डिप्लोमा इन एजुकेशन (D.Ed) एक डिप्लोमा लेवल का शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स है, जो छात्रों को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 8) का कुशल शिक्षक बनने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। यह कोर्स सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण देता है, जिसमें कक्षा शिक्षण, माइक्रो टीचिंग सेशंस और इंटर्नशिप शामिल होती हैं। डी.एड पाठ्यक्रम में बाल विकास, भाषा कला, नृत्य और शिक्षण विधियों जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं।
बी.एड की तुलना में यह एक छोटा और ऑक्यूपेशनल कोर्स है, जिसमें एडमिशन मेरिट या एंट्रेंस परीक्षा के आधार पर होता है। यह कोर्स न सिर्फ शिक्षण, बल्कि काउंसलिंग, चाइल्ड केयर और लेखन जैसे क्षेत्रों में भी अवसर प्रदान करता है। इस लेख में छात्रों के लिए D.Ed कोर्स की आवश्यक जानकारी दी गई है।
| कोर्स का नाम | डिप्लोमा इन एजुकेशन (D.Ed) |
| कोर्स लेवल | डिप्लोमा |
| D.Ed एजुकेशन मोड | फुल टाइम |
| अवधि | 2 वर्ष |
| आयु सीमा | कोई आयु सीमा नहीं है। |
| योग्यता | किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 50% अंकों के साथ 10+2 उत्तीर्ण। |
| D.Ed एडमिशन प्रोसेस | सेमेस्टर वाइज |
| D.Ed के बाद प्रमुख जॉब प्रोफाइल | प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा प्रशासक, शिक्षण सहायक, लेखक, गृह शिक्षक, शिक्षा परामर्शदाता |
| D.Ed के बाद रोजगार क्षेत्र | प्राथमिक विद्यालय, नर्सरी, प्लेस्कूल, ट्यूशन सेंटर व किंडरगार्टन आदि। |
This Blog Includes:
- D.Ed कोर्स क्यों करें?
- D.Ed कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
- D.Ed कोर्स की योग्यता
- D.Ed कोर्स में प्रवेश के लिए चयन प्रक्रिया
- D.Ed कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
- D.Ed कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
- भारत में D.Ed कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
- D.Ed कोर्स के बाद रोजगार के क्षेत्र
- जॉब प्रोफाइल और सैलरी
- D.Ed बनाम अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स
- FAQs
D.Ed कोर्स क्यों करें?
D.Ed कोर्स उन छात्रों के लिए एक बेहतर ऑप्शन है जो एजुकेशन सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं। यह कोर्स प्राथमिक स्तर के बच्चों को पढ़ाने के लिए आवश्यक शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान की समझ और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कोर्स कम समय में पूरा हो जाता है और बी.एड. की तुलना में जल्दी शिक्षक बनने का अवसर देता है। डी.एड. करने के बाद सरकारी और निजी स्कूलों में नौकरी के अच्छे अवसर उपलब्ध होते हैं। इसके साथ ही यह कोर्स चाइल्ड केयर, काउंसलिंग जैसे अन्य क्षेत्रों में भी करियर ऑप्शन प्रदान करता है।
D.Ed कोर्स स्ट्रक्चर और मोड
D.Ed कोर्स की अवधि आमतौर पर 2 वर्ष होती है, हालांकि कुछ संस्थानों में यह 1 वर्ष का भी हो सकता है। यह कोर्स दो शैक्षणिक सत्रों में विभाजित होता है, जिसमें थियोरेटिकल नॉलेज के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। कोर्स में बाल विकास, शैक्षणिक मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, कक्षा प्रबंधन, भाषा शिक्षण, गणित शिक्षण, पर्यावरण अध्ययन और नैतिक शिक्षा जैसे विषय शामिल होते हैं। इसके साथ ही छात्रों को स्कूलों में इंटर्नशिप और फील्ड वर्क का एक्सपीरियंस भी कराया जाता है जो 6 सप्ताह से 6 महीने तक हो सकता है।
D.Ed कोर्स की योग्यता
डी.एड कोर्स की पात्रता कॉलेज या संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित कॉलेज की प्रवेश पात्रता शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। कुछ संस्थान अल्पसंख्यक वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में छूट भी प्रदान करते हैं। डी.एड कोर्स के सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं:
- शैक्षिक योग्यता: अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम (आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस) में 12वीं कक्षा न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। हालांकि यह मानदंड संस्थान या राज्य की नीतियों के अनुसार बदल सकते हैं।
- आयु सीमा: आवेदन के समय कैंडिडेट की न्यूनतम आयु 16 वर्ष होनी चाहिए। D.Ed कोर्स के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
D.Ed कोर्स में प्रवेश के लिए चयन प्रक्रिया
D.Ed कोर्स में एडमिशन आमतौर पर मेरिट आधारित होता है, जिसमें कैंडिडेट के 10+2 के अंकों को प्राथमिकता दी जाती है। भारत में D.Ed के लिए कोई राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा नहीं होती, लेकिन कुछ संस्थान अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। इन परीक्षाओं की कट-ऑफ संबंधित संस्थान द्वारा तय की जाती है। जो कैंडिडेट एंट्रेंस परीक्षा पास करते हैं, उन्हें अंतिम सिलेक्शन प्रोसेस के लिए बुलाया जाता है। इसलिए छात्रों को संबंधित कॉलेज के एडमिशन प्रोसेस और नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही अप्लाई करना चाहिए, क्योंकि एडमिशन प्रोसेस संस्थान के अनुसार बदल सकता है।
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D.Ed कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस
D.Ed कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ निश्चित चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन सामान्यतः प्रक्रिया नीचे दी गई है:
ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस
- D.Ed के लिए आवेदन आमतौर पर संबंधित राज्य या कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरकर किया जाता है।
- आपको पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है और उसके बाद लॉग-इन करके फॉर्म भरना होता है।
- आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और दस्तावेज अपलोड करना आवश्यक होता है।
- फॉर्म भरने के बाद आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान (डिजिटल बैंकिंग/क्रेडिट कार्ड/नेट बैंकिंग) करना होता है।
- सफल सबमिशन के बाद आवेदन की रिसीप्ट डाउनलोड कर लेना चाहिए और भविष्य में उपयोग के लिए सेव कर लें।
ऑफलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस
- कुछ संस्थान ऑफलाइन आवेदन फॉर्म कॉलेज या कैंपस कार्यालय से सीधे प्राप्त करने की सुविधा देते हैं।
- उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म स्वयं भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना होता है।
- आवश्यक दस्तावेजों में शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो, पहचान पत्र, हस्ताक्षर आदि शामिल होते हैं।
- भरा हुआ फॉर्म और दस्तावेज कॉलेज/संस्थान के प्रवेश कार्यालय में जमा कराना होता है।
- कुछ संस्थान आवेदन लेने के बाद फीस रसीद स्वयं या बैंक के माध्यम से भुगतान या जमा करवाने की प्रक्रिया भी निर्धारित करते हैं।
D.Ed कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
यहां उन प्रमुख डाक्यूमेंट्स की लिस्ट दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
- दूसरी शैक्षिक योग्यता (यदि हो)
- निवास प्रमाण पत्र
- संबंधित डाक्यूमेंट्स (जैसे मेडिकल प्रमाण पत्र)
भारत में D.Ed कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस
भारत में D.Ed कोर्स मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में उपलब्ध है। इस कोर्स की फीस कॉलेज के प्रकार (सरकारी या प्राइवेट), राज्य, सीट श्रेणी और एडमिशन कोटा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर सरकारी संस्थानों में फीस कम होती है, जबकि निजी कॉलेजों में यह अधिक हो सकती है। छात्रों को एक सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से नीचे दी गई तालिका में प्रमुख कॉलेजों और संस्थानों के अनुसार D.Ed कोर्स की अनुमानित फीस रेंज दी गई है:
सरकारी संस्थान
| कॉलेज और संस्थान | अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR) |
| डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ | INR 30,000 (कुल फीस रेंज) |
| लखनऊ विश्वविद्यालय | INR 82,000 (कुल फीस रेंज) |
| सेवा कम्युनिटी कॉलेज | INR 20,000 (6 माह) |
| जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, दंतेवाड़ा | INR 5,000 – INR 15,000 (प्रति वर्ष की फीस रेंज) |
| डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (DIET) | INR 5,000 – INR 20,000 (प्रति वर्ष की फीस रेंज) |
प्राइवेट संस्थान
| कॉलेज और संस्थान | अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR) |
| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा | INR 15,000 – INR 27,000 (प्रति वर्ष की फीस रेंज) |
| बापूजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन | INR 17,000 (प्रति वर्ष की फीस रेंज) |
| मैस्कॉट कॉलेज ऑफ एजुकेशन | 41,000 (प्रति वर्ष की फीस रेंज) |
| एडवांस्ड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस | 54,18,372.00 (प्रति वर्ष की फीस रेंज) |
यह भी पढ़ें – 12वीं के बाद किए जाने वाले प्रमुख बैंकिंग कोर्सेस की लिस्ट
D.Ed कोर्स के बाद रोजगार के क्षेत्र
D.Ed पूरा करने के बाद छात्र विभिन्न शैक्षणिक और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं:
- सरकारी स्कूल
- निजी स्कूल
- प्राइमरी शिक्षण संस्थान
- प्री-प्राइमरी या नर्सरी स्कूल
- प्राइवेट कोचिंग सेंटर
- एजुकेशनल कंटेंट राइटिंग एजेंसियां
- चाइल्डकेयर सेंटर्स
- टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट
जॉब प्रोफाइल और सैलरी
D.Ed कोर्स के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के हिसाब से भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox 2026 के अनुसार नीचे दी गई है:
| जॉब प्रोफाइल | अनुमानित वार्षिक सैलरी (INR) |
| प्राथमिक शिक्षक | 2.6 लाख – 3 लाख |
| प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा शिक्षक | 3.4 लाख – 3.7 लाख |
| सहायक शिक्षक | 3.2 लाख – 3.5 लाख |
| पैराटीचर | 5 लाख – 5.5 लाख |
| शिक्षा सलाहकार | 3.3 लाख – 3.7 लाख |
| शैक्षिक सलाहकार | 5.1 लाख – 5.7 लाख |
| शिक्षा समन्वयक | 2.2 लाख – 2.8 लाख |
| शैक्षिक सामग्री लेखक | 4.6 लाख – 5.1 लाख |
D.Ed बनाम अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स
नीचे दी गई तालिका के माध्यम से D.Ed, B.Ed और D.El.Ed कोर्स के बीच अंतर समझाया गया है:
| विवरण | D.Ed कोर्स | D.El.Ed कोर्स | B.Ed कोर्स |
| फुल फॉर्म | डिप्लोमा इन एजुकेशन | डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन | बैचलर ऑफ एजुकेशन |
| कोर्स का लेवल | डिप्लोमा | डिप्लोमा | बैचलर डिग्री |
| कोर्स की अवधि | 2 वर्ष | 2 वर्ष | 2 वर्ष |
| योग्यता | 12वीं कक्षा या समकक्ष | 12वीं कक्षा या समकक्ष | किसी भी विषय में ग्रेजुएशन |
| एडमिशन प्रोसेस | मेरिट बेस्ड / एंट्रेंस बेस्ड | मेरिट बेस्ड / एंट्रेंस बेस्ड | मेरिट बेस्ड / एंट्रेंस बेस्ड |
| कोर्स का उद्देश्य | प्राइमरी या एलिमेंट्री लेवल के लिए सामान्य शिक्षक प्रशिक्षण | प्रारंभिक शिक्षा और मूलभूत शिक्षण कौशल | माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तरों के लिए विशेष शिक्षक प्रशिक्षण |
| विशिष्ट विशेषताएं | कम अवधि का कोर्स, प्रैक्टिकल टीचिंग स्किल्स पर फोकस। | प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षा और एलिमेंट्री लेवल (यानी क्लास I से VIII) के लिए टीचिंग स्किल्स पर फोकस। | विषय विशेषज्ञता के साथ व्यापक कार्यक्रम |
| रोजगार के अवसर | प्राइमरी/एलिमेंट्री स्कूल टीचर, प्राइवेट ट्यूटर | प्राइमरी स्कूल शिक्षक, सहायक शिक्षक | स्कूल टीचर (सेकेंडरी/हायर सेकेंडरी), एजुकेशनल कंसल्टेंट |
| हायर स्टडी के विकल्प | करियर ग्रोथ के लिए B.Ed किया जा सकता है। | BEd या अन्य स्पेशलाइज्ड कोर्स | करियर उन्नति के लिए पोस्टग्रेजुएट कोर्स (M.Ed, MA Education)। |
FAQs
यदि उम्मीदवार ने ‘राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान’ (NIOS) या किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास की हो, तो वह D.Ed. के लिए पात्र होता है, बशर्ते न्यूनतम अंक पूरे हों।
D.Ed. करने के बाद उम्मीदवार प्राइवेट और CBSE या राज्य बोर्ड स्कूलों में प्राथमिक शिक्षक के रूप में आवेदन कर सकता है।
डी.एड. पूरा करने के बाद बी.एड किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, क्योंकि ‘राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्’ (NCTE) के नियमों के अनुसार केवल डी.एड. के आधार पर बी.एड. में प्रवेश नहीं दिया जाता।
भारत में डी.एड एक ‘राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्’ द्वारा मान्यता प्राप्त अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम है, जिसे प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार NCTE द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
डी.एड पूरा करने के बाद आप विशेष रूप से सरकारी और प्राइवेट प्राथमिक/उप-प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक, प्राइवेट ट्यूटर, एजुकेशन कोऑर्डिनेटर, NGO के साथ शिक्षा संबंधी भूमिकाएं या आगे B. Ed व उच्च शिक्षा जैसे कार्यक्रम करके शिक्षण व शिक्षा प्रबंधन में करियर बना सकते हैं।
आशा है कि इस लेख में आपको D.Ed कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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