आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग सेक्टरों में स्किल्ड फिटर की डिमांड तेजी से बढ़ी है। ITI फिटर कोर्स एक राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वॉकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसे भारत सरकार के DGT (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग) के अंतर्गत क्राफ्ट्समेन ट्रेनिंग स्कीम के रूप में संचालित किया जाता है। इस कोर्स में मशीन टूल्स, धातु फिटिंग, असेंबली, मरम्मत, माप-तौल और औद्योगिक सुरक्षा जैसे प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाई जाती हैं।
इस लेख में आप आईटीआई फिटर कोर्स का सिलेबस, योग्यता, फीस, करियर स्कोप, सैलरी, कॉलेज और आगे की पढ़ाई के विकल्पों को आसान भाषा में समझाया गया है।
| मापदंड | विवरण |
| कोर्स फुल फॉर्म | आईटीआई फिटर कोर्स (फिटर ट्रेड अंडर क्राफ्ट्समेन ट्रेनिंग स्कीम), DGT/NCVT प्रमाणित |
| कोर्स लेवल (NSQF) | लेवल-5 (नेशनल स्टैंडर्डाइज़्ड स्किल्स) |
| कोर्स ड्यूरेशन | सामान्यतः 2 वर्ष (4 सेमेस्टर्स) |
| एडमिशन प्रोसेस | प्रवेश मेरिट/राज्य-आधारित काउंसलिंग/ITI नियमों पर आधारित |
| कोर्स करिकुलम स्ट्रक्चर | थ्योरी, प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल वर्कशॉप ट्रेनिंग |
| योग्यता | 10वीं पास (Science & Maths) या समान योग्यता; न्यूनतम उम्र 14 वर्ष |
| प्रमुख कॉलेज/ITI | राज्य सरकार द्वारा संचालित ITI, केंद्रीय/डीओईटी मान्यता प्राप्त ITI |
| प्रमुख जॉब प्रोफाइल | फिटर टेक्नीशियन, मशीन ऑपरेटर, असेंबली वर्कर, मेंटेनेंस असिस्टेंट |
| रोजगार के क्षेत्र | मैन्युफैक्चरिंग और उत्पादन यूनिट, ऑटोमोबाइल सेक्टर, रेल/डिफ़ेंस व PSU वर्कशॉप |
This Blog Includes:
आईटीआई फिटर कोर्स क्यों करें?
यहाँ ITI फिटर कोर्स को चुनने के प्रमुख कारणों को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझाया गया है –
- आईटीआई फिटर कोर्स भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत DGT द्वारा संचालित क्राफ्ट्समेन ट्रेनिंग स्कीम का हिस्सा है, इसलिए इसकी राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है।
- इस कोर्स में आप मशीन पार्ट्स की फिटिंग, असेंबली, ड्रिलिंग, माप उपकरणों का उपयोग और इंडस्ट्रीज़ सेफ्टी जैसी स्किल्स के बारे में सीख सकते हैं, जो आपकी जॉब के समय आपके बहुत काम आती हैं।
- इस कोर्स की अवधि सामान्यतः 2 वर्ष होती है, जिसके बाद आप अप्रेंटिसशिप या प्राइवेट इंडस्ट्रीज़ में तकनीकी पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो इसे आप कम समय में पूरा करके अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
- इस कोर्स को करने के बाद आप ऑटोमोबाइल, मशीन निर्माण, रेलवे जैसे क्षेत्रों में अपने लिए रोजगार के नए अवसर तलाश सकते हैं। इसके अलावा आप इस कोर्स के बाद डिप्लोमा, अप्रेंटिसशिप या प्रतियोगी तकनीकी पदों की भी तैयारी कर सकते हैं।
- सरकारी आईटीआई में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी तकनीकी स्किल्स सीख सकते हैं। इस कोर्स में सिखाए जाने वाली तकनीकी स्किल्स आपकी ग्रोथ को समान गति से आगे बढ़ा सकती है।
यह भी पढ़ें – 12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स की पूरी जानकारी
ITI फिटर कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
ITI फिटर कोर्स में एडमिशन से पहले आपको हर कॉलेज की एलिजिबिलिटी जरूर चेक करनी चाहिए। कुछ सामान्य एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस प्रकार है:
- शैक्षणिक योग्यता: इस कोर्स को करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10वीं (मैट्रिक) उत्तीर्ण होना आवश्यक होता है। इसके अलावा 10वीं में आपके पास गणित और विज्ञान जैसे विषय सामान्यतः अनिवार्य माने जाते हैं, क्योंकि फिटर ट्रेड तकनीकी गणना और मापन पर आधारित है।
- न्यूनतम आयु सीमा: इस कोर्स में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सामान्यतः 14 वर्ष निर्धारित है। हालाँकि अधिकतम आयु सीमा राज्य नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। साथ ही सरकारी ITI में इस कोर्स के लिए आपकी नागरिकता भारतीय होनी चाहिए।
- चयन प्रक्रिया: अधिकांश राज्यों में प्रवेश मेरिट सूची (10वीं के अंकों के आधार पर) या राज्य स्तरीय ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से होता है।
- शारीरिक क्षमता: फिटर ट्रेड में वर्कशॉप आधारित कार्य होता है, इसलिए इस कोर्स को करने के लिए आपका शारीरिक तौर पर फिट होना भी जरुरी होता है।
ITI फिटर कोर्स में एडमिशन कैसे होता है?
यहाँ आईटीआई फिटर कोर्स में एडमिशन की प्रोसेस को आसान भाषा में बताया गया है, जो एंट्रेंस एग्जाम से शुरू होकर सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया के साथ पूरी होती है।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म में मांगी गई शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी सही तरीके से भरें।
- आवश्यक दस्तावेजों की कॉपी फॉर्म के साथ जमा करें।
- इसके बाद मेरिट लिस्ट या प्रवेश परीक्षा के परिणाम का इंतजार करें।
- चयन होने पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन करवाएं और निर्धारित फीस जमा करके एडमिशन कन्फर्म करें।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में आवेदन करना है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- एडमिशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन आईडी बनाएं।
- ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- यदि किसी संस्थान में प्रवेश के लिए इंटरव्यू आयोजित होता है, तो उसमें शामिल हों।
- मेरिट/रिजल्ट जारी होने के बाद काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा करें।
- अंत में फीस जमा करने के बाद एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
यह भी पढ़ें – आईटीआई कोर्स लिस्ट, टॉप ट्रेड्स और करियर विकल्प
ITI फिटर कोर्स का सिलेबस
भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ITI फिटर कोर्स का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक संस्थान अपना करिकुलम और पेपर स्ट्रक्चर स्वयं निर्धारित करता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें।
नीचे दिया गया सिलेबस जिसे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship) की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:
| श्रेणी / वर्ष | मुख्य विषय | टॉपिक |
| प्रोफेशनल स्किल (प्रैक्टिकल) – प्रथम वर्ष | बेसिक फिटरिंग | बेसिक फिटिंग कार्य, धातु को काटना-फाइल करना, ड्रिलिंग, टैपिंग, रिमिंग, माप उपकरण (Vernier caliper, micrometer) का उपयोग, मार्किंग और लेआउट, साधारण मशीन पार्ट्स की असेंबली, बोल्ट-नट और फास्टनर लगाना, बेसिक मशीन ऑपरेशन |
| सीमेंट, धातु जोड़ना | रिवेटिंग, सोल्डरिंग, ब्रेज़िंग, सादा मशीनों की ऑपरेशन (ग्राइंडिंग, पॉलिशिंग), बेसिक वर्कशॉप सेफ्टी | |
| प्रोफेशनल स्किल (प्रैक्टिकल) – दूसरा वर्ष | एडवांस फिटिंग | प्रिसीजन फिटिंग, स्क्रैपिंग और लैपिंग, मशीन पार्ट्स की असेंबली-डिसअसेंबली, बेयरिंग-शाफ्ट-कपलिंग फिट करना, मशीन मेंटेनेंस, लेथ और ग्राइंडिंग मशीन का उपयोग, वेल्डिंग (Arc/Gas), सोल्डरिंग व ब्रेजिंग |
| ट्रेड थ्योरी – दोनों वर्ष | फ़िटर ट्रेड सिद्धांत | बेसिक फिटिंग कार्य, धातु को काटना-फाइल करना, ड्रिलिंग, टैपिंग, रिमिंग, माप उपकरण (Vernier caliper, micrometer) का उपयोग, मार्किंग और लेआउट, साधारण मशीन पार्ट्स की असेंबली, बोल्ट-नट और फास्टनर लगाना, बेसिक मशीन ऑपरेशन, मशीन मेंटेनेंस तकनीक, लुब्रिकेशन सिस्टम, फॉल्ट डायग्नोसिस, पावर ट्रांसमिशन (गियर, बेल्ट, चेन), हाइड्रोलिक और न्यूमैटिक सिस्टम की बेसिक जानकारी, क्वालिटी कंट्रोल और इंस्पेक्शन तकनीक |
| इंजीनियरिंग ड्राइंग | तकनीकी चित्रण | ऑर्थोग्राफिक ड्राइंग, आइसोमेट्रिक व्यू, मशीनी पार्ट्स के स्केच, थ्रेड और फिट के सिंबल, सरल मशीन पार्ट ड्रॉइंग, मशीन असेंबली ड्रॉइंग पढ़ना, जटिल पार्ट ड्रॉइंग, मशीन पार्ट्स के ब्लूप्रिंट समझना, टॉलरेंस प्रतीक |
| वर्कशॉप गणित व विज्ञान | कार्य योग्य विज्ञान | बेसिक गणितीय गणनाएँ, क्षेत्रफल-आयतन, सामग्री का वजन निकालना, घर्षण, बल और दबाव, धातुओं के भौतिक गुण, टॉलरेंस और फिट की गणना, सामग्री की ताकत, मशीनिंग पैरामीटर, मैकेनिकल बेसिक्स |
| एम्प्लॉएबिलिटी स्किल्स | नौकरी के कौशल | संचार कौशल, टीमवर्क, समय प्रबंधन, कार्यस्थल व्यवहार, बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान, इंटरव्यू तैयारी, उद्योग में काम करने की स्किल, बेसिक उद्यमिता (Entrepreneurship) |
| अन्य आवश्यक घटक | प्रोजेक्ट व OJT | इंडस्ट्री में 150 घंटे ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग या समूह प्रोजेक्ट, 2 प्रमुख प्रोजेक्ट वर्क कंप्लीट करना |
ITI फिटर कोर्स के लिए कॉलेज और उनकी फीस
यहाँ ITI फिटर कोर्स के लिए कॉलेज के नाम दिए गए हैं, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के कॉलेज के नाम शामिल हैं। यहाँ दी गई कॉलेज की फीस एक अनुमानित फीस है, आवेदन करने से पहले आपको अपने द्वारा चुने गए कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जांच जरूर करनी चाहिए, क्योंकि इसमें बदलाव संभव है –
ITI फिटर कोर्स के लिए सरकारी कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
अधिकांश सरकारी ITI में फीस वास्तव में INR 1,000 से INR 5,000 प्रति वर्ष के आसपास ही होती है। सरकारी ITI में ट्यूशन फीस बहुत कम होती है क्योंकि इसे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT) संचालित किया जाता है। इस कोर्स के लिए अलग-अलग राज्यों में फीस थोड़ी बदल सकती है, लेकिन इसकी सामान्यतः रेंज निम्नलिखित है –
| संस्थान का नाम | स्थान | अनुमानित कुल फीस (INR) |
| NSTI मुंबई | महाराष्ट्र | INR 2,000 – INR 4,000 |
| ITI दिल्ली (अरब की सराय) | नई दिल्ली | INR 1,500 – INR 3,000 |
| ITI पुणे (औंध) | महाराष्ट्र | INR 1,200 – INR 2,500 |
| ITI चेन्नई (गिंडी) | तमिलनाडु | INR 1,500 – INR 3,000 |
| ITI कोलकता (गरियाहाट) | पश्चिम बंगाल | INR 1,000 – INR 2,000 |
| ITI लखनऊ (अलीगंज) | उत्तर प्रदेश | INR 1,500 – INR 2,800 |
| ITI बेंगलुरु (होसुर रोड) | कर्नाटक | INR 2,000 – INR 4,000 |
| ITI हैदराबाद (मुसीराबाद) | तेलंगाना | INR 1,800 – INR 3,500 |
| ITI पटना (दीघा) | बिहार | INR 1,000 – INR 2,500 |
| NSTI कानपुर | उत्तर प्रदेश | INR 2,500 – INR 5,000 |
ITI फिटर कोर्स के लिए प्राइवेट कॉलेज और उनकी अनुमानित फीस
| संस्थान का नाम | स्थान | अनुमानित वार्षिक फीस (INR) |
| कमल रतन प्राइवेट ITI | जयपुर, राजस्थान | INR 25,000 – INR 35,000 |
| श्री सूरजमल प्रा. लि. ITI | सोनीपत, हरियाणा | INR 20,000 – INR 40,000 |
| एन.एस. प्राइवेट ITI | पूर्व बर्धमान, पश्चिम बंगाल | INR 15,000 – INR 30,000 |
| आकाशलाइन प्राइवेट ITI | दिल्ली (NCR) | INR 20,000 – INR 45,000 |
| ACMT प्राइवेट ITI | दिल्ली (NCR) | INR 20,000 – INR 45,000 |
| अनुराग इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट | दिल्ली | INR 18,000 – INR 40,000 |
| डी.एन. लाल शारदा प्राइवेट ITI | दिल्ली | INR 20,000 – INR 50,000 |
| डॉन बॉस्को टेक्निकल इंस्टिट्यूट | दिल्ली | INR 25,000 – INR 50,000 |
| मेरिट प्राइवेट ITI | दिल्ली | INR 18,000 – INR 40,000 |
| क्रैडल ऑफ मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट प्राइवेट ITI | दिल्ली | INR 22,000 – INR 45,000 |
यह भी पढ़ें – BSc CS कोर्स डिटेल्स: आवश्यक योग्यता, सिलेबस, कॉलेज और करियर स्कोप
ITI फिटर कोर्स के बाद करियर स्कोप और सैलरी
ITI फिटर कोर्स करने के बाद आप रेलवे, PWD, डिफेंस प्रॉडक्शन यूनिट, ऑटो, मैन्युफैक्चरिंग और मशीनिंग आदि क्षेत्रों में निम्नलिखित जॉब प्रोफाइल पर काम कर सकते हैं –
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित सालाना सैलरी (INR) |
| टेक्नीशियन फिटर | INR 2.8 लाख – INR 3.1 लाख |
| वेल्डर | INR 2.8 लाख – INR 3.1 लाख |
| मशीन ऑपरेटर | INR 2.3 लाख – INR 2.5 लाख |
| पाइप फिटर | INR 3.8 लाख – INR 4.2 लाख |
| मैकेनिकल फिटर | INR 9.8 लाख – INR 10.9 लाख |
नोट – यहां अनुमानित सैलरी की जानकारी Ambitionbox.com के आधार पर दी गई है जिसमें बदलाव संभव है।
ITI फिटर कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प
ITI फिटर कोर्स के बाद आपके सामने तकनीकी कौशल को निखारने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अनेक अवसर खुल जाते हैं। यहाँ ITI फिटर कोर्स के बाद आगे की पढ़ाई के विकल्प दिए गए हैं –
| कोर्स / विकल्प | लेवल | अवधि |
| लैटरल एंट्री डिप्लोमा (पॉलिटेक्निक) | डिप्लोमा (इंजीनियरिंग) | 2 वर्ष |
| CITS (इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग) | टीचिंग सर्टिफिकेशन | 1 वर्ष |
| एडवांस्ड डिप्लोमा (NSTI) | एडवांस डिप्लोमा | 2 वर्ष |
| B.E. / B.Tech (लेटरल) | डिग्री (इंजीनियरिंग) | 3 वर्ष |
| अप्रेंटिसशिप (NAPS) | प्रैक्टिकल ट्रेनिंग | 1 वर्ष |
FAQs
फिटर प्रशिक्षण के बाद निजी कारखानों, मशीन निर्माण इकाइयों, रेलवे, रक्षा कारखानों और बिजली संयंत्रों में रोजगार मिल सकता है। कई सार्वजनिक उपक्रम भी प्रशिक्षित फिटर की भर्ती प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से करते हैं।
इस कोर्स में आपको मशीन पार्ट्स की फिटिंग, असेंबली, मशीन मेंटेनेंस और मेटल वर्क से जुड़े तकनीकी विषयों को पढ़ाया और इसके लिए आप में संबंधित स्किल्स को डेवलप किया जाता है। इस कोर्स के दौरान ट्रेड प्रैक्टिकल, ट्रेड थ्योरी, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, वर्कशॉप कैलकुलेशन और एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं।
फिटर ट्रेड का ITI कोर्स सामान्यतः 2 वर्ष का होता है, जिसे 4 सेमेस्टर में पूरा कराया जाता है। यह कोर्स भारत सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT) के तहत संचालित क्राफ्ट्समेन ट्रेनिंग स्कीम (CTS) का हिस्सा है।
रेलवे में फिटर का मुख्य काम इंजन, डिब्बों और अन्य यांत्रिक भागों की मरम्मत और फिटिंग करना होता है। वह टूटे-फूटे हिस्सों को बदलता है, पुर्जों को सही तरीके से जोड़ता है और मशीनों को सुरक्षित चलने योग्य बनाता है।
हाँ, फिटर ट्रेड में प्रवेश के लिए लड़का या लड़की होना कोई बाधा नहीं है। यदि विद्यार्थी को तकनीकी कार्य में रुचि है, तो वह इस कोर्स को चुन सकता या सकती है।
संबंधित आर्टिकल्स
हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको आईटीआई फिटर कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

One app for all your study abroad needs



60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!