारत में एमएलटी कोर्स तीन अलग-अलग स्तरों पर उपलब्ध हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी योग्यता और करियर लक्ष्य के अनुसार चुन सकते हैं।

डिप्लोमा इन एमएलटी (DMLT)

  • डिप्लोमा इन MLT (DMLT) एक 1 से 2 साल का बेसिक लेवल का कोर्स है।
  • इसे 12वीं (विज्ञान) पास करने के बाद छात्र आसानी से कर सकते हैं।
  • इसमें लैब के बेसिक कामों जैसे सैंपल कलेक्शन, माइक्रोस्कोपी, ब्लड एवं यूरिन टेस्टिंग और स्लाइड प्रिपरेशन की जानकारी दी जाती है।
  • इसमें विद्यार्थियों को लैब में इस्तेमाल होने वाले बेसिक उपकरणों को चलाने की ट्रेनिंग भी मिलती है।
  • यह कोर्स उन छात्रों के लिए सही है जो कम समय में पढ़ाई पूरी कर जल्दी जॉब शुरू करना चाहते हैं।
  • MLT कोर्स के बाद अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब्स, क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर्स में लैब टेक्नीशियन की नौकरी मिल जाती है।

बीएससी एमएलटी

  • B.Sc MLT एक 3 से 4 साल का ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है, जिसे इस फील्ड का सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है।
  • इसमें छात्रों को लैब की एडवांस तकनीकें जैसे क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, हेमेटोलॉजी और इम्यूनोलॉजी सिखाई जाती हैं।
  • इसमें विद्यार्थियों को अलग-अलग तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट करने की गहराई से ट्रेनिंग दी जाती है।
  • इस कोर्स में थ्योरी के साथ-साथ क्लिनिकल प्रैक्टिस पर भी काफी ध्यान दिया जाता है, जिससे काम का आधार मज़बूत होता है।
  • इसे पूरा करने के बाद अस्पतालों, रिसर्च लैब्स, ब्लड बैंक्स, डायग्नोस्टिक सेंटर्स और फार्मा कंपनियों में काम करने के अच्छे मौके मिलते हैं।

एमएससी इन एमएलटी

  • M.Sc MLT एक 2 साल का पोस्टग्रेजुएट कोर्स है, जो उन छात्रों के लिए है जो लैब फील्ड में स्पेशलाइजेशन करना चाहते हैं।
  • यह कोर्स उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो रिसर्च करने या टीचिंग लाइन में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
  • इसमें आधुनिक लैब मशीनों को चलाने, एडवांस डायग्नोस्टिक तकनीकों, स्पेशल टेस्टिंग और हाई लेवल की क्लिनिकल प्रैक्टिस की ट्रेनिंग दी जाती है।
  • इस कोर्स के दौरान छात्रों को रिसर्च करने के तरीके और लैब को बेहतर ढंग से मैनेज करने की बारीकियां सिखाई जाती हैं।
  • इसे पूरा करने के बाद आप सीनियर लैब टेक्नोलॉजिस्ट, रिसर्च साइंटिस्ट, क्वालिटी मैनेजर, लेक्चरर या लैब डिपार्टमेंट एक्सपर्ट के तौर पर बड़े पदों पर काम कर सकते हैं।

MLT कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

एमएलटी कोर्स में एडमिशन लेने से पहले इसकी शैक्षणिक पात्रता, आयु सीमा और प्रवेश प्रक्रिया जानना आवश्यक है:-

शैक्षणिक पात्रता

इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना आवश्यक है। ज़्यादातर कॉलेज उन छात्रों को प्राथमिकता देते हैं जिन्होंने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी पढ़ी हो।

न्यूनतम आयु सीमा

बहुत-से संस्थानों में MLT कार्यक्रम के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष रखी जाती है। अधिकतम आयु की सीमा हर कॉलेज अलग-अलग तय कर सकता है, लेकिन सामान्यतः 30 वर्ष तक के विद्यार्थियों को आवेदन की अनुमति होती है।

प्रवेश प्रक्रिया (एंट्रेंस/मेरिट)

MLT कोर्स में दाखिला लेने के लिए आम तौर पर दो तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है:

  • मेरिट के आधार पर: कई कॉलेज 12वीं के अंकों को देखकर सीधे एडमिशन देते हैं।
  • प्रवेश परीक्षा के माध्यम से: कुछ विश्वविद्यालय अपनी एंट्रेंस टेस्ट लेते हैं, जिसके बाद मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग के आधार पर अंतिम चयन किया जाता है। इन प्रवेश परीक्षाओं में CUET-UG, AIIMS पैरामेडिकल, JENPAS-UG, BCECE पैरामेडिकल, KCET, CUET-PG और NEET PG आदि प्रमुख हैं जो कोर्स के लेवल और संस्थान के अद्धर पर आयोजित होती हैं। सभी कॉलेज प्रवेश परीक्षा नहीं लेते हैं, कई संस्थान मेरिट आधारित प्रवेश भी देते हैं। इसलिए आपको आवेदन से पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।

MLT कोर्स का सिलेबस

एमएलटी कोर्स में छात्रों को लैब टेस्ट, डायग्नोस्टिक तकनीक और क्लिनिकल ट्रेनिंग से जुड़ी पढ़ाई कराई जाती है। इसमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज पर भी जोर दिया जाता है। नीचे यूजी, पीजी और डिप्लोमा MLT कोर्स का सिलेबस दिया गया है। सिलेबस राज्य और यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है:-

यूजी एमएलटी कोर्स सिलेबस

सेमेस्टरमहत्वपूर्ण विषय
सेमेस्टर 1मानव शरीर रचना (Anatomy)
मानव मनोविज्ञान (Physiology)
बायोकैमिस्ट्री–I
बेसिक लैब उपकरण व सुरक्षा
सेमेस्टर 2पैथोलॉजी–I
माइक्रोबायोलॉजी–I
बायोकैमिस्ट्री–II
पर्यावरण विज्ञान
सेमेस्टर 3हेमेटोलॉजी (Blood Study)
क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री
माइक्रोबायोलॉजी–II
हिस्टोपैथोलॉजी
सेमेस्टर 4इम्यूनोलॉजी व सीरोलॉजी
पैरासिटोलॉजी
इंस्ट्रूमेंटेशन तकनीकें
क्लिनिकल पैथोलॉजी
सेमेस्टर 5साइटोजेनेटिक्स
ब्लड बैंकिंग व ट्रांसफ्यूजन
डायग्नोस्टिक तकनीकें
क्वालिटी कंट्रोल
सेमेस्टर 6इंटर्नशिप/क्लिनिकल ट्रेनिंग
एडवांस्ड लैब मैनेजमेंट
मेडिकल एथिक्स
केस स्टडी

पीजी एमएलटी कोर्स सिलेबस

सेमेस्टरविषय
सेमेस्टर 1एडवांस्ड क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री
एडवांस्ड हेमेटोलॉजी
मॉलिक्यूलर बायोलॉजी
रिसर्च मेथड्स
सेमेस्टर 2एडवांस्ड माइक्रोबायोलॉजी
इम्यूनोएसेज़
एंजाइमोलॉजी
एडवांस्ड डायग्नोस्टिक तकनीकें
सेमेस्टर 3स्पेशलाइज्ड MLT तकनीकें
मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी
एडवांस्ड पैथोलॉजी
सेमिनार प्रेजेंटेशन
सेमेस्टर 4रिसर्च थीसिस
ट्रेनिंग
एडवांस्ड क्वालिटी एश्योरेंस
वाइवा/ओरल एग्जाम

डिप्लोमा एमएलटी कोर्स सिलेबस

सेमेस्टरविषय
सेमेस्टर 1एनाटॉमी व फिजियोलॉजी
MLT की बेसिक जानकारी
बायोकैमिस्ट्री, लैब सेफ्टी
सेमेस्टर 2क्लिनिकल पैथोलॉजी
हेमेटोलॉजी
बेसिक माइक्रोबायोलॉजी
सैंपल कलेक्शन
सेमेस्टर 3इम्यूनोलॉजी
हिस्टोपैथोलॉजी तकनीकें
ब्लड बैंकिंग की बेसिक जानकारी
डायग्नोस्टिक इंस्ट्रूमेंटेशन
सेमेस्टर 4इंटर्नशिप/प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
रिपोर्ट लेखन
लैब एथिक्स
केस स्टडी

MLT कोर्स की अवधि और औसत फीस

MLT कोर्स कितने समय का होगा और इसकी फीस कितनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप डिप्लोमा कर रहे हैं, ग्रेजुएशन (B.Sc MLT) कर रहे हैं या पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc MLT)। नीचे अनुमानित औसत फीस और कोर्स की अवधि बताई गई है:

कोर्सअवधिऔसत फीस
डिप्लोमा MLT1  से 2 साल₹50,000 – ₹1,50,000
बी.एससी. MLT (UG)3 से 4 साल₹1,00,000 – ₹4,00,000
एम.एससी. MLT (PG)2 साल₹1,50,000 – ₹3,00,000

नोट: यहां दी गई जानकारी अन्य स्रोतों से ली गई है जिसमें बदलाव संभव है।

MLT कोर्स के लिए कॉलेज / यूनिवर्सिटी और उनकी फीस

भारत में MLT कोर्स के लिए कुछ प्रमुख कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस इस प्रकार हैं। नीचे दिए गए आंकड़े विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित हैं, लेकिन ऐडमिशन के समय हर कॉलेज की फीस में बदलाव हो सकता है, इसलिए आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर चेक करें।

एमएलटी कोर्स के लिए प्रमुख सरकारी कॉलेज

यहाँ एमएलटी कोर्स के लिए सरकारी कॉलेजों की सूचि दी गई है, जिसमें कड़ी प्रतिस्पर्धा और प्रवेश परीक्षा (जैसे AIIMS, JIPMER) अनिवार्य होती है। इन संस्थानों की फीस प्राइवेट संस्थानों से काफी कम होती है, जिससे आप कम फीस में एमएलटी कोर्स को कर सकते हैं –

संस्थान का नामस्थानवर्ष 2026 में अनुमानित वार्षिक फीस
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)नई दिल्लीINR 1,500 – INR 3,000
जिपमेर (JIPMER)पुडुचेरीINR 5,500 – INR 12,000
पीजीआईएमईआर (PGIMER)चंडीगढ़INR 8,000 – INR 15,000
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)लखनऊINR 35,000 – INR 55,000
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)वाराणसीINR 12,000 – INR 25,000
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC)नई दिल्लीINR 20,000 – INR 40,000
मद्रास मेडिकल कॉलेज (MMC)चेन्नईINR 15,000 – INR 30,000
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC)औरंगाबाद/मुंबईINR 45,000 – INR 65,000
इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन (IPGMER)कोलकाताINR 10,000 – INR 20,000
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (AMU)अलीगढ़INR 15,000 – INR 35,000

एमएलटी कोर्स के लिए प्रमुख प्राइवेट कॉलेज

यहाँ दिए गए एमएलटी कोर्स के लिए प्रमुख प्राइवेट संस्थानों में आधुनिक बुनियादी स्ट्रक्चर तो होता है, लेकिन यहाँ की फीस सरकारी संस्थानों की तुलना में अधिक होती है।

संस्थान का नामस्थानवर्ष 2026 में अनुमानित वार्षिक फीस
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC)वेल्लोरINR 60,000 – INR 1,20,000
मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशनमणिपालINR 1,60,000 – INR 2,80,000
जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटीनई दिल्लीINR 1,30,000 – INR 1,75,000
एमिटी यूनिवर्सिटीनोएडा/गुड़गांवINR 1,20,000 – INR 2,10,000
एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजीचेन्नईINR 90,000 – INR 1,60,000
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU)फगवाड़ाINR 1,40,000 – INR 2,20,000
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटीमोहालीINR 1,10,000 – INR 1,65,000
सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेजपुणेINR 1,50,000 – INR 2,40,000
डी.वाई. पाटिल विद्यापीठपुणेINR 1,00,000 – INR 1,80,000
निम्स यूनिवर्सिटी (NIMS)जयपुरINR 70,000 – INR 1,30,000

नोट: यहां दी गई जानकारी अन्य स्रोतों से ली गई है जिसमें बदलाव संभव है। इसलिए फीस की सटीक जानकारी के लिए आप संबंधित कॉलेज के एडमिशन पोर्टल को जरूर देखें।

MLT कोर्स के बाद करियर स्कोप

एमएलटी कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों के पास हेल्थकेयर सेक्टर में कई तरह की नौकरी के अवसर होते हैं। आप सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक लैब, रिसर्च सेंटर और ब्लड बैंक में काम कर सकते हैं। इस क्षेत्र में जॉब प्रोफाइल्स अलग-अलग हैं और उनके हिसाब से शुरुआती सैलरी भी बदलती है।

जॉब प्रोफाइलवर्क सेक्टरऔसत शुरुआती सैलरी (प्रति माह)
मेडिकल लैब टेक्नीशियनहॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक लैबINR 15,000 – INR 25,000
लैब सुपरवाइज़रपैथोलॉजी लैब, रिसर्च लैबINR 25,000 – INR 40,000
ब्लड बैंक टेक्नीशियनब्लड बैंक, हॉस्पिटलINR 18,000 – INR 30,000
पैथोलॉजिस्ट असिस्टेंटपैथोलॉजी डिपार्टमेंटINR 20,000 – INR 35,000
रिसर्च असिस्टेंटमेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूटINR 25,000 – INR 45,000
क्वालिटी कंट्रोल एनालिस्टफार्मास्यूटिकल/लैबINR 22,000 – INR 40,000

नोट: यहां दी गई जानकारी अन्य स्रोतों से ली गई है जिसमें बदलाव संभव है।

एमएलटी कोर्स के बाद कौन सा कोर्स करें?

एमएलटी कोर्स पूरा करने के बाद आपके पास आगे पढ़ाई और करियर ग्रोथ के कई अच्छे विकल्प होते हैं। अगर आपने डिप्लोमा MLT (DMLT) किया है, तो आप आगे B.Sc MLT या BMLT कर सकते हैं। वहीं अगर आपने B.Sc MLT किया है, तो आप अपनी स्किल और करियर को और आगे बढ़ाने के लिए नीचे दिए गए कोर्स चुन सकते हैं:

  • एम.एससी MLT (मास्टर ऑफ साइंस इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी)
  • एम.एससी सूक्ष्म जीव विज्ञान (माइक्रोबायोलॉजी)
  • एम.एससी जैव रसायन (बायोकेमिस्ट्री)
  • एम.एससी पैथोलॉजी / क्लिनिकल पैथोलॉजी
  • पीजी डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी
  • एमबीए इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट / हेल्थकेयर मैनेजमेंट
  • एमएचए (मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन)
  • सर्टिफिकेट कोर्स – मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, हिस्टोपैथोलॉजी, ब्लड बैंकिंग, रेडियोलॉजी की बेसिक ट्रेनिंग आदि।

FAQs

MLT कोर्स करने के बाद क्या सरकारी नौकरी मिल सकती है?

जी हां, MLT कोर्स करने के बाद सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और लैब्स में तकनीशियन या लैब असिस्टेंट के रूप में नौकरी मिल सकती है। हालांकि आपको संबंधित पोस्ट की चयन प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य होगा।

BSc MLT बेहतर है या डिप्लोमा MLT?

दोनों ही बेहतर हैं लेकिन BSc MLT डिग्री डिप्लोमा की तुलना में अधिक करियर ऑप्शन और उच्च पदों के लिए बेहतर विकल्प है।

MLT कोर्स और नर्सिंग कोर्स में क्या फर्क है?

नर्सिंग में मरीजों की देखभाल की ट्रेनिंग दी जाती है, जबकि MLT में बीमारियों की पहचान और टेस्टिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।

क्या MLT कोर्स में इंटर्नशिप अनिवार्य है?

MLT कोर्स में इंटर्नशिप अनिवार्य है। क्लिनिकल इंटर्नशिप/हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग जरूरी होती है क्योंकि लैब वर्क में प्रैक्टिकल स्किल बहुत महत्वपूर्ण है। बिना इंटर्नशिप कई अस्पताल जॉब नहीं देते।

क्या एमएलटी के बाद सरकारी नौकरी मिल सकती है

हाँ, एमएलटी के बाद सरकारी अस्पताल, जिला लैब, मेडिकल कॉलेज और हेल्थ डिपार्टमेंट में लैब टेक्नीशियन की भर्ती होती है। इसके लिए राज्य या केंद्र सरकार की परीक्षा पास करनी होती है। वैकेंसी कम होती है इसलिए प्रतियोगिता ज्यादा रहती है और सही तैयारी जरूरी होती है सफल होने के लिए।

हमें आशा है कि आप इस लेख के माध्यम से MLT कोर्स की जानकारी प्राप्त कर पाए होंगे। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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