CTET सिलेबस 2026: पेपर 1 और 2 का सिलेबस, पैटर्न, अंक योजना, किताबें और PDF

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CTET Syllabus in Hindi

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET उन उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण योग्यता परीक्षा है, जो भारत के केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना देखते हैं। हर साल लाखों अभ्यर्थी CTET देते हैं, लेकिन उनमें से बहुत से उम्मीदवार सिलेबस को सही तरीके से समझे बिना तैयारी शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि मेहनत के बावजूद रिज़ल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आता। इस लेख में CTET सिलेबस को केवल सूची की तरह नहीं, बल्कि परीक्षा की जरूरतों और शिक्षण योग्यता के नजरिये से समझाया गया है। यहाँ आपके लिए CTET सिलेबस के साथ-साथ परीक्षा पैटर्न, प्रमुख किताबों और परीक्षा के लिए आसान टिप्स दी गई हैं। यह लेख CTET 2026 के लेटेस्ट पैटर्न और CBSE द्वारा जारी आधिकारिक गाइडलाइन्स के आधार पर तैयार किया गया है।

This Blog Includes:
  1. CTET परीक्षा का ओवरव्यू
  2. CTET परीक्षा क्या है?
  3. CTET प्रश्न पत्र की भाषा
  4. CTET परीक्षा का पैटर्न
    1. पेपर 1 का एग्जाम पैटर्न
    2. पेपर 2 का एग्जाम पैटर्न
  5. CTET पेपर-1 और पेपर-2 का सिलेबस 
    1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (पेपर-1)
    2. भाषा – 1 (पेपर-1)
    3. भाषा – 2 (पेपर-1)
    4. गणित (पेपर-1)
    5. पर्यावरण अध्ययन (पेपर-1)
    6. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (पेपर-2)
    7. पेपर 2 के लिए भाषा I का सिलेबस
    8. पेपर 2 के लिए भाषा II का सिलेबस
    9. गणित और विज्ञान का सिलेबस (पेपर 2)
    10. विज्ञान (पेपर 2)
    11. सामाजिक विज्ञान (पेपर 2)
  6. CTET परीक्षा का सिलेबस 2026 कैसे डाउनलोड करें?
  7. CTET परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स 
  8. CTET परीक्षा की तैयारी के लिए प्रमुख किताबें
  9. CTET परीक्षा की आधिकारिक नोटिफिकेशन बुलेटिन की PDF
  10. FAQs

CTET परीक्षा का ओवरव्यू

CTET परीक्षा को पास करने के लिए आपको कम से कम 50% अंक लाने होंगे।  नीचे हमनें CTET परीक्षा के बारे में जरूरी जानकारियों को व्यवस्थित ढंग से बताया है, जिससे आप इस परीक्षा से जुड़ी तमाम जानकारी जैसे परीक्षा का माध्यम,शैक्षिक योग्यता आवेदन शुल्क, प्रश्नो का प्रकार जैसी विभिन्न बातों को समझ पाएंगे।

बिंदुविवरण
परीक्षा का नामकेंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (Central Teacher Eligibility Test – CTET)
आयोजन संस्थाकेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)
परीक्षा का उद्देश्यकेंद्रीय सरकारी विद्यालयों में शिक्षक पद के लिए पात्रता निर्धारित करना
परीक्षा का स्वरूपपात्रता परीक्षा (यह चयन परीक्षा नहीं है)
परीक्षा स्तरराष्ट्रीय स्तर
परीक्षा वर्ष2026 (पैटर्न और सिलेबस पूर्व वर्षों के अनुसार स्थिर)
परीक्षा के आयोजन की तिथि8 फरवरी 2026
परीक्षा मोडकंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
कुल पेपरदो पेपर – पेपर 1 और पेपर 2
पेपर 1 का उद्देश्यकक्षा 1 से 5 के लिए प्राथमिक शिक्षक बनने की पात्रता
पेपर 2 का उद्देश्यकक्षा 6 से 8 के लिए उच्च प्राथमिक शिक्षक बनने की पात्रता
कुल प्रश्नप्रत्येक पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न
कुल अंकप्रत्येक पेपर 150 अंक
प्रश्न प्रकारऑब्जेक्टिव टाइप (MCQ)
नेगेटिव मार्किंगनहीं (गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते)
भाषा माध्यमहिंदी और अंग्रेज़ी सहित कई भाषाएँ
पेपर 1 के विषयबाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा I, भाषा II, गणित, पर्यावरण अध्ययन
पेपर 2 के विषयबाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा I, भाषा II, गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन
सिलेबस का आधारNCERT कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों पर आधारित
योग्यता मान्यताKVS, NVS, केंद्रीय सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल
वैधता अवधिआजीवन (Life Time Validity)
न्यूनतम उत्तीर्ण अंकसामान्य वर्ग – 60% (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट)
आवेदन योग्यताD.El.Ed / B.Ed या संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता
CTET का महत्वशिक्षक बनने की प्रक्रिया का पहला और अनिवार्य चरण
आधिकारिक वेबसाइटhttps://ctet.nic.in/ 

CTET परीक्षा क्या है?

CTET यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा भारत में शिक्षक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योग्यता परीक्षा (Eligibility Test) है। इस परीक्षा का आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा किया जाता है। CTET का उद्देश्य यह जांचना होता है कि कोई उम्मीदवार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने के लिए आवश्यक शैक्षणिक समझ और शिक्षण कौशल रखता है या नहीं।

यह स्पष्ट रूप से समझना ज़रूरी है कि CTET कोई नौकरी देने वाली परीक्षा नहीं है। CTET पास करने का अर्थ यह होता है कि उम्मीदवार शिक्षक भर्ती के लिए पात्र हो जाता है। CTET प्रमाणपत्र केंद्र सरकार के अधीन स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए मान्य होता है। इसके बाद वह केंद्रीय विद्यालय (KVS), नवोदय विद्यालय (NVS) और अन्य केंद्रीय या राज्य स्तरीय सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में निकलने वाली शिक्षक भर्तियों के लिए आवेदन कर सकता है। अंतिम चयन संबंधित भर्ती संस्था की परीक्षा, मेरिट और चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।

CTET परीक्षा दो पेपर में आयोजित की जाती है। पेपर 1 उन अभ्यर्थियों के लिए होता है, जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर 2 कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए होता है। दोनों पेपर में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होती। परीक्षा में विषयों के साथ-साथ बाल विकास और शिक्षण पद्धति (पेडागोगी) पर विशेष ज़ोर दिया जाता है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि उम्मीदवार बच्चों को पढ़ाने के सही और प्रभावी तरीकों को समझता है या नहीं।

CTET प्रश्न पत्र की भाषा

CTET का मुख्य प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होता है। उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार प्रश्नों को हिंदी या अंग्रेज़ी में पढ़कर उत्तर दे सकते हैं। हालांकि, Language-I और Language-II वही भाषाएँ होती हैं, जिन्हें उम्मीदवार आवेदन के समय चुनता है। इससे हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में किसी प्रकार की अलग परेशानी नहीं होती।

CTET परीक्षा का पैटर्न

CTET परीक्षा का पैटर्न समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह परीक्षा केवल विषय ज्ञान नहीं, बल्कि शिक्षण योग्यता (टीचिंग एप्टीट्यूड) को परखने के लिए बनाई गई है। बहुत से अभ्यर्थी सिर्फ सिलेबस पढ़ते हैं, लेकिन पैटर्न को ठीक से नहीं समझते, जिससे वे गलत रणनीति बना लेते हैं। CTET दो अलग-अलग पेपर (पेपर 1 और पेपर 2) में आयोजित की जाती है। इन दोनों का उद्देश्य और स्तर अलग होता है। यहाँ पेपर 1 और पेपर 2 दोनों का परीक्षा पैटर्न दिया गया है –

पेपर 1 का एग्जाम पैटर्न

पेपर 1 उन उम्मीदवारों के लिए है जो प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं। पेपर 1 में सवाल इस बात पर केंद्रित होते हैं कि उम्मीदवार छोटे बच्चों को कैसे पढ़ाएगा, न कि केवल इस बात पर कि उम्मीदवार ने कितनी किताबें पढ़ी हैं।

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र3030
भाषा I3030
भाषा II3030
गणित3030
पर्यावरण अध्ययन3030
कुल150150

पेपर 2 का एग्जाम पैटर्न

पेपर 2 उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए होता है और इसमें विषयों की गहराई बढ़ जाती है। अभ्यर्थी को गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन में से केवल एक विकल्प चुनना होता है।

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र3030
भाषा I3030
भाषा II3030
गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन6060
कुल150150

नोट: यहां दी गई सभी जानकारी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट पर इंफॉर्मेशन बुलेटिन से ली गई है।

CTET पेपर-1 और पेपर-2 का सिलेबस 

CTET परीक्षा का सिलेबस उम्मीदवारों की शिक्षण समझ और विषय ज्ञान को परखने के लिए तैयार किया गया है। यह सिलेबस मुख्य रूप से NCERT की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होता है, ताकि स्कूल स्तर की पढ़ाई से जुड़ी अवधारणाओं की सही समझ को आंका जा सके। हालांकि, उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रश्नों का स्तर केवल प्राथमिक कक्षाओं तक सीमित नहीं होता। कई मामलों में प्रश्नों का डिफिकल्टी लेवल सेकेंडरी या सीनियर सेकेंडरी स्तर तक भी हो सकता है, विशेष रूप से बाल विकास और शिक्षण पद्धति (पेडागोगी) जैसे विषयों में। इसलिए CTET की तैयारी करते समय अवधारणाओं को गहराई से समझना ज़रूरी होता है, न कि केवल रटकर पढ़ना।

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (पेपर-1)

यहाँ बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख महत्वपूर्ण टॉपिक्स और सम्पूर्ण सिलेबस दिया गया है –

बाल विकास (प्राथमिक विद्यालय के बच्चे)

  • विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ इसका संबंध
  • बच्चों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण प्रक्रियाएँ: सामाजिक जगत और बच्चे (शिक्षक, माता-पिता, सहपाठी)
  • पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की: अवधारणाएँ और आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य
  • बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणाएँ
  • बुद्धि की अवधारणा का आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य
  • बहुआयामी बुद्धिमत्ता
  • भाषा और विचार
  • लिंग एक सामाजिक संरचना के रूप में: लिंग भूमिकाएँ, लिंग पूर्वाग्रह और शैक्षिक अभ्यास
  • शिक्षार्थियों के बीच व्यक्तिगत भिन्नताएं, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता के आधार पर भिन्नताओं को समझना।
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन के बीच अंतर।
  • विद्यालय आधारित मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन: परिप्रेक्ष्य और व्यवहार
  • शिक्षार्थियों की तत्परता के स्तर का आकलन करने, कक्षा में सीखने और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और शिक्षार्थी की उपलब्धि का आकलन करने के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।

समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना

  • वंचित और वंचित पृष्ठभूमि सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों के शिक्षार्थियों को संबोधित करना।
  • सीखने में कठिनाई, विकलांगता आदि से ग्रस्त बच्चों की जरूरतों को पूरा करना।
  • प्रतिभावान, रचनात्मक और विशेष रूप से सक्षम शिक्षार्थियों को संबोधित करना

अधिगम और शिक्षणशास्त्र

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; बच्चे स्कूल में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं।
  • शिक्षण और अधिगम की बुनियादी प्रक्रियाएं; बच्चों की अधिगम रणनीतियाँ; अधिगम एक सामाजिक गतिविधि के रूप में; अधिगम का सामाजिक संदर्भ।
  • एक समस्या समाधानकर्ता और ‘वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बच्चा।
  • बच्चों में सीखने की वैकल्पिक अवधारणाएं, बच्चों की गलतियों को सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम के रूप में समझना।
  • संज्ञान और भावनाएँ।
  • प्रेरणा और सीखना।
  • सीखने में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय।

भाषा – 1 (पेपर-1)

यहाँ भाषा 1 में शिक्षण के माध्यम से संबंधित दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसमें महत्वपूर्ण टॉपिक्स इस प्रकार हैं –

क) भाषा बोध

  • अनदेखे अंशों को पढ़ना – दो अंश, एक गद्य या नाटक और एक कविता, जिसमें समझ, अनुमान, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर आधारित प्रश्न होंगे (गद्य अंश साहित्यिक, वैज्ञानिक, कथात्मक या विवेचनात्मक हो सकता है)

ख) भाषा विकास की अध्यापन पद्धति

  • सीखना और अधिग्रहण
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों को संप्रेषित करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • विविधतापूर्ण कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ: भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा के बहुभाषी संसाधन
  • उपचारात्मक शिक्षण

भाषा – 2 (पेपर-1)

यहाँ भाषा 2 में भाषा के तत्वों और समझने की क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसमें सिलेबस के साथ-साथ महत्वपूर्ण टॉपिक्स की जानकारी दी गई है –

क) समझ

  • दो अनदेखे गद्य अंश (विवेचनात्मक या साहित्यिक कथात्मक, या वैज्ञानिक) जिनमें बोध, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर आधारित प्रश्न शामिल हैं।

ख) भाषा विकास की अध्यापन पद्धति

  • सीखना और अधिग्रहण
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों को संप्रेषित करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण।
  • विविधतापूर्ण कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ: भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार।
  • भाषा कौशल।
  • भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना।
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री और कक्षा के बहुभाषी संसाधन।
  • उपचारात्मक शिक्षण।

गणित (पेपर-1)

 गणित का विस्तृत सिलेबस दिया गया है, लेकिन इस परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का स्तर मध्यम होता है। इसमें दिए गए महत्वपूर्ण टॉपिक्स इस प्रकार है –

क) विषयवस्तु

  • ज्यामिति
  • आकृतियाँ और स्थानिक समझ
  • हमारे आसपास के ठोस पदार्थ
  • नंबर
  • जोड़ना और घटाना
  • गुणा
  • विभाजन
  • माप
  • वज़न
  • समय
  • आयतन
  • डेटा संधारण
  • पैटर्न्स
  • धन

ख) शिक्षण संबंधी मुद्दे

  • गणित की प्रकृति / तार्किक सोच; बच्चों के सोचने और तर्क करने के तरीकों और अर्थ निकालने तथा सीखने की रणनीतियों को समझना।
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • औपचारिक और अनौपचारिक विधियों के माध्यम से मूल्यांकन
  • शिक्षण की समस्याएं
  • त्रुटि विश्लेषण और अधिगम एवं शिक्षण के संबंधित पहलू
  • नैदानिक ​​एवं उपचारात्मक शिक्षण

पर्यावरण अध्ययन (पेपर-1)

पर्यावरण अध्ययन एक ऐसा विषय है जो आपको अच्छे अंक दिला सकते हैं। इसका संपूर्ण सिलेबस कुछ इस प्रकार है-

क) विषयवस्तु

  • परिवार और दोस्त: रिश्ते, काम और खेल, जानवर, पौधे
  • खाना
  • आश्रय
  • पानी
  • यात्रा
  • जो चीजें हम बनाते और करते हैं

ख) शिक्षण संबंधी मुद्दे

  • ईवीएस की अवधारणा और कार्यक्षेत्र
  • ईवीएस-एकीकृत ईवीएस का महत्व
  • पर्यावरण अध्ययन एवं पर्यावरण शिक्षा
  • सीखने के सिद्धांत
  • इसका दायरा और विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान से संबंध
  • अवधारणाओं को प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
  • गतिविधियाँ
  • प्रयोग/व्यावहारिक कार्य
  • डिबेट
  • सीसीई
  • शिक्षण सामग्री/सहायता
  • समस्याएं

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (पेपर-2)

पेपर 1 और पेपर 2 में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) का सिलेबस लगभग समान होता है। दोनों में अंतर मुख्य रूप से प्रश्नों के स्तर और कक्षा के अनुरूप एप्लीकेशन में होता है।

बाल विकास (प्राथमिक विद्यालय के बच्चे)

  • विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ इसका संबंध
  • बच्चों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवंशिकता और पर्यावरण पर प्रभाव
  • समाजीकरण प्रक्रियाएँ: सामाजिक जगत और बच्चे (शिक्षक, माता-पिता, सहपाठी)
  • पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की: अवधारणाएँ और आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य
  • बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणाएँ
  • बुद्धि की अवधारणा का आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य
  • बहुआयामी बुद्धिमत्ता
  • भाषा और विचार
  • लिंग एक सामाजिक संरचना के रूप में: लिंग भूमिकाएँ, लिंग पूर्वाग्रह और शैक्षिक अभ्यास
  • शिक्षार्थियों के बीच व्यक्तिगत भिन्नताएं, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता के आधार पर भिन्नताओं को समझना।
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन में अंतर; विद्यालय-आधारित मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन: परिप्रेक्ष्य और अभ्यास
  • शिक्षार्थियों की तत्परता के स्तर का आकलन करने, कक्षा में सीखने और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और शिक्षार्थी की उपलब्धि का आकलन करने के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।

ख) समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना

  • वंचित और वंचित पृष्ठभूमि सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों के शिक्षार्थियों को संबोधित करना।
  • सीखने में कठिनाई, विकलांगता आदि से ग्रस्त बच्चों की जरूरतों को पूरा करना।
  • प्रतिभावान, रचनात्मक और विशेष रूप से सक्षम शिक्षार्थियों को संबोधित करना

ग) अधिगम और शिक्षणशास्त्र

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; बच्चे स्कूल में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं।
  • शिक्षण और अधिगम की बुनियादी प्रक्रियाएं; बच्चों की अधिगम रणनीतियाँ; अधिगम एक सामाजिक गतिविधि के रूप में; अधिगम का सामाजिक संदर्भ।
  • एक समस्या समाधानकर्ता और ‘वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बच्चा।
  • बच्चों में सीखने की वैकल्पिक अवधारणाएं, बच्चों की गलतियों को सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम के रूप में समझना।
  • संज्ञान और भावनाएँ
  • प्रेरणा और सीखना
  • सीखने में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय

पेपर 2 के लिए भाषा I का सिलेबस

यहाँ पेपर 2 के लिए भाषा I का सिलेबस दिया गया है, जिसमें संपूर्ण सिलेबस के साथ-साथ महत्वपूर्ण टॉपिक्स शामिल हैं –

क) भाषा बोध

  • अनदेखे अंशों को पढ़ना – दो अंश, एक गद्य या नाटक और एक कविता, जिसमें समझ, अनुमान, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर आधारित प्रश्न होंगे (गद्य अंश साहित्यिक, वैज्ञानिक, कथात्मक या विवेचनात्मक हो सकता है)

ख) भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र

  • सीखना और अधिग्रहण
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों को संप्रेषित करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण।
  • विविधतापूर्ण कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ: भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा के बहुभाषी संसाधन
  • उपचारात्मक शिक्षण
  • डिजिटल संसाधनों का उपयोग

पेपर 2 के लिए भाषा II का सिलेबस

यह खंड विशेष रूप से व्याकरण, शब्दावली और बोध कौशल जैसे भाषा के पहलुओं पर आधारित होता है। यहाँ पेपर 2 के लिए भाषा II का सिलेबस और महत्वपूर्ण टॉपिक्स दिए गए हैं –

क) समझ पर आधारित प्रश्न

  • दो अनदेखे गद्य अंश (विवेचनात्मक या साहित्यिक कथात्मक या वैज्ञानिक) जिनमें बोध, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर आधारित प्रश्न शामिल हैं।

ख) भाषा विकास की अध्यापन पद्धति

  • सीखना और अधिग्रहण
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों को संप्रेषित करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण।
  • विविधतापूर्ण कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ: भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा के बहुभाषी संसाधन
  • उपचारात्मक शिक्षण

गणित और विज्ञान का सिलेबस (पेपर 2)

यहाँ पेपर 2 के लिए गणित और विज्ञान का सिलेबस दिया गया है, जो छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है –

विषयवस्तु

  • संख्या प्रणाली
  • अपने आंकड़ों को जानना
  • संख्याओं के साथ खेलना
  • पूर्ण संख्याएं
  • ऋणात्मक संख्याएँ और पूर्णांक
  • भिन्न

बीजगणित

  • बीजगणित का परिचय
  • अनुपात और समानुपात

ज्यामिति

  • बुनियादी ज्यामितीय अवधारणाएँ (2-आयामी)
  • मूलभूत आकृतियों (2-आयामी और 3-आयामी) को समझना
  • समरूपता: (प्रतिबिंब)
  • निर्माण कार्य (सीधी रेखा, तराजू, प्रोटेक्टर, कम्पास का उपयोग करके)
  • क्षेत्रमिति
  • डेटा संधारण

शिक्षण संबंधी मुद्दे

  • गणित की प्रकृति/तार्किक चिंतन
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • मूल्यांकन
  • उपचारात्मक शिक्षण
  • शिक्षण की समस्या

विज्ञान (पेपर 2)

यहाँ दिया गया सिलेबस NCERT कक्षा 6 से 8 तक की किताबों पर आधारित होता है, यहाँ पेपर-2 के लिए विज्ञान का सिलेबस दिया गया है –

  • मैं भोजन करता हूं
  • खाद्य स्रोत
  • भोजन के घटक
  • भोजन की सफाई
  • दैनिक उपयोग की सामग्री
  • जीवितों की दुनिया
  • वस्तुओं, लोगों और विचारों का स्थानांतरण
  • चीजें कैसे काम करती हैं
  • विद्युत धारा और परिपथ
  • चुम्बक
  • प्राकृतिक घटनाएँ
  • प्राकृतिक संसाधन

शिक्षण संबंधी मुद्दे

  • विज्ञान की प्रकृति और संरचना
  • प्राकृतिक विज्ञान/उद्देश्य एवं लक्ष्य
  • विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना
  • दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण
  • अवलोकन/प्रयोग/खोज (विज्ञान की विधि)
  • नवाचार
  • पाठ्य सामग्री/सहायक सामग्री
  • मूल्यांकन – संज्ञानात्मक/मनोप्रेरक/भावनात्मक
  • समस्याएं
  • उपचारात्मक शिक्षण

सामाजिक विज्ञान (पेपर 2)

  • कब, कहाँ और कैसे
  • सबसे प्रारंभिक समाज
  • पहले किसान और चरवाहे
  • पहले शहर
  • प्रारंभिक राज्य
  • नए विचार
  • प्रथम साम्राज्य
  • दूरस्थ देशों से संपर्क
  • राजनीतिक घटनाक्रम
  • संस्कृति और विज्ञान
  • नए राजा और राज्य
  • दिल्ली के सुल्तान
  • वास्तुकला
  • एक साम्राज्य का निर्माण
  • सामाजिक परिवर्तन
  • क्षेत्रीय संस्कृतियाँ
  • कंपनी शक्ति की स्थापना
  • ग्रामीण जीवन और समाज
  • औपनिवेशिकता और जनजातीय समाज
  • 1857-58 का विद्रोह
  • महिलाएं और सुधार
  • जाति व्यवस्था को चुनौती देना
  • राष्ट्रवादी आंदोलन
  • स्वतंत्रता के बाद का भारत

भूगोल

  • भूगोल एक सामाजिक अध्ययन के रूप में और एक विज्ञान के रूप में
  • ग्रह: सौर मंडल में पृथ्वी
  • ग्लोब
  • पर्यावरण अपने संपूर्ण रूप में: प्राकृतिक और मानव निर्मित पर्यावरण
  • वायु
  • पानी
  • मानव पर्यावरण: बस्तियाँ, परिवहन और संचार
  • संसाधन: प्रकार – प्राकृतिक और मानव निर्मित
  • कृषि

सामाजिक और राजनीतिक जीवन

  • विविधता
  • सरकार
  • स्थानीय सरकार
  • जीविका कमाना
  • प्रजातंत्र
  • राज्य सरकार
  • मीडिया को समझना
  • लिंग को समझना
  • संविधान
  • संसदीय सरकार
  • न्यायपालिका
  • सामाजिक न्याय और हाशिए पर रहने वाले लोग

शिक्षण संबंधी मुद्दे

  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन की अवधारणा एवं प्रकृति
  • कक्षा की प्रक्रियाएं, गतिविधियां और संवाद
  • आलोचनात्मक सोच का विकास करना
  • जांच/अनुभवजन्य साक्ष्य
  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्याएं
  • स्रोत – प्राथमिक और द्वितीयक
  • परियोजना कार्य
  • मूल्यांकन

CTET परीक्षा का सिलेबस 2026 कैसे डाउनलोड करें?

CTET सिलेबस की आधिकारिक PDF डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले CTET की आधिकारिक वेबसाइट https://ctet.nic.in/ पर जाएं।
  2. होमपेज पर ऊपर दिए गए मेन्यू में “Information” सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. इसके बाद “Information Bulletin” के विकल्प पर जाएं।
  4. यहां आपको अलग-अलग वर्षों की CTET Information Bulletin की लिस्ट दिखाई देगी।
  5. सबसे लेटेस्ट वर्ष (जैसे CTET Feb 2026) की PDF के सामने दिए गए View / Download लिंक पर क्लिक करें।
  6. PDF खुलने के बाद उसे अपने मोबाइल या कंप्यूटर में डाउनलोड कर लें।

CTET Information Bulletin PDF में पूरा सिलेबस, परीक्षा पैटर्न, अंक योजना, पात्रता शर्तें और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश आधिकारिक रूप से दिए होते हैं। इसलिए CTET की तैयारी करते समय इसी PDF को आधार मानना सबसे सही और सुरक्षित तरीका माना जाता है।

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स 

CTET की तैयारी करने का सबसे अपना अलग-अलग तरीका होता है, लेकिन यहाँ कुछ टिप्स दी गई हैं जो CTET परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हो सकती हैं –

  • सबसे पहले CTET सिलेबस को अच्छे से समझें: बिना सिलेबस समझे पढ़ाई शुरू करना सबसे बड़ी गलती है। CTET में विषयों से ज्यादा पढ़ाने की समझ (Pedagogy) पर सवाल पूछे जाते हैं, इसलिए हर टॉपिक को “कैसे पढ़ाया जाएगा” के नजरिये से पढ़ें।
  • NCERT किताबों को प्राथमिक स्रोत बनाएं: कक्षा 1 से 8 तक की NCERT किताबें CTET तैयारी की आधारशिला हैं। खासकर EVS, सोशल स्टडीज और साइंस के लिए NCERT कॉन्सेप्ट्स सीधे सवालों में दिखते हैं।
  • चाइल्ड डेवलपमेंट और पेडागोगी पर अतिरिक्त ध्यान दें: यह सेक्शन दोनों पेपर में समान होता है और स्कोरिंग भी है। बाल विकास के सिद्धांतों को रटने के बजाय, उनके क्लासरूम एप्लीकेशन को समझें।
  • भाषा सेक्शन को हल्के में न लें: भाषा में व्याकरण से ज्यादा कॉम्प्रिहेंशन और टीचिंग अप्प्रोच पर सवाल आते हैं। रोज़ पढ़ने की आदत डालें।
  • मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नों को ज़रूर हल करें: इससे प्रश्नों का स्तर और पैटर्न समझ आता है और समय प्रबंधन बेहतर होता है।
  • शॉर्ट नोट्स बनाएं और नियमित रिवीजन करें: बार-बार रिवीजन से कॉन्सेप्ट्स मजबूत होते हैं और परीक्षा में कंफ्यूजन कम होता है।
  • परीक्षा में समय प्रबंधन और प्रश्न चयन की रणनीति बनाएं: CTET परीक्षा में समय की कमी नहीं होती, लेकिन बिना रणनीति के प्रश्न हल करने पर समय व्यर्थ हो सकता है। सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जिनमें आप पूरी तरह आश्वस्त हों। भाषा और बाल विकास जैसे सेक्शन में लंबे प्रश्नों पर अटकने से बचें। जिन प्रश्नों में संदेह हो, उन्हें बाद के लिए छोड़ें और अंत में दोबारा समय देखकर प्रयास करें। इससे सटीकता बनी रहती है और अनावश्यक गलतियों से बचा जा सकता है।

CTET परीक्षा की तैयारी के लिए प्रमुख किताबें

नीचे हमने कुछ किताबों के बारे में बताया है जिनसे आप अपनी परीक्षा की तैयारी को और भी आसान बना सकते हैं इसमें आपको पुराने पेपर्स, मॉक टेस्ट और अन्य गतिविधियाँ मिल जाएंगी –

किताब का नामलेखक/पब्लिकेशन का नामयहाँ से देखें 
अरिहंत सीटीईटी 15 अभ्यास सेट पेपर 1 (कक्षा 1-5) 2025 | केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षाविशाखा वत्सयहाँ से देखें
अरिहंत सीटीईटी 2025 पेपर 2 | केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा कक्षा 6-8 के लिए 15 अभ्यास सेट | सामाजिक विज्ञान / अध्ययनप्रतीक बेनीवालयहाँ से देखें
सीटीईटी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर-2 (कक्षा VI-VIII) गणित और विज्ञान 15 अभ्यास सेटटीम प्रभातयहाँ से देखें
सीटीईटी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर -1 (कक्षा IV) नवीनतम हल किए गए प्रश्न पत्रों सहित मार्गदर्शिकाटीम प्रभातयहाँ से देखें
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) पेपर-1 कक्षा 1 से 5 प्राथमिक शिक्षक 2025टीम प्रभातयहाँ से देखें

CTET परीक्षा की आधिकारिक नोटिफिकेशन बुलेटिन की PDF

यहाँ CTET परीक्षा की आधिकारिक नोटिफिकेशन बुलेटिन की PDF दी गई है, जहाँ मौजूद डेटा के आधार पर आप इस परीक्षा के बारे में अधिक जान सकेंगे।

यहाँ देखें – CTET परीक्षा की आधिकारिक नोटिफिकेशन बुलेटिन की PDF

FAQs

CTET पेपर 1 और पेपर 2 के सिलेबस में मुख्य अंतर क्या है?

CTET पेपर 1 और पेपर 2 का सिलेबस कुछ हद तक मिलता-जुलता होता है, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग होता है। पेपर 1 उन उम्मीदवारों के लिए होता है, जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, इसलिए इसका सिलेबस प्राथमिक स्तर के बच्चों की समझ और सीखने की प्रक्रिया पर केंद्रित होता है। वहीं पेपर 2 कक्षा 6 से 8 के लिए होता है, जिसमें विषयों की गहराई और स्तर बढ़ जाता है। दोनों पेपर में बाल विकास और शिक्षण पद्धति तथा भाषा विषय समान प्रकृति के होते हैं, लेकिन विषय स्तर अलग-अलग होता है।

क्या CTET सिलेबस राज्य TET से अलग होता है?

हाँ, CTET का सिलेबस राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है और इसका फोकस केंद्रीय विद्यालयों और केंद्रीय सहायता प्राप्त स्कूलों की आवश्यकताओं पर होता है। कई राज्यों के TET सिलेबस CTET से मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन पूरी तरह एक जैसे नहीं होते।

क्या CTET में केवल NCERT किताबें पढ़ना पर्याप्त है?

NCERT किताबें CTET सिलेबस की बेस मानी जाती हैं, लेकिन केवल किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं होता। बेहतर तैयारी के लिए उम्मीदवारों को पेडागोजी की समझ, पिछले वर्षों के प्रश्न और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत करना चाहिए।

CTET सिलेबस में पेडागोजी को इतना महत्व क्यों दिया जाता है?

CTET का उद्देश्य केवल विषय ज्ञान की जांच करना नहीं है, बल्कि यह देखना है कि उम्मीदवार बच्चों को पढ़ाने की सही और प्रभावी विधि समझता है या नहीं। इसी कारण लगभग हर विषय में पेडागोजी से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

क्या CTET सिलेबस की तैयारी एक साथ दोनों पेपर के लिए की जा सकती है?

कुछ हद तक हाँ,  बाल विकास और शिक्षण पद्धति (CDP) और भाषा विषयों की तैयारी दोनों पेपर के लिए एक साथ की जा सकती है। हालांकि, गणित, EVS, विज्ञान या सामाजिक अध्ययन की तैयारी पेपर के अनुसार अलग रणनीति से करनी होती है।

CTET सिलेबस को कवर करने में औसतन कितना समय लगता है?

आमतौर पर CTET सिलेबस को अच्छी तरह कवर करने में 3 से 4 महीने का समय लग सकता है। हालांकि, यह अवधि उम्मीदवार की बेसिक समझ, रोज़ाना पढ़ाई के समय और अभ्यास के स्तर पर निर्भर करती है।

क्या CTET सिलेबस हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए कठिन होता है?

नहीं, CTET का प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होता है और सिलेबस स्कूल स्तर की अवधारणाओं पर आधारित होता है। सही रणनीति और नियमित अभ्यास के साथ हिंदी माध्यम के उम्मीदवार भी अच्छा स्कोर कर सकते हैं।

हमें उम्मीद है कि आपको CTET परीक्षा का सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और टिप्स से जुड़ी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही इंडियन एग्जाम से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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