CGPA आज की आधुनिक शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग है। CGPA का फुल फॉर्म क्यूमुलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज (Cumulative Grade Point Average) होता है जिसे हिंदी में संचयी ग्रेड प्वाइंट औसत भी कहते हैं। यह एक ऐसा शैक्षणिक मापदंड है जिसका उपयोग छात्रों के पूरे शैक्षणिक सत्र या कोर्स के समग्र प्रदर्शन को एक औसत ग्रेड पॉइंट के रूप में समझने के लिए किया जाता है।
इस प्रणाली का उपयोग स्कूल बोर्ड और यूनिवर्सिटी लेवल पर किया जाता है ताकि विषयों के अलग-अलग अंकों को सरल तरीके से तुलना योग्य बनाया जा सके। यदि आप CGPA के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है। इस लेख में आप जानेंगे कि CGPA क्या होता है, यह कैसे काम करता है, इसे कैसे निकालते हैं और इसका उपयोग क्यों किया जाता है।
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CGPA की संक्षिप्त जानकारी
| पैरामीटर | विवरण |
| CGPA का पूरा नाम | क्यूमुलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज (Cumulative Grade Point Average) |
| मूल अवधारणा | सभी विषयों और सेमेस्टर के ग्रेड पॉइंट का औसत निकालकर छात्र की कुल पढ़ाई का प्रदर्शन दिखाना |
| स्केल | भारत में आमतौर पर 0 से 10 के स्केल पर, विदेशों में 4.0 या 5.0 स्केल भी |
| उपयोग | स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी रिजल्ट, एडमिशन, स्कॉलरशिप और जॉब आवेदन में |
| मुख्य उद्देश्य | छात्र के पूरे कोर्स या पढ़ाई के दौरान के प्रदर्शन को एक नंबर में दिखाना |
| विदेश में महत्व | विदेशी यूनिवर्सिटी एडमिशन, स्कॉलरशिप और वीज़ा के लिए सीजीपीए महत्वपूर्ण होता है |
CGPA का फुल फॉर्म क्या है?
CGPA का फुल फॉर्म क्यूमुलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज (Cumulative Grade Point Average) है। इसे हिंदी में संचयी ग्रेड प्वाइंट औसत कहते हैं। इस नाम को तोड़कर समझें तो:
- क्यूमुलेटिव (Cumulative) यानी संचयी — सभी सेमेस्टर या विषयों को मिलाकर
- ग्रेड पॉइंट (Grade Point) — हर विषय में मिले अंकों का ग्रेड
- एवरेज (Average) यानी औसत — सभी ग्रेड पॉइंट का औसत
सरल शब्दों में कहें तो CGPA आपके पूरे कोर्स या पढ़ाई के दौरान मिले सभी ग्रेड पॉइंट का औसत होता है।
जैसे अगर आपने चार सेमेस्टर में 8.5, 9.0, 8.0 और 8.8 ग्रेड पॉइंट पाए तो आपका
CGPA होगा: (8.5 + 9.0 + 8.0 + 8.8) ÷ 4 = 8.58
CGPA का उपयोग क्यों किया जाता है?
CGPA का उपयोग आधुनिक शिक्षा प्रणाली में मूल्यांकन को अधिक सटीक और संतुलित बनाने के लिए किया जाता है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- सीजीपीए का उपयोग सभी विषयों के औसत प्रदर्शन को दर्शाने के लिए किया जाता है जिससे छात्रों की वास्तविक योग्यता का आकलन किया जा सकता है।
- अलग-अलग विषयों के अंकों को ग्रेड पॉइंट में समझकर रिजल्ट को आसान बनाया जा सकता है।
- पारंपरिक प्रतिशत प्रणाली में हर एक अंक का छात्रों के बीच भारी तनाव रहता है जबकि सीजीपीए में ग्रेडिंग अंतराल (जैसे 91-100 अंकों के लिए 10 पॉइंट्स) का उपयोग होता है।
- ग्रेडिंग सिस्टम छात्रों के बीच छोटे-छोटे अंक अंतर को कम महत्व देता है जिससे तुलना अधिक संतुलित होती है।
- सीजीपीए प्रणाली विश्व के कई देशों के समान होती है जिससे विदेश में पढ़ाई या आवेदन आसान होता है।
- कई कॉलेज और कंपनियाँ सीजीपीए के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग करती हैं क्योंकि यह एक स्टैंडर्डाइज़्ड परफॉर्मेंस इंडिकेटर देता है।
CGPA कैसे काम करता है?
CGPA निकालने के लिए सभी विषयों के ग्रेड पॉइंट को जोड़कर कुल विषयों की संख्या से भाग दिया जाता है जिससे औसत ग्रेड पॉइंट मिल जाता है।
सीबीएसई स्कूल स्तर पर ग्रेड और ग्रेड पॉइंट
यह प्रणाली कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए उपयोग की जाती है। इसमें अंकों के आधार पर ग्रेड या पॉइंट्स को निर्धारित किया जाता है।
| अंकों का दायरा | ग्रेड | ग्रेड पॉइंट | विवरण |
| 91 से 100 | A1 | 10 | सर्वोत्तम (टॉप) |
| 81 से 90 | A2 | 9 | बहुत अच्छा |
| 71 से 80 | B1 | 8 | अच्छा |
| 61 से 70 | B2 | 7 | औसत से ऊपर |
| 51 से 60 | C1 | 6 | औसत |
| 41 से 50 | C2 | 5 | औसत से कम |
| 33 से 40 | D | 4 | केवल उत्तीर्ण |
| 21 से 32 | E1 | — | सुधार की आवश्यकता |
| 0 से 20 | E2 | — | अनुत्तीर्ण |
विश्वविद्यालय स्तर पर ग्रेड और ग्रेड पॉइंट
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) के तहत 10-पॉइंट ग्रेडिंग का पालन किया जाता है।
| ग्रेड | ग्रेड पॉइंट | विवरण |
| O | 10 | असाधारण |
| A+ | 9 | उत्कृष्ट |
| A | 8 | बहुत अच्छा |
| B+ | 7 | अच्छा |
| B | 6 | औसत से ऊपर |
| C | 5 | औसत |
| P | 4 | उत्तीर्ण |
| F | 0 | अनुत्तीर्ण |
CGPA कैसे निकालते हैं?
सीजीपीए निकालने का तरीका आपके शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय के नियमों पर निर्भर करता है। यहाँ स्कूल लेवल और यूनिवर्सिटी लेवल पर सीजीपीए निकालने के तरीके बताए गए हैं।
स्कूल स्तर पर CGPA कैसे निकालते हैं?
स्कूल स्तर पर CGPA निकालने के लिए छात्र के सभी मुख्य विषयों (जैसे गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और एक भाषा विषय) के ग्रेड पॉइंट को जोड़ा जाता है और फिर कुल विषयों की संख्या से भाग किया जाता है।
सीजीपीए = सभी विषयों में प्राप्त ग्रेड अंकों का योग ÷ विषयों की संख्या
उदाहरण के लिए यदि किसी छात्र के पाँच विषयों के ग्रेड पॉइंट 9, 8, 10, 9 और 8 हैं तो इनका कुल 44 होगा।
CGPA = 44 ÷ 5 = 8.8
यूनिवर्सिटी स्तर पर सीजीपीए कैसे निकालते हैं?
यूनिवर्सिटी स्तर पर सीजीपीए निकालने का तरीका सीबीएसई से काफी अलग और थोड़ा अधिक तकनीकी होता है। यहाँ केवल ग्रेड पॉइंट का एवरेज नहीं लिया जाता बल्कि क्रेडिट सिस्टम का उपयोग किया जाता है जिसे आमतौर पर CBCS (चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) कहा जाता है। यह प्रणाली भारत में यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) द्वारा लागू की गई है।
इस सिस्टम में हर विषय के लिए एक निश्चित क्रेडिट तय होता है जो उस विषय की अहमियत और पढ़ाई के घंटे पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए एक मुख्य विषय के 4 या 5 क्रेडिट्स हो सकते हैं जबकि एक वैकल्पिक विषय के 2 या 3 क्रेडिट्स हो सकते हैं।
सीजीपीए = (सभी विषयों के ग्रेड पॉइंट × क्रेडिट का कुल योग) ÷ कुल क्रेडिट
उदाहरण: किसी छात्र के तीन विषय हैं। पहले विषय में 4 क्रेडिट और 8 ग्रेड पॉइंट, दूसरे में 3 क्रेडिट और 9 ग्रेड पॉइंट और तीसरे में 3 क्रेडिट और 7 ग्रेड पॉइंट हैं।
(4 × 8) + (3 × 9) + (3 × 7) = 32 + 27 + 21 = 80
कुल क्रेडिट = 4 + 3 + 3 = 10
CGPA = 80 ÷ 10 = 8.0
इस प्रकार यूनिवर्सिटी में सीजीपीए केवल औसत नहीं होता बल्कि यह विषय के महत्व (क्रेडिट वेटेज) को भी ध्यान में रखता है जिससे यह अधिक सटीक प्रदर्शन दिखाता है।
SGPA से CGPA कैसे निकालें?
SGPA (सेमेस्टर ग्रेड पॉइंट एवरेज) एक सेमेस्टर का ग्रेड पॉइंट होता है जबकि CGPA सभी सेमेस्टर का कुल औसत होता है। यूनिवर्सिटी में SGPA से CGPA निकालने का तरीका सरल है।
सीजीपीए = सभी सेमेस्टर के एसजीपीए का कुल योग ÷ सेमेस्टर की संख्या
उदाहरण: यदि किसी छात्र के 4 सेमेस्टर के एसजीपीए 8.5, 9.0, 8.0 और 8.8 हैं तो:
CGPA = (8.5 + 9.0 + 8.0 + 8.8) ÷ 4 = 34.3 ÷ 4 = 8.58
SGPA और CGPA में क्या फ़र्क है?
| पैरामीटर | SGPA | CGPA |
| पूरा नाम | सेमेस्टर ग्रेड पॉइंट एवरेज | क्यूमुलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज |
| परिभाषा | किसी एक सेमेस्टर में प्राप्त अंकों का औसत | पूरे कोर्स (सभी सेमेस्टर) के अंकों का औसत |
| स्कोप | शॉर्ट-टर्म प्रदर्शन दिखाता है | लॉन्ग-टर्म/ओवरऑल प्रदर्शन दिखाता है |
| गणना का आधार | एक सेमेस्टर के सभी विषयों के ग्रेड पॉइंट का औसत | सभी सेमेस्टर के एसजीपीए/जीपीए का कुल औसत |
| उपयोग | सेमेस्टर रिजल्ट, शॉर्ट-टर्म परफॉर्मेंस | फाइनल डिग्री, प्लेसमेंट, हायर एजुकेशन |
| फ्रीक्वेंसी | हर सेमेस्टर के बाद बदलता है | कोर्स पूरा होने तक धीरे-धीरे अपडेट होता है |
नंबर से CGPA कैसे निकालें? (प्रतिशत से CGPA)
अगर आपके पास अंक (मार्क्स) या प्रतिशत हैं और आप उन्हें CGPA में बदलना चाहते हैं तो इसके लिए एक सरल फॉर्मूला उपयोग किया जाता है।
स्कूल स्तर पर प्रतिशत से CGPA कैसे निकालें?
CGPA = प्रतिशत ÷ 9.5
उदाहरण: अगर आपका प्रतिशत 76% है तो सीजीपीए = 76 ÷ 9.5 = 8.0
यूनिवर्सिटी स्तर पर प्रतिशत से CGPA कैसे निकालें?
CGPA = (प्रतिशत ÷ 10) + 0.75
उदाहरण: अगर आपका प्रतिशत 72.5% है तो सीजीपीए = (72.5 ÷ 10) + 0.75 = 7.25 + 0.75 = 8.0
नोट: अलग–अलग बोर्ड और यूनिवर्सिटी का अपना अलग कन्वर्जन फॉर्मूला हो सकता है। सरकारी फॉर्म या एडमिशन के लिए हमेशा अपने संस्थान की आधिकारिक गाइडलाइन चेक करें।
CGPA से पर्सेंटेज कैसे निकालें?
सीजीपीए से पर्सेंटेज निकालने का सही तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि स्कूल बोर्ड या यूनिवर्सिटी कौन-सा आधिकारिक कन्वर्जन फॉर्मूला लागू करता है।
स्कूल स्तर पर CGPA से पर्सेंटेज
पर्सेंटेज = CGPA × 9.5
उदाहरण: यदि आपकी सीजीपीए 8.0 है तो पर्सेंटेज = 8.0 × 9.5 = 76%
यूनिवर्सिटी स्तर पर CGPA से पर्सेंटेज
पर्सेंटेज = (सीजीपीए − 0.75) × 10
उदाहरण: यदि आपकी सीजीपीए 8.0 है तो पर्सेंटेज = (8.0 − 0.75) × 10 = 72.5%
नोट: यह फॉर्मूला CBSE द्वारा आधिकारिक रूप से अनुशंसित है और अधिकतर भारतीय संस्थानों में उपयोग होता है। जॉब एप्लिकेशन, वीज़ा या विदेशी यूनिवर्सिटी के लिए हमेशा एक ही कन्वर्जन फॉर्मूला सभी जगह उपयोग करें।
GPA और CGPA के बीच अंतर
यहाँ जीपीए और CGPA के बीच अंतर को समझाया गया है जिससे आप इन दोनों ग्रेडिंग सिस्टम के बारे में अच्छे से जान सकेंगे:
| पैरामीटर | GPA | CGPA |
| पूरा नाम | ग्रेड पॉइंट एवरेज | क्यूमुलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज |
| परिभाषा | किसी एक सेमेस्टर या टर्म में प्राप्त अंकों का औसत | पूरे कोर्स (सभी सेमेस्टर) के अंकों का औसत |
| स्कोप | शॉर्ट-टर्म प्रदर्शन दिखाता है | लॉन्ग-टर्म/ओवरऑल प्रदर्शन दिखाता है |
| गणना का आधार | एक सेमेस्टर के सभी विषयों के ग्रेड पॉइंट का औसत | सभी सेमेस्टर के ग्रेड पॉइंट और क्रेडिट का वेटेड एवरेज |
| उपयोग | सेमेस्टर रिजल्ट, इंटर्नल असेसमेंट, शॉर्ट-टर्म परफॉर्मेंस | फाइनल डिग्री, प्लेसमेंट, हायर एजुकेशन |
| स्केल | अक्सर 4.0 स्केल (विदेश), कभी 10 पॉइंट (भारत) | भारत में मुख्यतः 10 पॉइंट स्केल |
| महत्व | यह दिखाता है कि आपने किसी एक सेमेस्टर में कैसा प्रदर्शन किया | यह आपकी पूरी अकादमिक यात्रा की परफॉर्मेंस बताता है |
FAQs
CGPA का पूरा नाम क्यूमुलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज होता है। यह किसी छात्र के पूरे कोर्स या एक निश्चित अवधि (जैसे 10वीं या 12वीं) के सभी विषयों के औसत ग्रेड पॉइंट को दर्शाता है।
सीबीएसई के आधिकारिक फॉर्मूले के अनुसार 1 CGPA = 9.5 प्रतिशत के बराबर होता है। इसलिए यदि आपकी CGPA 1 है तो प्रतिशत = 1 × 9.5 = 9.5% होगा।
SSC (सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट) या 10वीं की मार्कशीट में सीजीपीए आपके पाँच मुख्य विषयों के ग्रेड पॉइंट का औसत होता है। यह 0 से 10 के स्केल पर होता है।
CGPA निकालने के लिए सभी विषयों के ग्रेड पॉइंट को जोड़कर विषयों की संख्या से भाग दें। फॉर्मूला: सीजीपीए = सभी विषयों के ग्रेड पॉइंट का योग ÷ विषयों की संख्या।
सीबीएसई फॉर्मूले के अनुसार: CGPA = 60 ÷ 9.5 = लगभग 6.3 सीजीपीए होगा।
75 प्रतिशत को CGPA में बदलने के लिए: सीजीपीए = 75 ÷ 9.5 = लगभग 7.9 सीजीपीए होता है।
70 प्रतिशत को CGPA में बदलने के लिए: सीजीपीए = 70 ÷ 9.5 = लगभग 7.4 सीजीपीए होता है।
8.2 CGPA का मतलब है कि आपने सभी विषयों में औसतन बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। प्रतिशत में बदलने पर: 8.2 × 9.5 = 77.9% होता है।
एक अच्छा सीजीपीए कोर्स और संस्थान के अनुसार बदल सकता है। हालाँकि आमतौर पर 7.5 से 8.5 सीजीपीए को अच्छा माना जाता है और 9.0 से ऊपर का स्कोर टॉप कैटेगरी में आता है।
आशा है कि इस लेख के माध्यम से आपको CGPA के बारे में सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य करियर गाइड के ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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