एम.एड कोर्स डिटेल्स: सिलेबस, एडमिशन प्रोसेस, फीस और करियर स्कोप 

2 minute read
m ed course details in hindi

मास्टर ऑफ एजुकेशन (M.Ed) एक 2 साल का PG प्रोग्राम है जिसका उद्देश्य प्रोफेशनल एजुकेटर, प्रिंसिपल, करिकुलम डेवलपर, एजुकेशन कंसल्टेंट, एजुकेशनल पॉलिसी एनालिस्ट्स, एडमिनिस्ट्रेटर्स और अकादमिक रिसर्चर तैयार करना है। MEd कोर्स को अक्सर B.Ed ग्रेजुएट के लिए सबसे अच्छे ऑप्शन में से एक माना जाता है। इसका सिलेबस एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, एजुकेशनल साइकोलॉजी, फिलॉसफी, इंक्लूसिव एजुकेशन, एडमिनिस्ट्रेशन जैसे कॉन्सेप्ट पर फोकस करता है। यह प्रोग्राम इंटरेक्शन, कंसल्टेशन और मेंटरिंग पर जोर देता है, जिससे स्टूडेंट्स एजुकेशन की फील्ड में अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार होते हैं।

आप M.Ed कोर्स में मेरिट या CUET PG, JMI एंट्रेंस, AMU Entrance Exam व IPU CET जैसे एंट्रेंस एग्जाम के जरिए एडमिशन ले सकते हैं। कोई भी इस कोर्स को रेगुलर या डिस्टेंस मोड में कर सकता है। इस लेख में आपके लिए एमएड कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी दी गई है। 

मापदंड कोर्स विवरण 
कोर्स का नाम मास्टर ऑफ एजुकेशन
कोर्स लेवल डिग्री 
माध्यम रेगुलर या डिस्टेंस मोड
अवधि 2 वर्ष 
सेमेस्टर 
प्रवेश परीक्षा CUET PG, JMI एंट्रेंस, AMU Entrance Exam व IPU CET
योग्यता B.Ed डिग्री या समकक्ष 
M.Ed विश्वविद्यालयदिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, मुंबई विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा, संत बाबा भाग सिंह विश्वविद्यालय
M.Ed में प्रमुख जॉब प्रोफाइल स्कूल प्रिंसिपल, करिकुलम डेवलपर, एजुकेशन कंसल्टेंट, एजुकेशनल पॉलिसी एनालिस्ट्स, एडमिनिस्ट्रेटर्स, इनस्ट्रक्शनल कोऑर्डिनेटर
M.Ed के बाद रोजगार के क्षेत्र विश्वविद्यालय, स्कूल, सरकारी शिक्षा विभाग, शिक्षक शिक्षा, EdTech कंपनियां, NGOs, शोध संस्थान आदि। 

एमएड कोर्स क्यों करें?

नीचे दिए गए बिंदुओं में एमएड कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:

  • M.Ed में आप विशेष क्षेत्रों जैसे क्यूरिकुलम डेवलपमेंट, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी या इंक्लूसिव एजुकेशन में उन्नत विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इससे आपको करियर में विशिष्ट जॉब रोल्स मिलते हैं जो सिर्फ B.Ed से संभव नहीं होता। 
  • M.Ed कोर्स में एजुकेशनल साइकोलॉजी, एडवांस्ड पेडागॉजी और टीचिंग टेक्नीक्स शामिल होते हैं, जो शिक्षण की गुणवत्ता और कक्षा प्रबंधन कौशल को वास्तविक रूप से बढ़ाते हैं।
  • यह डिग्री आपको शिक्षात्मक अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और प्रोग्राम इवैल्यूएशन की सटीक मेथडोलॉजी सिखाती है। इससे आप एजुकेशन पॉलिसी, लर्निंग रिज्लट तथा इंस्टीट्यूशनल रिफॉर्म में वैज्ञानिक योगदान दे सकते हैं।
  • M.Ed होल्डर को स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन, प्रिंसिपल, वाइस-प्रिंसिपल और अकादमिक को-ऑर्डिनेटर जैसे लीडरशिप रोल्स के लिए औपचारिक योग्यता मिलती है। 
  • यह डिग्री लर्निंग कम्युनिटी में आपकी क्रेडिबिलिटी, प्रोफेशनल नेटवर्क और सोशल-साइंटिफिक एक्सपर्टाइज को बढ़ाती है। इससे  आप शिक्षा सुधार और सिस्टम लेवल बदलाव में योगदान दे सकते हैं।

यह भी पढ़ें : D.Ed कोर्स क्या है?: योग्यता, फीस, चयन प्रक्रिया और करियर ऑप्शंस

एमएड कोर्स स्ट्रक्चर और मोड

M.Ed कोर्स भारत में मुख्यतः ‘राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद’ (NCTE) के विनियम 2014 के अनुसार संचालित होता है। NCTE ने M.Ed को दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) प्रोग्राम के रूप में अनिवार्य किया है। कोर्स सिलेबस में कोर पेपर (फिलॉसफी, समाजशास्त्र, साइकोलॉजी, टीचर एजुकेशन), रिसर्च मेथडोलॉजी, डिसर्टेशन, फील्ड एंगेजमेंट, इंटरर्नशिप तथा स्पेशलाइजेशन शामिल होते हैं। यह प्रोग्राम फुल-टाइम मोड में विश्वविद्यालय एवं शिक्षा संकाय के माध्यम से संचालित होता है। हालांकि कुछ मान्यता प्राप्त संस्थान सीमित रूप से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड भी प्रदान करते हैं, बशर्ते वे NCTE और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मानकों का पालन करें।

एमएड कोर्स की योग्यता

M.Ed कोर्स में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड कॉलेज और संस्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए अप्लाई करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक प्रवेश शर्तें जरूर देखनी चाहिए। सामान्य तौर पर पात्रता इस प्रकार होती है:

  • शैक्षणिक योग्यता: छात्र किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से BEd ग्रेजुएट होना चाहिए। हालांकि कुछ संस्थानों में BElEd या BA-BEd व BSC-BEd ग्रेजुएट भी एलिजिबल माने जाते हैं। 
  • अतिरिक्त वरीयता: साइंस, सोशल साइंस या ह्यूमैनिटीज में पोस्टग्रेजुएट डिग्री, टीचिंग एक्सपीरियंस तथा राज्य माध्यमिक/उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या शिक्षा निदेशालय/निरीक्षक कार्यालय में वर्क एक्सपीरियंस रखने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त वरीयता दी जाएगी।
  • न्यूनतम अंक: BEd या समकक्ष डिग्री में सामान्य श्रेणी के लिए न्यूनतम 55-60% अंक आवश्यक हैं, जबकि SC/ST उम्मीदवारों को 5% अंक की छूट दी जाती है। 
  • आयु सीमा: : सामान्यतः इस कोर्स के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती, लेकिन कुछ विश्वविद्यालयों में अधिकतम आयु की शर्त लागू हो सकती है।
  • प्रवेश परीक्षा: भारत के अधिकांश संस्थानों में MEd कोर्स में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं (जैसे CUET PG, JMI Entrance, AMU Entrance Exam व IPU CET) देना अनिवार्य होता है। 

एमएड कोर्स का एप्लीकेशन प्रोसेस 

एमएड कोर्स की पात्रता पूरी करने के बाद एडमिशन प्रक्रिया कुछ तय चरणों में होती है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है, क्योंकि अधिकांश कॉलेज प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन देते हैं। सामान्यतः प्रक्रिया इस प्रकार होती है:

  • योग्यता की जांच: सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप अपने चयनित कॉलेज या प्रवेश परीक्षा (जैसे CUET PG, JMI Entrance, AMU Entrance Exam व IPU CET) की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरी करते हैं या नहीं।
  • रजिस्ट्रेशन: अगले स्टेप में आपको संबंधित कॉलेज या प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करना होता है। 
  • एप्लीकेशन फॉर्म और फीस पेमेंट: अब आप एप्लीकेशन फॉर्म और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस जमा करें। 
  • प्रवेश परीक्षा और रिजल्ट: इसके बाद आप प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें और निर्धारित समय पर परीक्षा सेंटर में जाकर परीक्षा दें। फिर परीक्षा के रिज्लट के बाद आप अपनी रैंक और स्कोर के अनुसार संभावित कॉलेज/यूनिवर्सिटी के लिए पात्रता सुनिश्चित करें। 
  • काउंसलिंग और एनरोलमेंट: फ़ाइनल स्टेप में आपको अपनी रैंक के आधार पर चयनित कॉलेज या यूनिवर्सिटी की काउंसलिंग में शामिल होकर एमएड प्रोग्राम में एनरोलमेंट कंफर्म करना होता है। 

एमएड कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज/संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तथा पासिंग सर्टिफिकेट
  • BEd डिग्री और मार्कशीट 
  • प्रवेश परीक्षा का स्कोरकार्ड 
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)
  • माइग्रेशन सर्टिफिकेट (दूसरे बोर्ड/विश्वविद्यालय से आने पर)
  • ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) – कई कॉलेजों में अनिवार्य होता है
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

भारत में एमएड कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान और अनुमानित फीस

भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में एमएड कोर्स उपलब्ध है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। सामान्यतः सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में यह अधिक रहती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कॉलेजों के आधार पर एमएड कोर्स की अनुमानित फीस केवल एक सामान्य जानकारी के रूप में दी गई है:

सरकारी संस्थान

कॉलेज और संस्थान अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR)
दिल्ली विश्वविद्यालय16,000 – 37,000 (कुल फीस की रेंज)
जामिया मिलिया इस्लामिया13,805 (प्रति वर्ष)
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय23,000 (कुल फीस)
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय6550 (प्रति वर्ष)
मुंबई विश्वविद्यालय6,551 (कुल फीस)
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय2.72 लाख (कुल फीस)
गुरु घासीदास विश्‍वविद्यालय,बिलासपुर16,400 (प्रति वर्ष)

प्राइवेट संस्थान 

कॉलेज और संस्थान अनुमानित कुल ट्यूशन फीस (INR)
एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा51,000 (प्रति सेमेस्टर)
मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ 45,000 – 1 लाख (कुल फीस की रेंज)
गलगोटिया विश्वविद्यालय50000 (प्रति वर्ष)
जयपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय70,000 (कुल फीस)
इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ65,000 (प्रति वर्ष)
के. जे. सोमैया मेडिकल कॉलेज1,35,000 (प्रति वर्ष)

नोट: तालिका में दी गई फीस केवल अनुमानित है और समय-समय पर बदल सकती है। सटीक और नवीनतम फीस की जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।

एमएड कोर्स का सिलेबस

भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एमएड का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है, क्योंकि प्रत्येक संस्थान अपना करिकुलम और पेपर स्ट्रक्चर स्वयं निर्धारित करता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिशन से पहले संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें।

नीचे दिया गया सिलेबस ‘गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय’ की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर एक सामान्य रेफरेंस के रूप में दिया गया है, ताकि आपको पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषयों का स्पष्ट अंदाजा हो सके:

सेमेस्टर 1 
एजुकेशनल साइकोलॉजीहिस्टोरिकल एंड पॉलिटिकल पर्सपेक्टिव्स ऑफ एजुकेशन
एजुकेशनल स्टडीजरिसर्च मेथडोलॉजी इन एजुकेशन
ह्यूमन राइट्स एंड एजुकेशन
प्रैक्टिकम
कम्युनिकेशन एंड एक्सपोजिटरी राइटिंगसेल्फ डेवलपमेंट
सेमेस्टर 2 
फिलॉसॉफिकल फाउंडेशंस ऑफ एजुकेशनसोशियोलॉजी ऑफ एजुकेशन
करिकुलम स्टडीज़ इन एजुकेशनटीचर एजुकेशन
प्रैक्टिकम
डिसर्टेशनइंटर्नशिप इन TEI
सेमेस्टर 3  (निम्नलिखित में से कोई एक)
एलीमेंट्री एजुकेशन इन इंडिया: एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंटआस्पेक्ट्स, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट एट सेकेंडरी एंड सीनियर सेकेंडरी लेवल
स्पेशलाइजेशन कोर्सेज – II
इश्यूज़ एंड करिकुलर कंसर्न्स एट एलीमेंट्री लेवलइश्यूज़ एंड करिकुलर कंसर्न्स एट सेकेंडरी एंड सीनियर सेकेंडरी लेवल
कंपल्सरी कोर्सेज
एडवांस रिसर्च मेथड्सइन-सर्विस टीचर एजुकेशन इन इंडिया
प्रैक्टिकम
इंटर्नशिप इन स्कूलडिसर्टेशन
अकादमिक राइटिंग
सेमेस्टर 4 (कंपल्सरी कोर्स)
एडवांस करिकुलम थ्योरीएनवायरनमेंटल एजुकेशन
स्पेशलाइजेशन कोर्सेज – III  (निम्नलिखित में से कोई एक)
पॉलिसी, प्लानिंग एंड फाइनेंसिंग ऑफ एजुकेशनएजुकेशन पॉलिसी, प्लानिंग एंड फाइनेंसिंग ऑफ एजुकेशन एट सेकेंडरी एंड सीनियर सेकेंडरी लेवल
इश्यूज़, प्लानिंग एंड पॉलिसीज ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन
स्पेशलाइजेशन – IV (निम्नलिखित में से कोई एक)
एजुकेशन मैनेजमेंट एंड प्लानिंग एट सेकेंडरी लेवलटुवर्ड्स एकेडमिक लीडरशिप एट सेकेंडरी स्कूल लेवल
इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी इन एजुकेशनइंक्लूसिव एजुकेशन
पीस एजुकेशनएजुकेशनल टेक्नोलॉजी
इश्यूज़ एंड चैलेंजेज इन सेकेंडरी एजुकेशनकंटेम्पररी कंसर्न्स इन एलीमेंट्री एजुकेशन
एजुकेशनल, वोकेशनल गाइडेंस एंड काउंसलिंगएजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन
सपोर्टिंग एजुकेशन ऑफ स्टूडेंट्स फ्रॉम डिसएबिलिटीज एंड डिसएडवांटेज्ड ग्रुप्सवैल्यू एजुकेशन
एजुकेशनल इवैल्यूएशनसाइंस एजुकेशन
लैंग्वेज एजुकेशनसोशल साइंस एजुकेशन
बिजनेस एजुकेशनजेंडर स्टडीज
प्रैक्टिकम
कंपल्सरी कोर्स वर्कडिसर्टेशन

एमएड के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप एमएड कंप्लीट करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • शिक्षक शिक्षा संस्थान (TEIs)
  • केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालय
  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान व पाठ्यचर्या संस्थान
  • स्कूल शिक्षा बोर्ड व अकादमिक निकाय
  • राज्य शिक्षा विभाग
  • केंद्रीय विद्यालय
  • नवोदय विद्यालय
  • NGOs 
  • शोध संस्थान
  • सरकारी आवासीय स्कूल
  • EdTech एवं डिजिटल एजुकेशनल कंपनियां 
  • राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS)

एमएड करने के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

एमएड कोर्स के बाद सैलरी आपके एक्सपीरियंस, जॉब सेक्टर, कंपनी और शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलअनुमानित वार्षिक सैलरी (INR)
एजुकेटर5.7 लाख – 6.4 लाख
TGT टीचर 4 लाख – 4.8 लाख
PGT टीचर 4.7 लाख – 5.2 लाख
प्रिंसिपल 21.4 लाख – 25.1 लाख
करिकुलम डेवलपर5.5 लाख – 6.1 लाख
एजुकेशन कंसल्टेंट5.1 लाख – 5.7 लाख
अकादमिक रिसर्चर 2.2 लाख – 2.5 लाख
अकादमिक एडमिनिस्ट्रेटर्स4 लाख – 4.4 लाख
इनस्ट्रक्शनल कोऑर्डिनेटर4.8 लाख- 5.3 लाख
सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट 5 लाख – 6 लाख
कंटेंट डेवलपर 4.6 लाख – 5.1 लाख

यह भी पढ़ें: D.El.Ed कोर्स कैसे करें?

एमएड करने के बाद हायर स्टडी और प्रतियोगी परीक्षा के विकल्प 

आप एमएड करने के बाद अपनी रूचि और करियर फील्ड के अनुसार इन विकल्पों को चुन सकते हैं:

कोर्स / परीक्षा  जानकारी 
Ph.D. इन एजुकेशन  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) PhD Regulations, 2022 के अनुसार M.Ed होल्डर मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा व इंटरव्यू के माध्यम से PhD कर सकते हैं।
ICSSR डॉक्टरल (एजुकेशन डोमेन)भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) शिक्षा व सामाजिक विज्ञान विषयों में डॉक्टोरल व पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप प्रदान करता है। यह शोधार्थियों को वित्तीय सहायता और राष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च नेटवर्क उपलब्ध कराता है।
UGC-NET (एजुकेशन)राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NET परीक्षा उत्तीर्ण करने पर असिस्टेंट प्रोफेसर या जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के अवसर मिलते हैं। यह विश्वविद्यालय शिक्षण व शोध करियर के लिए अनिवार्य योग्यता मानी जाती है।
NCERT डॉक्टरल (एजुकेशन)राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के अंतर्गत रिसर्च प्रोजेक्ट्स और PhD रजिस्ट्रेशन (संबद्ध विश्वविद्यालयों के माध्यम से) उपलब्ध होते हैं। यहां करिकुलम डेवलपमेंट, लर्निंग आउटकम और राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों पर कार्य करने का अवसर मिलता है।
B.Ed व M.Ed संस्थानराष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) विनियम, 2014 के अनुसार M.Ed+NET/PhD के साथ शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों (TEIs) में फैकल्टी पद हेतु पात्रता मिलती है। यह शिक्षक प्रशिक्षण और पेडागॉजिकल रिसर्च से जुड़ा अकादमिक करियर है।
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET)केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित CTET केंद्रीय विद्यालयों (जैसे KVS/NVS) में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता प्रमाणन देता है।
स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET)राज्य स्तर पर आयोजित TET परीक्षा राज्य सरकार के स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए आवश्यक पात्रता प्रदान करती है।
पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप UGC एवं विश्वविद्यालय अधिसूचनाओं के अंतर्गत PhD के बाद पोस्ट-डॉक्टरल फेलो या शोध परियोजनाओं में प्रिंसिपल /को-इन्वेस्टिगेटर के रूप में अवसर मिलते हैं।

FAQs 

क्या IGNOU से M.Ed. कोर्स वैलिड है?

IGNOU का M.Ed कोर्स UGC और NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त है, इसलिए यह पूर्णतः वैलिड और राष्ट्रीय स्तर पर मान्य डिग्री है।

एम.एड. है पीएचडी के बराबर?

M.Ed एक मास्टर डिग्री है और यह Ph.D. के बराबर नहीं है; Ph.D. डॉक्टरेट स्तर की शोध डिग्री है जबकि M.Ed पोस्टग्रेजुएट स्तर की प्रोफेशनल डिग्री है। 

क्या PCB के छात्र M.Ed कर सकते हैं?

केवल PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) वाले छात्र सीधे M.Ed नहीं कर सकते। एडमिशन के लिए सामान्यतः B.Ed या शिक्षक प्रशिक्षण स्नातक डिग्री अनिवार्य है। 

M.Ed. कोर्स कितने साल का होता है?

M.Ed कोर्स सामान्यतः 2 साल (चार सेमेस्टर) का होता है, जैसा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के विनियम 2014 में निर्धारित है।

M.Ed. करने से क्या फायदा होता है?

M.Ed करने से शिक्षण कौशल, शैक्षणिक नेतृत्व और शोध क्षमता विकसित होती है। इसके साथ ही शिक्षक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा में करियर के अवसर बढ़ते हैं। 

M.Ed. करने के बाद कौन सी नौकरी मिलती है? 

M.Ed करने के बाद शिक्षक प्रशिक्षक, विश्वविद्यालय/कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल अकादमिक कोऑर्डिनेटर, शिक्षा अधिकारी या शैक्षिक शोधकर्ता जैसी नौकरियाँ मिल सकती हैं। 

बी एड और एम एड में क्या अंतर है?

B.Ed एक स्नातक स्तर की शिक्षक प्रशिक्षण डिग्री है जबकि M.Ed पोस्टग्रेजुएट स्तर की प्रोफेशनल डिग्री है जो शिक्षण, शैक्षणिक नेतृत्व और शोध में विशेषज्ञता प्रदान करती है।

आशा है कि इस लेख में आपको एमएड कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। इसी तरह अन्य कोर्स गाइड्स Leverage Edu पर उपलब्ध हैं।

Leave a Reply

Required fields are marked *

*

*