Ramayan Kaun Si Sangya Hai | रामायण कौन सी संज्ञा है आइए जानिए उदाहरण के साथ

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Ramayan Kaun Si Sangya Hai

Ramayan  Kaun Si Sangya Hai इस प्रश्न का उत्तर यहाँ दिया गया है। यहाँ पर रामायण शब्द से किसी वस्तु, व्यक्ति  और स्थान आदि  का बोध हो रहा है। इस प्रकार रामायण शब्द एक ‘व्यक्तिवाचक ’ है।

वर्तमान समय में सभी स्कूल, कॉलेजों और प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी व्याकरण से संबंधित प्रश्न जरूर पूछे जाते हैं। जिसमें मुख्य रूप से संज्ञा और अलंकार हर प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते है यहां उन्हीं में से एक ‘व्यक्तिवाचक’ संज्ञा से संबंधित Ramayan Kaun Si Sangya Hai के बारे में उदाहरण सहित बताया गया है। जो आपकी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। 

Ramayan शब्द में Kaun Si Sangya Hai?

यहाँ रामायण शब्द से किसी वस्तु जैसे पुस्तक अथवा ग्रन्थ आदि का पता चल रहा है, इस प्रकार रामायण शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा’ है।

व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा 

जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति , वस्तु या स्थान के नाम का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदहारण 

  • वस्तुओं के नाम – कार, कम्प्यूटर, फोन, पुस्तक आदि।
  • व्यक्तियों  के नाम – शुभम, नीरज, अंशुल ताहिरा, कविता आदि।  
  • स्थानों के नाम – दिल्ली, मथुरा, आगरा, नोएडा आदि।  

‘व्यक्तिवाचक’ संज्ञा के अन्य उदाहरण

‘व्यक्तिवाचक’ संज्ञा के अन्य उदाहरण नीचे दिए गए बिंदुओं में बताएं गए हैं:-

  • मैंने नीरज से एक सलाह माँगी।
    • यहां पर हमें ‘नीरज’ शब्द से बोध हो रहा है कि यह किसी व्यक्ति का नाम है।
  • मेरी कार बेकार हो गई  है।
    • यहां पर ‘कार’ शब्द से बोध हो रहा है कि यह एक वास्तु है।
  • दिल्ली भारत की राजधानी है।
    • यहां पर हमें ‘‘दिल्ली’’ शब्द से बोध हो रहा है कि यह कोई स्थान है।

जानिए अन्य संज्ञा शब्द

यहाँ अन्य संज्ञा शब्दों को नीचे दिए बिंदुओं में बताया गया हैं:-

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