विस्तार से जानिए क्या है Aalekh Lekhan

Rating:
3.5
(10)
Aalekh Lekhan

आलेख लेखन अपने आप में एक गहन समीक्षा, लेखनी की समझ का नतीजा होता है। आमतौर पर इसे लेख के जैसा ही समझ लिया जाता है। आलेख लिखते समय आप को उस मुद्दे की बारीकी से समझ होना बहुत ज़रूरी है। आलेख को निबंध के जैसा भी समझ लिया जाता है। आइए जानते हैं क्या है Aalekh Lekhan.

आलेख लेखन क्या है?

आलेख एक सर्वांगपूर्ण सम्यक विचारों का एक संयुक्त भाव होता है। आलेख एक गंभीर और व्यंगपूर्ण रचना होती है। आलेख लेखन को वैचारिक गद्य रचना भी कहा जाता है। आलेख में गुमराह करने वाली कोई बात नहीं होनी चाहिए।

Check Out: Hindi Grammar Quiz

Aalekh Lekhan का सही तरीका

आलेख लेखन ऐसी कला जिसको अभ्यास से ही सीखा या आदत में लाया जा सकता है। एक आदर्श आलेख पढ़कर पाठक के अन्दर उस मुद्दे को लेकर उस भावना का आना अनिवार्य है। चलिए, तो जानते हैं कि कैसे आलेख लेखन लिखा जाता है – 

आलेख लेखन में भूमिका, विषय प्रतिपादन और निष्कर्ष अहम होता है। अन्य और चीज़ों निम्नुसार हैं –  

  • भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए
  • विचार कथात्मक न हो कर विवेचन विश्लेषण वाले होने चाहिए 
  • आलेख से पाठक की जिज्ञासा उत्पन्न हो जाए ऐसा होना चाहिए
  • आलेख हमेशा ज्वलंत और प्रसिद्द मुद्दों या समारोह पर होना चाहिए
  • आलेख से भावुकता संभव हो सकती है
  • आकार के विषय वस्तु पर आलेख निर्भर हो सकता है
  • आलेख लिखने से पहले उसका गहन अध्ययन होना चाहिए 
  • अनुमान नहीं तथ्य पर आलेख का अस्तित्व होता है
  • आखिरी में निष्कर्ष अनिवार्य होता है

Aalekh Lekhan और Feature Lekhan में अंतर 

आलेख और फीचर में मूलभूत अंतर आप उसे पढ़कर भी बता सकते हैं. दोनों अपनी-अपनी तरह से पाठक के अन्दर एक लालसा उत्पन्न कर देते हैं. जाना जाए कि फीचर लेखन में क्या-क्या चीज़ें होती है –

  • बात को कम शब्दों में रोचक ढंग से कहना 
  • फीचर लेखन पुस्तकीय ज्ञान पर आधारित न हो कर आँख, कान, भाव और अनुभूति पर होना चाहिए
  • इसमें हास्य, कल्पना और चिंतन का पुट होना चाहिए
  • फीचर का आरंभ नवीनतम शैली और अंत खूबसूरत होना चाहिए एक बात बार-बार न कही गई हो
  • आलेख गंभीर और व्यंगपूर्ण होता है जबकि फीचर में हास्य और मनोरंजन
  • फीचर 250 शब्दों से अधिक का नहीं होना चाहिए जबकि आलेख बड़ा भी हो सकता है।
  • आलेख को संपूर्ण जानकारी और तथ्यों के आधार पर भी लिख सकते हैं जबकि फीचर के लिए आपको आंख, कान, भाव, अनुभूतियां और मनोवेग, आदि की सहायता लेनी पड़ती है।
  • फीचर विषय से संबंधित व्यक्तिगत अनुभूतियों पर आधारित विशिष्ट आलेख होता है जिसमे कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल होनी चाहिए जबकि आलेख में विषय पर तथ्यात्मक, विश्लेषणात्मक अथवा विचारात्मक जानकारी होती है कल्पना का स्थान नहीं होता है।

Check Out: Hindi for Competitive Exams

Aalekh Lekhan का उदाहरण 

भारतीय क्रिकेट का सरताज : सचिन तेंदुलकर

पिछले पंद्रह सालों से भारत के लोग जिन-जिन हस्तियों के दीवाने हैं उनमें एक गौरवशाली नाम है-सचिन तेंदलकर। जैसे अमिताभ का अभिनय में मुकाबला नहीं, वैसे सचिन का क्रिकेट में कोई सानी नहीं। संसार-भर में एक यही खिलाड़ी है जिसने टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ वन-डे क्रिकेट में भी सर्वाधिक शतक बनाए हैं। अभी उसके क्रिकेट जीवन के कई वर्ष और बाकी हैं। यदि आगे आने वाला समय भी ऐसा ही गौरवशाली रहा तो उनके रिकार्ड को तोड़ने के लिए भगवान को फिर से नया अवतार लेना पड़ेगा। इसीलिए कुछ क्रिकेट-प्रेमी सचिन को क्रिकेट का भगवान तक कहते हैं। उसके प्रशंसकों ने हनुमान चालीसा की तर्ज पर सचिन-चालीसा भी लिख दी है।

मुंबई में बांद्रा-स्थित हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाला सचिन इतनी ऊँचाइयों पर पहँचने पर भी मासूम और विनयी है। अहंकार तो उसे छू तक नहीं गया है। अब भी उसे अपने बचपन के दोस्तों के साथ वैसा ही लगाव है जैसा पहले था। सचिन अपने परिवार के साथ बिताए हुए क्षणों को सर्वाधिक प्रिय क्षण मानता है। इतना व्यस्त होने पर भी उसे अपने पुत्र का टिफिन स्कूल पहुँचाना अच्छा लगता है।

सचिन ने केवल 15 वर्ष की आयु में पाकिस्तान की धरती पर अपने क्रिकेट-जीवन का पहला शतक जमाया था जो अपने-आप में एक रिकार्ड है। उसके बाद एक-पर-एक रिकार्ड बनते चले गए। अभी वह 21 वर्ष का भी नहीं हुआ था कि उसने टेस्ट क्रिकेट में 7 शतक ठोक दिए थे। उन्हें खेलता देखकर भारतीय लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर कहते थे-सचिन मेरा ही प्रतिरूप है।

 Aalekh Lekhan की प्रमुखता

आलेख लेखन में प्रमुखता का बहुत अहम किरदार है। आलेख लेखन में भाषा और उस मुद्दे की गंभीरता, विवेचन और अध्ययन बहुत महत्व रखता है। एक अच्छा आलेख नवीनता और ताजगी से संपन्न होना चाहिए।

Check Out: Feature Lekhan किसे कहते हैं

पूछे जाने वाले प्रश्न 

Aalekh lekhan से संबंधित पूछे गए सवाल और ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के टॉपिक पर यह है कुछ सवाल और उनके उत्तर –

प्रश्न 1. आलेख के विषय में बताइए?

उत्तरः आलेख वास्तव में लेख का ही प्रतिरूप होता है। यह आकार में लेख से बड़ा होता है। कई लोग इसे निबंध का रूप भी मानते हैं जो कि उचित भी है। लेख में सामान्यतः किसी एक विषय से संबंधित विचार होते हैं। आलेख में ‘आ’ उपसर्ग लगता है जो कि यह प्रकट करता है कि आलेख सम्यक् और संपूर्ण होना चाहिए। आलेख गद्य की वह विधा है जो किसी एक विषय पर सर्वांगपूर्ण और सम्यक् विचार प्रस्तुत करती है।

प्रश्न 2. सार्थक आलेख के गुण बताइए?

उत्तरः सार्थक आलेख के निम्नलिखित गुण हैं –
नवीनता एवं ताजगी।
जिज्ञासाशील।
विचार स्पष्ट और बेबाकीपूर्ण।
भाषा सहज, सरल और प्रभावशाली।
एक ही बात पुनः न लिखी जाए।
विश्लेषण शैली का प्रयोग।
आलेख ज्वलंत मुद्दों, विषयों और महत्त्वपूर्ण चरित्रों पर लिखा जाना चाहिए।
आलेख का आकार विस्तार पूर्ण नहीं होना चाहिए।
संबंधित बातों का पूरी तरह से उल्लेख हो।

इस लेख में Aalekh Lekhan के बारे में महतवपूर्ण जानकारी दी गईं हैं, जो छात्रों के लिए बहुत ही ज़रूरी हैं। आशा करते हैं यह छात्रों के लिए भविष्य में काम आएंगी। Aalekh Lekhan के इस ब्लॉग को आप ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करें और Leverage Edu पर आपको इसी तरह के और लेख भी पढ़ने को मिलेंगे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

2 comments

10,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today.

+91
Talk to an expert for FREE

You May Also Like

हिंदी मुहावरे (Muhavare)
Read More

300+ हिंदी मुहावरे

‘मुहावरा’ शब्द अरबी भाषा का है जिसका अर्थ है ‘अभ्यास होना’ या आदी होना’। इस प्रकार मुहावरा शब्द…
उपसर्ग और प्रत्यय
Read More

उपसर्ग और प्रत्यय

शब्दांश या अव्यय जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ बनाते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं। उपसर्ग…