Balgobin Bhagat Class 10

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Balgobin Bhagat Class 10 Notes

यहाँ हम हिंदी कक्षा 10 Balgobin Bhagat की कहानी के लेखक परिचय, कठिन-शब्दों के अर्थ , और NCERT की पुस्तक के अनुसार प्रश्नों के उत्तर, इन सभी के बारे में जानेंगे। तो चलिए जानते है ” Balgobin Bhagat Class 10 के बारे में Leverage Edu के साथ।

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लेखक परिचय

रामवृक्ष बेनीपट्टी

इनका जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बेनीपुर गाँव में सन 1889 में हुआ था। बचपन में ही माता-पिता का निधन हो जाने के कारण, आरम्भिक वर्ष अभावों-कठिनाइयों और संघर्षों में बीते। दसवीं तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे सन 1920 में राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में सक्रीय रूप से जुड़ गए। कई बार जेल भी गए।इनकी मृत्यु सन 1968 में हुई।

प्रमुख कार्य

उपन्यास – पतितों के देश में
कहानी – चिता के फूल
नाटक – अंबपाली
रेखाचित्र – माटी की मूरतें
यात्रा-वृत्तांत – पैरों में पंख बांधकर
संस्मरण- जंजीरें और दीवारें ।

कठिन शब्दों के अर्थ

  • मँझोला – ना बहुत बड़ा ना बहुत छोटा
  • कमली जटाजूट- कम्बल
  • खामखाह – अनावश्यक
  • रोपनी – धान की रोपाई
  • कलेवा – सवेरे का जलपान
  • पुरवाई- पूर्व की ओर से बहने वाली हवा
  • मेड़ – खेत के किनारे मिटटी के ढेर से बनी उँची –
  • लम्बी, खेत को घेरती आड़
  • अधरतिया – आधी रात
  • झिल्ली- झींगुर
  • दादुर- मेढक
  • खँझरी – ढपली के ढंग का किन्तु आकार में उससे
  • छोटा वाद्यंत्र
  • निस्तब्धता – सन्नाटा
  • पोखर- तालाब
  • टेरना- सुटीला अलापना
  • आवृत – ढका हुआ
  • श्रमबिंदु – परिश्रम के कारण आई पसीने की बून्द
  • संझा- संध्या के समय किया जाने वाला भजन 

पूजन

  • करताल – एक प्रकार का वाद्य
  • सुभग – सुन्दर
  • कुश – एक प्रकार की नुकीली घास
  • बोदा – काम बुद्धि वाला
  • सम्बल – सहारा

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Balgobin bhagat class 10 : MCQ और प्रश्न-उत्तर

1. बालगोबिन भगत आत्मा और परमात्मा के बीच कौन-सा संबंध मानते थे?
A. पिता-पुत्री
B. प्रेमी-प्रेमिका
C. बहन-भाई
D. माँ-बेटा

उत्तर:  B. प्रेमी-प्रेमिका

2. बेटे की मृत्यु के पश्चात् बालगोबिन भगत की आखिरी दलील क्या थी?
 A. पतोहू का पुनर्विवाह करवाना
 B. पतोहू को शिक्षा दिलवाना
 C. पतोहू को घर से निकालना
 D. पतोहू से घृणा करना

उत्तर:  A. पतोहू का पुनर्विवाह करवाना

3. बालगोबिन भगत की मृत्यु का क्या कारण था?
 A. दुर्घटना
 B. बीमारी
 C. भूख
 D. बेटे की मृत्यु की चिंता

उत्तर:  B. बीमारी

4. बालगोबिन भगत के गाँव के लोगों का मुख्य धंधा क्या था?
 A. व्यापार
 B. पठन-पाठन
 C. खेतीबाड़ी
 D. दस्तकारी

उत्तर:  C. खेतीबाड़ी

5. ‘बालगोबिन भगत’ शीर्षक पाठ के लेखक का क्या नाम है?
 A. यशपाल
 B. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
 C. रामवृक्ष बेनीपुरी
 D. स्वयं प्रकाश

उत्तर:  C. रामवृक्ष बेनीपुरी

6. बालगोबिन भगत की आयु कितनी थी?
 A. 50 वर्ष
 B. 60 वर्ष से अधिक
 C. 70 वर्ष
 D. 80 वर्ष

उत्तर:  B. 60 वर्ष से अधिक

7. बालगोबिन की टोपी कैसी थी?
 A. सूरदास जैसी
 B. जैन मुनियों जैसी
 C. कबीरपंथियों जैसी
 D. गांधी की टोपी जैसी

उत्तर:  C. कबीरपंथियों जैसी

8. बालगोबिन कबीर को क्या मानते थे?
 A. साहब
 B. गुरु
 C. शिष्य
 D. मित्र

उत्तर:  A. साहब

9. बालगोबिन भगत किनके आदर्शों पर चलते थे?
 A. सूरदास के
 B. तुलसीदास के
 C. कबीरदास के
 D. मीराबाई के

उत्तर:  C. कबीरदास के

10. बालगोबिन भगत अपनी फसल को पहले कहाँ ले जाते थे?
 A. मंदिर में
 B. गुरुद्वारे में
 C. मस्जिद में
 D. कबीरपंथी मठ में

उत्तर:  D. कबीरपंथी मठ में

11. लेखक बालगोबिन भगत की किस विशेषता पर अत्यधिक मुग्ध था?
 A. पहनावे पर
 B. भोजन पर
 C. मधुर गान पर
 D. व्यवहार पर

उत्तर:  C. मधुर गान पर

12. लेखक ने ‘रोपनी’ किसे कहा है?
 A. रोपण को
 B. धान की रोपाई को
 C. धान की कटाई को
 D. धान की खेती को

उत्तर:  B. धान की रोपाई को

13. बालगोबिन भगत खेत में क्या करते हैं?
 A. केवल गीत गाता हैं
 B. खेत की मेंड़ पर बैठते हैं
 C. धान के पौधे लगाते हैं
 D. उपदेश देते हैं

उत्तर:  C. धान के पौधे लगाते हैं

14. बालगोबिन भगत के संगीत को लेखक ने क्या कहा है?
 A. बीन
 B. लहर
 C. उपदेश
 D. जादू

उत्तर:  D. जादू

15. बालगोबिन भगत के गीतों में कौन-सा भाव व्यक्त होता था?
 A. श्रृंगार का भाव
 B. विरह का भाव
 C. ईश्वर भक्ति का भाव
 D. वैराग्य का भाव

उत्तर:  C. ईश्वर भक्ति का भाव

16 )खेतीबारी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे?

उत्तर: बालगोबिन भगत कबीर के पक्के भक्त थे। वे कभी झूठ नहीं बोलते थे और हमेशा खरा व्यवहार करते थे। वे किसी की चीज का उपयोग बिना अनुमति माँगे नहीं करते थे। उनकी इन्हीं विशेषताओं के कारण वे साधु कहलाते थे।

17)भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी?

उत्तर: भगत की पुत्रवधू उनकी सेवा करना चाहती थी। वह नहीं चाहती थी कि एक बूढ़े आदमी को अकेले रहना पड़े। इसलिए वह उन्हें अकेले छोड़ना नहीं चाहती थी।

18)भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएँ किस तरह व्यक्त कीं?

उत्तर: अपने बेटे की मृत्यु पर भगत ने गाना गाकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। वह अपनी बहू से भी बेटे की मौत का उत्सव मनाने को कहते थे। उनका मानना था कि मृत्यु से तो आत्मा का परमात्मा में मिलन हो जाता है इसलिए इस अवसर पर खुशी मनानी चाहिए।

19) भगत के व्यक्तित्व और उनकी वेशभूषा का अपने शब्दों में चित्र प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: भगत की उम्र साठ के ऊपर रही होगी। चेहरा सफेद बालों से जगमग करता था। वे केवल एक लंगोटी पहने थे। जाड़े में एक कम्बल जरूर लपेटते थे। उनका व्यक्तित्व बड़ा ही सीधा सादा था। वे हमेशा अपनी भक्ति और अपनी गृहस्थी में लीन रहते थे। वह तड़के ही उठ जाते थे और स्नान करने के बाद गाना गाते थे।

20)बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी?

उत्तर: चाहे कोई भी मौसम हो, बालगोबिन भगत की दिनचर्या में कोई परिवर्तन नहीं आता था। वे रोज सबेरे उठकर दो मील चलकर नदी में स्नान करने जाते थे। वहाँ से लौटने के बाद पोखर के भिंड पर गाना गाते थे। उनकी नियमित दिनचर्या के कारण लोग अचरज में पड़ जाते थे।

21)पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: बालगोबिन भगत के मधुर गायन में एक जादू सा असर होता था। उसके जादू से खेतों में काम कर रही महिलाओं के होंठ अनायास ही थिरकने लगते थे। उनके गाने को सुनकर रोपनी करने वालों की अंगुलियाँ स्वत: चलने लगती थीं। रात में भी लोग उनके गानों पर मंत्रमुग्ध हो जाते थे।

22) कुछ प्रसंगों के आधार पर बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे। पाठ के आधार पर उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: बालगोबिन भगत कभी भी किसी अन्य की चीज को बिना अनुमति के इस्तेमाल नहीं करते थे। वे किसी को भी खरा बोल देते थे। अपने बेटे की मृत्यु पर उन्होंने शोक नहीं मनाया, बल्कि गा गाकर खुशी मनाई थी। अपनी विधवा पुत्रवधू को उन्होंने दूसरी शादी करने की स्वतंत्रता दे दी। इन सब प्रसंगों से पता चलता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे।

23) धान की रोपाई के समय समूचे माहौल को भगत की स्वर लहरियाँ किस तरह चमत्कृत कर देती थीं? उस माहौल का शब्द चित्र प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: जब वे धान की रोपनी के समय गाते थे इससे समूचा माहौल प्रभावित हो जाता था। मेड़ों पर खड़ी महिलाएँ स्वत: ही गाने लगती थीं। हलवाहों के पैर भी थिरक कर चलने लगते थे। रोपनी करने वालों की उँगलियाँ तालबद्ध तरीके से रोपनी में मशगूल हो जाती थीं।

24) पाठ के आधार पर बताएँ की बालगोबिन भगत की कबीर पर श्रद्धा किन-किन रूपों में प्रकट हुई है?

उत्तर: बालगोबिन भगत के खेतों में जो कुछ भी उपजता था उसे लेकर वे कबीर के दरबार में ले जाते थे। वहाँ से उन्हें प्रसाद के रूप में जो कुछ मिलता उसी से गुजारा कर लेते थे। वे किसी की मौत को शोक का कारण नहीं बल्कि उत्सव के रूप में लेते थे। इन सब प्रसंगों में उनकी कबीर पर श्रद्धा प्रकट हुई है।

25) आपकी दृष्टि में भगत की कबीर पर अगाध श्रद्धा के क्या कारण रहे होंगे?

उत्तर: वे कबीर के उपदेशों से अच्छी तरह से प्रभावित हुए होंगे। इसलिए उनकी कबीर पर अगाध श्रद्धा रही होगी।

Source : EDUMANTRA

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