12वीं के बाद MBA कैसे करें? इंटीग्रेटेड MBA की पूरी जानकारी

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12th ke baad mba kaise kare

अगर सवाल यह है कि 12वीं के बाद MBA कैसे करें, तो इसका प्रैक्टिकल और वैलिड रास्ता इंटीग्रेटेड MBA होता है। यह विकल्प उन छात्रों के लिए होता है जो शुरुआत से ही मैनेजमेंट की पढ़ाई करना चाहते हैं और समय की बचत के साथ एक मजबूत आधार बनाना चाहते हैं। इस लेख में आपको इंटीग्रेटेड MBA से जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी, जैसे – एलिजिबिलिटी, एडमिशन प्रोसेस, प्रवेश परीक्षाएं, सिलेबस, फीस, करियर स्कोप और यह कोर्स किन छात्रों के लिए सही विकल्प हो सकता है।

क्या 12वीं के बाद MBA किया जा सकता है?

स्पष्ट रूप से समझें तो रेगुलर MBA 12वीं के बाद नहीं किया जाता, क्योंकि यह एक पोस्टग्रेजुएट लेवल का कोर्स है और इसके लिए पहले ग्रेजुएशन पूरा करना जरूरी होता है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि 12वीं के बाद मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू नहीं की जा सकती। इसी जरूरत को ध्यान में रखकर इंटीग्रेटेड MBA को डिज़ाइन किया गया है। इस प्रोग्राम में छात्र पहले अंडरग्रेजुएट लेवल की मैनेजमेंट पढ़ाई करते हैं और उसी कोर्स के भीतर MBA लेवल तक आगे बढ़ते हैं।

आमतौर पर यह कोर्स 5 साल का होता है और इसे BBA + MBA या IPM (Integrated Programme in Management) जैसे नामों से जाना जाता है। यही कारण है कि 12वीं के बाद मैनेजमेंट में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए यह सबसे प्रैक्टिकल, वैलिड और स्ट्रक्चर्ड रास्ता माना जाता है।

इंटीग्रेटेड MBA क्या होता है?

इंटीग्रेटेड MBA एक 5 वर्षीय प्रोफेशनल डिग्री प्रोग्राम होता है, जिसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। आसान भाषा में समझें तो यह ग्रेजुएशन और MBA को एक ही कोर्स में जोड़ देता है। इसे अक्सर BBA + MBA या IPM (इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) भी कहा जाता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि छात्र 12वीं के बाद सीधे MBA पढ़ने लगता है, बल्कि इसमें पहले 3–4 वर्षों में अंडरग्रेजुएट स्तर की मैनेजमेंट पढ़ाई होती है और अंतिम 1–2 वर्षों में MBA स्तर के कोर सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते हैं। कुछ कॉलेज 5-वर्षीय निरंतर मॉडल अपनाते हैं, जबकि कुछ संस्थानों में 4+1 मॉडल होता है। यह कोर्स संस्थान के अनुसार UGC/AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त होता है और पूरी की गई डिग्री वैध मानी जाती है।

इंटीग्रेटेड MBA और रेगुलर MBA में अंतर

नीचे दी गई तालिका में इंटीग्रेटेड MBA और रेगुलर MBA के बीच मुख्य अंतर को व्यावहारिक तरीके से समझाया गया है। यह तुलना सिर्फ नाम के आधार पर नहीं, बल्कि पढ़ाई के स्तर और करियर के अवसर को ध्यान में रखकर की गई है।

तुलना का आधारइंटीग्रेटेड MBA (IPM – 5 साल)रेगुलर MBA (2 साल)
प्रवेश का समयकक्षा 12वीं के तुरंत बादग्रेजुएशन के बाद
प्रमुख प्रवेश परीक्षाIPMAT (IIM Indore/Rohtak), JIPMATCAT, XAT, GMAT, SNAP
कोर्स की अवधि5 वर्ष (3 साल UG + 2 साल PG)2 वर्ष
वर्क एक्सपीरियंसअनिवार्य नहीं (फ्रेशर्स के लिए डिजाइन)2-4 साल का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता
करियर की दिशाछात्र की नींव शुरू से ही मैनेजमेंट में मजबूत होती है।छात्र के पास इंजीनियरिंग, कॉमर्स या आर्ट्स का विविध आधार होता है।
बाहर निकलने का विकल्पकई IIM अब 3 साल बाद ‘Exit Option’ (BBA डिग्री) देते हैं।कोई एग्जिट विकल्प नहीं (डिग्री 2 साल बाद ही मिलती है)
प्लेसमेंट ट्रेंड (सामान्य पैटर्न)मुख्य रूप से कंसल्टिंग और मार्केटिंग में एंट्री-लेवल रोल्समिड-सीनियर मैनेजमेंट और स्पेशलाइज्ड रोल्स

12वीं के बाद इंटीग्रेटेड MBA करने के लिए योग्यता

इंटीग्रेटेड MBA एक ऐसा कोर्स है जिसमें 12वीं के बाद सीधे प्रवेश मिलता है, लेकिन इसके लिए कुछ बुनियादी योग्यता शर्तें पूरी करना जरूरी होता है। नीचे इससे जुड़े सभी अहम पहलुओं को आसान भाषा में समझाया गया है।

न्यूनतम अंक (कैटेगरी-वाइज रेंज)

  • सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए अधिकतर अच्छे संस्थानों में 12वीं में लगभग 60% अंक मांगे जाते हैं।
  • आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC) के छात्रों के लिए यह सीमा आमतौर पर 55% के आसपास रखी जाती है।
  • कुछ निजी संस्थानों में न्यूनतम अंक की शर्त थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन प्रतिष्ठित संस्थान अंकों को गंभीरता से देखते हैं।
  • केवल न्यूनतम अंक लाना ही पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि अंतिम चयन में प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू की भूमिका अहम होती है।

नोट: हर संस्थान का अंक मानदंड अलग हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।

एलिजिबल स्ट्रीम्स

इंटीग्रेटेड MBA किसी एक स्ट्रीम तक सीमित नहीं है। चयन मुख्य रूप से उम्मीदवार की सोचने की क्षमता, समझ और प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर निर्भर करता है।

  • आर्ट्स स्ट्रीम: भाषा, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और सामान्य ज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह कोर्स उपयुक्त हो सकता है।
  • कॉमर्स स्ट्रीम: अकाउंटिंग, बिजनेस और अर्थशास्त्र की वजह से पढ़ाई में शुरुआती समझ बनाने में थोड़ा फायदा मिल सकता है।
  • साइंस स्ट्रीम: गणित और तर्कशक्ति मजबूत होने के कारण प्रवेश परीक्षा में मदद मिल सकती है।

आयु सीमा (अगर लागू हो)

  • अधिकतर प्रमुख संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा लगभग 20 से 22 वर्ष रखी जाती है।
  • आरक्षित वर्ग के छात्रों को आयु में छूट मिल सकती है।
  • कुछ निजी विश्वविद्यालयों में आयु सीमा को लेकर नियम अपेक्षाकृत फ्लेक्सिबल होते हैं।

नोट: आयु सीमा संस्थान के अनुसार बदल सकती है। इसका कोई एक निश्चित मानक सभी कॉलेजों पर लागू नहीं होता।

इंटीग्रेटेड MBA में एडमिशन कैसे मिलता है?

इंटीग्रेटेड MBA में एडमिशन का तरीका हर यूनिवर्सिटी में थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन आमतौर पर इसके तीन मुख्य रास्ते होते हैं – मेरिट-बेस्ड एडमिशन, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में डायरेक्ट या इंस्टीट्यूशन-लेवल एडमिशन, और एंट्रेंस एग्ज़ाम के ज़रिए एडमिशन। कई छात्र यह मान लेते हैं कि हर कॉलेज में एक ही एडमिशन प्रोसेस लागू होता है, जबकि वास्तविकता में नियम संस्थान के अनुसार बदलते रहते हैं। इसलिए सही कॉलेज चुनने से पहले यह समझना जरूरी होता है कि वहां कौन-सा एडमिशन तरीका अपनाया जाता है।

कुछ यूनिवर्सिटीज़ में मेरिट-बेस्ड एडमिशन का विकल्प दिया जाता है, जहां चयन मुख्य रूप से 12वीं के अंकों के आधार पर किया जाता है। ऐसे मामलों में बोर्ड के मार्क्स, सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन और कभी-कभी पर्सनल इंटरैक्शन को ध्यान में रखा जाता है। यह तरीका सीमित संस्थानों में ही उपलब्ध होता है और सीटों की संख्या भी कम रहती है।

वहीं कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में इंटीग्रेटेड MBA का एडमिशन प्रोसेस अपेक्षाकृत फ्लेक्सिबल होता है। कुछ संस्थान अपनी छोटी-सी एंट्रेंस टेस्ट या ऑनलाइन एसेसमेंट लेते हैं, जबकि कुछ 12वीं के मार्क्स और इंटरव्यू के आधार पर चयन करते हैं। इस रास्ते से छात्रों को सीट जल्दी मिल सकती है, लेकिन एडमिशन लेने से पहले यूनिवर्सिटी की रिकग्निशन, फैकल्टी क्वालिटी और प्लेसमेंट रिकॉर्ड की जांच करना बहुत जरूरी होता है।

अधिकांश प्रतिष्ठित सरकारी और केंद्रीय संस्थान इंटीग्रेटेड MBA में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्ज़ाम आयोजित करते हैं। इन परीक्षाओं में आमतौर पर क्वांटिटेटिव एबिलिटी, वर्बल एबिलिटी और लॉजिकल रीजनिंग को परखा जाता है। परीक्षा का लेवल सामान्यतः 12वीं कक्षा के आसपास होता है और कई संस्थानों में इसके बाद इंटरव्यू या राइटिंग एसेसमेंट भी शामिल होता है। नीचे इंटीग्रेटेड MBA के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की जानकारी दी गई है।

प्रवेश परीक्षामुख्य संस्थानपरीक्षा की तिथि (2026)आवेदन की अंतिम तिथि
IPMAT IndoreIIM इंदौर, IIM रांची, IIFT4 मई 2026 (सोमवार)14 मार्च 2026
IPMAT RohtakIIM रोहतक10 मई 2026 (रविवार)6 अप्रैल 2026
JIPMATIIM बोधगया, IIM जम्मू26 अप्रैल 2026 (संभावित)मार्च 2026
CUET-UGIIM रांची (SAT/IPMAT के साथ), BHU, जामिया11 मई – 31 मई 202630 जनवरी 2026
NPATNMIMS (मुंबई, बेंगलुरु, आदि)जनवरी – मई 2026 (विंडो आधारित)मई 2026
SET (BBA/MBA)सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी10 मई 2026 (संभावित)अप्रैल 2026

नोट: परीक्षा तिथियाँ और आवेदन की अंतिम तिथि संबंधित परीक्षा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित की जाती हैं। किसी भी बदलाव की स्थिति में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अधिसूचना को अंतिम और मान्य माना जाना चाहिए।

भारत के प्रमुख इंटीग्रेटेड MBA कॉलेज

भारत में इंटीग्रेटेड MBA की पढ़ाई हर संस्थान में एक जैसी नहीं होती। कुछ संस्थान इस क्षेत्र में लंबे समय से भरोसेमंद माने जाते हैं, जबकि कई नए नाम सिर्फ कोर्स के नाम पर छात्रों को आकर्षित करते हैं। नीचे दी गई सूची में केवल वही कॉलेज शामिल किए गए हैं, जिनके कोर्स, डिग्री और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों में स्पष्टता देखी गई है।

संस्थान का नामसंस्थान का प्रकारप्रोग्राम का नामप्रवेश का तरीका
IIM इंदौरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटपाँच वर्षीय मैनेजमेंट प्रोग्राम (IPM)प्रवेश परीक्षा + इंटरव्यू
IIM रोहतकनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटइंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्रामप्रवेश परीक्षा + इंटरव्यू
IIM रांचीनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटइंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्रामप्रवेश परीक्षा
IIM जम्मूनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटइंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्रामराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा
IIM बोधगयानेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंटइंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्रामराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU)सेंट्रल यूनिवर्सिटीप्रबंधन आधारित संयुक्त कोर्सयूनिवर्सिटी प्रवेश प्रक्रिया
दिल्ली यूनिवर्सिटी (चयनित कॉलेज)सेंट्रल यूनिवर्सिटीप्रबंधन से जुड़ा संयुक्त पाठ्यक्रमसाझा यूनिवर्सिटी परीक्षा
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटीसेंट्रल यूनिवर्सिटीप्रबंधन केंद्रित संयुक्त कार्यक्रमयूनिवर्सिटी स्तर की परीक्षा
एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटीप्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयबीबीए + एमबीए संयुक्त कोर्सयूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा
निर्मा यूनिवर्सिटीप्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयइंटीग्रेटेड मैनेजमेंट कोर्सप्रवेश परीक्षा
क्राइस्ट यूनिवर्सिटीप्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयसंयुक्त प्रबंधन पाठ्यक्रमप्रवेश परीक्षा + इंटरव्यू

इंटीग्रेटेड MBA का सिलेबस और कोर्स स्ट्रक्चर

इंटीग्रेटेड MBA आमतौर पर 5 साल का कोर्स होता है, जिसे दो मुख्य चरणों में बांटा जाता है। पहले चरण में छात्रों को मैनेजमेंट की बेसिक फाउंडेशन दी जाती है, जबकि दूसरे चरण में MBA लेवल की एडवांस स्टडी कराई जाती है। नीचे इसका सिलेबस और कोर्स स्ट्रक्चर सरल तरीके से समझाया गया है।

चरणपढ़ाई का स्तरप्रमुख विषय और एक्टिविटीज
पहला चरण (पहले 3 साल)अंडरग्रेजुएट लेवल की फाउंडेशन स्टडीमैनेजमेंट बेसिक्स, इकोनॉमिक्स, अकाउंटिंग, बिजनेस स्टडीज़, मैथेमैटिक्स, डेटा इंटरप्रिटेशन, कम्युनिकेशन स्किल्स, ऑर्गनाइज़ेशनल बिहेवियर, कंप्यूटर बेसिक्स
दूसरा चरण (अंतिम 2 साल)MBA लेवल की एडवांस पढ़ाईमार्केटिंग मैनेजमेंट, फाइनेंस मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, ऑपरेशंस मैनेजमेंट, स्ट्रेटेजिक प्लानिंग, एंटरप्रेन्योरशिप, बिजनेस लॉ, प्रोजेक्ट वर्क
पूरा कोर्स स्ट्रक्चरबैचलर्स + मास्टर्स इंटीग्रेटेडक्लासरूम टीचिंग, ग्रुप डिस्कशन, प्रैक्टिकल वर्क, समर ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और फाइनल प्रोजेक्ट

इंटीग्रेटेड MBA की फीस

इंटीग्रेटेड MBA की फीस हर संस्थान में एक जैसी नहीं होती। यह इस बात पर निर्भर करती है कि कोर्स सरकारी/सार्वजनिक संस्थान से किया जा रहा है या प्राइवेट/ऑटोनॉमस यूनिवर्सिटी से। इसके अलावा संस्थान की रैंकिंग, सुविधाएँ और प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी फीस को प्रभावित करते हैं। फीस संस्थान और वर्ष के अनुसार बदल सकती है।

तुलना का आधारसरकारी / सार्वजनिक संस्थान (जैसे IIM)प्राइवेट / ऑटोनोमस इंस्टीट्यूशंस
कुल फीस (अनुमानित)लगभग 25 लाख से 40 लाख रुपये (पूरे 5 साल की)लगभग 6 लाख से 20 लाख रुपये (पूरे 5 साल की)
फीस संरचनाफीस हर साल बढ़ती है, खासकर अंतिम 2 वर्षों मेंकई संस्थानों में सालाना फीस लगभग समान रहती है।
फीस में क्या शामिल होता है?पढ़ाई, हॉस्टल, लाइब्रेरी, शैक्षणिक सुविधाएँपढ़ाई और कुछ बुनियादी सुविधाएँ, हॉस्टल अलग से हो सकता है।
प्लेसमेंट का असरफीस ज्यादा, लेकिन अच्छे प्लेसमेंट की संभावनाफीस कम, लेकिन प्लेसमेंट संस्थान पर निर्भर करता है।

नोट: ऊपर दी गई फीस रेंज एक सामान्य आइडिया देने के लिए है। वास्तविक फीस संस्थान, बैच और वर्ष के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए एडमिशन से पहले ऑफिशियल वेबसाइट से पुष्टि करना जरूरी होता है।

इंटीग्रेटेड MBA के बाद करियर स्कोप

इंटीग्रेटेड MBA करने के बाद छात्रों के सामने केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि अलग-अलग सेक्टर में करियर बनाने और आगे की पढ़ाई के विकल्प भी खुलते हैं। हालांकि यह समझना जरूरी है कि रोल और पैकेज संस्थान, छात्र की स्किल्स और प्लेसमेंट परफॉर्मेंस पर निर्भर करते हैं। इंटीग्रेटेड MBA में प्लेसमेंट का स्तर काफी हद तक कॉलेज की गुणवत्ता और इंडस्ट्री कनेक्शन पर आधारित होता है।

सेक्टरसंभावित जॉब प्रोफाइल
मैनेजमेंट कंसल्टिंगएसोसिएट कंसल्टेंट, बिजनेस एनालिस्ट
फिनटेक और बैंकिंगइन्वेस्टमेंट बैंकिंग एसोसिएट, रिस्क एनालिस्ट, रिलेशनशिप मैनेजर
ई-कॉमर्स और रिटेलकैटेगरी मैनेजर, सप्लाई चेन स्पेशलिस्ट, ऑपरेशंस मैनेजर
आईटी और टेक फर्म्सप्रोडक्ट मैनेजर (PM), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रोल्स
मार्केटिंग और ब्रांडिंगडिजिटल मार्केटिंग मैनेजर, ब्रांड स्ट्रेटेजिस्ट, मार्केट रिसर्च एनालिस्ट
स्टार्टअप्स (यूनिकॉर्न्स सहित)फाउंडर्स ऑफिस, ग्रोथ और बिजनेस डेवलपमेंट रोल्स

हायर स्टडीज़ के विकल्प

इंटीग्रेटेड MBA के बाद छात्र आगे पीएचडी, रिसर्च प्रोग्राम या विदेश में मैनेजमेंट से जुड़े विशेष कोर्स भी चुन सकते हैं। कुछ छात्र वर्क एक्सपीरियंस लेने के बाद अलग डोमेन में स्पेशलाइजेशन के लिए पढ़ाई जारी रखते हैं। यह रास्ता खास तौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी होता है जो अकादमिक या विशेषज्ञ करियर की ओर जाना चाहते हैं।

इंटीग्रेटेड MBA किन छात्रों के लिए सही विकल्प है?

इंटीग्रेटेड MBA हर छात्र के लिए नहीं होता। यह कोर्स तभी फायदेमंद साबित होता है, जब छात्र अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर शुरू से ही थोड़ा साफ सोच रखते हों। नीचे ऐसे छात्रों की प्रोफाइल दी गई है, जिनके लिए यह कोर्स वास्तव में सही विकल्प बन सकता है।

  1. जिन छात्रों का MBA करने का लक्ष्य पहले से साफ है: कुछ छात्रों को स्कूल के समय ही यह समझ आ जाती है कि उन्हें भविष्य में प्रबंधन, कंपनियों के कामकाज या बिज़नेस से जुड़ा करियर बनाना है। ऐसे छात्रों के लिए इंटीग्रेटेड MBA अच्छा विकल्प होता है, क्योंकि उन्हें अलग-अलग डिग्री और प्रवेश परीक्षाओं के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ता।
  2. जो छात्र जल्दी करियर की योजना बनाना चाहते हैं: इंटीग्रेटेड MBA उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने करियर की दिशा जल्दी तय करना चाहते हैं। इस कोर्स में छात्र कम उम्र से ही प्रबंधन से जुड़े विषय पढ़ना शुरू कर देते हैं, जिससे उन्हें समय के साथ समझ और अनुभव दोनों मिलता है।
  3. जो समय की बचत पर ध्यान देते हैं: जो छात्र बार-बार प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी नहीं करना चाहते और एक ही रास्ते से अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स उपयोगी हो सकता है। स्नातक के बाद दोबारा MBA की तैयारी करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय और मानसिक दबाव दोनों की बचत होती है।

FAQs

12वीं के बाद MBA कर सकते हैं या नहीं?

सीधे तौर पर 12वीं के बाद एमबीए नहीं किया जा सकता, क्योंकि एमबीए स्नातक के बाद की पढ़ाई होती है। लेकिन 12वीं के बाद इंटीग्रेटेड एमबीए किया जा सकता है, जिसमें पहले सामान्य प्रबंधन की पढ़ाई और बाद में एमबीए स्तर की पढ़ाई शामिल होती है। यह पूरा कोर्स आमतौर पर पाँच साल का होता है।

इंटीग्रेटेड MBA और नॉर्मल MBA में क्या अंतर है?

इंटीग्रेटेड एमबीए में प्रवेश 12वीं के बाद होता है और पढ़ाई लगातार पाँच साल चलती है। वहीं नॉर्मल एमबीए करने के लिए पहले स्नातक करना जरूरी होता है और फिर दो साल का एमबीए किया जाता है। इंटीग्रेटेड एमबीए जल्दी करियर शुरू करने का मौका देता है, जबकि नॉर्मल एमबीए में लचीलापन ज्यादा होता है।

क्या साइंस और आर्ट्स के छात्र MBA कर सकते हैं?

हाँ, साइंस और आर्ट्स दोनों ही विषयों के छात्र एमबीए या इंटीग्रेटेड एमबीए कर सकते हैं। अधिकतर संस्थान विषय की बजाय छात्र की समझ, सोचने की क्षमता और प्रवेश परीक्षा के अंक देखते हैं। कुछ जगह गणित होना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन यह हर जगह जरूरी नहीं है।

क्या इंटीग्रेटेड MBA के बाद CAT देना पड़ता है?

नहीं, इंटीग्रेटेड एमबीए करने के बाद अलग से कैट जैसी परीक्षा देने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि उसी कोर्स में एमबीए की पढ़ाई शामिल रहती है। हालांकि अगर छात्र बाद में किसी दूसरे संस्थान से दोबारा एमबीए करना चाहता है, तो ऐसी परीक्षा देनी पड़ सकती है।

क्या इंटीग्रेटेड MBA बीच में छोड़ा जा सकता है?

हाँ, कुछ संस्थानों में इंटीग्रेटेड MBA बीच में छोड़ा जा सकता है, लेकिन यह सुविधा हर कॉलेज में उपलब्ध नहीं होती। कई आईआईएम और चुनिंदा यूनिवर्सिटीज़ में छात्र को 3 साल पूरे करने के बाद एग्ज़िट ऑप्शन दिया जाता है, जिसके तहत उसे बीबीए या समकक्ष अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रदान की जाती है। हालांकि कुछ संस्थानों में यह विकल्प नहीं होता और कोर्स को पूरा करना अनिवार्य रहता है। इसलिए एडमिशन लेने से पहले संबंधित संस्थान की एग्ज़िट पॉलिसी को ऑफिशियल वेबसाइट या एडमिशन ब्रोशर से जरूर जांच लेना चाहिए।

यह भी पढ़ सकते हैं: यूके में MBA स्कॉलरशिप

हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको 12वीं के बाद MBA कैसे करें से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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