कस्टम्स ऑफिसर कैसे बनें: योग्यता, प्रोसेस, स्किल्स और सिलेबस

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कस्टम्स ऑफिसर कैसे बनें

भारत में कस्टम्स ऑफिसर बनना सिर्फ एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा से जुड़ी ज़िम्मेदारी है। अगर आपको लॉ, टैक्सेशन, इंटरनेशनल ट्रेड या पब्लिक सर्विस में दिलचस्पी है, तो यह करियर आपके लिए सही हो सकता है। कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए भारत में दो प्रमुख रास्ते UPSC सिविल सेवा परीक्षा और SSC CGL परीक्षा हैं। दोनों के ज़रिए मिलने वाले पद, जिम्मेदारियाँ और स्तर अलग-अलग होते हैं। इस लेख में हम कस्टम्स विभाग में करियर से जुड़े विभिन्न पदों, योग्यता, परीक्षा प्रक्रिया और सैलरी से जुड़ी स्पष्ट जानकारी स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे।

कस्टम्स ऑफिसर कौन होता है?

कस्टम्स ऑफिसर एक सरकारी अधिकारी होता है, जो भारत की सीमा पर होने वाले आयात और निर्यात की निगरानी करता है। कस्टम्स ऑफिसर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करते हैं और यात्रियों के सामान की भी जांच करते हैं। आसान भाषा में कहें तो कस्टम्स ऑफिसर वह सरकारी अधिकारी होता है जो भारत में होने वाले आयात (इंपोर्ट) और निर्यात (एक्सपोर्ट) की निगरानी करता है। इनका मुख्य काम यह सुनिश्चित करना होता है कि:

  • अवैध सामान (ड्रग्स, हथियार, नकली करेंसी) देश में प्रवेश न करे।
  • सरकार को कस्टम ड्यूटी और टैक्स से सही राजस्व मिले।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानूनों का पालन हो।

कस्टम्स डिपार्टमेंट में अधिकारी पद की नियुक्ति

कस्टम्स डिपार्टमेंट में दो अलग-अलग स्तर के अधिकारी होते हैं। कस्टम्स डिपार्टमेंट में आप निम्नलिखित स्तर पर अधिकारी पद तक पहुँच सकते हैं। इन दोनों की भूमिका, पॉवर और करियर ग्रोथ अलग होती है –

  • UPSC के माध्यम से → IRS (कस्टम्स एंड इनडायरेक्ट टेक्सस) → ग्रुप-ए अधिकारी
  • SSC CGL के माध्यम से → इंस्पेक्टर / प्रिवेंटिव ऑफिसर / एग्जामिनर → ग्रुप-बी अधिकारी

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कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम्स

भारत में कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए कोई अलग या विशेष “कस्टम्स ऑफिसर परीक्षा” नहीं होती। कस्टम्स डिपार्टमेंट में भर्ती मुख्य रूप से दो सरकारी एंट्रेंस एग्जाम्स के माध्यम से की जाती है। पहली परीक्षा UPSC Civil Services Examination (CSE) है, जिसे संघ लोक सेवा आयोग आयोजित करता है। इस परीक्षा के ज़रिये चयनित उम्मीदवारों को भारतीय राजस्व सेवा (IRS – Customs & Indirect Taxes) में नियुक्त किया जाता है। यह ग्रुप-A स्तर की सेवा होती है, जहाँ अधिकारी नीति निर्माण, प्रशासन और उच्च स्तर के निर्णयों से जुड़े कार्य करते हैं।

दूसरी प्रमुख परीक्षा SSC Combined Graduate Level (SSC CGL) है, जिसका आयोजन कर्मचारी चयन आयोग द्वारा किया जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से कस्टम्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर ऑफ कस्टम्स, प्रिवेंटिव ऑफिसर और एग्जामिनर जैसे ग्रुप-B पदों पर भर्ती होती है। SSC CGL में लिखित परीक्षा के बाद मेरिट और पोस्ट प्रेफरेंस के आधार पर नियुक्ति होती है और इसमें इंटरव्यू नहीं होता। इसलिए, कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए UPSC या SSC CGL में से किसी एक सही परीक्षा का चुनाव करना ज़रूरी होता है।

कस्टम्स ऑफिसर के लिए भर्ती प्रक्रिया

कस्टम्स ऑफिसर बनने की भर्ती प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि उम्मीदवार UPSC के माध्यम से ग्रुप-A अधिकारी बनना चाहता है या SSC CGL के जरिए ग्रुप-B पदों पर जाना चाहता है। दोनों प्रक्रियाएँ अलग-अलग हैं और इन्हें समझना बहुत ज़रूरी है, ताकि छात्र सही दिशा में तैयारी कर सकें।

UPSC के माध्यम से कस्टम्स ऑफिसर बनने की प्रक्रिया (ग्रुप-ए)

UPSC के जरिए कस्टम्स ऑफिसर बनने का मतलब है इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज (IRS – कस्टम्स एंड इंडाइरेक्ट टैक्सेज) में चयन होना। यह प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होती है और इसमें तीन स्पष्ट चरण होते हैं।

सबसे पहले उम्मीदवार को UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा देनी होती है, जो स्क्रीनिंग स्टेज होती है। इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाते हैं और इसका उद्देश्य यह तय करना होता है कि उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए योग्य है या नहीं।

प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार मुख्य परीक्षा (मेंस) में शामिल होता है। यह लिखित परीक्षा होती है, जिसमें डिस्क्रिप्टिव आंसर लिखने होते हैं। यहीं से उम्मीदवार की एनालिटिकल क्षमता, समझ और डेप्थ इवैल्युएट की जाती है।

मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के लिए बुलाया जाता है। इसमें कम्युनिकेशन स्किल्स, डिसीजन-मेकिंग एबिलिटी और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है।

तीनों चरणों के बाद जो फाइनल मेरिट लिस्ट बनती है, उसी के आधार पर IRS में अलॉटमेंट होती है। चयन के बाद उम्मीदवारों को फॉउंडेशन ट्रेनिंग और डिपार्टमेंटल ट्रेनिंग दी जाती है, और फिर उनकी पोस्टिंग असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में की जाती है।

SSC CGL के माध्यम से कस्टम्स ऑफिसर बनने की प्रक्रिया (ग्रुप-बी)

SSC CGL के जरिए कस्टम्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर ऑफ कस्टमस, प्रिवेंटिव ऑफिसर या एग्जामिनर जैसे पदों पर भर्ती होती है। यह प्रक्रिया UPSC से सरल मानी जाती है, लेकिन कम्पटीशन यहाँ भी काफी होता है।

इस प्रक्रिया की शुरुआत SSC CGL Tier-I परीक्षा से होती है, जो ऑब्जेक्टिव टाइप होती है और क्वालीफाइंग नेचर की होती है। इसके बाद Tier-II परीक्षा होती है, जो final merit के लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है।

SSC CGL की मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू शामिल नहीं होता। Tier-II के बाद उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है, जिसमें उनकी रैंक और पोस्ट प्रिफरेंस के आधार पर पद अलॉट किया जाता है।

इसके बाद डॉक्युमेंट वेरफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन होती है। कुछ पदों, जैसे प्रिवेंटिव ऑफिसर के लिए फिजिकल स्टैंडर्ड्स भी लागू होते हैं। सभी चरण पूरे होने के बाद उम्मीदवार की पोस्टिंग कस्टम्स डिपार्टमेंट में की जाती है।

आवश्यक योग्यता

कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए योग्यता इस बात पर निर्भर करती है कि आप UPSC सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से आना चाहते हैं या SSC CGL परीक्षा के जरिए। दोनों ही परीक्षाओं की एलिजिबिलिटी अलग-अलग होती है, इसलिए छात्रों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि वे किस रस्ते को चुन रहे हैं।

  • सबसे पहले शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) होना अनिवार्य है। इसमें किसी विशेष विषय की बाध्यता नहीं होती। आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। UPSC और SSC दोनों ही परीक्षाओं में न्यूनतम प्रतिशत (जैसे 55%) की कोई शर्त नहीं रखी गई है, इसलिए सिर्फ डिग्री पूरी होना पर्याप्त माना जाता है।
  • अब आयु सीमा की बात करें तो यह UPSC और SSC के लिए अलग-अलग निर्धारित की जाती है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष होती है। वहीं SSC CGL परीक्षा के लिए आमतौर पर आयु सीमा 18 से 30 वर्ष के बीच रखी जाती है। आरक्षित वर्गों जैसे OBC, SC और ST को सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाती है, जो अलग-अलग परीक्षा नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से बताई जाती है।
  • उम्मीदवारों का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य होता है। कस्टम्स ऑफिसर का काम सीधे देश की सीमाओं, राजस्व और सुरक्षा से जुड़ा होता है, इसलिए विदेशी नागरिक या OCI कार्ड धारक इस पद के लिए पात्र नहीं माने जाते।
  • शारीरिक योग्यता को लेकर छात्रों में सबसे ज्यादा भ्रम होता है। यह समझना जरूरी है कि हर कस्टम्स पोस्ट के लिए physical standards एक जैसे नहीं होते। UPSC के माध्यम से IRS (Customs & Indirect Taxes) जैसे administrative पदों में सामान्य मेडिकल फिटनेस की जांच होती है, जबकि SSC CGL से मिलने वाले प्रिवेंटिव ऑफिसर या इंस्पेक्टर जैसे फील्ड पोस्ट में ऊँचाई, सीना और शारीरिक सहनशक्ति से जुड़े मानक लागू हो सकते हैं। इसलिए फिजिकल क्राइटेरिया हमेशा पोस्ट-स्पेसिफिक होते हैं, न कि सभी कस्टम्स ऑफिसर पदों के लिए समान।
  • इसके अलावा उम्मीदवार का स्वास्थ्य सामान्य और कार्य के लिए उपयुक्त होना चाहिए। किसी गंभीर मेडिकल कंडीशन की स्थिति में अंतिम चयन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्भर करता है। यह प्रक्रिया भर्ती के अंतिम चरण में होती है।

कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए आवश्यक स्किल्स

कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए आप में निम्नलिखित आवश्यक स्किल्स होना आपके लिए मददगार साबित हो सकता है:

  • विश्लेषणात्मक क्षमता
  • ईमानदारी और जिम्मेदारी
  • शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस
  • कानून और करंट अफेयर्स का ज्ञान
  • कम्युनिकेशन स्किल्स
  • लीडरशिप स्किल्स
  • कंप्यूटर स्किल्स

कस्टम्स ऑफिसर का करियर स्कोप

कस्टम्स ऑफिसर का करियर स्थिरता, प्रमोशन और जिम्मेदारी इन तीनों का संतुलन देता है। यह ग्रोथ पूरी तरह सरकारी सेवा नियमों, अनुभव, और विभागीय प्रक्रिया पर आधारित होती है।

SSC CGL के माध्यम से करियर ग्रोथ (ग्रुप-B लेवल)

SSC CGL के जरिए कस्टम्स डिपार्टमेंट में एंट्री लेने वाले उम्मीदवार आमतौर पर फील्ड और ऑपरेशनल रोल से शुरुआत करते हैं।

शुरुआती पद

  • Inspector of Customs
  • Preventive Officer
  • Examiner of Customs

करियर ग्रोथ का सामान्य क्रम

  • Inspector / Preventive Officer
  • Superintendent (Customs)
  • Assistant Commissioner (Promotion / Departmental Exam के माध्यम से)

ध्यान देने योग्य बातें

  • प्रमोशन समय-आधारित और विभागीय मूल्यांकन पर निर्भर करता है
  • फील्ड पोस्टिंग होने के कारण अनुभव जल्दी मिलता है
  • यह ग्रोथ धीरे लेकिन स्थिर मानी जाती है

UPSC के माध्यम से करियर ग्रोथ (IRS – ग्रुप-A लेवल)

UPSC सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन से चयनित अधिकारी IRS (कस्टम्स एंड इनडाइरेक्ट टैक्सेज) में शामिल होते हैं।

शुरुआती पद

  • Assistant Commissioner of Customs

करियर ग्रोथ का क्रम

  • Assistant Commissioner
  • Deputy Commissioner
  • Joint Commissioner
  • Additional Commissioner
  • Commissioner

इस लेवल की खासियत

  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कर कानूनों पर काम करने का अवसर
  • पॉलिसी मेकिंग और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ
  • बड़े निर्णयों में सीधी भूमिका

कस्टम्स ऑफिसर को मिलने वाला वेतन

7वें वेतन आयोग (पे-लेवल 7) के अनुसार, कस्टम ऑफिसर को शुरुआत में मिलने वाला अनुमानित मासिक वेतन ₹44,900 से ₹1,42,400 प्रति माह के बीच हो सकता है। इसके अलावा एक कस्टम्स ऑफिसर को मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलते हैं। इसके अलावा Ambitionbox.com पर उपस्थित डेटा के अनुसार कस्टम्स डिपार्टमेंट की अन्य पोस्ट के लिए यहाँ निम्नलिखित तालिका को ध्यानपूर्वक पढ़ें, जिसमें दर्शाई गई औसत सालाना सैलरी अनुमानित है –

जॉब रॉलऔसतन सालाना सैलरी (INR)
प्रिवेंटिव ऑफिसर7 लाख – 11.5 लाख
सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर8 लाख – 10 लाख
एग्जामिनर ऑफ इंडियन कस्टम्स5 लाख – 12 लाख
असिस्टेंट कमिश्नर3.5 लाख – 24 लाख

FAQs

कस्टम्स ऑफिसर के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार को कम से कम स्नातक यानी ग्रेजुएशन किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पूरा करना जरूरी है। साथ ही इसके लिए UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा या SSC CGL परीक्षा में पास होना अनिवार्य है।

कस्टम्स अधिकारी की सैलरी कितनी होती है?

7वें वेतन आयोग के अनुसार, कस्टम ऑफिसर को मिलने वाला वेतन ₹44,900 से ₹1,42,400 के बीच हो सकती है, जिसमें सरकारी भत्ते बढ़ने के बाद बढ़ोत्तरी हो जाती है।

कस्टम्स इंस्पेक्टर का क्या काम होता है?

कस्टम्स इंस्पेक्टर का मुख्य काम देश की सीमाओं पर होने वाले आयात और निर्यात की जांच करना होता है।

कस्टम्स ऑफिसर बनने के लिए आयु सीमा क्या होती है?

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 30 वर्ष होती है। आरक्षित वर्ग जैसे ओबीसी, एससी और एसटी को सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाती है।

हमें आशा है कि आप इस लेख में जान पाए होंगे कस्टम्स ऑफिसर कैसे बने, साथ ही ये जानकारी आपके लिए सहायक साबित होगी। ऐसे ही करियर से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

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