BASLP कोर्स डिटेल्स और करियर गाइड

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BASLP कोर्स क्या है

‘बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी’ (BASLP) एक चार वर्षीय स्नातक स्तर का हेल्थकेयर कोर्स है, जो श्रवण, भाषण और संचार से जुड़ी समस्याओं की पहचान, मूल्यांकन और पुनर्वास पर केंद्रित होता है। यह कोर्स भारत में रिहेब्लिटेशन कॉउंसिल ऑफ इंडिया (RCI) द्वारा विनियमित किया जाता है और केवल RCI-मान्यता प्राप्त संस्थानों से किया गया BASLP ही वैध माना जाता है।

BASLP एक क्लिनिकल-आधारित कोर्स है, जिसमें अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ मरीजों के साथ प्रत्यक्ष कार्य (क्लिनिकल एक्सपोज़र) शामिल होता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, क्लिनिकल सुपरवाइजर या शोधकर्ता जैसे प्रोफेशन अपना सकते हैं। इस लेख में BASLP कोर्स से जुड़ी योग्यता, अवधि, एडमिशन प्रक्रिया, फीस, करियर विकल्प और उच्च शिक्षा की संभावनाओं की जानकारी दी गई है, ताकि छात्र सोच-समझकर निर्णय ले सकें।

BASLP कोर्स का ओवरव्यू

कोर्सबैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी (BASLP)
कोर्स लेवलग्रेजुएशन
कोर्स ड्यूरेशन4 वर्ष 
योग्यतामान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा
एडमिशन प्रोसेस मेरिट और एंट्रेंस
एंट्रेंस परीक्षाCUET और IPU CET (यूनिवर्सिटी/राज्य पर निर्भर करता है।)
भारत में टॉप BASLP कॉलेजPGIMER, AIISH, IHS, महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय, मुलाना

BASLP कोर्स और RCI की भूमिका

भारत में ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी से जुड़े सभी कोर्स ‘रिहैबिलिटेशन कॉउंसिल ऑफ इंडिया’ (RCI) के अंतर्गत आते हैं। BASLP कोर्स की पढ़ाई, सिलेबस, इंटर्नशिप और पेशेवर अभ्यास के नियम RCI द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। BASLP पूरा करने के बाद क्लिनिकल प्रैक्टिस या अस्पताल में कार्य करने के लिए आपको RCI के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन आवश्यक होता है। बिना RCI पंजीकरण के स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करना कानूनी रूप से मान्य नहीं है।

BASLP कोर्स का स्ट्रक्चर और अवधि

BASLP एक चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स है, जिसमें 3 वर्ष की अकादमिक स्टडी (थ्योरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ट्रेनिंग) और 1 वर्ष की इंटर्नशिप शामिल होती है। हालाँकि इसकी इंटर्नशिप का समय संस्थान के आधार पर थोड़ा भिन्न-भिन्न हो सकता है। यह कोर्स ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी में विशेषज्ञता प्रदान करता है। इस कोर्स में स्टूडेंट्स को एनाटॉमी और फिज़ियोलॉजी, ऑडियोलॉजी (श्रवण विज्ञान), स्पीच और लैंग्वेज डिसऑर्डर्स, साइकोलॉजी और लिंग्विस्टिक्स, क्लिनिकल असेसमेंट और रिहैबिलिटेशन तकनीकें आदि विषय पढ़ाए जाते हैं।

छात्र क्लिनिकल प्रैक्टिस, प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री एक्सपोजर के माध्यम से प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्राप्त करते हैं। इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को नैतिकता, सहानुभूति और इफेक्टिव कम्युनिकेशन स्किल्स से युक्त प्रोफेशनल बनाना भी है, ताकि वे मरीजों की बेहतर सेवा कर सकें। BASLP छात्रों को उच्च स्वास्थ्य सेवा मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए तैयार करता है और उन्हें हेल्थकेयर सेक्टर में एक सफल करियर की ओर अग्रसर करता है। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को अस्पतालों, क्लिनिक और रिहैबिलिटेशन सेंटर में वास्तविक मरीजों के साथ कार्य करने का अनुभव मिलता है।

BASLP कोर्स के लिए योग्यता

भारत में बीएसएलपी कोर्स के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होता है:-

  • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
  • अनिवार्य विषय: फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) आवश्यक हैं। कुछ संस्थान मैथ्स (PCMB) को भी स्वीकार करते हैं।
  • न्यूनतम अंक: सामान्य वर्ग के लिए 50% अंक; वहीं आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) को संस्थान के अनुसार छूट मिलती है।
  • आयु सीमा: एडमिशन के समय उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। हालाँकि संस्थान के नियमों के अनुसार आयु सीमा थोड़ी अलग हो सकती है।
  • एडमिशन प्रोसेस: कुछ संस्थान CUET, IPU CET, AIISH एंट्रेंस परीक्षा मैसूर, PGIMER एंट्रेंस परीक्षा या मणिपाल एंट्रेंस परीक्षा (MET) जैसी परीक्षाओं के जरिए और कुछ 12वीं के अंकों के आधार पर एडमिशन देते हैं। एंट्रेंस एग्जाम राज्य और यूनिवर्सिटी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

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भारत में टॉप BASLP कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़

भारत में कई प्रमुख सरकारी और निजी BASLP कॉलेज हैं जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैदानिक प्रशिक्षण और शोध के अवसर प्रदान करते हैं, जिसकी सूची इस प्रकार है:-

  • सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर
  • अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान (AIISH), मैसूर
  • जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, पुडुचेरी
  • इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज़ (IHS), भुवनेश्वर
  • राष्ट्रीय वाणी एवं श्रवण संस्थान – तिरुवनंतपुरम
  • पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़
  • मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE), मणिपाल
  • श्री रामचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (SRIHER), चेन्नई
  • जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग, मैसूर
  • गुरु गोबिन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय
  • अविनाशीलिंगम महिला गृह विज्ञान एवं उच्च शिक्षा संस्थान, कोयंबटूर
  • महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय, मुलाना

नोट – यूनिवर्सिटी का चयन करते समय यह आवश्यक है कि प्रवेश लेने से पहले यह देखा जाए कि वह RCI की आधिकारिक सूची में है।

BASLP कोर्स में एडमिशन प्रक्रिया

नीचे BASLP कोर्स में एडमिशन प्रोसेस से जुड़ी संक्षिप्त जानकारी दी गई है:-

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजरनेम और पासवर्ड प्राप्त होगा, जिससे आप लॉगिन कर सकेंगे।
  • लॉगिन करने के बाद BASLP कोर्स का चयन करें और अपनी शैक्षणिक योग्यता, कैटेगरी आदि की जानकारी के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करने के बाद निर्धारित फीस का भुगतान करें।
  • यदि एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम पर आधारित है, तो पहले परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और परीक्षा के बाद रिजल्ट और काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। एग्जाम के अंकों के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।

BASLP में एडमिशन के लिए होनी वाली प्रवेश परीक्षाएं

कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं जिनके माध्यम से BASLP में एडमिशन मिलता है, हालाँकि छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश से पहले संस्थान की RCI मान्यता स्थिति अवश्य जांचें।

  • CUET (कुछ यूनिवर्सिटीज में)
  • IPU CET
  • AIISH एंट्रेंस टेस्ट
  • PGIMER एंट्रेंस परीक्षा
  • MET (Manipal Entrance Test)

BASLP कोर्स की फीस और स्कॉलरशिप

BASLP कोर्स की फीस स्ट्रक्चर संस्थान पर निर्भर करता है। सरकारी संस्थानों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जो लगभग 10,000 से 70,000 हजार रूपये प्रतिवर्ष हो सकती है, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में यह 2 लाख से 13 लाख प्रतिवर्ष तक हो सकती है। बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी स्टूडेंट्स के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संस्थानों द्वारा विभिन्न स्कॉलरशिप योजनाएं चलाई जाती हैं। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे स्कॉलशिप पाने के लिए संबंधित कॉलेज या संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर एलिजिबिलिटी को जरूर चेक करें।

BASLP कोर्स की फीस संरचना हर वर्ष बदल सकती है। इसके अलावा, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संस्थानों द्वारा पात्र छात्रों के लिए विभिन्न स्कॉलरशिप योजनाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। सही और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट देखना आवश्यक है।

BASLP कोर्स के बाद करियर विकल्प

BASLP के तुरंत बाद उच्च वेतन या कॉर्पोरेट पद सामान्य नहीं होते। करियर ग्रोथ अनुभव और उच्च शिक्षा पर निर्भर करती है। नीचे BASLP कोर्स के बाद प्रमुख करियर विकल्पों की सूची दी गई है:

  • ऑडियोलॉजिस्ट
  • स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट 
  • स्पीच थेरेपिस्ट 
  • क्लिनिकल सुपरवाइजर
  • रिहैबिलिटेशन स्पेशलिस्ट
  • स्पेशल एजुकेटर 
  • रिसर्चर
  • कंसल्टेंट 
  • प्राइवेट प्रैक्टिशनर
  • शैक्षणिक क्षेत्र (लेक्चरर या प्रोफेसर)
  • नैदानिक ऑडियोलॉजिस्ट 

BASLP कोर्स के बाद के रोजगार के क्षेत्र

बीएसएलपी कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को स्वास्थ्य, पुनर्वास और शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। नीचे BASLP कोर्स के बाद रोजगार के प्रमुख क्षेत्रों की सूची दी गई है:-

  • सरकारी और निजी अस्पताल
  • रिहैबिलिटेशन सेंटर
  • शैक्षणिक संस्थान
  • अनुसंधान संस्थान
  • कॉलेज और विश्वविद्यालय 
  • होम हेल्थकेयर सेवाएं
  • हियरिंग एड कंपनियां
  • निजी या स्वयं का क्लीनिक
  • एनजीओ और हेल्थकेयर एनजीओ
  • कॉपोरेट सेक्टर

यह भी पढ़ें: बीएलआईएस कोर्स: योग्यता, सिलेबस, फीस, कॉलेज और करियर स्कोप

BASLP कोर्स किसके लिए उपयुक्त नहीं है?

BASLP एक क्लिनिकल और मरीज-केंद्रित कोर्स है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता:

  • जो केवल डेस्क-जॉब या कॉर्पोरेट करियर की तलाश में हैं।
  • जिन्हें अस्पताल या रिहैबिलिटेशन सेटिंग में कार्य करने में रुचि नहीं है।
  • जो मरीजों के साथ प्रत्यक्ष कार्य और इंटर्नशिप के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं।

BASLP के बाद हायर स्टडी 

BASLP कोर्स पूरा करने के बाद छात्र उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकते हैं। वे ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी में मास्टर डिग्री (MASLP) जैसे पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेकर श्रवण और भाषा विकारों का गहन अध्ययन कर सकते हैं। इसके अलावा, वे हियरिंग डिसऑर्डर, स्पीच थेरेपी, न्यूरोजेनिक डिसऑर्डर जैसे विशेष क्षेत्रों में स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं। वहीं, रिसर्च में रुचि रखने वाले छात्र पीएचडी करके शिक्षण, अनुसंधान और क्लिनिकल नेतृत्व की भूमिकाएं अपना सकते हैं।

इसके अलावा, BASLP के बाद कुछ छात्र यूके, ऑस्ट्रेलिया या आयरलैंड जैसे देशों में स्पीच और लैंग्वेज थेरेपी या संबंधित हेल्थ साइंसेज में उच्च शिक्षा के विकल्प तलाशते हैं। हालांकि, विदेश में प्रैक्टिस के लिए प्रत्येक देश की लाइसेंसिंग और ब्रिज कोर्स आवश्यकताएं अलग-अलग होती हैं।

FAQs

बीएसएलपी कोर्स क्या है?

बीएसएलपी कोर्स वाक्-भाषा विकारों के निदान और उपचार में स्नातक स्तर का चार वर्षीय प्रोग्राम है।

बीएएसएलपी का हिंदी में क्या अर्थ है?

बीएएसएलपी का हिंदी में अर्थ है- बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी।

BASLP कोर्स की अवधि कितनी होती है?

यह कोर्स चार साल का होता है जिसमें थ्योरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ट्रेनिंग शामिल होती है।

BASLP में प्रवेश कैसे मिलता है?

बीएसएलपी कोर्स में एडमिशन 12वीं के अंकों या CUET, IPU CET जैसी प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से होता है।

BASLP के बाद करियर विकल्प क्या हैं?

बीएसएलपी कोर्स पूरा करने के बाद आप ऑडियोलॉजिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, रिसर्चर, और क्लिनिकल सुपरवाइजर बन सकते हैं।

BASLP के बाद रजिस्ट्रेशन जरूरी है?

हाँ, भारत में प्रैक्टिस के लिए RCI के अंतर्गत पंजीकरण आवश्यक होता है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको BASLP कोर्स की आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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