IELTS और TOEFL के बीच प्रमुख अंतर क्या है?

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IELTS और TOEFL

विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का सपना पूरा करने के लिए अच्छी अंग्रेजी जरूरी होती है, क्योंकि वहां के अधिकांश कोर्स अंग्रेजी में होते हैं। इसी कारण छात्रों को एडमिशन से पहले अपनी अंग्रेजी क्षमता जांचने के लिए IELTS या TOEFL जैसे टेस्ट देना अनिवार्य होता है। ये दोनों इंटरनेशनल लेवल के टेस्ट हैं, जो छात्र की पढ़ने, लिखने, सुनने और बोलने की क्षमता को परखते हैं। हालांकि दोनों टेस्ट का फॉर्मेट और समय अलग होता है।

यह बताना चाहेंगे कि IELTS और TOEFL को दुनियाभर के हजारों संस्थानों द्वारा मान्यता प्राप्त है, इसलिए ये टेस्ट छात्रों के लिए भरोसेमंद माने जाते हैं। हालांकि अक्सर छात्र यह तय नहीं कर पाते कि कौन सा टेस्ट दें, इसलिए दोनों के अंतर को समझना आवश्यक है, ताकि सही निर्णय लिया जा सके। आइए जानते हैं IELTS और TOEFL के बीच अंतर।

IELTS और TOEFL का ओवरव्यू

आस्पेक्टIELTSTOEFL
मान्य यूनिवर्सिटीज की संख्या2026 तक 140+ से अधिक देशों में 12,500+ से अधिक ऑर्गनाइजेशन2026 तक 160+ से अधिक देशों में 13,000+ से अधिक इंस्टिट्यूट 
ऑर्गेनाइजरIELTS IDP Indiaएजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ETS) 
टेस्ट का फॉर्मेटकंप्यूटर आधारित एवं पेन-पेपर आधारितइंटरनेट आधारित (TOEFL iBT) या
TOEFL iBT परीक्षा होम एडिशन के रूप में भी उपलब्ध है। आप घर बैठे TOEFL iBT दे सकते हैं। होम एडिशन सप्ताह में 4 दिन खुला रहता है।
टेस्ट मॉड्यूलपढ़ना, लिखना, बोलना और सुननापढ़ना, लिखना, बोलना और सुनना
टेस्ट की अवधि 2 घंटे, 45 मिनट2 घंटे
स्कोर 0-9 0-120
मार्किग सिस्टम में अंतर पढ़ने और बोलने की परीक्षाएं सांस्कृतिक रूप से जागरूक विशेषज्ञ लेते हैं।AI और एक्सपर्ट स्कोरर का कॉम्बिनेशन
रिजल्ट कंप्यूटर आधारित IELTS का परिणाम 2 दिन में और पेपर आधारित का 7 दिन में आता है।अधिकतम 10 दिन 
वैधता2 वर्ष 2 वर्ष 
लोकप्रियता ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके, सिंगापुर और UAE में लोकप्रियअमेरिका, न्यूजीलैंड, कनाडा, यूके, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स और स्वीडन में लोकप्रिय

IELTS क्या है?

‘इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम’ (IELTS) एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अंग्रेजी भाषा परीक्षा है, जिसे विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जिनकी पहली भाषा अंग्रेजी नहीं है। यह परीक्षा ब्रिटिश काउंसिल, IDP और कैम्ब्रिज जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित की जाती है। IELTS स्कोर का उपयोग विदेश में पढ़ाई, काम करने और माइग्रेशन जैसे उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यह टेस्ट चार प्रमुख भाषा कौशलों – सुनना, पढ़ना, लिखना और बोलना का मूल्यांकन करता है।

दुनियाभर में हजारों यूनिवर्सिटीज, कॉलेज, प्रोफेशनल बॉडीज और सरकारें इस स्कोर को स्वीकार करते हैं। इस परीक्षा का परिणाम दो साल तक वैलिड रहता है। TOEFL की तरह ही, IELTS भी अंग्रेजी दक्षता की जांच करता है, लेकिन दोनों का फॉर्मेट और समय अलग होता है। IELTS स्कोर विदेश जाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण क्राइटेरिया है।

TOEFL iBT क्या है? 

‘टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरेन लैंग्वेज’ (TOEFL) एक अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षा है, जिसे एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ETS) संस्था संचालित करती है। यह परीक्षा विशेष रूप से उन छात्रों के लिए होती है जो विदेश में पढ़ाई, नौकरी या प्रवास की योजना बना रहे हैं। TOEFL की आधिकारिक वेबसाइट www.ets.org के अनुसार TOEFL iBT को 160+ देशों की 13,000 से अधिक यूनिवर्सिटीज और संस्थान स्वीकार करते हैं।

इस टेस्ट में पढ़ना, सुनना, बोलना और लिखना चारों प्रमुख भाषा कौशलों का मूल्यांकन किया जाता है। TOEFL यह जांचता है कि कोई छात्र अकादमिक माहौल में अंग्रेजी को कितनी अच्छी तरह समझता और उपयोग करता है। यह टेस्ट छात्रों को यह साबित करने में मदद करता है कि वे उच्च शिक्षा के लिए तैयार हैं। वर्तमान में TOEFL स्कोर दुनियाभर में उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण क्राइटेरिया बन चुका है और यह विद्यार्थियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भागीदारी सुनिश्चित करता है।

IELTS और TOEFL iBT में मुख्य अंतर 

IELTS और TOEFL दोनों परीक्षाएँ अंग्रेज़ी भाषा की चारों स्किल्स- लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग का मूल्यांकन करती हैं। हालांकि दोनों का परीक्षा पैटर्न एक-दूसरे से अलग होता है। नीचे इनके फॉर्मेट में अंतर बताया गया है:

IELTS टेस्ट फॉर्मेट IELTS अकादमिक प्रश्नों की संख्या TOEFL iBTप्रश्नों की संख्या 
लिसनिंग30 मिनट 4029 मिनट 47
रीडिंग60 मिनट4030 मिनट 50
राइटिंग60 मिनट2 टास्क 23 मिनट12
स्पीकिंग15 मिनट 3 पार्ट्स 8 मिनट 11

नोट: यह जानकारी ieltsidpindia.com और ets.org की आधिकारिक वेबसाइट से ली गई है। परीक्षा पैटर्न और समय-सीमा में बदलाव संभव है।

स्कोरिंग सिस्टम में अंतर

IELTS और TOEFL दोनों परीक्षाओं में रीडिंग, लिसनिंग और राइटिंग के सेक्शन लगभग समान होते हैं, लेकिन मुख्य अंतर स्पीकिंग सेक्शन में होता है। IELTS में कैंडिडेट को एक एग्जामिनर से आमने-सामने बातचीत करनी होती है, जिससे कभी-कभी इंटरव्यू लेने वाले के व्यक्तिगत दृष्टिकोण का प्रभाव पड़ सकता है। इसके विपरीत, TOEFL में कैंडिडेट माइक्रोफोन में बोलते हैं, और उनके उत्तरों का मूल्यांकन कंप्यूटर और ह्यूमन स्कोरिंग पैनल द्वारा किया जाता है।

ध्यान दें कि IELTS परीक्षा में हर स्किल के लिए 0 से 9 तक का बैंड स्कोर और एक ओवरऑल बैंड स्कोर दिया जाता है। वहीं TOEFL iBT में कुल स्कोर 0 से 120 के बीच होता है और प्रत्येक स्किल के लिए 0 से 30 तक अंक मिलते हैं। अलग-अलग देशों और यूनिवर्सिटीज में विभिन्न कोर्स लेवल के लिए अंग्रेज़ी भाषा की योग्यता अलग-अलग होती है। नीचे दी गई टेबल में न्यूनतम IELTS और TOEFL iBT स्कोर बताए गए हैं:-

डिग्री लेवल IELTSTOEFL
फाउंडेशन 35-45
अंडरग्रेजुएट 60-78
पोस्ट ग्रेजुएट 94-101

IELTS और TOEFL iBT के बीच स्कोर की तुलना

दोनों टेस्ट के स्कोर में अंतर इस प्रकार है:

IELTS बैंड स्कोर TOEFL iBT स्कोर
0-40-31
4.532-34
535-45
5.546-59
660-78
6.579-93
794-101
7.5102-109
8110-114
8.5115-117
9118-120

IELTS और TOEFL iBT की स्वीकार्यता

IELTS और TOEFL दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट हैं, जिन्हें विदेशी यूनिवर्सिटीज में प्रवेश के लिए आवश्यक माना जाता है। IELTS को विशेष रूप से यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और यूरोप के कई संस्थान और यूनिवर्सिटीज स्वीकार करते हैं। यह टेस्ट विशेष रूप से ब्रिटिश इंग्लिश पर आधारित होता है।

वहीं, TOEFL को मुख्यतः अमेरिका की यूनिवर्सिटीज द्वारा स्वीकार किया जाता है। इसके साथ ही कुछ यूरोपीय देशों और एशियाई संस्थानों में भी इसकी मान्यता है। ध्यान दें कि दोनों टेस्ट की स्वीकार्यता देश और यूनिवर्सिटी की नीतियों पर निर्भर करती है।

IELTS और TOEFL iBT की फीस 2026

भारत में IELTS परीक्षा की फीस आमतौर पर लगभग INR 18,000 होती है। यह शुल्क IELTS की दोनों परीक्षाओं-अकेडमिक और जनरल ट्रेनिंग पर समान रूप से लागू होता है। यदि कोई छात्र UKVI (यूके वीज़ा और इमिग्रेशन) के लिए विशेष IELTS परीक्षा देना चाहता है, तो इसकी फीस थोड़ी बढ़ जाती है और लगभग INR 18,250 तक होती है। इसके अलावा, IELTS लाइफ स्किल्स परीक्षा (A1 एंड B1) की फीस लगभग INR 17,000 होती है। नीचे दी गई टेबल में अलग-अलग IELTS टेस्ट की फीस की जानकारी दी गई है:

IELTS टेस्ट का प्रकार IELTS टेस्ट फीस 2026 
UKVI (यूके वीजा और इमिग्रेशन) के लिए कंप्यूटर-आधारित IELTS परीक्षाINR 18,250
कंप्यूटर पर IELTS टेस्टINR 18,000
IELTS लाइफ स्किल्स (A1 एंड B1)INR 17,000
यूके वीज़ा और इमिग्रेशन के लिए IELTSINR 18,250
IELTS ऑन पेपर INR 18,000
वन स्किल रिटेक INR 12,000

दूसरी ओर, TOEFL iBT परीक्षा की फीस भारत में करीब INR 17,999 होती है, और यह शुल्क परीक्षा केंद्र पर दी जाने वाली परीक्षा तथा घर से दी जाने वाली दोनों परीक्षाओं के लिए समान है। TOEFL एसेंशियल्स नाम का एक सरल संस्करण भी उपलब्ध है, जिसकी फीस लगभग INR 10,000 के आसपास होती है। कुल मिलाकर, भारत में IELTS और TOEFL दोनों परीक्षाओं की फीस लगभग समान है, इसलिए छात्र अपनी आवश्यकता, पसंद और जिस देश में उन्हें अध्ययन करना है, उसके आधार पर इनमें से किसी भी परीक्षा का चयन कर सकते हैं।

स्टूडेंट्स के लिए कौनसा टेस्ट बेहतर है?

IELTS या TOEFL का चयन यूनिवर्सिटी के एडमिशन क्राइटेरिया और छात्र की सुविधा पर निर्भर करता है। कुछ यूनिवर्सिटी TOEFL तो कुछ IELTS स्कोर स्वीकार करते हैं, इसलिए एडमिशन से पहले यह अवश्य जांच लें कि आपकी चुनी हुई यूनिवर्सिटी कौनसा स्कोर एक्सेप्ट करती है। IELTS एक इंटरव्यू आधारित और MCQ प्रश्नों वाला टेस्ट है, जो मौखिक उत्तर देने में सहज छात्रों के लिए उपयुक्त है।

जबकि TOEFL एक कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) है, जिसमें माइक्रोफोन के माध्यम से बोलना होता है, जो तकनीक में छात्रों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। बता दें कि दोनों परीक्षाओं के स्कोर को कई देशों में मान्यता प्राप्त है, इसलिए छात्रों को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। 

IELTS और TOEFL की तैयारी के लिए टिप्स

IELTS और TOEFL की तैयारी के लिए छात्रों को रोजाना प्रैक्टिस और सही रणनीति अपनानी चाहिए। IELTS में स्पीकिंग, राइटिंग और लिसनिंग स्किल्स पर फोकस करें, जबकि TOEFL के लिए कंप्यूटर-आधारित अभ्यास, टाइपिंग स्पीड और माइक्रोफोन के प्रयोग पर ध्यान दें। दोनों परीक्षाओं के लिए मॉक टेस्ट नियमित रूप से देने चाहिए ताकि टाइम मैनेजमेंट और कमजोरियों की पहचान हो सके।

छात्रों के लिए विश्वसनीय कोचिंग संस्थानों से मार्गदर्शन लेना या ऑनलाइन फ्री रिसोर्सेज जैसे यूट्यूब, वेबसाइट्स, मोबाइल ऐप्स, वीडियो लेक्चर, प्रैक्टिस टेस्ट और ई-बुक्स का उपयोग करना भी काफी फायदेमंद हो सकता है।

FAQs 

भारत में ielts और Toefl में क्या अंतर है?

भारत में IELTS ब्रिटिश इंग्लिश आधारित टेस्ट है, जबकि TOEFL अमेरिकी इंग्लिश पर आधारित कंप्यूटर-आधारित टेस्ट है।

IELTS और TOEFL की वैधता कितने साल होती है?

दोनों परीक्षाओं के स्कोर 2 वर्ष तक वैध होते हैं।

12वीं में IELTS के लिए कितना प्रतिशत चाहिए?

IELTS के लिए 12वीं में किसी विशेष प्रतिशत की आवश्यकता नहीं होती। कैंडिडेट के पास बस मान्य पहचान पत्र और परीक्षा शुल्क होना चाहिए।

आईलेट्स में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

IELTS में चार सेक्शन होते हैं: लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग।

क्या IELTS और TOEFL दोनों इंटरनेशनल लेवल के टेस्ट हैं?

दोनों ही इंटरनेशनल इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट हैं और दुनियाभर के हजारों विश्वविद्यालय और इमिग्रेशन विभाग इन्हें स्वीकार करते हैं।

हमें उम्मीद है कि इस ब्लॉग में आपको IELTS और TOEFL में अंतर की पूरी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही स्टडी अब्रॉड से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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