वर्तमान समय में भारतीय एविएशन सेक्टर के विस्तार, नए एयरक्राफ्ट ऑर्डर और बढ़ती हवाई यात्रा की मांग के कारण आजकल इस फील्ड की डिमांड लगातार बढ़ रही है। परिणामस्वरूप इस प्रोफेशन की ओर लोग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत में पायलट बनना एक स्ट्रक्चर्ड और लाइसेंस बेस्ड करियर विकल्प है, जिसे डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) नियंत्रित करता है। यदि आप पायलट बनकर अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह गाइड आपके लिए उपयोगी हो सकती है। यहाँ इस गाइड में आपके लिए पायलट बनने की प्रक्रिया को सरल भाषा में बताया गया है।
This Blog Includes:
- पायलट कौन होता है?
- पायलट बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
- पायलट बनने के लिए योग्यता
- पायलट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड
- स्टेप 1 – पायलट करियर को समझें और सही जानकारी जुटाएँ
- स्टेप 2 – 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स जैसे विषयों का चयन करें
- स्टेप 3 – DGCA मान्यता प्राप्त मेडिकल टेस्ट पास करें
- स्टेप 4 – स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) प्राप्त करें
- स्टेप 5 – मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश लेकर अपनी ट्रेनिंग शुरू करें
- स्टेप 6 – DGCA की थ्योरी परीक्षाएं पास करें
- स्टेप 7 – प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) प्राप्त करके करियर की शुरुआत करें
- स्टेप 7 – कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए आवश्यक फ्लाइट घंटे पूरे करें
- स्टेप 8 – कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त करें
- स्टेप 9 – टाइप रेटिंग और एयरलाइन तैयारी
- पायलट बनने के बाद करियर ग्रोथ एंड सैलरी
- FAQs
पायलट कौन होता है?
पायलट वह प्रोफेशनल होता है जिसे विमान उड़ाने और सुरक्षित तरीके से उसे गंतव्य तक पहुँचाने की जिम्मेदारी दी जाती है। पायलट का मुख्य काम मौसम की स्थिति को समझना, नेविगेशन यानी उड़ान के रास्ते की जानकारी रखना, एयर ट्रैफिक नियमों को जानना और विमान की तकनीकी प्रणाली को समझना होता है, जिससे वे अपनी हवाई यात्रा को सुरक्षित ढंग से पूरा कर पाते हैं।
पायलट बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
पायलट बनने के लिए उम्मीदवार में निम्नलिखित आवश्यक स्किल्स होनी चाहिए, जो उन्हें इस पद के योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी –
- लीडरशिप स्किल्स
- टाइम मैनेजमेंट स्किल
- कम्युनिकेशन स्किल
- टीमवर्क स्किल
- फिजिकल फिटनेस
- मेन्टल टफनेस
- टेक्निकल अंडरस्टैंडिंग
- सिचुएशनल अवेयरनेस
पायलट बनने के लिए योग्यता
भारत में सिविल एविएशन से जुड़े पायलटों को लाइसेंस देने और उनके लिए नियम तय करने का काम डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) करता है। इसलिए जो भी व्यक्ति पायलट बनना चाहता है, उसे DGCA के तय किए गए नियमों और प्रशिक्षण प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता है।
भारत में पायलट बनने के लिए कुछ निर्धारित शैक्षणिक, मेडिकल और लाइसेंस संबंधी योग्यताएँ होती हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा इन नियमों को निर्धारित किया जाता है, यह भारत की विमानन नियामक संस्था है। यहाँ दिए गए निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से पायलट बनने के लिए आवश्यक योग्यताओं की जानकारी दी गई है –
- शैक्षणिक योग्यता: इसके लिए सबसे पहले आपका किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा को फिजिक्स और मैथ्स जैसे विषयों के साथ पास करना अनिवार्य होता है। यदि आपने 12वीं में ये विषय नहीं पढ़े हैं, तो आप बाद में ओपन बोर्ड जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) से फिजिक्स और मैथ्स की परीक्षा देकर पात्रता पूरी कर सकते हैं। पायलट बनने के लिए अंग्रेज़ी भाषा की बेसिक समझ होना भी जरूरी है, क्योंकि उड़ान से जुड़े अधिकांश तकनीकी दस्तावेज़ और कम्युनिकेशन अंग्रेज़ी भाषा में होता है।
- न्यूनतम आयु: स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) के लिए आपकी न्यूनतम आयु 16 वर्ष, प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) के लिए न्यूनतम आयु लगभग 17 वर्ष होनी चाहिए। जबकि कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी आवश्यक है।
- मेडिकल फिटनेस: पायलट बनने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी है। शुरुआत में क्लास 2 मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना पड़ता है, जिसे DGCA द्वारा अधिकृत डॉक्टर जारी करते हैं। CPL लाइसेंस लेने से पहले क्लास 1 मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है, जो विशेष DGCA मेडिकल सेंटर में जांच के बाद दिया जाता है। इसके अलावा आपको दृष्टि (विज़न), हृदय स्वास्थ्य, सुनने की क्षमता और न्यूरोलॉजिकल फिटनेस की जांच की जाती है।
- लाइसेंस और ट्रेनिंग योग्यता: उम्मीदवार को DGCA से कंप्यूटर नंबर प्राप्त करना होता है, जिससे वह पायलट की लिखित परीक्षाओं में बैठ सकता है। इसके बाद DGCA से मान्यता प्राप्त फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाईजेशन (FTO) से प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है।
- एक कमर्शियल पायलट बनने के लिए सामान्यतः कम से कम 200 घंटे की उड़ान प्रशिक्षण (फ्लाइंग हॉर्स) पूरी करनी पड़ती है।
- शारीरिक मानदंड: भारत में पायलट बनने के लिए पुरुष और महिला दोनों ही तरह के उम्मीदवारों की न्यूनतम हाइट 152.5 सेंटीमीटर (5 फ़ीट) होनी चाहिए।
यह भी पढ़ें – एयर होस्टेस कैसे बनें?
पायलट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड
यहाँ आपके लिए पायलट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड दी गई है, इस गाइड को फॉलो करके आप पायलट बनने के प्रोसेस हो समझ पाएंगे:
स्टेप 1 – पायलट करियर को समझें और सही जानकारी जुटाएँ
पायलट बनने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी होता है कि करियर पाथ क्या है और इसके लिए क्या करना होगा। क्योंकि भारत में सिविल एविएशन से जुड़े नियम और लाइसेंस को DGCA द्वारा जारी किया जाता है, इसलिए आपको सबसे पहले DGCA के आधिकारिक दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक समझना जरूरी है। इसी के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए ताकि कोई गलती ना हो और आगे कोई दिक्कत ना आए। DGCA की ऑफिशियल वेबसाइट dgca.gov.in पर आपको लाइसेंस, मेडिकल नियम और ट्रेनिंग आवश्यकताओं की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
स्टेप 2 – 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स जैसे विषयों का चयन करें
पायलट बनने के लिए 12वीं में सही विषय का चयन करना जरूरी होता है, इन्हीं विषयों के आधार पर आप आगे की तकनीकों को सीखने के योग्य बन पाते हैं। यदि आप एक पायलट बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स को चुनना चाहिए, क्योंकि इन विषय का उपयोग फ्लाइट ट्रेनिंग में नेविगेशन एरोडायनामिक्स और विमान प्रणाली जैसे तकनीकी विषयों को समझने के लिए किया जाता है। हालाँकि 12वीं में इन विषयों के न होने पर आप बाद में मान्यता प्राप्त ओपन बोर्ड से फिजिक्स और मैथ्स की परीक्षा देकर पात्रता को पूरी कर सकते हैं।
स्टेप 3 – DGCA मान्यता प्राप्त मेडिकल टेस्ट पास करें
फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू करने से पहले आपको DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त क्लास-2 मेडिकल एग्जामिनेशन को पास करना होता है, इसमें DGCA द्वारा स्वीकृत डॉक्टरों द्वारा आँखों की दृष्टि, सुनने की क्षमता, हृदय और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
अगर आप कमर्शियल पायलट बनना चाहते हैं तो आपको क्लास-1 मेडिकल एग्जामिनेशन को पास करना अनिवार्य होता है, इसमें शारीरिक और मानसिक फिटनेस का परीक्षण किया जाता है। ये दोनों ही मेडिकल टेस्ट DGCA द्वारा स्वीकृत डॉक्टरों की निगरानी में दिए जाते हैं।
स्टेप 4 – स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) प्राप्त करें
DGCA से मेडिकल टेस्ट सर्टिफिकेट मिलने के बाद आपको फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू करने के लिए स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (SPL) प्राप्त करना जरूरी होता है जो DGCA से मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल के द्वारा प्राप्त किया जाता है। SPL प्राप्त करने के लिए आपकी न्यूनतम आयु सामान्यतः 16 वर्ष होनी चाहिए, साथ ही इसके लिए आपको DGCA-मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश पाकर बेसिक एविएशन विषयों की लिखित परीक्षा देनी होती है, जिसकी जानकारी आप DGCA की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। लिखित परीक्षा के बाद आपको मेडिकल फिटनेस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होता है। इन सभी स्टेप्स को पूरा करके ही आपको SPL मिलता है, जिसके बाद ही आपको फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू करने की अनुमति मिलती है।
स्टेप 5 – मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश लेकर अपनी ट्रेनिंग शुरू करें
SPL प्राप्त करने के बाद अगला कदम किसी DGCA-मान्यता प्राप्त फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) में पायलट ट्रेनिंग शुरू करना है। भारत में कई फ्लाइंग स्कूल जैसे- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA), नेशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NFTI / CAE गोंदिया), चाइम्स एविएशन अकादमी और बॉम्बे फ्लाइंग क्लब आदि पायलट ट्रेनिंग प्रदान करते हैं, जहाँ आपको ग्राउंड क्लास और फ्लाइट ट्रेनिंग दोनों मिलती हैं।
इन फ्लाइंग स्कूल में प्रवेश के लिए आप इनकी संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिशन की प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं। इन मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूलों में ट्रेनिंग के दौरान आपको एयरक्राफ्ट सिस्टम, मौसम विज्ञान, नेविगेशन और एयर रेगुलेशन जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। साथ ही ट्रेनिंग पीरियड के दौरान आपको सिम्युलेटर और वास्तविक विमान दोनों पर अभ्यास कराया जाता है, ताकि आप खुद को इस करियर फील्ड के लिए तैयार कर सकें।
स्टेप 6 – DGCA की थ्योरी परीक्षाएं पास करें
पायलट लाइसेंस पाने के लिए आपको DGCA की कुछ प्रमुख थ्योरी परीक्षाएं पास करनी होती हैं। इन प्रमुख थ्योरी परीक्षाओं में आपको मुख्य विषयों जैसे – एयर नेविगेशन, एयर मीटरोलॉजी, एयर रेगुलेशन, टेक्निकल स्पेसिफिक और जनरल में पास होना जरुरी होता है। इसके साथ ही आपको RTR (A) यानी रेडियो टेलीफोनी विषय की परीक्षा में भी पास होना होता है, जो WPC विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है। DGCA की इन थ्योरी परीक्षाओं का परिणाम एक निश्चित समय (आमतौर पर 5 वर्ष) तक वैध रहता है।
स्टेप 7 – प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) प्राप्त करके करियर की शुरुआत करें
DGCA की थ्योरी परीक्षाओं को पास करके यदि आप प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) हासिल करके अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो ये आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। DGCA के नियमों के अनुसार प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) प्राप्त करने के लिए आपकी न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए और इसके लिए क्लास-2 मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है।
प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) प्राप्त करने के लिए आपको 40 घंटे की उड़ान (जिसमें 10 घंटे सोलो और 5 घंटे क्रॉस-कंट्री शामिल हैं) पूरी करनी भी जरुरी होती है। इसके बाद DGCA परीक्षा में पास होने के बाद आप DGCA eGCA Portal के माध्यम से लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस लाइसेंस को पाने के बाद आप पायलेट के रूप में करियर की शुरुआत कर सकते हैं। हालाँकि कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) पाने के लिए आपको आगे के स्टेप्स को पूरा करना पड़ता है।
स्टेप 7 – कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए आवश्यक फ्लाइट घंटे पूरे करें
DGCA की थ्योरी परीक्षाओं और क्लास-1 मेडिकल एग्जामिनेशन को पास करने के बाद आप कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालाँकि कमर्शियल पायलट बनने के लिए आपके पास निर्धारित उड़ान अनुभव होना जरूरी होता है। DGCA के नियमों के अनुसार कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए लगभग 200 घंटे तक की फ्लाइट ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। इन घंटों में सोलो फ्लाइट, क्रॉस-कंट्री उड़ान, नाइट फ्लाइंग और इंस्ट्रूमेंट ट्रेनिंग शामिल होती है।
स्टेप 8 – कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त करें
सभी उड़ान घंटों को पूरा करने और DGCA की लिखित परीक्षाएँ पास करने के बाद ही आपको कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए पात्र माना जाता है। CPL मिलने के बाद आप प्रोफेशनली किसी विमान को उड़ाने के लिए योग्य माने जाते हैं। इस लाइसेंस के लिए एयर नेविगेशन, मेट्रोलॉजी, एयर रेगुलेशन और टेक्निकल विषयों की परीक्षा पास करनी होती है। यह चरण पायलट करियर का सबसे महत्वपूर्ण आधिकारिक माइलस्टोन होता है।
स्टेप 9 – टाइप रेटिंग और एयरलाइन तैयारी
CPL मिलने के बाद अधिकांश एयरलाइन्स में नौकरी पाने के लिए आपको टाइप रेटिंग ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इसमें किसी विशेष विमान मॉडल जैसे एयरबस या बोइंग को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में सिमुलेटर अभ्यास और तकनीकी अध्ययन शामिल होते हैं। टाइप रेटिंग पूरी होने के बाद उम्मीदवार एयरलाइन में फर्स्ट ऑफिसर के रूप में आवेदन कर सकता है और अपने पेशेवर पायलट करियर की शुरुआत कर सकता है।
पायलट बनने के बाद करियर ग्रोथ एंड सैलरी
पायलट के रूप में आप नेशनल और इंटरनेशनल एविएशन कंपनियों में अच्छे वेतन और सुविधाओं के साथ अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं, हालाँकि इसमें मिलने वाला वेतन आपके अनुभव और कंपनियों के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकता है। इसके अलावा पायलट बनने के बाद आप एयरलाइन में फर्स्ट ऑफिसर, चार्टर सर्विस, कार्गो ऑपरेशन या बिज़नेस एविएशन में काम कर सकते हैं। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| कमर्शियल पायलट | 16 लाख – 17.7 लाख |
| फर्स्ट ऑफिसर | 30.4 लाख – 34.8 लाख |
| सीनियर फर्स्ट ऑफिसर | 41.7 लाख – 46 लाख |
| कैप्टन | 11.7 लाख – 12.9 लाख |
| सीनियर कैप्टन | 11 लाख – 12.2 लाख |
FAQs
आमतौर पर कमर्शियल पायलट लाइसेंस पाने में 18 से 24 महीने लगते हैं। इसमें ग्राउंड क्लास, उड़ान प्रशिक्षण और आवश्यक उड़ान घंटे पूरे करना शामिल है। इसमें मुख्य रूप से मौसम, परीक्षा और प्रशिक्षण की उपलब्धता के कारण समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।
भारत में व्यावसायिक पायलट प्रशिक्षण पर लगभग 35 से 50 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है। इसमें फ्लाइंग हॉर्स, ग्राउंड क्लास, परीक्षा शुल्क और लाइसेंस शुल्क शामिल होते हैं। इसकी वास्तविक फीस प्रशिक्षण संस्थान और ईंधन दरों पर निर्भर करता है।
भारत में पायलट लाइसेंस नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी किया जाता है। सभी परीक्षा, मेडिकल और उड़ान घंटे इसी संस्था के नियमों के अनुसार पूरे करने होते हैं। बिना लाइसेंस के व्यावसायिक उड़ान संभव नहीं है।
कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए कम से कम 200 उड़ान के घंटे पूरे करना अनिवार्य है। इन घंटों में एकल उड़ान, प्रशिक्षक के साथ उड़ान और रात की उड़ान शामिल होती है। सभी घंटे अधिकृत प्रशिक्षण विमान में ही गिने जाते हैं।
हाँ, बिल्कुल। लड़कियाँ भी पायलट बन सकती हैं। पायलट के लिए अधिकांश शारीरिक आवश्यकताएं महिलाओं और पुरुषों की एक जैसी ही होती है, हालाँकि DGCA के नियमों के अनुसार गर्भावस्था और पीरिएड के दौरान उड़ान भरने की अनुमति नहीं होती है। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप DGCA की आधिकारिक वेबसाइट कर सकते हैं।
संबंधित आर्टिकल्स
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको पायलट बनने की प्रक्रिया समझ आई होगी। ऐसे ही अन्य करियर गाइड्स से जुड़े लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu पर उपलब्ध लेख देख सकते हैं।

One app for all your study abroad needs



60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!