‘डिप्लोमा इन होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी’ (DHMS) चार वर्ष का फुल-टाइम डिप्लोमा कोर्स है, जिसमें छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है। यह कोर्स विद्यार्थियों को होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के सिद्धांतों और उपचार पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, ताकि वे होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर के रूप में कार्य कर सकें। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य रोगों के उपचार के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करना है।
DHMS कोर्स कंप्लीट करने के बाद निर्धारित नियमों के अंतर्गत, कुछ भारतीय राज्यों में DHMS धारकों को होम्योपैथिक दवाओं द्वारा उपचार करने की अनुमति प्रदान की जाती है। यदि आप डीएचएमएस कोर्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।
| मापदंड | कोर्स विवरण |
| DHMS की फुल फॉर्म | ‘डिप्लोमा इन होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी’ (DHMS) |
| कोर्स लेवल | डिप्लोमा |
| कोर्स की ड्यूरेशन | 4 वर्ष (6 माह की अनिवार्य इंटर्नशिप) |
| योग्यता | 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम (PCB) |
| एडमिशन प्रोसेस | मेरिट बेस्ड / एंट्रेंस बेस्ड |
| कोर्स का मुख्य फोकस | होम्योपैथिक मेथड से डायग्नोसिस और इलाज |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर, सहायक चिकित्सक, होम्योपैथिक डिस्पेंसर, समुदाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, अनुसंधान सहायक आदि। |
| रोजगार के क्षेत्र | सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, निजी क्लीनिक, होम्योपैथिक हॉस्पिटल, होम्योपैथिक दवा कंपनी, शोध संगठन आदि। |
This Blog Includes:
- DHMS कोर्स क्यों करें?
- DHMS कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
- DHMS कोर्स की योग्यता
- डीएचएमएस कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
- DHMS कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
- DHMS कोर्स की फीस
- DHMS कोर्स का सिलेबस
- DHMS के बाद रोजगार के क्षेत्र
- DHMS करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- DHMS करने के बाद हायर स्टडी के विकल्प
- DHMS बनाम अन्य मेडिकल प्रशिक्षण कोर्स
- FAQs
DHMS कोर्स क्यों करें?
नीचे दिए गए बिंदुओं में DHMS कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- विशिष्ट चिकित्सा प्रमाणित प्रशिक्षण: DHMS कोर्स विद्यार्थियों को होम्योपैथिक चिकित्सा, दवाओं, रोग विश्लेषण और शरीर के उपचार की वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन्ड ट्रेनिंग देता है, ताकि वे मान्यता प्राप्त होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में काम कर सकें।
- उभरता हुआ करियर सेक्टर: भारत और अन्य देशों में होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जिससे होम्योपैथिक चिकित्सा और वैकल्पिक उपचार की डिमांड में वृद्धि हो रही है।
- प्रोफेशनल प्रैक्टिस का अवसर: DHMS पूरा करने के बाद आप अस्पतालों, क्लीनिकों, हेल्थ-केयर सेटिंग्स में होम्योपैथिक चिकित्सक या स्वास्थ्य सहायक के रूप में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
- होलिस्टिक उपचार पद्धति की विशेषज्ञता: होम्योपैथी शरीर, मन और जीवनशैली को साथ लेकर उपचार करने की पद्धति है। DHMS कोर्स प्रशिक्षुओं को मरीज की लाइफस्टाइल, शारीरिक प्रकृति और व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर होलिस्टिक उपचार की ट्रेनिंग देता है, जो उन्हें एक अलग और विशिष्ट चिकित्सा दृष्टिकोण प्रदान करता है।
- फ्लेक्सिबल करियर विकल्प: DHMS प्रशिक्षुओं को न केवल क्लीनिक में प्रैक्टिस करने का अवसर देता है, बल्कि वे चाहें तो रिसर्च, फार्मास्युटिकल कंसल्टिंग या शिक्षा-संबंधी भूमिकाओं में भी करियर बना सकते हैं।
- अफोर्डेबल फीस: DHMS डिप्लोमा अन्य बड़ी मेडिकल डिग्रियों की तुलना में कम समय और अफोर्डेबल फीस में प्रशिक्षुओं को चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश का मौका देती है।
DHMS कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
DHMS चार वर्ष का फुल टाइम प्रोग्राम है, जिसमें छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल रहती है। यह कोर्स होलिस्टिक मेडिकल सिस्टम के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को होम्योपैथी की मूल अवधारणाएं, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजिकल एनालिसिस, इवैल्यूएशन मेथड्ज तथा फार्माकोलॉजिकल प्रिंसिपल्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रदान करता है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षुओं को स्वतंत्र रूप से या किसी हॉस्पिटल अथवा गवर्निंग बॉडी के अधीन कार्य करने योग्य बनाना है।
DHMS होल्डर्स को एक प्रशिक्षित होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर माना जाता है, जो रोगी की मेडिकल हिस्ट्री कंपाइल करता है, व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर औषधि चयन करता है तथा तीव्र और दीर्घकालिक रोगों का प्रबंधन करता है। इसके अतिरिक्त वह रोगियों को प्राकृतिक उपचार, जीवनशैली सुधार और प्रीवेंटिव केयर संबंधी काउंसलिंग देता है तथा मेडिकल रिकार्ड्स सुव्यवस्थित रखता है। हालांकि वैधानिक प्रैक्टिस का अधिकार संबंधित राज्य की पंजीकरण नीतियों पर निर्भर करता है। ध्यान रखें कि कुछ राज्यों में पूर्ण चिकित्सकीय अधिकार केवल BHMS टाइटल होल्डर्स को ही प्रदान किए जाते हैं।
DHMS कोर्स की योग्यता
DHMS कोर्स में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड कॉलेज और संस्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए अप्लाई करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक प्रवेश शर्तें जरूर देखनी चाहिए। सामान्य तौर पर पात्रता इस प्रकार होती है:
- शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी का 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास होना आवश्यक है, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय शामिल हो।
- न्यूनतम अंक: अधिकांश संस्थानों में एडमिशन के लिए न्यूनतम 50% अंक आवश्यक होते हैं। हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
- आयु सीमा: सामान्यतः इस कोर्स के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष होनी चाहिए। वहीं कुछ विश्वविद्यालयों में अधिकतम आयु की शर्त लागू हो सकती है।
- मान्यता की जांच करें: संबंधित संस्थान में अप्लाई करने से पहले यह जरूर देखें कि कोर्स आपके राज्य की आयुष काउंसिल या होम्योपैथी बोर्ड से मान्यता प्राप्त है।
डीएचएमएस कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
डीएचएमएस कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:
- डीएचएमएस कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
- यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद ‘DHMS कोर्स’ का चयन करें।
- अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
- इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें।
- यदि एडमिशन, एंट्रेंस एग्जाम पर आधारित है तो पहले एंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। एंट्रेंस एग्जाम के मार्क्स के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
DHMS कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज/संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तथा पासिंग सर्टिफिकेट
- फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)
- माइग्रेशन सर्टिफिकेट (दूसरे बोर्ड/विश्वविद्यालय से आने पर)
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) – कई कॉलेजों में अनिवार्य होता है
- अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)
DHMS कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
यहां कुछ प्रमुख संस्थानों की सूची दी गई है, जहां से आप डीएचएमएस कोर्स कर सकते हैं:
- दिल्ली व्यावसायिक संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा परिषद
- डॉ. वी.एच. डेव होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, आणंद, गुजरात
- पंजाब होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
- सरकारी स्वायत्त होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, भोपाल
- डॉ. सी.सी. मट्टेई इलेक्ट्रो-होम्योपैथिक अल्टरनेटिव मेडिकल कॉलेज
- जयोति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, जयपुर
- असम होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, नागांव
- उत्कलमणि होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, राउरकेला
DHMS कोर्स की फीस
भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में डीएचएमएस कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में DHMS डिप्लोमा कोर्स की औसत फीस रेंज दी गई है:
| संस्थान का प्रकार | न्यूनतम वार्षिक फीस (INR) | अधिकतम वार्षिक फीस (INR) |
| सरकारी संस्थान | INR 5,500/- | INR 35,000/- |
| प्राइवेट संस्थान | INR 45,000 | INR 1,50,000/- |
नोट: तालिका में दी गई फीस रेंज अनुमानित है और समय-समय पर बदल सकती है। सटीक और नवीनतम फीस की जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।
DHMS कोर्स का सिलेबस
भारत के अलग-अलग संस्थानों और कॉलेजों में डीएचएमएस का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक संस्थान अपना करिकुलम और पेपर स्ट्रक्चर स्वयं निर्धारित करता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज/संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें। नीचे दिया गया सिलेबस एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
| प्रथम वर्ष | |
| एनाटॉमी | फिजियोलॉजी |
| होम्योपैथिक फार्मेसी | होम्योपैथिक फिलॉसफी पार्ट 1 |
| फार्मेसी प्रैक्टिकल | मटेरिया मेडिका |
| द्वितीय वर्ष | |
| होम्योपैथिक फिलॉसफी पार्ट 2 | मटेरिया मेडिकल |
| साइकोलॉजी थ्योरी | मटेरिया मेडिका वाइवा वॉइस |
| साइकोलॉजी प्रैक्टिकल | हाइजीन और पब्लिक हेल्थ |
| फोरेंसिक मेडिसिन | ऑर्गेनॉन ऑफ मेडिसिन पार्ट 1 |
| तृतीय वर्ष | |
| मनोविज्ञान का सिद्धांत | होम्योपैथिक फिलॉसफी पार्ट 3 |
| प्रसूति और स्त्री रोग | मनोविज्ञान का अभ्यास |
| मटेरिया मेडिका वाइवा वॉइस | पैथोलॉजी का सिद्धांत |
| पैथोलॉजी वाइवा | ऑर्गेनॉन ऑफ मेडिसिन पार्ट 2 |
| केस एनालिसिस | |
| चतुर्थ वर्ष | |
| होम्योपैथिक फिलॉसफी पार्ट 4 | माइनर सर्जरी |
| मटेरिया मेडिका की थ्योरी | मटेरिया मेडिका वाइवा वॉइस |
| फोरेंसिक मेडिसिन | किसी रजिस्टर्ड होम्योपैथी हॉस्पिटल या क्लिनिक में अनिवार्य इंटर्नशिप |
DHMS के बाद रोजगार के क्षेत्र
आप डीएचएमएस कंप्लीट करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:
| प्रोफेशन एवं क्षेत्र | कार्य |
| पंजीकृत होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर | DHMS होल्डर प्राइवेट क्लीनिक या स्वयं की प्रैक्टिस में रोगियों का प्राकृतिक तरीकों से इलाज कर सकते हैं, जो सबसे आम प्रोफेशन है। |
| होम्योपैथिक अस्पताल में कार्य | प्राइवेट या सरकारी होम्योपैथिक अस्पतालों में हॉस्पिटल होमियोपैथ के रूप में काम करने के अवसर मिलते हैं जहां मरीजों का डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट किया जाता है। |
| समुदाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या आयुष स्वास्थ्य विभागों में लोक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काम करने के लिए DHMS होल्डर्स रोजगार पा सकते हैं। |
| होम्योपैथिक फार्मेसी | DHMS होल्डर होम्योपैथिक दवा डिस्पेंसिंग या फार्मेसी असिस्टेंट के रूप में भी कार्य कर सकते हैं। |
| शोध और शिक्षण कार्य | आप DHMS कोर्स के बाद रिसर्च असिस्टेंट या होम्योपैथी कॉलेजों में शिक्षण जैसे अकादमिक रोल्स में काम कर सकते हैं। |
| स्वास्थ्य कंसल्टेंसी | DHMS होल्डर विभिन्न हेल्थ केयर प्लेटफ़ॉर्म, आउटरीच प्रोग्राम और वैकल्पिक चिकित्सा केंद्रों में कंसल्टेंट या सलाहकार के तौर पर काम कर सकते हैं। |
DHMS करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
DHMS कोर्स के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox 2025-2026 के अनुसार दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| चिकित्सा सहायक | 4.1 लाख – 4.5 लाख |
| होम्योपैथिक डिस्पेंसर | 3 लाख – 3.3 लाख |
| समुदाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता | 1.9 लाख – 2.1 लाख |
| होम्योपैथी जूनियर रिसर्च फेलो | 3.5 लाख – 4.5 लाख |
DHMS करने के बाद हायर स्टडी के विकल्प
आप डीएचएमएस करने के बाद अपनी रूचि और करियर फील्ड के अनुसार इन विकल्पों को चुन सकते हैं:
| कोर्स | जानकारी |
| मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (MPH) | यह प्रोग्राम पब्लिक हेल्थ, नीति निर्माण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में विशेषज्ञता देता है, जिससे शोध और प्रबंधन करियर के अवसर बढ़ते हैं। |
| पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट | यह सरकारी और NGO स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स में प्रशासन और संचालन कौशल विकसित करता है। |
| एडवांस्ड डिप्लोमा इन हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन | अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थानों के प्रबंधन में विशेषज्ञता प्रदान करता है। |
DHMS बनाम अन्य मेडिकल प्रशिक्षण कोर्स
नीचे दी गई तालिका के माध्यम से DHMS, BHMS और MBBS कोर्स के बीच अंतर समझाया गया है:
| विवरण | DHMS | BHMS | MBBS |
| फुल फॉर्म | डिप्लोमा इन होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी | बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी | बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी |
| कोर्स का लेवल | डिप्लोमा | डिग्री | डिग्री |
| कोर्स की अवधि | 4 वर्ष + इंटर्नशिप | 5.5 वर्ष + इंटर्नशिप | 5.5 वर्ष + इंटर्नशिप |
| योग्यता | 12वीं (PCB) | 12वीं (PCB) + NEET | 12वीं (PCB) + NEET |
| मान्यता | कुछ राज्य परिषदों द्वारा मान्यता | नेशनल + आयुष | नेशनल + ग्लोबल |
| मुख्य फोकस | होम्योपैथिक चिकित्सा का बुनियादी परिचय और प्रैक्टिकल | होम्योपैथिक चिकित्सा, नैदानिक ज्ञान और उपचार | आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा, व्यापक नैदानिक और सर्जिकल उपचार |
FAQs
DHMS कोर्स की अवधि में साढ़े तीन वर्ष की शैक्षणिक पढ़ाई + छह महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है।
DHMS की फुल फॉर्म ‘डिप्लोमा इन होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी’ होती है।
DHMS डिप्लोमा होल्डर्स को अपने नाम के आगे ‘Dr’ लिखने की इजाजत नहीं है। MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BHMS, MS या MD जैसे ग्रेजुएट्स को ही डॉक्टर कहा जाता है। इसलिए होम्योपैथी में डिप्लोमा होल्डर अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखने के लिए एलिजिबल नहीं है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार भारत में सरकारी आयुष अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में होम्योपैथी सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में पंजीकृत पेशेवरों के लिए रोजगार और प्रैक्टिस के अवसर उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) के अधिनियम और प्रैक्टिस-नियमों के अनुसार DHMS होल्डर्स केवल होम्योपैथिक चिकित्सा का अभ्यास कर सकते हैं और उन्हें एलोपैथिक या सर्जरी करने की अनुमति नहीं होती।
आशा है कि इस लेख में आपको डीएचएमएस कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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