DRT कोर्स: सिलेबस, योग्यता और करियर स्कोप

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आज के समय में हेल्थकेयर सेक्टर के विस्तार और डायग्नोस्टिक सेवाओं की लगातार डिमांड के कारण DRT कोर्स जैसे कोर्सेज की लोकप्रियता बढ़ी है। DRT कोर्स का पूरा नाम डिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल टेक्नोलॉजी कोर्स है, जिसमें आप एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी मेडिकल इमेजिंग तकनीकों के बारे में सीख सकते हैं। इस डिप्लोमा कोर्स को करके आप अस्पतालों, क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। यदि आपका गोल हेल्थकेयर सेक्टर में आगे बढ़ना है तो यह कोर्स आपके लिए अच्छे विकल्प की तरह है। यहाँ इस लेख में आपके लिए DRT कोर्स से जुड़ी जानकारी दी गई है।

मापदंडविवरण
कोर्स की फुल फॉर्मडिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल टेक्नोलॉजी
कोर्स का प्रकारपैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स
एडमिशन प्रोसेसमेरिट बेस्ड या एंट्रेंस एग्जाम (राज्य/संस्थान पर निर्भर करता है।)
कोर्स अवधि2 वर्ष (कुछ संस्थानों में न्यूनतम 6 माह की इंटर्नशिप शामिल)
न्यूनतम योग्यता12वीं पास (फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ)
करिकुलम स्ट्रक्चर थ्योरी, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंटर्नशिप (संस्थानों पर निर्भर करता है।)
रोजगार के क्षेत्रअस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, क्लीनिक, निजी लैब

DRT कोर्स क्यों करें?

हेल्थकेयर सेक्टर में करियर की बेसिक शुरुआत के लिए DRT कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

  • यह एक डिप्लोमा कोर्स है जिसे आप कम समय में करके अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं, क्योंकि इसमें आपको थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है।
  • डायग्नोस्टिक सेवाओं (जैसे – X-ray, CT और MRI) की डिमांड बढ़ने से इस कोर्स को करने के बाद आपके पास करियर के अच्छे अवसर उपलब्ध रहते हैं।
  • अगर आप मशीनों और नई तकनीकों के साथ-साथ, मेडिकल इंडस्ट्री के बीच कॉर्डिनेशन बैठाते हुए हेल्थकेयर सेक्टर में करियर बनाने पर विचार कर रहे हैं तो यह कोर्स आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
  • इस कोर्स को करने के बाद लैटरल एंट्री के माध्यम से बीएससी के दूसरे साल में प्रवेश पाकर अपने समय को बचा सकते हैं। साथ ही इससे आपकी नॉलेज भी अपडेट होती है और आप काम के साथ-साथ पढ़ाई भी कर पाते हैं।
  • इस कोर्स को करने के बाद आप पैरामेडिकल प्रोफेशनल कहलाते हैं। इससे अस्पतालों में आप क्रिटिकल सपोर्ट स्टाफ के तौर पर देखे जाते हैं और एक सम्मानजनक करियर की शुरुआत कर पाते हैं।

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DRT कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

DRT कोर्स जैसे स्किल प्रोग्राम में आवेदन करने के लिए आप में निम्नलिखित आवश्यक योग्यता होनी चाहिए, जिससे आप इस कोर्स में आसानी से प्रवेश पा सकते हैं –

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा को फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ पास करनी होती है। इस कोर्स में प्रवेश के लिए आपके 12वीं में न्यूनतम अंक 45%-50% के बीच होने चाहिए, जिसमें आरक्षण वर्ग के उम्मीदवारों को तय नियमों के अनुसार छूट मिलती है।
  • आपकी न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए।
  • रेडियोलॉजी मशीन और इमेजिंग जैसे विषयों को समझने के लिए आपका PCB बैकग्राउंड होना चाहिए।
  • रेडियोलॉजी में रेडिएशन के साथ काम करने के लिए आपका शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट होना भी जरुरी होता है। कई संस्थानों में इस कोर्स के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की भी डिमांड की जाती है।

DRT कोर्स का सिलेबस

DRT कोर्स का सिलेबस आमतौर पर एक जैसा ही रहता है, हालाँकि कुछ निजी संस्थानों में इसमें थोड़ी भिन्नता देखी जा सकती है। यहाँ दिया गया सिलेबस महावीर कैंसर संस्थान की आधिकारिक पीडीएफ से लिया गया है, जो इस प्रकार है –

वर्षपेपर / विषयमहत्वपूर्ण टॉपिक्स
प्रथम वर्षपेपर I – एलीमेंट्री मैथेमेटिक्स एंड फिजिक्सबेसिक गणित (अलजेब्रा, यूनिट्स, मेजरमेंट), फिजिक्स के फंडामेंटल कॉन्सेप्ट जैसे बल, ऊर्जा, वर्क, इलेक्ट्रिसिटी, रेडिएशन के बेसिक सिद्धांत
पेपर II – रेडियोग्राफी फिजिक्स (पार्ट-1)रेडिएशन फिजिक्स का परिचय, एक्स-रे और गामा रे के गुण, रेडिएशन जनरेशन, इंटरैक्शन ऑफ रेडिएशन विद मैटर, बेसिक डोज कैलकुलेशन
पेपर III – एनाटॉमी एंड फिजियोलॉजीमानव शरीर की संरचना: हड्डियां, मसल्स, नर्वस सिस्टम, कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम, श्वसन तंत्र, पाचन तंत्र; शरीर के कार्यों की बेसिक समझ
पेपर IV – पैथोलॉजी एंड पेशेंट केयररोगों का परिचय, कैंसर की बेसिक समझ, ट्यूमर के प्रकार, संक्रमण, सेप्सिस, रोगी देखभाल, हॉस्पिटल एथिक्स, बेसिक नर्सिंग केयर
पेपर V – प्रैक्टिकल (पार्ट-1)बेसिक रेडियोथेरेपी उपकरणों का परिचय, मशीन हैंडलिंग, मरीज की पोजिशनिंग, बेसिक रेडिएशन सेफ्टी प्रैक्टिस
द्वितीय वर्षपेपर I – रेडियोग्राफी फिजिक्स (पार्ट-2)एडवांस रेडियोथेरेपी फिजिक्स, डोज प्लानिंग, मशीन कैलिब्रेशन, लिनियर एक्सेलेरेटर (LINAC) का कार्य, ट्रीटमेंट प्लानिंग सिस्टम
पेपर II – रेडियोबॉयोलॉजी रेडिएशन का जीवित कोशिकाओं पर प्रभाव, DNA डैमेज, सेल डेथ, ट्यूमर रेडियोसेंसिटिविटी, रेडियोप्रोटेक्शन के सिद्धांत
पेपर III – रेडिएशन सेफ्टी इन रेडियोथेरेपीरेडिएशन प्रोटेक्शन नियम (AERB गाइडलाइन), स्टाफ और मरीज की सुरक्षा, डोज लिमिट, रेडिएशन मॉनिटरिंग, सेफ्टी प्रोटोकॉल
पेपर IX – रेडियोथेरेपी प्रैक्टिस एंड प्रिंसिपल्स ऑफ ट्रीटमेंटकैंसर ट्रीटमेंट के तरीके, रेडियोथेरेपी टेक्निक्स, ट्रीटमेंट प्लानिंग, केस स्टडी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के प्रैक्टिकल एप्लिकेशन
पेपर V – प्रैक्टिकल (पार्ट-2)एडवांस मशीन ऑपरेशन, ट्रीटमेंट डिलीवरी, मरीज मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल, रेडिएशन सेफ्टी का प्रैक्टिकल उपयोग

DRT कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज और अनुमानित फीस

यहाँ डिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल टेक्नोलॉजी (DRT) कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज और अनुमानित फीस को निम्नलिखित टेबल में दिया गया है। यहाँ दी गई फीस अनुमानित है जिसमें बदलाव संभव है, इसलिए आप इस कोर्स में प्रवेश से पहले अपने द्वारा चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट को जरूर विजिट कर लें –

कॉलेज का पूरा नामस्थानकॉलेज का प्रकारअनुमानित कुल फीस (INR)
मौलाना कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेजमलप्पुरम, केरलप्राइवेट (प्राइवेट)INR 80,000 – INR 1,50,000
रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पैरामेडिकल साइंसेजसोनीपत, हरियाणाप्राइवेटINR 70,000 – INR 1,20,000
केआईएमएस अल-शिफा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल इंस्टीट्यूटपेरिंथलमन्ना, केरलप्राइवेट/हॉस्पिटल आधारितINR 1,00,000 – INR 2,00,000
डॉ. सोमरवेल मेमोरियल CSI मेडिकल कॉलेजतिरुवनंतपुरम, केरलप्राइवेट/ट्रस्टINR 90,000 – INR 1,80,000
डॉ. सुधाकरराव जाधवर कॉलेज ऑफ पैरामेडिकलपुणे, महाराष्ट्रप्राइवेटINR 80,000 – INR 1,50,000
दिशा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (DIPS)हल्द्वानी, उत्तराखंडप्राइवेटINR 70,000 – INR 1,40,000
प्रीथी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (PIMS)मदुरै, तमिलनाडुप्राइवेटINR 1,00,000 – INR 2,20,000
दिशा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (दिल्ली कैंपस)नई दिल्लीप्राइवेटINR 80,000 – INR 1,60,000
अल-शिफा कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेजमलप्पुरम, केरलप्राइवेटINR 1,00,000 – INR 2,00,000
मेडिकल ट्रस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MTIMS)कोच्चि, केरलप्राइवेट/हॉस्पिटल बेस्डINR 90,000 – INR 1,80,000
केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (संबद्ध कॉलेज)केरलसरकारी/अफिलिएटेडलगभग INR 50,000
एस-टेक ग्रुप ऑफ एजुकेशनभीलवाड़ा, राजस्थानप्राइवेट/PPPलगभग INR 1,05,000
टी.डी. मेडिकल कॉलेजअलप्पुझा, केरलसरकारीINR 10,000 – INR 15,000

DRT कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?

DRT कोर्स में एडमिशन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की प्रक्रिया में से किसी भी एक का चुनाव कर सकते हैं। यहाँ आपके लिए DRT कोर्स में एडमिशन की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है –

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आप अपने नजदीकी कॉलेज या संस्थान में जाएं, जहाँ से आप इस कोर्स को करना चाहते हैं।
  • DRT कोर्स के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद आप अपने लिए एडमिशन फॉर्म को प्राप्त करें।
  • एडमिशन फॉर्म में मांगी गई शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी को सही तरीके से भरें।
  • अब एडमिशन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी को अटैच करें।
  • अब आप अपने आवेदन शुल्क को जमा करने के बाद अपने फॉर्म को सबमिट कर दें।
  • इसके बाद कॉलेज द्वारा मेरिट लिस्ट में अपने नाम की जांच करें।
  • मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद अंत में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए जाएं और अपनी एडमिशन प्रक्रिया को पूरा करें।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आप अपने द्वारा चुने गए संस्थान या कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट को विजिट करें।
  • वेबसाइट पर जाकर अब आप अपना रजिस्ट्रेशन करें, रजिस्ट्रेशन करते समय अपनी डिटेल जैसे – मोबाइल नंबर और ईमेल आदि को ध्यानपूर्वक भरें।
  • रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद अपनी एडमिशन प्रक्रिया को शुरू करने के लिए आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  • इसके बाद अब आप अपने आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
  • नेट बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से अब आप अपना आवेदन शुल्क जमा करें।
  • इसके बाद कुछ संस्थान काउंसलिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उम्मीदवारों को कॉल या ईमेल फॉरवर्ड करते हैं, यदि आपके चुने संस्थान भी इसे फॉलो करती है तो आप काउंसलिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए तैयार रहें।
  • काउंसलिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद अपने चुने गए संस्थान में रिपोर्टिंग करें।

DRT कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए प्रशिक्षण केंद्रों/संस्थानों द्वारा मांगे जाते हैं। DRT कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी को आप अपने द्वारा चुने गए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

  • आधार कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट
  • चरित्र प्रमाण पत्र
  • मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
  • पासपोर्ट साइज फोटो

डिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल टेक्नोलॉजी कोर्स के बाद करियर स्कोप और सैलरी

DRT कोर्स पूरा करने के बाद आप अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और क्लीनिक में विभिन्न जॉब प्रोफाइल पर काम करने के अवसर मिलते हैं। नीचे कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल और उनकी अनुमानित सैलरी दी गई है –

जॉब प्रोफाइलअनुमानित सालाना सैलरी (INR)
एक्स-रे टेक्नीशियन INR 2.3 लाख – INR 2.6 लाख
रेडयोलॉजी टेक्नीशियनINR 2.5 लाख – INR 2.8 लाख
रेडियोग्राफरINR 2.8 लाख – INR 3 लाख
सीटी स्कैन टेक्नीशियनINR 3 लाख – INR 3.4 लाख


नोट – यहां अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com के डेटा के आधार पर दी गई है, यह संस्थान, शहर, अनुभव और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

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FAQs

DRT कोर्स क्या होता है?

DRT कोर्स की फुलफॉर्म डिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल टेक्नोलॉजी है। इसमें आपको एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग मिलती है।

DRT कोर्स के बाद कौन-कौन सी जॉब मिल सकती है?

DRT कोर्स को करने के बाद आप रेडियोलॉजी टेक्नीशियन, एक्स-रे ऑपरेटर, सीटी स्कैन टेक्नीशियन या एमआरआई टेक्नीशियन के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

DRT कोर्स में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जाते हैं?

DRT कोर्स में आपको मुख्य रूप से एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, रेडियोलॉजी फिजिक्स, एक्स-रे तकनीक, सीटी स्कैन, एमआरआई और रेडिएशन सेफ्टी जैसे विषयों को पढ़ सकते हैं।

DRT कोर्स की अवधि क्या है?

DRT कोर्स की अवधि 2 साल होती है, जिसमें आपको थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी मिलती है।

DRT और बीएससी रेडियोलॉजी में क्या अंतर है?

DRT एक डिप्लोमा कोर्स है, जिसकी अवधि 2 साल होती है। जबकि बीएससी रेडियोलॉजी एक ग्रेजुएशन कोर्स है, जिसकी अवधि 3 साल होती है। यदि आपको शॉर्ट टर्म में जॉब चाहिए तो डिप्लोमा करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए करियर ग्रोथ का सोच रहें हैं तो आप बीएससी रेडियोलॉजी कर सकते हैं।

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