यदि आप लाइब्रेरी के शांत वातावरण में नॉलेज के साथ-साथ करियर ग्रोथ पाना चाहते हैं तो CLIS कोर्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस कोर्स में आप लाइब्रेरी के रोज़मर्रा के कामों (जैसे – पुस्तकों का रखरखाव, सूची बनाना और रिकॉर्ड संभालना आदि) के बारे में सीखते हैं। इस लेख में आपके लिए CLIS कोर्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे – योग्यता, फीस, कॉलेज और सिलेबस के बारे में बताया गया है, ताकि आप इसका कोर्स को करने से पहले इसका निर्णय ले सकें कि यह कोर्स आपकी करियर ग्रोथ के लिए सही है या नहीं।
This Blog Includes:
- CLIS कोर्स का ओवरव्यू
- CLIS कोर्स क्या है?
- CLIS के लिए स्पेशलाइजेशन
- CLIS कोर्स में पढ़ाए जाने वाले विषय
- CLIS कोर्स के लिए सिलेबस
- CLIS कोर्स में एडमिशन प्रोसेस
- CLIS कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
- CLIS कोर्स के लिए कॉलेज और उनकी फीस
- CLIS कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस
- CLIS कोर्स करने के बाद करियर स्कोप
- CLIS कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
- FAQs
CLIS कोर्स का ओवरव्यू
| विशेषता | विवरण |
| कोर्स का नाम | CLIS (सर्टिफिकेट इन लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) |
| अवधि | 6 महीने (न्यूनतम) से 2 वर्ष (अधिकतम) |
| न्यूनतम योग्यता | 10+2 (किसी भी स्ट्रीम से) |
| एडमिशन क्राइटेरिया | मेरिट बेस्ड |
| प्रमुख संस्थान | IGNOU, NIOS, और विभिन्न राज्य मुक्त विश्वविद्यालय |
| मुख्य विषय | पुस्तकालय और समाज, वर्गीकरण (क्लासिफिकेशन), कैटलॉगिंग, सूचना सेवाएं |
| करियर विकल्प | लाइब्रेरी अटेंडेंट, स्कूल लाइब्रेरी असिस्टेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर |
CLIS कोर्स क्या है?
CLIS कोर्स एक सर्टिफिकेट लेवल का पुस्तकालय से जुड़ा कोर्स है, जिसे आम तौर पर पुस्तकालय और सूचना विज्ञान के शुरुआती ज्ञान के लिए कराया जाता है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए बनाया गया है जो पुस्तकालय में काम करने की मूल जानकारी सीखना चाहते हैं। CLIS कोर्स में यह सिखाया जाता है कि पुस्तकालय में किताबों की व्यवस्था कैसे की जाती है, रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है, पाठकों को किताबें कैसे दी जाती हैं और सामान्य प्रशासन कैसे संभाला जाता है। CLIS कोर्स एक ऐसा कोर्स है जो कम समय में पूरा किया जा सकता है, इसकी अवधि सामान्यतः 6 महीने से 1 वर्ष तक रहती है।
यह कोर्स डिग्री नहीं होता, बल्कि एक अल्पकालीन प्रशिक्षण कोर्स होता है। इसकी अवधि सामान्य रूप से छह महीने से एक वर्ष तक हो सकती है। CLIS कोर्स सरकारी और निजी दोनों प्रकार के संस्थानों में उपलब्ध होता है। यह कोर्स मुख्य रूप से पुस्तकालय सहायक जैसे शुरुआती पदों के लिए उपयोगी माना जाता है, लेकिन उच्च स्तर की पुस्तकालय नौकरियों के लिए आगे की पढ़ाई जरूरी होती है।
CLIS के लिए स्पेशलाइजेशन
CLIS एक सामान्य डिग्री नहीं रह गई है, अब आप अपनी रुचि और भविष्य की मांग के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता (स्पेशलाइजेशन) चुन सकते हैं। भारत में CLIS के लिए आप निम्नलिखित स्पेशलाइजेशन के साथ अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं –
| स्पेशलाइजेशन/फोकस एरिया | मुख्य कार्य | किसके लिए उपयुक्त है? |
| डिजिटल लाइब्रेरी मैनेजमेंट | ई-बुक्स, पीडीएफ और डिजिटल डेटाबेस का रखरखाव। | आधुनिक स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए। |
| स्कूल लाइब्रेरी ऑटोमेशन | सॉफ्टवेयर (जैसे Koha) के जरिए किताबों का लेन-देन मैनेज करना। | प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के लिए। |
| आर्काइविंग एंड रिकॉर्ड कीपिंग | पुरानी पांडुलिपियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संरक्षण। | संग्रहालयों और सरकारी अभिलेखागारों के लिए। |
| इंफॉर्मेशन लिटरेसी | यूजर्स को सही जानकारी खोजने और डेटाबेस इस्तेमाल करने में मदद करना। | रिसर्च संस्थानों और कॉर्पोरेट लाइब्रेरी के लिए। |
| पब्लिक लाइब्रेरी सर्विसेज | सामुदायिक स्तर पर पाठकों का प्रबंधन और प्रोग्राम आयोजित करना। | सार्वजनिक और ग्राम पुस्तकालयों के लिए। |
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CLIS कोर्स में पढ़ाए जाने वाले विषय
CLIS कोर्स में आपके लिए निम्नलिखित विषयों को पढ़ाया जाता है –
- पुस्तकालय संगठन और प्रबंधन
- पुस्तकालय सूची (प्रैक्टिस)
- सूचना स्रोत और सेवाएँ
- पुस्तकालय वर्गीकरण (प्रैक्टिस)
- सूचना प्रौद्योगिकी (थ्योरी)
- सूचना प्रौद्योगिकी (लैब)
CLIS कोर्स के लिए सिलेबस
यहाँ आपके लिए इस कोर्स का कॉमन सिलेबस और इसके कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स इग्नू की ऑफिशियल वेबसाइट के आधार पर दिया गया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार सिलेबस भिन्न हो सकता है लेकिन कुछ टॉपिक्स समान रहते हैं। आपकी चुनाव की गई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट से सिलेबस जरूर देखें।
| पेपर | यूनिट / ब्लॉक | विस्तृत विवरण |
| पुस्तकालय का परिचय | ब्लॉक 1 : लाइब्रेरी का बेसिक और संदर्भ | इस भाग में लाइब्रेरी की समाज में भूमिका, शिक्षा और ज्ञान के प्रसार में महत्व, लाइब्रेरी के प्रकार (स्कूल, कॉलेज, पब्लिक, डिजिटल आदि), उनके कार्य, लाइब्रेरी के विभाग और संचालन प्रणाली, तथा लाइब्रेरी स्टाफ की जिम्मेदारियाँ जैसे लाइब्रेरियन, सहायक और तकनीकी स्टाफ का कार्य विस्तार से समझाया जाता है। |
| ब्लॉक 2 : लाइब्रेरी रूटीन वर्क | इसमें लाइब्रेरी में किताबों का चयन और खरीद प्रक्रिया, किताबों की भौतिक प्रोसेसिंग (स्टैम्पिंग, लेबलिंग), रिकॉर्ड मेन्टेनेंस (रजिस्टर, इश्यू-रिटर्न डेटा), और लाइब्रेरी के रख-रखाव जैसे शेल्विंग, सफाई, और प्रबंधन की जानकारी दी जाती है। | |
| दस्तावेज़ प्रोसेसिंग एवं संगठन | ब्लॉक 1 : क्लासिफिकेशन | लाइब्रेरी वर्गीकरण की मूल अवधारणा, ज्ञान का वर्गीकरण क्यों जरूरी है, ड्यूई डेसिमल क्लासिफिकेशन (DDC) का उपयोग, विषय के अनुसार किताबों को वर्गीकृत करने की तकनीक, और कॉल नंबर बनाने की प्रक्रिया समझाई जाती है। |
| ब्लॉक 2 : कैटलॉगिंग | कैटलॉगिंग की बेसिक समझ, कैटलॉग कार्ड की तैयारी, पुस्तक विवरण लिखने के नियम, चयन उपकरण (सिलेक्शन टूल्स) जैसे बिब्लियोग्राफी, इंडेक्स, और उनके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी जाती है। | |
| ब्लॉक 3 : फिलिंग और शेल्विंग | इसमें फाइलिंग के नियम, रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने की तकनीक, शेल्विंग सिस्टम, शेल्फ रेक्टिफिकेशन, और किताबों को सही क्रम में रखने की प्रक्रिया शामिल है जिससे लाइब्रेरी उपयोगकर्ताओं को किताबें आसानी से मिल सकें। | |
| सूचना स्रोत एवं सेवाएँ | ब्लॉक 1 : सूचना स्रोत | सूचना स्रोतों की कैटेगरी (प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शियरी), प्रिंट और डिजिटल स्रोत, संदर्भ पुस्तकों का उपयोग, डेटाबेस और ऑनलाइन स्रोत, तथा सही जानकारी खोजने की तकनीक सिखाई जाती है। |
| ब्लॉक 2 : लाइब्रेरी सेवाएँ | सर्कुलेशन सर्विस (बुक इश्यू-रिटर्न), रेफरेंस सर्विस (यूजर को जानकारी देना), अवेयरनेस सर्विस (नई किताबों की जानकारी), यूजर ओरिएंटेशन (लाइब्रेरी उपयोग सिखाना), और सूचना सेवा के आधुनिक तरीके जैसे डिजिटल रेफरेंस आदि शामिल हैं। | |
| लाइब्रेरी में आईसीटी का उपयोग | ब्लॉक 1 : डिजिटल साक्षरता | कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान, हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, और MS ऑफिस जैसे ऑफिस टूल्स का उपयोग सिखाया जाता है ताकि लाइब्रेरी कार्य डिजिटल रूप से हो सके। |
| ब्लॉक 2 : लाइब्रेरी ऑटोमेशन | लाइब्रेरी ऑटोमेशन की अवधारणा, हाउस-कीपिंग ऑपरेशन (डेटा एंट्री, इश्यू-रिटर्न ऑटोमेशन), लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, और डिजिटल लाइब्रेरी सिस्टम की जानकारी दी जाती है। | |
| ब्लॉक 3 : इंटरनेट टूल्स एंड सर्विसेज | इंटरनेट का बेसिक उपयोग, वेब टूल्स, ऑनलाइन कैटलॉग, ई-लाइब्रेरी, वेब आधारित सेवाएँ, और डिजिटल सूचना सेवाओं के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन जानकारी प्रदान करने की तकनीक सिखाई जाती है। |
CLIS कोर्स में एडमिशन प्रोसेस
यहाँ दिए गए बिंदुओं के माध्यम से CLIS कोर्स में एडमिशन प्रोसेस के बारे में बताया गया है:
- इस कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण यही है कि आप अपनी शैक्षणिक योग्यता को अपने द्वारा चुने गए कॉलेज के आधार पर चुनें।
- इस कोर्स में प्रवेश लेने से पहले आपको को सबसे पहले UGC-DEB मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची देखनी चाहिए, क्योंकि UGC-DEB मान्यता प्राप्त संस्थानों के सर्टिफिकेट अधिक विश्वसनीय माने जाते हैं।
- अधिकांश विश्वविद्यालय अब समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करते हैं। इसके लिए आप सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करें।
- रजिस्ट्रेशन के समय आप अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी को ध्यानपूर्वक भरकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करें।
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय आपको 10वीं/12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो और हस्ताक्षर डिजिटल रूप में अपलोड करने होते हैं। ओपन यूनिवर्सिटी में डायरेक्ट एडमिशन मिलता है, जबकि कुछ नियमित कॉलेजों में मेरिट लिस्ट निकाली जाती है।
- दस्तावेज सत्यापित होने के बाद, आप ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से अपने कोर्स की फीस जमा करें।
- फीस जमा होने के 7-10 दिनों के भीतर आपको आपके एडमिशन का कंफर्मेशन मेल या SMS के माध्यम से मिल जाता है। इसके बाद ही आपको अपना एनरोलमेंट नंबर और डिजिटल या हार्डकॉपी स्टडी मैटेरियल प्रदान किया जाता है।
CLIS कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए कुछ निम्नलिखित योग्यताएं और शर्तें जरुरी होती हैं –
- शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार ने कम से कम 12वीं कक्षा (10+2) किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास की हो। कला, विज्ञान, वाणिज्य या कोई अन्य स्ट्रीम होने से प्रवेश पर कोई रोक नहीं होती।
- शैक्षणिक अंक: कई संस्थानों में न्यूनतम 50% अंक होना आवश्यक है, हालांकि कुछ संस्थानों में न्यूनतम अंक की शर्त नहीं होती।
- भाषा ज्ञान: कोर्स की भाषा हिंदी या अंग्रेजी हो सकती है। इसलिए, उम्मीदवार को आसान हिंदी या अंग्रेजी पढ़ने और समझने का ज्ञान होना चाहिए।
- आयु सीमा: अधिकतर संस्थानों में आयु सीमा नहीं होती, लेकिन कुछ राज्यों में प्रवेश के लिए 18 वर्ष की न्यूनतम आयु मांगी जा सकती है।
- अन्य योग्यताएँ: कंप्यूटर का प्राथमिक ज्ञान और बेसिक टाइपिंग क्षमता उम्मीदवार को लाभ देती है, क्योंकि कोर्स में डिजिटल लाइब्रेरी प्रबंधन और कैटलॉगिंग की जानकारी दी जाती है।
CLIS कोर्स के लिए कॉलेज और उनकी फीस
यहाँ CLIS कंप्यूटर कोर्स के लिए कॉलेज के नाम दिए गए हैं, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के कॉलेज के नाम शामिल हैं।
यहाँ दी गई कॉलेज की फीस एक अनुमानित फीस है, आवेदन करने से पहले आपको अपने द्वारा चुने गए कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जांच जरूर करनी चाहिए, क्योंकि इसमें बदलाव संभव है –
CLIS कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम | स्थान | प्रकार | अनुमानित कुल फीस |
| इग्नू (IGNOU) | नई दिल्ली | सेंट्रल यूनिवर्सिटी | INR 3,000 – INR 6,000 |
| जामिया मिलिया इस्लामिया | नई दिल्ली | सेंट्रल यूनिवर्सिटी | INR 5,000 – INR 7,000 |
| उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी | हल्द्वानी | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 2,500 – INR 3,200 |
| नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी | पटना | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 2,200 – INR 2,800 |
| यूपी राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी | प्रयागराज | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 3,000 – INR 4,000 |
| कोटा ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU) | कोटा | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 2,000 – INR 2,500 |
| मद्रास यूनिवर्सिटी | चेन्नई | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 4,000 – INR 5,500 |
| कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी | कुरुक्षेत्र | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 4,500 – INR 6,000 |
| भोज ओपन यूनिवर्सिटी | भोपाल | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 2,800 – INR 3,500 |
| अन्नामलाई यूनिवर्सिटी | चिदंबरम | स्टेट यूनिवर्सिटी | INR 3,500 – INR 4,500 |
CLIS कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| कॉलेज/यूनिवर्सिटी का नाम | स्थान | प्रकार | अनुमानित कुल फीस |
| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) | फगवाड़ा | प्राइवेट | INR 10,000 – INR 15,000 |
| चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) | चंडीगढ़ | प्राइवेट | INR 12,000 – INR 18,000 |
| एममिटी यूनिवर्सिटी | नोएडा | प्राइवेट | INR 15,000 – INR 22,000 |
| सिक्किम मनिपाल यूनिवर्सिटी | गंगटोक | प्राइवेट | INR 8,000 – INR 12,000 |
| जगन्नाथ यूनिवर्सिटी | जयपुर | प्राइवेट | INR 7,000 – INR 10,000 |
| स्वामी विवेकानंद सुभारती विवि | मेरठ | प्राइवेट | INR 6,000 – INR 9,000 |
| इंटीग्रल यूनिवर्सिटी | लखनऊ | प्राइवेट | INR 8,000 – INR 11,000 |
| निम्स यूनिवर्सिटी (NIMS) | जयपुर | प्राइवेट | INR 9,000 – INR 13,000 |
| सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी | जयपुर | प्राइवेट | INR 10,000 – INR 14,000 |
| कलिंगा यूनिवर्सिटी | रायपुर | प्राइवेट | INR 12,000 – INR 16,000 |
CLIS कोर्स के बाद हायर स्टडी के ऑप्शंस
CLIS कोर्स कंप्लीट करने के बाद स्टूडेंट अपनी नॉलेज और स्किल्स को बढ़ाने के लिए हायर स्टडी से संबंधित डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं। नीचे ऐसे कुछ प्रमुख कोर्सेज की सूची दी गई है जिन्हें CLIS कोर्स के बाद किया जा सकता है:
| हायर स्टडी का कोर्स | कोर्स का स्तर | अवधि | प्रमुख यूनिवर्सिटी / संस्थान |
| BLIS (Bachelor of Library and Information Science) | ग्रेजुएशन | 1 वर्ष (वार्षिक या सेमेस्टर) | दिल्ली यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी |
| MLIS (Master of Library and Information Science) | मास्टर | 2 वर्ष | दिल्ली यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी |
| Post Graduate Diploma in Information Management (PGDIM) | पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा | 1 वर्ष | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी |
| Certificate in Digital Library Management | सर्टिफिकेट | 6 महीने – 1 वर्ष | IGNOU, सिम्बायोसिस, एमिटी यूनिवर्सिटी |
| Diploma in Library Automation and Networking | डिप्लोमा | 6 – 12 महीने | गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया |
| Certificate Course in Archives and Record Management | सर्टिफिकेट | 6 महीने | IGNOU, National Archives of India |
CLIS कोर्स करने के बाद करियर स्कोप
सीएलआईएस कोर्स पूरा करने के बाद आप पुस्तकालयों, सूचना केंद्रों, म्यूजियम और कॉर्पोरेट सेक्टर में नीचे बताए गए पदों पर काम करके अपना अच्छा करियर बना सकते हैं।
- लाइब्रेरियन
- इनफार्मेशन असिस्टेंट
- डिप्टी लाइब्रेरियन
- जूनियर इंफॉर्मेशन एनालिस्ट
- लाइब्रेरी अटेंडेंट
- सेमि-प्रोफेशनल असिस्टेंट
- आर्किविस्ट
CLIS कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी
सीएलआईएस कोर्स पूरा करने के बाद मिलने वाली अनुमानित सालाना सैलरी Ambitionbox.com के अनुसार नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है। वास्तविक सैलरी आपके अनुभव, कौशल और परफॉर्मेंस के आधार पर इससे अधिक भी हो सकती है।
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| लाइब्रेरियन | 3.6 लाख – 3.9 लाख |
| इनफार्मेशन असिस्टेंट | 2.7 लाख – 3 लाख |
| डिप्टी लाइब्रेरियन | 6.9 लाख – 7.6 लाख |
| लाइब्रेरी अटेंडेंट | 2 लाख – 2.2 लाख |
FAQs
CLIS करने के बाद सीधे लाइब्रेरियन बनना आमतौर पर संभव नहीं होता। यह कोर्स लाइब्रेरी से जुड़ी शुरुआती जानकारी देता है। इससे लाइब्रेरी सहायक या रिकॉर्ड संभालने जैसे काम मिल सकते हैं। अधिकतर संस्थानों में लाइब्रेरियन पद के लिए BLIS या उससे ऊँची योग्यता मांगी जाती है।
CLIS एक छोटा सर्टिफिकेट कोर्स है, जबकि BLIS एक डिग्री कोर्स होता है। CLIS में लाइब्रेरी के मूल काम सिखाए जाते हैं, वहीं BLIS में विषय की गहरी पढ़ाई होती है। नौकरी और सरकारी पदों के लिए BLIS को ज्यादा मान्यता मिलती है।
कुछ यूनिवर्सिटी और संस्थान CLIS को डिस्टेंस मोड से कराते हैं, लेकिन इसकी मान्यता हर जगह समान नहीं होती। निजी कामों में यह चल सकता है, पर सरकारी नौकरी या उच्च पढ़ाई के लिए दूरी माध्यम वाला CLIS अक्सर मान्य नहीं माना जाता। दाखिले से पहले मान्यता जरूर जांचनी चाहिए।
अधिकांश सरकारी लाइब्रेरियन भर्तियों में केवल CLIS को पर्याप्त योग्यता नहीं माना जाता। वहां BLIS या उससे ऊँची डिग्री जरूरी होती है। CLIS सरकारी नौकरी की तैयारी का पहला कदम हो सकता है, लेकिन केवल इसी आधार पर चयन होना मुश्किल रहता है।
हाँ, CLIS के बाद BLIS करना कई छात्रों के लिए फायदेमंद रहता है। CLIS से विषय की बेसिक अंडरस्टैंडिंग तैयार होती है और BLIS में वही ज्ञान विस्तार से पढ़ाया जाता है। जो छात्र लाइब्रेरी क्षेत्र में लंबे समय तक करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह क्रम सही रहता है।
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको CLIS कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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