मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) बिजनेस प्रोफेशनल्स के लिए एक महत्वपूर्ण पोस्टग्रेजुएट डिग्री है। वर्तमान में इंडस्ट्री की जरूरतों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक्निकल प्रोग्रेस और ग्लोबल ट्रेड के रुझानों के आधार पर एमबीए की डिमांड बढ़ती जा रही है।
MBA कोर्स छात्रों को लीडरशिप और बिजनेस एफिशिएंसी प्रदान करता है, जिससे उन्हें सफल करियर की शुरुआत करने में मदद मिलती है। इसके सिलेबस में ऑर्गेनाइज़ेशनल बिहेवियर, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस, बिजनेस लॉ, कम्युनिकेशन स्किल्स, प्रोजेक्ट वर्क आदि विषय होते हैं।
MBA के विभिन्न स्पेशलाइजेशन जैसे मार्केटिंग, फाइनेंस, अकाउंटिंग, हॉस्पिटल मैनेजमेंट और हेल्थकेयर मैनेजमेंट आदि में आप अपनी रुचि के अनुसार एडमिशन ले सकते हैं। इस लेख में MBA की प्रमुख स्पेशलाइजेशन के कोर सब्जेक्ट्स दिए गए हैं, ताकि आप रुचि और फील्ड के अनुसार सही MBA प्रोग्राम का चयन कर सकें।
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MBA की प्रमुख स्पेशलाइजेशन
यहां MBA प्रोग्राम की प्रमुख स्पेशलाइजेशन लिस्ट दी गई है:
| एमबीए इन फाइनेंस | एमबीए इन टेक्सटाइल मैनेजमेंट |
| एमबीए इन मार्केटिंग | एमबीए इन एग्रीकल्चर एंड फ़ूड बिजनेस |
| एमबीए इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (HRM) | एमबीए इन रूरल मैनेजमेंट |
| एमबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स एंड डेटा साइंस | एमबीए इन ऑपरेशंस |
| एमबीए इन डिजिटल मार्केटिंग | एमबीए इन सप्लाई चैन |
| एमबीए इन ऑपरेशंस एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट | एमबीए इन प्रोडक्ट |
| एमबीए इन इंटरनेशनल बिजनेस | एमबीए इन एंटरप्रेन्योरशिप |
| एमबीए इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी | एमबीए इन डिज़ास्टर मैनेजमेंट |
| एमबीए इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप्स | एमबीए इन इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट |
| एमबीए इन हेल्थकेयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट | एमबीए इन एडवरटाइजिंग |
| एमबीए इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट | एमबीए इन एनजीओ मैनेजमेंट |
| एमबीए इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट | एमबीए इन एग्रीकल्चर एंड फ़ूड बिज़नेस |
MBA कोर्स के कोर सब्जेक्ट्स
भारत के अलग-अलग संस्थानों में MBA कोर्स का सिलेबस थोड़ा अलग हो सकता है। हालांकि, कुछ विषय ऐसे होते हैं जो लगभग हर MBA प्रोग्राम में पढ़ाए जाते हैं। एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर नीचे MBA के कोर सब्जेक्ट्स की एक सामान्य सूची दी गई है, जिससे आपको यह समझने में आसानी होगी कि इस कोर्स के दौरान किन प्रमुख विषयों की पढ़ाई कराई जाती है:
| सेमेस्टर 1 | |
| फाइनेंशियल अकाउंटिंग | ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर |
| इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट | क्वांटिटेटिव मेथड्स |
| बिजनेस कम्युनिकेशन | ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट |
| मैनेजेरियल इकोनॉमिक्स | मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| सेमेस्टर 2 | |
| फाइनेंशियल मैनेजमेंट | ऑर्गेनाइजेशन इफेक्टिवनेस एंड चेंज |
| मैनेजमेंट ऑफ़ इंफॉर्मेशन सिस्टम | मैनेजमेंट साइंस |
| मार्केटिंग रिसर्च | इकोनॉमिक एनवायरनमेंट ऑफ़ बिजनेस |
| प्रोडक्शन एंड ऑपरेशन मैनेजमेंट | मैनेजमेंट अकाउंटिंग |
| सेमेस्टर 3 | |
| स्ट्रैटेजिक एनालिसिस | बिज़नेस एथिक्स एंड कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी |
| लीगल एनवायरनमेंट ऑफ़ बिजनेस | |
| सेमेस्टर 4 | |
| स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट | प्रोजेक्ट स्टडी |
| इंटरनेशनल बिज़नेस एनवायरनमेंट | |
| इलेक्टिव कोर्सेज (कोई पांच) | |
| प्रोडक्शन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट | फाइनेंस |
| सर्विसेज़ मैनेजमेंट | मार्केटिंग |
| इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी मैनेजमेंट | ओबी एंड एचआरएम |
| एंट्रप्रेन्योरशिप | |
एमबीए कोर सब्जेक्ट्स स्पेशलाइज़ेशन वाइज
अगर आप MBA में फाइनेंस, मार्केटिंग, HRM, बिजनेस एनालिटिक्स, इंटरनेशनल बिजनेस या ऑपरेशंस जैसे स्पेशलाइजेशन चुनते हैं, तो आप उस क्षेत्र में एक्सपर्ट बन सकते हैं। इससे न केवल आपकी नॉलेज बढ़ती है बल्कि करियर अपॉर्चुनिटीज भी बेहतर होती हैं। अलग-अलग यूनिवर्सिटी में सिलेबस में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन कोर सब्जेक्ट्स और मुख्य टॉपिक्स ज्यादातर संस्थानों में लगभग समान रहते हैं। नीचे MBA प्रोग्राम की कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन और उनके कोर सब्जेक्ट्स दिए गए हैं, जिससे आप सिलेबस को समझने के साथ-साथ अलग-अलग कोर्स की तुलना भी आसानी से कर सकते हैं:
एमबीए फाइनेंस कोर सब्जेक्ट्स
MBA फाइनेंस कोर्स में इंटरनेशनल फाइनेंस, स्ट्रक्चर्ड फाइनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और कॉर्पोरेट फाइनेंस जैसे महत्वपूर्ण सब्जेक्ट्स शामिल होते हैं। इस प्रोग्राम में सिमुलेशन, लैब एक्सरसाइज, वर्क-इंटीग्रेटेड लर्निंग एक्टिविटी, डेटा एनालिटिक्स, इलस्ट्रेशन, हैंड्स-ऑन मॉडलिंग, केस स्टडी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग के जरिए एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर फोकस किया जाता है। इसके अलावा इसमें कोर जनरल मैनेजमेंट के सब्जेक्ट भी पढ़ाए जाते हैं। बिट्स पिलानी यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर नीचे MBA फाइनेंस के प्रमुख कोर सब्जेक्ट्स की सूची दी गई है:
| सेमेस्टर 1 | |
| बिजनेस स्टैटिस्टिक्स | मैनेजरियल अकाउंटिंग |
| मैनेजिंग पीपल एंड ऑर्गेनाइजेशंस | मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| सेमेस्टर 2 | |
| कॉर्पोरेट फाइनेंस | ऑपरेशंस मैनेजमेंट |
| ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स | मैनेजरियल इकोनॉमिक्स |
| सेमेस्टर 3 | |
| बिजनेस एनालिसिस एंड वैल्युएशन | स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट एंड बिजनेस पॉलिसी |
| सिक्योरिटी एनालिसिस एंड पोर्टफोलियो मैनेजमेंट | डोमेन इलेक्टिव-1 |
| सेमेस्टर 4 | |
| डोमेन इलेक्टिव-2 | डोमेन इलेक्टिव-3 / जनरल मैनेजमेंट इलेक्टिव |
| प्रोजेक्ट | |
एमबीए एचआर मैनेजमेंट कोर सब्जेक्ट्स
पांडिचेरी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर नीचे MBA एचआर मैनेजमेंट सिलेबस में शामिल प्रमुख कोर सब्जेक्ट्स की एक सामान्य सूची दी गई है:
| सेमेस्टर 1 | |
| मैनेजरियल इकोनॉमिक्स | अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स |
| बिज़नेस एनवायरनमेंट एंड लॉ | रिसर्च मेथोडॉलॉजी |
| सेमेस्टर 2 | |
| फाइनेंशियल मैनेजमेंट | मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| ह्यूमन रिसोर्सेज मैनेजमेंट | ऑपरेशंस रिसर्च एंड मैनेजमेंट |
| स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट | |
| सेमेस्टर 3 | |
| ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट | परफॉर्मेंस मैनेजमेंट |
| नॉलेज मैनेजमेंट | इंडस्ट्रियल रिलेशन्स मैनेजमेंट |
| एम्प्लॉयी लेजिस्लेशन | |
| सेमेस्टर 4 | |
| ऑर्गेनाइजेशनल डेवलपमेंट एंड चेंज | ह्यूमन रिसोर्स अकाउंटिंग |
| कंपन्सेशन मैनेजमेंट | ह्यूमन रिसोर्स इंफॉर्मेशन सिस्टम |
| ग्लोबल एचआर प्रैक्टिसेज | |
एमबीए मार्केटिंग कोर सब्जेक्ट्स
MBA मार्केटिंग मैनेजमेंट में कोर MBA सब्जेक्ट्स के साथ कई एक्स्ट्रा मार्केटिंग सब्जेक्ट भी शामिल होते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर एमबीए मार्केटिंग कोर सब्जेक्ट्स की सामान्य सूची नीचे दी गई है:
| सेमेस्टर 1 | |
| प्रिंसिपल्स ऑफ मैनेजमेंट | क्वांटिटेटिव टेक्निक्स फॉर बिजनेस |
| फाइनेंशियल एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग | मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| मैनेजरियल इकोनॉमिक्स | ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट |
| इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्किल्स (IT स्किल्स) | |
| सेमेस्टर 2 | |
| ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर | फाइनेंशियल मैनेजमेंट |
| लीगल आस्पेक्ट्स एंड बिज़नेस एनवायरनमेंट | प्रोडक्शन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट |
| रिसर्च मेथड्स फॉर बिजनेस | मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम्स |
| बिजनेस एथिक्स एंड कॉर्पोरेट गवर्नेंस | |
| सेमेस्टर 3 | |
| इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप /MOOCs | कंज्यूमर बिहेवियर |
| रूरल मार्केटिंग | मार्केटिंग ऑफ सर्विसेज |
| डिजिटल मार्केटिंग | इंडस्ट्रियल मार्केटिंग |
| समर इंटर्नशिप प्रोजेक्ट | बिजनेस एनालिटिक्स |
| इंटर-डिपार्टमेंटल कोर्स | फॉरेन लैंग्वेज (फ्रेंच/जर्मन) |
| सेमेस्टर 4 | |
| स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट/ MOOCs | कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट |
| प्रोडक्ट एंड ब्रांड मैनेजमेंट | इंटीग्रेटेड मार्केटिंग कम्युनिकेशंस |
| लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट | सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट |
| मास्टर थीसिस / डिसर्टेशन | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन बिजनेस |
| इंट्रा-डिपार्टमेंटल कोर्स | |
एमबीए इन हेल्थकेयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर सब्जेक्ट्स
MBA इन हेल्थकेयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट में हेल्थकेयर सेक्टर और हॉस्पिटल ऑपरेशन से संबंधित मैनेजमेंट-फोकस्ड नॉलेज प्रदान की जाती है। इसके सिलेबस में हेल्थकेयर पॉलिसी, अस्पताल संचालन, स्वास्थ्य वित्त एवं अर्थशास्त्र, मानव संसाधन प्रबंधन, क्वालिटी मैनेजमेंट, हेल्थ इन्फॉर्मेशन सिस्टम तथा स्वास्थ्य कानून जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाता है।
इस प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों को हेल्थ सिस्टम और हॉस्पिटल मैनेजमेंट में सफल करियर के लिए तैयार करना है। जामिया मिलिया इस्लामिया की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर MBA हेल्थकेयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट के कोर सब्जेक्ट्स नीचे बताए गए हैं:
| सेमेस्टर 1 | |
| मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट्स एंड ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर | इंट्रोडक्शन टू हेल्थकेयर एंड हॉस्पिटल मैनेजमेंट |
| फाइनेंशियल, कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग | हेल्थकेयर इकोनॉमिक्स |
| बायो-स्टैटिस्टिक्स फॉर डिसीजन मेकिंग | हेल्थकेयर मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| कम्युनिकेशन स्किल्स फॉर हेल्थकेयर मैनेजर्स | ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट |
| सेमेस्टर 2 | |
| क्वांटिटेटिव टेक्निक्स एंड डेटा एनालिसिस | स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट |
| बेसिक्स ऑफ एपिडेमियोलॉजी | इंट्रोडक्शन टू हॉस्पिस केयर |
| लीगल इश्यूज़ इन हेल्थकेयर | बिज़नेस रिसर्च मेथडोलॉजी |
| डेमोग्राफी एंड पॉपुलेशन डायनेमिक्स | हेल्थकेयर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम एंड मेडिकल रिकॉर्ड्स |
| सेमेस्टर 3 | |
| हेल्थकेयर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट | एनवायरनमेंट एंड डिजास्टर मैनेजमेंट |
| हेल्थकेयर फाइनेंसिंग एंड यूनिवर्सल हेल्थ केयर | नेशनल हेल्थ प्रोग्राम्स एंड पॉलिसी एनालिसिस |
| मटेरियल्स एंड इन्वेंटरी मैनेजमेंट | मैनेजमेंट ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज |
| बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एंड इंफेक्शन कंट्रोल | हॉस्पिटल सपोर्ट एंड यूटिलिटी सर्विसेज |
| समर ट्रेनिंग प्रोजेक्ट | |
| सेमेस्टर 4 | |
| कॉर्पोरेट गवर्नेंस एंड स्ट्रैटेजिक सीएसआर | हॉस्पिटल डिज़ाइन एंड फैसिलिटी प्लानिंग |
| पेशेंट सेफ्टी एंड ऑक्युपेशनल हेल्थ | डिसर्टेशन (एक सेमेस्टर) |
एमबीए इन इंटरनेशनल बिजनेस कोर सब्जेक्ट्स
MBA इन इंटरनेशनल बिजनेस में ग्लोबल बिजनेस सिद्धांत, इंटरनेशनल बिजनेस पॉलिसी, इंटरनेशनल मार्केटिंग, विदेशी मुद्रा प्रबंधन और क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशंस मैनेजमेंट पढ़ाया जाता है। इसके सिलेबस में इंटरनेशनल फाइनेंस, इंटरनेशनल लॉ, ग्लोबल सप्लाई चेन, इंटरनेशनल ट्रेड और क्रॉस-कल्चरल मैनेजमेंट जैसे प्रमुख फोकस एरियाज शामिल होते हैं, ताकि छात्र ग्लोबल बिजनेस और उसकी चुनौतियों को प्रभावी रूप से समझ और संभाल सकें।
यहां दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर एमबीए इन इंटरनेशनल बिजनेस के कोर सब्जेक्ट्स की सूची दी गई है:
| सेमेस्टर 1 | |
| मैनेजमेंट एंड ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर | मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स | इकोनॉमिक्स फॉर मैनेजर्स |
| इंटरनेशनल बिज़नेस एनवायरनमेंट | इंटरनेशनल ट्रेड, इन्वेस्टमेंट एंड पॉलिसी फ्रेमवर्क |
| बिजनेस स्टैटिस्टिक्स | |
| सेमेस्टर 2 | |
| लीगल आस्पेक्ट्स ऑफ बिज़नेस | इंटरनेशनल ट्रेड प्रैक्टिसेज़, प्रोसीजर्स एंड डॉक्यूमेंटेशन |
| इंटरनेशनल मार्केटिंग रिसर्च | इंटरनेशनल मार्केटिंग |
| कॉर्पोरेट फाइनेंस | इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम |
| मैनेजमेंट साइंस | |
| सेमेस्टर 3 | |
| एथिक्स, कॉर्पोरेट गवर्नेंस एंड सस्टेनेबिलिटी | ई-बिज़नेस एंड डिजिटल मार्केटिंग |
| सर्विस मार्केटिंग एंड कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट | इंटरनेशनल फाइनेंशियल मैनेजमेंट |
| इंटरनेशनल सप्लाई चेन मैनेजमेंट एंड लॉजिस्टिक्स | फॉरेन लैंग्वेज फॉर बिज़नेस-I |
| सेमेस्टर 4 | |
| इन्वेस्टमेंट एनालिसिस एंड पोर्टफोलियो मैनेजमेंट | ग्लोबल स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट |
| क्रॉस-कल्चरल कंज्यूमर बिहेवियर एंड इंडस्ट्रियल बाइंग बिहेवियर | इंटरनेशनल एडवरटाइजिंग एंड ब्रांड मैनेजमेंट |
| इंटरनेशनल ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट | इंडिया’स फॉरेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट |
एमबीए इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कोर सब्जेक्ट्स
MBA इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में IT से जुड़े प्रबंधन विषय, जैसे इनफॉर्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट, IT स्ट्रैटेजी एवं गवर्नेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, ERP तथा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में पढ़ाया जाता है। ताकि वे तकनीक एवं बिजनेस के बीच नेतृत्व भूमिका निभा सकें।
यहां सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (SHUATS) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर MBA इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के कोर सब्जेक्ट्स दिए गए हैं:
| सेमेस्टर 1 | |
| डिजास्टर मैनेजमेंट | ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर |
| बिजनेस कम्युनिकेशन | मैथमेटिक्स फॉर मैनेजमेंट |
| पर्सनैलिटी डेवलपमेंट | नेटवर्किंग एंड नेटवर्क सिक्योरिटी |
| इंफॉर्मेशन सिस्टम एनालिसिस एंड डिज़ाइन | |
| सेमेस्टर 2 | |
| ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट | फाइनेंशियल मैनेजमेंट |
| ऑपरेशंस मैनेजमेंट | बिजनेस मार्केटिंग एंड की अकाउंट मैनेजमेंट |
| बिजनेस प्रोसेस एनालिसिस | मैनेजरियल इकोनॉमिक्स |
| रिसर्च मेथडोलॉजी | डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम्स |
| सेमेस्टर 3 | |
| बिजनेस एनालिटिक्स | एंटरप्रेन्योरशिप एंड एसबीएम |
| इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी लॉज़ एंड प्रैक्टिसेज | इंट्रोडक्शन टू ई-बिजनेस |
| नेटवर्क स्टैंडर्ड्स एंड कंप्लायंस | बिजनेस एप्लिकेशंस फॉर एक्सटेंडेड एंटरप्राइजेज |
| सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग | सेमिनार I |
| सेमेस्टर 4 | |
| बिजनेस इंटेलिजेंस (डेटा माइनिंग एंड वेयरहाउसिंग) | स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम स्ट्रैटेजी |
| बिजनेस सिमुलेशन यूजिंग सिस्टम डायनेमिक्स | डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ईआरपी |
| इंफॉर्मेशन रिस्क मैनेजमेंट | ओपन इलेक्टिव (HTML/CSS) |
| सेमिनार II | प्रोजेक्ट रिपोर्ट |
| कॉम्प्रिहेंसिव Viva Voce | |
एमबीए इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट
MBA इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट में लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन ऑपरेशंस, प्रोकेयोरमेंट, इन्वेंटरी/वेयरहाउस मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन जैसे प्रैक्टिकल एवं स्ट्रैटेजिक सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं। ताकि छात्र सप्लाई नेटवर्क को प्रभावी रूप से मैनेज कर सकें।
यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर MBA लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट के कोर सब्जेक्ट्स दिए गए हैं:
| सेमेस्टर 1 | |
| मैनेजमेंट फंक्शन्स एंड ऑर्गेनाइजेशनल प्रोसेसेस | ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट |
| बिजनेस एनवायरनमेंट | अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स |
| क्वांटिटेटिव एनालिसिस फॉर मैनेजेरियल एप्लिकेशंस | मार्केटिंग मैनेजमेंट |
| बिजनेस कम्युनिकेशन | |
| सेमेस्टर 2 | |
| इंफॉर्मेशन सिस्टम्स फॉर मैनेजर्स | मैनेजमेंट ऑफ़ मशीनज़ एंड मैटिरियल्स |
| मैनेजरियल इकोनॉमिक्स | सोशल प्रोसेसेस एंड बिहेवियरल |
| स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट | बिजनेस लॉज |
| फाइनेंशियल मैनेजमेंट | |
| सेमेस्टर 3 | |
| रिसर्च मेथडोलॉजी फॉर मैनेजमेंट डिसीजनज़ | इंटरनेशनल बिज़नेस मैनेजमेंट |
| प्रोजेक्ट कोर्स | प्रोजेक्ट मैनेजमेंट |
| लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट | प्रिंसिपल्स ऑफ़ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड इकोनॉमिक्स |
| इन्वेंटरी एंड स्टोर्स मैनेजमेंट | |
| सेमेस्टर 4 | |
| टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट | बिजनेस एथिक्स एंड सीएसआर |
| ऑपरेशंस मैनेजमेंट | मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम्स |
| इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट | डेटा एनालिटिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट |
| सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम्स | |
FAQs
डिस्टेंस लर्निंग MBA का सिलेबस सामान्यतः चार सेमेस्टर में विभाजित होता है, जिसमें कोर मैनेजमेंट सब्जेक्ट्स जैसे प्रिंसिपल्स ऑफ मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, ऑपरेशंस मैनेजमेंट, बिज़नेस लॉ, स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट और इंटरनेशनल बिजनेस के साथ-साथ रिसर्च मेथडोलॉजी तथा प्रोजेक्ट/डिसर्टेशन शामिल होते हैं।
MBA को विश्व स्तर पर कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें एडमिशन के लिए कम्पेटिटिव स्टैंडर्ड्स होते हैं और पढ़ाई के दौरान कॉम्प्रिहेन्सिव एनालिसिस, केस स्टडीज, प्रोजेक्ट्स और टाइम मैनेजमेंट जैसी चुनौतियां शामिल होती हैं।
MBA को सामान्यतः 4 सेमेस्टर में पूरा किया जाता है, जिसमें पहला वर्ष कोर सब्जेक्ट्स और दूसरा वर्ष स्पेशलाइजेशन/इलेक्टिव सब्जेक्ट्स पर केंद्रित होता है।
MBA का बेसिक सिलेबस (जैसे वित्त, मार्केटिंग, HR) अधिकांश संस्थानों में समान होता है, लेकिन स्पेशलाइजेशन और इलेक्टिवस कॉलेज के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
MBA सिलेबस में प्रिंसिपल्स ऑफ मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस, मानव संसाधन, ऑपरेशंस, ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर और बिजनेस रिसर्च मेथड्स जैसे कोर मैनेजमेंट विषय शामिल होते हैं।
यह भी पढ़ें: भारतीय छात्रों के लिए यूके में एग्जीक्यूटिव MBA कोर्स की जानकारी
आशा है कि इस लेख में आपको एमबीए स्पेशलाइजेशन की विषयवार जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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