CFA कोर्स: आवश्यक योग्यता, सिलेबस, कॉलेज और करियर स्कोप

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CFA कोर्स

CFA (चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट) एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोफेशनल फाइनेंस प्रोग्राम है, जिसे CFA इंस्टीट्यूट (USA) संचालित करता है। यह कोर्स मुख्य रूप से निवेश, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, फाइनेंशियल एनालिसिस और एथिक्स पर केंद्रित होता है। कोर्स पूरा करने के बाद स्टूडेंट इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट, फंड मैनेजर, इन्वेस्टमेंट बैंकर या वेल्थ मैनेजर जैसे पदों पर अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

यह लेख उन छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए है जो यह समझना चाहते हैं कि CFA वास्तव में क्या है, यह किसके लिए सही है और किसके लिए नहीं, इसे करने में कितना समय, मेहनत और अनुशासन लगता है, साथ ही CFA से जुड़े करियर अवसर कितने व्यावहारिक हैं।

CFA कोर्स क्या है और इसे क्यों चुने?

CFA एक प्रोफेशनल कोर्स है, जो खासकर उन लोगों के लिए है जो निवेश और फाइनेंस के क्षेत्र में विशेषज्ञ बनना चाहते हैं। यह कोर्स तीन स्तरों (Level I, II और III) में बाँटा गया है, और हर स्तर पर धीरे-धीरे छात्रों का ज्ञान और कौशल बढ़ाया जाता है। इस कोर्स को चुनने के फायदे हैं:

  • CFA की डिग्री दुनिया भर में फाइनेंस प्रोफेशनल्स के लिए मान्य है।
  • CFA करने वाले प्रोफेशनल्स अक्सर बेहतर जॉब रोल और सैलरी पा सकते हैं।
  • यह कोर्स निवेश, रिसर्च, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और रिस्क मैनेजमेंट में गहरा ज्ञान प्रदान करता है।
  • CFA धारक को फाइनेंस सेक्टर में दूसरों की तुलना में बेहतर करियर ग्रोथ मिलती है।

CFA कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

इस कोर्स करने के लिए उम्मीदवार को कुछ जरूरी योग्यताएं पूरी करनी होती हैं। ये योग्यताएं इस प्रकार हैं:

  • किसी भी विषय में स्नातक (Graduate) की डिग्री होनी चाहिए, हालाँकि आधिकारिक वेबसाइट से मिले डेटा के अनुसार ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में भी आप इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • अगर आप अपनी डिग्री के अंतिम वर्ष में हैं, तो आप Level I के लिए आवेदन कर सकते हैं। Level II और Level III के लिए आपकी डिग्री पूरी होनी चाहिए।
  • CFA चार्टर पाने के लिए आपको कम से कम 3 साल का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस होना चाहिए। इसमें लगभग 4,000 घंटे का काम करना जरूरी है, और ये काम इन्वेस्टमेंट या फाइनेंस से जुड़ा होना चाहिए।
  • इसके साथ ही उम्मीदवार को CFA इंस्टिट्यूट के बनाए हुए नियमों का पालन करना ज़रूरी है। 
  • CFA चार्टर प्राप्त करने के लिए CFA इंस्टिट्यूट की मेंबरशिप और दो-तीन प्रोफेशनल रेफरेंस भी देने होते हैं।

CFA प्रोग्राम के स्तर और उसका पाठ्यक्रम

CFA कोर्स में तीन स्तर हैं, और हर स्तर में अलग-अलग कौशल और विषय पढ़ाए जाते हैं।

स्तरफोकसमुख्य विषयमहत्व (%)
स्तर 1वित्त और निवेश के मूल सिद्धांतनैतिक और व्यावसायिक मानक (Ethical & Professional Standards)
मात्रात्मक विधियाँ (Quantitative Methods)
अर्थशास्त्र (Economics)
वित्तीय विवरण विश्लेषण (Financial Statement Analysis)
कॉर्पोरेट जारीकर्ता (कॉर्पोरेट वित्त / कॉर्पोरेट जारीकर्ता विषय) (Corporate Issuers)
इक्विटी निवेश (Equity Investments)
निश्चित आय (Fixed Income)
डेरिवेटिव्स (Derivatives)
वैकल्पिक निवेश (Alternative Investments)
पोर्टफोलियो प्रबंधन (Portfolio Management)
6–20% विषय के अनुसार
स्तर 2सिद्धांतों का वास्तविक दुनिया में उपयोगनैतिक और व्यावसायिक मानक (Ethical & Professional Standards)
मात्रात्मक विधियाँ (Quantitative Methods)
अर्थशास्त्र (Economics)
वित्तीय विवरण विश्लेषण (Financial Statement Analysis)
कॉर्पोरेट जारीकर्ता (कॉर्पोरेट वित्त / कॉर्पोरेट जारीकर्ता विषय) (Corporate Issuers)
इक्विटी निवेश (Equity Investments)
निश्चित आय (Fixed Income)
डेरिवेटिव्स (Derivatives)
वैकल्पिक निवेश (Alternative Investments)
पोर्टफोलियो प्रबंधन (Portfolio Management)
5–15% विषय के अनुसार
स्तर 3उन्नत पोर्टफोलियो प्रबंधन और धन नियोजनसामान्य मुख्य विषय:
संपत्ति आवंटन (Asset Allocation)
पोर्टफोलियो निर्माण (Portfolio Construction)
प्रदर्शन मापन (Performance Measurement)
डेरिवेटिव्स और जोखिम प्रबंधन (Derivatives & Risk Management)
नैतिक और व्यावसायिक मानक (Ethical & Professional Standards)
मार्ग-विशिष्ट सामग्री (Pathway-specific content) — जो आपने चुना हो (पोर्टफोलियो प्रबंधन / निजी धन / निजी बाजार)
5–35% विषय के अनुसार

सीएफए पीएसएम (व्यावहारिक कौशल मॉड्यूल)

CFA संस्थान ने 2023 में व्यावहारिक कौशल मॉड्यूल (PSM) शुरू किया, ताकि उम्मीदवार नवीनतम फाइनेंस टूल्स और तकनीकों से अपडेट रहें और उन्हें वास्तविक अनुभव भी मिल सके। यह मॉड्यूल वीडियो, मल्टीपल चॉइस सवाल (MCQs), गाइडेड प्रैक्टिस और केस स्टडी का मिश्रण है। अब, हर CFA स्तर को पास करने के साथ-साथ, आपको CFA PSM मॉड्यूल भी पूरा करना होगा ताकि आपका परिणाम घोषित किया जा सके। इस मॉड्यूल में आपको निम्नलिखित चीजें सीखने और अभ्यास करने का मौका मिलता है:

  • वास्तविक फाइनेंस टूल्स और सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल
  • केस स्टडी के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव
  • सवालों और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज के जरिए सीखना
  • निर्णय लेने और समस्या सुलझाने के कौशल का विकास

कोर्स की अवधि और फीस स्ट्रक्चर

जैसा कि आप अब जान ही गए हैं कि यह कोर्स तीन स्तरों (Level I, II, III) में विभाजित है, और हर स्तर की तैयारी में अलग समय और लागत लगती है।

कोर्स की अवधि:

  • आमतौर पर हर स्तर की तैयारी में 6 महीने से 9 महीने लगते हैं।
  • पूरे CFA कोर्स को पूरा करने में, यदि आप लगातार तैयारी करते हैं, तो लगभग 2.5 से 4 साल का समय लग सकता है।
  • तैयारी की अवधि उम्मीदवार की पूर्व शिक्षा और अनुभव पर भी निर्भर करती है।

फीस स्ट्रक्चर

CFA बनने में सिर्फ परीक्षा शुल्क नहीं, बल्कि पढ़ाई की सामग्री, कोचिंग, कैलकुलेटर और अन्य खर्च भी शामिल होते हैं। CFA की फीस USD में होती हैं, भारत में INR में कॉस्ट पर निर्भर करता है कि उस समय डॉलर का रेट और बैंक/ GST चार्जेस आदि क्या हैं। नीचे दी गई टेबल में CFA इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य स्रोतों से फीस का डेटा दिया गया है। CFA एक्साम्स की बेस कॉस्ट भारत में INR 2 से 4 लाख रुपये (लगभग) तक हो सकती है।

लेवलऔसत तैयारी अवधिपरीक्षा प्रयासों की वास्तविक स्थितिवर्ष 2026 में अनुमानित परीक्षा शुल्क (USD)भारत में अनुमानित कुल खर्च (INR)
CFA लेवल I6-9 महीनेकई उम्मीदवार 1 से अधिक प्रयास करते हैंUSD 940 – 1,250INR 1.2 लाख – INR 1.8 लाख
CFA लेवल II9-12 महीनेकठिन स्तर, दोबारा प्रयास आम हैUSD 940 – 1,250INR 1.2 लाख – INR 1.8 लाख
CFA लेवल III9-12 महीनेलिखित + केस आधारित, समय अधिक लगता हैUSD 940 – 1,250INR 1.2 लाख – INR 1.8 लाख
वन-टाइम एनरोलमेंट फीसकेवल Level I मेंUSD 350INR 28,000 – INR 30,000

CFA कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया

CFA कोर्स के लिए आवेदन करना आसान है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी स्टेप्स को फॉलो करना होता है –

  • सबसे पहले, CFA Institute की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • रजिस्ट्रेशन के समय आपको अपनी शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी।
  • लेवल (Level I, II, III) चुनें, जिस स्तर की परीक्षा आप देना चाहते हैं।
  • इसके बाद आप अपनी फीस का भुगतान करें।
  • आवेदन के बाद, आपको पाठ्य सामग्री और अध्ययन संसाधन ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे।
  • अंतिम चरण में, परीक्षा सेंटर और तारीख चुनें और परीक्षा के लिए उपस्थित हों।

CFA कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शन

CFA कोर्स करने के बाद आपके करियर के अवसर काफी बढ़ जाते हैं। कुछ प्रमुख करियर ऑप्शंस हैं:-

  • इन्फेस्टमेंट बैंकिंग: मर्जर, ए क्विजिशन, और फाइनेंसियल एनालिसिस में काम।
  • इक्विटी रिसर्च: स्टॉक्स और मार्केट रिसर्च करना।
  • पोर्टफोलियो मैनेजमेंट: निवेश पोर्टफोलियो को मैनेज करना।
  • फाइनेंस कंसल्टिंग: कंपनियों को वित्तीय सलाह देना।
  • रिस्क मैनेजमेंट: फाइनेंसियल रिस्क का विश्लेषण और समाधान निकालना।

CFA कोर्स करने के बाद मिलने वाली सैलरी

CFA कोर्स करने के बाद फाइनेंस सेक्टर में अच्छी सैलरी मिलती है। सैलरी कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है, जैसे अनुभव, डिपार्टमेंट, जॉब रोल और लोकेशन आदि। इसकी सामान्य रेंज इस प्रकार है:

अनुभव/लेवलजॉब रोलअनुमानित वार्षिक सैलरी (लगभग)
जूनियर लेवल (Entry Level)एनालिस्ट, असिस्टेंट फाइनेंसियल कंसल्टेंटINR 41,50,000 – INR 58,10,000
मिड लेवल (3-5 साल का अनुभव)सीनियर एनालिस्ट, फाइनेंस कंसल्टेंटINR 58,10,000 – INR 99,60,000
सीनियर लेवलपोर्टफोलियो मैनेजर, सीनियर एनालिस्ट, इन्वेस्टमेंट मैनेजरINR 99,60,000 – INR 1,66,00,000 या इससे अधिक

CFA कोर्स करने के फायदे

यहाँ CFA कोर्स करने के आपको निम्नलिखित फायदे मिल सकते हैं, जो आपके करियर में ग्रोथ देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं –

  • सीएफए एक इंटरनेशनल लेवल का प्रमाणपत्र है जिसे दुनिया भर की इन्वेस्टमेंट कंपनियाँ, बैंक्स, और रिसर्च फर्म्स द्वारा पहचाना जाता है।
  • इसमें स्टूडेंट्स को इक्विटी, फिक्स्ड इनकम, डेरिवेटिव्स, रिस्क मैनेजमेंट और पोर्टफोलियो प्लानिंग में मजबूत ज्ञान मिलता है।
  • इसे करने के बाद आपके लिए फाइनेंशियल एनालिस्ट, पोर्टफोलियो मैनेजर, रिसर्च एनालिस्ट, क्रेडिट एनालिस्ट, इन्वेस्टमेंट बैंकर जैसी प्रोफाइल्स का रास्ता खुल जाते हैं।
  • फाइनेंस सेक्टर खासकर रिसर्च और एनालिसिस रोल्स में सीएफए धारकों को शुरुआती पैकेज भी बेहतर मिल सकता है।
  • ये कोर्स केस स्टडीज और रियल मार्केट डेटा पर आधारित होता है, जिससे स्टूडेंट्स का एनालिसिस एप्रोच और मजबूत होता है।
  • सीएफए में एथिक्स और इन्वेस्टर्स के हित को प्राथमिकता देना सिखाया जाता है, जो प्रोफेशनल लाइफ में बहुत काम आता है।
  • इसे करने के बाद आपके लिए इंटरनेशनल फर्म्स, एसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ, कंसल्टिंग फर्म्स और एमएनसीज़ में प्रमोशन और ग्रोथ का स्कोप बढ़ता है।

विदेश में CFA कोर्स करने की प्रक्रिया

अगर आप विदेश में CFA कोर्स करना चाहते हैं, तो इसे ऑनलाइन या वहाँ के CFA इंस्टिट्यूट के माध्यम से कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया आसान है, लेकिन कुछ मुख्य चीज़ों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • सबसे पहले CFA इंस्टिट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं और कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करें।
  • अध्ययन सामग्री डिजिटल या प्रिंट रूप में उपलब्ध होती है, जिसे ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। विदेशी कोचिंग और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म भी परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।
  • परीक्षा शुल्क अमेरिकी डॉलर में होता है। प्रारंभिक या मानक पंजीकरण के अनुसार शुल्क अलग-अलग हो सकता है।
  • परीक्षा कुछ देशों में ऑफलाइन केंद्र पर दी जा सकती है। हाल ही में ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प भी उपलब्ध है, जिससे घर से ही परीक्षा दी जा सकती है।
  • तीनों स्तर पास करने के बाद चार्टर पाने के लिए 4,000 घंटे का पेशेवर अनुभव जमा करना जरूरी है। इसके साथ ही CFA इंस्टिट्यूट की मेंबरशिप और प्रोफेशनल रेफरेंस भी चाहिए।
  • विदेश में CFA कोर्स करने से अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नेटवर्किंग का फायदा मिलता है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय नौकरी के अवसर भी बढ़ जाते हैं।

CFA बनाम MBA (फाइनेंस) में अंतर

यहाँ CFA बनाम MBA (फाइनेंस) में अंतर को नीचे दी गई टेबल में सरल भाषा में समझाया गया है –

आधारCFA (चार्टर्ड फाइनेंसियल एनालिस्ट)MBA (फाइनेंस)
कोर्स का प्रकारप्रोफेशनल चार्टर प्रोग्रामपोस्टग्रेजुएट डिग्री
संचालन संस्थाCFA Institute (USA)विश्वविद्यालय / बिज़नेस स्कूल
पढ़ाई का तरीकामुख्य रूप से सेल्फ-स्टडीक्लासरूम, असाइनमेंट, प्रोजेक्ट
अवधिऔसतन 3 से 5 वर्षसामान्यतः 2 वर्ष
सिलेबस फोकसनिवेश, रिसर्च, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, एथिक्सफाइनेंस + मैनेजमेंट, मार्केटिंग, ऑपरेशंस
परीक्षा पैटर्नतीन स्तर, कठिन और चयनात्मकसेमेस्टर आधारित मूल्यांकन
लागततुलनात्मक रूप से कम, USD आधारित फीसकॉलेज पर निर्भर, अक्सर अधिक
जॉब फोकसएनालिस्ट, रिसर्च, एसेट मैनेजमेंटमैनेजमेंट, कॉर्पोरेट फाइनेंस, लीडरशिप
प्लेसमेंट सपोर्टकोई डायरेक्ट प्लेसमेंट नहींअधिकतर कॉलेज प्लेसमेंट देते हैं
किसके लिए बेहतरएनालिसिस-ओरिएंटेड और लॉन्ग-टर्म फाइनेंस करियर चाहने वालों के लिएमैनेजमेंट और नेटवर्किंग-आधारित करियर चाहने वालों के लिए

किन छात्रों के लिए CFA कोर्स सही विकल्प है?

CFA कोर्स हर छात्र के लिए नहीं होता। यह कोर्स उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो फाइनेंस को एक गंभीर और तकनीकी प्रोफेशन के रूप में अपनाना चाहते हैं। नीचे स्पष्ट रूप से बताया गया है कि किन छात्रों के लिए CFA एक व्यावहारिक और उपयुक्त विकल्प हो सकता है।

1. जिनकी रुचि फाइनेंस और निवेश विश्लेषण में है: अगर आपको शेयर मार्केट, निवेश, कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट, डेटा एनालिसिस और वैल्यूएशन जैसे विषय समझने में रुचि है, तो CFA आपके लिए सही दिशा हो सकती है। यह कोर्स गहराई से यह सिखाता है कि निवेश निर्णय कैसे लिए जाते हैं।

2. जो सेल्फ-स्टडी और अनुशासन के साथ पढ़ सकते हैं: CFA एक क्लासरूम-बेस्ड कोर्स नहीं है। इसमें अधिकतर पढ़ाई उम्मीदवार को खुद करनी होती है। जो छात्र रोज़ाना समय निकालकर नियमित पढ़ाई कर सकते हैं और लंबी तैयारी के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं, उनके लिए यह कोर्स उपयुक्त है।

3. जो शॉर्टकट या त्वरित रिज़ल्ट नहीं चाहते: CFA कोर्स को पूरा करने में आमतौर पर कई साल लगते हैं और हर स्तर को पास करना आसान नहीं होता। अगर आप जल्दी जॉब या तुरंत हाई सैलरी की उम्मीद रखते हैं, तो CFA आपके लिए सही विकल्प नहीं माना जाता।

4. जो फाइनेंस में रिसर्च और एनालिसिस-आधारित करियर चाहते हैं: इक्विटी रिसर्च, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, रिस्क एनालिसिस और एसेट मैनेजमेंट जैसे रोल्स में CFA की उपयोगिता अधिक होती है। यह कोर्स मैनेजमेंट से ज्यादा एनालिसिस और एथिक्स पर फोकस करता है।

5. जो लंबे समय के करियर प्लान के साथ सोचते हैं: CFA उन छात्रों के लिए बेहतर रहता है जो अपने करियर को चरणबद्ध तरीके से बनाना चाहते हैं और प्रोफेशनल स्किल्स पर लगातार काम करने को तैयार हैं।

FAQs

CFA कोर्स कितने स्तरों में होता है?

CFA कोर्स तीन स्तरों में होता है – Level I, Level II और Level III। प्रत्येक स्तर की परीक्षा अलग होती है और पास करना अनिवार्य है।

CFA कोर्स करने के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है?

किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। अंतिम वर्ष के छात्र भी Level I के लिए आवेदन कर सकते हैं।

CFA कोर्स की तैयारी के लिए रोज़ कितना समय देना चाहिए?

CFA Institute के अनुसार, हर लेवल के लिए औसतन लगभग 300 घंटे की स्टडी की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि यदि आप 6–8 महीने में तैयारी कर रहे हैं, तो रोज़ 2-3 घंटे पढ़ना व्यावहारिक माना जाता है। लेवल II और लेवल III में केस-स्टडी आधारित सवाल होते हैं, इसलिए केवल समय नहीं, बल्कि क्वालिटी स्टडी और रिवीजन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

क्या CFA कोर्स करने के लिए मैथ्स या फाइनेंस बैकग्राउंड जरूरी है?

CFA कोर्स के लिए मैथ्स या फाइनेंस बैकग्राउंड अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे पढ़ाई आसान हो जाती है। लेवल I में अकाउंटिंग, स्टैटिस्टिक्स और इकोनॉमिक्स से जुड़े टॉपिक्स होते हैं। बिना फाइनेंस बैकग्राउंड वाले छात्रों को शुरुआत में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। CFA इंस्टीट्यूट स्वयं सेल्फ-स्टडी पर आधारित सामग्री देता है, इसलिए गैर-फाइनेंस छात्र भी अनुशासन और नियमित अभ्यास से यह कोर्स कर सकते हैं।

क्या CFA कोर्स भारत में वैलिड और मान्यता प्राप्त है?

हाँ, CFA कोर्स भारत में वैध और व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। यह कोई भारतीय यूनिवर्सिटी डिग्री नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल चार्टर है। भारत में एसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ, रिसर्च फर्म्स, बैंक और फाइनेंस संस्थान CFA क्वालिफिकेशन को निवेश और विश्लेषण आधारित भूमिकाओं के लिए उपयोगी मानते हैं। हालांकि, यह किसी रेगुलेटेड लाइसेंस की जगह नहीं लेता।

क्या CFA कोर्स विदेश में नौकरी पाने के लिए पर्याप्त है?

CFA एक ग्लोबल कोर्स है, लेकिन सिर्फ CFA करने से विदेश में नौकरी अपने-आप नहीं मिलती। अंतरराष्ट्रीय नौकरी के लिए वर्क वीज़ा, लोकल रेगुलेशन और प्रासंगिक अनुभव जरूरी होता है। CFA आपकी प्रोफेशनल वैल्यू बढ़ाता है और इंटरनेशनल फाइनेंस रोल्स में समझ विकसित करता है, लेकिन विदेश में काम करना कई बाहरी फैक्टर्स पर निर्भर करता है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख से आपको CFA कोर्स की पूरी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

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