UPSSSC PET परीक्षा: एलिजिबिलिटी, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस, PDF, तैयारी टिप्स

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UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) द्वारा आयोजित PET एक ऐसी परीक्षा है जो अलग-अलग भर्तियों के लिए फर्स्ट स्टेज का काम करती है। PET स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करके उम्मीदवारों को अलग-अलग भर्तियों के मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए बुलाया जाता है। इस परीक्षा का स्कोर UPSSSC की कई ग्रुप-बी और ग्रुप-सी भर्तियां जिसमें शामिल हैं – लेखपाल, क्लर्क, जूनियर असिस्टेंट, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), स्टेनोग्राफर और अन्य अधीनस्थ सेवाओं की भर्तियां में काम आता है। आयोग की अधिसूचना के अनुसार PET का स्कोर जारी होने की तिथि से 3 वर्ष तक मान्य रहता है। यदि आप इस परीक्षा के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो इस लेख में UPSSSC PET परीक्षा का एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस और तैयारी टिप्स दी गई हैं।

विशेषताविवरण
परीक्षा का नामप्रारंभिक अर्हता परीक्षा (प्रिलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट – PET)
संचालन निकायउत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)
उद्देश्यउत्तर प्रदेश सरकार के अधीन विभिन्न ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करना।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन
परीक्षा का तरीकाऑफलाइन (OMR-आधारित)
कुल प्रश्न100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
कुल अंक100 अंक
समय अवधि2 घंटे (120 मिनट)
नेगेटिव मार्किंगहाँ, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/4 अंक (0.25 अंक) काटे जाते हैं।
शैक्षणिक योग्यतान्यूनतम हाई स्कूल (10वीं कक्षा) या समकक्ष उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
आयु सीमासामान्यतः 18 से 40 वर्ष (सरकारी नियमों के अनुसार छूट लागू है)।
स्कोर की वैधतास्कोर परिणाम घोषित होने की तारीख से 3 साल तक वैध रहता है।
आधिकारिक वेबसाइटupsssc.gov.in

UPSSSC PET 2026 तिथियां

UPSSSC PET 2026 की तिथियां अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। तिथियां जल्द जारी होने पर यहां अपडेट किया जाएगा।

UPSSSC PET 2026 के लिए इवेंटमहत्वपूर्ण तिथि
नोटिफिकेशन जारीजल्द जारी होगी (अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं)
ऑनलाइन आवेदन शुरूजल्द जारी होगी (अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं)
आवेदन की अंतिम तिथिजल्द जारी होगी (अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं)
फॉर्म में सुधार (करेक्शन विंडो) की तिथिजल्द जारी होगी (अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं)
एडमिट कार्ड जारी होने की तिथिजल्द जारी होगी (अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं)
UPSSSC PET 2026 परीक्षा की तिथिसितम्बर-अक्टूबर 2026 (अनुमानित)
परिणाम घोषित होने की तिथिजल्द जारी होगी (अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं)

UPSSSC PET क्या है?

UPSSSC PET (Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission – Preliminary Eligibility Test) उत्तर प्रदेश में ग्रुप ‘B’ और ग्रुप ‘C’ की भर्तियों के लिए आयोजित की जाने वाली एक प्रारंभिक पात्रता परीक्षा है। इसे आसान भाषा में समझें तो यह एक तरह का एंट्री गेट है, जिसे पास करने के बाद ही आप राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में निकलने वाली भर्तियों जैसे लेखपाल, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड, क्लर्क आदि के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि PET पास करने से सीधे कोई नौकरी या पद नहीं मिलता। यह केवल आपको आगे आने वाली भर्तियों में आवेदन करने के लिए योग्य बनाता है। अंतिम चयन के लिए संबंधित पद की अलग मुख्य परीक्षा (Mains Exam) देनी और उसे पास करना जरूरी होता है।

UPSSSC PET परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

UPSSSC PET परीक्षा के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस प्रकार है:

  • शैक्षणिक योग्यता: UPSSSC PET परीक्षा के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास निर्धारित की गई है। इससे अधिक योग्यता जैसे बारहवीं या ग्रेजुएट उम्मीदवार भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस परीक्षा में किसी विशेष विषय की अनिवार्यता नहीं होती, यानी किसी भी स्ट्रीम के छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • आयु सीमा: इस परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष होती है। आयु की गणना आयोग द्वारा निर्धारित कट-ऑफ तिथि के अनुसार की जाती है। सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु में छूट दी जाती है जो नीचे बताई गई है। भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अलग से प्रावधान लागू होते हैं। 
कैटेगरीआयु में छूट का प्रावधान
SC/ST/OBC5 साल
मेधावी खिलाड़ी (मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपरसन)5 साल
PWD15 साल

नोट – आयु छूट से संबंधित सही जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना चाहिए, इसमें बदलाव हो सकता है।

  • राष्ट्रीयता संबंधी शर्त: अभ्यर्थी का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। इस परीक्षा के लिए यूपी का निवासी होना जरूरी नहीं है यानी दूसरे राज्य के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन कुछ भर्तियों में स्थानीय (उत्तर प्रदेश) उम्मीदवारों के लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं। 

UPSSSC PET 2026 आवेदन शुल्क

UPSSSC PET 2026 परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा। यह शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम से ही जमा किया जा सकता है। उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या एसबीआई ई-चालान के जरिए भुगतान कर सकते हैं। पिछली आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, आवेदन शुल्क का विवरण नीचे दिया गया है:

श्रेणीआवेदन शुल्कऑनलाइन प्रोसेसिंग शुल्ककुल शुल्क
UR / OBCINR 160INR 25INR 185
SC / STINR 70INR 25INR 95
PH (दिव्यांग)INR 0 (निल)INR 25INR 25

UPSSSC PET आवेदन फॉर्म 2026 कैसे भरें?

UPSSSC PET आवेदन फॉर्म 2026 भरने के लिए आप निम्नलिखित प्रोसेस को फॉलो कर सकते हैं –

  • सबसे पहले आप उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट https://upsssc.gov.in/ को विजिट करें।
  • फिर होमपेज पर PET 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें और नया रजिस्ट्रेशन करें।
  • अब रजिस्ट्रेशन में नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल भरकर लॉग-इन ID बनाएं।
  • इसके बाद लॉग-इन करके पर्सनल डिटेल, एजुकेशन और कैटेगरी की सही जानकारी भरें।
  • फिर पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर को तय फॉर्मेट में अपलोड करें।
  • अब अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन शुल्क को ऑनलाइन माध्यम (UPI / कार्ड / नेट बैंकिंग) से जमा करें।
  • सबमिट करने से पहले पूरा फॉर्म ध्यान से चेक करें, फिर अपने आवेदन फॉर्म को फाइनल सबमिट करें।
  • अंत में भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंट / PDF सेव कर लें।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  • पासपोर्ट साइज फोटो (स्कैन): ऑनलाइन फॉर्म में अपलोड करने के लिए
  • 10वीं की मार्कशीट / सर्टिफिकेट: न्यूनतम योग्यता व जन्मतिथि प्रमाण के लिए
  • वैध फोटो ID (आधार आदि): पहचान सत्यापन के लिए
  • मूल निवास प्रमाणपत्र (यदि लागू): राज्य आरक्षण लाभ के लिए
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC): इसके आधार पर आप आरक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
  • PwD प्रमाण पत्र (यदि लागू): इसके माध्यम से दिव्यांग उम्मीदवारों को आरक्षण मिलता है।
  • एक्स-सर्विसमैन प्रमाण पत्र (यदि लागू): पूर्व सैनिक आरक्षण के लिए

UPSSSC PET फॉर्म सुधार विंडो 2026

यदि आपके UPSSSC PET 2026 के आवेदन फॉर्म में सुधार की आवश्यकता होती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आयोग आमतौर पर पंजीकरण की अंतिम तिथि के बाद 7 दिनों का समय देता है। इस समय सीमा में आप अपने आवेदन फॉर्म में सुधार कर सकते हैं। करेक्शन विंडो के खुलने पर आप आप अपने फॉर्म में केवल एक बार ही सुधार कर सकते हैं। इसमें आप अपने नाम की स्पेलिंग, पिता/पति का नाम, पत्राचार का पता, कैटेगेरी, जेंडर, और शैक्षणिक विवरण में सुधार कर सकते हैं।

UPSSSC PET आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए प्रक्रिया

UPSSSC PET में अपने आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए आप निम्नलिखित प्रक्रिया को फॉलो कर सकते हैं –

  • सबसे पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  • होमपेज पर एप्लिकेंट सेगमेंट / कैंडिडेट लॉग-इन सेक्शन पर क्लिक करें।
  • PET एप्लिकेशन एडिट / करेक्शन लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, DOB और पासवर्ड दर्ज करके लॉग-इन करें।
  • फॉर्म में जिन-जिन जानकारी में गलती है, केवल वही एडिटेबल फ़ील्ड्स (जैसे पर्सनल डिटेल्स, एजुकेशन, कॉन्टेक्ट इन्फॉर्मेशन) को सुधारें।
  • यदि आप अपनी कैटेगरी बदलते हैं (जैसे SC से General), तो आपको आवेदन शुल्क के अंतर का भुगतान करना होगा।
  • सभी बदलाव ध्यान से चेक करें, क्योंकि करेक्शन विंडो बंद होने के बाद कोई बदलाव संभव नहीं होता।
  • अब फाइनल सबमिट करें और सुधार किए गए फॉर्म का प्रिंट / PDF डाउनलोड कर लें।

UPSSSC PET परीक्षा पैटर्न

UPSSSC PET एक ऐसी लिखित परीक्षा है जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाते हैं और हर प्रश्न के दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनना होता है। यह परीक्षा उम्मीदवारों की मौलिक शैक्षणिक समझ, सामान्य जागरूकता और विश्लेषण क्षमता को परखने के लिए बनाई गई है। इस परीक्षा का निर्धारित समय 120 मिनट (2 घंटे) होता है, जिसमें प्रत्येक सही प्रश्न पर आपको 1 अंक और गलत उत्तर पर एक चौथाई अंक की कटौती होती है। यहाँ UPSSSC PET परीक्षा पैटर्न दिया गया है –

विषय का नामप्रश्नों की संख्याकुल अंक
भारत का इतिहास55
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन55
भूगोल55
भारतीय अर्थव्यवस्था55
संविधान और लोक प्रशासन55
सामान्य विज्ञान55
प्रारंभिक गणित55
सामान्य हिंदी55
सामान्य अंग्रेजी55
तर्क और तर्कशक्ति55
सामयिकी (करेंट विषय)1010
सामान्य जागरूकता1010
हिंदी अपठित गद्यांश1010
चित्र आधारित विश्लेषण1010
तालिका आधारित विश्लेषण1010
कुल100100

UPSSSC PET सिलेबस

UPSSSC PET का सिलेबस नीचे बताया गया है, जिससे आप परीक्षा में पूछे जाने वाले विषयों और टॉपिक्स को समझकर तैयारी कर सकते हैं:

भारतीय इतिहास
सिंधु घाटी सभ्यता – नगर योजना, अर्थव्यवस्था, कला एवं संस्कृतिवैदिक सभ्यता – ऋग्वैदिक व उत्तर वैदिक काल, समाज व धर्म
बौद्ध धर्म – बुद्ध का जीवन, चार आर्य सत्य, अष्टांग मार्गजैन धर्म – महावीर स्वामी, पंच महाव्रत
मौर्य साम्राज्य – चंद्रगुप्त, अशोक, प्रशासन, धम्म नीतिगुप्त साम्राज्य – स्वर्ण युग, विज्ञान, कला, साहित्य
हर्षवर्धन – शासन, संस्कृति, यात्रियों के विवरणराजपूत काल – प्रमुख राजवंश, संस्कृति
दिल्ली सल्तनत – गुलाम, खिलजी, तुगलक, लोदी वंशमुगल साम्राज्य – बाबर से औरंगजेब तक, प्रशासन, संस्कृति
मराठा साम्राज्य – शिवाजी, प्रशासन, विस्तारभारत में अंग्रेजों का आगमन और विस्तार
1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम – कारण व परिणामब्रिटिश शासन का सामाजिक व आर्थिक प्रभाव
शिक्षा, समाज सुधार आंदोलन (राजा राममोहन राय आदि)स्वतंत्रता आंदोलन का प्रारंभिक चरण
स्वदेशी आंदोलन व असहयोग आंदोलनसविनय अवज्ञा आंदोलन – गांधी जी की भूमिका
क्रांतिकारी आंदोलन व उग्र राष्ट्रवादभारत सरकार अधिनियम 1935
भारत छोड़ो आंदोलनआज़ाद हिन्द फौज – सुभाष चंद्र बोस
प्रमुख नेता, आंदोलन, वर्ष, घटनाएं, ऐतिहासिक स्थान
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
1857 का विद्रोह: कारण (राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सैन्य), प्रमुख नेता (झांसी की रानी, नाना साहेब, बहादुर शाह जफर), प्रमुख केंद्र, परिणाम और महत्वकांग्रेस की स्थापना (1885): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना, ए.ओ. ह्यूम की भूमिका, प्रारंभिक उद्देश्य, शुरुआती मांगें
नरमपंथी और गरमपंथी चरण: नरम दल (दादाभाई नौरोजी, गोखले), गरम दल (तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल), विचारधारा और कार्यशैलीस्वदेशी आंदोलन (1905): बंगाल विभाजन, बहिष्कार, स्वदेशी और राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन
क्रांतिकारी आंदोलन: अनुषीलन समिति, गदर पार्टी, काकोरी कांड, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और क्रांतिकारी गतिविधियांगांधी युग की शुरुआत: गांधीजी का आगमन, सत्याग्रह की अवधारणा, चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद आंदोलन
असहयोग आंदोलन (1920): कारण (जलियांवाला बाग), कार्यक्रम, खिलाफत आंदोलन, परिणामसविनय अवज्ञा आंदोलन (1930): नमक सत्याग्रह, दांडी यात्रा, गांधी-इरविन समझौता, प्रभाव
भारत छोड़ो आंदोलन (1942): कारण, “करो या मरो” नारा, प्रमुख नेता, परिणामसुभाष चंद्र बोस और INA: आजाद हिंद फौज, फॉरवर्ड ब्लॉक, देश की स्वतंत्रता में भूमिका
समाज सुधार आंदोलन: राजा राममोहन राय, ईश्वरचंद्र विद्यासागर, दयानंद सरस्वती, ब्रह्म समाज, आर्य समाजसंवैधानिक विकास: 1909, 1919, 1935 के अधिनियम, कैबिनेट मिशन, अंतरिम सरकार
स्वतंत्रता और विभाजन (1947): माउंटबेटन योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947, विभाजन के कारण और परिणाम
भूगोल
भारत एवं विश्व का भूगोल: भारत और विश्व का भौगोलिक परिचय, स्थिति एवं विस्तार, अक्षांश-देशांतर, मानचित्र की बुनियादी समझनदियाँ: भारत की प्रमुख नदियाँ, नदी तंत्र, हिमालयी व प्रायद्वीपीय नदियाँ, नदी के उपयोग
जल संसाधन: जल स्रोत, सिंचाई, बांध व जल संरक्षण, भारत के प्रमुख बहुउद्देश्यीय परियोजनाएँपर्वत एवं हिमनद: हिमालय पर्वत, प्रमुख पर्वत श्रृंखलाएँ, ग्लेशियर, भौगोलिक महत्व
मरुस्थल एवं शुष्क क्षेत्र: थार मरुस्थल, शुष्क क्षेत्र की विशेषताएँ, जलवायु और जीवनवन एवं वनस्पति: भारत के वन प्रकार, जैव विविधता, वन संसाधन और संरक्षण
खनिज संसाधन: भारत के प्रमुख खनिज (कोयला, लोहा, बॉक्साइट आदि), खनिज क्षेत्रों का वितरणभारत एवं विश्व का राजनीतिक भूगोल: देशों की सीमाएँ, प्रमुख महाद्वीप, भारत के राज्य व पड़ोसी देश
जलवायु एवं मौसम: भारत की जलवायु, मानसून, मौसम के प्रकार, जलवायु परिवर्तन का बेसिक ज्ञानसमय क्षेत्र: विश्व समय रेखा, IST, समय अंतर की बेसिक समझ
जनसंख्या एवं प्रवास: जनसंख्या वितरण, घनत्व, जनसंख्या वृद्धि, माइग्रेशन के कारणप्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण: भूमि, जल, वन, खनिज जैसे संसाधन व उनका संरक्षण
भारतीय अर्थव्यवस्था
1. भारतीय अर्थव्यवस्था (1947-1991):
स्वतंत्रता के बाद अर्थव्यवस्था: आजादी के बाद भारत की आर्थिक स्थिति, विकास की चुनौतियाँ, सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की भूमिकापंचवर्षीय योजनाएँ: योजना आयोग, 5-Year Plans के उद्देश्य, प्रमुख योजनाएँ और आर्थिक विकास पर प्रभाव
मिश्रित अर्थव्यवस्था: पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर मॉडल, सरकारी नियंत्रण और बाजार आधारित व्यवस्थाहरित क्रांति: कृषि उत्पादन वृद्धि, HYV बीज, उर्वरक, सिंचाई, प्रभाव और सीमाएँ
श्वेत क्रांति / ऑपरेशन फ्लड: दुग्ध उत्पादन, अमूल मॉडल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभावबैंक राष्ट्रीयकरण: 1969 और 1980 के राष्ट्रीयकरण, बैंकिंग विस्तार, वित्तीय समावेशन
2. 1991 के आर्थिक सुधार:
LPG सुधार (लिब्रलाइजेशन, प्राइवेटेजशन, ग्लोबलाइज़ेशन): नई आर्थिक नीति 1991, उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण के प्रभावसंरचनात्मक सुधार: औद्योगिक नीति सुधार, व्यापार उदारीकरण, विदेशी निवेश
3. 1991 के बाद अर्थव्यवस्था:
आर्थिक विकास और परिवर्तन: सेवाक्षेत्र का विकास, आर्थिक वृद्धि, वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ाव
4. 2014 के बाद आर्थिक सुधार:
कृषि सुधार: कृषि क्षेत्र में नीतिगत बदलाव, MSP, कृषि बाजार सुधारश्रम सुधार: लेबर लॉज़, रोजगार और औद्योगिक नीति सुधार
वित्तीय सुधार: बैंकिंग सुधार, वित्तीय समावेशन, डिजिटल भुगतानसंरचनात्मक सुधार: अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले नीति सुधार
5. कर एवं वित्तीय प्रणाली:
GST (वस्तु एवं सेवा कर): GST का उद्देश्य, संरचना, इनडाइरेक्ट टैक्स रिफार्म, अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
भारतीय संविधान एवं लोक प्रशासन
संविधान का परिचय: संविधान की विशेषताएँ, प्रस्तावना (Preamble), संविधान का स्वरूप, संशोधन प्रक्रियामौलिक अधिकार एवं कर्तव्य: मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP), अधिकारों का महत्व
शासन प्रणाली: संसदीय प्रणाली, संघीय प्रणाली, केंद्र व राज्य संरचना, शक्तियों का विभाजनसंघ सरकार: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद, संसद (लोकसभा व राज्यसभा)
राज्य सरकार: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रिपरिषद, राज्य विधानमंडलकेंद्र-राज्य संबंध: प्रशासनिक, विधायी व वित्तीय संबंध, संघ एवं राज्य के अधिकार
न्यायपालिका: सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक समीक्षा, न्यायपालिका की स्वतंत्रतास्थानीय प्रशासन: पंचायती राज प्रणाली, ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, नगर निकाय, स्थानीय स्वशासन
जिला प्रशासन: जिलाधिकारी (DM) की भूमिका, जिला प्रशासन की संरचना, प्रशासनिक कार्यभारतीय प्रशासन की मूल बातें: प्रशासन का अर्थ, संरचना, लोक प्रशासन की विशेषताएँ, प्रशासनिक कार्यप्रणाली
लोक सेवा व संस्थाएँ: सिविल सेवा का परिचय, प्रशासनिक संस्थाएँ, सरकारी कार्यप्रणालीसंविधान के प्रमुख सिद्धांत: लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, न्याय, स्वतंत्रता, समानता
सामान्य विज्ञान
भौतिकीरसायन
जीवविज्ञान के बेसिक कॉन्सेप्टमानव शरीर
ऊर्जापर्यावरण
विज्ञान के दैनिक जीवन में उपयोग
प्रारंभिक अंकगणित
पूर्ण संख्याएँ: प्राकृतिक संख्या, पूर्णांक, परिमेय-अपरिमेय संख्या, LCM-HCF की बेसिक समझ, संख्याओं की तुलना, गुणा-भाग के नियमभिन्न: साधारण भिन्न, मिश्र भिन्न, समान हर बनाना, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, भिन्न को प्रतिशत/दशमलव में बदलना
दशमलव: दशमलव संख्याओं का जोड़-घटाव-गुणा-भाग, दशमलव को भिन्न/प्रतिशत में बदलना, स्थानमान (Place value)प्रतिशत: प्रतिशत का बेसिक कॉन्सेप्ट, प्रतिशत से भिन्न/दशमलव में परिवर्तन, लाभ-हानि, छूट, वृद्धि-कमी आधारित प्रश्न
साधारण अंकगणितीय समीकरण: एक चर वाले सरल समीकरण, BODMAS नियम, अज्ञात मान निकालना, बेसिक शब्द समस्याएँवर्ग एवं वर्गमूल: वर्ग संख्या पहचान, वर्गमूल निकालना (Prime factor/Long division method), परफेक्ट स्क्वायर, अनुमान आधारित प्रश्न
घातांक एवं घात: घात के नियम (aⁿ × aᵐ, aⁿ/aᵐ), ऋणात्मक घात, शून्य घात, सरल गणनाएँऔसत: औसत का सूत्र, समूह का औसत, मिश्र औसत, अंक/संख्या आधारित प्रश्न, दैनिक जीवन के उदाहरण
सामान्य हिंदी
संधिमुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
विलोम शब्दसामान्य अशुद्धियाँ
पर्यायवाची शब्दलेखक एवं रचनाएँ
वाक्यांश के लिए एक शब्दअपठित गद्यांश
लिंगशब्दावली
समश्रुत भिन्नार्थक शब्दवाक्य शुद्धि
सामान्य अंग्रेजी
Parts of SpeechAntonyms
TenseIdioms & Phrases
Subject-Verb AgreementOne Word Substitution
ArticlesSpelling
VoiceComprehension Passage
NarrationFill in the blanks
Sentence CorrectionPhrase Replacement
Error DetectionSentence Formation
Synonyms
तर्कशक्ति व रीजनिंग
कोडिंग-डिकोडिंगकारण और परिणाम
दिशा ज्ञानस्टेटमेंट-कन्क्लूजन
अक्षर श्रेणीनॉन-वर्बल रीजनिंग
संख्या श्रेणीमिरर इमेज
अंकगणितीय तर्कएम्बेडेड फिगर
रैंकिंग व क्रमक्यूब और डाइस
एनालॉजीक्लॉक और कैलेंडर
ब्लड रिलेशनसीरीज और पैटर्न
निर्णय क्षमता
करंट अफेयर्स
राष्ट्रीय करंट अफेयर्सपुरस्कार व सम्मान
अंतरराष्ट्रीय करंट अफेयर्सराष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दिवस
महत्वपूर्ण नियुक्तियाँपर्यावरण व जलवायु परिवर्तन
सरकारी योजनाएँ व कार्यक्रमविज्ञान व टेक्नोलॉजी अपडेट
खेल (Sports Current Affairs)अर्थव्यवस्था व रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश करंट अफेयर्समहत्वपूर्ण घटनाएँ (लास्ट 6 से 12 माह की)
जनरल अवेयरनेस (विशेषकर उत्तर प्रदेश)
स्टैटिक जनरल नॉलेजउत्तर प्रदेश – अर्थव्यवस्था
भारतीय संस्कृतिउत्तर प्रदेश – संस्कृति व विरासत
खेलकूदउत्तर प्रदेश – महत्वपूर्ण योजनाएँ
अंतरराष्ट्रीय घटनाएँउत्तर प्रदेश – करंट अफेयर्स
भारत से संबंधित सामान्य ज्ञानविज्ञान व टेक्नोलॉजी (GK आधारित)
उत्तर प्रदेश – सामान्य परिचयपर्यावरण व समाज
उत्तर प्रदेश – भूगोलविविध सामान्य जागरूकता
उत्तर प्रदेश – इतिहास

UPSSSC PET ऑफिशियल सिलेबस पीडीएफ डायरेक्ट लिंक

UPSSSC PET परीक्षा का सिलेबस कैसे डाउनलोड करें?

यहां कुछ स्टेप्स हैं जिनसे आप UPSSSC PET परीक्षा का सिलेबस डाउनलोड कर सकते हैं:

  • सबसे पहले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर विजिट करें।
  • होमपेज पर बाई से दाईं ओर नोटिफिकेशन/एडवर्टाइज़मेंट पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके सामने इंटरफ़ेस पर परीक्षा का नाम और उसके सामने यूज़र इंटरेक्शन, व्यू एडवर्टाइज़मेंट या अप्लाई का ऑप्शन दिख रहा होगा।
  • इसके बाद आपके सामने व्यू/डाउनलोड एडवर्टाइज़मेंट का इंटरफ़ेस खुलेगा, इसमें Click here to view advertisement पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अब आपके सामने आपकी परीक्षा से संबंधित ‘एडवर्टाइज़मेंट’ खुल जाएगा, इसी में आपको परीक्षा के पैटर्न और सिलेबस की जानकारी मिल जाएगी।
  • अंत में दाई ओर पीडीएफ को डाउनलोड दिख रहा होगा, उस पर क्लिक करें और अपना सिलेबस डाउनलोड करें। इसके अलावा भविष्य में पढ़ाई के दौरान रेफरेंस के लिए इसका एक प्रिंटआउट निकालकर आप अपने पास जरूर रखें।

UPSSSC PET परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स 

UPSSSC PET की तैयारी का तरीका हर उम्मीदवार के लिए अलग हो सकता है, लेकिन यहाँ कुछ टिप्स दिए गए हैं, जो परीक्षा की तैयारी को बेहतर और व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकते हैं –

  • इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, गणित, तर्कशक्ति, हिंदी और समसामयिक विषय आदि सभी विषयों को अलग-अलग समय दें। इसके लिए आप जिस विषय पर आपकी पकड़ कमजोर है या जिसका वेटेज ज्यादा है उससे आप अपनी शुरुआत कर सकते हैं, ताकि परीक्षा में आप ज्यादा से ज्यादा स्कोर कर सकें।
  • NCERT की बुक्स में सिलेबस के टॉपिक को पढ़ें सिर्फ एक बुक या पैटर्न के हिसाब से नहीं बल्कि किसी टॉपिक की बेसिक से लेकर पूरी समझ रखें ताकि प्रश्न कैसा भी आप उसको आसानी से समझकर उसका सटीक उत्तर दे सकें।
  • करंट अफेयर्स के लिए आप केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़ी योजनाएँ, नियुक्तियों और घटनाओं को नियमित रूप से न्यूज़ DNA और The Hindu जैसे अखबारों और WION जैसे न्यूज़ पोर्टल्स पर नियमित रूप से पढ़ें।
  • परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट देते रहें और इसके साथ ही गत वर्षों के एग्जाम पेपर्स को सोल्व करें। इससे आपको प्रश्नों की प्रकृति के बारे में तो पता चलता ही है, साथ ही आप एग्जाम के लिए टाइम मैनेजमेंट करना सीख जाते हैं।
  • पेपर की तैयारी के लिए आप शार्ट नोट्स भी बना सकते हैं, जिसमें आप डायग्राम और ट्रिक्स को शामिल कर सकते हैं। इससे एग्जाम की डेट पास आने पर आप काम समय में अपने सिलेबस का रिवीज़न कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें – यूपी पुलिस एसआई सिलेबस और परीक्षा पैटर्न की पूरी जानकारी

UPSSSC PET परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें

UPSSSC PET परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ किताबों के नाम दिए गए हैं, जिन्हें आप तैयारी में शामिल कर सकते हैं:

किताब का नामलेखक/पब्लिकेशन का नामयहाँ से देखें 
UPSSSC PET (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) ग्रुप सीपेपरबैक, विमल चंद्र श्रीवास्तवयहाँ से देखें
UPSSSC PET 2025 की पुस्तक का हिंदी माध्यम में नवीनतम संस्करणअंकित भाटी सरयहाँ से देखें
UPSSSC PET परीक्षा हाल प्रश्न पत्र 2025एसएसजीसीपी ग्रुपयहाँ से देखें
UPSSSC PET परीक्षा 2025 (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) के लिए ग्राफ और तालिका बुक संदीप तिवारीयहाँ से देखें
एग्जामकार्ट UPSSSC PET ग्रुप सी प्रैक्टिस सेट 2025 परीक्षा के लिए हिंदी मेंएग्जामकार्ट विशेषज्ञों द्वारायहाँ से देखें

FAQs

UPSSSC PET परीक्षा किसके लिए है?

UPSSSC PET परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होती है जो उत्तर प्रदेश की ग्रुप-C और कुछ ग्रुप-B सरकारी भर्तियों में आवेदन करना चाहते हैं। PET में प्राप्त अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को संबंधित भर्तियों की मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।

UPSSSC PET का स्कोर कितने समय तक मान्य रहता है?

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित PET का स्कोर आमतौर पर 3 वर्ष तक मान्य रहता है। यानी इसी अवधि में आने वाली संबंधित भर्तियों में आप उसी स्कोर से आवेदन कर सकते हैं।

UPSSSC PET में कितने विषय होते हैं?

UPSSSC PET में सामान्य ज्ञान, संविधान, गणित, राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, हिंदी, रीजनिंग, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, करंट अफेयर्स आदि विषयों से प्रश्नों को पूछा जाता है।

UPSSSC PET में कौन-कौन सी पोस्ट शामिल होती हैं?

UPSSSC PET में मुख्य रूप से लेखपाल, क्लर्क, जूनियर असिस्टेंट, ग्राम पंचायत अधिकारी, वन रक्षक, राजस्व कर्मी जैसी विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। यह परीक्षा सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए पहला स्टेप मानी जाती है।

क्या अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी UPSSSC PET 2026 के लिए आवेदन कर सकते हैं?

UPSSSC PET 2026 के लिए अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया सभी के लिए समान रहती है, लेकिन कुछ पदों पर राज्य निवास, आरक्षण और स्थानीय नियम लागू हो सकते हैं।

आशा है कि इस लेख में आपको UPSSSC PET परीक्षा से जुड़ी जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही इंडियन एग्जाम से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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