ANM कोर्स विवरण: योग्यता, सिलेबस, फीस, कॉलेज, करियर स्कोप

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एएनएम (ANM) कोर्स हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ा एक लोकप्रिय डिप्लोमा कोर्स है, जिसे मुख्य रूप से नर्सिंग और बेसिक मेडिकल केयर की ट्रेनिंग देने के लिए डिजाइन किया गया है। ANM का पूरा नाम ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफ होता है। यह कोर्स मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए हेल्थ वर्कर तैयार करता है।

भारत में ANM कोर्स आमतौर पर 12वीं के बाद किया जाता है और इसकी अवधि लगभग 2 वर्ष होती है। इस दौरान आपको नर्सिंग स्किल्स, मरीजों की देखभाल, प्रसव संबंधी सहायता और बेसिक हेल्थ सर्विसेज की प्रैक्टिकल जानकारी दी जाती है, ताकि आप अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में काम कर सकें।

ANM कोर्स करने के बाद आप सरकारी अस्पतालों, प्राइवेट हॉस्पिटल, क्लीनिक, हेल्थ सेंटर और NGO जैसे क्षेत्रों में नौकरी के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

इस ब्लॉग में आगे आप ANM कोर्स की योग्यता, एडमिशन प्रक्रिया, फीस, सिलेबस, नौकरी के अवसर और सैलरी के बारे में विस्तार से जानेंगे।

मुख्य विवरणमहत्वपूर्ण जानकारी
कोर्स का पूरा नामAuxiliary Nurse Midwife (सहायक नर्स मिडवाइफ)
कोर्स का प्रकारडिप्लोमा
कोर्स की अवधि2 साल (1.5 साल पढ़ाई + 6 महीने की इंटर्नशिप)
न्यूनतम योग्यता10+2 (किसी भी स्ट्रीम से – आर्ट्स/साइंस/कॉमर्स)
आयु सीमान्यूनतम 17 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष
एडमिशन प्रक्रियामेरिट आधारित या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा (जैसे UP ANM Entrance)
कोर्स की फीससरकारी कॉलेज: INR 10,000 – INR 30,000प्राइवेट कॉलेज: INR 80,000 – INR 1.5 लाख
मान्यता प्राप्त संस्थाIndian Nursing Council (INC) और संबंधित राज्य नर्सिंग काउंसिल
औसत शुरुआती सैलरीINR 15,000 – INR 30,000 प्रति माह (प्राइवेट/संविदा)
सरकारी पदहेल्थ वर्कर, ANM, कम्युनिटी हेल्थ असिस्टेंट

ANM कोर्स क्या है?

ANM (Auxiliary Nurse Midwife) एक 2 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स है, जिसे हेल्थकेयर सेक्टर में प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार किया गया है। अगर आप नर्सिंग और सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपको मातृ और शिशु स्वास्थ्य, प्राथमिक चिकित्सा और बेसिक हेल्थ सर्विसेज से जुड़ी जरूरी स्किल्स सिखाता है।

इस कोर्स के दौरान आप टीकाकरण, गर्भावस्था के दौरान और बाद की देखभाल, पोषण के प्रति जागरूकता, संक्रमण से बचाव और ग्रामीण क्षेत्रों में बेसिक हेल्थ सर्विस देने जैसी महत्वपूर्ण चीजों की ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं। साथ ही, आपको अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने के लिए आवश्यक प्रैक्टिकल नर्सिंग स्किल्स भी सिखाई जाती हैं।

ANM को हेल्थ सिस्टम की फ्रंटलाइन वर्कर माना जाता है, क्योंकि इस भूमिका में आपको उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centre) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्तर पर सीधे लोगों के संपर्क में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करनी होती हैं। भारत में यह कोर्स नर्सिंग एजुकेशन के तय मानकों के अनुसार कराया जाता है और इसकी मान्यता इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की गाइडलाइंस पर आधारित होती है।

ANM कोर्स क्यों करें?

अगर आप हेल्थकेयर सेक्टर में जल्दी करियर शुरू करना चाहते हैं, तो ANM कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है। नीचे इसके कुछ प्रमुख कारण दिए गए हैं:

  • कम समय में करियर शुरू करने का अवसर: ANM एक 2 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स है, जिससे आप अपेक्षाकृत कम समय में हेल्थकेयर सेक्टर में एंट्री कर सकते हैं।
  • हेल्थ सेक्टर में लगातार मांग: मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में ANM की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार की जरूरत बनी रहती है।
  • सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में अवसर: कोर्स पूरा करने के बाद अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, क्लीनिक और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काम करने के अवसर मिल सकते हैं।
  • समाज सेवा से जुड़ा करियर: इस भूमिका में आप लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता देने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में योगदान दे सकते हैं।
  • आगे पढ़ाई और करियर ग्रोथ का विकल्प: ANM के बाद GNM या BSc Nursing जैसे कोर्स करके आप अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं।
  • प्रैक्टिकल स्किल्स सीखने का मौका: इस कोर्स में फील्डवर्क और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर जोर दिया जाता है, जिससे वास्तविक हेल्थकेयर सेटअप में काम करने की समझ विकसित होती है।

ANM कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

ANM कोर्स में प्रवेश लेने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता मानदंड पूरे करने होते हैं। इनमें मुख्य रूप से शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, प्रवेश प्रक्रिया और मेडिकल फिटनेस जैसे पहलू शामिल होते हैं। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों के नियमों के अनुसार इनमें थोड़ा अंतर हो सकता है।

  • शैक्षणिक पात्रता: ANM कोर्स के लिए आमतौर पर आपका किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना आवश्यक होता है। अधिकतर संस्थान आर्ट्स और साइंस दोनों स्ट्रीम के विद्यार्थियों को प्रवेश देते हैं, हालांकि बायोलॉजी विषय होने पर स्वास्थ्य संबंधी विषयों को समझना आसान हो जाता है। सामान्यतः प्रवेश के लिए लगभग 40–45% न्यूनतम अंक मांगे जाते हैं, लेकिन यह प्रतिशत कॉलेज या राज्य के नियमों के अनुसार बदल सकता है। बेहतर यही माना जाता है कि आप Indian Nursing Council (INC) या संबंधित स्टेट नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त संस्थान से ही यह कोर्स करें।
  • न्यूनतम आयु सीमा: ANM कोर्स में प्रवेश के लिए आपकी न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सामान्यतः 35 वर्ष तक रखी जाती है, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिल सकती है। कई संस्थानों में आयु की गणना एडमिशन वर्ष की 31 दिसंबर या संबंधित नोटिफिकेशन की तिथि के आधार पर की जाती है।
  • प्रवेश प्रक्रिया (एंट्रेंस / मेरिट): ANM कोर्स में प्रवेश का तरीका राज्य और संस्थान के अनुसार अलग हो सकता है। कई जगहों पर एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट से होता है। वहीं कुछ सरकारी या बड़े संस्थान नर्सिंग एंट्रेंस एग्जाम भी आयोजित करते हैं, जिसमें बेसिक साइंस और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं। चयन के बाद आमतौर पर काउंसलिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
  • मेडिकल फिटनेस मानदंड: क्योंकि ANM कोर्स में अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षण शामिल होता है, इसलिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी माना जाता है। प्रवेश के दौरान सामान्य मेडिकल जांच में दृष्टि, सामान्य स्वास्थ्य और संक्रामक रोगों की जांच की जा सकती है। साथ ही, इस क्षेत्र में काम करने के लिए फील्डवर्क और लंबे समय तक सक्रिय रूप से कार्य करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।

ANM कोर्स की अवधि और फीस स्ट्रक्चर

ANM कोर्स आमतौर पर 2 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है। इसमें पहले लगभग 18 महीने पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कराई जाती है, इसके बाद 6 महीने की इंटर्नशिप करनी होती है। इंटर्नशिप के दौरान आपको अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में काम करके असली काम का अनुभव मिलता है।

यह कोर्स आमतौर पर Indian Nursing Council (INC) के नियमों के अनुसार कराया जाता है, इसलिए एडमिशन लेते समय यह जरूर देख लें कि जिस कॉलेज में आप प्रवेश ले रहे हैं वह मान्यता प्राप्त हो।

फीस की बात करें तो यह कॉलेज के प्रकार पर निर्भर करती है। आमतौर पर सरकारी कॉलेजों में ANM कोर्स की कुल फीस लगभग INR 10,000 से INR 30,000 के बीच हो सकती है। वहीं निजी कॉलेजों में फीस लगभग INR 80,000 से INR 1.5 लाख तक हो सकती है।

एडमिशन लेने से पहले बेहतर होगा कि आप कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या एडमिशन नोटिस में दी गई फीस और अन्य शुल्क की जानकारी जरूर देख लें, ताकि आपको पूरे कोर्स के खर्च का सही अंदाजा हो सके।

ANM कोर्स का सिलेबस

ANM कोर्स का सिलेबस अलग-अलग कॉलेज या राज्य के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, लेकिन पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषय लगभग समान ही होते हैं। इसलिए एडमिशन लेने से पहले बेहतर होगा कि आप अपने चुने हुए कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सिलेबस जरूर देख लें। 

यहाँ इंडियन नर्सिंग कॉउंसिल की आधिकारिक गाइडलाइन्स के आधार पर सूर्या नर्सिंग एजुकेशनल कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट से ANM कोर्स का संक्षिप्त और सामान्य सिलेबस दिया गया है, जो ज्यादातर संस्थानों में पढ़ाया जाता है।

वर्षविषयमहत्वपूर्ण टॉपिक्सप्रैक्टिकल / फील्ड ट्रेनिंग
प्रथम वर्षकम्युनिटी हैल्थ नर्सिंग – Iभारत की प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली, सब-सेंटर और PHC की कार्यप्रणाली, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, सुरक्षित पानी, संक्रामक रोग नियंत्रण, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य शिक्षा के बेसिक सिद्धांतगांव सर्वे, घर-घर स्वास्थ्य डेटा संग्रह, स्वच्छता जागरूकता, PHC विजिट
हैल्थ प्रोमोशनस्वास्थ्य संवर्धन में पोषण, संतुलित आहार, एनीमिया रोकथाम, महिलाओं का स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छतापोषण आकलन, BMI मापन, आयरन-फोलिक वितरण, हेल्थ एजुकेशन सेशन
प्राइमरी हैल्थ केयर नर्सिंगप्राथमिक उपचार, बुखार, डायरिया, डिहाइड्रेशन, संक्रमण, सामान्य दवाओं का उपयोग, टीकाकरण शेड्यूल, ORS, बेसिक नर्सिंग केयरटीकाकरण सहायता, ORS तैयारी, बेसिक ड्रेसिंग, तापमान/ब्लड प्रेशर मापन
चाइल्ड हैल्थ नर्सिंगनवजात शिशु देखभाल, स्तनपान, टीकाकरण, कुपोषण पहचान, बाल विकास, IMNCI गाइडलाइन, सामान्य बचपन की बीमारियों की रोकथामनवजात देखभाल, वजन मापन, टीकाकरण सपोर्ट, आंगनवाड़ी विजिट
द्वितीय वर्षमिडवाइफरी (मैटरनल हैल्थ)गर्भावस्था देखभाल, ANC/PNC, सुरक्षित प्रसव, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पहचान, प्रसवोत्तर देखभाल, नवजात पुनर्जीवन, परिवार नियोजन और मातृ मृत्यु रोकथामडिलीवरी ऑब्जर्वेशन, ANC चेकअप, BP/हेमोग्लोबिन टेस्ट, TT वैक्सीनेशन
हैल्थ सेंटर मैनेजमेंटसब-सेंटर मैनेजमेंट, रिकॉर्ड मेंटेनेंस, रिपोर्टिंग, सरकारी स्वास्थ्य प्रोग्राम (NHM), दवा स्टॉक मैनेजमेंट, हेल्थ डेटा रिपोर्टिंगरजिस्टर मेंटेनेंस, रिपोर्ट बनाना, दवा वितरण, सब-सेंटर कार्य
कम्युनिटी हैल्थ नर्सिंग – IIराष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे TB, मलेरिया, कुष्ठ, टीकाकरण मिशन, NCD स्क्रीनिंग, महिला और बाल स्वास्थ्य योजनाओं का विस्तृत अध्ययनहेल्थ कैंप, TB/NCD स्क्रीनिंग, गांव स्वास्थ्य योजना
इंटर्नशिप / फील्ड ट्रेनिंग (6 माह)PHC, सब-सेंटर, ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान, मातृ-शिशु सेवाPHC पोस्टिंग, होम विजिट, डिलीवरी सहायता, कम्युनिटी हेल्थ प्रोग्राम

ANM कोर्स के लिए कॉलेज

यहाँ ANM कोर्स के लिए कॉलेज के नाम दिए गए हैं, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के कॉलेज के नाम शामिल हैं –

कॉलेज/संस्थान का नामस्थानकॉलेज का प्रकारआधिकारिक वेबसाइट
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC)नई दिल्लीसरकारीlhmc-hosp.gov.in
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)लखनऊ, उत्तर प्रदेशसरकारीkgmu.org
नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल, रिम्स (RIMS)रांची, झारखंडसरकारीrimsranchi.ac.in
राजकीय नर्सिंग कॉलेज (GCN)जयपुर, राजस्थानसरकारीrajswasthya.nic.in
अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंगहैदराबाद, तेलंगानाप्राइवेटapollonursingeducation.com
गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC)भोपाल, मध्य प्रदेशसरकारीgmcbhopal.net
नर्सिंग ट्रेनिंग स्कूल, IGIMSपटना, बिहारसरकारीigims.org
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC)वेल्लोर, तमिलनाडुप्राइवेटcmcvellore.ac.in
गुरु तेग बहादुर (GTB) हॉस्पिटल स्कूलशाहदरा, दिल्लीसरकारीdelhi.gov.in
शारदा यूनिवर्सिटी (S.N.S.R)ग्रेटर नोएडा, UPप्राइवेटsharda.ac.in

ANM कोर्स के बाद करियर स्कोप

ANM कोर्स करने के बाद आप सरकारी अस्पताल, उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Centre), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, NGO और प्राइवेट अस्पतालों में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पदों पर काम कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख करियर विकल्प दिए गए हैं:

करियर विकल्पकार्य क्षेत्र / भूमिकाकार्य का प्रकार
ANM (Auxiliary Nurse Midwife)उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रमातृ-शिशु देखभाल, टीकाकरण, प्रसव पूर्व व बाद देखभाल, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रमपोषण जागरूकता, स्वच्छता, परिवार नियोजन, टीकाकरण जागरूकता
कम्युनिटी हेल्थ वर्करगाँव / ब्लॉक स्तरस्वास्थ्य सर्वे, रोग रोकथाम, जन स्वास्थ्य जागरूकता
टीकाकरण कार्यकर्तासरकारी स्वास्थ्य अभियानबच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, रिकॉर्ड प्रबंधन
होम केयर नर्स / हेल्थ असिस्टेंटघर पर मरीज देखभालबुजुर्गों की देखभाल, बेसिक मेडिकल सहायता
NGO हेल्थ वर्करसामाजिक स्वास्थ्य संगठनमहिला स्वास्थ्य, पोषण, ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान
हेल्थ सुपरवाइजर (अनुभव के बाद)ब्लॉक / जिला स्वास्थ्य विभागस्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी, हेल्थ वर्करों का समन्वय

सरकारी नौकरी के अवसर

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और अन्य सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम लगातार काम कर रहे हैं। इसी वजह से गांवों और कस्बों में ANM (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) की जरूरत बनी रहती है। ANM के लिए सरकारी नौकरी के अवसर मुख्य रूप से राज्य स्वास्थ्य विभाग, उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में मिलते हैं।

कई राज्यों में ANM की भर्ती मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण कार्यक्रम और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय-समय पर निकाली जाती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कई पद संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर भी होते हैं, जिनमें शुरुआती वेतन आमतौर पर लगभग INR 15,000 से INR 25,000 प्रति माह (राज्य और योजना के अनुसार) हो सकता है।

ANM को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर माना जाता है, क्योंकि वे सीधे लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम करती हैं। इसलिए ANM कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी क्षेत्र में काम करने के अवसर काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

सरकारी ANM भर्ती आमतौर पर राज्य स्तरीय भर्ती बोर्ड या राज्य स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कराई जाती है। उदाहरण के लिए अलग-अलग राज्यों में यह प्रक्रिया UPSSSC, राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) या बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित की जा सकती है।

ANM कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प

ANM डिप्लोमा पूरा करने के बाद अगर आप अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उच्च शिक्षा लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे आपको बेहतर पद, ज्यादा जिम्मेदारी और अच्छी सैलरी के अवसर मिल सकते हैं।

सबसे सामान्य विकल्प GNM (General Nursing and Midwifery) है। यह लगभग 3 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है, जिसे करने के बाद आप स्टाफ नर्स जैसे पदों के लिए योग्य बन सकते हैं।

इसके बाद आप BSc Nursing में प्रवेश लेकर नर्सिंग के क्षेत्र में और आगे बढ़ सकते हैं। इस कोर्स के बाद अस्पतालों में क्लिनिकल, नर्सिंग प्रबंधन और सुपरवाइजरी भूमिकाओं में काम करने के अवसर बढ़ जाते हैं।

कुछ संस्थान और राज्य Post Basic BSc Nursing का विकल्प भी देते हैं, जो पहले से नर्सिंग क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए आगे की पढ़ाई का अवसर प्रदान करता है।

इसके अलावा अगर आप पब्लिक हेल्थ सेक्टर में काम करना चाहते हैं, तो कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) या अन्य हेल्थ वर्कर ट्रेनिंग प्रोग्राम भी आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं।

FAQs

एएनएम बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?

एएनएम बनने के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास करना होता है। इसके बाद आप 2 साल का ANM (Auxiliary Nurse Midwife) कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स में नर्सिंग की बेसिक जानकारी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की ट्रेनिंग दी जाती है।

क्या नॉन-मेडिकल स्टूडेंट एएनएम कर सकता है?

हाँ, आमतौर पर किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास छात्र ANM कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि अगर आपने बायोलॉजी या साइंस पढ़ी है, तो हेल्थ से जुड़े विषयों को समझना थोड़ा आसान हो सकता है। एडमिशन से पहले अपने राज्य नर्सिंग काउंसिल या कॉलेज की पात्रता शर्तें जरूर देख लें।

ANM में क्या-क्या पढ़ाया जाता है?

ANM कोर्स में गर्भावस्था देखभाल, नवजात शिशु देखभाल, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इसके साथ ही अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी कराई जाती है, ताकि आप वास्तविक परिस्थितियों में मरीजों की देखभाल करना सीख सकें।

क्या ANM करने के बाद पंजीकरण जरूरी है?

हाँ, ANM कोर्स पूरा करने के बाद आपको राज्य नर्सिंग परिषद (State Nursing Council) में पंजीकरण कराना होता है। पंजीकरण के बाद ही आप किसी अस्पताल या स्वास्थ्य संस्था में नर्सिंग से जुड़े पद पर काम कर सकते हैं।

एएनएम नर्सिंग के क्या फायदे हैं?

ANM कोर्स करने से आपको कम समय में हेल्थकेयर सेक्टर में करियर शुरू करने का मौका मिलता है। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने के अवसर, अपेक्षाकृत कम फीस में कोर्स और समाज सेवा से जुड़ा काम करने का अवसर भी मिलता है।

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हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको ANM कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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