12वीं के बाद LLB कैसे करें? इंटीग्रेटेड LLB कोर्स, योग्यता, परीक्षा और करियर

1 minute read
12th ke baad llb kaise kare

12वीं पास करने के बाद जो छात्र लॉ के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके मन में अक्सर यह सवाल आता है कि 12वीं के बाद LLB कैसे करें और क्या स्कूल के बाद सीधे लॉ की पढ़ाई शुरू की जा सकती है। कई छात्र यह सोचते हैं कि जैसे ग्रेजुएशन के बाद 3 साल का LLB होता है, वैसे ही 12वीं के बाद भी वही कोर्स किया जा सकता है, लेकिन भारत में लॉ की पढ़ाई का सिस्टम थोड़ा अलग है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों के अनुसार 12वीं के बाद छात्र केवल 5 साल का इंटीग्रेटेड LLB कोर्स कर सकते हैं, जिसमें ग्रेजुएशन और लॉ दोनों की पढ़ाई एक साथ कराई जाती है। इस लेख में इंटीग्रेटेड LLB क्या होता है, एडमिशन प्रक्रिया, योग्यता, प्रवेश परीक्षा और कोर्स के बाद मिलने वाले करियर विकल्पों की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है, ताकि छात्र सही कोर्स चुनने का फैसला आत्मविश्वास के साथ कर सकें।

क्या 12वीं के बाद LLB किया जा सकता है?

12वीं के बाद सीधे 3 साल की LLB को नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए 3 साल की LLB के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य होती है। 12वीं पास छात्र 5 साल इंटीग्रेटेड LLB कोर्स कर सकते हैं, जिसमें ग्रेजुएशन और LLB जैसे – BA LLB, BBA LLB या BCom LLB दोनों एक साथ शामिल होते हैं। यह व्यवस्था बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा मान्य है।

12वीं के बाद उपलब्ध इंटीग्रेटेड LLB कोर्स

12वीं के बाद लॉ की पढ़ाई के लिए भारत में 5 साल के इंटीग्रेटेड LLB कोर्स उपलब्ध होते हैं। यह कोर्स ग्रेजुएशन और लॉ की पढ़ाई को एक साथ जोड़कर बनाया गया होता है, जिससे अलग से BA, BCom या BBA करने की जरूरत नहीं पड़ती। शुरुआती वर्षों में ग्रेजुएशन से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं, जबकि बाद के वर्षों में कानून के मुख्य विषयों पर फोकस रहता है। सभी इंटीग्रेटेड LLB कोर्स में कानून के विषय लगभग समान होते हैं, लेकिन ग्रेजुएशन स्तर के विषय अलग होने की वजह से हर कोर्स का फोकस और उससे जुड़ा करियर रास्ता थोड़ा अलग होता है। नीचे दी गई तालिका में 12वीं के बाद उपलब्ध प्रमुख इंटीग्रेटेड LLB कोर्स को आसान भाषा में समझाया गया है।

LLB कोर्सकोर्स का फोकसकिन छात्रों के लिए बेहतर
BA LLBकला विषयों (राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास) के साथ कानून की पढ़ाईजिन छात्रों की रुचि वकालत, न्यायिक सेवा या सामाजिक न्याय से जुड़े क्षेत्रों में हो
BBA LLBमैनेजमेंट, बिजनेस स्टडी और कॉरपोरेट कानून पर फोकसजो छात्र कॉरपोरेट सेक्टर, कंपनियों या लीगल एडवाइजर के रूप में करियर बनाना चाहते हों
BCom LLBकॉमर्स विषयों (एकाउंटिंग, टैक्स, फाइनेंस) के साथ कानूनटैक्सेशन, अकाउंट्स या व्यवसायिक कानून में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए
BSc LLBविज्ञान विषयों के साथ कानून की पढ़ाईइंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ, एनवायरमेंटल लॉ या टेक्नोलॉजी से जुड़े कानूनी क्षेत्रों में रुचि रखने वाले छात्र (यह कोर्स सीमित विश्वविद्यालयों में उपलब्ध होता है)

यह भी पढ़ें: BA LLB के बाद कोर्सेज 

12वीं के बाद इंटीग्रेटेड LLB के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

12वीं के बाद उपलब्ध सभी इंटीग्रेटेड LLB कोर्स (BA LLB, BBA LLB, BCom LLB और BSc LLB) के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया लगभग समान होते हैं। नीचे प्रमुख योग्यता शर्तें दी गई हैं:

  • छात्र का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 यानी 12वीं पास होना अनिवार्य है।
  • आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स – तीनों स्ट्रीम के छात्र इंटीग्रेटेड LLB कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • बिना 12वीं पास किए किसी भी सरकारी या निजी लॉ कॉलेज में प्रवेश संभव नहीं होता।
  • कॉलेज चयन में स्ट्रीम से अधिक प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन को महत्व दिया जाता है।

न्यूनतम अंक (12वीं में):

  • सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए आमतौर पर 45% अंक
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए लगभग 42% अंक
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के लिए लगभग 40% अंक

न्यूनतम प्रतिशत कॉलेज या यूनिवर्सिटी के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।

आयु सीमा:

  • अधिकांश राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में ऊपरी आयु सीमा नहीं होती।
  • CLAT और AILET जैसी परीक्षाओं में अब कोई ऊपरी आयु सीमा लागू नहीं है।
  • आमतौर पर न्यूनतम आयु 17 वर्ष मानी जाती है।

आरक्षण से जुड़े प्रावधान:

  • सरकारी लॉ कॉलेजों और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ में SC, ST, OBC, EWS और दिव्यांग छात्रों के लिए आरक्षण लागू होता है।
  • कुछ संस्थान महिला उम्मीदवारों और राज्य कोटा के तहत भी सीटें आरक्षित रखते हैं।
  • आरक्षण का लाभ लेने के लिए वैध प्रमाण पत्र जरूरी होता है।

प्रवेश परीक्षा की भूमिका:

  • केवल 12वीं पास होना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि अच्छे लॉ कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा पास करना जरूरी होता है।
  • CLAT, AILET या राज्य स्तरीय परीक्षाओं में कट-ऑफ अंक तय किए जाते हैं।
  • कट-ऑफ से कम अंक होने पर पात्र होने के बावजूद एडमिशन नहीं मिल पाता।

12वीं के बाद इंटीग्रेटेड LLB में एडमिशन कैसे मिलता है?

12वीं के बाद LLB में एडमिशन के लिए भारत में मुख्य रूप से तीन तरीके अपनाए जाते हैं। पहला, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं, जिनके माध्यम से छात्र देश की प्रमुख लॉ यूनिवर्सिटीज़ में प्रवेश पा सकते हैं। दूसरा, राज्य स्तर की प्रवेश परीक्षाएं, जो संबंधित राज्य के लॉ कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए आयोजित की जाती हैं। तीसरा तरीका 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट से एडमिशन का होता है, जो कुछ निजी और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में लागू होता है। एडमिशन प्रक्रिया में एलिजिबिलिटी, कट-ऑफ और प्रवेश परीक्षा में प्राप्त रैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रमुख लॉ प्रवेश परीक्षाएं

परीक्षा का नामटार्गेटेड इंस्टीट्यूशंसपरीक्षा का स्तर
CLAT 202624 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs)राष्ट्रीय
AILET 2026नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), दिल्लीराष्ट्रीय
SLAT 2026सिम्बायोसिस लॉ स्कूल (पुणे, नोएडा, आदि)यूनिवर्सिटी स्पेसिफिक
LSAT-Indiaजिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल और अन्य निजी कॉलेजराष्ट्रीय
MHCET Lawसरकारी लॉ कॉलेज (GLC मुंबई, ILS पुणे)राज्य
CUET-UG 2026BHU, इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं अन्यराष्ट्रीय

महत्वपूर्ण नोट्स:

  • CLAT के माध्यम से सीट अलॉटमेंट रैंक और काउंसलिंग के आधार पर किया जाता है।
  • LSAT-India का पैटर्न समय-समय पर बदलता रहता है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें।
  • CUET-UG के जरिए कुछ केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों में इंटीग्रेटेड LLB कोर्स में एडमिशन मिलता है, लेकिन इससे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) में प्रवेश नहीं होता।

एडमिशन प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?
प्रवेश परीक्षा के बाद संबंधित संस्थान द्वारा काउंसलिंग या मेरिट लिस्ट जारी की जाती है, जिसके आधार पर कॉलेज अलॉट किया जाता है। निजी और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में यह प्रक्रिया आवेदन, मेरिट और कुछ मामलों में इंटरव्यू के माध्यम से पूरी होती है।

12वीं के बाद इंटीग्रेटेड LLB के लिए प्रमुख कॉलेज

NLUs में एडमिशन CLAT रैंक और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है, जबकि निजी और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में प्रवेश प्रवेश परीक्षा, मेरिट और कुछ मामलों में इंटरव्यू पर निर्भर करता है। कॉलेज और कोर्स का चयन करते समय प्रवेश प्रक्रिया के साथ-साथ फीस, फैकल्टी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान देना चाहिए। यहाँ 12वीं के बाद LLB के लिए प्रमुख कॉलेजों की सूची दी गई है, जिसमें नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) और कुछ प्रमुख प्राइवेट / डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ शामिल हैं।

कॉलेज का नामप्रकारकोर्स का नामप्रवेश प्रक्रिया
NLSIU, बेंगलुरुनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीBA LLB (5 साल)CLAT
NALSAR, हैदराबादनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीBA LLB / BBA LLBCLAT
WBNUJS, कोलकातानेशनल लॉ यूनिवर्सिटीBA LLBCLAT
NLU, दिल्लीनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीBA LLBAILET
GNLU, गांधीनगरनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीBA LLB / BCom LLBCLAT
HNLU, रायपुरनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीBA LLBCLAT
सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणेप्राइवेट / डीम्डBA LLB / BBA LLBSET (सिम्बायोसिस एंट्रेंस टेस्ट) + मेरिट
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपतप्राइवेट / डीम्डBA LLB / BBA LLBमेरिट + इंटरव्यू
क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरुप्राइवेट / डीम्डBA LLBयूनिवर्सिटी एंट्रेंस + मेरिट
एमिटी लॉ स्कूल, नोएडाप्राइवेट / डीम्डBA LLB / BBA LLBमेरिट + पर्सनल इंटरव्यू

12वीं के बाद इंटीग्रेटेड LLB की फीस

12वीं के बाद LLB की फीस कॉलेज के प्रकार, कोर्स के फॉर्मेट और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग होती है। सरकारी कॉलेजों, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) और प्राइवेट / डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में फीस स्ट्रक्चर में काफी अंतर देखने को मिलता है। नीचे दी गई तालिका में 12वीं के बाद LLB की अनुमानित वार्षिक फीस रेंज, साथ ही फीस में अंतर के प्रमुख कारणों को सरल भाषा में समझाया गया है।

कॉलेज का प्रकारअनुमानित वार्षिक शुल्क (INR)अतिरिक्त शुल्क / नोट्सफीस में भिन्नता के कारण
राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय (NLUs, सरकारी)INR 2,00,000 – INR 3,00,000हॉस्टल, लाइब्रेरी, मूट कोर्ट, परीक्षा शुल्क अलगप्रतिष्ठित कॉलेज, शहर का स्थान, हॉस्टल सुविधाएँ, हाई-टियर रैंकिंग
राज्य सरकार के LLB कॉलेजINR 50,000 – INR 1,50,000हॉस्टल वैकल्पिक, पुस्तकें और मेस अलगसरकारी सब्सिडी, छोटे शहर में कम खर्च, सीमित सुविधाएँ
प्राइवेट / डीम्ड यूनिवर्सिटीINR 2,50,000 – INR 6,00,000हॉस्टल, मेस, लाइब्रेरी, मूट कोर्ट शुल्क अलगब्रांड वैल्यू, आधुनिक सुविधाएँ, शहर का स्थान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग
कॉमर्स / मैनेजमेंट आधारित इंटीग्रेटेड LLB (BBA/BCom LLB)INR 3,00,000 – INR 5,50,000विशेष लैब, कंप्यूटर सुविधाएँ, कार्यशालाएँप्रोफेशनल कोर्स, भारी इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्राइवेट यूनिवर्सिटी मॉडल
आर्ट्स आधारित इंटीग्रेटेड LLB (BA LLB)INR 2,50,000 – INR 4,50,000मूट कोर्ट, लाइब्रेरी, सेमिनारकॉलेज की प्रतिष्ठा, शिक्षक अनुभव, शहर का किराया
साइंस आधारित इंटीग्रेटेड LLB (BSc LLB)INR 3,00,000 – INR 5,00,000लैब, तकनीकी शुल्क, इंटर्नशिप सपोर्टकोर्स-विशेष लैब, फैकल्टी विशेषज्ञता, सीमित सीटें

LLB के बाद करियर विकल्प

LLB करने के बाद करियर केवल कोर्ट में वकालत तक सीमित नहीं रहता। आज के समय में कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र कॉरपोरेट सेक्टर, सरकारी सेवाओं, टेक और मीडिया जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में भी करियर बना रहे हैं। बदलते कानून और डिजिटल सिस्टम की वजह से अब ट्रैडिशनल वकील के अलावा कई प्रैक्टिकल करियर ऑप्शन्स भी सामने आए हैं। नीचे LLB के बाद उपलब्ध प्रमुख करियर विकल्पों को सेक्टर और काम की प्रकृति के साथ समझाया गया है:

करियर विकल्पप्रमुख सेक्टरमुख्य विशेषता
कॉरपोरेट वकीलबड़ी कंपनियां (MNCs), लॉ फर्म्सविलय और अधिग्रहण (M&A), कंप्लायंस और संविदा कानून (कॉन्ट्रैक्ट लॉ)
साइबर लॉ एक्सपर्टआईटी कंपनियां, सरकारी एजेंसियां (स्पेशलाइजेशन/अनुभव के साथ)AI रेगुलेशन, डेटा सुरक्षा, साइबर अपराध और डिजिटल संपदा कानून
जुडिशियल सर्विसेजभारत सरकार (न्यायपालिका – न्यायिक सेवा परीक्षा के माध्यम से)सिविल और आपराधिक मामलों में जज के रूप में निर्णय देना
आईपीआर वकीलमीडिया, फार्मा, टेक स्टार्टअप्सपेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा संरक्षण
लीगल एनालिस्टकेपीओ (KPOs), लॉ फर्म्स, कंसल्टिंगकानूनी रिसर्च, दस्तावेजों की ड्राफ्टिंग और वैश्विक कानूनी डेटा का विश्लेषण
पब्लिक प्रॉसिक्यूटरसरकारी कानूनी विभागअदालतों में सरकार का प्रतिनिधित्व और आपराधिक मुकदमों का प्रबंधन
लीगल जर्नलिस्टमीडिया हाउस, लीगल पोर्टल्स (राइटिंग/रिसर्च स्किल्स के साथ)सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट के निर्णयों का विश्लेषण और कानून पर आधारित रिपोर्टिंग

ध्यान रखें कि इन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए केवल LLB की डिग्री ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि संबंधित फील्ड की समझ, अतिरिक्त स्किल्स, इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल अनुभव भी जरूरी होता है।

इंटीग्रेटेड LLB के बाद आगे कौन-कौन से ऑप्शन होते हैं?

इंटीग्रेटेड LLB पूरा करने के बाद छात्रों के पास कई अलग-अलग करियर रास्ते खुले होते हैं, और सही विकल्प का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि छात्र किस तरह के काम में रुचि रखता है और उसने कोर्स के दौरान किस दिशा में तैयारी की है। कई छात्र LLB के बाद सीधे वकालत की प्रैक्टिस शुरू करते हैं, जिसके लिए स्टेट बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और ऑल इंडिया बार एग्जाम पास करना जरूरी होता है। यह रास्ता उन छात्रों के लिए उपयुक्त रहता है जो कोर्ट में काम करना चाहते हैं और लंबे समय तक अनुभव बनाकर आगे बढ़ने के लिए तैयार होते हैं।

जो छात्र आगे पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए LLM एक सामान्य विकल्प होता है। LLM के जरिए किसी खास क्षेत्र जैसे कॉरपोरेट लॉ, क्रिमिनल लॉ, IPR या इंटरनेशनल लॉ में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है। अकादमिक क्षेत्र या टीचिंग में रुचि रखने वाले छात्र भी आमतौर पर LLM के बाद इस दिशा में जाते हैं।

न्यायपालिका में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्र न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं, जो राज्य स्तर पर आयोजित होती है। इस रास्ते के लिए कानून की गहरी समझ, लगातार अभ्यास और लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू की तैयारी जरूरी होती है। यह विकल्प उन छात्रों के लिए उपयुक्त होता है जो स्थिर सरकारी सेवा में काम करना चाहते हैं।

इसके अलावा, इंटीग्रेटेड LLB करने वाले कई छात्र कॉरपोरेट सेक्टर में भी करियर बनाते हैं। लॉ फर्म्स, मल्टीनेशनल कंपनियों, स्टार्टअप्स और कंसल्टिंग फर्म्स में कॉन्ट्रैक्ट्स, कंप्लायंस, रेगुलेटरी मैटर्स और लीगल रिसर्च से जुड़े रोल्स उपलब्ध होते हैं। इस क्षेत्र में आमतौर पर अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स, ड्राफ्टिंग और बिजनेस की समझ की जरूरत होती है।

कुछ छात्र वैकल्पिक करियर विकल्पों की ओर भी जाते हैं, जैसे लीगल एनालिस्ट, पॉलिसी रिसर्च, लीगल जर्नलिज्म या टेक-लॉ से जुड़े रोल्स। इन क्षेत्रों में काम करने के लिए अक्सर LLB के साथ अतिरिक्त स्किल्स, सर्टिफिकेशन या संबंधित अनुभव जरूरी होता है। कुल मिलाकर, इंटीग्रेटेड LLB के बाद आगे बढ़ने का रास्ता एक जैसा नहीं होता, बल्कि छात्र की रुचि, स्किल्स और दीर्घकालिक योजना के अनुसार तय होता है।

FAQs

इंटीग्रेटेड LLB और 3-year LLB में क्या अंतर है?

इंटीग्रेटेड LLB 12वीं के बाद 5 साल में पूरा होता है, जिसमें ग्रेजुएशन और लॉ की पढ़ाई साथ-साथ होती है। वहीं 3-year LLB, ग्रेजुएशन के बाद किया जाता है और इसमें केवल कानून के विषय पढ़ाए जाते हैं। दोनों की कानूनी मान्यता समान होती है, फर्क केवल पढ़ाई की अवधि और प्रवेश योग्यता का होता है।

क्या इंटीग्रेटेड LLB और 3-year LLB की वैल्यू एक जैसी होती है?

हाँ, इंटीग्रेटेड LLB (5 साल) और 3-year LLB की कानूनी वैल्यू समान होती है, बशर्ते दोनों कोर्स Bar Council of India (BCI) से मान्यता प्राप्त संस्थान से किए गए हों। दोनों डिग्री के बाद छात्र वकालत, न्यायिक सेवा, LLM या अन्य कानूनी करियर विकल्पों के लिए समान रूप से पात्र होते हैं। फर्क केवल कोर्स की अवधि और प्रवेश के चरण में होता है।

क्या साइंस के छात्र LLB कर सकते हैं?

हाँ, साइंस स्ट्रीम के छात्र भी पूरी तरह पात्र होते हैं। लॉ में प्रवेश के लिए किसी विशेष विषय की बाध्यता नहीं है। आर्टस, कॉमर्स और साइंस तीनों बैकग्राउंड के छात्र लॉ कर सकते हैं, बशर्ते वे 12वीं पास हों और प्रवेश परीक्षा या कॉलेज की पात्रता पूरी करते हों।

क्या इंटीग्रेटेड LLB की डिग्री मान्य होती है?

हाँ, इंटीग्रेटेड LLB की डिग्री पूरी तरह मान्य होती है, यदि कोर्स BCI द्वारा अप्रूव्ड कॉलेज या यूनिवर्सिटी से किया गया हो। ऐसी डिग्री के बाद छात्र बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन, वकालत, न्यायिक सेवा परीक्षा और उच्च शिक्षा (LLM आदि) के लिए पात्र होते हैं।

LLB के बाद जज कैसे बनें?

LLB पूरा करने के बाद जज बनने के लिए छात्र को न्यायिक सेवा परीक्षा (ज्यूडिसियल सर्विसेज एग्जाम) पास करनी होती है, जो राज्य स्तर पर आयोजित होती है। इसके लिए कानून की गहरी समझ, निरंतर अभ्यास और लिखित व साक्षात्कार दोनों चरणों की तैयारी आवश्यक होती है।

LLB किन छात्रों के लिए सही विकल्प हो सकता है?

LLB उन छात्रों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो पढ़ाई के दौरान नियमित रूप से केस, कानून से जुड़े उदाहरण और कोर्ट के फैसले पढ़ने के लिए तैयार हों। इस कोर्स में विषयों को समझकर पढ़ने की जरूरत होती है और एक ही नियम को अलग-अलग स्थितियों में देखने की आदत बनानी पड़ती है। इसके साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि लॉ में करियर आमतौर पर धीरे विकसित होता है और शुरुआती समय में इंटर्नशिप और अनुभव पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है। जो छात्र इन बातों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए LLB एक प्रैक्टिकल विकल्प हो सकता है।

LLB करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

LLB करने से पहले यह देखना चाहिए कि आप नियमित पढ़ाई, केस और कोर्ट के फैसले समझने के लिए तैयार हैं या नहीं। शुरुआत में कमाई सीमित हो सकती है, इसलिए इंटर्नशिप और अनुभव पर ध्यान देना जरूरी होता है। साथ ही, कॉलेज का चयन फैकल्टी और सुविधाओं के आधार पर करना चाहिए।

क्या LLB के लिए CLAT अनिवार्य है?

नहीं, LLB के लिए CLAT हर जगह अनिवार्य नहीं है। CLAT मुख्य रूप से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) में एडमिशन के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा कई यूनिवर्सिटीज़ अपनी अलग प्रवेश परीक्षा, CUET-UG या मेरिट के आधार पर भी इंटीग्रेटेड LLB में एडमिशन देती हैं।

क्या प्राइवेट कॉलेज बिना एंट्रेंस LLB देते हैं?

हाँ, कुछ प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ 12वीं के अंकों की मेरिट या इंटरव्यू के आधार पर इंटीग्रेटेड LLB में एडमिशन देती हैं। हालांकि कई प्राइवेट कॉलेज अपनी खुद की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करते हैं, इसलिए एडमिशन प्रक्रिया कॉलेज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

इस लेख में 12वीं के बाद LLB से जुड़ी प्रक्रिया, योग्यता, एडमिशन और करियर विकल्पों की जानकारी दी गई है। उम्मीद है कि इससे आपको आगे की तैयारी को लेकर स्पष्टता मिली होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu पर उपलब्ध गाइड्स देख सकते हैं।

Leave a Reply

Required fields are marked *

*

*