PTE (Pearson Test of English) एक कंप्यूटर आधारित अंतरराष्ट्रीय इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिसिएंसी टेस्ट है, जो उम्मीदवार की बोलने, लिखने, पढ़ने और सुनने की वास्तविक भाषा क्षमता का आकलन करती है। हालांकि PTE हर देश और हर यूनिवर्सिटी में मान्य नहीं है, इसलिए इसे चुनने से पहले इसकी स्वीकार्यता समझना जरूरी होता है। इस लेख में आप जानेंगे कि PTE क्या होता है, इसकी एलिजिबिलिटी, परीक्षा फॉर्मेट, फीस, स्कोर वैलिडिटी और यह किन छात्रों के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकता है।
This Blog Includes:
- PTE क्या होता है?
- PTE परीक्षा किन देशों में मान्य है?
- PTE परीक्षा का फॉर्मेट
- PTE में कौन-कौन सी इंग्लिश स्किल्स चेक होती हैं?
- PTE स्कोरिंग सिस्टम कैसे काम करता है?
- PTE बनाम IELTS
- PTE परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
- PTE परीक्षा फीस और वैलिडिटी
- PTE परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
- किन छात्रों के लिए PTE सही विकल्प है?
- FAQs
PTE क्या होता है?
PTE परीक्षा, जिसे पियरसन टेस्ट ऑफ इंग्लिश (Pearson Test of English) कहा जाता है, एक कंप्यूटर-आधारित अंग्रेज़ी भाषा दक्षता परीक्षा है। यह परीक्षा इस तरह डिज़ाइन की गई है कि उम्मीदवार की रियल-लाइफ स्थितियों में अंग्रेज़ी के उपयोग की क्षमता को परखा जा सके, न कि केवल रटे-रटाए नियमों या किताबी ज्ञान को। इसमें यह देखा जाता है कि छात्र पढ़ाई, बातचीत, सुनने और लिखने जैसी अकादमिक और प्रैक्टिकल परिस्थितियों में अंग्रेज़ी का कितना प्रभावी उपयोग कर पाता है।
PTE परीक्षा का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों और आवेदकों की अंग्रेज़ी योग्यता को मापना है, जो विदेश में अंडरग्रेजुएट (UG) या पोस्टग्रेजुएट (PG) पढ़ाई करना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्र अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई को समझ सकें, असाइनमेंट लिख सकें और कक्षा में कम्युनिकेशन कर सकें। इसी कारण प्रवेश प्रक्रिया में PTE स्कोर को महत्व दिया जाता है।
इसके अलावा, PTE परीक्षा स्टडी वीज़ा और कुछ देशों में माइग्रेशन या पीआर (स्थायी निवास) के लिए भी उपयोग की जाती है, जैसे ऑस्ट्रेलिया और कनाडा, जहां पीआर उद्देश्यों के लिए PTE कोर स्वीकार किया जाता है। कुछ सीमित मामलों में, जैसे हेल्थ सेक्टर या प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन से जुड़े क्षेत्रों में भी PTE स्कोर मान्य हो सकता है। कुल मिलाकर, PTE परीक्षा उम्मीदवार की अंग्रेज़ी भाषा को प्रैक्टिकल, उपयोगी और मीज़रेबल (मापने योग्य) स्तर पर आंकने का माध्यम है।
PTE Academic और PTE Core में अंतर
PTE परीक्षा देने से पहले यह समझना बहुत ज़रूरी है कि PTE Academic और PTE Core एक जैसी परीक्षाएं नहीं हैं। दोनों का उद्देश्य, उपयोग और स्वीकार्यता अलग-अलग है। गलत परीक्षा चुनने पर छात्र का स्कोर होने के बावजूद आवेदन अस्वीकार हो सकता है, इसलिए यह अंतर जानना केवल जानकारी नहीं बल्कि डिसीजन-क्रिटिकल है। यहाँ PTE Academic और PTE Core में अंतर को नीचे दी गई टेबल में समझाया गया है –
| आधार | PTE Academic | PTE Core |
| परीक्षा का उद्देश्य | विदेश में पढ़ाई के लिए अंग्रेज़ी भाषा दक्षता जांचना | कनाडा के स्थायी निवास (PR) और नागरिकता उद्देश्यों के लिए |
| मुख्य उपयोग | यूनिवर्सिटी, कॉलेज और कुछ देशों के स्टडी वीज़ा | कनाडा की इमिग्रेशन प्रोफाइल (IRCC के अंतर्गत) |
| स्वीकार्यता | ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूके, अमेरिका सहित कई देशों की यूनिवर्सिटीज़ | केवल कनाडा के इमिग्रेशन कार्यक्रमों के लिए |
| परीक्षा संरचना | स्पीकिंग, राइटिंग, रीडिंग और लिसनिंग | स्पीकिंग, राइटिंग, रीडिंग और लिसनिंग |
| परीक्षा का समय | लगभग 2 घंटे | लगभग 2 घंटे |
| स्कोर रिपोर्ट | अकादमिक संस्थानों के लिए डिज़ाइन की गई | कनाडा इमिग्रेशन सिस्टम के अनुरूप |
| स्कोर उपयोग | यूनिवर्सिटी द्वारा तय न्यूनतम स्कोर से तुलना | CRS और भाषा स्तर मूल्यांकन में उपयोग |
| छात्र प्रोफाइल | स्टडी अब्रॉड की योजना बनाने वाले छात्र | कनाडा PR या नागरिकता चाहने वाले उम्मीदवार |
| आपस में वैकल्पिक? | नहीं, PR के लिए मान्य नहीं | नहीं, स्टडी के लिए मान्य नहीं |
PTE परीक्षा किन देशों में मान्य है?
PTE परीक्षा को लेकर छात्रों में अक्सर यह गलतफहमी होती है कि यह हर देश और हर यूनिवर्सिटी में स्वीकार कर ली जाती है। वास्तव में PTE की मान्यता देश, वीज़ा श्रेणी और संस्थान के अनुसार अलग-अलग होती है। इसलिए आवेदन से पहले यह समझना जरूरी है कि PTE स्कोर किस उद्देश्य के लिए और कहां मान्य है। नीचे प्रमुख देशों में PTE की मान्यता को संक्षेप और स्पष्ट रूप में समझाया गया है।
| देश | PTE मान्यता का उद्देश्य | महत्वपूर्ण तथ्य (छात्रों के लिए) |
| ऑस्ट्रेलिया | पढ़ाई और स्थायी निवास | ऑस्ट्रेलिया PTE को सबसे व्यापक रूप से स्वीकार करता है। लगभग सभी यूनिवर्सिटी PTE Academic मानती हैं और कई वीज़ा श्रेणियों में इमिग्रेशन के लिए भी PTE स्कोर मान्य है। आवश्यक स्कोर यूनिवर्सिटी और वीज़ा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। |
| न्यूज़ीलैंड | पढ़ाई | न्यूज़ीलैंड की अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट PTE Academic स्वीकार करते हैं। कुछ कोर्स में PTE और IELTS स्कोर की तुलना अलग हो सकती है, इसलिए स्कोर कन्वर्ज़न जांचना जरूरी होता है। |
| यूनाइटेड किंगडम (UK) | पढ़ाई | UK में कई यूनिवर्सिटी PTE Academic स्वीकार करती हैं, लेकिन UKVI वीज़ा नियमों के तहत सभी कोर्स के लिए यह मान्य नहीं है। कुछ वीज़ा श्रेणियों में केवल UKVI-एप्रूव्ड टेस्ट ही स्वीकार होते हैं। |
| कनाडा | पढ़ाई और PR (PTE Core) | कनाडा में पढ़ाई के लिए कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी PTE Academic स्वीकार करते हैं। स्थायी निवास के लिए आधिकारिक रूप से PTE Core को शामिल किया गया है। Academic और Core का गलत चयन छात्रों की आम गलती होती है। |
| संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) | चुनिंदा विश्वविद्यालय | अमेरिका में PTE की स्वीकार्यता सीमित है। कुछ यूनिवर्सिटी और कॉलेज PTE स्कोर स्वीकार करते हैं, लेकिन कई संस्थान अब भी IELTS या TOEFL को प्राथमिकता देते हैं। |
नोट – PTE के लिए कोई एक तय कट-ऑफ स्कोर नहीं होता। एक ही देश में अलग-अलग यूनिवर्सिटी अलग स्कोर मांग सकती हैं। चूंकि मान्यता नियम समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित यूनिवर्सिटी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है।
PTE परीक्षा का फॉर्मेट
PTE परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होती है और इसकी स्कोरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली के माध्यम से की जाती है। इस परीक्षा में उम्मीदवार की अंग्रेज़ी भाषा की चारों प्रमुख क्षमताओं बोलना, लिखना, पढ़ना और सुनना का मूल्यांकन एक ही टेस्ट सत्र में किया जाता है। PTE का फॉर्मेट इस तरह तैयार किया गया है कि यह शैक्षणिक और वास्तविक जीवन की भाषा उपयोग क्षमता को परख सके।
| परीक्षा सेक्शन | मूल्यांकन होने वाली स्किल्स | अनुमानित समय | यह सेक्शन क्यों महत्वपूर्ण है |
| स्पीकिंग एंड राइटिंग | बोलना और लिखना | लगभग 54–67 मिनट | उच्चारण, प्रवाह, व्याकरण और लेखन स्पष्टता का संयुक्त रूप से मूल्यांकन किया जाता है। |
| रीडिंग | पढ़ना | लगभग 29–30 मिनट | शैक्षणिक अंग्रेज़ी पाठ को समझने, संदर्भ पहचानने और सही उत्तर चुनने की क्षमता जांची जाती है। |
| लिसनिंग | सुनना | लगभग 30–43 मिनट | सुनकर जानकारी समझने, ध्यान बनाए रखने और सही ढंग से लिखने की क्षमता परखी जाती है। |
नोट: PTE परीक्षा का फॉर्मेट उन छात्रों के लिए अधिक अनुकूल होता है जो कंप्यूटर पर सहज हैं और अंग्रेज़ी को स्वाभाविक रूप से समझते और उपयोग करते हैं। केवल प्रश्न पैटर्न याद करने से अच्छा स्कोर पाना कठिन हो सकता है, क्योंकि स्कोरिंग प्रणाली भाषा के वास्तविक उपयोग पर आधारित होती है।
PTE में कौन-कौन सी इंग्लिश स्किल्स चेक होती हैं?
PTE परीक्षा का डिज़ाइन इस तरह किया गया है कि उम्मीदवार की अंग्रेज़ी भाषा को अलग-अलग हिस्सों में नहीं, बल्कि रियल लाइफ यूज़ के आधार पर परखा जा सके। इसी कारण इसमें स्पीकिंग, राइटिंग, रीडिंग और लिसनिंग चारों स्किल्स को अलग-अलग टास्क के ज़रिए जांचा जाता है।
- स्पीकिंग: स्पीकिंग सेक्शन में उम्मीदवार के प्रोनन्सिएशन, फ्लुएंसी, ग्रामर और सेंटेंस स्ट्रक्चर का मूल्यांकन किया जाता है। रीड अलाउड, रिपीट सेंटेंस और डिस्क्राइब इमेज जैसे टास्क के माध्यम से यह देखा जाता है कि उम्मीदवार अपने विचारों को कितनी क्लैरिटी और फ्लो के साथ व्यक्त कर पाता है। चूंकि स्कोरिंग ऑटोमेटेड सिस्टम से होती है, इसलिए साफ़ और नैचुरल बोलना जरूरी होता है।
- राइटिंग: राइटिंग सेक्शन में उम्मीदवार की आइडियाज़ को क्लियर और स्ट्रक्चर्ड तरीके से लिखने की क्षमता परखी जाती है। इसमें समराइज़ रिटन टेक्स्ट और एस्से राइटिंग जैसे टास्क होते हैं, जहां कंटेंट की समझ, लॉजिकल फ्लो, ग्रामर और वोकैबुलरी पर ध्यान दिया जाता है। स्पेलिंग और ग्रामर मिस्टेक्स स्कोर को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
- रीडिंग: रीडिंग सेक्शन यह जांचता है कि उम्मीदवार अकादमिक लेवल के इंग्लिश टेक्स्ट को कितनी अच्छी तरह समझ पाता है। मल्टीपल चॉइस और री-ऑर्डर पैराग्राफ्स जैसे टास्क के ज़रिए कॉन्टेक्स्ट, मीनिंग और लॉजिकल ऑर्डर की समझ परखी जाती है। सीमित समय के कारण फास्ट और एक्यूरेट रीडिंग जरूरी होती है।
- लिसनिंग: लिसनिंग सेक्शन में ऑडियो को ध्यान से सुनकर सही जानकारी समझने और लिखने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। समराइज़ स्पोकन टेक्स्ट और राइट फ्रॉम डिक्टेशन जैसे टास्क लिसनिंग और राइटिंग दोनों स्कोर को प्रभावित करते हैं। चूंकि ऑडियो केवल एक बार प्ले होता है, इसलिए फोकस और वर्ड रिकग्निशन बहुत महत्वपूर्ण होती है।
PTE स्कोरिंग सिस्टम कैसे काम करता है?
PTE में उम्मीदवार की अंग्रेज़ी भाषा क्षमता को केवल सही या गलत उत्तर के आधार पर नहीं, बल्कि उसके स्पीकिंग, राइटिंग, रीडिंग और लिसनिंग के तरीके के आधार पर आंका जाता है। स्कोरिंग पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम से होती है, जिसमें क्लैरिटी, फ्लुएंसी, ग्रामर और एक्यूरेसी को ध्यान में रखा जाता है।
नीचे दिए गए इंग्लिश लेवल इंडिकेटिव हैं। अलग-अलग यूनिवर्सिटी और संस्थान PTE स्कोर को अपने एडमिशन क्राइटेरिया के अनुसार इंटरप्रेट कर सकते हैं।
| इंग्लिश लेवल (इंडिकेटिव) | स्कोर रेंज | स्कोर का आसान अर्थ |
| लिमिटेड | 30–42 | बेसिक इंग्लिश समझ होती है, लेकिन अकादमिक या प्रोफेशनल लेवल पर इफेक्टिव कम्युनिकेशन मुश्किल रहता है। ज़्यादातर यूनिवर्सिटी इस रेंज को एक्सेप्ट नहीं करतीं। |
| कॉम्पिटेंट | 43–58 | डेली इंग्लिश समझी जा सकती है, लेकिन कॉम्प्लेक्स अकादमिक कंटेंट और फॉर्मल राइटिंग में दिक्कत हो सकती है। कुछ डिप्लोमा या लिमिटेड कोर्स में एक्सेप्टेंस मिल सकती है। |
| गुड | 59–75 | अकादमिक इंग्लिश को समझने और सही तरह से यूज़ करने की अच्छी क्षमता होती है। अधिकांश ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए यह स्कोर सूटेबल माना जाता है। |
| वेरी गुड | 76–90 | हाई लेवल इंग्लिश प्रोफिशिएंसी दिखाता है। कैंडिडेट कॉम्प्लेक्स आइडियाज़ को क्लियर तरीके से एक्सप्रेस कर सकता है और टॉप यूनिवर्सिटी अक्सर इसी रेंज की डिमांड करती हैं। |
PTE बनाम IELTS
नीचे दी गई तालिका के ज़रिए आप आसानी से समझ सकते हैं कि PTE और IELTS में क्या अंतर है और कौन-सी परीक्षा आपके लिए ज़्यादा सही हो सकती है।
| तुलना का आधार | PTE (अकादमिक / कोर) | IELTS (अकादमिक / जनरल ट्रेनिंग) |
| परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था | पियर्सन नाम की अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्था परीक्षा कराती है | ब्रिटिश काउंसिल, IDP और कैम्ब्रिज मिलकर परीक्षा कराते हैं |
| परीक्षा देने का तरीका | पूरी परीक्षा कंप्यूटर पर होती है | कंप्यूटर या कागज़, दोनों विकल्प मिलते हैं |
| बोलने की परीक्षा | उम्मीदवार कंप्यूटर के माइक्रोफोन में बोलता है | उम्मीदवार मानव परीक्षक के सामने बात करता है |
| परिणाम आने का समय | आमतौर पर 2 दिन के भीतर परिणाम मिल जाता है | कंप्यूटर आधारित में 3–5 दिन, कागज़ आधारित में लगभग 13 दिन |
| स्कोर देने का तरीका | पूरा मूल्यांकन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम से होता है | कुछ हिस्सों में मानव परीक्षक और कुछ में तकनीक का उपयोग होता है |
| परीक्षा की अवधि | कुल समय लगभग 2 घंटे | कुल समय लगभग 2 घंटे 45 मिनट |
| पढ़ाई और वीज़ा में मान्यता | कई देशों में मान्य है, लेकिन हर यूनिवर्सिटी नहीं मानती | लगभग सभी देशों और संस्थानों में व्यापक रूप से स्वीकार की जाती है |
| प्रश्नों का प्रकार | मल्टीपल चॉइस, खाली स्थान भरना, निबंध और ईमेल लेखन | मल्टीपल चॉइस, खाली स्थान भरना, छोटे उत्तर और निबंध |
| स्कोर पैमाना | स्कोर 10 से 90 के बीच दिया जाता है | स्कोर 1 से 9 बैंड में दिया जाता है |
यह भी पढ़ें : IELTS और TOEFL में अंतर
PTE परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
यहाँ दिए गए बिंदुओं के माध्यम से PTE परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बारे में आसानी से जान सकते हैं –
- न्यूनतम आयु सीमा: PTE परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 16 वर्ष होनी चाहिए। यदि अभ्यर्थी 16 या 17 वर्ष का है, तो उसे अभिभावक की लिखित सहमति (Parental Consent Form) देना अनिवार्य होता है। यह नियम Pearson द्वारा आधिकारिक रूप से निर्धारित किया गया है।
- शैक्षणिक योग्यता से जुड़ा तथ्य: PTE परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय नहीं की गई है। इसका अर्थ यह है कि 12वीं पास, स्नातक या उससे ऊपर पढ़ चुके छात्र सभी PTE दे सकते हैं। परीक्षा का उद्देश्य भाषा क्षमता जांचना है, न कि शैक्षणिक स्तर।
- राष्ट्रीयता पर कोई प्रतिबंध नहीं: PTE परीक्षा में किसी भी देश के नागरिक शामिल हो सकते हैं। भारतीय छात्रों सहित अंतरराष्ट्रीय उम्मीदवार भी PTE के लिए पात्र होते हैं, बशर्ते उनके पास वैध पहचान दस्तावेज हों।
- पहचान दस्तावेज की अनिवार्यता: PTE परीक्षा के दिन उम्मीदवार के पास वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य है। आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस स्वीकार नहीं किए जाते। पासपोर्ट की जानकारी बुकिंग के समय दी गई जानकारी से मेल खानी चाहिए।
- परीक्षा प्रयासों (अटेम्प्ट्स) पर सीमा नहीं: PTE परीक्षा देने की संख्या पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है। उम्मीदवार आवश्यकता अनुसार कई बार परीक्षा दे सकता है, लेकिन हर प्रयास के बीच कम से कम 5 कैलेंडर दिन का अंतर होना चाहिए।
- स्वास्थ्य या भाषा पृष्ठभूमि की शर्त नहीं: PTE के लिए यह आवश्यक नहीं है कि उम्मीदवार की पढ़ाई अंग्रेज़ी माध्यम से हुई हो। साथ ही, किसी प्रकार की चिकित्सकीय पात्रता शर्त भी लागू नहीं होती।
नोट: PTE की एलिजिबिलिटी पूरी करना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक निर्णय लेते समय यह जांचना जरूरी है कि आपकी लक्ष्य यूनिवर्सिटी, देश या वीज़ा श्रेणी PTE स्कोर स्वीकार करती है या नहीं।
PTE परीक्षा फीस और वैलिडिटी
केवल फीस देखकर PTE परीक्षा चुनना सही नहीं होता। असली निर्णय स्कोर की वैधता अवधि और आपकी लक्ष्य यूनिवर्सिटी या वीज़ा श्रेणी की स्वीकार्यता को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।
PTE परीक्षा फीस (भारत में)
भारत में PTE परीक्षा की फीस Pearson द्वारा तय की जाती है और समय-समय पर इसमें बदलाव संभव है। वर्तमान में PTE Academic परीक्षा की फीस लगभग INR 15,900 से INR 17,000 के बीच होती है, जिसमें टैक्स शामिल रहता है। यह शुल्क परीक्षा बुकिंग के समय ऑनलाइन लिया जाता है। परीक्षा तिथि के बहुत पास रद्द या रीशेड्यूल करने पर पूरा रिफंड नहीं मिलता, जबकि कम से कम 14 दिन पहले बदलाव करने पर आंशिक रिफंड संभव हो सकता है।
PTE स्कोर की वैलिडिटी कितनी होती है?
PTE परीक्षा का स्कोर परीक्षा की तारीख से दो वर्षों तक वैध रहता है। इस अवधि के भीतर छात्र इसका उपयोग यूनिवर्सिटी आवेदन, स्टडी वीज़ा या कुछ देशों में इमिग्रेशन प्रक्रिया के लिए कर सकते हैं। दो साल पूरे होने के बाद स्कोर स्वतः अमान्य हो जाता है। यह वैलिडिटी अवधि IELTS जैसी अन्य अंग्रेज़ी भाषा परीक्षाओं के अनुरूप ही होती है।
PTE परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
PTE परीक्षा की तैयारी केवल सामान्य इंग्लिश प्रैक्टिस से नहीं होती, बल्कि इसके टास्क-बेस्ड और ऑटोमेटेड स्कोरिंग पैटर्न को समझकर अभ्यास करना जरूरी होता है। नीचे दिए गए बिंदु आपको एक सही और असरदार तैयारी रणनीति बनाने में मदद करेंगे।
- आधिकारिक मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सामग्री का उपयोग करें:
PTE की तैयारी के लिए पियरसन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सेट सबसे भरोसेमंद माने जाते हैं। इससे आपको परीक्षा का असली पैटर्न, टाइम लिमिट और सवालों का लेवल समझने में मदद मिलती है। - स्पीकिंग और राइटिंग का टास्क-स्पेसिफिक अभ्यास करें:
स्पीकिंग के लिए रीड अलाउड, रिपीट सेंटेंस और डिस्क्राइब इमेज जैसे टास्क पर रोज़ अभ्यास करें, क्योंकि यही टास्क सबसे ज़्यादा स्कोर को प्रभावित करते हैं। राइटिंग में समराइज़ रिटन टेक्स्ट और एस्से राइटिंग पर फोकस करें, जहां कंटेंट से ज़्यादा क्लैरिटी, ग्रामर और स्ट्रक्चर मायने रखता है। - लिसनिंग स्किल को प्रैक्टिकल तरीके से सुधारें:
PTE लिसनिंग में ऑडियो केवल एक बार सुनाया जाता है, इसलिए नोट्स बनाना और की-वर्ड पहचानना बहुत जरूरी होता है। इंग्लिश पॉडकास्ट, न्यूज़ क्लिप्स और अकादमिक लेक्चर सुनकर सुनने की आदत डालें और सुनी गई जानकारी को तुरंत लिखने का अभ्यास करें। - रीडिंग में स्पीड और समझ दोनों पर काम करें:
रीडिंग सेक्शन में स्किम्मिंग और स्कैनिंग तकनीक बहुत काम आती है। री-ऑर्डर पैराग्राफ्स और मल्टीपल चॉइस सवालों को हल करते समय पूरे पैराग्राफ का अर्थ समझने पर ध्यान दें, न कि सिर्फ शब्द पहचानने पर। - टाइम मैनेजमेंट और टेस्ट कंडीशनिंग पर ध्यान दें:
पूरी परीक्षा को समय सीमा में देने की नियमित प्रैक्टिस करें। चूंकि PTE पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होती है, इसलिए टाइपिंग स्पीड, हेडफोन पर ध्यान बनाए रखना और स्क्रीन पर लंबे समय तक फोकस करना भी तैयारी का हिस्सा होना चाहिए। - कमजोर हिस्सों की पहचान करके सुधार करें:
हर मॉक टेस्ट के बाद यह देखें कि कौन-सा सेक्शन स्कोर कम कर रहा है। स्पीकिंग, लिसनिंग या राइटिंग — जिस हिस्से में दिक्कत हो, उसी पर टारगेटेड प्रैक्टिस करें। लगातार एनालिसिस और सुधार से ओवरऑल स्कोर बेहतर होता है।
किन छात्रों के लिए PTE सही विकल्प है?
PTE हर छात्र के लिए उपयुक्त नहीं होती। नीचे दिए गए बिंदुओं से आप आसानी से समझ सकते हैं कि PTE आपके लिए सही है या नहीं।
- तकनीक में सहज छात्र:
PTE पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा है। जो छात्र टाइपिंग, स्क्रीन पर रीडिंग-लिसनिंग एक्सरसाइज़ और ऑटोमेटेड स्पीकिंग टास्क को आसानी से संभाल सकते हैं, उनके लिए PTE एक अच्छा विकल्प है। - तेज़ रिज़ल्ट चाहने वाले छात्र:
PTE के परिणाम आमतौर पर 2–5 कार्यदिवस में आ जाते हैं। जिन छात्रों को एडमिशन या वीज़ा प्रक्रिया जल्दी पूरी करनी होती है, उनके लिए PTE समय बचाने में मदद करती है। - AI-बेस्ड स्कोरिंग को स्वीकार करने वाले छात्र:
PTE में बोलने का मूल्यांकन किसी मानव परीक्षक द्वारा नहीं, बल्कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस सिस्टम से किया जाता है। जो छात्र इस स्कोरिंग पैटर्न को समझकर उसी अनुसार तैयारी कर सकते हैं, उन्हें इसमें फायदा होता है। - जिनकी टारगेट यूनिवर्सिटी PTE स्वीकार करती है:
ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, कनाडा और कुछ अन्य देशों में कई यूनिवर्सिटी PTE को मान्यता देती हैं। जिन छात्रों की लक्ष्य संस्थान PTE एक्सेप्ट करती है, उनके लिए यह परीक्षा अतिरिक्त प्रयास से बचा सकती है। - उच्चारण और फ्लुएंसी पर काम करने वाले छात्र:
PTE में प्रोनन्सिएशन और फ्लुएंसी को खास महत्व दिया जाता है। जो छात्र इन दोनों पर नियमित और फोकस्ड प्रैक्टिस कर सकते हैं, उनका स्कोर बेहतर आने की संभावना रहती है।
FAQs
PTE परीक्षा देने के लिए 16 वर्ष से अधिक उम्र और वैध पासपोर्ट आवश्यक है। तैयारी में आधिकारिक मॉक टेस्ट, AI स्पीकिंग पैटर्न अभ्यास और नियमित लिसनिंग-प्रैक्टिस मददगार होते हैं।
PTE (Pearson Test of English) एक कंप्यूटर आधारित अंग्रेज़ी भाषा परीक्षा है। इसका उद्देश्य उम्मीदवार की अंग्रेज़ी में बोलने, पढ़ने, लिखने और सुनने की क्षमता को वास्तविक जीवन और अकादमिक स्तर पर परखना है। यह विदेश पढ़ाई और कुछ देशों में वीज़ा/PR के लिए मान्य है।
PTE स्कोर 10–90 के बीच होता है। स्पीकिंग, राइटिंग, रीडिंग और लिसनिंग के अलग-अलग स्कोर होते हैं। कुल स्कोर AI आधारित मूल्यांकन पर निर्भर करता है। स्कोर वैधता 2 वर्ष है।
PTE और IELTS में से कौन-सी परीक्षा आसान है, यह पूरी तरह उम्मीदवार की तैयारी और पसंद पर निर्भर करता है। जो छात्र कंप्यूटर पर टाइप करने में सहज हैं और ऑटोमेटेड स्कोरिंग के अनुसार अभ्यास कर सकते हैं, उनके लिए PTE अपेक्षाकृत आसान लग सकती है। वहीं जिन छात्रों को इंसान के सामने बोलना ज्यादा सहज लगता है, वे अक्सर IELTS को बेहतर विकल्प मानते हैं। इसलिए परीक्षा चुनते समय अपनी स्ट्रेंथ और टारगेट यूनिवर्सिटी की स्वीकार्यता जरूर देखें।
PTE परीक्षा देने की संख्या पर कोई अधिकतम सीमा नहीं होती। उम्मीदवार आवश्यकता के अनुसार PTE कई बार दे सकते हैं, लेकिन हर प्रयास के बीच कम से कम 5 कैलेंडर दिन का अंतर होना जरूरी होता है। इससे छात्रों को पिछली परीक्षा की गलतियों को समझने और अगली कोशिश के लिए बेहतर तैयारी करने का समय मिल जाता है।
हमें आशा है कि आप इस लेख के माध्यम से PTE क्या होता है की जानकारी स्पष्ट रूप से प्राप्त कर पाए होंगे। ऐसे ही स्टडी अब्रॉड से संबंधित अन्य उपयोगी लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।
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