माइनिंग इंजीनियरिंग क्या होता है?

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mining engineering kya hota hai

माइनिंग इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की एक ऐसी शाखा है जो धरती के लिथोस्फीयर से खनिजों को निकालने का काम करती है। भारत में खनिज संपदा का बहुत बड़ा भंडार है। यहां मैंगनीज, क्रोमाइट, लौह अयस्क, निकेल, बॉक्साइट, तांबा, जिप्सम, लिग्नाइट व थोरियम से लेकर विभिन्न धातुओं, पेट्रोलियम व सोने एवं हीरे की कई खदानें हैं। वहीं, धरती से इन बहुमूल्य खनिज संपदा को निकालने का काम प्रशिक्षित लोगों के नेतृत्व में किया जाता है, जिन्हें हम माइनिंग इंजीनियर कहते हैं। 

माइनिंग इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए, आपको माइनिंग इंजीनियरिंग में B.Tech या M.Tech की पढ़ाई पूरी करनी होती है।

वहीं, देश की अर्थव्यवस्था में खनिज संपदा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि माइनिंग इंडस्ट्री का देश के आर्थिक विकास में हमेशा से विशेष योगदान रहा है। इसलिए प्रतिवर्ष इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। लेकिन आज भी देश में प्रशिक्षित माइनिंग इंजीनियर्स की कमी देखने को मिलती है। 

अगर आप भी माइनिंग इंजीनियर बनने की चाह रखते हैं और माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए हैं।

विवरण जानकारी 
माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स लेवल UG, PG, PhD और डिप्लोमा
माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स ड्यूरेशन UG: 4 वर्ष PG: 2 वर्ष PhD: 3 से 5 वर्ष डिप्लोमा: 2 से 3 वर्ष 
माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए योग्यता UG: 12वीं PCM विषयों के साथ पास व संबंधित प्रवेश परीक्षा
PG: बी टेक और संबंधित प्रवेश परीक्षा
डिप्लोमा: 12वीं PCM विषयों के साथ पास व संबंधित प्रवेश परीक्षा (यदि हो)
PhD: एम टेक व प्रवेश परीक्षा 
माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का एडमिशन क्राइटेरिया 
मेरिट बेस्ड और एंट्रेंस बेस्ड 
प्रमुख प्रवेश परीक्षाजेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड, BITSAT, VITEEE, SRMJEEE, MHT CET, WBJEE और KCET आदि। 
कोर्स का मीडियम अंग्रेजी 
प्रमुख जॉब प्रोफाइल माइनिंग इंजीनियर, माइनिंग जियोस्टैटिस्टिशियन, माइन प्लानिंग इंजीनियर, कंसल्टिंग इंजीनियर व माइनिंग लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर आदि। 
रोजगार के क्षेत्र माइनिंग रिसर्च सेंटर, टाटा स्टील लिमिटेड, सरकारी खनन निगम, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, टाटा आयरन एंड स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस लिमिटेड व आइडियल डेटोनेटर्स प्राइवेट लिमिटेड आदि। 
This Blog Includes:
  1. माइनिंग इंजीनियरिंग क्या होता है?
  2. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स क्यों करें?
  3. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड
  4. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के प्रकार
    1. अंडरग्रेजुएट कोर्सेज 
    2. पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज
    3. डिप्लोमा कोर्स
    4. पीएचडी कोर्स
  5. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स की योग्यता
  6. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 
  7. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए आवदेन प्रक्रिया 
  8. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
  9. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान
  10. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स की फीस 
  11. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस
    1. अंडरग्रेजुएट सिलेबस                                   
    2. पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस 
    3. डिप्लोमा सिलेबस
  12. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 
  13. माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
  14. FAQs 

माइनिंग इंजीनियरिंग क्या होता है?

माइनिंग इंजीनियरिंग एक प्रोफेशनल इंजीनियरिंग कोर्स है, जिसमें खनिजों की खोज, उत्खनन, प्रोसेसिंग और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इस कोर्स के दौरान आपको यह सिखाया जाता है कि किस प्रकार धरती के अंदर मौजूद खनिजों को सुरक्षित, आर्थिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से निकाला जाए।

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स क्यों करें?

नीचे दिए गए बिंदुओं में आपको माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:

  • भारत में खनिजों की बढ़ती मांग: भारत में ऊर्जा, स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज के विस्तार के कारण कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए देश में माइनिंग इंजीनियरों की आवश्यकता लगातार बनी रहती है।
  • सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर: माइनिंग इंजीनियरों को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), NMDC, ONGC, SAIL जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में भर्ती के अवसर मिलते हैं। इसके अलावा उन्हें सामान्य इंजीनियरिंग शाखाओं की तुलना में फील्ड अलाउंस, रिस्क अलाउंस और रिमोट लोकेशन जैसे बेनिफिट्स भी मिलते हैं, जिससे उनका कुल सैलरी पैकेज अधिक होता है।
  • सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन में भूमिका: आज माइनिंग केवल खनन तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें माइन रिक्लेमेशन, पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) और सतत खनन पद्धतियां भी शामिल हैं, जिससे इंजीनियर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देते हैं।
  • माइनिंग सेक्टर का विस्तार: राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण माइनिंग सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स बढ़ रहे हैं, जिससे नौकरियों के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
  • एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ काम करने का अवसर: माइनिंग क्षेत्र में ड्रोन सर्वे, भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), ऑटोमेटेड ड्रिलिंग और AI आधारित माइन प्लानिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग होता है, जिससे तकनीकी विशेषज्ञता विकसित होती है।
  • वैश्विक करियर के अवसर: अपने देश के अलावा अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा व दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में माइनिंग सेक्टर बहुत विकसित है, जहां भारतीय माइनिंग इंजीनियरों की मांग रहती है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय करियर अपॉर्चुनिटी मिलती हैं।

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का स्ट्रक्चर और मोड

भारत में माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, PhD और डिप्लोमा लेवल पर मान्यता प्राप्त विभिन्न संस्थानों द्वारा ऑफर किए जाते हैं। यह सभी कोर्स आप फुल टाइम मोड में, अंग्रेजी मीडियम में कर सकते हैं। हालांकि इन सभी प्रोफेशनल कोर्सेज की ड्यूरेशन अलग-अलग होती है। सामान्यतः कोर्स की ड्यूरेशन इस प्रकार होती है:

कोर्स का प्रकारअवधि
डिप्लोमा2 से 3 वर्ष
UG प्रोग्राम4 वर्ष
PG2 वर्ष
PhD3 से 5 वर्ष

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स भारत में सामान्यतः बीटेक या बीई (4 वर्ष) और एमटेक (2 वर्ष) के रूप में उपलब्ध है। हालांकि आप चाहे तो 3 वर्षीय ‘डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग’ कोर्स भी कर सकते हैं। अंडरग्रेजुएट स्तर पर आपको पहले  इंजीनियरिंग मैथ्स, फिजिक्स, खनिज पदार्थों की संभावनाओं का पता लगाना, उनके सैंपल एकत्रित करना तथा भूतल खदानों का विस्तार और विकास करना एवं खनिजों को परिष्कृत करना आदि के बारे में बारे में पढ़ाया जाता है। 

वहीं, इसके बाद के वर्षों में आपको ड्रिलिंग, ब्लास्टिंग, माइन कॉस्ट इंजीनियरिंग, माइन वेंटीलेशन, माइन प्लानिंग, अयस्क रिजर्व विश्लेषण, ऑपरेशन विश्लेषण, माइन सेफ्टी, रॉक मैकेनिक्स, कम्प्यूटर एप्लीकेशन व इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट से संबंधित जानकारी दी जाती है। ध्यान रखें कि कोर्स में अनिवार्य इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग और माइन विज़िट शामिल होती हैं।

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के प्रकार

आप अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार इन प्रमुख माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्सेज में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज 

  • बीटेक इन माइनिंग इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन मिनरल इंजीनियरिंग

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

  • एमटेक इन माइनिंग इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन रॉक मैकेनिक्स एंड माइन प्लानिंग 
  • एमटेक इन सुरंग और भूमिगत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
  • एमटेक इन जोमेटिक्स 

डिप्लोमा कोर्स

  • डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग

पीएचडी कोर्स

  • पीएचडी इन माइनिंग इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन सस्टेनेबल माइनिंग एंड एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट 

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स की योग्यता

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार है:

  • शैक्षणिक योग्यता: आपने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा साइंस स्ट्रीम से फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) विषय के साथ पास की हो। इसके बाद ही आप डिप्लोमा या बीटेक कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि एमटेक करने के लिए आपको न्यूनतम 55% अंकों के साथ बीटेक करना अनिवार्य होगा।                
  • न्यूनतम अंक: भारत के अधिकांश संस्थानों में चयनित कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम 55% अंक आवश्यक होते हैं; हालांकि कुछ संस्थानों में यह अधिक हो सकता है या आरक्षित वर्ग को न्यूनतम अंकों में छूट मिल सकती है।
  • आयु सीमा: सामान्यतः इन चयनित कोर्सेज के लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा नहीं होती।
  • प्रवेश प्रक्रिया: भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में बीटेक और एमटेक कोर्स के लिए राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविद्यालय स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं (जैसे जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड, BITSAT, VITEEE, SRMJEEE, MHT CET, WBJEE और KCET आदि) आयोजित की जाती है। हालांकि कुछ संस्थानों में मेरिट बेस्ड एडमिशन भी दिया जाता है। 

नोट: आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान में अप्लाई करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से एडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। 

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:

प्रवेश परीक्षा का नाम प्रवेश परीक्षा की तिथि 
जेईई मेंस 2026 सेशन 2: 2 – 4 अप्रैल 
जेईई एडवांस्ड 2026 17 मई, 2026 
BITSAT 2026 सेशन 1: 15 – 16 अप्रैल, 2026
सेशन 2: 24 – 26 मई, 2026  
VITEEE 2026 28 अप्रैल – 3 मई, 2026 
SRMJEEE 2026फेज 1: 24 – 29 अप्रैल, 2026
फेज 2: 10 – 15 जून, 2026
फेज 3: 4 – 5 जुलाई, 2026  
WBJEE 2026 24 मई, 2026 
KCET 2026 23 -24 अप्रैल, 2026 

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए आवदेन प्रक्रिया 

चयनित माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद प्रवेश प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। वहीं, अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। हालांकि सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार रहती है:

  • आप चयनित माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने चुने हुए कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद संबंधित माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का चयन करें। 
  • अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म फिल करें। 
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें। 
  • यदि एडमिशन प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले संबंधित प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।
  • अब अपनी सीट कंफर्म करने के लिए तय डेडलाइन के भीतर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराएं और निर्धारित एडमिशन फीस सबमिट करने के बाद एडमिशन कंफर्म करें। 
  • एडमिशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, चयनित माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स कॉलेज के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार शुरू होगा। 

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज या संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट
  • बीटेक डिग्री और मार्कशीट (एमटेक में एडमिशन के लिए)
  • एमटेक डिग्री और मार्कशीट (पीएचडी में एडमिशन के लिए)
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान

यहां भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों और विश्वविद्यालयों की सूची दी गई है, जहां से आप अपनी योग्यता और रुचि अनुसार माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं:

कोर्स लेवल प्रमुख कॉलेज 





ग्रेजुएशन कोर्सेज 
IIT, धनबाद
बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), सिंदरी
NIT, राउरकेला
NIT, जमशेदपुर
IIT, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
भारतीय इंजीनियरिंग विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, शिबपुर
झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची






पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज 
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (CIMFR) धनबाद
NIT, रायपुर 
मेवाड़ विश्वविद्यालय, राजस्थान
IIT, खड़ग़ुपर
संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा
गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, गुजरात
आचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंगलोर






डिप्लोमा कोर्सेज 
झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची
अन्नामलाई विश्वविद्यालय
ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंदौर
गोदावरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (GIET), राजमुंदरी
ओपी जिंदल विश्वविद्यालय (OPJU), रायगढ़, छत्तीसगढ़
पीएचडी प्रोग्राम IIT, धनबाद
उड़ीसा स्कूल ऑफ माइनिंग, केयोंझर
विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर
NIT, रायपुर 

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स की फीस 

भारत में मान्यता प्राप्त संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स ऑफर किए जाते हैं। लेकिन इसकी फीस सरकारी और प्राइवेट कॉलेज, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। यहां आपके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स की औसत फीस रेंज एक रेफरेंस के तौर पर गई है:

अंडरग्रेजुएट कोर्स की फीस रेंज 
संस्थान का प्रकार न्यूनतम कुल फीस (INR)अधिकतम कुल फीस (INR) 
सरकारी संस्थान INR 80,000INR 10 लाख
प्राइवेट संस्थान INR 2 लाख INR 14 लाख 
पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की फीस रेंज 
सरकारी संस्थान INR 40,000 लाखINR 1.4 लाख 
प्राइवेट संस्थान INR 1.5  लाख INR 8 लाख 
डिप्लोमा कोर्स की फीस रेंज 
सरकारी संस्थान INR 7,000INR 60,000
प्राइवेट संस्थान INR 50,000INR 2 लाख 


नोट:
दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस

भारत के विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में कोर्स के स्तर के अनुसार माइनिंग इंजीनियरिंग का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य चेक कर लें।

यहां ‘बीटेक इन माइनिंग इंजीनियरिंग’ का सिलेबस ‘झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची’ की आधिकारिक वेबसाइट jru.edu.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

अंडरग्रेजुएट सिलेबस                                   

प्रथम सेमेस्टर  
फिजिक्स Iमैथमेटिक्स I
बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंगइंजीनियरिंग ग्राफिक्स एंड डिज़ाइन
इंग्लिश
प्रैक्टिकल 
फिजिक्स I लैबबेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग लैब
इंजीनियरिंग ग्राफिक्स एंड डिज़ाइन लैब
द्वितीय सेमेस्टर
केमिस्ट्री Iमैथमेटिक्स II
प्रोग्रामिंग फॉर प्रॉब्लम सॉल्विंगवर्कशॉप प्रैक्टिस
एनवायरनमेंटल साइंसलाइफ स्किल्स
प्रैक्टिकल 
केमिस्ट्री I लैबप्रोग्रामिंग फॉर प्रॉब्लम सॉल्विंग लैब
वर्कशॉप प्रैक्टिस लैब
तृतीय सेमेस्टर
मैथमेटिक्स IIIइंजीनियरिंग मैकेनिक्स
इंट्रोडक्शन टू माइनिंगमाइनिंग जियोलॉजी
माइन सर्वेइंग Iइफेक्टिव टेक्निकल कम्युनिकेशन
कम्युनिटी एंगेजमेंट एंड सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी
प्रैक्टिकल
माइनिंग जियोलॉजी लैबमाइन सर्वेइंग I लैब
चतुर्थ सेमेस्टर
मैकेनिकल इंजीनियरिंगड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग
जियोलॉजी फॉर माइनिंग इंजीनियर्समाइन डेवलपमेंट
माइन सर्वेइंग IIप्रोफेशनल प्रैक्टिसेज, लॉज एंड एथिक्स
डिजास्टर मैनेजमेंट
प्रैक्टिकल
जियोलॉजी फॉर माइनिंग इंजीनियर्स लैबमाइन सर्वेइंग II लैब
पांचवां सेमेस्टर
माइनिंग मशीनरी Iसरफेस माइनिंग
अंडरग्राउंड कोल माइनिंगरॉक मैकेनिक्स
न्यूमेरिकल एंड स्टैटिस्टिकल मेथड्सरिमोट सेंसिंग एंड GIS
प्रोफेशनल स्किल्सकॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया
प्रैक्टिकल
रॉक मैकेनिक्स लैबवोकेशनल ट्रेनिंग रिपोर्ट I
छठा सेमेस्टर
अंडरग्राउंड मेटल माइनिंगएडवांस्ड अंडरग्राउंड माइनिंग
माइन वेंटिलेशनमाइन प्लानिंग
ग्राउंड कंट्रोलसॉफ्ट स्किल्स एंड इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन
प्रैक्टिकल
माइन वेंटिलेशन लैबग्राउंड कंट्रोल लैब
माइन प्लानिंग एंड डिजाइन एक्सरसाइज
सातवां सेमेस्टर
माइन एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंगएनवायरनमेंटल आस्पेक्ट ऑफ माइनिंग
माइनिंग मशीनरी IIमाइन लेजिस्लेशन एंड सेफ्टी I
प्रोफेशनल इलेक्टिव
प्रोफेशनल इलेक्टिव (इनमें से कोई एक)
रॉक एक्सकेवेशन इंजीनियरिंगडिजाइन ऑफ ओपन पिट माइन्स
सेमिनार इन एग्जीक्यूटिव कम्युनिकेशनडाइमेंशनल स्टोन माइनिंग
प्रैक्टिकल
माइन एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग लैबवोकेशनल ट्रेनी रिपोर्ट II
आठवां सेमेस्टर
ऑपरेशनल रिसर्च इन माइनिंगमाइन लेजिस्लेशन एंड सेफ्टी II
माइन मैनेजमेंटफ्यूल टेक्नोलॉजी एंड मिनरल प्रोसेसिंग
माइन एंड मिनरल इकोनॉमिक्सओपन इलेक्टिव
ओपन इलेक्टिव (इनमें से कोई एक)
इंजीनियरिंग इकोनॉमिक्सइंडस्ट्रियल मैनेजमेंट
कोल बेड मीथेन माइनिंगह्यूमन वैल्यूज एंड एथिक्स
प्रैक्टिकल
फ्यूल टेक्नोलॉजी एंड मिनरल प्रोसेसिंग लैबमाइनिंग प्रोजेक्ट वर्क

पोस्ट ग्रेजुएट सिलेबस 

यहां एमटेक इन माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स का सिलेबस नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU), जमशेदपुर की आधिकारिक वेबसाइट nsuniv.ac.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:

प्रथम सेमेस्टर  
एप्लाइड रॉक मैकेनिक्समाइन प्लानिंग एंड डिजाइन
प्रोजेक्ट मैनेजमेंटऑपरेशंस रिसर्च
एनवायरनमेंटल कंट्रोल एंड मैनेजमेंटरॉक मैकेनिक्स लैब
माइन प्लानिंग एंड डिजाइन लैब
द्वितीय सेमेस्टर
माइन सेफ्टी मैनेजमेंटमाइन वेंटिलेशन एंड प्लानिंग
न्यूमेरिकल मेथड्स इन जियोटेक्निकल इंजीनियरिंगरिसर्च मेथडोलॉजी एंड IPR
राइटिंग स्किल्स फॉर साइंटिफिक कम्युनिकेशनजियोटेक्निकल इंजीनियरिंग लैब
माइन वेंटिलेशन एंड प्लानिंग लैब
तृतीय सेमेस्टर
सेमिनार ऑन डिसर्टेशन इवैल्यूएशनडिसर्टेशन – इंटरिम इवैल्यूएशन
चतुर्थ सेमेस्टर
डिसर्टेशन (ओपन डिफेंस)डिसर्टेशन (इवैल्यूएशन)

डिप्लोमा सिलेबस

यहां तीन वर्षीय ‘डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग’ कोर्स का सिलेबस कलिंगा विश्वविद्यालय अटल नगर, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट kalingauniversity.ac.in के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है:

प्रथम सेमेस्टर  
कम्युनिकेशन स्किल्स – Iएप्लाइड मैथमेटिक्स
एप्लाइड फिजिक्सएप्लाइड केमिस्ट्री
इंजीनियरिंग ड्रॉइंगकंप्यूटर फंडामेंटल्स एंड एप्लिकेशंस
वर्कशॉप प्रैक्टिस
द्वितीय सेमेस्टर
कम्युनिकेशन स्किल्स – IIएलिमेंट्स ऑफ माइनिंग टेक्नोलॉजी
एलिमेंट्स ऑफ माइन सर्वेइंगएनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग
जनरल वर्कशॉप प्रैक्टिस – I
तृतीय सेमेस्टर
एप्लाइड मैकेनिक्सबेसिक सिविल इंजीनियरिंग
बेसिक मैकेनिकल इंजीनियरिंगमाइन एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग
स्ट्राटा कंट्रोल एंड रूफ सपोर्ट
चतुर्थ सेमेस्टर
बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंगएप्लाइड जियोलॉजी
माइन सेफ्टी एंड लेजिस्लेशनमाइन सर्वेइंग
विनिंग एंड वर्किंग कोल
पांचवां सेमेस्टर
एडवांस माइनिंग जियोलॉजीमाइन फायर, एक्सप्लोजन, इनंडेशन, रेस्क्यू एंड रिकवरी
विनिंग एंड वर्किंग मेटल्समाइन मशीनरी एंड मेंटेनेंस
ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग प्रैक्टिसेस इन माइंस इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग
छठा सेमेस्टर
माइन इकोनॉमिक्स एंड बेनिफिसिएशनओपन-कास्ट माइनिंग एंड लैंड रिक्लेमेशन
माइन मैनेजमेंट लेजिस्लेशन एंड जनरल सेफ्टीएडवांस माइन सर्वेइंग
एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंटमेजर प्रोजेक्ट

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप संबंधित माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)
  • टाटा स्टील लिमिटेड
  • रिलायंस पेट्रोलियम 
  • इंडियन ऑयल
  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया
  • यूरेनियम कॉपोरेशन ऑफ इंडिया 
  • सरकारी खनन निगम
  • हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड 
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)
  • नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन 
  • भारतीय खान ब्यूरो (IBM)
  • तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC)
  • माइनिंग रिसर्च सेंटर
  • अडानी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI)
  • इंडियन डेटोनेटर्स लिमिटेड

माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

चयनित माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स कंप्लीट करने के बाद सैलरी आपके पद, एक्सपीरियंस, सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टर और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित वार्षिक सैलरी (INR)
माइनिंग इंजीनियर5 लाख – 5.5 लाख
माइन प्लानिंग इंजीनियर9.7 लाख – 10.8 लाख
माइन मैनेजर14.9 लाख – 16.5 लाख
माइनिंग लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर5.7 लाख – 6.3 लाख
जियोटेक्निकल इंजीनियर6.9 लाख – 7.6 लाख
माइंस सेफ़्टी ऑफिसर 3.1 लाख – 4.5 लाख 

FAQs 

माइनिंग इंजीनियर का क्या काम होता है?

माइनिंग इंजीनियर खदानों की योजना, डिजाइन और संचालन इस तरह करते हैं कि खनिजों का निष्कर्षण अधिकतम दक्षता और न्यूनतम जोखिम के साथ हो सके। 

माइनिंग कोर्स कितने साल का होता है?

भारत में माइनिंग इंजीनियरिंग का बीटेक कोर्स सामान्यतः 4 वर्ष (8 सेमेस्टर) का होता है। वहीं एमटेक दो वर्ष और डिप्लोमा कोर्स तीन वर्ष का होता है। 

माइनिंग इंजीनियर बनने में कितने साल लगते हैं?

माइनिंग इंजीनियर बनने के लिए भारत में सामान्यत: 4 वर्ष का बीटेक कोर्स पूरा करना होता है। यदि आप कोई मास्टर्स या विशेष ट्रेनिंग ले तो कुल 5 से 6 वर्ष  भी लग सकते हैं। 

माइनिंग कोर्स क्या है?

माइनिंग कोर्स वह तकनीकी अध्ययन है जिसमें आपको खनिज संसाधनों की खोज, खदानों की योजना, डिजाइन, निष्कर्षण और सुरक्षा प्रबंधन की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग विधियां सिखाई जाती हैं। 

12वीं क्लास के बाद मैं माइनिंग इंजीनियर कैसे बन सकता हूँ?

12वीं साइंस स्ट्रीम (PCM) विषय से करने के बाद आप 4 वर्ष का बीटेक या बीई इन माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स करके माइनिंग इंजीनियर बन सकते हैं। हालांकि संबंधित कोर्स में एडमिशन लेने से पहले आपको प्रवेश परीक्षा पास करनी अनिवार्य होगी। 

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आशा है कि इस लेख में आपको माइनिंग इंजीनियरिंग कोर्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

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